More
    Home Blog Page 60

    Now Is the Time to Think About Your Small-Business Success

    A coffee break in the United States and elsewhere is a short mid-morning rest period granted to employees in business and industry. An afternoon coffee break, or afternoon tea, often occurs as well.

    The coffee break originated in the late 19th century in Stoughton, Wisconsin, with the wives of Norwegian immigrants. The city celebrates this every year with the Stoughton Coffee Break Festival. In 1951, Time noted that

    “Since the war, the coffee break has been written into union contracts”

    The term subsequently became popular through a Pan-American Coffee Bureau ad campaign of 1952 which urged consumers, “Give yourself a Coffee-Break – and Get What Coffee Gives to You” John B. Watson, a behavioral psychologist who worked with Maxwell House later in his career, helped to popularize coffee breaks within the American culture.

    Coffee breaks usually last from 10 to 20 minutes and frequently occur at the end of the first third of the work shift.

    In some companies and some civil service, the coffee break may be observed formally at a set hour. In some places, a cart with hot and cold beverages and cakes, breads and pastries arrives at the same time morning and afternoon, an employer may contract with an outside caterer for daily service, or coffee breaks may take place away from the actual work-area in a designated cafeteria or tea room.

    More generally, the phrase “coffee break” has also come to denote any break from work. Coffee was initially used for spiritual reasons. At least 1,100 years ago, traders brought coffee across the Red Sea.

    At first, the Arabians made wine from the pulp of the fermented coffee berries. This beverage was known as qishr (kisher in modern usage) and was used during religious ceremonies.

    Coffee drinking was prohibited by jurists and scholars meeting in Mecca in 1511, but the subject of whether it was intoxicating was hotly debated over the next 30 years until the ban was finally overturned in the mid-16th century. Use in religious rites among the Sufi branch of Islam led to coffee’s being put on trial in Mecca: it was accused of being a heretical substance, and its production and consumption were briefly repressed.

    Coffee, regarded as a Muslim drink, was prohibited by Ethiopian Orthodox Christians until as late as 1889; it is now considered a national drink of Ethiopia for people of all faiths. Its early association in Europe with rebellious political activities led to Charles II outlawing coffeehouses from January 1676. Frederick the Great banned it in Prussia in 1777 for nationalistic and economic reasons.

    “concerned about the price of import, he sought to force the public back to consuming beer”

    Quite a number of members of the Seventh-day Adventist Church also avoid caffeinated drinks. In its teachings, the Church encourages members to avoid tea, coffee, and other stimulants.

    Abstinence from coffee, tobacco, and alcohol by many Adventists has afforded a near-unique opportunity for studies to be conducted within that population group on the health effects of coffee drinking, free from confounding factors.

    One study was able to show a weak but statistically significant association between coffee consumption and mortality from ischemic heart disease, other cardiovascular disease, all cardiovascular diseases combined, and all causes of death. For a time, there had been controversy in the Jewish community.

    Whether the coffee seed was a legume and therefore prohibited for Passover. Upon petition from coffeemaker Maxwell House, the coffee seed was classified in 1923 as a berry rather than a seed by orthodox Jewish rabbi Hersch Kohn, and therefore kosher for Passover.

    मोहन यादव पूरा करेंगे शिवराज सिंह चौहान का सबसे बड़ा सियासी वादा? सिंधिया भी लगा रहे हैं जोर, जानें कौन सी थी घोषणा

    मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षकों को लेकर एक बार फिर से सियासत तेज हो गई है। राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री के बाद अतिथि शिक्षकों ने दो केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की है। पहले ज्योतिरादित्य
    भोपाल: पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान केंद्र की राजनीति शामिल हो गए हैं, लेकिन आज भी मध्य प्रदेश की जनता को शिवराज सिंह चौहान से आस है। दरअसल, रविवार को एक ऐसी ही घटना घटी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सीहोर जिले के भेरुंदा पहुंचे थे। इस दौरान अतिथि शिक्षकों ने शिवराज सिंह के काफिले को रोक दिया और उनसे मुलाकात की। अतिथि शिक्षकों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर कहा कि- ‘मामा’ आपसे ही उम्मीद है। शिवराज सिंह चौहान ने अतिथि शिक्षकों की बातें सुनकर कहा कि मैं अपनी पूरी ताकत लगाऊंगा और बात करूंगा।
    अतिथि शिक्षकों ने कहा- वादा पूरा करें
    अतिथि शिक्षकों ने शिवराज सिंह चौहान से कहा कि वह अपना वादा पूरा करें। एक अतिथि शिक्षक ने कहा कि वह नियमितीकरण पर हां या ना में जवाब दें। एक अतिथि शिक्षक ने कहा कि एमपी के शिक्षा मंत्री का बयान सुना तो उनका मनोबल टूट गया है अब आप पर ही भरोसा है। शिवराज सिंह चौहान ने भरोसा दिया कि वह इस मुद्दे पर जल्द ही बात करेंगे। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ।
    भोपाल पहुंचते ही एक्टिव हुए शिवराज सिंह
    इस पूरे घटनाक्रम के बाद शिवराज सिंह चौहान सोमवार को एक्टिव दिखाई दिए। शिवराज सिंह चौहान सुबह सीएम मोहन यादव से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। इस दौरान सीएम मोहन यादव और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई। किन-किन मुद्दों पर दोनों नेताओं ने चर्चा की इसकी जानकारी तो ऑफिशियल नहीं की गई लेकिन सूत्रों का कहना है कि शिवराज सिंह चौहान ने सीएम से अतिथि शिक्षकों को लेकर बात की है। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर सीएम मोहन यादव ने उचित फैसला लेने का भरोसा दिया है।
    ग्वालियर में सिंधिया से भी मुलाकात
    अतिथि शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी मुलाकात कर चुका है। अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण का मांग को लेकर प्रतिनिधि मंडल ने ज्योतिरादित्य सिंधिया से गुहार लगाई थी। सिंधिया ने भी बात करने का भरोसा क्या थी शिवराज सिंह चौहान की घोषणा
    दरअसल, शिवराज सिंह चौहान जब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण का वादा किया था। 2023 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की सरकार बनी लेकिन शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री नहीं बने। ऐसे में अब माना जा रहा है कि शिवराज सिंह चौहान की घोषणा को मोहन यादव पूरा कर सकते हैं। हालांकि इस संबंध में सीएम मोहन यादव ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।दिया था।
    शिक्षा मंत्री के बयान के बाद सियासत तेज
    दरअसल, मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण की मांग को लेकर दो टूक जवाब दिया था। प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा था अतिथि शिक्षकों का नाम क्या है ‘अतिथि’। आप हमारे मेहमान बनकर आओगे तो घर पर कब्जा करोगे क्या? इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत तेज हो गई है।

