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    बड़ोदा में रोमांचक मुकाबला, भारत ने न्यूजीलैंड को चार विकेट से हराया

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    sportdesk:
    बड़ोदा में खेले गए तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को चार विकेट से हरा दिया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने 50 ओवर में आठ विकेट पर 300 रन बनाए। डेरिल मिचेल, डेवोन कॉनवे और हेनरी निकोल्स ने अर्धशतक जमाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

    301 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को 39 रन पर पहला झटका लगा। रोहित शर्मा 29 गेंदों में 26 रन बनाकर काइल जैमीसन का शिकार बने। इसके बाद शुभमन गिल और विराट कोहली ने पारी को संभाला और दूसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की।

    शुभमन गिल ने 66 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, वहीं विराट कोहली ने महज 44 गेंदों में वनडे करियर का 77वां अर्धशतक जड़ा। कोहली शानदार फॉर्म में नजर आए, लेकिन वह शतक से चूक गए और 91 गेंदों में 93 रन बनाकर काइल जैमीसन की गेंद पर आउट हुए।

    इसके बाद भारत को लगातार झटके लगे। रवींद्र जडेजा सिर्फ चार रन बनाकर आउट हुए। श्रेयस अय्यर 47 गेंदों में 49 रन बनाकर पवेलियन लौटे। हर्षित राणा 23 गेंदों में 29 रन बनाकर आउट हुए, जिससे मुकाबला रोमांचक हो गया।

    हालांकि, अंत में भारत ने संयम बनाए रखा और एक ओवर शेष रहते 306 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।

    कभी CBI तो कभी साधु बनकर करता था लूट, अब भोपाल लाया जाएगा ईरानी गैंग का सरगना”

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    भोपाल की अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरे से देशभर में अपराध का नेटवर्क चलाने वाला कुख्यात बदमाश राजू ईरानी उर्फ रहमान आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। सूरत में हुई गिरफ्तारी के बाद भोपाल पुलिस की टीम उसे ट्रांजिट वारंट पर राजधानी लाने की तैयारी में जुटी है। उस पर देश के 14 राज्यों में दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज हैं।

    भोपाल लाने की तैयारी, कोर्ट से होगा फैसला

    रविवार को राजू ईरानी को सूरत की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। इसके बाद ही तय होगा कि उसे ट्रांजिट रिमांड पर भोपाल कब लाया जाएगा। भोपाल पुलिस की टीम सूरत में मौजूद है और हर कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को राजधानी लाने की तैयारी कर रही है।

    आधा दर्जन गैंग, देशभर में वारदात

    पुलिस के अनुसार, राजू ईरानी अमन कॉलोनी के ईरानी डेरे से आधा दर्जन गैंगों को संचालित करता था। ये गैंग अलग-अलग राज्यों में ठगी, लूट, चोरी और अन्य गंभीर अपराधों को अंजाम देते थे। उसका नेटवर्क इतना फैला हुआ था कि मध्यप्रदेश से लेकर गुजरात, राजस्थान और अन्य राज्यों तक उसके गुर्गे सक्रिय थे।

    ‘ड्रग्स की रानी’ समेत फरार आरोपियों की तलाश

    राजू ईरानी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि कई बड़े खुलासे होंगे। खासकर ‘लेडी डॉन’ और ‘ड्रग्स की रानी’ के नाम से चर्चित महिला समेत अन्य फरार आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में पूरे नेटवर्क की परतें खुलेंगी।

    भोपाल पुलिस को बड़ी कामयाबी

    राजू ईरानी की गिरफ्तारी को भोपाल पुलिस बड़ी सफलता मान रही है। वर्षों से फरार यह बदमाश कई राज्यों में पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। अब उसके भोपाल आने के बाद न केवल पुराने मामलों में प्रगति होगी, बल्कि देशभर में फैले उसके आपराधिक नेटवर्क पर भी बड़ा प्रहार संभव हो सकेगा।

