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    रूस की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस के लिए रवाना

    आज मेरे गृह ग्राम मुल्लानी की बेटी प्रीति परमार व चेतन परमार दोनों रूस की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस के लिए आज उन्हें भारत का झंडा दिखाकर रवाना किया। जल्द ही वे दोनों माउंट एलब्रुस पर भारत का परचम लहराएंगे व आष्टा विधानसभा सहित पूरे मध्यप्रदेश का नाम रोशन करेंगें।रूस की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस के लिए रवाना …

    आज मेरे गृह ग्राम मुल्लानी की बेटी प्रीति परमार व चेतन परमार दोनों रूस की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस के लिए आज उन्हें भारत का झंडा दिखाकर रवाना किया। जल्द ही वे दोनों माउंट एलब्रुस पर भारत का परचम लहराएंगे व आष्टा विधानसभा सहित पूरे मध्यप्रदेश का नाम रो
    रोशनकरेंगें। रघुवीर परमार अरुण परमार पवन परमार मंत्री जी के साथ मौजूद रहे

    संवाददाता राजकुमार पाल की रिपोर्ट आष्टा जिला सीहोर

    इंस्टाग्राम रील्स के माध्यम से सरोज देवी यादव छूना चाहती हैं नई ऊंचाइयां!

    आज हम बात करेंगे बिहार के जमुई जिले के लखनधनमा गांव की एक प्रेरणादायक कहानी के बारे में। 28 वर्षीय सरोज देवी, जो एक छोटे से गाँव से ताल्लुक रखती हैं, ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने परिवार की गरीबी को दूर करने और अपनी एक नई पहचान बनाने का सपना देखा है।

    सरोज देवी के पति राजेश यादव, पिता कपिल यादव, और माता सोनी देवी का उन्हें पूरा समर्थन मिला है। हाल ही में सरोज ने इंस्टाग्राम पर @sarojdevi8704 नाम से अपना अकाउंट बनाया और अपनी रील्स के माध्यम से इंटरनेट पर छा गईं। उनकी रील्स तेजी से वायरल हो रही हैं, और लोग उन्हें सोशल मीडिया क्वीन के नाम से पुकारने लगे हैं।

    लेकिन सरोज का सफर यहीं खत्म नहीं होता। वह जल्द ही यूट्यूब पर भी अपना चैनल शुरू करने की योजना बना रही हैं, ताकि अपने गाँव, तहसील, और राज्य का नाम रोशन कर सकें। अभी हाल ही में, सरोज ने 100 सब्सक्राइबर्स का मील का पत्थर पार किया है, और अपने फॉलोअर्स के प्रति आभार व्यक्त करते हुए एक वीडियो भी साझा किया है।

    सरोज देवी का सपना है कि उनके वीडियो और रील्स को ज्यादा से ज्यादा लोग देखें, लाइक करें, और शेयर करें। उनके इस सफर में हम सब का समर्थन बहुत महत्वपूर्ण है।

    तो आइए, हम सब मिलकर सरोज देवी के इस सपने को साकार करने में उनका साथ दें। उनके साथ जुड़ें, उन्हें प्रोत्साहित करें, और उनके इस सफर का हिस्सा बनें।

    28 साल की लड़ाई: सरकारी लालफीताशाही ने छीन ली कैलाश की जिंदगी

    रतलाम ढोढर जिला रतलाम के कैलाश राठौड़ की जिंदगी एक ऐसी कहानी है, जो सरकारी तंत्र की नाकामी और लालफीताशाही की बेरहमी को उजागर करती है। यह कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है, जिसने 28 साल से अपने हक के लिए एक असंभव सी लड़ाई लड़ी है, और अब उसकी आखिरी उम्मीद प्रधानमंत्री के दरवाजे पर दस्तक दे रही है।

    कहानी की शुरुआत:
    1995 में कैलाश राठौड़ ने अपने जीवन की सबसे बड़ी जंग शुरू की। उनके पास एक प्लाट था, जिस पर उन्होंने अपना मकान बनाया, लेकिन सरकारी दस्तावेजों में यह प्लाट उनके नाम नहीं बल्कि किसी और के नाम दर्ज हो गया। कैलाश ने अपनी जवानी से लेकर बुढ़ापे तक इस अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया, लेकिन सरकारी दफ्तरों की अनदेखी और भ्रष्टाचार की गहरी जड़ें उनकी हर कोशिश को नाकाम करती रहीं।

