
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को साल के पहले ही मिशन में झटका लगा है। सोमवार को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से 260 टन वजनी PSLV-C62 रॉकेट का प्रक्षेपण किया गया। इसके जरिए पृथ्वी अवलोकन उपग्रह ‘अन्वेषा’ समेत 14 अन्य सैटेलाइट को कक्षा में स्थापित किया जाना था।
तीसरे चरण में आई तकनीकी गड़बड़ी
उड़ान के दौरान रॉकेट के तीसरे चरण में तकनीकी खराबी सामने आई। इसरो के अनुसार, इसी चरण में आई गड़बड़ी के बाद रॉकेट अपने तय रास्ते से भटक गया और मिशन अपने निर्धारित लक्ष्य तक नहीं पहुंच सका।
इसरो प्रमुख का बयान, जांच जारी
इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने कहा कि तीसरे चरण में असामान्यता दर्ज की गई है। उन्होंने बताया, “पूरे घटनाक्रम का विश्लेषण किया जा रहा है। तकनीकी समस्या की वजह क्या रही, इसकी गहराई से जांच जारी है।”
भरोसेमंद PSLV पर सवाल, लेकिन हौसला बरकरार
पीएसएलवी को इसरो का सबसे भरोसेमंद प्रक्षेपण यान माना जाता है, जिसने अब तक सैकड़ों उपग्रह सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में पहुंचाए हैं। ऐसे में इस मिशन में आई बाधा को एजेंसी के लिए एक बड़ा सबक माना जा रहा है। इसरो ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद खामियों को दूर किया जाएगा और भविष्य के अभियानों में और अधिक सतर्कता बरती जाएगी। एजेंसी जल्द ही अगला प्रक्षेपण करने की तैयारी में जुटी है।

