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    सोनीपत के लहराडा गांव में परेशान परिवारों ने महिला के आतंक से मुक्ति की अपील की

    आज हम बात करेंगे सोनीपत के लहराडा गांव की एक गंभीर समस्या की, जहाँ एक परिवार और उनके पड़ोसी लगातार हो रही परेशानियों से त्रस्त हैं और न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

    रेखा, जो कि राजेश जी की पत्नी हैं, उन्होंने मीडिया के माध्यम से अपनी व्यथा को साझा किया है। उनका कहना है कि उनकी नंद, सोनिया, जो कि अपने ससुराल में न रहकर किसी अन्य आदमी के साथ रहती है, न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे पड़ोस के लिए एक बड़ा संकट बन चुकी है।

    सोनिया पर आरोप है कि उसने अपने ससुर के मकान पर जबरन कब्जा कर लिया है और अब उसे बेचने की कोशिश कर रही है। इतना ही नहीं, वह आए दिन रेखा और उनके पड़ोसियों के खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज कराती है, जिससे उनका जीना दूभर हो गया है।

    रेखा ने बताया कि सोनिया के घर पर आने वाले लोग अश्लील गतिविधियों में लिप्त रहते हैं, गंदे गाने बजाते हैं, और खुलेआम नहाते हैं, जिससे पूरे मोहल्ले के लोग मानसिक रूप से परेशान हो गए हैं। ये सब करते हुए सोनिया उन्हें धमकाती है कि वह सभी को खत्म कर देगी।

    इस स्थिति से न केवल रेखा और उनका परिवार, बल्कि पूरे मोहल्ले के लोग बेहद परेशान हैं। इनमें सुमित, सुदेश, रोशनी, शंकर, नीता, बाला, राजबाला, जगदीश, रिना, सुनीता, सरोज, कुशम, सीमा, शिला, और गीता शामिल हैं। सभी को अपनी जान-माल और इज्जत का खतरा महसूस हो रहा है।

     

    रेखा और उनके पड़ोसियों ने एसपी सोनीपत को पत्र लिखकर सोनिया के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने सरकार से अपील की है कि इस समस्या का समाधान जल्द से जल्द निकाला जाए, ताकि उनके परिवार और पड़ोसियों को इस डर और तनाव से मुक्ति मिल सके।

    इस पूरे मामले में पीड़ित परिवार और पड़ोसियों ने मीडिया के माध्यम से अपनी सुरक्षा की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।

    मिर्जापुर के दो छोटे स्टार्स का सोशल मीडिया पर धमाल: गरीबी को जल्द मात देने को तैयार!”

    आज हम आपको मिर्जापुर के दो होनहार बच्चों ने सोशल मीडिया पर धमाल मचाने को तैयार , जल्द गरीबी को दे सकते हैं मात

    उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के थाना जमालपुर के प्रतापपुर गांव के दो छोटे बच्चे, चिराग पासवान और अजय पासवान, इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं। ये दोनों बच्चे, जो मात्र 5 से 6 वर्ष के हैं, अपनी कला और हौसले से सोशल मीडिया की दुनिया में छा गए हैं। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले इन बच्चों की मां, पूजा देवी, जो शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं, और पिता, चंदन पासवान, ने जानकारी देते हुए बताया कि वे बनारस में रहते हैं और वहीं से दोनों बच्चों ने सोशल मीडिया को अपना हथियार बनाकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने का बीड़ा उठाया है।

    चिराग और अजय को उनके माता-पिता का भरपूर समर्थन मिला है। इन बच्चों ने यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफार्मों पर अपनी पहचान बनाई है। खासकर इंस्टाग्राम पर @quail.505147 नाम से अपने अकाउंट पर रील्स के माध्यम से उन्होंने इंटरनेट पर धूम मचा दी है। उनकी रील्स तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे लोग उन्हें ‘सोशल मीडिया स्टार्स’ के नाम से जानने लगे हैं।

    इनका सफर यहीं नहीं रुका। उन्होंने यूट्यूब पर भी अपना चैनल शुरू किया है और हाल ही में, उन्होंने 22 सब्सक्राइबर्स का आंकड़ा पार किया है। इसके लिए उन्होंने अपने फॉलोअर्स के प्रति आभार व्यक्त करते हुए एक वीडियो भी साझा किया है।