    ओवैसी बनाम हिमंत सरमा: ‘हिंदू PM’ बयान ने छेड़ा नया राजनीतिक विवाद

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    असदुद्दीन ओवैसी के बयान से सियासी घमासान मच गया है | अब इस बयान के बाद असम के मुख्यमंत्री हेमंता हेमन्त बिश्वा शर्मा ने इस पर प्रतिक्रया दी है| गौरतलब है कि ओवैसी ने 10 को महाराष्ट्र के सोलापुर में एक चुनावी रैली/जनसभा के दौरान कहा था कि भारतीय संविधान हर नागरिक को देश के सर्वोच्च पद तक पहुँचने का समान अधिकार देता है। एक दिन हिजाब पहनी महिला भी भारत की प्रधानमंत्री बन सकती है।
    इस बयान पर पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रतिक्रिया दी और कहा कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है, इसलिए यहां प्रधानमंत्री हमेशा हिंदू ही बनेगा। इसी टिप्पणी के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया।

    असम सीएम की टिप्पणी पर ओवैसी का पलटवार

    महाराष्ट्र निकाय चुनाव के प्रचार के बीच ओवैसी ने रविवार को असम सीएम पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “उनके दिमाग में ट्यूबलाइट है।” ओवैसी ने असम सीएम के बयान को संविधान के खिलाफ बताते हुए कहा कि भारत किसी एक धर्म का देश नहीं, बल्कि सभी नागरिकों का राष्ट्र है।

    संविधान का हवाला, समानता की बात

    ओवैसी ने कहा कि देश का प्रधानमंत्री बनने का अधिकार किसी एक धर्म तक सीमित नहीं है। भारत का संविधान हर नागरिक को बराबरी का हक देता है—चाहे वह किसी भी धर्म, जाति या समुदाय से आता हो। उन्होंने कहा कि कुछ नेता आज भी संविधान की आत्मा को नहीं समझ पाए हैं, इसलिए ऐसी बातें कर रहे हैं।

    तेज हुई राजनीतिक बयानबाज़ी

    इस पूरे विवाद के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस और तेज हो गई है। एक ओर ओवैसी इसे संविधान और समानता से जोड़ रहे हैं, तो दूसरी ओर असम सीएम की टिप्पणी को लेकर समर्थन और विरोध दोनों स्वर सामने आ रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा राजनीतिक रंग ले सकता है।

    “सोमनाथ को मिटाने वाले इतिहास में सिमट गए, आस्था आज भी अमर है” — पीएम मोदी

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    PM modi somnath: सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सोमनाथ का इतिहास टूटने का नहीं, बल्कि उठ खड़े होने का इतिहास है। समुद्र की लहरों और मंत्रों की गूंज के बीच उन्होंने बताया कि जो आक्रांता इसे मिटाने आए थे, वे आज इतिहास के पन्नों में सिमट गए हैं, लेकिन सोमनाथ आज भी गर्व से खड़ा है। यह भारत की आस्था और संस्कृति की अमर शक्ति का प्रतीक है।

    इतिहास से छेड़छाड़ पर पीएम का प्रहार

    पीएम मोदी ने कहा कि आज़ादी के बाद भी गुलामी की मानसिकता वाले लोगों ने सोमनाथ जैसे पवित्र स्थलों के इतिहास को भुलाने की कोशिश की। कई बार आक्रमणों के सच को ‘व्हाइटवॉश’ किया गया। उन्होंने कहा कि सोमनाथ की रक्षा के लिए अनगिनत बलिदान दिए गए, लेकिन उन वीरों को वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे।

    हजार साल बाद भी लहरा रही है ध्वजा

    प्रधानमंत्री ने भावुक होकर कहा, “एक हजार साल पहले आक्रांता समझ बैठे थे कि उन्होंने हमें जीत लिया है, लेकिन आज भी सोमनाथ पर फहराती ध्वजा दुनिया को हिंदुस्तान की शक्ति दिखा रही है।” उन्होंने बताया कि महमूद गजनवी से लेकर औरंगजेब तक कई शासकों ने इसे तोड़ने की कोशिश की, पर वे यह नहीं समझ पाए कि ‘सोमनाथ’ नाम में ही अमृत छिपा है, जिसे मिटाया नहीं जा सकता।

    आस्था, स्वाभिमान और पुनर्निर्माण का संगम

    कार्यक्रम से पहले पीएम मोदी ने मंदिर में पूजा-अर्चना की, सरदार पटेल और वीर हमीरजी गोहिल को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि सोमनाथ का इतिहास पराजय का नहीं, बल्कि धैर्य और पुनर्निर्माण की मिसाल है। अंत में उन्होंने कहा कि इस आयोजन में देवाधिदेव महादेव, समुद्र की लहरें और भक्तों की उपस्थिति मिलकर गर्व, गरिमा और अध्यात्म का अद्भुत संगम बना रही है।

    मध्य प्रदेश में लौटेगी खोई हुई जैव विविधता, असम से आएंगे गैंडे और जंगली भैंसे

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    भोपाल | 
    मध्य प्रदेश की वन्यजीव विरासत को दोबारा जीवित करने की दिशा में एक अहम पहल होने जा रही है। राज्य सरकार अब उन प्रजातियों को वापस लाने की तैयारी में है, जो लगभग एक सदी पहले प्रदेश के जंगलों से विलुप्त हो चुकी थीं। चीतों के बाद अब गैंडे, जंगली भैंसे और किंग कोबरा मध्य प्रदेश की धरती पर फिर दिखाई देंगे।

    इस संबंध में हाल ही में डॉ. मोहन यादव और हिमंत बिस्वा सरमा के बीच गुवाहाटी में अहम चर्चा हुई। बैठक में दोनों राज्यों के बीच वन्य प्राणियों के आदान-प्रदान पर सहमति बनी।

    तीन साल में चरणबद्ध पुनर्स्थापन

    योजना के तहत असम से 50 जंगली भैंसे तीन अलग-अलग समूहों में अगले तीन वर्षों में मध्य प्रदेश लाए जाएंगे। इसके अलावा गैंडे का एक जोड़ा और तीन किंग कोबरा भी प्रदेश को मिलेंगे। शुरुआती चरण में इन सभी प्रजातियों को भोपाल स्थित वन विहार में रखा जाएगा, जहां उनकी देखरेख और अनुकूलन की व्यवस्था की जाएगी।

    इसके बदले में मध्य प्रदेश, असम को एक जोड़ा टाइगर और छह मगरमच्छ देगा, जिससे दोनों राज्यों को जैव विविधता संरक्षण में सहयोग मिलेगा।

    चीते के बाद भैंसें, संरक्षण की नई दिशा

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है कि चीतों के सफल पुनर्स्थापन के बाद जंगली भैंसों की वापसी से प्रदेश के जंगलों की पारिस्थितिकी और अधिक मजबूत होगी। यह पहल केवल किसी एक प्रजाति तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे इकोसिस्टम को संतुलित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

    सौ साल पहले खत्म हो गई थी जंगली भैंसों की आबादी

    मध्य प्रदेश के जंगलों से जंगली भैंसे लगभग 100 वर्ष पहले पूरी तरह समाप्त हो गए थे। वर्तमान समय में भारत में इनकी प्राकृतिक आबादी मुख्य रूप से असम तक ही सीमित है। छत्तीसगढ़ में भी इनकी मौजूदगी है, लेकिन संख्या बेहद कम मानी जाती है।

