
Nationaldesk: संसद का बजट सत्र जारी रहने के दौरान विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश किया। इस कदम को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है क्योंकि यह सीधे तौर पर सदन के संचालन को लेकर असंतोष को दर्शाता है।
नोटिस में पाई गई तकनीकी और प्रक्रियात्मक खामियां
लोकसभा सूत्रों के अनुसार विपक्ष द्वारा पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव नोटिस में कुछ खामियां पाई गई हैं। इन खामियों के कारण नोटिस के खारिज होने की संभावना बन रही थी, जिसके बाद इसे संशोधित करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
118 सांसदों ने किए हस्ताक्षर
इस अविश्वास प्रस्ताव नोटिस पर कुल 118 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। यह संख्या बताती है कि विपक्ष इस मुद्दे को लेकर एकजुट दिखना चाहता है, हालांकि प्रक्रियात्मक त्रुटियों ने इसकी प्रक्रिया को प्रभावित किया है।
स्पीकर ने दिए त्वरित संशोधन के निर्देश
सूत्रों के मुताबिक लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सचिवालय को निर्देश दिया है कि विपक्ष द्वारा प्रस्तुत नोटिस में जरूरी संशोधन कराए जाएं ताकि इसे तकनीकी आधार पर खारिज होने से बचाया जा सके। इसके लिए त्वरित कार्रवाई के आदेश भी दिए गए हैं।