    पूजा देवी का सपना है कि उनके बच्चों के वीडियो और रील्स को ज्यादा से ज्यादा लोग देखें, लाइक करें, और शेयर करें, ताकि वे अपने गांव और राज्य का नाम रोशन कर सकें।

    मिर्जापुर के इन होनहार बच्चों की प्रेरणादायक कहानी, न केवल उनकी मेहनत और प्रतिभा को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि अगर हौसला और समर्थन मिले तो किसी भी चुनौती को मात दी जा सकती है। आप भी इन बच्चों के सफर में उनका साथ दें, उन्हें प्रोत्साहित करें, और उनके सपनों को साकार करने में मदद करें।

    नगर परिषद पीपलरावा में पार्षदों का आक्रोष ।

    देवास/पीपलरााँ। जिले की नगर परिषद पीपलरावा के 10 से अधिक पार्षद पहुंचे देवास कलेक्टर कार्यालय, नगर परिषद अध्यक्ष कविता शमां को पद से हटाने की लेकर देवास जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता को दिया आवेदन आविश्वास प्रस्ताव को लेकर देवास कलेक्टर और पार्षद गणों की हुई चर्चा, कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने पार्षदों को दिया नगर परिषद पीपलरावा को मौजूदा अध्यक्ष सुश्री कविता देवनारायण शर्मा के खिलाफ पार्षदों में आक्रोश व्यक्त है और इसी आक्रोश के चलते मंगलवार को 15 पार्षदों में से 10 असंतुष्ट पार्षदों ने मंगलवार को देवास पहुंचकर कलेक्टर ऋषव गुप्ता को आविश्वास हेतु आवेदन पत्र प्रस्तुत किया असंतुष्ट पार्षदों के अनुसार नगर परिषद अध्यक्ष ने नगर में स्वीकृतविभिन्न लोकहित व विकास कार्यों को पूर्ण न किए जाने और योजनाओं की जानकारी नहीं देने प्रति दो माह में होने वाली पार्षदों की बैठक को कार्यकाल शुरू होने से लेकर आज दिनांक तक नहीं कराए जाने एवं वित्तिय जानकारी पार्षदों से छुपाने तथा साझा न करने आदि अनियमिताएं एवं नियमों का पालन नहीं करने के विरोध में अविश्वास प्रस्ताव लाया जा रहा है इन असंतुष्ट पार्षदों में अमीना बाई हाडा, अनिल आदिवासी, ज्योति गुप्ता, टीना कुशवाह, साकिर खा,

    मोनिका भावसार, शानू राठौर, झन्नु बाई शिद, राधे बरेठा, तथा ममता बाई बिलवान, शामिल है पार्षदों ने कलेक्टर को इस विषय में संज्ञान लेने तथा कार्यवाही करने का आग्रह किया गया है उधर कलेक्टर ऋषय गुप्ता ने बताया कि हाल ही में राज्य में हुए नियमों के बदलाव के अंतर्गत किसी भी आविश्वास प्रस्ताव को संबंधित कार्यकाल के तीन वर्ष के बाद प्रस्ताव करने तथा तीन चौथाई बहुमत होना अनिवार्य है इन्हीं बदलाव के आधार पर नियम अनुसार आगे की कार्यवाई की जाएगी गौरतलब है कि नगर परिषद की मौजूदा अध्यक्ष सुश्री कविता शर्मा जाति प्रमाण पत्र को लेकर भी काफी विवादित रही है और अब 10 पार्षदों ने एकजुट होकर अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है अब देखना यह है कि नए नियमों के तहत असंतुष्ट पार्षद बाजी मारते हैं या फिर अध्यक्ष अपना कार्यकाल पूरा करने में सफल होती है…..?

     ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

     

    गरीबी से संघर्षरत कवि भगवान कोचले की अनसुनी दास्तां: गाँव से मुंबई तक का सफर

    मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर तहसील के ग्राम विटामली के निवासी भगवान कोचले (उम्र 46 वर्ष) ने अपनी कला और साहित्य के माध्यम से अपने परिवार की गरीबी को दूर करने का संकल्प लिया है। भगवान कोचले, जो पढ़ाई में छठवीं कक्षा तक ही पहुंचे, अपने गाँव और तहसील का नाम रोशन करने का सपना देख रहे हैं। उनका कहना है कि वे अब तक 20 से अधिक कविताएँ लिख चुके हैं और मुंबई में भी काम कर चुके हैं।

    भगवान कोचले के पिता, देवचन्द कोचले का निधन हो चुका है, और उनकी माता, कलाबाई, की देखभाल का जिम्मा भी उनके कंधों पर है। वे खेती और मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। उनकी पत्नी संतोष बाई कोचले हैं और उनके चार बच्चे हैं, जिनमें से एक लड़का और एक लड़की की शादी हो चुकी है। बाकी दो बच्चों की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर है।

    भगवान कोचले ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि वे अपनी कविताओं और पेंटिंग्स के माध्यम से एक नई पहचान बनाना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि उनकी कविताओं को सही मूल्य मिले, जिससे वे अपने परिवार को गरीबी से उबार सकें और समाज में एक विशेष स्थान बना सकें।

    भगवान कोचले का शौक कविता, पेंटिंग और देश सेवा से जुड़ा हुआ है। वे अपनी कविताओं में समाज के विभिन्न पहलुओं को उजागर करते हैं, और उनके शब्दों में किसान की पीड़ा, संघर्ष और उम्मीदों की गहरी छाप दिखाई देती है। उनकी एक कविता की कुछ पंक्तियाँ हैं:

    “किश्मत देखो किसान की,
    > मर्जी है इन्द्र भगवान की,
    > हुकूमत चलेगी बइमान की,
    > झूठे नारे क्यों लगाते जय जवान जय किसान की,
    > किश्मत देखो किसान की,
    > राजमहल में बैठे क्या जाने संसार की।”

    भगवान कोचले ने अपनी कला को आगे बढ़ाने के लिए समाज से सहयोग की अपील की है। उनका कहना है कि अगर उनकी कविताओं और पेंटिंग्स को उचित प्रोत्साहन और समर्थन मिले, तो वे अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं और अपने गाँव, राज्य और तहसील का नाम रोशन कर सकते हैं।

    भगवान कोचले का कहना है कि उनके छोटे भाई, मानसिंह कोचले, भी उनका साथ दे रहे हैं, और वे दोनों मिलकर अपने परिवार को एक बेहतर भविष्य देने की कोशिश कर रहे हैं।

    भगवान कोचले की कविताओं में जीवन की सच्चाई और संघर्ष की कहानी झलकती है, और वे अपने शब्दों के माध्यम से समाज के हर वर्ग के लोगों को प्रेरित करना चाहते हैं। उनकी यह कहानी हम सभी के लिए एक प्रेरणा है कि चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों, अगर हमारे पास संकल्प और साहस हो, तो हम अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।

    साहित्यकार भगवान कोचले: संघर्षों के बीच नई पहचान की तलाश

    मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के ग्राम विटामली के 46 वर्षीय साहित्यकार भगवान कोचले ने अब तक 20 से अधिक कविताएँ लिखी हैं, जिनमें समाज की समस्याओं और किसानों की दुर्दशा को मार्मिक रूप से प्रस्तुत किया गया है। गरीबी से जूझते हुए, भगवान कोचले अपने परिवार का जीवन-यापन बड़ी मुश्किल से कर रहे हैं। वे अपनी कविताओं और पेंटिंग्स के माध्यम से एक नई पहचान बनाना चाहते हैं। भगवान कोचले का सपना है कि उनकी कविताओं को सही मंच मिले, जिससे वे अपने गाँव और राज्य का नाम रोशन कर सकें और साहित्यिक जगत में अपना महत्वपूर्ण स्थान बना सकें।

    ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

    गोरखपुर से 16 दिनों से लापता युवक का रहस्य: पुलिस जांच पर सवाल!