    कान्हा टाइगर रिज़र्व सबसे उपयुक्त क्षेत्र

    देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान के वैज्ञानिक अध्ययन में यह सामने आया है कि कान्हा टाइगर रिज़र्व जंगली भैंसों के पुनर्स्थापन के लिए सबसे अनुकूल क्षेत्र है। यहां घास के विस्तृत मैदान, पर्याप्त जल स्रोत और कम मानव हस्तक्षेप जैसी स्थितियां उपलब्ध हैं, जो इन प्रजातियों के प्राकृतिक विकास में सहायक होंगी।

    अनुमति और सुरक्षा पर जोर

    राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण और केंद्र सरकार से आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, पुनर्स्थापन पूरी तरह वैज्ञानिक, चरणबद्ध और सुरक्षित तरीके से किया जाएगा, ताकि जानवरों पर किसी प्रकार का जोखिम न पड़े।

    संरक्षण की दिशा में बड़ा संदेश

    यह पहल सिर्फ वन्य जीवों की वापसी नहीं, बल्कि यह संदेश भी है कि विकास के साथ-साथ प्रकृति और जैव विविधता का संरक्षण भी उतना ही जरूरी है। यदि यह योजना सफल होती है, तो मध्य प्रदेश देश में वन्यजीव पुनर्स्थापन का एक और मजबूत उदाहरण बनकर उभरेगा।

    प्रेमी ही निकला प्रेमिका का हत्यारा…उसे शक था कि महिला का दूसरे मर्द से है अवैध सम्बन्ध

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    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सामने आए अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने तकनीक और सूझबूझ के सहारे सुलझा लिया है। एक सप्ताह पहले झाड़ियों में मिले अज्ञात महिला के निर्वस्त्र शव के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि महिला की हत्या उसी के प्रेमी ने दुष्कर्म के बाद की थी।

    जेब में रखा आमलेट बना सुराग

    घटना के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतका की पहचान करना था। जांच के दौरान महिला के स्वेटर की जेब से आमलेट का एक टुकड़ा मिला। इसी छोटी-सी चीज ने जांच को नई दिशा दी। पुलिस ने अंदाजा लगाया कि महिला किसी ठेले से आमलेट लेकर आई होगी।

    इसके बाद आसपास के इलाकों में अंडे और आमलेट के ठेले लगाने वालों से पूछताछ की गई। करीब सात ठेला संचालकों से बातचीत हुई, जिसमें एक व्यक्ति ने महिला को पहचान लिया। उसने बताया कि 28 दिसंबर को महिला आमलेट लेने आई थी।

    AI स्केच और CCTV से आगे बढ़ी जांच

    पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से महिला का स्केच तैयार कराया। वहीं, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर महिला के साथ एक युवक भी नजर आया। हालांकि उसकी पहचान करना आसान नहीं था।

    200 गुमशुदगी रिपोर्ट खंगालने के बाद मिली पहचान

    एएसपी अनु बेनीवाल के अनुसार मृतका के हाथ पर “पप्पू” नाम गुदा हुआ था। इसके आधार पर पूरे प्रदेश की करीब 200 गुमशुदगी रिपोर्ट की जांच की गई। अंततः टीकमगढ़ जिले की सुनीता पाल के रूप में महिला की पहचान हुई। पप्पू उसका पूर्व पति था, जो ग्वालियर के हजीरा इलाके में रहता है।

    प्रेमी निकला कातिल

    पुलिस जांच में सामने आया कि सुनीता का सचिन सेन नामक युवक से प्रेम संबंध था और वह उसी के साथ रह रही थी। शक के आधार पर पुलिस ने तलाश तेज की तो पता चला कि आरोपी रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के बीच भिखारी बनकर छिपा हुआ है।

    भिखारी बनकर काट रहा था फरारी

    आरोपी ने खुद को “विशाल” बताकर पहचान छिपाने की कोशिश की थी। दान में मिले कंबल ओढ़े रहता और भंडारों में खाना खाता था। पुलिस की सख्ती के बाद उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

