
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम इस वर्ष एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। 14 फरवरी से 20 फरवरी 2026 तक यहां रुद्राक्ष महोत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसकी थीम इस बार ‘ग्रीन शिवरात्रि’ रखी गई है। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का मजबूत संदेश देगा।
अंतरराष्ट्रीय कथा प्रवक्ता पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित हो रहे इस महोत्सव को केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण से जुड़ा एक वैश्विक अभियान बताया जा रहा है। आयोजन समिति के अनुसार, महोत्सव के दौरान आध्यात्मिक गतिविधियों के साथ पर्यावरण को बचाने और हरियाली बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
महाशिवरात्रि पर लगेगा एक करोड़ पौधों का संकल्प
महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण 15 फरवरी, महाशिवरात्रि के दिन देखने को मिलेगा। इस दिन विठलेश सेवा समिति के माध्यम से देश-विदेश में एक ही दिन में एक करोड़ पौधारोपण किया जाएगा। इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित भविष्य का संदेश देगी।
श्रद्धालुओं के लिए व्यापक व्यवस्थाएं
कुबेरश्वर धाम में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए भव्य पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही निशुल्क भोजन (भंडारा), स्वास्थ्य सेवाएं, एंबुलेंस, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन और आयोजन समिति मिलकर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है।
धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण चेतना
आयोजन से जुड़े लोगों का कहना है कि ‘ग्रीन शिवरात्रि’ का उद्देश्य भगवान शिव की आराधना के साथ-साथ प्रकृति को बचाने का संकल्प लेना है। रुद्राक्ष महोत्सव के माध्यम से श्रद्धालुओं को पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया जाएगा।
कुल मिलाकर, सीहोर का कुबेरेश्वर धाम इस बार सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की एक नई मिसाल बनने जा रहा है। ‘ग्रीन शिवरात्रि’ की यह पहल देश-दुनिया में एक सकारात्मक संदेश देने का काम करेगी।

