More
    Home Blog Page 51

    राष्ट्रपति ने साइबर हमले को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया, कहा- मजबूत प्रणाली जरूरी

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि साइबर हमले का मुद्दा देश के शासन ढांचे को प्रभावित करता है। नागरिक सेवाओं और सशस्त्र बलों को मिलकर इस खतरे को रोकने के लिए एक मजबूत प्रणाली बनानी होगी।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को कहा कि साइबर हमले राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन गए हैं। उन्होंने कहा कि नागरिक सेवाओं और सशस्त्र बलों को मिलकर एक सुरक्षा प्रणाली बनाने की जरूरत है, ताकि इन हमलों को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सिर्फ सीमाओं की रक्षा करने तक सीमित नहीं है। बल्कि अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, उर्जा और साइबर सुरक्षा जैसे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे भी इसमें शामिल हैं।

    मुर्मू ने राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के संकाय और सदस्यों को राष्ट्रपति भवन में संबोधित किया। उन्होंने कहा, इन चिंताओं का समाधान करने के लिए गहन शोध की जरूरत है और इन मुद्दों से निपटने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को अपनाना होगा। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि साइबर हमलों का सामना करने के लिए उच्च तकनीकी हस्तक्षेप और मजबूत डिजिटल बुनियादी ढांचे की जरूरत है। साथ ही प्रशिक्षित और विशेषज्ञता रखने वाला मानव संसाधन जरूरी है।

    उन्होंने आगे कहा, यह मुद्दा देश के शासन ढांचे को प्रभावित करता है। नागरिक सेवाओं और सशस्त्र बलों को मिलकर इस खतरे को रोकने के लिए एक मजबूत प्रणाली बनानी होगी। मुर्मू ने यह भी बताया कि शासन प्रणालियों में बड़े पैमाने पर डाटा और संवेदनशील जानकारी उपलब्ध है, जिसे असुरक्षित नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे की गंभीरता को समझने और ठोस उपाय करने की जरूरत है।

    राष्ट्रपति ने आगे कहा कि सशस्त्र बलों की भूमिका पारंपरिक सैन्य मामलों से आगे बढ़ चुकी है और भविष्य के युद्धों के लिए एक बहु-राज्य और बहु-एजेंसी दृष्टिकोण की जरूरत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न संगठन और विभाग अलग-अलग कार्य करते हैं, जिससे लक्ष्यों को हासिल करने में मुश्किलें होती हैं। उन्होंने कहा कि इस पाठ्यक्रम का मकसद अधिकारियों को सहयोग बढ़ाने और कार्यकुशलता के लिए तैयार करना है।

    उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक माहौल में कई चुनौतियां हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिकारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा साइंस जैसी तकनीक के तेजी से विकास के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने की आवश्यकता है।
    अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करें

    गरबा पंडाल में हर व्यक्ति को पिलाया जाए गौमूत्र,” बयान पर विवाद बढ़ता देख भाजपा नेता चिंटू वर्मा ने दी सफाई

    गरबा पंडाल में गैर-हिंदुओं की एंट्री को कैसे रोका जाए, इसपर लेकर हर साल विवाद देखने को मिलता है। ऐसे में इंदौर भाजपा के जिलाध्यक्ष चिंटू वर्मा ने नवरात्रि पर्व पर आयोजित होने वाले गरबा महोत्सव में गैर हिंदुओं के प्रवेश को रोकने को लेकर कहा कि गरबा पंडाल में आने वाले हर व्यक्ति को गौमूत्र पिलाया जाए। जब मामले ने तूल पकड़ा तो भाजपा के जिलाध्यक्ष चिंटू वर्मा ने अब सफाई दी है। चिंटू वर्मा ने गौमूत्र को लेकर दिए अपने बयान पर कहा कि यह बयान पवित्र भाव और भावना से व्यक्त की गई थी। कांग्रेस ने इस राजनीतिक विवाद का रुप दिया। बयान का अर्थ गरबा पंडाल में गौमूत्र की अनिवार्यता से नहीं था। व्यक्तिगत विचार पर विवाद नहीं होना चाहिए।
    गौमूत्र विवाद ने पकड़ा तूल, तो भाजपा नेता ने दी सफाई
    उन्होंने कहा, ये मेरे विचार हैं, मेरी आस्था है, जिसे मैंने व्यक्ति किया। बता दें कि चिंटू वर्मा ने कहा था कि गरबा पंडाल में गौमूत्र पिलाकर ही प्रवेश दिया जाए। इससे आयोजनों में केवल हिंदू लोग ही प्रवेश करेंगे। बता दें चिंटू वर्मा ने अपने बयान में आगे कहा था कि गौमूत्र पिलाने से यह पता चल जाएगा कि आखिर कौन हिंदू है और कौन गैर हिंदू है। उन्होंने कहा था कि इस तरीके से साफ भी मर जाएगी और लाठी भी नहीं टूटेगी। चिंटू वर्मा ने अपने बयान में कहा था कि जो भी व्यक्ति हंदू होगा, उसे गौमूत्र पीने में कोई आपत्ति नहीं होगी। यह तरीका वहां भी कामयाब है, जहां व्यक्तियों के आधार कार्ड से पहचान करने में चूक हो जाती है।

    क्या था बयान?
    उन्होंने कहा कि आधार कार्ड को एडिट भी किया जा सकता है। गैर हिंदू युवक गरबा में आने के लिए तिलक भी लगवा लेते हैं और हाथ पर कलावा भी बांध लेते हैं। लेकिन गौमूत्र ही एक ऐसा तरीका है, जिससे लोगों की असली पहचान हो जाएगी। भाजपा जिला अध्यक्ष चिंटू वर्मा ने शहर के सभी गरबा आयोजकों से अपील की थी कि वे गरबा में आने वाले सभी लोगों को गौमूत्र पिलाने के बाद ही पंडाल में प्रवेश करने दें। बता दें कि हर साल गरबा पर्व से पूर्व इस तरह के विवादित बयान देखने को मिलते हैं। कई स्थानों पर पर हाथापाई तक की नौबत भी आ जाती है।

    सोनम वांगचुक दिल्ली के पुलिस स्टेशन में अनशन पर बैठे:पुलिस ने कल हिरासत में लिया था; मामला हाईकोर्ट पहुंचा, 3 अक्टूबर को सुनवाई

    लेह से चलकर दिल्ली पहुंचे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक और उनके करीब डेढ़ सौ साथियों को दिल्ली पुलिस ने सोमवार की रात सिंघु बॉर्डर पर हिरासत में ले लिया था. अब खबर आ रही है कि सोनम वांगचुक और उनके साथी थाने के अंदर ही अनशन पर बैठ गए हैं. सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने पर राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की आलोचना की है.

    लद्दाख के लिए विशेष दर्जे की मांग को लेकर लेह से दिल्ली तक का पदयात्रा कर रहे शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अनशन पर बैठ गए हैं. लेह से चलकर दिल्ली पहुंचे एक्टिविस्ट वांगचुक और उनके करीब डेढ़ सौ साथियों को दिल्ली पुलिस ने सोमवार की रात सिंघु बॉर्डर पर हिरासत में ले लिया था. इन लोगों को अलग-अलग थानों में रखा गया है. सूत्रों की माने तो सोनम वांगचुक और उनके करीब 30 साथियों को बवाना पुलिस स्टेशन में हिरासत में रखा गया है. सिंघु बॉर्डर पर लद्दाख के सांसद हाजी हनीफ को उनके समर्थकों के साथ पुलिस ने हिरासत मे ले लिया है.

    सूत्र बताते हैं कि सोनम वांगचुक और उनके साथी थाने के अंदर ही अनशन पर बैठ गए हैं. थाने के बाहर फोर्स को तैनात कर दिया गया है. संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य सत्येंद्र का कहना है कि वह बवाना थाने के अंदर सोनम वांगचुक से मिलकर आए हैं. वह स्वस्थ हैं और सभी अनशन पर बैठे हैं.

    इस मामले पर राजनीति भी हो रही है. राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल ने सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने पर सरकार पर तीखे वार किया है. राहुल गांधी ने अपने एक्स पर पोस्ट किया है कि सोनम वांगचुक जी और पर्यावरण और संवैधानिक अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण मार्च कर रहे सैकड़ों लद्दाखियों को हिरासत में लेना अस्वीकार है.लद्दाख के भविष्य के लिए खड़े होने वाले बुजुर्गों को दिल्ली की सीमा पर क्यों हिरासत में लिया जा रहा है? मोदी जी, किसानों की तरह यह चक्रव्यूह भी टूटेगा.

    आज मिलने जाएंगी मुख्यमंत्री आतिशी
    दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि सोनम वांगचुक और हमारे 150 लद्दाखी भाई-बहन शांतिपूर्ण तरीक़े से दिल्ली आ रहे थे. उनको पुलिस ने रोक लिया है. कल रात से बवाना थाने में क़ैद हैं. क्या लद्दाख के लोकतांत्रिक अधिकार माँगना ग़लत है? क्या 2 अक्तूबर को सत्याग्रहियों का गांधी समाधि जाना ग़लत है? सोनम वांगचुक जी को रोकना तानाशाही है. आज दोपहर 1 बजे मैं उनसे मिलने बवाना थाने जाऊँगी.

    वांगचुक को मिला राकेश टिकैत का साथ
    भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि लद्दाख से दिल्ली तक पैदल मार्च कर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने आ रहे सोनम वांगचुक व अन्य लोगों को दिल्ली पुलिस ने डिटेन कर लिया है यह सब गैरकानूनी और असंवैधानिक है हम आजाद देश के लोग हैं और हमें अपनी बात रखने का अधिकार है हम सभी लोग उनके साथ हैं.

    क्या चाहते हैं एक्टिविस्ट
    वांगचुक और अन्य एक्टिविस्ट लेह से नई दिल्ली तक पैदल मार्च पर निकले थे ताकि केंद्र सरकार से लद्दाख के नेतृत्व के साथ उनकी मांगो के संबंध में बातचीत फिर से शुरू करने का आग्रह किया जा सके. उनकी प्रमुख मांगों में एक यह है कि लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किया जाए और लद्दाख में एक और संसदीय सीट को बढ़ाना , शासन में सरकारी नौकरियों और भूमि अधिकारों में पर्याप्त प्रतिनिधित्व की मांग आदि शामिल है. जिससे स्थानीय लोगों को अपनी भूमि और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए कानून बनाने की शक्ति मिल सके. इनको लेकर लद्दाख के लोग 2019 से ही धरना प्रदर्शन कर रहे हैं .वांगचुक और लगभग 75 स्वयंसेवकों ने 1 सितंबर को लेह से अपना पैदल मार्च शुरू किया था. वह इससे पहले मार्च में 21 दिन का भूख हड़ताल भी का कर चुके है.

    हिजबुल्लाह ने Fadi-4 मिसाइल से किया मोसाद के हेड क्वॉर्टर पर बड़े हमले का दावा, इजरायल में खलबली