     

    बीजेपी के सदस्यता अभियान का पहला फेज पूरा, टॉप 20 राज्यों में पहले पर एमपी, समीक्षा करने जबलपुर पहुंचे वीडी शर्मा

    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सदस्यता अभियान के पहले फेस में 1 करोड़ 6 लाख नए सदस्यों को जोड़ा। 1 अक्टूबर से दूसरे फेस में विभिन्न विधाओं के लोगों को पार्टी में शामिल करने का लक्ष्य रखा
    जबलपुर: भारतीय जनता पार्टी के पहले फेस का सदस्यता अभियान पूरा हो गया है। 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक भाजपा सदस्यता अभियान का दूसरा फेस शुरू हो रहा है। इस अभियान की योजना और समीक्षा के लिए मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने जबलपुर में ग्रामीण और शहरी कार्यकर्ताओं की बैठक ली।
    कार्यकर्ताओं ने की अथाह मेहनत

    पत्रकारों से चर्चा करते हुए वीडी शर्मा ने कहा कि भाजपा सदस्यता अभियान महापर्व के पहले फेस में प्रदेश में 64871 बूथों पर 41 लाख कार्यकर्ताओं की फ़ौज और टोली ने अथक मेहनत की। प्रदेश में 1 करोड़ 6 लाख नए सदस्यों को भाजपा में जोड़ा गया। 1 अक्टूबर से सदस्यता अभियान के दूसरे फेस में अलग अलग विधाओं के लोगों को भाजपा में जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
    एक करोड़ से अधिक युवा बने सदस्य

    वीडी शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को 1 करोड़ युवाओं को जिनकी उम्र 18 से 19 वर्ष की है, उन्हें भाजपा में सदस्य बनाने का संकल्प लिया था। प्रधानमंत्री का विकसित भारत बनाने का संकल्प पूरा हुआ है। एक करोड़ से अधिक युवा नौजवानों को भाजपा में सदस्य बनाया गया है।

    सदस्य बनाने में टॉप 20 राज्यों में एमपी पहले पर

    तक़रीबन 64 प्रतिशत नौजवान प्रथम फेस में भाजपा के सदस्य बने हैं। वीडी शर्मा ने आगे कहा कि भाजपा के प्रथम फेस के सदस्यता अभियान में 20 टॉप राज्यों में मध्यप्रदेश जनसंख्या के आधार पर पहले स्थान पर है।

    मिथुन चक्रवर्ती को दी बधाई

    वीडी शर्मा ने फिल्म अभिनेता मिथुन को दादा साहब फाल्के अवार्ड के लिए बधाई दी है। कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए वीडी शर्मा ने कहा कि राहुल, प्रियंका और दिग्विजय सिंह देश विरोधी ताकतों के साथ खड़े होने वाले लोग हैं।

    Panna Tiger Reserve पहले दिन ही हुआ हाउसफुल, एक महीने की एडवांस बुकिंग, जाने का प्लान है तो जान लें ये बात

    पन्ना: जिले का टाइगर रिजर्व अपने प्राकृतिक सौंदर्य एवं बाघों के लिए देश-दुनिया में फेमस है। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य सभी को सम्मोहित करता है। यहां से बहने वाली केन नदी टाइगर रिजर्व की जंगल की सुंदरता और बढ़ा देती है। वन प्राणियों को निहारने पहले दिन से ही टूरिस्ट पहुंचने लगे हैं।
    फील्ड डायरेक्टर ने फीता काटकर किया शुभारंभ

