Digvijaya rss remark-debate:कांग्रेस के सीनियर लीडर दिग्विजय सिंह एक बार राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। कारण उनका बयान, जिसमें उन्होंने आरएसएस और पीएम मोदी को लेकर जमकर तारीफ की थी। मामला तूल पकड़ता देख उन्हें सफाई तक देनी पड़ी। चलिए बात करते हैं उनके उस बयान की, जिसने सियासी मैदान में खूब बवाल काटा।
शनिवार के दिन दिग्विजय सिंह ने एक पोस्ट शेयर की थी। पोस्ट एक ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर थी, जिसमें पीएम मोदी और लाल कृष्ण आडवाणी दिखाई दे रहे थे। तस्वीर में पीएम मोदी, लाल कृष्ण आडवाणी के पैर के पास नीचे ज़मीन पर बैठे थे। ये तस्वीर उन दिनों की थी, जब मोदी का कद महज एक राजनीतिक कार्यकर्ता का था। दिग्विजय सिंह ने तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा,
‘RSS का जमीनी स्वयंसेवक और बीजेपी का जमीनी कार्यकर्ता नीचे बैठकर सीएम और पीएम बना… यह संगठन की शक्ति है।’


बयान पर देनी पड़ी सफाई
मामला तूल पकड़ता देख उन्होंने माफ़ी मांगनी पड़ी। उन्होंने कहा मैंने आरएसएस के संगठन की तारीफ की थी। मैं शुरू से आरएसएस और मोदी का कट्टर आलोचक हूँ। मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
इन नेताओं ने दी प्रतिक्रिया
जयराम रमेश ने कहा कि यह दिग्विजय सिंह का व्यक्तिगत बयान है, पार्टी की आधिकारिक राय नहीं।
सचिन पायलट ने साफ किया कि कांग्रेस का आरएसएस पर रुख पहले जैसा ही है।
इमरान प्रतापगढ़ी ने बयान से दूरी बनाते हुए इसे निजी विचार बताया।
बीजेपी की प्रतिक्रिया
संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस नेता ने आरएसएस की ताकत मान ली।
अमित मालवीय ने तंज कसते हुए कहा कि सच्चाई खुद कांग्रेस के नेता स्वीकार कर रहे हैं।
रिपोर्ट एवं लेखन : प्रियांशु झारिया
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