    बेरूतः हिजबुल्लाह ने इजरायली सेना की खुफिया एजेंसी मोसाद के हेड क्वॉर्टर पर बड़ा मिसाइल हमला करने का दावा किया है। इससे इजरायल में खलबली मच गई है। हिजबुल्लाह का दावा है कि उसने इजरायल के जमीनी अभियान के विरोध में दक्षिणी लेबनान पर मोसाद खुफिया एजेंसी के मुख्यालय को निशाना बनाया है। रिपोर्टों में कहा गया है कि लेबनानी आतंकवादी समूह ने हर्ज़लिया के पास ग्लिलोट बेस पर “फादी-4” मिसाइलें दागीं। कहा गया है कि आईडीएफ की सैन्य खुफिया इकाई और मोसाद मुख्यालय हिजबुल्लाह के इस हमले को रोकने से चूक गए।
    न्यूजवीक की रिपोर्ट के अनुसार हिजबुल्लाह के मोसाद हेड क्वॉर्टर पर हमले के दावे के बाद इजरायल में मैगन डेविड एडोम एम्बुलेंस सेवा के अनुसार रॉकेट की चपेट में आने के बाद एक सड़क अवरुद्ध हो गई है। एम्बुलेंस सेवा ने कहा कि उसने घटनास्थल पर दो लोगों का इलाज किया, जिनमें छर्रे लगने से घायल एक बस चालक और एक अन्य मोटर चालक शामिल थे। फादी-4 हिजबुल्लाह की सबसे घातक मिसाइल है।

    ईरानी एजेंसी ने भी की हमले की पुष्टि
    ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार मीडिया सूत्रों ने मंगलवार सुबह बताया कि इजरायल पर हिजबुल्लाह के मिसाइल हमले के बाद तेल अवीव में सायरन बज गया। तेल अवीव सहित कब्जे वाले फिलिस्तीन के पूरे मध्य क्षेत्र में अलार्म सायरन बजने से लोगों के बीच अफरातफरी मच गई। वहीं अल मनार ने ज़ायोनी सूत्रों के हवाले से बताया कि तेल अवीव हवाई क्षेत्र में कई विस्फोट सुने गए। इस बीच, सोशल मीडिया पर प्रकाशित वीडियो में दिखाया गया है कि हिजबुल्लाह की मिसाइलों ने इजरायल के कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों पर हमला किया है। एक इजरायली अखबार ने बताया कि तेल अवीव की ओर 5 मिसाइलें दागी गईं। इज़रायली सेना ने लेबनान से मिसाइल हमले की भी सूचना दी।
    इजरायल का बयान आया सामने
    इजरायल ने हिज़्बुल्लाह की ओर से मिसाइल हमले किए जाने की पुष्टि की है। हालांकि यह नहीं बताया कि ये हमला मोसाद हेड क्वॉर्टर पर हुआ है। आईडीएफ ने कहा कि हिजबुल्लाह द्वारा दागी गई एक मिसाइल सीधे मध्य इज़रायल के एक अरबी गांव कफ़र कासेम में गिरी। ऐसा पहली बार नहीं है जब इस क्षेत्र में हिजबुल्लाह ने मिसाइल हमला किया है। हिज़्बुल्लाह केवल इजरायलियों को नुकसान पहुंचाना चाहता है, वह कोई भी हो और कैसा भी हो। इजरायल ने इसका वीडियो भी जारी किया है।

    एमपी में कांग्रेस को साथ लेकर चलेंगे सीएम मोहन यादव, उनके विधायकों के साथ मीटिंग कर मांगा पांच साल का प्लान

    भोपाल: एमपी विकास के मुद्दे पर सीएम मोहन यादव सबको साथ लेकर चल रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के साथ उन्होंने सीएम हाउस में कांग्रेस विधायकों से मुलाकात की है। इस दौरान सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस विधायकों की बात सुनी है। मुलाकात के बाद सीएम मोहन यादव ने कहा कि सकारात्मक विपक्ष प्रदेश के लिए भी बेहतर काम करेगा।
    विधायकों से सरकार के कामों की चर्चा की

    इस दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में भी विधायकों से परस्पर चर्चा की है। खासकर के पहले हमने अपनी फसलों के सर्वे का फैसला किया। जिसके लिए हमने जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि अगर फसल खराब हुई है तो उसका निराकरण करें।

