उन्नाव दुष्कर्म मामले में पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से जमानत मिल गई है। कोर्ट ने कहा है कि उनकी दोषसिद्धि के खिलाफ दायर अपील अभी लंबित है, ऐसे में फिलहाल उनकी सजा पर रोक लगाई जाती है।

क्या था मामला?
दरअसल, उन्नाव बलात्कार मामले की पीड़िता नाबालिग थी। 11 जून 2017 को कुलदीप सिंह सेंगर द्वारा पीड़िता का अपहरण कर उसके साथ बलात्कार किया गया था। आरोप है कि बाद में उसे 60 हजार रुपये में बेच दिया गया।
पीड़िता का यह भी आरोप था कि सेंगर के कहने पर पुलिसकर्मियों ने उसे धमकाया और डराया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ था केस
कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ बलात्कार, अपहरण और आपराधिक धमकी के साथ-साथ बाल यौन उत्पीड़न संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के बाद सेंगर को गिरफ्तार किया गया था।
2019 में मिली थी उम्रकैद
साल 2019 में निचली अदालत ने सेंगर को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इस दौरान मामले की रोजाना सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने 45 दिनों के भीतर सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया था।
कोर्ट ने दी सशर्त जमानत
दिल्ली हाई कोर्ट ने सेंगर को सशर्त जमानत देते हुए आदेश दिया है कि:
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वह पीड़िता के 5 किलोमीटर के दायरे में नहीं आएगा,
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और मामले की सुनवाई पूरी होने तक दिल्ली से बाहर नहीं जाएगा।

