More
    Home Blog Page 62

    क्रिकेटर मुशीर के एक्सीडेंट की खबर:दावा- कानपुर से लखनऊ आते वक्त हुआ हादसा

    0

    भारत के युवा बल्लेबाज मुशीर खान सड़क दुर्घटना में घायल हो गए हैं. फ्रैक्चर के कारण वो ईरानी कप टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुशीर अपने पिता के साथ कानपुर से लखनऊ जा रहे थे, तभी उनके साथ यह हादसा हो गया. दरअसल, मुशीर मुंबई टीम के साथ लखनऊ नहीं जा रहे थे, बल्कि अपने पिता नौशाद खान के साथ अपने गृहनगर आजमगढ़ से लखनऊ जा रहे थे. यह दुर्घटना लखनऊ जाते समय हुई, जहां उन्हें ईरानी कप मैच से पहले टीम से जुड़ना था.

    इस मामले से जुड़े एक सूत्र ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा है कि , “मुशीर ईरानी कप के लिए मुंबई टीम के साथ लखनऊ नहीं गए थे. दुर्घटना के समय वह शायद अपने पैतृक स्थान आजमगढ़ से अपने पिता के साथ लखनऊ जा रहे थे, उसी दौरान यह घटना हुई है.”

    मुशीर की चोट की गंभीरता के बारे में अभी और जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन यह पुष्टि हो गई है कि वह पूरे ईरानी कप से बाहर रहेंगे.उनकी अनुपस्थिति मुंबई की टीम के लिए एक बड़ा झटका है.

    गर्दन में लगी चोट

    रोड एक्सिडेंट में मुशीर के गर्दन में चोट लगी है. चोट की वजह से लगभग तीन महीने तक क्रिकेट के दूर रह सकते हैं मुशीर खान. ऐसे में अब यह देखना होगा कि ऑस्ट्रेलियाई दौर पर जा सकेंगे या नहीं.

    घरेलू क्रिकेट में शानदार है मुशीर का परफॉर्मेंस

    मुशीर खान पिछले सीजन से घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. इस बल्लेबाज ने दलीप ट्रॉफी में अपने डेब्यू मैच के दौरान भारत ए के खिलाफ शानदार 181 रन की पारी खेलकर तहलका मचा दिया था. अपने लगातार परफॉर्मेंस ने मुशीर ने चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया है.

    वह इस साल के अंत में ऑस्ट्रेलिया में सीनियर भारतीय टीम के साथ इंडिया ए के साथ दौरे पर जाने वाले हैं.  महज 19 साल की उम्र में, मुशीर ने अपनी काबिलियत साबित कर दी है. अहम मैचों में बड़े रन बनाने और दबाव में पारी को संभालने की क्षमता उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य बना रहा हैं.  मुशीर के बारे में यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि वो जल्द भी भारतीय सीनियर टीम की ओर से खेलते दिखेंगे.

    सपा ने महामहिम राष्ट्रपति महोदय जी के नाम खरगापुर तहसीलदार को सोपा ज्ञापन

    सपा ने महामहिम राष्ट्रपति महोदय जी के नाम खरगापुर तहसीलदार को सोपा ज्ञापन__समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी के जिला अध्यक्ष रामकुमार यादव के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी ने महामहिम राष्ट्रपति महोदय जी के नाम खरगापुर तहसीलदार को सोपा ज्ञापन । जिसमे सपा की मांगे इस प्रकार हैं। टीकमगढ़ जिले में अत्यधिक वर्षा होने के कारण किसानों की फैसले मूंग, उड़द, तीली की फसले नष्ट हो गईं हैं। उन किसानों की फसलों का सर्वे कराकर जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए।किसानों को अपनी फसलों का सही समर्थन मूल्य मूंगफली 7000 हजार रुपए, प्रति क्वांटल और सोयाबीन 6000 हजार रुपए प्रति क्वांटल की दर से खरीद की जाए। किसानों के सभी प्रकार की सरकारी कर्ज माफ किए जाएं, शासकीय माध्यमिक स्कूल गुड़ा के चारों ओर बाउंड्री वालों का निर्माण किया जाए, संपूर्ण मध्य प्रदेश में बेरोजगार युवाओं के लिए बेरोजगारी भत्ता प्रदान किया जाए, टीकमगढ़ जिले में एक उद्योग स्थापित किया जाए, शहरों एवं गांव में आवारा घूम रहे पशुओं का उचित प्रबंध किया जाए, नगर पंचायत पलेरा में गौशाला, बस स्टैंड ,श्मशान घाट का निर्माण किया जाए इत्यादि मांगों को लेकर ज्ञापन सोपा। इस मौके पर समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी जिला अध्यक्ष रामकुमार यादव,मोनू अहिरवार, नरेश राजा, जगदीश यादव,अनिल यादव, नीलेश यादव, रविन्द्र यादव, आदि अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