    बड़े निगमों में गौशाला बनाने के निर्देश

    इसके साथ ही सीएम मोहन यादव ने कहा कि गौशालाओं के लिए उनकी व्यवस्था अच्छी बनी रहे, उसका अनुदान बढ़ाने के लिए नगरीय क्षेत्र में इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर बड़ी-बड़ी नगर निगमों में गौशाला बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही गौ धन को बढ़ावा देने के साथ ही दूध पर बोनस और दूध उत्पादन में भी मध्यप्रदेश देश का नंबर वन राज्य बने इसका फैसला किया है।
    परिसीमन आयोग के बारे में दी जानकारी
    सीएम मोहन यादव ने बताया कि हमने राज्य परिसीमन आयोग भी बनाया है। जिला संभाग, तहसीलों को अपनी सीमाएं बदलने के लिए सभी प्रकार के सुझाव भी लेंगे। विकास के मामलों में भी सरकार द्वारा किए गए कार्यो से उन्हें अवगत कराया गया है।
    विधायक विजन डॉक्युमेंट बनाएं

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि सभी विधायक वो चाहे कांग्रेस के हो, या बीजेपी के सभी अपनी-अपनी विधानसभाओं में विजन डाक्यूमेंट बनाएं। पांच सालों मे विकास के मामले में वो अपनी विधानसभा को कहां ले जाना चाहते हैं और उसमें हम समान रूप से सारे विधायकों की मदद करेंगे।

    विकास के मामले में बनाएंगे नंबर वन

    उन्होंने कहा कि विकास के मामलों में मध्यप्रदेश देश का नंबर वन राज्य बने इस प्रयास में हम लगे हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि सारे जनप्रतिनिधि वो अपनी अपनी चिंता करके आ रहे हैं। हम सबने भी कोशिश की है कि मध्यप्रदेश को एक नए रूप में भी लाना है। जहां से हम चले थे, उससे और भी डबल स्थिति पाना है। मैं उम्मीद करता हूं कि आने वाले समय में विकास की गति को इसी तरह जारी रखेंगे।

    जिला अस्पताल देवास में वृद्धजनों के लिए 01 अक्टूबर को निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर होगा आयोजित

    देवास मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सरोजनी जेम्स बेक ने बताया की जिला अस्पताल देवास में 01 अक्टूबर वृद्धजन दिवस पर वृद्धजनो के लिए निःशुल्क विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने वृद्धजनों से आग्रह किया है कि अधिक से अधिक वृद्धजन शिविर में आकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करें। शिविर में आने वाले वृद्धजनो, मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण के साथ विशेष सेवाऐं जैसे ईसीजी, बीपी जांच, शुगर जांच, ब्लड टेस्ट, नेत्र परीक्षण, मानसिक जांच, बधिरता, श्रवण जांच, नाक-कान- गला जांच, हड्डी रोग समस्या की जांच, स्त्री रोग की जांच, सर्जरी से संबंधित जांच, हार्ट की जांच, क्षय रोग की जांच, फीजियोथैरेपी सेवाएं, दंतरोग जांच, निःशुल्क दवा वितरण आदि सेवाएं विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा दी जायेगी।

    ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

    साल का आखिरी सूर्यग्रहण लगने को तैयार, आसमान में दिखेगी ‘रिंग ऑफ फायर’, जानें क्यों होती है ये दुर्लभ खगोलीय घटना

    साल 2024 का दूसरा सूर्यग्रहण लगने में बस कुछ घंटे बाकी हैं। 2 अक्टूबर को लगने वाला यह साल का आखिरी सूर्यग्रहण भी होगा। इसके पहले 8 अप्रैल को सूर्यग्रहण लगा था, तब धरती पर पूरी तरह अंधेरा छा गया था। वह एक पूर्ण सूर्यग्रहण था, जबकि 2 अक्टूबर को वलयाकार होगा। इस दौरान आसमान में सूरज आग के छल्ले की तरह नजर आएगा। इसे रिंग ऑफ फायर भी कहा जाता है। सूर्यग्रहण की टाइमिंग क्या होगी, कहां और कैसे नजर आएगा, ये सब हम बताएंगे, लेकिन उसके पहले जानते हैं कि सूर्यग्रहण आखिर क्या है और कैसे होता है?
    सूर्यग्रहण क्या है?
    सूर्यग्रहण एक खगोलीय घटना है, जो उस समय होती है, जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में आ जाते हैं। चंद्रमा के बीच में आ जाने से सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर नहीं पहुंच पाता है, जिससे एक दुर्लभ नजारा होता है। सूर्य ग्रहण तीन तरह के होते हैं- पूर्ण सूर्यग्रहण, वलयाकार सूर्यग्रहण और आंशिक सूर्यग्रहण। इसके पीछे पृथ्वी और चंद्रमा की बदलती दूरी वजह बनती है।
    पूर्ण सूर्यग्रहण क्या होता है?
    वैसे तो सूर्य चंद्रमा से लगभग 400 गुना बड़ा है, लेकिन यह लगभग 400 गुना दूरी पर भी है। यही वजह है कि हमें आसमान में सूर्य और चंद्रमा लगभग एक ही आकार के दिखाई देते हैं। लेकिन पृथ्वी और चंद्रमा की दूरी बदलती भी है, जिससे इसके आकार में अंतर होता है। जब चंद्रमा पृथ्वी के नजदीक होता है, उस दौरान वह बड़ा दिखाई देता है। इस समय सूर्यग्रहण लगने पर चंद्रमा सूर्य के कोरोना को पूरी तरह ढक लेता है और पृथ्वी पर दिन में कुछ समय के लिए अंधेरा हो जाता है।
    क्यों होता है रिंग ऑफ फायर?
    धरती के चारों को चंद्रमा की कक्षा अंडाकार है। इसका मतलब है कि पृथ्वी की परिक्रमा करते समय यह हमसे दूरी बदलता रहा है। वहीं, पृथ्वी भी अपनी कक्षा में घूमते हुए सूर्य से दूरी बदलती है। जब चंद्रमा पृथ्वी के सबसे सबसे दूर बिंदु पर होता है, तो यह सामान्य से छोटा दिखाई देता है। इस बिंदु पर या उसके पास होने पर यह सूर्य के ठीक सामने से गुजरता है तो यह सूर्य को पूरी तरह से ढकता नहीं दिखाई देता है। इसके चलते चंद्रमा के चारों ओर सूर्य की रोशनी का छल्ला दिखाई देता है। यह रिंग ऑफ फायर जैसा नजर आता है।
    आंशिक सूर्यग्रहण
    जब चंद्रमा और सूर्य पूरी तरह एक सीध में नहीं होते हैं और चंद्रमा का केवल एक हिस्सा सूर्य के सामने से गुजरता है। इस दौरान यह सूर्य के एक हिस्से को ही ढकता है। इस खगोलीय घटना को आंशिक सूर्यग्रहण के नाम से जाना जाता है। वैसे यह जानना जरूरी है कि पृथ्वी भी सूर्य के चारों ओर थोड़ा अंडाकार कक्षा में चक्कर लगाती है। इसके चलते यह कभी सूर्य के करीब (जनवरी में) और कभी दूर (जुलाई में) होती है। पृथ्वी के करीब और दूर जाने से सूर्य का आकार भी बदलता है। यह भी इस बात में भूमिका निभा सकता है कि ग्रहण वलयाकार होगा या पूर्ण सूर्यग्रहण।
    कब दिखेगा रिंग ऑफ फायर?
    टाइम एंड डेट डॉट कॉम के अनुसार, वलयाकार ग्रहण को दक्षिणी गोलार्द्ध में स्थित प्रशांत महासागर, चिली और दक्षिणी अर्जेटीना के इलाके में देखा जा सकेगा भारतीय समयानुसार रात के 9:13 बजे शुरू होगा और 3 अक्टूबर को सुबह 3:17 बजे तक देखा जा सकेगा। इस तरह यह लगभग छह घंटे तक रहेगा।
    भारत के खगोलप्रेमियों के लिए निराशा भरी खबर है। 2 अक्टूबर को लगने वाला सूर्यग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा, क्योंकि उस समय यहां रात हो रही होगी। हालांकि, पूरी तरह निराश होने की जरूरत नहीं है। विभिन्न खगोलीय एजेंसियां सूर्यग्रहण का लाइव टेलीकास्ट करेंगी, जहां इसे देखा जा सकता है।

    आखिरी विकल्प में ही बुलडोजर ऐक्शन, अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं रुकेगी…सुप्रीम कोर्ट की दो टूक

    नई दिल्ली: बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है। ऐसे में सार्वजनिक जगहों पर अवैध निर्माण पर बुलडोजर एक्शन नहीं रुकेगा। सड़क के बीच धार्मिक निर्माण गलत है। अवैध मंदिर, दरगाह को हटाना होगा। लोगों की सुरक्षा सबसे जरूरी कदम है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोई भी शख्स आरोपी या दोषी है यह डेमोलेशन का आधार नहीं हो सकता है। देश भर के लिए इस मामले में गाइडलाइंस जारी होगा। कोर्ट ने बुलडोजर एक्शन पर फैसला सुरक्षित रखा। फैसला सुनाए जाने तक बुलडोजर एक्शन पर रोक जारी रहेगी।
    हम अवैध निर्माण हटाने के खिलाफ नहीं- सुप्रीम कोर्ट
    डेमोलेशन मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सर्वोच्च कोर्ट ने इस दौरान कहा कि वह इस केस में दिशा-निर्देश जारी करेंगे। कोई भी शख्स आरोपी या दोषी है यह डेमोलेशन का आधार नहीं हो सकता है। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह अवैध निर्माण हटाने के खिलाफ नहीं हैं लेकिन वह इसके लिए गाइडलाइंस जारी करेंगे। हमारा देश धर्म निरपेक्ष है और सभी नागरिकों की रक्षा के लिए निर्देश जारी होगा।
    डेमोलिशन को लेकर गाइडलाइंस जारी करेंगे : SC
    देश के कई राज्यों में चल रहे बुलडोजर एक्शन पर जमीयत उलेमा ए हिंद की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने कहा कि हम एक धर्मनिरपेक्ष देश हैं, हम सभी नागरिकों के लिए गाइडलाइन जारी करेंगे। अवैध निर्माण हिंदू, मुस्लिम कोई भी कर सकता है। हमारे निर्देश सभी के लिए होंगे, चाहे वे किसी भी धर्म या समुदाय के हों। सिर्फ सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण को हटाने की ही छूट होगी।
    17 सितंबर का अंतरिम आदेश जारी रहेगा- सुप्रीम कोर्ट
    जस्टिस गवई ने कहा कि अगर सड़क के बीच में कोई धार्मिक स्ट्रक्चर है चाहे मंदिर हो या दरगाह या फिर गुरुद्वारा, यह सभी के लिए बाधा नहीं बन सकी। सार्वजनिक सुरक्षा सर्वोपरि है। अगर सड़क के बीच में कोई धार्मिक संरचना है, तो बुलडोजर एक्शन हो सकता है। हालांकि, तोड़-फोड़ के लिए समय देना होगा। यही नहीं कोर्ट ने बुलडोजर एक्शन पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। 17 सितंबर का अंतरिम आदेश जारी रहेगा।

    थाने पर शांति समिति की मीटिंग सपन्न ।

    देवास पीपलरावां। नवरात्र व दशहरा को लेकर टीआई कमलसिंह गेहलोत ने शांति समिति की बैठक ली। टीआई ने घट स्थापना वाले स्थानों, विसर्जन जुलूस, गरबा, कन्या भोज,रावण दहन, पथ संचलन सहित अन्य कार्यक्रमों की जानकारी ली। साथ ही पंडालों में सीसी टीवी कैमरे लगाने , डीजे प्रतिबंधित होने व शांति से त्यौहार मनाने के निर्देश दिए। आनंद पाटीदार,पीरूलाल आदिवासी, शरद भावसार, मधुसूदन नवगोत्री, अजय मंडलोई, विकास यादव के साथ विहिप के अशोक राठौर, महेंद्र जोशी, राहुल कुशवाह व दाऊद खां पठान, छगन गुप्ता, भेरूलाल राठौर, रशीद मंसूरी, नौशाद मंसूरी, कपिल व्यास , भारत सिंह सिसोदिया, वकील खा मंसूरी आदि मौजूद थे।

    ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

    आतंकवाद की बात और नेतन्याहू से बातचीत… क्या पीएम मोदी ने कह दी अपने मन की बात?

    नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम पर बात की और इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद के लिए हमारी दुनिया में कोई जगह नहीं है। पीएम मोदी ने कहा कि क्षेत्रीय तनाव को रोकना और सभी बंधकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। सोमवार को हुई इस बातचीत में पीएम मोदी ने किसी विशेष घटना का जिक्र तो नहीं किया लेकिन यह बात ऐसे वक्त में हुई है जब हमास के बाद अब लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर इजरायल हमले कर रहा है।
    पीएम मोदी का निशाना किसकी ओर
    पिछले सप्ताह लेबनान में किए गए इजराइली हमलों में हिज्बुल्लाह के सात कमांडर मारे गए, जिनमें हसन नसरल्ला भी शामिल था। पीएम मोदी ने किसी घटना या किसी संगठन का जिक्र नहीं किया और उनका जोर आतंकवाद शब्द पर रहा। पीएम मोदी अक्सर भारत और दुनिया के दूसरे मंचों से आतंकवाद को लेकर अपनी बात कई बार कह चुके हैं। इतना ही नहीं मोदी आतंकवाद को लेकर दोहरा रवैया रखने वाले देशों पर भी निशाना साधते रहे हैं।

    भारत पहले भी कह चुका है यह बात
    भारत की ओर से लगातार यह कहा जाता है कि इसके लिए कोई अलग पैमाना नहीं हो सकता है। यही वजह है कि भारत पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को भी क्लियर कर चुका है कि तब तक कोई बातचीत नहीं होगी जब तक आतंकवाद बंद नहीं होता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान और चीन को परोक्ष रूप से निशाने पर लेते हुए कह चुके हैं कि कुछ देश अपनी विदेश नीति के तहत आतंकवाद का समर्थन करते हैं जबकि कुछ अन्य देश आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई को रोकने के लिए अप्रत्यक्ष रूप से ऐसा करते हैं।

    आतंकवादियों के प्रति सहानुभूति क्यों
    उन्होंने आतंकवादियों के प्रति सहानुभूति पैदा करने की कोशिश करने वाले संगठन, देश और व्यक्तियों को अलग-थलग किए जाने की बात पर बार-बार जोर देते हैं। इतना ही नहीं भारत का यह मानना है कि आतंकवादी संगठनों को कई स्रोतों से पैसा मिलता है। एक स्रोत किसी देश से मिलने वाली मदद है। कुछ देश अपनी विदेश नीति के तहत आतंकवाद का समर्थन करते हैं। कुछ ऐसे भी देश हैं जो इन आतंकवादी संगठनों को राजनीतिक, वैचारिक और वित्तीय सहायता प्रदान करते हैं।
    मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम के बारे में प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बात की। आतंकवाद के लिए हमारी दुनिया में कोई जगह नहीं है। क्षेत्रीय तनाव को रोकना और सभी बंधकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली के प्रयासों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है।
    पाकिस्तान पर कटाक्ष
    अभी हाल ही में बदहाली से गुजर रहे पाकिस्तान पर भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एकदम सटीक कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान यदि भारत से अच्छे संबंध रखता तो जितना वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से मांग रहा है उससे ज्यादा तो भारत उसे दे देता। पाकिस्तान आतंकवाद को पालने-पोसने में पैसा बहा रहा है और भारत विकास कार्यों पर खर्च कर रहा है।