    आज सुबह फील्ड डायरेक्टर अंजना सुचिता तिर्की ने फीता काटकर इस पर्यटन सीजन का शुभारंभ किया और टूरिस्टों को बधाई दी है। इस दौरान बड़ी संख्या में टूरिस्ट और गाइड मौजूद रहे।
    बता दें कि पन्ना टाइगर रिजर्व सहित मध्य प्रदेश की सभी टाइगर रिजर्व पर्यटन के लिए 1 अक्टूबर से खोल दिए गए हैं। अब प्रकृति प्रेमी वन प्राणियों के रहस्वास कोर एरिया का पर्यटन कर वन्य प्राणियों का दीदार कर सकेंगे। इसके लिए पन्ना टाइगर रिजर्व ने विशेष तैयारियां की हैं। जहां सुबह मंडला के मुख्य द्वार पर फील्ड डायरेक्टर अंजना सुचिता तिर्की ने टूरिस्ट का स्वागत करते हुए नए सीजन का शुभारंभ किया।
    बड़ी संख्या में पहुंचे पर्यटक

    उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार का सीजन सर्वश्रेष्ठ रहेगा क्योंकि बाघों का कुनवा तेजी से बढा है। लोगों को टाइगर खूब देखने को मिलेंगे। टूरिस्ट इस पल का इंतजार किए बैठे थे, जैसे ही इस पर्यटन सीजन का शुभारंभ हुआ। बाघ देखने की उम्मीद में बड़ी संख्या में महिलाएं बच्चे निकल पड़े।

    सात समंदर पार से भी आए पर्यटक

    बाघों का दीदार करने सात समंदर पार से आए टूरिस्ट भी पहुंचे। इस दौरान विदेशी पर्यटकों ने कहा कि सुना है पन्ना बहुत सुंदर है। यहां टाइगर दिखते हैं, इसलिए हम यहां आए हैं। हम वाइल्डलाइफ का आनंद लेंगे।
    बरसात के बाद प्राकृतिक सौंदर्य को निहारने वाले लोग भी आए, जो कई बार पन्ना टाइगर रिजर्व का भ्रमण कर चुके हैं। लोग अपने परिवार के साथ यहां पहुंचे और पन्ना टाइगर रिजर्व की प्रशंसा की
    गाइड भी उत्साहित

    पार्क में पर्यटकों को घूमाकर अपनी रोजी-रोटी का प्रबंध करने के साथ वन्य प्राणियों और जंगल की जानकारी दे टूरिस्ट को घुमाने वाले गाइड भी उत्साहित है। 3 महीने से पार्क बंद होने के कारण उनका काम बंद था। आज पुरुष और महिला गाइड पर्यटकों को लेकर भ्रमण करने गेट के अंदर गए। कहा हमें उम्मीद है यह सीजन बहुत अच्छा रहेगा।

    एक महीने की एडवांस बुकिंग

    पन्ना टाइगर रिजर्व में मंडला, हिनौता और अकोला तीन गेट हैं, जहां से टूरिस्ट भ्रमण के लिए प्रवेश करते हैं। सबसे ज्यादा भीड़ मंडला में रही। यहां एक महीने की एडवांस बुकिंग हो गई है और आज निर्धारित 35 जिप्सी फुल थीं। इस तरह पहले दिन से ही पन्ना टाइगर रिजर्व हाउसफुल हो गया है।

    5 वर्षीय मासूम के साथ यौन उत्पीड़न: सांईश्री एकेडमी के बाहर अभिभावकों का जमकर प्रदर्शन, स्कूल किया सील:

    80 फीट रोड स्थित सांईश्री एकेडमी स्कूल में 5 वर्षीय मासूम के साथ यौन उत्पीडन का मामला सामने आने के बाद सोमवार को स्कूल खुलते ही अभिभावकों का आक्रोश भड़क गया। आक्रोशित परिजन ने स्कूल संचालक राकेश देसाई, प्रिंसिपल श्वेता विंचुरकर सहित जिला और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अभिभावकों का कहना है कि निजी स्कूल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही के कारण ये घटना घटी है। स्कूल के बाहर करीब 2 घंटे तक जाम के साथ अभिभावकों ने प्रदर्शन किया। आक्रोश को भांपते हुए मौके पर प्रशासन की और से अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव और एएसपी राकेश खाखा को भी पहुंचना पड़ा। अधिकारियों ने मौके पर सांईश्री एकेडमी स्कूल को सील कर दिया। प्रशासन ने सांईश्री स्कूल प्रबंधन के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं हैरान कर देने वाली बात है की पूरे मामले में अब तक स्कूल की और राकेश देसाई या किसी का कोई बयान नहीं आया है। आपको बता दे मासूम बच्ची के साथ घटिया हरकत करने वाला चौकीदार का बेटा है एवम् आरोपी भी नाबालिग है।

    रतलाम एसडीएम अनिल भान ने बताया: “आक्रोशित लोग स्कूल के स्टाफ और प्रबंधन के विरुद्ध भी कार्रवाई चाहते हैं. इस मामले में जिनकी भी लापरवाही और जिम्मेदारी सामने आएगी, उन पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” एडिशनल एसपी राकेश खाखा ने कहा “पुलिस ने पास्को एक्ट के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर तत्काल कार्रवाई की. इसके अलावा जो भी तथ्य और प्रबंधन के लापरवाही सामने आएगी, उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।”

    एफआईआर के बाद परिजनों में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी देखी जा रही थी। इसके बाद भी स्कूल प्रबंधन ने घटना की निंदा तक नहीं की। ना ही स्कूल की और से कोई आधिकारिक बयान दिया गया। सोमवार को नाराज अभिभावक जब प्रबंधन से घटना सहित अपने बच्चों की सुरक्षा की मांग को लेकर चर्चा करने पहुंचे, तब प्रबंधन का बर्ताव गैर जिम्मेदाराना था। जिसके बाद अभिभावकों ने सड़क पर बैठ प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर रतलाम शहर एसडीएम अनिल भाना, सीएसपी अभिनव बारंगे, दीनदयाल नगर थाना प्रभारी रवीन्द्र दंडोतिया, औद्योगिक थाना प्रभारी वीडी जोशी, सब इंस्पेक्टर सत्येंद्र रघुवंशी सहित बड़ी संख्या में पुलिस का बल मौके पर पहुंचा।

    ई खबर मीडिया के लिए लोकेंद्र तंवर की रिपोर्ट 

    Hello world!

    Welcome to WordPress. This is your first post. Edit or delete it, then start writing!

    IPL ने विदेशी प्लेयर्स के पर कतरे:बिकने के बाद नहीं खेले तो 2 साल का बैन; ₹18 करोड़ से ज्यादा कमा भी नहीं पाएंगे

    0

    BCCI ने शनिवार को IPL की नई रिटेंशन पॉलिसी लागू कर दी। पॉलिसी के नियमों में विदेशी प्लेयर्स को नुकसान पहुंचता नजर आ रहा है। इसके तहत सभी विदेशी प्लेयर्स को मेगा ऑक्शन में रजिस्ट्रेशन कराना ही होगा। अगर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया तो उन्हें बाद में होने वाले मिनी ऑक्शन में एंट्री नहीं मिलेगी।

    वहीं, किसी खिलाड़ी ने अगर ऑक्शन में बिकने के बाद टूर्नामेंट से नाम वापस लिया तो उन्हें अगले 2 सीजन के लिए बैन कर दिया जाएगा। साथ ही विदेशी प्लेयर्स अब एक सीजन में 18 करोड़ रुपए से ज्यादा कमा भी नहीं पाएंगे। पिछले मिनी ऑक्शन में ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क 24.75 करोड़ और पैट कमिंस 20.50 करोड़ रुपए में बिके थे।

    स्टोरी में 6 सवालों के जवाब जानेंगे

    1. क्या है IPL का रिटेंशन रूल? 2. राइट टु मैच कार्ड में क्या बदलाव हुआ? 3. प्लेयर रिटेन करने पर कितना खर्च होगा? 4. विदेशी प्लेयर्स के लिए नए नियम क्या हैं? 5. विदेशी प्लेयर्स को नुकसान कैसे हुआ? 6. अनकैप्ड प्लेयर्स के लिए क्या नियम है?

    1. IPL का नया रिटेंशन रूल IPL मेगा ऑक्शन से पहले अब फ्रेंचाइजी टीमें 6 खिलाड़ियों को रिटेन कर सकती हैं। जिनमें ज्यादा से ज्यादा 5 इंटरनेशनल और 2 अनकैप्ड प्लेयर शामिल हो सकते हैं। इंटरनेशनल प्लेयर किसी भी देश का हो सकता है, लेकिन अनकैप्ड खिलाड़ी भारत का ही होना चाहिए।

    मान लीजिए, मुंबई इंडियंस ने 5 इंटरनेशनल खिलाड़ी रिटेन किए तो टीम अब किसी अनकैप्ड प्लेयर को ही छठे खिलाड़ी के रूप में रिटेन कर सकेगी। वहीं टीम ने अगर 4 इंटरनेशनल प्लेयर रिटेन किए तो उनके पास 2 अनकैप्ड खिलाड़ियों को रिटेन करने का ऑप्शन रहेगा।

    2. राइट टु मैच कार्ड में क्या बदलाव हुआ? ऑक्शन में राइट टु मैच यानी RTM कार्ड की भी वापसी हुई है। टीमें चाहें तो 6 खिलाड़ी ऑक्शन से पहले रिटेन कर लें या फिर टीमें ऑक्शन में 6 RTM कार्ड का इस्तेमाल कर लें। टीमों ने अगर 3 खिलाड़ी रिटेन किए तो उनके पास ऑक्शन में 3 RTM कार्ड ही बचेंगे। इसी तरह अगर 4 प्लेयर रिटेन किए तो ऑक्शन में 2 RTM कार्ड बचेंगे।

    राइट टु मैच कार्ड टीमों को ऑक्शन में मिलता है। मान लीजिए, चेन्नई सुपर किंग्स ने 5 प्लेयर रिटेन किए और उनके पास एक RTM कार्ड बचा है। टीम मोईन अली को रिटेन नहीं कर सकी। अब अगर ऑक्शन में हैदराबाद ने मोईन को 6 करोड़ रुपए देकर खरीदा तो चेन्नई अपने RTM कार्ड का इस्तेमाल कर मोईन को अपनी टीम में ही रख सकती है।

    RTM में इस बार एक नया नियम जोड़ा गया, बोली लगाने वाली टीमों के पास खिलाड़ी की कीमत बढ़ाने का मौका रहेगा। जैसे हैदराबाद ने मोईन पर 6 करोड़ की बोली लगाई और CSK ने RTM कार्ड यूज किया, तो हैदराबाद उस कीमत को बढ़ा कर 9 या 10 करोड़ रुपए तक भी कर सकती है। अब अगर CSK ने RTM कार्ड यूज किया तो उन्हें बढ़ी हुई कीमत में मोईन को खरीदना होगा। वहीं CSK ने RTM कार्ड यूज नहीं किया तो मोईन बढ़ी हुई कीमत में हैदराबाद के हो जाएंगे।

    2018 के मेगा ऑक्शन में बेंगलुरु ने राइट टु मैच कार्ड से युजवेंद्र चहल को खरीदा था।
    2018 के मेगा ऑक्शन में बेंगलुरु ने राइट टु मैच कार्ड से युजवेंद्र चहल को खरीदा था।

    3. 79 करोड़ में रिटेन कर सकेंगे 6 खिलाड़ी IPL टीमों की पर्स लिमिट भी अब बढ़ाकर 120 करोड़ रुपए कर दी गई है, पहले यह 100 करोड़ थी। पहले खिलाड़ी को रिटेन करने पर 18 करोड़, दूसरे खिलाड़ी पर 14 करोड़ और तीसरे खिलाड़ी पर 11 करोड़ रुपए खर्च होंगे। अगर 3 ही खिलाड़ी रिटेन किए तो पर्स से 43 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

    टीमें अगर चौथे खिलाड़ी को रिटेन करती हैं तो उन्हें उसे 18 करोड़ रुपए ही देने होंगे। वहीं पांचवें प्लेयर के लिए 14 करोड़ रुपए खर्च करने पड़ेंगे। अनकैप्ड प्लेयर को रिटेन करने के लिए 4-4 करोड़ रुपए ही लगेंगे। प्लेयर रिटेंशन बताने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2024 शाम 5 बजे तक है।

    टीमों ने अगर 5 इंटरनेशनल और एक अनकैप्ड खिलाड़ी रिटेन किया तो उनके पर्स से 79 करोड़ रुपए खर्च हो जाएंगे। वहीं टीमों ने 4 इंटरनेशनल और 2 अनकैप्ड प्लेयर रिटेन किए तो पर्स से 69 करोड़ रुपए खर्च होंगे। वहीं 5 इंटरनेशनल प्लेयर ही रिटेन किए तो पर्स से 75 करोड़ रुपए खर्च हो जाएंगे।

    4. विदेशी प्लेयर्स के लिए सख्त हुए नियम विदेशी खिलाड़ियों को अब IPL में हिस्सा लेने के लिए मेगा ऑक्शन में रजिस्ट्रेशन कराना ही होगा। रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर उन्हें अगले मिनी ऑक्शन में हिस्सा नहीं लेने दिया जाएगा। कोई विदेशी प्लेयर अगर ऑक्शन में बिकने के बाद टूर्नामेंट से हट जाता है तो उन्हें अगले 2 सीजन के लिए बैन कर दिया जाएगा। यानी वह अगले 2 ऑक्शन में भी हिस्सा नहीं ले सकेंगे। हालांकि, खिलाड़ी अगर इंजर्ड है तो उन्हें बैन नहीं किया जाएगा, लेकिन इसके लिए उन्हें अपने नेशनल बोर्ड की परमिशन लेनी होगी।

    5. विदेशियों को ₹18 करोड़ से ज्यादा नहीं मिलेंगे IPL में पहली बार विदेशी प्लेयर्स को मिलने वाली रकम पर भी नियम आ गया। मिनी ऑक्शन में विदेशी खिलाड़ियों को सबसे बड़ी रिटेंशन वैल्यू 18 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम नहीं मिलेगी। या फिर मेगा ऑक्शन में अगर सबसे महंगा भारतीय खिलाड़ी 16 करोड़ रुपए में बिका तो विदेशी प्लेयर्स को मिनी ऑक्शन में 16 करोड़ रुपए से ज्यादा नहीं मिलेंगे।

    मान लीजिए, मुंबई इंडियंस ने सूर्यकुमार यादव को रिटेंशन की सबसे बड़ी कीमत 18 करोड़ रुपए में रिटेन किया। अब अगर मेगा ऑक्शन में रिंकू सिंह सबसे महंगे रहे, लेकिन उनकी कीमत 15 करोड़ रुपए ही रही। तो अगले मिनी ऑक्शन में विदेशी प्लेयर को 15 करोड़ रुपए से ज्यादा नहीं मिलेंगे।

    वहीं, अगर रिंकू सिंह को मेगा ऑक्शन में 20 करोड़ रुपए में खरीदा गया तो अगले मिनी ऑक्शन में विदेशी प्लेयर को सूर्या की कीमत 18 करोड़ रुपए से ज्यादा नहीं मिलेंगे। यहां विदेशी प्लेयर्स को वही रकम मिलेगी जो रिटेंशन और मेगा ऑक्शन की सबसे बड़ी कीमत में सबसे कम हो।

    हालांकि, टीमें विदेशी प्लेयर्स को 20, 25 या 30 करोड़ रुपए की बोली लगाकर भी खरीद सकती हैं। उनके पर्स से उतना ही अमाउंट कटेगा, जितने की उन्होंने बोली लगाई, लेकिन खिलाड़ी को 15 या 18 करोड़ रुपए ही मिलेंगे। बाकी रकम BCCI के पास जाएगी, जो बोर्ड अपने खिलाड़ियों पर खर्च करेगा।

    6. अनकैप्ड प्लेयर रूल से धोनी 4 करोड़ में खेल सकेंगे IPL में अनकैप्ड प्लेयर रूल की भी वापसी हुई। यह नियम 2008 से 2021 तक रहा, लेकिन किसी ने भी इसका इस्तेमाल नहीं किया। अब इसकी वापसी हो रही है। इसके तहत जिस भी भारतीय खिलाड़ी ने 5 साल पहले आखिरी इंटरनेशनल मैच खेला होगा, टीमें उसे अनकैप्ड प्लेयर के रूप में रिटेन कर सकेंगी।

    जैसे, चेन्नई सुपर किंग्स को 5 IPL खिताब जिताने वाले पूर्व कप्तान एमएस धोनी। उन्होंने भारत के लिए आखिरी मैच 2019 में खेला था, जिसे 5 साल बीत चुके हैं। इसलिए CSK उन्हें 4 करोड़ रुपए में ही अनकैप्ड प्लेयर के रूप में रिटेन कर सकती है।

    सेंसेक्स में 700 अंक से ज्यादा की गिरावट:निफ्टी भी 200 अंक से ज्यादा गिरा, रियल्टी सेक्टर के शेयर्स सबसे ज्यादा गिरे

    महीने के आखिरी कारोबारी दिन आज यानी 30 सितंबर को सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 84,830 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 200 अंक से ज्यादा की गिरावट है, ये 25,960 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

    सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 23 में गिरावट और 7 में तेजी है। निफ्टी के 50 शेयरों में से 35 में गिरावट और 15 में तेजी है। NSE के रियल्टी सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट है।

    एशियाई बाजार में आज मिलाजुला कारोबार

    • एशियाई बाजार में जापान के निक्‍केई में 4.64% की गिरावट और हॉन्गकॉन्ग के हैंगसेंग इंडेक्स में 2.23% की तेजी है। चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 5.18% बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है।
    • 27 सितंबर को अमेरिका का डाओ जोंस 0.33% चढ़कर 42,313 पर बंद हुआ। नैस्डैक 0.39% गिरकर 18,119 पर बंद हुआ। S&P 500 भी 0.13% गिरकर 5,738 पर बंद हुआ।
    • NSE के डेटा के अनुसार, विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 27 सितंबर को 1,209.10 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। इस दौरान घरेलू निवेशकों (DIIs) ने 6,886.65 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।

    डिफ्यूजन इंजीनियर्स के IPO के लिए बोली लगाने का आज आखिरी दिन

    डिफ्यूजन इंजीनियर्स लिमिटेड के इनिशियल पब्लिक ऑफर यानी IPO के लिए बोली लगाने का आज आखिरी दिन है। यह इश्यू 26 सितंबर को ओपन हुआ था। पिछले दो कारोबारी दिन में डिफ्यूजन इंजीनियर्स का IPO टोटल 27.74 गुना सब्सक्राइब हुआ। रिटेल कैटेगरी में यह इश्यू 34.85 गुना, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) में 0.28 गुना और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) कैटगरी में 47.39 गुना सब्सक्राइब हुआ।

    4 अक्टूबर को कंपनी के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर लिस्ट होंगे। डिफ्यूजन इंजीनियर्स लिमिटेड इस इश्यू के जरिए टोटल ₹158 करोड़ रुपए जुटाना चाहती है। इसके लिए कंपनी पूरे ₹158 करोड़ के 9,405,000 फ्रेश शेयर इश्यू कर रही है। कंपनी के मौजूदा निवेशक ऑफर फॉर सेल यानी OFS के जरिए एक भी शेयर नहीं बेच रहे हैं।

    शुक्रवार को बाजार ऑलटाइम हाई बनाकर गिरा था

    इससे पहले शुक्रवार यानी 27 सितंबर को शेयर बाजार ने लगातार 8वे दिन ऑल टाइम हाई बनाया था। सेंसेक्स ने 85,978 और निफ्टी ने 26,277 का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। हालांकि, बाद में इसमें गिरावट देखने को मिली और सेंसेक्स 264 अंक की गिरावट के साथ 85,571 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 37 अंक की गिरावट रही, ये 26,178 के स्तर पर बंद हुआ।

    सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 15 में तेजी और 15 में गिरावट रही। निफ्टी के 50 शेयरों में से 29 में तेजी और 20 में गिरावट रही। जबकि, एक शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुआ। NSE के मीडिया सेक्टर में सबसे ज्यादा 1.55% की गिरावट थी। जबकि, ऑयल एंड गैस में सबसे ज्यादा 2.37% की तेजी थी।

    कौन होगा हिजबुल्लाह का अगला चीफ:बचपन से नसरल्लाह के साथ रहे सैफिद्दीन का नाम सबसे आगे; इस्लाम पढ़ाने वाला कासिम भी रेस में

    0

    हिजबुल्लाह के चीफ हसन नसरल्लाह की शुक्रवार, 27 सितंबर को इजराइली हमले में मौत हो गई। इजराइल ने लेबनान के बेरूत शहर में हिजबुल्लाह के हेडक्वार्टर पर 80 टन बम का इस्तेमाल किया था। इस हमले में नसरल्लाह के अलावा हिजबुल्लाह के कई सीनियर अधिकारी भी मारे गए हैं। इनमें हिजबुल्लाह के दक्षिणी फ्रंट का कमांडर अली काराकी भी शामिल था।

    नसरल्लाह के मारे जाने के बाद हिजबुल्लाह के सेक्रटरी जनरल (संगठन प्रमुख) का पद खाली है। नसरल्लाह 1992 में संगठन का प्रमुख बना था। वो लेबनान में शिया आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक था। तीन दशक तक हिजबुल्लाह का सबसे अहम चेहरा रहे नसरल्लाह की मौत से संगठन को बड़ा झटका लगा है।

    नसरल्लाह और काराकी के अलावा हिजबुल्लाह का टॉप मिलिट्री कमांडर फुआद शुकर (30 जुलाई को) और एलीट कमांडो यूनिट का फाउंडर इब्राहिम अकील (20 सितंबर को) भी मारे जा चुके हैं।

    ऐसे में बड़ा सवाल है कि हिजबुल्लाह का अगला चीफ कौन होगा…हिजबुल्लाह की टॉप लीडरशिप के ज्यादातर लोगों के मारे जाने के बाद इस रेस में सबसे आगे 2 नाम चल रहे हैं। इनमें से पहला है हाशेम सैफिद्दीन और दूसरा है नईम कासिम।

    हाशेम सैफिद्दीन: हिजबुल्लाह चीफ का प्रमुख दावेदार

    हाशेम सैफिद्दीन का नाम हिजबुल्लाह चीफ के अगले सेक्रेटरी जनरल की रेस में सबसे आगे है। सैफिद्दीन हिजबुल्लाह की ऐग्जीक्यूटिव काउंसिल का सदस्य और हसन नसरल्लाह का चचेरा भाई है।

    उसका जन्म 1964 में लेबनान के डेर कानून अल-नहर शहर में हुआ था। सैफिद्दीन और नसरल्लाह दोनों ने एक साथ धार्मिक शिक्षा ली है। ये दोनों ईरान के कौम और इराक के नजफ जैसे प्रमुख शिया शिक्षा केंद्रों में एक साथ पढ़े हैं।

    नसरल्लाह और सैफिद्दीन दोनों ने ही हिजबुल्लाह के शुरुआती दिनों में संगठन से जुड़े। 1990 के दशक में दोनों को इस्लामी शिक्षा के दौरान ईरान से वापस बुला लिया गया था। 1992 में नसरल्लाह, हिजबुल्लाह का सेक्रेटरी जनरल बन गया था।

    नसरल्लाह के हिजबुल्लाह चीफ बनने के 2 साल बाद ही सैफिद्दीन को भी संगठन की ऐग्जीक्यूटिव काउंसिल का प्रमुुख बना दिया गया। नसरल्लाह के हिजबुल्लाह चीफ बनने के 2 साल बाद ही सैफिद्दीन को भी संगठन की ऐग्जीक्यूटिव काउंसिल का प्रमुुख बना दिया गया।

     

    पिछले 3 दशकों से सैफीद्दीन हिजबुल्लाह की फंडिंग और संगठन की शिक्षा जैसे मामलों को देखता आ रहा है। वहीं नसरल्लाह संगठन के रणनीतिक मामलों को देखता था। इस वजह से अगला प्रमुख बनने के रेस में वह आगे नजर आता है।

    इसके अलावा सैफीद्दीन एक प्रमुख शिया परिवार से आता है। उसके परिवार के कई लोग शिया धार्मिक विद्वान और लेबनान की संसद में सदस्य रह चुके हैं। सैफिद्दीन का भाई अब्दुल्ला, ईरान में हिजबुल्लाह के प्रतिनिधि को तौर पर काम करता है। सैफिद्दीन के ईरान से भी करीबी संबंध हैं।

    सैफिद्दीन के बेटे रेधा की शादी ईरान के पूर्व मिलिट्री जनरल कासिम सुलेमानी की बेटी से हुई है। कासिम सुलेमानी को 2020 में अमेरिकी ने एक हमले में मार दिया था।

    हिजबुल्लाह का नंबर 2 कासिम भी रेस में हिजबुल्लाह का डिप्टी सेक्रेटरी जनरल नईम कासिम (71) भी संगठन के प्रमुख बनने की रेस में है। कासिम को लेबनान में शिया आंदोलन और हिजबुल्लाह का नंबर 2 भी कहा जाता है। कासिम का जन्म 1953 में दक्षिणी लेबनान में नबातियेह के कफार किला गांव में हुआ था।

    1970 के दशक में कासिम, इमाम मूसा अल-सदर के साथ लेबनान में शिया अमल आंदोलन का हिस्सा बना था। बाद में 1980 के दशक की शुरुआत में वह हिजबुल्लाह के आंदोलन के साथ जुड़ा और संगठन की स्थापना करने वाले संस्थापक सदस्यों में शामिल रहा।

    कासिम दशकों से बेरूत में धार्मिक शिक्षा देता आ रहा है। कासिम 1991 में हिजबुल्लाह का डिप्टी सेक्रटरी जनरल बना था। वो हिजबुल्ला की सूरा काउंसिल का सदस्य भी है।

    इजराइली हमले में मारे गए हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह की डेडबॉडी मिल गई है। मेडिकल और सुरक्षा टीमों ने नसरल्लाह के शव को हमले वाली जगह से बरामद किया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक नसरल्लाह के शरीर पर हमले के सीधे निशान नहीं हैं। उसकी मौत के पीछे तेज धमाके से हुए ट्रॉमा को वजह माना जा रहा है।

    इजराइल जिसे अपना दुश्मन नंबर-1 कहा करता था, वो हसन नसरल्लाह मारा जा चुका है। उसने 19 सितंबर को दिए भाषण में इजराइल से बदला लेने की धमकी दी थी। नसरल्लाह ने कहा था-

    इजराइल ने पेजर ब्लास्ट के जरिए लेबनान में जनसंहार की कोशिश की। उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी, सही जगह, सही समय और सही तरीके से हमला किया जाएगा।

    इस भाषण के 8वें दिन 27 सितंबर को उसे मार दिया गया। नसरल्लाह ने पहली बार जब इजराइल के खिलाफ हथियार उठाए थे तब वो सिर्फ 15 साल का था।

    देश का मानसून ट्रैकर:बिहार के दरभंगा में कोसी पर बना बांध टूटा, एक लाख लोग प्रभावित; राजस्थान में बारिश से तापमान 3 डिग्री गिरा

    नेपाल में हुई भारी बारिश की वजह से बिहार के 12 जिलों में बाढ़ का खतरा बन गया है। दरभंगा में देर रात कोसी नदी का बांध टूट गया। इससे एक लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा सीतामढ़ी, शिवहर और बगहा जिले में भी बागमती नदी के 6 तटबंध टूटे हैं।

    प्रशासन ने पश्चिम चंपारण जिले में 8 प्रखंडों के 58 स्कूलों को 2 अक्टूबर तक बंद कर दिया है। बाढ़ का सबसे ज्यादा असर सुपौल और पश्चिमी चंपारण के इलाके में पड़ा है। अररिया में भी बारिश और बाढ़ के कारण रेलवे ट्रैक पर पानी आ गया। अगले 24 घंटे में बाढ़ का दायरा बढ़ेगा।

    उधर, राजस्थान में रविवार को झालावाड़, बारां, राजसमंद, सिरोही, उदयपुर के कई हिस्सों में बारिश हुई। प्रदेश में तापमान भी 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। राजस्थान में सोमवार से बारिश रुक जाएगी।

    मध्यप्रदेश में इस साल मानसून कोटे से 18% ज्यादा बारिश हो चुकी है। सामान्य 37.3 इंच के मुकाबले 43.9 इंच पानी गिर चुका है। 10 जिले तो ऐसे हैं, जहां बारिश का आंकड़ा 50 इंच के पार हो चुका है।

    बगहा में बाढ़ का पानी गांवों में घुस गया। लाेग मवेशियों को लेकर सुरक्षित इलाकों में जा रहे हैं।
    बगहा में बाढ़ का पानी गांवों में घुस गया। लाेग मवेशियों को लेकर सुरक्षित इलाकों में जा रहे हैं।

    30 सितंबर को 13 राज्यों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने तमिलनाडु, कर्नाटक, लक्षद्वीप, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात में 30 सितंबर को तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में 2 से 4 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट है। इन राज्यों में बिजली गिरने की भी संभावना है।

    मानसून की वापसी में देरी मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि 17 सितंबर को राजस्थान से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई शुरू होती है। इस बार 23 सितंबर यानी एक हफ्ते की देरी से हुई। इसके कारण पुणे और मुंबई में 10-12 अक्टूबर से पहले मानसून खत्म होने की संभावना नहीं है। आमतौर पर महाराष्ट्र से मानसून की वापसी 5 अक्टूबर के आसपास होती है।

    IMD वैज्ञानिक एस डी सनप ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव के क्षेत्र बनने और इसके उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना के कारण 26 सितंबर से महाराष्ट्र में अच्छी बारिश होगी।

    IMD के मुताबिक, महाराष्ट्र में इस मानसून सीजन में लंबे अंतराल के बाद बारिश शुरू हुई है। ऐसे में अक्टूबर में महाराष्ट्र से मानसून खत्म होने की भविष्यवाणी करना अभी जल्दबाजी होगी।

    मध्यप्रदेश में इस साल मानसून कोटे से 18% ज्यादा बारिश हो चुकी है। सामान्य 37.3 इंच के मुकाबले 43.9 इंच पानी गिर चुका है। 10 जिले तो ऐसे हैं, जहां बारिश का आंकड़ा 50 इंच के पार हो चुका है। आने वाले दिनों में तेज बारिश के आसार कम ही हैं। सोमवार को भोपाल, इंदौर समेत 37 जिलों में बूंदाबांदी हो सकती है।

    बिहार के 12 जिलों में बाढ़ का खतरा बन गया है। इन जिलों के 20 प्रखंडों के करीब 2 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है। यहां हालात और भी गंभीर हो सकते हैं, क्योंकि नेपाल की ओर से छोड़ा गया पानी बिहार के मैदानी इलाकों में फैलने की संभावना बढ़ गई है।

    राजस्थान में बारिश का दौर रविवार को भी जारी रहा। झालावाड़, बारां, राजसमंद, सिरोही, उदयपुर के कई हिस्सों में बारिश हुई। कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभाग के कई जिलों में बादल छाए। बारिश होने और ठंडी हवा चलने से प्रदेश में तापमान भी 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। मौसम विशेषज्ञों ने आज से राज्य में बारिश का दौर थमने की संभावना जताई है।

    हरियाणा में आज से 6 दिन तक मौसम साफ रहेगा। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने सूबे के किसी भी जिले के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम खुश्क रहने से दिन में तेज धूप निकलेगी, जिससे पारा में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। अच्छी बात यह है कि सूबे में मानसूनी बारिश का कोटा अब पूरा हो चुका है।

    छत्तीसगढ़ में मानसून सीजन का आज (सोमवार को) आखिरी दिन है। मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक, अगले 2 दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। रविवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 34 डिग्री के पार दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा तापमान 34.9 डिग्री महासमुंद में दर्ज किया गया। आज बस्तर संभाग के कुछ जिलों में बारिश की संभावना है।