    नीलेश यादव समाचार सूत्र बल्देवगढ़

     

     

    भारत ने PM शहबाज के भाषण को पाखंड बताया:UN में कहा- पाकिस्तान ने बांग्लादेश में नरसंहार किया, अब इंटॉलरेंस की बात कर रहा

    0

    भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में (UNGA) में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के आरोपों का जवाब दिया है। भारतीय राजनयिक भाविका मंगलनंदन ने राइट ऑफ रिप्लाई के तहत पाकिस्तानी PM के भाषण को ‘पाखंड’ बताया।

    भारतीय राजनयिक ने कहा

    राजनयिक भाविका ने कहा कि लंबे समय से दुनिया जानती है कि पाकिस्तान ने सीमा पार आतंकवाद का इस्तेमाल अपने पड़ोसियों के खिलाफ किया है। उन्होंने हमारी संसद, हमारी आर्थिक राजधानी मुंबई, हमारे बाजार और तीर्थयात्रा के रास्तों पर हमले किए हैं। ये लिस्ट बहुत लंबी है।

    भारतीय राजनयिक ने 1971 के नरसंहार की याद दिलाई राजनयिक भाविका ने कहा कि पाकिस्तान जैसे देश के लिए कहीं भी हिंसा के बारे में बात करना सबसे बड़ा पाखंड है। हैरानी वाली बात है कि जिस देश का इतिहास चुनावों में गड़बड़ी वाला है वह एक लोकतंत्र में राजनीतिक विकल्प की बात करता है।

    भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि पाकिस्तान ने बांग्लादेश में 1971 में नरसंहार किया और अभी भी अपने अल्पसंख्यकों पर अत्याचार करता है। अब उनके नेता असहिष्णुता और फोबिया की बात कर रहे हैं।

    भारतीय राजनयिक ने ये भी कहा कि पाकिस्तान की नजर हमारी जमीन पर है। उसने लगातार आतंकवाद का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में चुनावों में किया है।

    शहबाज शरीफ का पुराना कश्मीर राग इससे पहले पाकिस्तान के PM शहबाज शरीफ ने UNGA में कश्मीर का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कश्मीर की तुलना फिलिस्तीन से की थी। अपने 20 मिनट के भाषण में शरीफ ने आर्टिकल 370 और बुरहान वानी का भी जिक्र किया था।

    शरीफ ने कहा था कि भारत अपनी सैन्य ताकत लगातार बढ़ा रहा है। वह इसका इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ कर सकता है। पाकिस्तानी PM ने भारत को चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान, LoC पर किसी भी हमले का जवाब देगा।

    पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 79वें सेशन को संबोधित किया।
    पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 79वें सेशन को संबोधित किया।

    पाकिस्तानी PM बोले- भारत आर्टिकल 370 वापस ले PM शरीफ ने कहा कि कश्मीर में शांति कायम करने के लिए भारत को आर्टिकल 370 का फैसला वापस ले लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन के लोगों की तरह कश्मीर के लोगों ने भी अपनी आजादी लिए एक सदी तक संघर्ष किया।

    शरीफ ने कहा, ‘भारतीय उत्पीड़न के बावजूद कश्मीर के लोग बुरहान वानी की विचारधारा को बरकरार रखते हैं और लगातार लड़ रहे हैं। इस लड़ाई में हम उनके साथ हैं।’

    पाकिस्तानी PM ने दुनिया में बढ़ते इस्लामोफोबिया पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कुरान का अपमान बढ़ गया है। मस्जिदों पर हमले हो रहे हैं। यह एक चिंता का विषय है और हमें इसका मिलकर मुकाबला करना चाहिए।

    शरीफ ने ये भी कहा कि इस्लामोफोबिया की सबसे भयावह स्थिति भारत में है। भारत में हिंदू वर्चस्ववादी एजेंडा हावी है। इसका मकसद 20 करोड़ भारतीय मुसलमानों को कमजोर करना और भारत की इस्लामी विरासत को मिटाना है।

    बेंगलुरु कोर्ट का निर्मला सीतारमण के खिलाफ FIR का आदेश:वित्त मंत्री पर इलेक्टोरल बॉन्ड्स के जरिए जबरन वसूली का आरोप

    बेंगलुरु की एक स्पेशल कोर्ट ने 27 सितंबर को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। वित्त मंत्री पर इलेक्टोरल बॉन्ड्स के जरिए जबरन वसूली का आरोप लगाया गया है।

    जनाधिकार संघर्ष परिषद (JSP) के आदर्श अय्यर ने बेंगलुरु में शिकायत दर्ज कर केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की थी।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने बेंगलुरु के तिलक नगर पुलिस स्टेशन को FIR दर्ज करने का आदेश दिया। अगली सुनवाई 10 अक्टूबर काे होगी।

    अप्रैल 2024 में की थी शिकायत जनाधिकार संघर्ष परिषद ने अप्रैल में 42वीं एसीएमएम कोर्ट में दायर याचिका में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, ED अधिकारियों, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं, तत्कालीन भाजपा कर्नाटक अध्यक्ष नलिन कुमार कटील, बीवाई विजयेंद्र के खिलाफ शिकायत की थी। इस पर शुक्रवार को सुनवाई हुई।

    शिकायत में कहा गया है कि अप्रैल 2019 से अगस्त 2022 तक व्यवसायी अनिल अग्रवाल की फर्म से लगभग 230 करोड़ रुपए और अरबिंदो फार्मेसी से 49 करोड़ रुपए चुनावी बॉन्ड के जरिए वसूले गए।

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- स्कीम असंवैधानिक 15 फरवरी 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक फंडिंग के लिए इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- यह स्कीम असंवैधानिक है। बॉन्ड की गोपनीयता बनाए रखना असंवैधानिक है। यह स्कीम सूचना के अधिकार का उल्लंघन है। कोर्ट ने SBI और चुनाव आयोग को आदेश दिया था कि वह इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ा पूरा डेटा सार्वजनिक करे।

    21 मार्च को डेटा सामने आया। इसमें पता चला था कि 2018 से 2023 तक देश की 771 कंपनियों ने 11,484 करोड़ के बॉन्ड खरीदे थे। ट्रेडिंग कंपनियों ने सबसे ज्यादा 2955 करोड़ रुपए सियासी दलों को दिए।

    डेटा सार्वजनिक हाेने के बाद जुलाई 2024 में भी कॉरपोरेट्स और राजनीतिक दलों के बीच लेन-देन की जांच SIT से करवाने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी।

    वित्त मंत्री ने लोकसभा चुनाव से पहले कहा था- स्कीम वापस लाएंगे लोकसभा चुनाव से पहले वित्त मंत्री ने बॉन्ड स्कीम को दोबारा लाने का संकेत दिया था। निर्मला सीतारमण ने हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि अगर हम सत्ता में आए तो इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम को फिर से वापस लाएंगे। इसके लिए पहले बड़े स्तर पर सुझाव लिए जाएंगे। हालांकि, कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने उनके इस बयान पर कहा था – अब BJP लोगों को और कितना लूटना चाहती है।

    इलेक्टोरल बॉन्ड की शुरुआत 2017 के बजट में उस वक्त के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने चुनावी या इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम को पेश किया था। 2 जनवरी 2018 को केंद्र सरकार ने इसे नोटिफाई किया। ये एक तरह का प्रोमिसरी नोट होता है। जिसे बैंक नोट भी कहते हैं। इसे कोई भी भारतीय नागरिक या कंपनी खरीद सकती है।

    अगर आप इसे खरीदना चाहते हैं तो आपको ये स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की चुनी हुई ब्रांच में मिल जाएगा। इसे खरीदने वाला इस बॉन्ड को अपनी पसंद की पार्टी को डोनेट कर सकता है। बस वो पार्टी इसके लिए एलिजिबल होनी चाहिए।

    क्या है पूरा मामला इस योजना को 2017 में ही चुनौती दी गई थी, लेकिन सुनवाई 2019 में शुरू हुई। 12 अप्रैल 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने सभी पॉलिटिकल पार्टियों को निर्देश दिया कि वे 30 मई, 2019 तक में एक लिफाफे में चुनावी बॉन्ड से जुड़ी सभी जानकारी चुनाव आयोग को दें। हालांकि, कोर्ट ने इस योजना पर रोक नहीं लगाई।

    बाद में दिसंबर, 2019 में याचिकाकर्ता एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने इस योजना पर रोक लगाने के लिए एक आवेदन दिया। इसमें मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से बताया गया कि किस तरह चुनावी बॉन्ड योजना पर चुनाव आयोग और रिजर्व बैंक की चिंताओं को केंद्र सरकार ने दरकिनार किया था।

    इस पर विवाद क्यों 2017 में अरुण जेटली ने इसे पेश करते वक्त दावा किया था कि इससे राजनीतिक पार्टियों को मिलने वाली फंडिंग और चुनाव व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। ब्लैक मनी पर अंकुश लगेगा। दूसरी ओर इसका विरोध करने वालों का कहना है कि इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने वाले की पहचान जाहिर नहीं की जाती है, इससे ये चुनावों में काले धन के इस्तेमाल का जरिया बन सकते हैं।

    कुछ लोगों का आरोप है कि इस स्कीम को बड़े कॉर्पोरेट घरानों को ध्यान में रखकर लाया गया है। इससे ये घराने बिना पहचान उजागर हुए जितनी मर्जी उतना चंदा राजनीतिक पार्टियों को दे सकते हैं।

    भोपाल में डेंगू का प्रकोप, कोलार की हालत खराब:स्कूल, पैथ लैब, अस्पतालों और आपूर्ति बाजार में भी मिला लार्वा, जुर्माना लगाया; 324 पॉजिटिव

    भोपाल में डेंगू का प्रकोप, कोलार की हालत खराब:स्कूल, पैथ लैब, अस्पतालों और आपूर्ति बाजार में भी मिला लार्वा, जुर्माना लगाया; 324 पॉजिटिव इस साल ज्यादा खतरा डेंगू एक चक्रीय पैटर्न पर काम करता है। विशेषज्ञ इस साल ज्यादा खतरे की आशंका जता रहे हैं। राजधानी में साल 2019 में 1,893 मामले डेंगू के दर्ज किए गए थे।

    एमपी के भोपाल शहर में डेंगू के 10 नए मामले सामने आए हैं। डेंगू के मामलों में लगातार हो रही वृद्धि निवासियों के बीच चिंता का विषय बन गई है। अनुमान है कि इस साल मामले 300 के पार भी जा सकते हैं। एमपी हाईकोर्ट ने भोपाल और जबलपुर के नगर निगमों को नोटिस जारी कर डेंगू के मामलों की रिपोर्ट मांगी है।

    जिला अधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवाल

    इस चिंताजनक स्थिति को लेकर जब नवनियुक्त जिला मलेरिया अधिकारी यानि डीएमओ डॉ अर्चना मिश्रा ने अभी तक बढ़ते वेक्टर संक्रमण से निपटने के लिए कोई योजना नहीं दी है। भोपाल में इस साल डेंगू के मामलों की संख्या पिछले साल के रिकॉर्ड को पार कर गई है।

    असफल रही संपर्क

    सितंबर के तीसरे सप्ताह तक 70 मामले थे। पिछले दो हफ्तों से कोशिशों के बावजूद डॉक्टर मिश्रा से संपर्क करने की कोशिशें असफल रही हैं। भोपाल के सीएमएचओ डॉ प्रभाकर तिवारी को जब पिछले हफ्ते स्थिति के बारे में बताया गया तो उन्होंने कहा कि कोविड-19 जैसी दैनिक रिपोर्ट सार्वजनिक डोमेन में जारी की जाएगी। पर पांच दिन बाद भी इस तरह के अपडेट अभी तक नहीं दिए गए हैं।

    बीएमसी का दावा

    वहीं भोपाल नगर निगम यानि बीएमसी ने दावा किया है कि वह वेक्टर जनित बीमारी के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए कदम उठा रहा है। स्थानीय अस्पताल मरीजों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए हाई अलर्ट पर हैं। बीएमसी लोगों से मच्छर भगाने वाली दवाओं का उपयोग करने और स्थिर पानी से बचने सहित आवश्यक सावधानी बरतने का आग्रह कर रही है।

    दुबेस्ता वस तोड़े अतिक्रमण नायब तहसीलदार पर लगाए आरोप ।

    देवास पीपलरावा । गत दिवस ग्राम लकुमडी में शीतला माता मंदिर प्रांगण में शासकीय भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए शिकायत दर्ज कराई थी इस पर कलेक्टर देवास के आदेश अनुसार सोनकच्छ नायब तहसीलदार मौजा पटवारी ग्राम की रिपोर्ट बुलवाई गई लकुंमडी को मौके पर भेज कर मौके की रिपोर्ट जिसमें पटवारी द्वारा स्थल पंचनामा मय प्रतिवेदन के प्रस्तुत किया शासकीय भूमि सर्वेनंबरौ 648 रकबा 052 हेक्टेयर मध्य गोवा में सर्वे न0 0. 015 हैकटेयर 153 , 35 वर्ग मीटर पर मकान बनाकर ग्राम लकुमडी के संदीप उर्फ लखन पिता देवी सिंह राजपूत एवं गणपत सिंह पिता ओंकार सिंह राजपूत निवासी लकुमडी के द्वारा 002 हैकटेयर 25 वर्ग मीटर पर अतिक्रमण की रिपोर्ट प्रस्तुत की, उक्त रिपोर्ट पर से नायब तहसीलदार सोनकच्छ के कार्यालय में उपस्थित हुए लेकिन संदीप उर्फ लाखनसिंह द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया, नायब तहसीलदार सोनकच्छ द्वारा उक्त मकान पर स्थगन आदेश जारी किया गया तथा दोनों को 1,1000 रुपए अर्थदंड लगा कर दिनांक 30/8/ 2024 को आदेश पारित किया ।

    उक्त आदेश के पालन में आज दिनांक 26/9/24 को राजस्व निरीक्षक एवं मौजा पटवारी मय पुलिस बल के सहित मौके पर उपस्थित हुए जहां पर गरीब बी पी एल रेखा के पात्र व्यक्ति गणपत पिता ओंकार सिंह का मकान तोड़कर जमीन दोज कर दिया लेकिन सामने वाले संदीप उर्फ लाखन पिता देवी सिंह द्वारा जो अतिक्रमण किया है को नहीं हटाते, कहां गया कि ऊपर से राजनीतिक दबाव आ गया है इसलिए संदीप का मकान नहीं तोड़ा जा सकता है यह कहकर पुलिस बल व राजस्व निरीक्षक का दल वहां से चले गए, उक्त व्यक्ति गणपत सिंह मदद की गुहार लगाता रहा पर उसकी बात को कोई सुनने वाला नहीं, गणपत सिंह आज मीडिया के माध्यम से अपनी बातश्री मांन जिलाधीश महोदय देवास और कमिश्नर महोदय एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री महोदय को अवगत कराने हेतु आवेदन पत्र को प्रस्तुत किया गया है।
    एचडी गणपत सिंह ।
    इस प्रकार का लिखित आवेदन प्रेस जागरण को दिया गया है ।

    ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

     

    शासकीय महाविद्यालय मैं शतरंज प्रतियोगिता की आयोजित ।

    देवास पीपलरावा । गत दिवस महाविद्यालय पीपलरावा द्वारा जिला स्तरीय शतरंज महिला पुरुष प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें देवास जिले के शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालय के विद्यार्थीओ ने भाग लिया कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी प्राचार्य डॉ दीपक शर्मा द्वारा शुभकामनाएं दी गई एवं बच्चों को खेल भावना से खेलने हेतु प्रेरित किया गया संत सिंगाजी महाविद्यालय के छात्र गुंजन शर्मा पुरुष वर्ग में प्रथम रहे, एवं महिला वर्ग में कुमारी प्रीति दीक्षित प्रथम रही निर्णायक के रूप में पवन यादव उपस्थित रहे एवं चयन समिति में डॉ अरुण कुशवंशी, डॉ विजय सिंह रावत एवं प्रोफेसर अमित चौहान उपस्थित रहे ! प्रतियोगिता आयोजन सचिव क्रीडा अधिकारी डॉक्टर प्रमोद वर्मा रहे ! अंत में महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने छात्र-छात्राओं को आगामी संभाग स्तरीय प्रतियोगिता हेतु बधाई एवं शुभकामनाएं दी ।

    ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

     

    भू माफियाओं का आतंक: दतौली मुगल के मुन्तजिर और उनके बेटे को जान से मारने की धमकी, पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप

    उत्तर प्रदेश के जिला सहारनपुर थाना फतेहपुर ब्लॉक मुजफ्फराबाद पोस्ट ऑफिस बेड़ा संदलसिंह ग्राम दतौली मुगल के मुन्तजिर और उनके परिवार पर भू माफियाओं का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। मुन्तजिर का इकलौता बेटा सनवर इन माफियाओं के निशाने पर है, जिन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि जब मुन्तजिर थाने में शिकायत दर्ज कराने जाते हैं, तो उल्टा पुलिस उन्हें ही जेल भेजने की धमकी देती है। इस घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल है और प्रशासन की लापरवाही की वजह से भ्रष्टाचार का बोलबाला हो रहा है।

    मुन्तजिर ने खुलासा किया कि इस साजिश के पीछे किसी समाचार सेवा के पत्रकार लियाकत पुनडिर का हाथ है। लियाकत पुनडिर, जो खुद को एक सम्मानित पत्रकार के रूप में प्रस्तुत करते हैं, ने मुन्तजिर और गांव के अन्य लोगों से जबरन पैसों की मांग की है। मुन्तजिर ने समाचार सेवा के मालिक से शिकायत की, परन्तु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लियाकत पुनडिर के प्रभाव और पुलिस प्रशासन की मिलीभगत के कारण मुन्तजिर और उनके परिवार को न्याय मिलना मुश्किल हो गया है।

    हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि मुन्तजिर की खसरा नंबर 310 की जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है। मुन्तजिर का कहना है कि लियाकत पुनडिर, सहादत एडवोकेट और इंतजार एडवोकेट ने मिलकर गांव के लोगों को परेशान कर रखा है। गांव के हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि कोई भी इन दबंगों के खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं कर पा रहा है।

    गांव में डर और खौफ का आलम है, और पुलिस प्रशासन जो जनता की सुरक्षा का वचन देता है, वो इन दबंगों के सामने पूरी तरह से नतमस्तक दिखाई देता है। मुन्तजिर और उनका परिवार प्रशासन से लगातार न्याय की गुहार लगा रहा है, पर उनकी हर अपील को नजरअंदाज कर दिया गया है। मुन्तजिर का यह भी कहना है कि अगर जल्द ही इन माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो उनके परिवार की जान को गंभीर खतरा है।

    आखिर कब मिलेगी न्याय की किरण?
    मुन्तजिर और उनके परिवार ने प्रशासन से जल्द से जल्द इन दबंगों और भू माफियाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है, ताकि गांव के लोग राहत की सांस ले सकें। परंतु सवाल यह है कि क्या प्रशासन इन भ्रष्ट पत्रकारों और दबंगों के प्रभाव से बाहर निकलकर मुन्तजिर और उनके परिवार को न्याय दिलाएगा? या फिर यह आतंक यूं ही जारी रहेगा? इसका जवाब पूरे गांव को बेसब्री से इंतजार है।

    ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

     

    हवामान विभाग ने 26 और 27 सप्तेंबर के खिलाब ज्यादा से ज्यादा बारिश की अदावत की है ।

    महेसाना सिटी मे फुल बारिश और ज्यादा पवन के खिलाफ अनेक नुक्सान हुआ है जेसेकी आप देख रहे ही ज्यादा बारिश में और ज्यादा पवन के खिलाफ एक पेड़ नीचे गिरता हुआ दिखाई दे रहा है।

     

    देवरिया: विवाहिता पर पति और ससुरालवालों का उत्पीड़न, धमकी और मारपीट का आरोप

    देवरिया जिले की संजना देवी, जो भटनी बाजार की निवासी हैं, ने अपने पति और ससुरालवालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संजना की शादी थाना भटनी के मायापुर ईमीलिया क्षेत्र में हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही उनके साथ मारपीट और धमकी देने की घटनाएं होने लगीं।

    संजना ने बताया कि उनका पति, सुनील चौहान, शादी के बाद उन्हें सूरत में जो सचिन स्थान पर ले गया और वहाँ मारपीट शुरू कर दी। एक बार तो संजना गर्भवती थीं और उस दौरान भी उनके पति और ससुरालवालों ने उन पर अत्याचार किया। संजना ने अपनी मां से शिकायत की, जिसके बाद मामला थाना गोपालगंज में दर्ज कराया गया। केस चार साल तक चला, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।

    संजना के अनुसार, उनके पति ने उन्हें तीन साल पहले मायके छोड़ दिया था और उनकी खुराकी का भुगतान भी सही से नहीं किया। जब वह सूरत के स्थान सचिन वापस गईं, तो उनके पति ने एक अन्य महिला और पुरुष को लेकर उन पर फिर से हमला किया। उनके पति और ससुरालवालों द्वारा लगातार उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।

    1 जुलाई 2024 को संजना एक बार फिर अपने ससुराल गईं, जहां उनकी देवर देवरानी ने उन्हें खाने में कुछ संदिग्ध वस्तु मिलाकर खिलाने की कोशिश की। इस घटना के बाद घर में विवाद हो गया और संजना की मां को भी चोट पहुंचाई गई। संजना की चाची और दादी ने उन्हें और उनकी मां को गालियाँ दीं और उनके कपड़े तक उतारने की धमकी दी, यह कहते हुए कि वह उन्हें पूरे गांव में घुमाएंगी संजना ने अब प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनके पति और ससुरालवालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए।

    संजना ने मीडिया के माध्यम से लगाई पुलिस और सरकार से मदद की गुहार

    देवरियाः भटनी बाजार की निवासी संजना देवी, जो अपने पति और ससुरालवालों द्वारा लगातार उत्पीड़न और मारपीट का शिकार हो रही हैं, ने अब मीडिया के माध्यम से पुलिस और सरकार से मदद की गुहार लगाई है। संजना ने बताया कि उनकी शादी देवरिया जिले के थाना लटनी के मायापुर ईमीलिया क्षेत्र में हुई थी, लेकिन शादी के बाद से ही उनके साथ दुर्व्यवहार और अत्याचार शुरू हो गया।

    संजना ने कहा कि उनके पति सुनील चौहान उन्हें सचिन ले जाकर मारपीट करते थे और जान से मारने की धमकी देते थे। संजना ने गोपालगंज थाने में केस भी दर्ज कराया था, जो चार साल तक चला, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    संजना का आरोप है कि उनके पति ने उन्हें मायके में छोड़ दिया और खुराकी का भुगतान भी बंद कर दिया। जब वह वापस ससुराल गईं, तो उन्हें एक अन्य महिला और पुरुष के साथ मारपीट कर घर से निकाल दिया गया। ससुरालवालों द्वारा उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है, और उनकी चाची और दादी ने उन्हें अपमानित करने की धमकी तक दी।

    अब संजना ने पुलिस और सरकार से न्याय की मांग की है और अपने पति और ससुरालवालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है।

    ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट