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    रैली जुलूस धरना स्थलों में अस्त्र – शस्त्र का धारण एवं उसका प्रदर्शन तथा अन्य हथियार लेकर चलना भी पूर्णतः प्रतिबंधित

    देवास देवास अनुसूचित जाति वर्ग एवं संगठनों द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आरक्षण को लेकर ” कोटा में कोटा ” निर्धारित करने के निर्देश के विरोध में भारतबंद का आव्हान किया गया है , जिसके क्रम में राजनीतिक दल एवं अन्य संगठनों द्वारा जिले के विभिन्न भागों में रैली , जुलूस एवं ज्ञापन दिये जाने की योजना है । उक्त देशव्यापी आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया जैसे फेसबुक , व्हाट्स एप , एक्स , एसएमएस , इंस्टाग्राम आदि सोशल मिडिया के माध्यमों से सूचनाओं का आदान प्रदान सामान्य प्रक्रिया है लेकिन कुछ शरारती एवं असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक व आपत्तिजनक संदेशों को प्रसारित कर धार्मिक भावनाओं को भड़काने , जातिगत विद्वेष फैलाने , सामाजिक सौहाद्र को ध्वस्त करने की स्थिति उत्पन्न की जा सकती है । इसी प्रकार प्रस्तावित रैली , जूलस एवं धरना स्थलों पर धार्मिक , सामाजिक एवं जातिगत भावनाओं को भड़कानें हेतु आपत्तिजनक नारों , संदेशों के बैनर , पोस्टर , फ्लेक्स , होडिंग झंडे आदि लेकर प्रदर्शन किये जाने की संभावना बन सकती है । ऐसी परिस्थितियों में किसी प्रकार की अप्रिय घटना घटित होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है । ऐसी परिस्थितियों में यह तुष्टि होती है कि जिले में शांति , सुरक्षा व्यवस्था एवं सौहार्द पूर्ण वातावरण बनाये रखने हेतु भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अन्तर्गत सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक व आपत्तिजनक संदेशों को प्रसारित करने तथा रैली , जूलूस आदि के दौरान आपत्तिजनक नारों , संदेशों के बैनर पोस्टर फ्लेक्स आदि लेकर प्रदर्शन किये जाने को पूर्णतः प्रतिबंधित करने के लिए तथा लोक परिशांति बनाये रखने के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री ऋषव गुप्ता देवास जिले की राजस्व सीमान्तर्गत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा -163 के आधीन प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये हैं।
    जारी आदेशानुसार कोई भी व्यक्ति / संस्था विभिन्न इन्टरनेट तथा सोशल मीडिया के प्लेटफार्म जैसे फेसबुक , व्हाट्स एप , एक्स , एसएमएस , इंस्टाग्राम सोशल मिडिया संसाधनों का उपयोग धार्मिक भावनाओं को भड़काने , जातिगत विद्वेष फैलाने , सामाजिक सौहर्द को ध्वस्त करने सहित कोई भी भ्रामक एवं आपत्तिजनक सूचनाओं के आदान – प्रदान के लिए नहीं करेगा ।
    कोई भी व्यक्ति / संस्था किसी भी वर्ग , धर्म एवं सम्प्रदाय विशेष संबंधी भडकाउ पोस्ट सोशल मीडिया ( फेसबुक वाट्सएप , एक्स आदि ) के माध्यम से पोस्ट नहीं करेगा ना ही कोई व्यक्ति ऐसी किसी पोस्ट को लाइक या फारवर्ड करेगा । ग्रुप एडमिन इस बाबत सूचना अपने यूजर को दे देवें ।
    किसी भी प्रकार के कट – आउट , बैनर , पोस्टर , फ्लेक्स , होर्डिंग्स , झंडे आदि जिन पर किसी भी धर्म , व्यक्ति , सम्प्रदाय , जाति या समुदाय के विरुद्ध नारे या अन्य भडकाऊ भाषा का इस्तेमाल किया गया हो , का प्रकाशन एवं उसका किसी भी स्थल ( निजी एवं सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
    किसी भी भवन / सम्पत्ति ( सार्वजनिक अथवा निजी ) पर आपत्तिजनक भाषा अथवा भडकाऊ नारे लिखा जाना प्रतिबंधित रहेगा । रैली जुलूस धरना स्थलों इत्यादि में अस्त्र – शस्त्र का धारण एवं उसका प्रदर्शन तथा अन्य बोथरे हथियार जैसे लाठी डंडा इत्यादि , धारदार हथियार जैसे तलवार , भाला आदि लेकर चलना भी पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा । रैली , जुलूस धरना स्थलों इत्यादि में ज्वलनशील पदार्थों ( मिट्टी का तेल , पेट्रोल , तैजाब इत्यादि ) को लेकर चलना तथा उनका उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधति रहेगा । आतिशबाजी का प्रयोग भी पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा । कोई भी व्यक्त्ति ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग बगैर सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के नहीं करेगा । संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी / राजस्व अधिकारी / नगरीय व ग्रामीण निकाय के सक्षम अधिकारी भी सामान्य जन एवं संबंधितों को आदेश की सूचना जारी करें । आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता , 2023 की धारा 223 एवं आयुध अधिनियम 1959 के अन्तर्गत दण्डनीय होगा ।

    ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

    नगर के अजा अजजा ने भारत बंद का समर्थन करते राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

    देवास पीपलरावां| सुप्रीम कोर्ट के एससी आरक्षण में क्रिमीलेयर लागू करने की अनुमति दिए जाने के विरोध में नगर के अजा-अजजा वर्ग ने टीआई कमलसिंह गहलोत को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। शंकर सिंदल ने ज्ञापन का वाचन करते हुए आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की। अम्बाराम मालवीय, सचिन सिंदल, सुनील शिंदे, शाहिद मंसूरी,गजानंद देलमिया, दिलीप मालवीय, संतोष मालवीय, दिनेश सिंदल, कैलाश चंद्र शिंदे मिस्त्री सुनील मालवीय अादि मौजूद थे।

    ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

    कोविड में लिया काम, अब क्यों निकाल दिया’:लखनऊ में डिप्टी CM आवास पहुंचे स्वास्थ्यकर्मी; नहीं हुई मुलाकात

    लखनऊ | लखनऊ में गुरुवार सुबह सैकड़ों संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने डिप्टी CM ब्रजेश पाठक के आवास का घेराव किया। वे डिप्टी CM के आवास के बाहर लाइन लगाकर बैठ गए और नौकरी बहाल करने की मांग करने लगे। वहीं, यूपी NHM के 17,000 स्वास्थ्य संविदा वेटिंग के अभ्यर्थी भी प्रदर्शन में शामिल हुए।मौके पर बढ़ती भीड़ और हंगामे को देखते हुए लोकल पुलिस के साथ एक गाड़ी PAC तैनात कर दी गई है। डिप्टी CM के आवास पर हंगामे जैसे हालात बने, लेकिन भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद संविदाकर्मी शांतिपूर्वक विरोध-प्रदर्शन किया। करीब 11.45 बजे डिप्टी CM उनसे बिना मिले आवास से निकल गए और प्रदर्शकारियों को पुलिस ने आवास से हटा दिया।स्वास्थ्य संविदा कर्मचारियों का कहना है, कि नौकरी जाने के बाद हम सड़क पर आ गए हैं।

    हमारे परिवारों के सामने आजीविका का संकट आ गया। हमने इतने साल तक काम किया, लेकिन अब हमें निकाल दिया गया। कोरोना काल जैसी भयानक महामारी में हमने जान जोखिम में डालकर काम किया, अब हमारे साथ अन्याय हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हम यहां करीब 15 बार आ चुके हैं। हर बार सिर्फ आश्वासन दिया जाता है। नौकरी जाने से हम बेरोजगार हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं हो रही है, इसलिए अपनी बात डिप्टी CM और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक तक पहुंचाने के लिए लखनऊ आए हैं।कर्मचारियों ने कहा कि हमें हर बार आश्वासन मिला कि आप लोगों को नहीं निकाला जाएगा। यह भी आश्वासन मिला कि आप सबका कहीं न कहीं समायोजन किया जाएगा। किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। पूरे प्रदेश में करीब 7 हजार 200 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी हैं।गुरुवार को कोविड संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ ही यूपी NHM के 17,000 संविदा भर्ती वेटिंग को लेकर भी सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थी प्रदर्शन करने पहुंचे। वे भी डिप्टी सीएम के आवास का घेराव करने में शामिल रहे। इसके बाद शांतिपूर्वक धरना-प्रदर्शन शुरू किया।इनका कहना है कि यूपी NHM 17000 संविदा भर्ती का नोटिफिकेशन नवंबर 2022 में जारी किया गया था, लेकिन अभी तक वेंटिग लिस्ट क्लियर नहीं की गई। दावा किया गया था कि 6 महीने के अंदर जो भी वैकेंसी आएगी, उसमें ज्वाइनिंग कराई जाएगी। 8 महीने बीत जाने के बाद भी वेटिंग लिस्ट वालों की नियुक्ति नहीं हो पाई।प्रदर्शनकारियों ने कहा, पद खाली हैं, फिर भी ज्वाइनिंग नहीं कराई जा रही है। हमने मुख्यमंत्री से लेकर डिप्टी CM तक को ज्ञापन दिया, लेकिन कोई हल नहीं निकला। आयोग दावा कर रहा है कि पद खाली हैं। हमारी मांग है कि जब पद खाली हैं, तो फिर नियुक्तियां क्यों नहीं की जा रही।

    ब्यूरो रिपोर्ट रजत पांडे

    आशीष कुमार ने मीडिया के माध्यम से सुरक्षा और न्याय की अपील की

    उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के बांडी रोड गांव के निवासी आशिष कुमार प्रसाद ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी प्रीति कुमारी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। आशिष कुमार ने बताया कि उनकी शादी प्रीति कुमारी से 10 साल पहले हुई थी, लेकिन अब वह उनके साथ नहीं रहना चाहती और तीन बार उनके घर से भाग चुकी है। प्रीति कुमारी बलिया जिले के बड़े गांव की निवासी हैं और उनके पिता का नाम राजन मिस्त्री है।

    आशिष कुमार ने आरोप लगाया कि जब भी वे प्रीति को वापस लाने जाते हैं, उनके साले उनके साथ मारपीट करते हैं। प्रीति कुमारी ने उनके छोटे बच्चों की जिंदगी को भी प्रभावित किया है। आशिष ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों को इंग्लिश स्कूल में दाखिला कराया था, लेकिन प्रीति कुमारी बच्चों को घर पर ही छोड़कर अपने मायके चली गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रीति कुमारी ने उनकी मां के साथ भी मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकियां दी हैं।

    आशिष कुमार ने पुलिस प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है और कहा है कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे थाने के सामने आत्महत्या की धमकी देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भविष्य में उन्हें या उनके परिवार को कोई नुकसान होता है, तो इसके लिए प्रीति कुमारी, उसके चाचा और पिता जिम्मेदार होंगे। आशिष कुमार ने मीडिया के माध्यम से सरकार से सुरक्षा की अपील की है और जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है।

    प्रीति कुमारी ने पति को जान से मारने की धमकी दी: बलिया का मामला

    बलिया जिले के बांडी रोड गांव के निवासी आशीष कुमार प्रसाद ने मीडिया के माध्यम से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। आशीष ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी प्रीति कुमारी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है और उनकी छोटी बच्चों की स्थिति भी खराब कर दी है। उन्होंने बताया कि प्रीति कुमारी पिछले सात महीने से अपने मायके में रह रही है और उनके साथ मारपीट की है।

    आशीष कुमार ने कहा कि प्रीति कुमारी ने उनके माता-पिता को भी धमकाया है और उनके साले उनके साथ मारपीट करते हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आग्रह किया है कि उनकी सुरक्षा की जाए और मामले की शीघ्र जांच की जाए। आशीष ने मीडिया के माध्यम से कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे थाने के सामने आत्महत्या की धमकी देंगे। उन्होंने सरकार और संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

    ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

    परिवार का रो-रो कर हुआ बुरा हाल अपने 14 वर्षीय लाल प्रियांशु गोस्वामी की एक झलक पाने के लिए तड़प रहें माता पिता !

    आम जनता से लगाई गुहार , उनके बेटे को खोजने में मदद करें |
    यह प्यारा बच्चा पिछले 10/08/24 से बैल पड़ाव, रामनगर , चंदौली-यूपी से लापता है | अगर किसी सज्जन को कोई जानकारी मिले तो इन नंबरों पर 9927174157-7017067797 ज़रूर संपर्क करें | सूचना देने वाले को परिवार की तरफ से 25 हजार का इनाम दिया जाएगा!
    मदद नहीं कर सकते इंसानियत का फर्ज अदा करते हुए शेयर करके दुआ ज़रूर कर दें आपका एक शेयर किसी दुखी परिवार के चेहरे पर मुस्कान ला सकता है!

    ई खबर मीडिया के लिए सौरभ त्रिपाठी  की रिपोर्ट

    अहमदाबाद की महिला लता 41 वर्ष, झांसी रेलवे स्टेशन से लापता

    अहमदाबाद की निवासी लता (उम्र 41 वर्ष) 27 जुलाई 2024 को अयोध्या कैंट से झांसी रेलवे स्टेशन पहुंची, लेकिन उसके बाद से वह लापता है। लता को ग्राम बाबा पुरवा, पोस्ट देवगांव पहुंचना था, लेकिन वह वहां नहीं पहुंची। परिजनों ने झांसी रेलवे स्टेशन पर उसकी तलाश की, लेकिन वहां से कोई सुराग नहीं मिला।

    लता के पति तेज बहादुर यादव ने मीडिया के माध्यम से अपनी पत्नी की गुमशुदगी की सूचना दी है और उसकी खोजबीन में मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि लता के लापता होने की रिपोर्ट लिखाने पर एएफआईआर दर्ज नहीं की गई। जीआरपी और स्थानीय पुलिस भी मदद करने में असमर्थ रही है। एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन किसी भी पुलिस थाने ने एफआईआर दर्ज नहीं की है।

    तेज बहादुर यादव ने यूपी से लेकर अहमदाबाद तक हर जगह मदद के लिए गुहार लगाई, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक परिणाम नहीं मिला है। लता की गुमशुदगी की सूचना देने वाले के लिए उचित इनाम रखा गया है। किसी को भी इस मामले में जानकारी हो तो कृपया संपर्क करें:

    *पता:* तेज बहादुर यादव, ग्राम बाबा पुरवा, पोस्ट देवगांव, थाना कुमारगंज, तहसील मिल्कीपुर, जिला अयोध्या, यूपी

    फोन नंबर: 9671110032, 9601505218

    कृपया इस खबर को साझा करें और किसी भी जानकारी के लिए संपर्क करें ताकि एक परिवार की खोई हुई सदस्य को जल्द से जल्द ढूंढा जा सके।

    ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

    पीड़ित परिवार ने मीडिया के माध्यम से इंसाफ की गुहार लगाई

    प्रयागराज: एक पीड़ित परिवार ने मीडिया के माध्यम से न्याय की मांग की है। पीड़िता, जो वर्तमान में अस्पताल में भर्ती है, के परिवार ने आरोप लगाया है कि उनके साथ जानलेवा हमला किया गया है और न्याय के लिए वे दर-दर भटक रहे हैं।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, 10 अगस्त 2024 को सुबह लगभग 11 बजे, आरोपियों ने सगीता बिन्द और उसके परिवार के ऊपर जानलेवा हमला किया। आरोपियों में जरीवन्ध, विरेन्द, धीरज, राज कुमार, सुरज, रोहित, सन्तरा देवी, रेशम, और शिला शामिल हैं। आरोप है कि इन लोगों ने लाठी से हमला किया, जिससे जय देवी बिन्द को गंभीर चोटें आईं और वह गर्भवती हैं। आरोपियों ने पहले भी जान से मारने की धमकियाँ दी थीं और घर में घुसकर गालियाँ दीं और पिटाई की।

    पीड़िता ने पुलिस से FIR दर्ज करने की गुहार लगाई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़ित परिवार ने अब मीडिया के माध्यम से सरकार से मदद की अपील की है।

    आवश्यक सूचना: संगीत बिन्द की शिकायत के अनुसार, उनके पति का 31 मई 2022 को सड़क दुर्घटना के दौरान लाल साहब बिन्द और उसके परिवार द्वारा शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न किया गया था। पीड़ित परिवार को बार-बार धमकियाँ मिल रही हैं और आर्थिक मुआवजे की भी मांग की जा रही है।

    प्रभारी निरीक्षक, थाना हण्डिया ने मामले की गंभीरता से जांच का आश्वासन दिया है।
    परंतु पीड़ित परिवार का आरोप नहीं हुई आज तक कोई कार्यवाही अंत में लिया मीडिया का सहारा पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी लगाया सवालिया निशान।

    ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

     

    इंस्टाग्राम रील्स के माध्यम से जसोदा छूना चाहती हैं नई ऊंचाइयां

    सीतापुर बिहार: सीतापुर गांव की 15 वर्षीय जसोदा ने अपने छोटे से गांव से निकलकर सोशल मीडिया पर धूम मचा दी है। जसोदा ने अपने परिवार की गरीबी को दूर करने और एक नई पहचान बनाने के सपने को साकार करने के लिए इंस्टाग्राम पर @jashoda5483 नाम से अपना अकाउंट बनाया। उनकी रील्स सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, और लोग उन्हें सोशल मीडिया क्वीन के नाम से पुकारने लगे हैं।

    जसोदा को अपने परिवार का पूरा समर्थन प्राप्त है। उनके पिता चंदेश्वर पासवान और माता सीता देवी ने उनके इस सफर में उन्हें हर संभव मदद की है। अब जसोदा यूट्यूब पर भी अपना चैनल शुरू करने की योजना बना रही हैं, जिससे वह अपने गांव, तहसील, और राज्य का नाम रोशन कर सकें।

    बिहार के सीतापुर गांव की 15 वर्षीय जसोदा का सोशल मीडिया पर धमाल: गरीबी को चुराई नई पहचान

    हाल ही में, जसोदा ने 1536 सब्सक्राइबर्स का मील का पत्थर पार किया है। उन्होंने अपने फॉलोअर्स के प्रति आभार व्यक्त करते हुए एक वीडियो भी साझा किया है। जसोदा का सपना है कि उनके वीडियो और रील्स को ज्यादा से ज्यादा लोग देखें, लाइक करें, और शेयर करें।

    हम सबको चाहिए कि जसोदा के इस प्रेरणादायक सफर में उनका समर्थन करें। उनके साथ जुड़ें, उन्हें प्रोत्साहित करें, और उनके सपनों को साकार करने में मदद करें।

    ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

     

    उन्नाव में भूमि कब्जे का विवाद: पीड़ित ने मुख्यमंत्री से की न्याय की अपील

    उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के ग्राम कौटी में दबंगों द्वारा एक प्लॉट पर कब्जे और निर्माण कार्य में बाधा डालने का मामला सामने आया है। पीड़ित रामचन्द्र पुत्र स्व. गंगादीन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है।

    रामचन्द्र के अनुसार, उन्होंने बीस वर्ष पूर्व अपने प्लॉट पर 25 यूकेलिप्टस के पेड़ लगाए थे और नींव डालकर निर्माण कार्य शुरू किया था। लेकिन 20 जनवरी 2024 को कुछ दबंगों ने जेसीबी मशीन से आकर उनके पेड़ उखाड़ दिए, नींव तोड़ दी और ईंटें उठा लीं। शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस और प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

    रामचन्द्र ने एसडीएम और अन्य अधिकारियों से भी संपर्क किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनके प्लॉट की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

    रामचन्द्र की अपील:
    “अगर प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता, तो मैं उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार करूंगा।”

    स्थान: ग्राम कौटी, थाना – अचलगंज, तहसील – उन्नाव, जिला उन्नाव

    दबंगों द्वारा कब्जा कर प्लॉट पर निर्माण रोकने का मामला

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एक प्लॉट पर कब्जा करने और निर्माण कार्य रोकने का मामला सामने आया है। रामचन्द्र पुत्र स्व. गंगादीन, निवासी ग्राम कौटी, ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि दबंगों ने उनके प्लॉट पर जबरदस्ती कब्जा कर लिया है।

    रामचन्द्र के अनुसार, उन्होंने बीस वर्ष पहले ग्राम कौटी में स्थित सं0 1410 के प्लॉट में 25 यूकेलिप्टस के पेड़ लगाए थे और चारों ओर नींव बनाकर लिन्टर बांध दिया था। 20 जनवरी 2024 को सुबह करीब 10 बजे, गांव के कुछ दबंग, जिनमें उत्कर्ष पुत्र रामचन्द्र, सुरेन्द्र पुत्र अलोपी, अजीत पुत्र सुरेन्द्र, राजेन्द्र पुत्र अलोपी, विनीत, अमित और संजू पुत्रगण प्रदीप सेठ शामिल थे, जेसीबी के साथ आए और पेड़ उखाड़ दिए, नींव तोड़ दी और इंटों को उठा लिया।

    रामचन्द्र ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक, तहसील समाधान दिवस, और जिलाधिकारी से भी संपर्क किया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।

    रामचन्द्र ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि उपरोक्त अभियुक्तों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाए और उनके प्लॉट का निर्माण सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक सहायता प्रदान की जाए।

    रामचन्द्र ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि उपरोक्त अभियुक्तों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाए और उनके प्लॉट का निर्माण सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक सहायता प्रदान की जाए।

    रामचन्द्र पुत्र स्व० गंगादीन, ग्राम कौटी, थाना – अचलगंज, तहसील – अचलगंज, जिला उन्नाव

    जब गांव के ही निवासी उत्कर्ष पुत्र रामचन्द्र, सुरेन्द्र पुत्र अलोपी, अजीत पुत्र सुरेन्द्र व राजेन्द्र पुत्र अलोपी तथा विनीत. अमित व संजू पुत्रगण प्रदीप सेठ नि० अचलगंज एकराय होकर जे०सी०बी० के साथ आये और मेरे यूकेलिप्टस के पेड़ों को काट डाला नींव तोड़ दी तथा ईंटें बीन लिये। प्रार्थी के मना करने पर भी नहीं हटे तमाम अन्य लोग दौड़ कर आये किन्तु इन्होने कार्य बन्द नही किया तथा मेरी नींव तोड़कर अपना सहन्न बना लिया तथा नींव में लगे हुये तीन हजार इंटे उठा लिया।
    रामचंद्र ने बताया कि वह हमारे बच्चों के ऊपर स्कॉर्पियो चढ़ा दिया था मेरे परिवार पर आए दिन हो रहे जानलेवा हमले और फिर बच्चों को मरहम पट्टी करवाई सिलसिला यहीं तक नहीं रुक अब अपराधी किस्म के रोग मेरे और मेरे परिवार के जान के दुश्मन बने हुए हैं पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लग रहा है नहीं मिल रहा है अंत में रामचंद्र ने मीडिया से मदद की लगाई गुहार

    रामचंद्र ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि वह सारी जगह अपनी शिकायतें दर्ज करवा चुके हैं पुलिस चौकी से लेकर एसडीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत पत्र भेज चुके हैं पर आज तक नहीं हुई कोई कार्यवाही जो कार्यवाही होती है वह सब एक तरफ होती है वही रामचंद्र ने मीडिया के माध्यम से सरकार से मदद की गुहार लगाई है तथा कहां है कि दोषियों से मेरी जमीन को छुड़वाया जाए और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलवाई जाए वही जानकारी देते हुए रामचंद्र ने बताया :-जब पुलिस द्वारा रिपोर्ट लगाई जाती है तो वह एक तरफ रिपोर्ट लगाकर भेज दी जाती है और हमारा उसमें कोई सहयोग नहीं रहता और पक्षों से पूछ कर कोई भी रिपोर्ट नहीं बनाई जाती एक तरफ रिपोर्ट बनाकर भेज दिया जाता है जब कहीं से न्याय की उम्मीद नजर नहीं आई तो मीडिया का सहारा लेते हुए रामचंद्र ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

    ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

    गोरखपुर में 6 दिन से लापता पति, पत्नी ने मीडिया के जरिए सरकार से लगाई मदद की गुहार

    आज हम आपके सामने एक बेहद चिंताजनक मामला लेकर आए हैं, जो उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के माडापार उत्तर टोला इलाके से जुड़ा है।

    पिछले 6 दिनों से एक युवक, जिसका नाम राहुल कुमार है, अचानक लापता हो गया है। इस मामले में उसकी पत्नी पुष्पा ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुष्पा ने बताया कि राहुल, जो कि काम के सिलसिले में कंपनी गया था, वहां से गायब हो गया। पुलिस से मदद मांगने के बावजूद, मामले की जांच में कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।

    राहुल कुमार, पिता गोपी गौड़, गोरखपुर के माडापार उत्तर टोला के निवासी हैं, जिनकी जन्म तिथि 01/01/1997 है। उनके अचानक गायब होने से पूरा परिवार बुरी तरह से चिंतित है।

    पुष्पा, जो जमगाई, औराही, मुरेलादिह, सोनभद्र की रहने वाली हैं, ने मीडिया के माध्यम से बताया कि उनके पति राहुल ने उनके नाम से ₹50,000 का लोन लिया था। इस लोन को लेने के लिए उसने पुष्पा के माता-पिता द्वारा दिए गए गहने गिरवी रख दिए थे।

    इससे भी बड़ी बात यह है कि राहुल लोन की अदायगी नहीं कर रहा था, और अक्सर दोनों के बीच झगड़े होते थे। जब वह शराब पीकर घर लौटता था, तो मारपीट भी करता था।

    जब पुष्पा ने राहुल के घरवालों से उसके बारे में जानने की कोशिश की, तो घरवालों ने कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया।

    अब सवाल उठता है कि आखिर राहुल कहां गायब हो गया? क्यों पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच नहीं कर रही है? और आखिर क्यों राहुल के घरवाले इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं?

    दोस्तों, यह मामला बेहद गंभीर है और हमें इस पर ध्यान देना चाहिए। मीडिया ने अब इस मामले को उजागर किया है और पुलिस से त्वरित और निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। हम उम्मीद करते हैं कि जल्द ही राहुल का पता चलेगा और पीड़िता पुष्पा को न्याय मिलेगा।