    हत्या की वजह आई सामने

    एसएसपी धर्मवीर सिंह के मुताबिक आरोपी ने स्वीकार किया कि उसे महिला के किसी अन्य युवक से संबंध होने की जानकारी मिली थी। इसी बात से नाराज होकर उसने पहले शराब पिलाई, फिर दुष्कर्म किया और बाद में पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी। शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया।

    बेंगलुरु के हर एक कंस्ट्रक्शन साइट में दिख रही थी बड़ी आंख वाली महिला,सोशल मीडिया में वायरल तस्वीर की सुलझी गुत्थी

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    बेंगलुरु: कर्नाटक, खासकर बेंगलुरु और अन्य जिलों में निर्माणाधीन इमारतों पर लगे एक पोस्टर ने हाल के दिनों में लोगों की जिज्ञासा बढ़ा दी थी। साड़ी पहने, बड़ी-बड़ी आंखों वाली महिला की तस्वीर हर निर्माण स्थल पर दिख रही थी, लेकिन कोई नहीं जानता था कि आखिर वह महिला कौन है और यह पोस्टर क्यों लगाया जाता है। अब इस रहस्य से पर्दा उठ गया है।

    इस अनोखे पोस्टर पर सबसे पहले ध्यान गया एक महिला एक्स (पूर्व में ट्विटर) यूजर का, जो महाराष्ट्र की रहने वाली हैं और फिलहाल बेंगलुरु में रहती हैं। उन्होंने देखा कि कर्नाटक में लगभग हर निर्माण स्थल पर यह तस्वीर लगी हुई है, जो आमतौर पर बुरी नजर से बचाने के लिए लगाए जाने वाले पारंपरिक प्रतीकों से बिल्कुल अलग है।

    उन्होंने एक्स पर लिखा,
    “मैं कर्नाटक में बेंगलुरु के बाहर जहां भी निर्माण होता देखती हूं, वहां इस महिला की तस्वीर लगी होती है। मैंने गूगल लेंस से खोजने की कोशिश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। आखिर ये हैं कौन?”

    5 जनवरी को किया गया उनका यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गया और उसे करीब 35 लाख से ज्यादा व्यूज मिले। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अपनी-अपनी राय देनी शुरू कर दी। कुछ यूजर्स ने इसे ‘नजरबट्टू’ बताया, तो कुछ ने कहा कि यह नकारात्मक ऊर्जा से बचाने के लिए लगाया जाता है। वहीं कुछ लोगों को यह परंपरा से हटकर अजीब भी लगी।

    चर्चा के बीच एक अन्य एक्स यूजर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से इस महिला की पहचान की। सामने आया कि पोस्टर में दिख रही महिला निहारिका राव हैं, जो कर्नाटक की एक यूट्यूबर हैं। यह तस्वीर उनके 2023 के एक वायरल वीडियो क्लिप से ली गई है, जिसमें उनके चौंकने वाले भाव को बाद में मीम के रूप में इस्तेमाल किया जाने लगा।

    AI विश्लेषण के अनुसार, इस तस्वीर का उपयोग स्थानीय परंपरा से जुड़ा है, जिसे ‘दृष्टि गोम्बे’ कहा जाता है। कर्नाटक में बुरी नजर से बचाने के लिए मज़ाकिया या डरावने चेहरों वाले प्रतीक लगाने की परंपरा रही है। अब उसी परंपरा का आधुनिक और हास्यपूर्ण रूप इस वायरल पोस्टर के तौर पर सामने आया है।

    कटरीना कैफ और विक्की कौशल बने माता-पिता, बेटे की पहली झलक की शेयर; फैंस को बताया नन्हे मेहमान का नाम

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    नई दिल्ली।

    बॉलीवुड के चर्चित कपल कटरीना कैफ और विक्की कौशल ने आखिरकार अपने फैंस की लंबे समय से चली आ रही उम्मीद पूरी कर दी है। दोनों ने सोशल मीडिया के जरिए अपने बेटे की पहली तस्वीर साझा की और साथ ही उसके नाम से भी पर्दा उठा दिया।

    तस्वीर सामने आते ही फैंस और सेलेब्स की ओर से बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया है। फोटो में कपल अपने बेटे के साथ बेहद भावुक और खुश नजर आ रहा है, जिसने लोगों का दिल जीत लिया।

    क्या रखा बेटे का नाम

    कटरीना और विक्की के घर 7 नवंबर को खुशियों ने दस्तक दी थी। अब कपल ने खुलासा किया है कि उन्होंने अपने बेटे का नाम विहान कौशल रखा है। नाम सामने आते ही सोशल मीडिया पर फैंस ने इसे बेहद प्यारा और अर्थपूर्ण बताया।

    इमोशनल नोट ने जीता दिल

    बेटे की तस्वीर के साथ कपल ने एक भावुक संदेश भी लिखा, जिसमें उन्होंने अपने जीवन के इस नए अध्याय को किसी आशीर्वाद से कम नहीं बताया। दोनों ने कहा कि उनकी जिंदगी एक पल में बदल गई है और वे इस अनमोल तोहफे के लिए बेहद आभारी हैं।

    बॉलीवुड सेलेब्स ने दी शुभकामनाएं

    घोषणा के बाद कई फिल्मी सितारों ने कमेंट कर कपल को बधाई दी। इंडस्ट्री के दोस्तों और चाहने वालों ने नन्हे विहान के लिए ढेर सारा प्यार और आशीर्वाद भेजा।

    पिता बनने पर क्या बोले थे विक्की

    हाल ही में एक इंटरव्यू में विक्की कौशल ने पिता बनने के अनुभव को अपने जीवन का सबसे खास पल बताया था। उन्होंने कहा था कि यह एहसास जितना सोचा था, उससे कहीं ज्यादा शांत और सुकून देने वाला है।

    गौरतलब है कि कटरीना कैफ और विक्की कौशल ने दिसंबर 2021 में राजस्थान में एक निजी समारोह में शादी की थी। अब बेटे के जन्म के साथ दोनों की जिंदगी एक नए और खूबसूरत दौर में प्रवेश कर चुकी है।

    JNU प्रदर्शन पर देवेंद्र फडणवीस का सख्त रुख, कहा– समाज में अराजकता फैलाने वालों को नहीं बख्शेंगे

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    नई दिल्ली।
    जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हालिया विरोध प्रदर्शनों को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश और समाज में अशांति फैलाने की कोशिश करने वाले तत्वों के इरादों को किसी भी कीमत पर कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।

    फडणवीस की यह प्रतिक्रिया जेएनयू परिसर में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत न मिलने के विरोध में हुए प्रदर्शनों के बाद सामने आई है। इन प्रदर्शनों के दौरान कथित तौर पर आपत्तिजनक नारेबाजी और तनावपूर्ण माहौल की खबरें आई थीं।

    कानून व्यवस्था से समझौता नहीं: फडणवीस

    मीडिया से बातचीत में देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन इसकी आड़ में देशविरोधी सोच या हिंसा को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग समाज को तोड़ने और शांति भंग करने का प्रयास करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थानों को पढ़ाई और विचार-विमर्श का केंद्र होना चाहिए, न कि अराजक गतिविधियों का अड्डा।

    सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बढ़ा विवाद

    गौरतलब है कि फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़े मामले में आरोपित उमर खालिद और शरजील इमाम को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया था। इसी फैसले के बाद जेएनयू परिसर में कुछ छात्र संगठनों ने प्रदर्शन शुरू किया, जो बाद में राजनीतिक विवाद का विषय बन गया।

    राजनीतिक गलियारों में बयान पर हलचल

    फडणवीस के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक ओर जहां सत्तारूढ़ पक्ष इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहा है।

    फिलहाल जेएनयू प्रशासन और दिल्ली पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
    ये भी पढ़ें: पाटीदार आंदोलन फिर चर्चा में: IAS राजेंद्रकुमार पटेल के समर्थन में रैली

    पाटीदार आंदोलन फिर चर्चा में: IAS राजेंद्रकुमार पटेल के समर्थन में रैली

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    Gujarat IAS controversy:
    पाटीदार आंदोलन याद है? जब आरक्षण की मांग को लेकर पाटीदार समाज के लोग गुजरात की सड़कों पर जम गए थे। यह आंदोलन इतना बढ़ने लगा था कि उस वक्त गुजरात सरकार की नींद उड़ गई थी। 22 साल का युवा हार्दिक पटेल इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहा था। धमकी तो यह तक दी गई थी कि भारत और दक्षिण अफ्रीका का मैच होने नहीं दिया जाएगा। यहाँ तक कि टीम को स्टेडियम तक नहीं पहुँचने दिया जाएगा। लेकिन इसके काउंटर में बड़ी तादाद में लोग नरेंद्र मोदी की टी-शर्ट पहनकर स्टेडियम में पहुँचे। स्टेडियम का नज़ारा देखकर सबको यह आंदोलन फुस होता हुआ नज़र आने लगा।

    लेकिन किसने सोचा था कि यह महज़ 22 साल का लड़का गुजरात सरकार की नींद उड़ा देगा। सरकार ने इस आंदोलन को कैसे खत्म किया, वह अपने आप में एक अलग कहानी है।

    लेकिन क्या एक बार फिर पाटीदार आंदोलन की तैयारी है?

    सवाल का जवाब है—हाँ, लेकिन आरक्षण को लेकर नहीं। इस बार पाटीदार समाज आंदोलन कर रहा है IAS अधिकारी राजेंद्रकुमार पटेल के बचाव में। राजेंद्रकुमार के ऊपर करप्शन के आरोप हैं। पाटीदार समाज का कहना है कि उन्हें टारगेट किया जा रहा है। उनके समर्थन में अहमदाबाद जिले के मंडल में रैली आयोजित हुई। जनसभा का नेतृत्व करने वाले वरुण पटेल ने कहा, “सरकार कुछ भी कहे, राजेंद्र पटेल हमारे समाज की शान हैं।”उन्होंने यह भी कहा—
    पहले पाटीदारों को राजनीति से हटाने की साजिश थी। अब पाटीदारों और गुजरातियों को प्रशासन से हटाने की साजिश हो रही है।

    कौन हैं राजेंद्र पटेल, जिनके लिए फिर हो रहा है आंदोलन?

    Rajendrakumar Patel गुजरात कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं। अहमदाबाद जिले के विरमगाम तालुका के दुमाना गांव के निवासी राजेंद्रकुमार पटेल ने डेंटल सर्जरी (BDS) में स्नातक की पढ़ाई के बाद सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की और वर्ष 2014 में UPSC में ऑल इंडिया रैंक 70 हासिल की। मुख्य परीक्षा में उन्होंने गुजराती साहित्य को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना। सेवा में चयन के बाद वे राज्य में विभिन्न प्रशासनिक पदों पर तैनात रहे, जिनमें सुरेंद्रनगर के कलेक्टर का पद भी शामिल है। हाल के दिनों में उनका नाम एक मामले को लेकर सामने आया है, जिसकी जांच जारी है।

    जमीन से जुड़ा है मामला।

    आरोप है कि उन्होंने जमीन का Non-Agriculture (NA) परमिशन देने के बदले पैसे लिए। इसी मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई चल रही है। “मामले में NA परमिशन से जुड़ी अनियमितता का आरोप है, लेकिन यह सार्वजनिक नहीं किया गया है कि परमिशन किस व्यक्ति या संस्था को दी गई थी।

    यह भी पढ़े: सरकारी आदेश में मंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी, लेटर वायरल होते ही देवास SDM निलंबित; जानिए पूरा मामला