    सरकारी दफ्तरों के चक्कर:
    कैलाश ने तहसील से लेकर अनुविभागीय अधिकारी तक, पटवारी से लेकर कलेक्टर तक सभी के दरवाजे खटखटाए, लेकिन हर जगह से उन्हें सिर्फ निराशा ही मिली। उनका प्लाट, जिसे उन्होंने अपने खून-पसीने की कमाई से खरीदा था, किसी और के नाम कर दिया गया। सरपंच और पटवारी की मिलीभगत ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया, और इसके खिलाफ उनकी हर लड़ाई को सिस्टम ने बेरहमी से कुचल दिया।

    पीएमओ से जगी थी नई उम्मीद:
    कैलाश के संघर्ष का एक और मोड़ तब आया जब 2018 में प्रधानमंत्री कार्यालय से उनके लिए एक पत्र आया। इस पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि कैलाश की याचिका पर तुरंत कार्रवाई की जाए, लेकिन दुर्भाग्यवश, यह पत्र भी बाकी दस्तावेजों की तरह सिर्फ कागजों में ही सिमट कर रह गया। पत्र का नंबर PMOPG/D/2019/0305168 था, और उसमें कहा गया था कि कैलाश की याचिका पर उचित कार्रवाई की जाए और इसका जवाब पोर्टल पर अपलोड किया जाए, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

    समाज और पुलिस की ज्यादती:
    कैलाश के संघर्ष को समाज ने भी पागलपन का नाम दे दिया। उनकी आवाज को दबाने के लिए उन्हें पागल घोषित कर दिया गया, पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, और यहाँ तक कि डॉक्टरों की पैनल ने भी उन्हें मानसिक रोगी करार दिया। लेकिन कैलाश ने हार नहीं मानी। उन्होंने न्यायालय में लड़ाई लड़कर खुद को निर्दोष साबित किया, और इस अपमानजनक स्थिति से बाहर निकले।

    जीवन के अंतिम पड़ाव पर भजन मंडली:
    आज कैलाश राठौड़ अपने सपनों को जिंदा रखने के लिए भजन मंडली में काम कर रहे हैं। अपने प्लाट और मकान के लिए उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी दांव पर लगा दी, अपनी संपत्ति और व्यवसाय खो दिए, लेकिन उनकी उम्मीदें अभी भी जिंदा हैं। अब वे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक नया मकान पाने की आस लगाए बैठे हैं। उनका विश्वास है कि प्रधानमंत्री उनसे मिलकर उनकी समस्या का समाधान करेंगे।

    भविष्य की उम्मीदें:
    कैलाश राठौड़ की यह संघर्ष यात्रा अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे प्रधानमंत्री कार्यालय के सामने धरना देंगे। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि उनके साथ कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी पूर्व और वर्तमान सरपंच ढोढर की होगी।

    मुख्य बिंदु:
    – 28 साल की लड़ाई: 1995 से कैलाश राठौड़ ने अपने प्लाट और मकान के लिए एक लंबी और कठिन लड़ाई लड़ी है।
    – सरकारी तंत्र की अनदेखी: सरकारी अधिकारियों की लापरवाही और भ्रष्टाचार ने कैलाश के न्याय की आस को बार-बार तोड़ा है।
    – प्रधानमंत्री कार्यालय का पत्र: पीएमओ के निर्देशों के बावजूद, कैलाश के मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
    – समाज और पुलिस का दबाव: कैलाश को पागल घोषित कर समाज और पुलिस ने उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की, लेकिन वे डटे रहे।
    – भजन मंडली में जीवन:* अपने संघर्ष के बावजूद, कैलाश राठौड़ ने भजन मंडली में काम करते हुए अपने सपनों को जिंदा रखा है।

    यह कहानी सिर्फ कैलाश राठौड़ की नहीं है, बल्कि उन लाखों लोगों की है जो आज भी अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं और सरकारी तंत्र की अनदेखी का शिकार हो रहे हैं। कैलाश की यह यात्रा दिखाती है कि कैसे एक व्यक्ति अपने न्याय की लड़ाई में पूरी व्यवस्था से जूझता है, और आज भी उम्मीद की किरण देख रहा है।

    ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

     

    नारायण सिंह चौहान का निधन

    देवास पीपलरावां – गत दिवस भागीरथ चौहान  के मछले पुत्र एंव जगदिश, पंकज चौहान  के पिताजी तथा घासीराम चौहान, लालजीराम चौहान, शिवनारायण ,चौहान के छोटे भाई एवं मोहनलाल बाबुलाल चोहान के बडे भाई नारायण सिंह चौहान का लंबी बिमारी के चलते असामायिक निधन हो गया उनके निधन पर पत्रकार अंबारामशिंदे , मांगीलाल , रमेश चंद्र चौहान , शंकर सिंदल,दाऊद खां पठान,रायसिंह सेंधव,बनेसिंह मालवीय, पार्षद शाकीर पठान, जिवनसिंह परमार, डां. जसमत,आदि नगर के गणमान्य नागरिकगणो ने श्रद्धांजलि अर्पित की, इस अवसर पर डॉक्टर विक्रम सिंह चौहान निरीक्षक- मनोहर सिंह चौहान, उमेश चौहान, मानसिह, हुकुमचंद, डॉ सुरेंद्र चौहान,प्रेम नारायणी, लखन लाल एवं जीवन सिंह आदि उपस्थित थे ।

    ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

    पीड़िता ने मीडिया के माध्यम से लगाई न्याय की गुहार, पुलिस पर लापरवाही का आरोप

    सोनीपत, हरियाणा: सोनीपत की एक महिला ने सुमित कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपनी आपबीती मीडिया के माध्यम से साझा की है। राधा झा नाम की इस महिला का कहना है कि सुमित कुमार ने उसे शादी का झांसा देकर बार-बार शारीरिक शोषण किया और जब उसने विरोध किया, तो जान से मारने की धमकी दी।

    राधा झा, जो वर्तमान में लाडा कॉलोनी, सोनीपत में रहती हैं, ने बताया कि सुमित कुमार ने उसे नौकरी के बहाने अपने जाल में फंसाया और धीरे-धीरे शादी का झांसा देकर उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। उसने बताया कि सुमित की मंशा शुरू से ही गलत थी और उसने उसे धोखे में रखकर उसकी जिंदगी बर्बाद करने की साजिश रची।

    राधा ने आगे बताया कि जब उसने इस मामले को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, तो पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और कानूनी कार्यवाही में लापरवाही बरती। उन्होंने आरोप लगाया कि सुमित कुमार, जो पहले से शादीशुदा और एक बच्चे का पिता है, ने पुलिस में अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके मामले को दबाने की कोशिश की।

    पीड़िता ने बताया कि सुमित कुमार ने उसे कई बार एक होटल में बुलाकर शारीरिक संबंध बनाए और फिर एक नकली शादी का नाटक किया। इस झूठी शादी के दौरान न कोई पंडित मौजूद था और न ही कोई धार्मिक रस्में निभाई गईं। सुमित ने केवल सिंदूर भरकर और मंगलसूत्र पहनाकर उसे अपने झूठे प्यार के जाल में फंसाया।

    राधा ने जब सुमित से शादी के वीडियो और फोटो रखने की बात कही, तो उसने उन्हें डिलीट करने की धमकी दी और कहा कि उसने यह सब सिर्फ उसका फायदा उठाने के लिए किया है। सुमित ने यह भी कहा कि यदि राधा ने इस मामले में कहीं शिकायत की, तो वह उसे जान से मार देगा।

    राधा झा ने मीडिया के माध्यम से सरकार और उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि सुमित कुमार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए।
    पीड़िता राधा झा, कुंडली, जिला सोनीपत, हरियाणा.

    ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

     

    आजमगढ़ में परिवार पर खूनी हमला: न्याय की मांग

    नमस्कार दोस्तों, आज मैं एक ऐसी दर्दनाक घटना के बारे में बताने जा रहा हूँ, जिसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। यह घटना किसी हॉरर फिल्म की तरह है, लेकिन दुख की बात यह है कि यह हकीकत है।

    मैं आजमगढ़ जिले के लालगंज तहसील का निवासी हूँ, और कल रात जो कुछ मेरे परिवार के साथ हुआ, उसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। रात के गहरे अंधेरे में, जब हम अपने घर में चैन की नींद सो रहे थे, तभी अचानक एक खूनी हमला हुआ। यह हमला इतना भयानक था कि उसकी आवाज़ आज भी मेरे कानों में गूंज रही है।

    मेरी माँ ईनरमा यादव, जिनके सिर पर बुजुर्गी का साया है, उनके सिर पर ऐसा वार किया गया कि उनके सिर से खून की धाराएं बहने लगीं। मेरे पिता सुदधीराम यादव, जो परिवार के सबसे बड़े स्तंभ हैं, उन्हें भी इन दरिंदों ने नहीं बख्शा। मेरी पत्नी और मेरे भाई की पत्नी को तो ऐसा मारा गया कि उनके शरीर पर जख्मों के निशान गहरे घावों में बदल चुके हैं।

    और यह सब खत्म नहीं हुआ। मेरी सात साल के मासूम बेटे का हाथ बेरहमी से तोड़ दिया गया। सोचिए, एक मासूम बच्चे पर भी इन हैवानों का दिल नहीं पसीजा। मेरी बेटियों और बाकी परिवार के सदस्यों को भी इतनी बेरहमी से पीटा गया कि उनकी चीखें सुनने वालों का दिल दहल जाए।

    हमला करने वाले कोई अनजान नहीं थे। ये वही लोग थे जिन्हें हम जानते थे, लेकिन उनकी हैवानियत ने हमें पहचानने लायक नहीं छोड़ा। किशोर यादव, केशा यादव किशोरी यादव, सभाजित यादव, प्रिंस यादव, बिसाल यादव, लकी यादव, गीता यादव खुशी यादव, हार्दिक यादव ये सब मिल कर मारने वाले है और उनके साथ बाहर से बुलाए गए गुंडों ने हमारे घर को जंग का मैदान बना दिया।

    और सबसे बड़ी विडंबना यह है कि यह सब 5 अगस्त 2024 की रात को हुआ। हमने पुलिस को इसकी सूचना दी, लेकिन हमारे साथ हुए इस अमानवीय अत्याचार के बाद भी पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया। पुलिस की बेरुखी ने हमें और भी असहाय बना दिया है। पूरा परिवार इस वक्त अस्पताल में ज़िंदगी और मौत के बीच झूल रहा है, और मैं यहाँ अकेला खड़ा हूँ, न्याय की आस में।

    अब मैं मीडिया के माध्यम से सरकार से न्याय की गुहार लगाता हूँ। अगर भविष्य में मेरे या मेरे परिवार के किसी भी सदस्य को कुछ भी होता है, तो इसके जिम्मेदार वही लोग होंगे जिन्होंने मेरे परिवार पर जानलेवा हमला किया है। मेरी और मेरे परिवार की जान खतरे में है, और अब हमें सिर्फ और सिर्फ न्याय चाहिए।

     

    गंदगी के चलते तालाब के पास खड़ा होना मुश्किल, बीमारी का बढ़ा खतरा

    बदायूं, यूपी: ग्राम नगासी, जिला बदायूं के ग्रामीण सरकारी तालाब की सफाई न होने और कब्जे की कोशिशों से परेशान हैं। गांव के निवासी सुनील राठौर ने मीडिया के माध्यम से प्रशासन से गुहार लगाई है कि वे इस समस्या का समाधान करें।

    सुनील राठौर ने जानकारी देते हुए बताया कि गांव में दबंग किस्म के लोग सरकारी तालाब पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं और सफाई कार्य में बाधा डाल रहे हैं। तालाब में गंदगी इतनी बढ़ गई है कि उसके पास खड़ा होना भी मुश्किल हो गया है, जिससे आसपास के घरों में पानी घुसने का खतरा बना हुआ है।

    गंदगी की वजह से माल-मवेशियों और ग्रामीणों के बीमार होने का खतरा भी बढ़ गया है। सुनील राठौर ने आगे बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासन से शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

    उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि गांव के तालाब की सफाई जल्द से जल्द करवाई जाए ताकि गांववालों को राहत मिल सके। साथ ही, उन्होंने इस मुद्दे को सोशल मीडिया और यूट्यूब के माध्यम से पूरे भारत में पहुंचाने की अपील की है, ताकि प्रशासन इस पर ध्यान दे और उचित कार्रवाई करे।

    ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

    वृक्षारोपण का कार्य सफल और लोगो को वृक्ष किया गया वितरण

    विदित हो कि सार्वदेशिक आर्य वीर दल द्वारा आज वृक्षारोपण के दो कार्यक्रम आयोजित किए गए थे।
    पहला कार्यक्रम ग्राम अमोई, मिर्जापुर में तथा दूसरा कार्यक्रम सुल्तानपुर रामनगर में आयोजित किया गया। दोनों का कार्यक्रम बहुत ही सफल रहा। लगभग ५० पेड़ रोपित किए गए तथा ३५० पेड़ लोगों में संकल्प के साथ वितरित किए गये। कार्यक्रम का संचालन दिनेश आर्य,उप प्रधान संचालक, सार्वदेशिक आर्य वीर दल द्वारा किया गया।
    मिर्जापुर में धीरज शर्मा, रितेश पांड्या एवं राजकुमार चौरसिया जी का विशेष सहयोग रहा।
    रामनगर के कार्यक्रम हेमंत आर्य,शिव आर्य, विशेष आर्य आदि का विशेष सहयोग रहा।
    कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री अजय कुमार श्रीवास्तव,पूर्व अध्यक्ष सेंट्रल बार एसोसिएशन, वाराणसी ने की।
    मा दिनेश आर्य जी ने सभी प्रबुद्ध जनों का बहुत बहुत आभार व्यक्त किया और सभी लोगों को बोल रहे थे कि आप सभी सम्मानित एव समस्त मानव जाति को अपने घर खेत बगीचा कहीं भी जहां उचित लगे सभी एक पेड़ जरूर लगाए अपने नाम पर जिससे पर्यावरण की सुरक्षा हो सके

    ई ख़बर संवादाता आनन्द सिंह अहरौरा

    पंचकूला: सर्व कल्याण चैरिटेबल ट्रस्ट के भंडारे में 700 से अधिक भक्तों ने लिया प्रसाद

    हरियाणा/ पंचकूला: पंचकूला में सर्व कल्याण चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित साप्ताहिक भंडारे में इस बार कुछ खास नजारा देखने को मिला। इस मंगलवार को समाज सेविका स्नेहा दास ने अपने पति तिमिर वरुण दास के अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की मंगल कामना के लिए भंडारे का आयोजन किया। भंडारे में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने इस बार नया कीर्तिमान स्थापित किया, जहां 700 से अधिक लोगों ने इस अद्वितीय प्रसाद का आनंद लिया।

    भंडारे में पूरी, खीर, चना पनीर, अचारी आलू, चावल और लड्डू जैसे विभिन्न व्यंजनों की व्यवस्था की गई थी, जिसने वहां उपस्थित सभी भक्तों का दिल जीत लिया। श्रद्धालुओं ने प्रसाद पाकर आशीर्वाद लिया और भंडारे की सराहना की।

    सर्व कल्याण चैरिटेबल ट्रस्ट का यह साप्ताहिक भंडारा समाज के लिए एक मिसाल बन चुका है, जहां हर सप्ताह सैकड़ों लोग एक साथ मिलकर भोजन करते हैं और आपसी प्रेम और भाईचारे का संदेश फैलाते हैं। समाज सेविका स्नेहा दास की इस पहल ने लोगों के दिलों में एक नई उम्मीद जगाई है और उनके द्वारा किया गया यह प्रयास सराहनीय है।

    इस भंडारे की सफलता के पीछे ट्रस्ट के सदस्यों और समाज सेवकों का अथक प्रयास है, जो न केवल भंडारे का आयोजन करते हैं बल्कि समाज के हर तबके को एक साथ जोड़ने का कार्य भी करते हैं।

    ई खबर मीडिया के लिए हरियाणा ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

    भाजपा ,सपा पार्टी के सभी प्रतिनिधि सिर्फ दे रहे हैं आश्वासन लेकिन नही हो रहा न्याय ;बब्बन पांडेय

    सरोजनीनगर | राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर के बंथरा क्षेत्र में हुई रितिक पांडेय की हत्या में आए दिन कोई न कोई राजनेता शामिल हो रहे हैं। लेकिन मृतक के पिता का कहना है। की उन्हें सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा हैं उनके पक्ष में कोई भी न्याय नही किया जा रहा हैं 28 जुलाई को ब्राह्मण समाज के सभी पदाधिकारी ने मिल कर बंथरा थाने के बाहर धरना प्रदर्शन कर के मृतक के परिवार की ओर से ज्ञापन दिया था। जिसमे उन्होंने अपनी सात मांगो को रखा हैं। जिस पर प्रशासन की ओर से इब्ने हसन का ट्रांसफर कर गोसाईगंज थाना भेज दिया गया हैं। और बाकी की मांगो को लेकर आज प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक समेत श्री शिव शंकर अवस्थी ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी एवं अधिकारियों से बात कर परिवार को समुचित सुरक्षा दिलवाने तथा परिवार को शस्त्र लाइसेंस दिलवाने का भी आश्वासन दिया । लेकिन मृतक के पिता श्री बब्बन पांडेय जी का कहना हैं की बीती इस घटना के बाद वो खुद के परिवार को असुरक्षित महसूस कर हैं। और यदि उनके साथ पूर्णता न्याय नहीं किया जाएगा। तो वह अपने परिवार को लेकर कही और पलायन कर लेंगे ।

    ब्यूरो रिपोर्ट रजत पांडे