    आज हम आपके सामने एक बेहद चिंताजनक मामला लेकर आए हैं, जो उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के माडापार उत्तर टोला इलाके से जुड़ा है।

    पिछले 16 दिनों से एक युवक, जिसका नाम राहुल कुमार है, अचानक लापता हो गया है। इस मामले में उसकी पत्नी पुष्पा ने पारडी पुलिस स्टेशन में 16 अगस्त 2024 को रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुष्पा ने बताया कि राहुल, जो काम के सिलसिले में कंपनी गया था, वहां से अचानक गायब हो गया। पुलिस से मदद मांगने के बावजूद, मामले की जांच में कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।

    राहुल कुमार, पिता गोपी गौड़, गोरखपुर के माडापार उत्तर टोला के निवासी हैं। उनके अचानक गायब होने से पूरा परिवार बुरी तरह से चिंतित है। पुष्पा, जो जमगाई, औराही, मुरेलादिह, सोनभद्र की रहने वाली हैं, ने मीडिया के माध्यम से बताया कि उनके पति राहुल ने उनके नाम से ₹50,000 का लोन लिया था, और इस लोन के लिए उसने पुष्पा के माता-पिता द्वारा दिए गए गहने गिरवी रख दिए थे।

    इससे भी बड़ी बात यह है कि राहुल लोन की अदायगी नहीं कर रहा था, और अक्सर दोनों के बीच झगड़े होते थे। जब वह शराब पीकर घर लौटता था, तो मारपीट भी करता था। जब पुष्पा ने राहुल के घरवालों से उसके बारे में जानने की कोशिश की, तो उन्होंने कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया।

    अब सवाल उठता है कि आखिर राहुल कहां गायब हो गया? क्यों पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच नहीं कर रही है? और आखिर क्यों राहुल के घरवाले इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं?

    दोस्तों, यह मामला बेहद गंभीर है और हमें इस पर ध्यान देना चाहिए। मीडिया ने अब इस मामले को उजागर किया है और पुलिस से त्वरित और निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। हम उम्मीद करते हैं कि जल्द ही राहुल का पता चलेगा और पीड़िता पुष्पा को न्याय मिलेगा।

    फिरोजाबाद: सिरसागंज थाना क्षेत्र के गाँव दरिगापुर भारौल में हत्या का मामला, पुलिस कार्रवाई पर सवाल

    फिरोजाबाद के सिरसागंज थाना क्षेत्र के गाँव दरिगापुर भारौल में एक दिल दहलाने वाली घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। यहाँ पर एक परिवार को अत्यंत गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, जहां आरोपित खुलेआम गाँव में घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार की जान को खतरा है।

    18 जनवरी 2024 को अजय कुमार के बड़े भाई विनय सिंह की हत्या के बाद से पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। लेकिन, अब तक पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। आरोप है कि इस हत्या को प्रधान सुरेश कुमार, नरेंद्र, संजय, रिशी और ओम प्रकाश ने मिलकर अंजाम दिया। आरोपियों ने अब पीड़ित परिवार को धमकियाँ देकर उन्हें खामोश करने की कोशिश की है।

    पीड़ित परिवार का कहना है कि यह हत्या पुरानी रंजिश और सरकारी आवास से नाम कटवाने की साजिश का परिणाम है। मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन से इंसाफ की अपील की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

    अजय कुमार ने मीडिया को बताया कि वह अब अपने घर पर भी नहीं जा पा रहे हैं क्योंकि वहां ताला लगा हुआ है और आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकियाँ दे रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री और सरकार से सुरक्षा की अपील की है और कहा है कि उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। अजय ने यह भी कहा कि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाए ताकि गरीब पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल सके।

     

    यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि शासन, प्रशासन और पुलिस प्रशासन की नाकामी के कारण पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल रहा है।

    हम सबका कर्तव्य है कि हम इस घटना के खिलाफ आवाज उठाएं और पीड़ित परिवार के साथ खड़े हों। आइए, हम सब मिलकर इस लड़ाई में उनका साथ दें और इस मामले को उजागर करें ताकि दोषियों को सजा मिले और पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल सके।

    ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

    विनोद अस्पताल पर लापरवाही का आरोप: मरीज के पैर में संक्रमण, न्याय की मांग

    लखनऊ। गोमती नगर विस्तार स्थित विनोद अस्पताल के खिलाफ नीरज नामक एक मरीज ने गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। नीरज, जो सहजापुर, थाना-महोली, जिला सीतापुर के निवासी हैं और फिलहाल कौशलपुरी कॉलोनी, गोमती नगर विस्तार, लखनऊ में सब्जी का ठेला लगाकर अपना जीवन यापन करते हैं, ने मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी, अपर पुलिस आयुक्त, क्षेत्राधिकारी और थानाध्यक्ष को एक शिकायत पत्र भेजा है। इस पत्र में नीरज ने विनोद अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही और धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।

    नीरज ने बताया कि 28 अप्रैल 2022 को गड़रियन पुरवा स्थित नाले के पास उनका बैटरी रिक्शा पलट गया था, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका पैर टूट गया। उनकी पत्नी और कुछ अन्य लोग उन्हें तुरंत गीतापुरी कॉलोनी स्थित विनोद अस्पताल, खरागापुर, गोमती नगर विस्तार, लखनऊ ले गए। अस्पताल में उन्हें भर्ती किया गया, जहां इलाज के लिए 60,000 रुपये जमा कराए गए, लेकिन उन्हें दवाइयों की पूरी रसीदें नहीं दी गईं।

    नीरज का कहना है कि इलाज के दौरान उन्हें असहनीय दर्द से गुजरना पड़ा, फिर भी उन्हें सही इलाज नहीं मिला। 29 अप्रैल 2022 को ग्रीन सिटी अस्पताल, कुर्सी रोड से उनके पैर का ऑपरेशन कराया गया और फिर से विनोद अस्पताल में लाया गया। यहां नीरज से एम्बुलेंस और एक्स-रे का खर्चा भी वसूला गया। कुल 14 दिनों तक अस्पताल में रहने के बाद भी नीरज की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। उन्हें बार-बार दर्द निवारक इंजेक्शन दिए गए और आश्वासन दिया गया कि 10 दिनों के अंदर वे चलने लगेंगे। लेकिन जब उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ, तो उन्हें यह कहकर डिस्चार्ज कर दिया गया कि वे घर पर रहकर ठीक हो जाएंगे।

    डिस्चार्ज के समय नीरज के परिवार से 10,000 रुपये और वसूले गए, लेकिन जब उन्होंने जमा की गई राशि की रसीदें मांगीं, तो उन्हें धमकी दी गई कि यदि ज्यादा चालाकी दिखाई, तो उनकी जिंदगी खराब कर दी जाएगी। डिस्चार्ज होने के बाद नीरज 14 मई 2023 को हेल्थ सिटी अस्पताल गए, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनके पैर में संक्रमण हो गया है और उनका ऑपरेशन करना पड़ेगा। इस स्थिति में उनका छह बार ऑपरेशन किया गया।

    सहजापुर, सीतापुर निवासी नीरज (35) ने विनोद अस्पताल, गोमती नगर विस्तार, लखनऊ पर लापरवाही और धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री और अन्य अधिकारियों को शिकायत पत्र भेजा है। 28 अप्रैल 2022 को बैटरी रिक्शा पलटने से नीरज के पैर में गंभीर चोट आई, जिसके इलाज के लिए उन्होंने 60,000 रुपये जमा किए। नीरज का आरोप है कि इलाज में लापरवाही बरती गई, और डिस्चार्ज के बाद उनके पैर में संक्रमण हो गया, जिससे छह बार ऑपरेशन करना पड़ा। जब नीरज ने अस्पताल से जमा राशि की रसीदें मांगीं, तो उन्हें धमकाया गया। अब नीरज ने सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

    नीरज ने मीडिया के माध्यम से सरकार से अपील की है कि विनोद अस्पताल के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य मरीज के साथ ऐसी लापरवाही और धोखाधड़ी न हो।

     

    ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

    न्याय की आस में दर-दर भटक रहे वकील यादव, रेलवे स्टेशन पर नियुक्ति में हो रही देरी से आहत।

