Indore News: भोपाल गैस कांड से जुड़ी यूनियन कार्बाइड फैक्टरी की जहरीली राख को इंदौर के पास पीथमपुर में लैंडफिल कर दिया गया है। यह वही राख है जो छह माह पहले विषैले कचरे को जलाने के बाद बची थी। हाईकोर्ट के निर्देश पर करीब 900 टन राख को सुरक्षित रूप से जमीन में दफन किया गया।

आधा किलोमीटर दूर है आबादी
प्रशासन के अनुसार जिस परिसर में यह राख दफन की गई है, वह आबादी क्षेत्र से करीब आधा किलोमीटर दूर स्थित है। इससे पहले भी यहां 30 टन से अधिक जहरीला कचरा लैंडफिल किया जा चुका है।
ग्रामीणों की चिंता बरकरार
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पहले किए गए लैंडफिल के बाद गांव की नदी का पानी काला हो गया था। उस पानी से फसलें खराब हो जाती हैं और पशु बीमार पड़ जाते हैं। इसी कारण वे अब इस पानी का उपयोग नहीं करते। नई राख के दफन से लोगों में फिर से चिंता गहरा गई है।
त्रासदी की यादें अब भी जिंदा
42 साल पहले भोपाल में यूनियन कार्बाइड फैक्टरी से रिसी जहरीली गैस ने हजारों लोगों की जान ली थी। गर्भवती महिलाओं और उनकी संतानों तक पर इसका असर पड़ा। उस हादसे के अवशेष अब राख के रूप में खत्म किए जा रहे हैं, लेकिन पीड़ितों की पीड़ा और भय आज भी लोगों के मन में जीवित है।
यह लैंडफिल प्रक्रिया प्रशासन के लिए एक कानूनी दायित्व जरूर है, लेकिन पीथमपुर और आसपास के गांवों के लिए यह भविष्य को लेकर एक नई आशंका भी बन गई है।




