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    गुमशुदा टीका सरकी की तलाश:

    आज मैं आपके सामने एक बेहद दुखद और चिंताजनक मामला लेकर आया हूँ।

    हम बात कर रहे हैं 36 वर्षीय टीका सरकी की, जो करनाली जिले के जुमला की रहने वाली हैं और उनके पति का नाम बली सरकी है। 20 सितंबर को बड़ागांव से, जहां वो किसी जरूरी काम से गई थीं, उसी दिन सुबह 11 बजे के करीब लाल ड्रेस पहने हुए अचानक लापता हो गईं।

    परिवार ने टीका सरकी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वहां उनकी एक न सुनी गई। बार-बार अपील करने के बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। थक-हारकर पीड़ित परिवार ने अब मीडिया का सहारा लिया है और सभी से मदद की गुहार लगाई है।

    परिवार ने अपील की है कि जो भी टीका सरकी के बारे में कोई जानकारी दे सकता है, उसे 5000 रुपये का इनाम दिया जाएगा। अगर किसी को भी कोई सुराग मिले, तो कृपया 6265679129 पर संपर्क करें।

    दोस्तों, यह सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक परिवार की आखिरी उम्मीद है। इस वीडियो को जितना हो सके शेयर करें, ताकि टीका सरकी को सुरक्षित वापस लाया जा सके।

    सोयाबीन फसल पर गिरी गाज, मूसलाधार बारीश से खेतों में तेरती रही डाबिया

    देवास पीपलरावां। पिछले दो दिनों से जारी बारिश ने किसानों के चेहरे पर मुसीबत की लकीरें बढ़ा दी है, सोयाबीन की फसल कटाई का काम चालू ही हुआ था की बारिश ने एक बार फिर किसानो की मुसीबत खड़ी कर दी है जिसके चलते खेत खलिहान में कटे पड़े सोयाबीन खराब हो चुके हैं और सोयाबीन की खड़ी फसल भी अब खराब होने के कगार पर है।सोयाबीन की फसल मे इल्लियो की मार झेलने के बाद अब शुक्रवार को दिन में शुरू हुई तेज बारिश से खेत पानी से पूरी तरह लबालब भर चुके थे और बारिश का यही सिलसिला शनिवार को भी दिनभर जारी रहा जिसमें रुक-रुक कर तेज बारिश आती रही।

    ग्राम घट्टीयाकालां के किसान संतोष धाकड़, पूर्व सरपंच महेश धाकड़, रामबाबू धाकड़, केलाश चंद्र पाठौंदिया, दिव्यांश धाकड़ आदि ने सरकार से ख़राब हुई सोयाबीन की फसल का सर्वे करने और आर्थिक सहायता करने की मांग की है। तेज़ बारिश के कारण शनिवार दोपहर को घट्टीया कलां का नाला उफान पर रहा जिसके कारण सेकड़ो लोग मार्ग अवरुद्ध होने के कारण परेशान रहे। जहां पर मजबूरी बस पुलिस सहायता उपलब्ध कराई गई ।

    ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

     

    अलनूर मस्जिद में सी सी टी वी केमरे लगे ।

    देवास। पीपलरावां । गत दिवस समीपस्थ ग्राम धंधेड़ा में मुस्लिम समाज द्वारा अपने समाज की अलनूर मस्जिद में सीसीटीवी केमरे लेंस होने से पूरे मुस्लिम समाज में खुशी की लहर छा गई है अब कोई भी असामाजिक लोग मस्जिद में प्रवेश नहीं कर पाएंगे, सिर्फ नवाजी मुस्लिम समाज के व्यक्ति ही मस्जिद में प्रवेश कर सकेंगे । पूरे गांव में भी निगरानी हो सकेगी क्योंकि मस्जिद के पास से गुजरने वाला रास्ता गांव का मेंन रास्ता होने के कारण जो भी व्यक्ति गांव में पवेश
    करता वह कैमरे में कैद होकर रह जाएगा इससे पूरे गांव में खुशी की लहर छा गई है। अब कोई भी व्यक्ति मुस्लिम समाज के व्यक्ति पर आक्षैप नहीं लगा पाएंगे । वही गांव वासियों का कहना है कि मुस्लिम समाज के लोगों ने काम किया है वह काबिले तारीफ है जो भी मस्जिद के सामने से निकलेगा शादी का जुलूस हुआ या मोहर्रम का जुलूस सब कैमरे में रिकॉर्ड हो जाएगा। यहां के मुस्लिम समाज के अकरम खा,तयब खा,शारूक खा,जाकिर, रिजवान, इकबाल,जहुर खा, वसिम खा,आजम खा,आशीक खा,अशवाक,कलाम आदि लोगों ने खुशी जाहिर की है ।

    ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

     

    गुमशुदा सूरज की तलाश:

    मामला है कजहा पोस्ट लोकहा थाना जिला सुपौल का स्थाई निवासी है दिनांक 27/0 9/ 2024 को समय करीब 13 बजे लगभग घर से बैंक के लिए निकला जो कि घर वापस नहीं आया

    पिता अंकुश मालाकार ग्राम जानकीनगर थाना जानकी नगर प्रखंड बनमनखी जिला पूर्णिया का निवासी है

    सूरज कुमार अपने नाना नानी के यहां रहता था और अपनी पढ़ाई करता था

    सूरज कुमार के पिता अंकुश मालाकार और उनके नाना ने मीडिया से मदद की गुहार:
    दोनों ने परिवारों ने मीडिया के माध्यम से अपील की है कि सूरज कुमार को खोजने में उनकी मदद की जाए अगर किसी को भी सूरज कुमार के बारे में कोई जानकारी मिले तो कृपया करके तुरंत संपर्क करें सूचना देने वाले को ₹5000 का इनाम भी दिया जाएगा

    इन नंबरों पर संपर्क करें 8580819163,9229706831

    शादी के एक महीने बाद पत्नी ने छोड़ा घर, विक्रम की भावुक अपील – क्या अनु लौटेगी?

    आज की हमारी ख़बर है मुजफ्फरपुर जिले के विक्रम कुमार की दर्द भरी कहानी।

    दोस्तों, विक्रम कुमार की शादी अभी एक महीने पहले ही धूमधाम से हुई थी। उनकी पत्नी का नाम है अनु, जिसे प्यार से अस्मा भादो भी कहा जाता है। लेकिन अब विक्रम के जीवन में खुशियों की जगह मायूसी ने ले ली है। शादी के कुछ दिनों बाद ही अनु अपने मायके चली गई और अब वापस आने से मना कर रही है। विक्रम का कहना है कि अनु के माता-पिता उसे ससुराल नहीं भेजना चाहते।

    विक्रम ने मीडिया के माध्यम से अनु से भावुक अपील की है। विक्रम कहता है कि वह अपनी पत्नी के बिना नहीं जी सकता। उसने कहा, ‘अनु, अगर तुम मुझे सुन रही हो, तो प्लीज वापस आ जाओ। मेरे माता-पिता भी तुम्हें बहू के रूप में स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।’

    अब सवाल ये है, क्या अनु वापस लौटेगी? क्या विक्रम और अनु का रिश्ता फिर से जुड़ पाएगा? दोस्तों, इस खबर पर हमारी टीम नजर बनाए हुए है और हम आपको इससे जुड़ी हर अपडेट देते रहेंगे।

    क्या है पूरा मामला?

    विक्रम की पत्नी अनु ने घर आने से किया इनकार, विक्रम ने मीडिया से लगाई गुहार

    बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बुचाहा गांव के रहने वाले 20 वर्षीय विक्रम कुमार, जिनके पिता का नाम रामकृष्ण है, की शादी एक महीने पहले अनु (घरेलू नाम अस्मा भादो) नाम की लड़की से हुई थी। विक्रम ने बताया कि शादी के बाद अनु अपने मायके गई, लेकिन अब वापस आने का नाम नहीं ले रही है। विक्रम के अनुसार, अनु के माता-पिता, जय नारायण राम और रूना देवी, उसे अपने ससुराल आने से मना कर रहे हैं। अनु बिहार के हथौड़ी गांव की रहने वाली है।

    विक्रम ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि वह अपनी पत्नी अनु से बेहद प्यार करता है और उसके बिना नहीं रह सकता। विक्रम के माता-पिता भी अनु को बहू के रूप में स्वीकार करने के लिए तैयार हैं और अगर वह ससुराल आना चाहे तो उसे पूरा सम्मान मिलेगा।

    विक्रम ने मीडिया के माध्यम से अनु से भावुक अपील करते हुए कहा, हमारा शादीशुदा जीवन शुरू हो सके, इसके लिए वह मेरे पास आकर मेरे घर रहने लगे।

    विक्रम की इस अपील के बाद अब देखना होगा कि अनु और उसके परिवार की क्या प्रतिक्रिया होती है।अगर आपको यह वीडियो पसंद आई हो, तो इसे लाइक और शेयर करें, और हमारे चैनल ई खबर को सब्सक्राइब करना न भूलें। हम आपके लिए लाते रहेंगे ऐसी ही ताजा खबरें और दिल छू लेने वाली कहानियां। धन्यवाद!

    गुमशुदा रमेश कुमार की तलाश

    मामला है नवी आबादी संतोकपुर जालंधर का,रमेश कुमार उनकी उम्र है 32 वर्ष जो की 22 सितंबर 2024 की सुबह 9:00 से गायब है,

    उसे दिन रमेश ने गुलाबी कलर की शर्ट और चॉकलेटी कलर की पैंट पहनी रखी थी अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है रमेश की पत्नी रीना बहुत परेशान है और उनके दो छोटे बच्चे है। समाज से मैं मदद की अपील कर रही है पुलिस प्रशासन भी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है।


    दोस्तों सवाल यह है कि पुलिस कब तक इन मामलों को हल्के में लेती रहेगी रीना और उनके बच्चे किन तकलीफ से गुजर रहे हैं यह हम सोच भी नहीं सकते आज इस परिवार की मदद के लिए हमें भी आगे आना होगा

    पीएचसी मोरनी में विश्व रेबीज दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

    मोरनी, 28 सितंबर 2024(देव शर्मा) : पीएचसी मोरनी में आज विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें डॉक्टर सुनील दहिया ने आम जनता, स्कूल के छात्र-छात्राओं और अध्यापकों को रेबीज बीमारी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।

    डॉ. दहिया ने बताया कि रेबीज एक घातक बीमारी है, जो मुख्य रूप से आवारा कुत्तों, बंदरों और अन्य जानवरों के काटने या उनके संपर्क में आने से फैल सकती है। उन्होंने सलाह दी कि लोगों को अपने आसपास के वातावरण पर निगरानी रखनी चाहिए और ऐसे जानवरों के संपर्क में आने से बचना चाहिए, जो संदिग्ध हो सकते हैं।

    डॉ. दहिया ने रेबीज के लक्षणों के बारे में बताया, जैसे हाइड्रोफोबिया (पानी से डर), मांसपेशियों में दिक्कत और गंभीर मामलों में मृत्यु भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को संदिग्ध जानवर काटे तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। सबसे पहले घाव को 10 मिनट तक तेज बहते पानी के नीचे धोएं और उसके बाद तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर एंटी रेबीज वैक्सीन (ARV) का टीकाकरण शुरू करवाएं।

    ARV का टीकाकरण कोर्स 0, 3, 7, और 28 दिन का होता है और यह पीएचसी मोरनी में उपलब्ध है। डॉक्टर दहिया ने सभी से अनुरोध किया कि ऐसे मामलों को हल्के में न लें और तुरंत अस्पताल जाकर इलाज करवाएं।

    रेबीज जैसी गंभीर बीमारी से बचाव और जागरूकता के लिए इस कार्यक्रम में डॉक्टर साहब ने सभी को सतर्क रहने और समय पर उपचार लेने की सलाह दी।

    ई खबर मीडिया के लिए हरियाणा  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

    मनातू में राजा यादव की निर्मम हत्या, पत्नी ने न्याय की गुहार

    पलामू, 06 सितम्बर 2024: मनातू थाना अंतर्गत ग्राम घंघरी में 65 वर्षीय राजा यादव की हत्या का मामला सामने आया है। घटना 5 सितंबर 2024 की रात 11:30 बजे की है, जब स्थानीय लोगों से सूचना प्राप्त हुई कि अज्ञात अपराधियों ने राजा यादव की हत्या कर दी है। पुलिस मौके पर पहुँचकर मामले की पुष्टि की और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल मेदिनीनगर भेजा गया।

    मृतक की पत्नी, राधा देवी (60 वर्ष), द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर मनातू थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने रामलाल यादव, बिजय सिंह, उपेंद्र लोहरा, बिनय सिंह, और रामनाथ सिंह समेत 10 से 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

    हत्या का कारण और आरोपियों की गिरफ्तारी: पुलिस की त्वरित कार्रवाई में दो आरोपियों, मुकेश कुमार (23 वर्ष) और योगेंद्र सिंह (28 वर्ष), को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में मुकेश कुमार ने स्वीकार किया कि तीन साल पहले उनके भाई की बेटी की अचानक मृत्यु के लिए वे राजा यादव को जिम्मेदार मानते थे, क्योंकि राजा यादव ओझा-गुणी का काम करता था। इसी खुन्नस के चलते मुकेश कुमार और योगेंद्र सिंह ने हत्या की साजिश रची। 5 सितंबर को शराब के नशे में दोनों ने राजा यादव के सिर और चेहरे पर सखुआ की लकड़ी से वार करके उसकी हत्या कर दी।

    जप्ती: पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त दो लकड़ियों, दो मोबाइल फोन, और आरोपियों के हत्या के वक्त पहने कपड़े बरामद किए हैं। घटनास्थल से मृतक का खून लगा गमछा और मिट्टी के नमूने भी जब्त किए गए हैं।

    पुलिस मामले की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

    क्या है पूरा मामला?

    पति की निर्मम हत्या के आरोप में न्याय की गुहार!
    पलामू, 20 सितंबर 2024 ग्राम घंघरी, थाना मनातू, जिला पलामू की निवासी राधवा देवी (उम्र 60 वर्ष) ने अपने पति राजा यादव की हत्या के संबंध में न्याय की अपील की है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक महोदय को एक आवेदन देकर आरोप लगाया है कि 5 सितंबर 2024 की रात 10 बजे उनके पति की निर्मम हत्या कर दी गई। इस घटना के मुख्य आरोपी राजेश यादव (उम्र 28 वर्ष) सहित उनके भाई और मित्रों पर साजिश रचने का आरोप है।

    राधवा देवी के अनुसार, उनके पति और राजेश यादव के बीच एक चिमनी भट्टे के कारोबार में पैसे का विवाद था। डेढ़ वर्ष से राजेश यादव उनके पति को पैसा नहीं दे रहा था और बार-बार टालमटोल करता था। जब उनके पति से राजेश यादव नें पैसे से जमीन खरीदने को बोल रहा था तो तब राजा यादव ने जमीन बेचने से साफ मना कर दिया। तो राजेश यादव ने उन्हें धमकी दी कि “अब तुमको पैसा नहीं मिलेगा और दुनिया में नहीं रहोगे।” घटना की रात राजेश यादव और उसके साथियों ने मिलकर उनके पति की हत्या कर दी। राधवा देवी ने आरोप लगाया कि हत्या में शामिल राजेश यादव के भाई – ब्रजेश यादव (उम्र 25 वर्ष), प्रदीप यादव (उम्र 30 वर्ष), और मनोज यादव (उम्र 35 वर्ष), तथा एक अन्य व्यक्ति बाला सिंह (उम्र 40 वर्ष) भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय पुलिस थाने में FIR दर्ज कराते समय थाना प्रभारी ने राजेश यादव का नाम हटा दिया और उन्हें धमकाते हुए थाने से भगा दिया।

    राधवा देवी ने बताया कि 20 सितंबर 2024 को शाम 5 बजे आरोपियों ने उनके घर आकर फिर से जान से मारने की धमकी दी और कहा कि “तुम्हारे परिवार का भी वही हाल करेंगे जो तुम्हारे पति का किया है, और जमीन पर जबरन अंगूठा लगवाकर अपने नाम करा लेंगे।” इस धमकी से उनका पूरा परिवार डर के साये में जी रहा है और उन्हें अपनी जान का खतरा बना हुआ है।

    राधवा देवी ने पुलिस अधीक्षक से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है, ताकि उन्हें और उनके परिवार को न्याय मिल सके।

    ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

    देवास कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता की अध्‍यक्षता में जिला स्‍तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित

    देवास नवदुर्गा उत्‍सव, नवदुर्गा विसर्जन समारोह, दशहरा एवं अन्‍य पर्वो पर कानून एवं व्यवस्थाओं के लिए विचार-विमर्श तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं के संबंध में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक का आयोजन कलेक्‍टर श्री ऋषव गुप्‍ता की अध्‍यक्षता में कलेक्टर कार्यालय में किया गया।

    जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में कलेक्टर श्री गुप्‍ता ने कहा पिछले दिनों सभी त्योहार शांतिपूर्ण तरीके मनाये गये है। आगामी त्‍योहार भी शांति व आपसी भाईचारे से मिलजुलकर मनाये। पुलिस व जिला प्रशासन द्वारा बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएगी। उन्‍होंने स्थानीय नागरिकों से व्यवस्थाओं में प्रशासन को सहयोग की अपेक्षा की है। पाण्‍डालों और भण्‍डारा स्‍थानों पर सीसीटीवी कैमरा लगाये। भण्‍डारों में स्‍वच्‍छता का विशेष ध्‍यान रखें। भण्‍डारा स्‍थल पर डस्‍टबिन की व्‍यवस्‍था रखें। नवाचार करते हुए प्रसाद के रूप में पौधों का वितरण करें। नवरात्रि के दौरान शहर के नागरिक चार पहिया वाहनों का उपयोग नहीं करते हुए दो पहिया वाहनों का उपयोग करें।

    कलेक्टर श्री गुप्‍ता ने कहा कि 03 अक्‍टूबर से नवरात्रि पर्व शुरू हो रहा है। नवरात्रि पर प्रदेश भर से लाखों श्रद्धालु माताजी के दर्शन के लिए आयेंगे। नवदुर्गा समिति/मण्‍डल नवरात्रि के दौरान अस्‍थाई कनेक्‍शन लें, संबंधित एसडीएम और पुलिस से अनुमति लें। जिससे व्‍यवस्‍थाओं में आसानी हो। लाउड स्‍पीकर के उपयोग में सर्वोच्‍च न्‍यायालय के आदेश का पालन किया जाये। कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने कहा कि नवरात्रि पर मूर्ति विसर्जन निर्धारित स्‍थल पर ही करें। नवरात्रि में माताजी टेकरी पर स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा कैंप लगाया जायेगा। जिसमें डॉक्‍टर और स्‍टॉफ उपस्थित रहेंगे। प्रतिमाओं को मीठा तालाब/क्षिप्रा नदी में विसर्जित न करें। प्रशासन द्वारा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बेहतर व्‍यवस्‍थाएं की जायेगी। कलेक्टर श्री गुप्‍ता ने कहा कि शांति समिति के सदस्यों द्वारा बैठक में दिए गए सुझावों पर विचार कर त्योहारों के दौरान बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई जाएंगी ताकि आमजनों को कोई कठिनाई न हों।

    पुलिस अधीक्षक श्री संपत उपाध्‍याय ने कहा कि समितियां/आयोजक ऐसे जगह भण्‍डारे लगाए जहां ट्रॉफिक व्‍यवस्‍था न बिगडे। शांति समिति के सदस्‍य भी नागरिकों से डीजे नहीं बजाने और स्‍वच्‍छता बनाये रखने का आव्‍हान करें। श्रद्धालुओं को व्‍यवस्थित तरीके से दर्शन कराने की व्यवस्था की गई है। पुलिस विभाग प्रतिवर्ष अनुसार संपूर्ण नवरात्रि में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं भीड़भाड़ प्रबंधन सुनिश्चित करेगा। उन्‍होंने कहा कि पर्वों के दौरान कानून व्यवस्था व शांति बनाये रखने के लिए सुरक्षा के पर्याप्त बंदोबस्त किये जायेंगे। सभी नागरिक भाईचारे की भावना से त्यौहार मनायें।

    शांति समिति की बैठक में अपर कलेक्‍टर श्री प्रवीण फुलपगारे ने बताया कि नवदुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना के लिये प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी विधिवत अनुमति ली जायेगी। विस्तारक यंत्रों की अनुमति ली जायेगी। माताजी की टेकरी पर कार्यपालिक दण्डाधिकारियों/अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जायेगी। प्रतिमा स्‍थल पर विद्युत व्‍यवस्‍था के लिए विधिवत अस्‍थाई कनेक्‍शन लें। नवदुर्गा उत्सव के दौरान शहर में आवश्यक साफ-सफाई, पीने के पानी एवं फायर ब्रिगेड की व्यवस्था नगर निगम द्वारा की जायेगी। नवदुर्गा विसर्जन के दिन मार्गों की आवश्यक साफ-सफाई (सड़क पर पेंचवर्क) लाईटिंग की व्यवस्था पीने के पानी की व्यवस्था, सार्वजनिक स्थलों पर पीने के पानी के लिए टेंकर की व्यवस्था नगर निगम देवास करेंगी। मीठा तालाब, क्षिप्रा नदी पर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस कर्मियों, नगर सैनिकों, तैराकों की व्यवस्था विद्युत व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था सुरक्षा के लिए बेरिकेटिंग की व्यवस्था की जायेगी।

    ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

     

     

    रणबीर कपूर @42:‘ब्लैक’ के सेट पर पोंछा लगाया, ‘बर्फी’ की तो घरवाले बोले- सुसाइड कर रहे हो; मां से कहते थे शाहरुख जैसे रोल नहीं करूंगा

    मेरे भाई (रणधीर और राजीव कपूर) मुझसे कहते थे कि इसको क्या हो गया है? ये सुसाइड कर रहा है.. एक फिल्म करता है उसमें भी ‘रॉकेट सिंह’ और ‘बर्फी’ जैसी.. जिसमें ये गूंगा है और सुनता भी नहीं है.. खत्म हो जाएगा.. आर्टी हीरो बन जाएगा।

    ये सब सुनकर मुझे भी फिकर होती थी पर रणबीर ने अपनी चॉइस से हम सभी को गलत साबित किया। ‘बर्फी’ हिट साबित हुई।

    रणबीर एक डेयरिंग एक्टर है। जब वो अपने करियर की शुरुआत कर रहे थे ‘सांवरिया’ से तभी उन्होंने अपनी मां से कहा था कि मैं उस तरह का काम नहीं करना चाहता जो शाहरुख खान साहब और बाकी एक्टर्स कर चुके हैं।

    मैं वो फिल्में करना चाहता हूं जिसमें मेरे ऐज ग्रुप के लोगों की परेशानी की बात की जाएगी।

    इसी वजह से उसकी फिल्मों की चॉइस अलग है। जैसे वेक अप सिड है, रॉकेट सिंह हुई, बर्फी हुई और तमाशा हुई। उनमें से कुछ फिल्में चलेंगी कुछ नहीं.. पर जो उसकी ब्रेव चॉइस है..उसकी मैं तारीफ करना चाहता हूं।’

    बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर के बारे में यह बातें किसी और ने नहीं बल्कि उनके पिता और मशहूर दिवंगत बॉलीवुड एक्टर ऋषि कपूर ने कही थीं।

    आज रणबीर के 42वें जन्मदिन पर बात करेंगे उनके करियर ग्राफ और किरदारों की चॉइस पर..

    फिल्म 'प्रेम ग्रंथ' के सेट पर पिता ऋषि कपूर के साथ रणबीर कपूर।
    फिल्म ‘प्रेम ग्रंथ’ के सेट पर पिता ऋषि कपूर के साथ रणबीर कपूर।

    17 साल की उम्र में पिता को असिस्ट किया दसवीं के एग्जाम खत्म होने के बाद रणबीर ने 17 साल की उम्र में पहली बार किसी फिल्म पर काम किया था। यह फिल्म थी ‘आ अब लौट चलें’।

    इसे रणबीर के ही पिता ऋषि कपूर ने डायरेक्ट किया था और रणबीर इसमें असिस्टेंट डायरेक्टर थे। इसके बाद कपूर न्यूयॉर्क में फिल्ममेकिंग का कोर्स करने चले गए। यहां पढ़ते हुए उन्होंने दो शॉर्ट फिल्में बनाईं।

    फिल्म 'आ अब लौट चलें' के सेट पर एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय के साथ असिस्टेंट डायरेक्टर रणबीर कपूर।
    फिल्म ‘आ अब लौट चलें’ के सेट पर एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय के साथ असिस्टेंट डायरेक्टर रणबीर कपूर।

    ‘ब्लैक’ के सेट पर पोंछा लगाया, गालियां खाईं 2005 में एक्टर मुंबई लौटे और अमिताभ बच्चन-रानी मुखर्जी स्टारर फिल्म ‘ब्लैक’ में असिस्टेंट डायरेक्टर बने। एक इंटरव्यू में एक्टर ने बताया था- ‘मैं सेट पर 21 घंटे काम करता था। पोंछा लगाने से लेकर लाइट फिक्स करने तक का काम करता था।

    पिटता भी था और गालियां भी खाता था पर हर दिन कुछ सीखता जरूर था। बाकी मेरा मकसद था कि भंसाली (फिल्म ब्लैक के डायरेक्टर) सर मुझे अपनी किसी फिल्म में लीड रोल ऑफर कर दें।’

    पिता ने दी थी एक्सपेरिमेंट न करने की सलाह कम ही लोग जानते हैं कि पिता ऋषि कपूर ने रणबीर को करियर की शुरुआत में ही सलाह दी थी कि वो किरदारों के साथ एक्सपेरिमेंट न करें, लेकिन रणबीर ने अपने करियर की शुरुआत से ही कई एक्सपेरिमेंटल रोल किए।

    अपनी इसी अलग चॉइस के लिए रणबीर को आज इंडस्ट्री का फाइनेस्ट एक्टर कहा जाता है।