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    कन्याशाला मे प्रतिवर्ष की तरह बालिकाओं को कन्याभोज करवाया ।

    देवास पीपलरावां। मंगलवार को नगर के कन्याशाला संकुल पर त्रेमासिक परीक्षा ख़त्म होने पर प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी शाला के शिक्षक प्रेमनारायण शुक्ला की और से बालिकाओं के लिए कन्या भोज करवाया गया।

    इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी श्री पेठारी जी उपस्थित रहे जिन्होंने बालिकाओं के साथ अपने विचार साझा करते हुए समाज निर्माण मे बालिकाओं की विशेष भूमिका और शिक्षा के क्षेत्र मे अपनी रूचि अनुसार भविष्य निर्माण पर उन्हें मार्गदर्शन दिया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की तथा बालक हायर सेकेंडरी के प्राचार्य श्री एम. एल. अंगोरिया जी उपस्थित थे इसके साथ ही कन्या शाला से प्राचार्य शिवेश चंद्र धाकड़, प्रेमनारायण शुक्ल, लखन शुक्ला, , रोहित धाकड़, रुपेश टेलर, सुनील शिंदे, मुरलिदास बैरागी आदि उपस्थिति रहे।

    ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

    हाथी ने थोड़ा घर 2 लड़की घायल

    सुंदरगढ़ जिला बनाई गॉड रेंज का तोड़ीथा गांव का कोटा सही में कल एक दल बंता हाथी आकर तीन लोग का घर थोड़े हैं इस समय थोड़ा सा एक परिवार का लोग बच गए इस हाथी ने घर तोड़ने के साथ घर की सेट तोड़ दिया था उसकी कारण घर का देवल गिर गया था और घर का अंदर थे दो लड़की इस दो लड़की के ऊपर गिरा हुआ दीवाल गिर गया था उसके कारण दो लड़की घायल हो गए थे खबर पाकर बनाई रेंज का देवाशीष नायक घटनास्थल पर पहुंचकर दो लड़की की उधर की है और चिकित्सा के लिए
    बनाई अस्पताल को भेजे थे

    ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो प्रियरंजन महंत की रिपोर्ट

    गाड़ी चोरी गेम को पकड़ लिया पुलिस 30 बाइक के साथ 7 जिराफ

    सुंदरगढ़ जिला राउरकेला आज 11:00 बजे समय में राउरकेला का प्रमाण पूर्वक कोएडा और K.बलांग पुलिस को मिला है बड़ा सफलता गाड़ी चोरी गैंग को पकड़ने में सफल हुए हैं पुलिस बाइक चोरी करने वाला को ने 7 आदमी को जिराफ करके 30 बाइक को जपत किए हैं, जिराफ हुए 7 आदमी बीच से 1 पश्चिम बंगा क्या था और 6 आदमी उड़ीसा का अलग-अलग जिला का है बोल के पता चला है 2 साल से कोएडा और K.बलांग से जोड़ा हम गए थे बाइक चोरी,

    क्योझर, जोड़ा और झारखंड आंचल में छुपा के बाइक को रोक के डुकाटी काम में बाइक को व्यवहार करते थे इस बाइक चोर, ज्यादा दिन से लेकर ट्रैकिंग करने के बाद कोएडा और K. बालांगो पुलिस को सफलता मिला है इसी को लेकर आज राहुल केला डीआईजी आरोही अध्यक्ष बृजेश कुमार राय संबंधित सम्मेलन करके संपूर्ण तथ्य प्रदान किए हैं

    ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो प्रियरंजन महंत की रिपोर्ट

    ओपेरा जाने की समय पलट गया बोलेरो 4 घायल

    सुंदरगढ़ जिला बनाईगॉड जंगला आंचल से कुछ लोग कल रात में सरसरा गांव का लोग ओपेरा देखने के लिए जा रहे थे इस समय बनाई थाना का के ना बेटा में बोलेरो पलट गया उसी में था 4 लोक घायल हुए हैं तुरंत इस को बने हॉस्पिटल को लिया गया था चार लोग से 2 लोक गंभीरतारा से घायल होने की कारण से राहुल किला मेडिकल को भेजा गया आज सुबह 8:00 बनाई पुलिस इस बोलोरो को जगत करके घटना को तड़ंत कर रहे हैं

    ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो प्रियरंजन महंत की रिपोर्ट

    जनसुनवाई में आवेदकों ने कलेक्टर श्री गुप्ता को बताई अपनी समस्याएं

    देवास जिला मुख्यालय पर मंगलवार को कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता ने जनसुनवाई की। जनसुनवाई में आवेदकों ने अपने आवेदन कलेक्टर श्री गुप्ता के समक्ष प्रस्तुत किए। आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए कलेक्टर श्री गुप्ता ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों के जिला अधिकारीगण उपस्थित थे।

    प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाये

    जनसुनवाई में आवेदिका सीमा गोमदान निवासी देवास ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के संबंध में आवेदन दिया। आवेदन पर सुनवाई करते हुए कलेक्टर श्री गुप्ता ने संबंधित अधिकारी को नियमानुसार निराकरण के निर्देश दिये।

    जमीन का सीमांकन कराया जाए

    जनसुनवाई में आवेदक रामेश्‍वर पाटीदार ने जमीन के सीमांकन के लिए आवेदन दिया। आवेदन पर सुनवाई करते हुए कलेक्टर श्री गुप्ता ने संबंधित अधिकारी को नियमानुसार निराकरण के निर्देश दिये।

    अधिक ध्‍वनि विस्‍तारक यंत्रो पर प्रतिबंध लगाया जाये

    जनसुनवाई में आवेदकों ने ध्‍वनि प्रदूषण रोकने के लिए अधिक ध्‍वनि विस्‍तारक यंत्रो पर प्रतिबंध लगाने के संबंध में आवेदन दिया। आवेदन पर सुनवाई करते हुए कलेक्टर श्री गुप्ता ने संबंधित अधिकारी को नियमानुसार निराकरण के निर्देश दिये।

    आवास कुटी का लाभ दिलाया जाए

    जनसुनवाई में आवेदक गेंदालाल पिता हीरालाल सोलंकी निवासी खरेली ने आवास कुटी का लाभ दिलाने के संबंध में आवेदन दिया। आवेदन पर सुनवाई करते हुए कलेक्टर श्री गुप्ता ने संबंधित अधिकारी को नियमानुसार निराकरण के निर्देश दिये।

    ये आवेदन भी हुए प्राप्त

    जनसुनवाई में जमीन के सीमाकंन, बिजली बिल कम कराने, नामाकंन, बंटवारा, रास्ते पर से अतिक्रमण हटाने, अतिक्रमण हटवाने, नालियों की साफ-सफाई करने सहित अन्य आवेदन पर संबंधित विभाग के अधिकारियों को जांच कर त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

    ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

     

    आबकारी विभाग ने बागली वृत्‍त में मोटर साइकिल से 15 लीटर हाथ भट्टी मदिरा जब्त कर एक प्रकरण किया दर्ज

    देवास जिले में आबकारी विभाग अवैध मदिरा संग्रहण, परिवहन और विक्रय के विरूद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में आबकारी विभाग के दल द्वारा वृत्त बागली(अ) में मुखबिर की सूचना पर मोटर साइकिल की विधिवत तलाशी लेने पर 15 लीटर हाथ भट्टी मदिरा जब्त की गई। कार्यवाही में वाहन एवं मदिरा को विधिवत कब्जे में लेकर आरोपी के विरूद्ध मध्य प्रदेश आबकारी अधीनियम की धारा 34(1) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया। जप्त मदिरा एवं वाहन का बाजार मूल्य 28 हजार रूपये है। कार्यवाही में आबकारी उपनिरीक्षक दिनेश भार्गव, आबकारी आरक्षक राजेश जोशी शामिल थे। जिले में आबकारी विभाग द्वारा इस प्रकार की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।

    ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

     

     

    कर्नाटक CM सिद्धारमैया पर जमीन घोटाले का केस चलेगा:हाईकोर्ट ने गवर्नर के आदेश को बरकरार रखा, सिद्धारमैया की याचिका खारिज

    कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ जमीन घोटाले से जुड़े मामले में केस चलेगा। कर्नाटक हाईकोर्ट के जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने मंगलवार को कहा- ‘याचिका में जिन बातों का जिक्र है, उसकी जांच जरूरी है। केस में मुख्यमंत्री का परिवार शामिल है, इसलिए याचिका खारिज की जाती है।’

    राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने 16 अगस्त को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17ए और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 218 के तहत सिद्धारमैया के खिलाफ केस चलाने की अनुमति दी थी। CM ने 19 अगस्त को इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी।

    मैसुरु शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) घोटाले में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उनकी पत्नी, साले और कुछ अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की गई है। एक्टिविस्ट टी. जे. अब्राहम, प्रदीप और स्नेहमयी कृष्णा का आरोप है कि CM ने MUDA अधिकारियों के साथ मिलकर महंगी साइट्स को धोखाधड़ी से हासिल किया।

    सिद्धारमैया की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी और प्रो. रविवर्मा कुमार पेश हुए। राज्यपाल की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पैरवी की। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता शशि किरण शेट्टी ने अपनी दलीलें रखीं। मनिंदर सिंह, प्रभुलिंग के. नवदगी, लक्ष्मी अयंगर, रंगनाथ रेड्डी, के.जी. राघवन सहित अन्य ने शिकायतकर्ताओं की ओर से दलीलें पेश कीं।

    कर्नाटक राज्यपाल सचिवालय की ओर से सिद्धारमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने को लेकर जारी नोटिस।
    कर्नाटक राज्यपाल सचिवालय की ओर से सिद्धारमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने को लेकर जारी नोटिस।

    सिद्धारमैया बोले- सत्य की जीत होगी मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि वे जांच का सामना करने से नहीं डरते, लेकिन कानूनी सलाह लेंगे कि क्या इस मामले में इंवेस्टीकेशन हो सकती है या नहीं।

    उन्होंने आगे कहा कि मैं कानून और संविधान में विश्वास करता हूं। अंत में सच की जीत होगी।

    MUDA केस क्या है साल 1992 में अर्बन डेवलपमेंट संस्थान मैसूर अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MUDA) ने कुछ जमीन रिहायशी इलाके में विकसित करने के लिए किसानों से ली थी। इसके बदले MUDA की इंसेंटिव 50:50 स्कीम के तहत अधिग्रहीत भूमि मालिकों को विकसित भूमि में 50% साइट या एक वैकल्पिक साइट दी गई।

    1992 में MUDA ने इस जमीन को डीनोटिफाई कर कृषि भूमि से अलग किया था। 1998 में अधिगृहीत भूमि का एक हिस्सा MUDA ने किसानों को डीनोटिफाई कर वापस कर दिया। यानी एक बार फिर ये जमीन कृषि की जमीन बन गई।

    3 एकड़ जमीन से जुड़ा है MUDA घोटाला दरअसल, सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती के पास मैसुरु जिले के केसारे गांव में 3 एकड़ और 16 गुंटा जमीन थी। ये जमीन पार्वती के भाई मल्लिकार्जुन ने उन्हें 2010 में गिफ्ट में दी थी। MUDA ने इस जमीन को अधिग्रहण किए बिना ही देवनूर स्टेज 3 लेआउट विकास किया था।

    हालांकि इस जमीन के बदले 2022 में बसवराज बोम्मई सरकार ने पार्वती को साउथ मैसुरु के पॉश इलाके में 14 साइट्स दिए थे। इनका 50:50 अनुपात योजना के तहत कुल 38,283 वर्ग फीट एरिया था।

    MUDA घोटाले को लेकर भाजपा और जेडीएस ने 3 अगस्त से सात दिनों की बेंगलुरु से मैसुरु तक पदयात्रा की। इसमें जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी और कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र भी शामिल हुए।
    MUDA घोटाले को लेकर भाजपा और जेडीएस ने 3 अगस्त से सात दिनों की बेंगलुरु से मैसुरु तक पदयात्रा की। इसमें जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी और कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र भी शामिल हुए।

    सिद्धारमैया पर क्या-क्या आरोप लगे हैं

    • सिद्धारमैया की पत्नी को MUDA की ओर से मुआवजे के तौर पर मिले विजयनगर के प्लॉट की कीमत केसारे गांव की उनकी जमीन से बहुत ज्यादा है।
    • स्नेहमयी कृष्णा ने सिद्धारमैया के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। इसमें उन्होंने सिद्धारमैया पर MUDA साइट को पारिवारिक संपत्ति का दावा करने के लिए डॉक्युमेंट्स में जालसाजी का आरोप लगाया गया है।
    • 1998 से लेकर 2023 तक सिद्धारमैया कर्नाटक में डिप्टी CM या CM जैसे प्रभावशाली पदों पर रहे। भले ही सीधे तौर पर वे इस घोटाले से न जुड़े हों, लेकिन उन्होंने अपने पावर का इस्तेमाल कर करीबी लोगों की मदद की।
    • सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती के भाई मल्लिकार्जुन ने साल 2004 में डेनोटिफाई 3 एकड़ जमीन अवैध रूप से खरीदी थी। 2004-05 में कर्नाटक में फिर कांग्रेस-JDS गठबंधन की सरकार में सिद्धारमैया डिप्टी CM थे।
    • योजना के तहत, जिन लैंड ओनर्स की भूमि MUDA द्वारा अधिग्रहित की गई है। उन्हें मुआवजे के रूप में अधिक मूल्य की वैकल्पिक साइटें आवंटित की गई हैं। साथ ही रियल एस्टेट एजेंट्स को भी इस स्कीम में जमीन दी गई है।
    • भूमि आवंटन घोटाले का खुलासा एक RTI एक्टिविस्ट ने करते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों में 50:50 योजना के तहत 6,000 से अधिक साइटें आवंटित की गई हैं।
    • भाजपा सांसद और प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि यह 3 हजार से 4 हजार करोड़ रुपए का घोटाला है। इसमें सिद्धारमैया का परिवार शामिल है। कांग्रेस इस पर चुप्पी साधे हुए है। राज्यपाल ने जांच के आदेश दिए हैं, उनका शुक्रिया।

    झुग्गी वाले अपने मकान किराए पर दे देते हैं’:भोपाल को झुग्गीमुक्त करने के मुद्दे पर बोलीं महापौर; कहा-इसका प्लान बना रहे

    भोपाल। राजधानी भोपाल को झुग्गी मुक्त करने के लिए विगत दिवस मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने झुग्गियों को हटाने के लिए विस्तृत प्लान बनाने को कहा है। विस्तृत प्लान बनाने से पहले हरिभूमि ने सिटी प्लानर से चर्चा की तो यह तथ्य सामने आए कि कोई भी शहर झुग्गी मुक्त तब तक नहीं हो सकता, जब तक झुग्गी वालों को वर्तमान से बेहतर सुविधाएं नहीं देते हैं, वर्ना यही होता रहेगा जैसे भोपाल सहित अन्य महानगरो में पक्के आवास भी दिए गए और शहर झुग्गी मुक्त भी नहीं हो पाया। जबकि भोपाल में सबसे बड़ी बात यह है कि पक्के मकान जिन लोगों को दिए गए, उन्होंने झुग्गी भी खाली नहीं की। इस व्यवस्था को सुधारने के लिए मकान देते समय ही झुग्गी तोडकर उसका फोटो आवंटित से लेना होगा।

    मुख्यमंत्री द्वारा यह कहा गया कि पहले पीएम आवास वाले भवन तैयार करें और फिर झुग्गियों को खाली कराएं। नियम के अनुसार नगर निगम को मकान आवंटित करने से पहले उसकी झुग्गी को तोड़ने का फोटो भी लगाना चाहिए, जिससे झुग्गी की संख्या कम हो। झुग्गी मुक्त करने के लिए प्लान बनाने का समय अक्टूबर तक का समय है। सिटी प्लानर के अनुसार प्लान तो बन जाएगा, लेकिन अमल करने के लिए यह तय करना होगा कि जहां से झुग्गी हटाना हो उसे तोड़ दिया जाए। साथ ही मकानों की हालत बेहतर हो और आसपास भी सुविधाएं उपलब्ध हों। इसके बाद ही झुग्गी में रहने वाला व्यक्ति मकान में शिफ्ट होने में संकोच नहीं करेगा।

    प्राइम लोकेशन से हटना नहीं चाहते लोग

    रोशनपुरा बस्ती 17 एकड़ में फैली है। यह स्थान ऐसा है कि यहां की आबादी दूर जाना नहीं चाहती। इनके लिए विकसित और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना होगा। उसके बाद उनसे चर्चा करने के बाद ही तैयार करना होगा कि झुग्गी से बेहतर उस स्थान पर रहना अच्छा होगा, जहां उन्हें भेजा जा रहा है। जबकि बाणगंगा सहित करीब 300 एकड़ में फैली 388 बस्ती वालों को उसी स्थान पर मकान चाहिए। इन लोगों को जहां मकान दिए जा रहे हैं, वहां विकास इन्हीं बस्तियों के समान करना होगा।

    झुग्गी कब से बनना शुरू हुईं

    नगर निगम के पूर्व आयुक्त देवी सरन के अनुसार भोपाल में झुग्गियों का चलन उस समय शुरू हुआ, जब अर्जुन सिंह मुख्यमंत्री थे। उस दौरान गांवों व दूसरे शहरों से लोगों को राजधानी में नौकरी की तलाश में आना शुरू हुआ। वर्ष 1980 से पहले भी झुग्गी थीं, लेकिन उनकी संख्या सीमित थी। वर्ष 1980 के बाद पट्टा दिया जाने लगा, तब झुग्गी की संख्या लगातार बढ़ती चली गई।

    झुग्गी बस्ती से बेहतर निर्माण हो

    कोई भी शहर तभी झुग्गी मुक्त हो सकता है, जब झुग्गी को तोड़कर मकान दिया जाए और जहां से व्यक्ति को हटाया जा रहा है, उससे अच्छी व्यवस्था और मकान का निर्माण भी बेहतर हो। इसलिए पीएम आवास बनाने की गति बढ़ाई जाए या झुग्गी को शिफ्ट करने के स्थान को झुग्गी बस्ती से बेहतर डेवलप किया जाए।
    वीपी कुलश्रेष्ठ, पूर्व सिटी प्लानर व राष्ट्रीय सिटी प्लानर एसोसिएशन सदस्य

    दस हजार करोड़ की 650 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा

    शहर को स्लम फ्री बनाने की कवायद एक बार फिर से शुरू होने जा रही है, जिसके तहत मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की हिदायत के बाद चिन्हित 73 झुग्गी बस्तियों के रहवासियों को जेएनएनयूआर प्रोजेक्ट के तहत फ्लैट दिए जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। पुरानी झुग्गी बस्तियां हटाने आसपास जगहों की तलाश की जा रही है।  शहर में अब तक झुग्गियों को हटाने में 1450 करोड़ रुपए खर्च हो गए हैं। शहर में झुग्गी बस्तियों के इलाकों की संख्या 73 तक पहुंच गई है। सबसे ज्यादा झुग्गी वाले देश के टॉप-10 शहरों में भोपाल भी शामिल है। शहर में दस हजार करोड़ की 650 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा करने का अनुमान है।

    निगम के साथ मिलकर स्लम फ्री करेंगे शहर

    शहर में हमारे पास जमीनें कम हैं। जितनी हैं, उन पर पीएम आवास बनाए जा रहे हैं। इसमें से 50 फीसदी स्लम वालों के लिए हैं। नई झुग्गियों की बसाहट रोकने नियमित कार्रवाई की जाती है। निगम के साथ मिलकर शहर को स्लम फ्री बनाने की योजना है।
    कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर

    16 साल से चल रही कवायद

    साल 2008 में जेएनएनयूआर प्रोजेक्ट के तहत 11,500 आवास बनाए गए। जिसमें अर्जुन नगर, मैनिट के पास, कोटरा सुल्तानाबाद नेहरू नगर, 1100 क्वाटर्स शामिल हैं। इन पर करीब 448 करोड़ खर्च हुए, पर अब कलियासोत कैचमेंट के भीतर झुग्गियां बन गईं, जिन्हें मकान मिले, उन्होंने भेल क्षेत्र में भी झुग्गी बना लीं। अब फिर शहर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 14 हजार फ्लैट बनाने का अभियान चल रहा है। इस पर 546 करोड़ खर्च होंगे।

    आष्टा कोटरी में आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मृत्यु पांच घायल

    कोठरी से आ रही है जहां आकसिये बिजली गिरने से तीन की मौत और 5 घायल हुए हे 2 को सीहोर रेफर और 3 को आष्टा भर्ती कराया गया है। आज ग्राम कोठरी में आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई है तथा पांच लोग घायल हुए हैं यह घटना खेत में सोयाबीन काटने के दरमियान हुई है इस दर्दनाक हादसे में जिन लोगों की मौत हुई है उनके परिजनों को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी तथा घायलों को उचित सहायता राशि प्रदान की जाएगी सभी घायलों का सिविल अस्पताल में उच्च इलाज चल रहा है

    ई खबर मीडिया के लिए राजकुमार की रिपोर्ट 

    डायरेक्टर अली अब्बास जफर पर फंड्स के दुरुपयोग का आरोप:पुलिस कम्प्लेन करने गए थे प्रोड्यूसर वासु, FIR दर्ज नहीं हुई; फिल्म BMCM से जुड़ा है मामला

    हाल ही में दैनिक भास्कर ने खुलासा किया था कि पूजा एंटरटेनमेंट के फाउंडर और मशहूर फिल्म प्रोड्यूसर वासु भगनानी ने फिल्म डायरेक्टर अली अब्बास जफर के 7.3 करोड़ रुपए अटका कर रखे हैं।

    अपनी पड़ताल में भास्कर ने पाया था कि अली ने वासु के खिलाफ डायरेक्टर एसोसिएशन में शिकायत भी दर्ज कराई है।

    अली के खिलाफ पुलिस कम्प्लेन करने गए थे वासु इसके बाद वासु ने भी डायरेक्टर अली पर फिल्म ‘बड़े मियां छोटे मियां’ की शूटिंग के दौरान अबू धाबी अधिकारियों से पाए गए सब्सिडी फंड का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। वासु इस मामले में अली के खिलाफ पुलिस कम्प्लेन दर्ज करवाने भी गए थे पर उनकी FIR दर्ज नहीं हुई।

    बेटे जैकी भगनानी के साथ पूजा एंटरटेनमेंट के फाउंडर और प्रोड्यूसर वासु भगनानी।
    बेटे जैकी भगनानी के साथ पूजा एंटरटेनमेंट के फाउंडर और प्रोड्यूसर वासु भगनानी।

    बीएन तिवारी का आरोप: नेटफ्लिक्स ने वासु पर करवाया है फ्रॉड केस भास्कर ने जब इस मामले में फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडियन सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के प्रेसिडेंट बी एन तिवारी से बातचीत की तो उन्होंने एक और बड़ा खुलासा किया।

    बी एन तिवारी ने आरोप लगाया कि नेटफ्लिक्स के साथ कुछ लेन देन का मामला उजागर होने के बाद वासु लंदन भाग गए हैं।

    तिवारी बोले- गिरफ्तारी के डर से लंदन भागे वासु तिवारी ने कहा, ‘वासु बीते 3 सितंबर को अली के खिलाफ FIR दर्ज करवाने के इरादे से बांद्रा पुलिस स्टेशन गए थे पर यहां उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। कमिश्नर ने कहा कि वासु पर पहले से ही नेटफ्लिक्स से फ्रॉड का केस है। वो जल्द उन्हें गिरफ्तार करने वाले थे। जैसे ही मामले की जांच शुरू हुई तो वासु भगनानी लंदन भाग गए।’

    FWICE प्रेसिडेंट बी एन तिवारी।
    FWICE प्रेसिडेंट बी एन तिवारी।

    तीनों ने नहीं दिया कोई जवाब दैनिक भास्कर ने इस मामले में वासु भगनानी, उनके बेटे जैकी भगनानी और डायरेक्टर अली अब्बास जफर से भी बात करने की कोशिश की पर अभी तक तीनों की तरफ से कोई जवाब नहीं आया।

    वहीं वासु की पीआर टीम का भी मामले पर जीरो रिएक्शन है। उनका कहना है कि वासु लंदन नहीं भागे पर जब हमने पूछा कि अगर मुंबई में हैं तो क्या यह खबर झूठी है ? तो इस पर भी टीम ने कोई रिएक्शन नहीं दिया।

    अली ने कहा- मामला एसोसिएशन के पास है इससे पहले दैनिक भास्कर ने 7.3 करोड़ रुपए वाले मामले में अली अब्बास जफर से संपर्क किया था तो उन्होंने कहा था- देखिए, यह मैटर डायरेक्टर एसोसिएशन के पास है। अभी मैं इस पर कुछ नहीं बोल सकता। ये कहते हुए उन्होंने फोन रख दिया था।

    वहीं अली से जुड़े एक करीबी सोर्स ने कहा था- अली नहीं चाहते कि यह बात अभी बाहर आए। उन्हें डर है कि अगर यह बात बाहर आई तो उनका पेमेंट फंस सकता है।

    अली ने वासु के बैनर पूजा एंटरटेनमेंट्स तले फिल्म ‘बड़े मियां छोटे मियां’ का निर्देशन किया था, जिसका पेमेंट उन्हें अब तक नहीं मिला है।
    अली ने वासु के बैनर पूजा एंटरटेनमेंट्स तले फिल्म ‘बड़े मियां छोटे मियां’ का निर्देशन किया था, जिसका पेमेंट उन्हें अब तक नहीं मिला है।

    वासु बोले- ये सभी फिजूल आरोप इस मामले पर भास्कर ने वासु भगनानी का भी पक्ष जानने की कोशिश की थी। वासु ने कहा था- अगर आपको कोई प्रूफ मिलता है, तो आगे बढ़िए। वरना उन लोगों के खिलाफ खबर छापिए जो ऐसे फिजूल के आरोप लगा रहे हैं।’

    वासु ने 1995 में पत्नी पूजा भगनानी के नाम पर प्रोडक्शन कंपनी पूजा एंटरटेनमेंट की शुरुआत की थी। बतौर प्रोड्यूसर उनकी पहली फिल्म 'कुली नंबर 1' थी।
    वासु ने 1995 में पत्नी पूजा भगनानी के नाम पर प्रोडक्शन कंपनी पूजा एंटरटेनमेंट की शुरुआत की थी। बतौर प्रोड्यूसर उनकी पहली फिल्म ‘कुली नंबर 1’ थी।

    बताते चलें कि यह पहली बार नहीं है जब वासु के खिलाफ पेमेंट ना करने की शिकायत की गई है। इससे पहले भी कई बार ऐसा हाे चुका है। ये रहे कुछ मामले..

    क्रू मेंबर्स के 65 लाख भी नहीं चुकाए थे जुलाई 2024 में भी वासु भगनानी को लेकर खबर आई कि उन्होंने अपनी फिल्म में काम करने वाले क्रू मेंबर्स के 65 लाख रुपए नहीं चुकाए।

    इसके लिए फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉई (FWICE) को बीच में आना पड़ा। उसने जब वासु पर दबाव बनाया तब पिछले महीने अगस्त में उन्होंने क्रू मेंबर्स के पैसे चुकाए थे।

    डायरेक्टर टीनू देसाई के 27 लाख नहीं चुकाए इसके अलावा वासु ने अक्षय कुमार स्टारर फिल्म ‘मिशन रानीगंज’ के डायरेक्टर टीनू देसाई के भी 27 लाख रुपए नहीं चुकाए हैं। मिशन रानीगंज पिछले साल अक्टूबर में रिलीज हुई थी। 55 करोड़ के बजट में बनी यह फिल्म अपने बजट की भी भरपाई नहीं कर पाई थी।

    जुलाई 2024 में देश के नामी फिल्ममेकर वासु भगनानी को लेकर खबर आई कि उन्होंने अपनी फिल्म में काम करने वाले क्रू मेंबर्स के 65 लाख रुपए नहीं चुकाए। इसके लिए फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉई (FWICE) को बीच में आना पड़ा।