    हावड़ा रेलवे स्टेशन पर पार्सल पोर्टर के रूप में कार्यरत वकील यादव ने अपनी नियुक्ति में हो रही देरी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। वकील यादव का कहना है कि सन् 2003 में माननीय उच्च न्यायालय ने 310 पार्सल पोर्टरों को सरकारी तौर पर नियुक्त करने का आदेश दिया था। इस आदेश के तहत कई लोगों की नियुक्ति हुई, लेकिन वकील यादव सहित कुछ अन्य लोग अब भी नियुक्ति के इंतजार में हैं।

    उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना का आरोप
    वकील यादव के अनुसार, वर्ष 2010 और 2015 में दोबारा उच्च न्यायालय से आदेश मिलने के बावजूद उनकी नियुक्ति नहीं हो सकी। इस दौरान 312 अन्य व्यक्तियों को नौकरी दी गई, लेकिन वकील यादव को अनदेखा किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया गया है और उनकी न्यायिक अधिकारों की उपेक्षा की गई है।

    मंत्री के हस्तक्षेप के बावजूद सुनवाई नहीं
    वकील यादव ने बताया कि सन् 2020 में माननीय मंत्री श्रीमान पशुपति कुमार पारस के पैड पर लिखे गए आवेदन के बावजूद उनकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि 2021 में 13 अन्य व्यक्तियों की नियुक्ति की गई, जिनके मामले अभी भी अदालत में लंबित हैं। इसके बावजूद, वकील यादव को नौकरी से वंचित रखा गया।

    डी.सी.एम रेलवें हावड़ा से न्याय की अपील
    वकील यादव ने डी.सी.एम रेलवें हावड़ा से अपनी नियुक्ति की अपील की है। उन्होंने उच्चतम न्यायालय के आदेशों का सम्मान करने की मांग की है और जल्द से जल्द उन्हें न्याय देने की गुहार लगाई है। वकील यादव का कहना है कि वह अब दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो गए हैं और उनके पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है।

    वकील यादव का दर्द
    पीड़ित वकील यादव ने मीडिया के माध्यम से अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा, “मैं न्याय की आस में कई सालों से भटक रहा हूं। उच्च न्यायालय ने मेरे जैसे कई पार्सल पोर्टरों को नियुक्त करने का आदेश दिया था, लेकिन मुझे अब तक न्याय नहीं मिला। मेरी गुहार सुनने वाला कोई नहीं है।”

    आवेदन और संपर्क जानकारी
    वकील यादव, पिता स्व. चलकु यादव, ग्राम ओसाई, थाना बिहिया, जिला भोजपुर, बिहार।
    प्रेषित करने का स्थान: 34/3, जे. रोड, बेलगछिया, पी.ओ: दासनगर, पी.एस: लिलुआह।
    मोबाइल: 9804500452

    वकील यादव की इस स्थिति ने रेलवे में हो रही नियुक्तियों की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह देखना होगा कि क्या उन्हें न्याय मिल पाएगा या वह इसी तरह दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर रहेंगे।

     

    ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

     

    कलेक्टर श्री गुप्‍ता की अध्यक्षता में समय-सीमा संबंधी बैठक आयोजित।

    देवास कलेक्‍टर श्री ऋषव गुप्‍ता की अध्यक्षता में समय-सीमा संबंधी लंबित पत्रों के निराकरण की प्रगति तथा अंतरविभागीय समन्वय से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में संपन्न हुई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री हिमांशु प्रजापति, अपर कलेक्‍टर श्री प्रवीण फुलपगारे, एसडीएम देवास श्री बिहारी सिंह, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती प्रियंका मिमरोट, एसडीएम टोंकखुर्द श्री कन्‍हैयालाल तिलवारी, डिप्‍टी कलेक्‍टर श्री संजीव सक्‍सेना, डिप्‍टी कलेक्‍टर श्री अभिषेक सिंह, डिप्‍टी कलेक्‍टर श्री अभिषेक शर्मा सहित अन्य विभागों के जिला अधिकारीगण उपस्थित थे। समय-सीमा बैठक में विकासखण्ड स्‍तरीय अधिकारी वर्चुअल शामिल हुए।

    बैठक में कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने टीएल प्रकरणों की विभागवार समीक्षा कर टीएल प्रकरणों को समय-सीमा में निराकृ‍त करने के निर्देश दिये। कलेक्‍टर श्री ऋषव गुप्‍ता ने कहा कि जिले में राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और राजस्व अभिलेख त्रुटियों को ठीक करने के लिए 31 अगस्त तक राजस्व महाअभियान-2 चलाया जा रहा है। राजस्व महाअभियान में सभी राजस्‍व अधिकारी राजस्व प्रकरणों का त्वरित निराकरण करें। बैठक में कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता, सीईओ जिला पंचायत श्री प्रजापति, अपर कलेक्‍टर श्री फुलपगारे सहित अन्‍य अधिकारियों ने जनसम्‍पर्क अधिकारी श्री आनंद मोहन गुप्‍ता की आगामी 31 अगस्‍त को सेवानिवृत्ति होने पर सम्‍मान साल-श्रीफल भेंट कर सम्‍मान किया।

    कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने कहा कि राजस्‍व अधिकारी अपने क्षेत्रों का निरंतर निरीक्षण करें। एसडीएम और तहसीलदार मैदानी क्षेत्र का भ्रमण कर राजस्व महा अभियान में की जा रही कार्रवाई की मॉनिटरिंग करें। राजस्व महाअभियान-2 में राजस्व विभाग की सेवाए नामांतरण, बंटवारा, स्वामित्व योजना, पीएम/सीएम किसान योजना, रिकॉर्ड शुद्धिकरण आदि के हितग्राहियों को लाभ वितरण किया जा रहा है।

    कलेक्टर श्री गुप्ता ने निर्देश दिए कि जिले में यूजर ग्रुप को मत्स्य बीज वितरण 31 अगस्‍त करें। कलेक्टर श्री गुप्ता ने जल जीवन मिशन की समीक्षा की तथा कहा कि जल जीवन मिशन के कार्य को समय सीमा में पूर्ण करें। नल जल योजना के तहत लगे बोरिंग में पानी संग्रहण करने के लिए वाटर हॉर्वेस्टिंग सहित अन्य विधियों का उपयोग करें, जिससे की उनका वाटर लेवल बना रहे। पुलिया और रपटों की रिपेरिंग करें। बरसात के पानी के बहाव में जो लकड़ी और कचरा जमा हो गया है, उसे पुलिया और रपटे से हटाये।

    कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने जिले में एनआरसी में भर्ती बच्‍चों की जानकारी लेकर सभी एसडीएम को नियमित रूप से मॉनिटरिंग के निर्देश दिये। कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने कहा ईकेवायसी कार्य के लिए शिविरों का आयोजन करें। कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, न्‍यायालय में लम्बित प्रकरण, स्‍वामित्‍व योजना और मेरी शाला सम्‍पूर्ण शाला अभियान में प्रगति की समीक्षा कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये।

    कलेक्टरगुप्ता ने अधिकारियों को दिया नर्देश

    देवास कलेक्‍टर श्री गुप्ता ने सीएम हेल्पलाइन की प्रगति की समीक्षा की। कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों को अगले लेवल में न जाने दें, पहली प्राथमिकता रखते हुए शिकायतों का त्वरित निराकरण करें। कोई भी शिकायत अनअटेंडेंट नहीं रहे।

    कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने कहा कि सभी विभाग सीएम हेल्‍पलाइन पर लम्बित शिकायतों का निराकरण संतुष्टिपूर्वक करें। सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का एल-1 पर ही निराकरण करें। कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने कहा कि 100 दिवस से अधिक एक भी शिकायत लम्बित नहीं रहना चाहिए। शिकायतों का निराकरण नहीं करने पर संबंधित अधिकारी पर कार्यवाही की जायेगी।

                                                                                                      ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

    रुखसार ने पति रफीक के खिलाफ शिकायत, 15 साल की शादी में आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप

    नन्द नगरी, दिल्ली:
    नन्द नगरी थाना क्षेत्र की रहने वाली रुखसार, पत्नी रफीक, ने अपने पति के खिलाफ आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई है। रुखसार ने थाना नन्द नगरी के ACP को लिखे एक पत्र में अपने पति रफीक पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे उनके परिवार की स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है।

    15 साल की शादी और तीन बच्चों की जिम्मेदारी:
    रुखसार ने बताया कि उनकी शादी को 15 साल हो चुके हैं, और इस शादी से उनके तीन बच्चे हैं। उनकी बड़ी बेटी 11 साल की है, और दो बेटे हैं, जिनमें से एक 9 साल का और दूसरा 2 साल का है। रुखसार का कहना है कि शादी के शुरुआती कुछ सालों तक सब कुछ ठीक था, लेकिन धीरे-धीरे उनके पति रफीक का व्यवहार बदलने लगा।

    पति पर आर्थिक जिम्मेदारियों से भागने का आरोप:
    रुखसार ने अपने पति पर आरोप लगाया है कि वह एक प्राइवेट नौकरी करता है और रोजाना करीब 7,000 रुपये कमाता है। इसके बावजूद वह न तो घर के खर्चों में सहयोग करता है, और न ही बच्चों की परवरिश के लिए पैसे देता है। रुखसार ने बताया कि कई बार ऐसा हुआ है जब उनके पति बिना कोई जानकारी दिए घर छोड़कर चले जाते थे और कई दिनों तक वापस नहीं आते थे।

    दो लाख रुपये की धोखाधड़ी:

    रुखसार ने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले उनके पति ने उनसे 2,00,000 रुपये की मांग की थी, जिसे उसने अपने भरोसे के कारण दे दिया। पति ने कहा था कि वह यह पैसे कमेटी से आया हुआ बता रहा था और जल्द ही वापस कर देगा। लेकिन 26 मार्च 2024 की रात 1 बजे के बाद से रफीक अचानक घर से गायब हो गया। रुखसार ने बताया कि वह रात में अचानक घर से फरार हो गया और तब से उसका कोई पता नहीं चल पाया है।

    मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना का शिकार:

    रुखसार ने बताया कि उनके पति रफीक ने उन्हें हमेशा आर्थिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया है। वह घर के खर्चों को उठाने में नाकाम रहा और बच्चों की देखभाल का भी कोई जिम्मा नहीं लिया। रुखसार का कहना है कि इतने सालों तक उन्होंने सहन किया, लेकिन अब स्थिति असहनीय हो चुकी है।

    रुखसार ने पति पर लगाए गंभीर आरोप, मीडिया से न्याय की गुहार

    नन्द नगरी, दिल्ली:
    रुखसार, निवासी नन्द नगरी, ने अपने पति रफीक के खिलाफ आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। 15 साल की शादी और तीन बच्चों के बाद भी रफीक ने परिवार की जिम्मेदारियों से भागते हुए रुखसार से दो लाख रुपये लेकर फरार हो गया। रुखसार ने नन्द नगरी थाने में शिकायत दर्ज कराई है और अब न्याय की उम्मीद में मीडिया से सहयोग की गुहार लगाई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। रुखसार ने अन्य महिलाओं से भी अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील की है।

    न्याय की गुहार:
    रुखसार ने ACP नन्द नगरी से इस मामले की गंभीरता से जांच करने और उनके पति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अपने पति पर धोखाधड़ी, परिवार की उपेक्षा और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है।

    पुलिस की कार्यवाही:
    थाना नन्द नगरी की पुलिस ने रुखसार की शिकायत दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस रफीक की तलाश कर रही है और इस मामले में सभी कानूनी पहलुओं पर गौर किया जा रहा है। रुखसार ने उम्मीद जताई है कि उन्हें जल्द ही न्याय मिलेगा और उनके बच्चों के भविष्य की सुरक्षा होगी।

    यह मामला समाज में बढ़ती पारिवारिक समस्याओं और घरेलू हिंसा के मुद्दों को भी उजागर करता है। पुलिस की जांच और कानूनी कार्रवाई के बाद ही रफीक की जिम्मेदारी और उसकी गैर-मौजूदगी की असली वजह सामने आ पाएगी।

    ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट