More
    Home Blog Page 49

    एक ही दिन में 101 लोगों के टेस्ट, क्या खतरनाक स्तर पर पहुंच गए चिकनगुनिया-डेंगू के मामले?

    भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चिकनगुनिया और डेंगू का खतरा पैदा हो गया है. स्वास्थ्य विभाग ने 1 अक्टूबर को भोपाल में 101 लोगों के चिकनगुनिया टेस्ट किए. यह आंकड़ा एक ही दिन में करीब-करीब चार गुना है. सितंबर में यह आंकड़ा महज 28 था. इतने लोगों का एक दिन में टेस्ट होना यह दिखाता है कि चिकनगुनिया को लेकर मामला गंभीर रूप ले सकता है. हालांकि, इस मामले में स्वास्थ्य अधिकारी फिलहाल कुछ कह नहीं रहे. भोपाल में चिकनगुनिया के 1614 टेस्ट की पॉजिटिव दर 6.9 फीसदी है. इधर, 1 अक्टूबर को चिकनगुनिया के तीन नए मामले भी सामने आए.

    गौरतलब है कि भोपाल के बाग मुगलिया, जेके रोड, सोनागिरी, साकेत नगर, कोलार, नरेला शंकरी, रत्नागिरी, भदभदा, बैरागढ़, करोंद, शहीद नगर, शाहपुरा, द्वारका नगर, हबीबगंज, पिपलिया पेंदें खां, एम्स हॉस्टल, बरखेड़ा, अवधपुरी, खजुरीकलां, झील नगर, इंदिरा नगर, एकता नगर, पंचशील नगर, सुरभि कलश, बीडीए कॉलोनी, दानिश नगर, अविनाश नगर इश्वर नगर और बाग सेवनिया इलाके चिकनगुनिया से ग्रसित हैं. भोपाल से प्रकाशित अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, 1 अक्टूबर को भोपाल में डेंगू के 9 मामले सामने आए. इस तरह इस बीमारी से पीड़ित मरीजों का आंकड़ा 131 हो गया है. पिछले 8 महीनों में भोपाल में डेंगू के 214 मामले जिला मलेरिया कार्यालय में दर्ज किए गए.

    इसलिए जरूरी है टेस्टिंग होना
    इस बीमारी की पॉजिटिव दर 4 फीसदी हो गई है. इससे स्वास्थ्य विभाग के कान खड़े हो गए हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों का टेस्ट होना जरूरी है. टेस्ट होने से बीमारी का पता समय पर चल जाता है. बीमारी का पता समय से चलने पर उसका इलाज भी सही वक्त पर हो जाता है. चिकनगुनिया मच्छरों से काटने से फैलता है. इसके लक्ष्णों में बुखार, जोड़े दर्द करना शामिल हैं. ऐसे में अगर कोई इन लक्ष्णों से पीड़ित है तो उसका टेस्ट करना जरूरी होता है. यह भी जानना जरूरी होता है क्या पीड़ित ऐसी जगह गया था, जो चिकनगुनिया से ग्रसित हो.

    कमला हैरिस ने की इजरायल पर ईरान के हमले की निंदा

    डोनाल्ड ट्ंप और कमला हैरिस दोनों ने ही इजरायल पर ईरान के हमले को गलत बताया है. कमला हैरिस ने इजरायल के लिए अमेरिका की मदद के राष्ट्रपति बाइडेन के फैसले का भी समर्थन किया है.इजरायल पर ईरान के हमले से अमेरिका खफा है,

    इसीलिए वह इजरायल की मदद कर रहा है. जो बाइडेन ही नहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने भी ईरान के मिसाइल अटैक (Trump Kamala Harris On Iran Attack) के खिलाफ हैं. उन्होंने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ईरान को मिडल ईस्ट में अस्थिर करने वाली और खतरनाक ताकत बताया. वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान के हमले की निंदा की साथ ही वह अमेरिकी नेतृत्व पर हमला करना भी नहीं भूले.

    कमला हैरिस ने की ईरान हमले की निंदा
    कमला हैरिस ने कहा, “आज, ईरान ने एक लापरवाह हमले में इज़रायल पर करीब 200 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. मैं इस हमले की स्पष्ट रूप से निंदा करती हूं.” उन्होंने अमेरिकी सेना को इजरायल को निशाना बनाने वाली ईरानी मिसाइलों को मार गिराने के राष्ट्रपति जो बाइडेन के आदेश पर भी अपना पूर्ण समर्थन जताया.

    हैरिस ने कहा, “मैं स्पष्ट हूं, ईरान मिडल ईस्ट में एक अस्थिर करने वाली खतरनाक ताकत है. इज़रायल पर आज का हमला इस तथ्य को और ज्यादा दिखाता है. मैं राष्ट्रपति बाइडेन और हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ सिचुएशन रूम में थी. हम रियल टाइम हमले पर नजर बनाए हुए थे, हमने सुनिश्चित किया कि क्षेत्र में अमेरिकी कर्मियों की सुरक्षा सर्वोपरि है. मैं अमेरिकी सेना को इजरायल को निशाना बनाने वाली ईरानी मिसाइलों को मार गिराने के राष्ट्रपति बाडेन के आदेश का पूरी तरह से समर्थन में हूं, जैसा कि हमने अप्रैल में किया था. इजराइल, ईरान और ईरान समर्थित आतंकवादी मिलिशिया के खिलाफ अपनी रक्षा करने की क्षमता रखता है. इजराइल की सुरक्षा के लिए मैं अपनी अटूट प्रतिबद्धता जताती हूं.”

    कमला हैरिस ने कहा कि अमेरिका हमलों के असर का अब तक आकलन कर रहा है. शुरुआती नतीजों से पता चला है कि इजरायल ईरान को विफल करने में सफल रहा है. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि ईरानी क्षेत्र अमेरिकी कर्मियों और नागरिकों के लिए सुरक्षित नहीं है.

    ईरान हमले से भड़का डोनाल्ड ट्रंप का गुस्सा
    अमेरिकी के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इजरायल पर ईरान के हमले की निंदा की. उन्होंने ट्रुथ सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि अगर वह व्हाइट हाउस में होते तो हमास 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमला कर ही नहीं पाता.
    साथ ही वह अमरिकी नेतृत्व पर हमला करना नहीं भूले. उन्होंने कहा कि “दुनिया में आग लगी हुई है” और अमेरिकी नेतृत्व गैरमौजूद है. ट्रंप का कहना है कि मडिल ईस्ट में युद्ध के कोई हालात नहीं थे.

    ट्रंप ने कहा, “आज दुनिया को देखो – अभी मिडल ईस्ट में उड़ने वाली मिसाइलों को देखो, रूस/यूक्रेन के साथ क्या हो रहा है, देखो, मुद्रास्फीति दुनिया को नष्ट कर रही है, अगर मैं राष्ट्रपति होता तो इनमें से कुछ भी नहीं होता!”

    बुरहानपुर में एक तरफ वृद्धों का हुआ सम्मान, दूसरी तरफ इस वजह से परेशान हुए बुजुर्ग

    मध्य प्रदेश के बुरहानपुर के जिला अस्पताल में एक तरफ वृद्धों का सम्मान हुआ, दूसरी तरफ लिफ्ट बंद होने से वृद्ध जन परेशान हुए. देश में आज हर जगह अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जा रहा है, जिसको लेकर वृद्ध जनों का स्वागत सम्मान हो रहा है. मध्य प्रदेश के बुरहानपुर के सरकारी अस्पताल में भी वृद्ध जनों का स्वागत सम्मान का कार्यक्रम आयोजित हुआ. यहां पर डॉक्टर एक ओर वृद्धों का सम्मान कर रहे थे, लेकिन दूसरी ओर जिम्मेदारों ने लिफ्ट बंद कर दी, जिस कारण वृद्ध जनों को आने-जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जिस कारण वह परेशान हो रहे हैं. अब वृद्ध जनों ने जिम्मेदार अफसरों से यहां पर लगी हुई लिफ्टों को शुरू करने की मांग की है ताकि तीन मंजिला भवन चढ़ने में कोई परेशानी नहीं हो.

    मरीजों की परेशानी
    लोकल 18 की टीम ने जब ग्राउंड पर पहुंचकर पड़ताल की तो यहां पर जिला अस्पताल में उपचार कराने आई सायरा बानो ने लोकल 18 को बताया कि वह अपने पति का उपचार कराने आई हैं. पति की उम्र भी करीब 70 वर्ष है और वह भी बुजुर्ग हैं. उन्हें चढ़ने में परेशानी हो रही है, जी घबरा रहा है, हाथ-पैर दर्द कर रहे हैं और तीन मंजिला अस्पताल में उन्हें सीढ़ियों से जाना पड़ता है. जबकि यहां पर लिफ्ट लगी हुई है, लेकिन वह लिफ्ट बंद है. जिस कारण उन्होंने जिम्मेदारों से लिफ्ट शुरू करने की मांग की है. उनका कहना है कि उनके जैसे और कई बुजुर्ग लोग अस्पताल में उपचार कराने के लिए आते हैं और तीन मंजिल चढ़ना बहुत मुश्किल हो जाता है.

    बुरहानपुर में एक तरफ वृद्धों का हुआ सम्मान, दूसरी तरफ इस वजह से परेशान हुए बुजुर्ग

    मध्य प्रदेश के बुरहानपुर के जिला अस्पताल में एक तरफ वृद्धों का सम्मान हुआ, दूसरी तरफ लिफ्ट बंद होने से वृद्ध जन परेशान हुए. देश में आज हर जगह अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जा रहा है, जिसको लेकर वृद्ध जनों का स्वागत सम्मान हो रहा है. मध्य प्रदेश के बुरहानपुर के सरकारी अस्पताल में भी वृद्ध जनों का स्वागत सम्मान का कार्यक्रम आयोजित हुआ. यहां पर डॉक्टर एक ओर वृद्धों का सम्मान कर रहे थे, लेकिन दूसरी ओर जिम्मेदारों ने लिफ्ट बंद कर दी, जिस कारण वृद्ध जनों को आने-जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जिस कारण वह परेशान हो रहे हैं. अब वृद्ध जनों ने जिम्मेदार अफसरों से यहां पर लगी हुई लिफ्टों को शुरू करने की मांग की है ताकि तीन मंजिला भवन चढ़ने में कोई परेशानी नहीं हो.

    मरीजों की परेशानी
    लोकल 18 की टीम ने जब ग्राउंड पर पहुंचकर पड़ताल की तो यहां पर जिला अस्पताल में उपचार कराने आई सायरा बानो ने लोकल 18 को बताया कि वह अपने पति का उपचार कराने आई हैं. पति की उम्र भी करीब 70 वर्ष है और वह भी बुजुर्ग हैं. उन्हें चढ़ने में परेशानी हो रही है, जी घबरा रहा है, हाथ-पैर दर्द कर रहे हैं और तीन मंजिला अस्पताल में उन्हें सीढ़ियों से जाना पड़ता है. जबकि यहां पर लिफ्ट लगी हुई है, लेकिन वह लिफ्ट बंद है. जिस कारण उन्होंने जिम्मेदारों से लिफ्ट शुरू करने की मांग की है. उनका कहना है कि उनके जैसे और कई बुजुर्ग लोग अस्पताल में उपचार कराने के लिए आते हैं और तीन मंजिल चढ़ना बहुत मुश्किल हो जाता है.

    कमला हैरिस ने की इजरायल पर ईरान के हमले की निंदा

    डोनाल्ड ट्ंप और कमला हैरिस दोनों ने ही इजरायल पर ईरान के हमले को गलत बताया है. कमला हैरिस ने इजरायल के लिए अमेरिका की मदद के राष्ट्रपति बाइडेन के फैसले का भी समर्थन किया है.इजरायल पर ईरान के हमले से अमेरिका खफा है,

    इसीलिए वह इजरायल की मदद कर रहा है. जो बाइडेन ही नहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने भी ईरान के मिसाइल अटैक (Trump Kamala Harris On Iran Attack) के खिलाफ हैं. उन्होंने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ईरान को मिडल ईस्ट में अस्थिर करने वाली और खतरनाक ताकत बताया. वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान के हमले की निंदा की साथ ही वह अमेरिकी नेतृत्व पर हमला करना भी नहीं भूले.

    कमला हैरिस ने की ईरान हमले की निंदा
    कमला हैरिस ने कहा, “आज, ईरान ने एक लापरवाह हमले में इज़रायल पर करीब 200 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. मैं इस हमले की स्पष्ट रूप से निंदा करती हूं.” उन्होंने अमेरिकी सेना को इजरायल को निशाना बनाने वाली ईरानी मिसाइलों को मार गिराने के राष्ट्रपति जो बाइडेन के आदेश पर भी अपना पूर्ण समर्थन जताया.

    हैरिस ने कहा, “मैं स्पष्ट हूं, ईरान मिडल ईस्ट में एक अस्थिर करने वाली खतरनाक ताकत है. इज़रायल पर आज का हमला इस तथ्य को और ज्यादा दिखाता है. मैं राष्ट्रपति बाइडेन और हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ सिचुएशन रूम में थी. हम रियल टाइम हमले पर नजर बनाए हुए थे, हमने सुनिश्चित किया कि क्षेत्र में अमेरिकी कर्मियों की सुरक्षा सर्वोपरि है. मैं अमेरिकी सेना को इजरायल को निशाना बनाने वाली ईरानी मिसाइलों को मार गिराने के राष्ट्रपति बाडेन के आदेश का पूरी तरह से समर्थन में हूं, जैसा कि हमने अप्रैल में किया था. इजराइल, ईरान और ईरान समर्थित आतंकवादी मिलिशिया के खिलाफ अपनी रक्षा करने की क्षमता रखता है. इजराइल की सुरक्षा के लिए मैं अपनी अटूट प्रतिबद्धता जताती हूं.”

    कमला हैरिस ने कहा कि अमेरिका हमलों के असर का अब तक आकलन कर रहा है. शुरुआती नतीजों से पता चला है कि इजरायल ईरान को विफल करने में सफल रहा है. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि ईरानी क्षेत्र अमेरिकी कर्मियों और नागरिकों के लिए सुरक्षित नहीं है.

    ईरान हमले से भड़का डोनाल्ड ट्रंप का गुस्सा
    अमेरिकी के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इजरायल पर ईरान के हमले की निंदा की. उन्होंने ट्रुथ सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि अगर वह व्हाइट हाउस में होते तो हमास 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमला कर ही नहीं पाता.
    साथ ही वह अमरिकी नेतृत्व पर हमला करना नहीं भूले. उन्होंने कहा कि “दुनिया में आग लगी हुई है” और अमेरिकी नेतृत्व गैरमौजूद है. ट्रंप का कहना है कि मडिल ईस्ट में युद्ध के कोई हालात नहीं थे.

    ट्रंप ने कहा, “आज दुनिया को देखो – अभी मिडल ईस्ट में उड़ने वाली मिसाइलों को देखो, रूस/यूक्रेन के साथ क्या हो रहा है, देखो, मुद्रास्फीति दुनिया को नष्ट कर रही है, अगर मैं राष्ट्रपति होता तो इनमें से कुछ भी नहीं होता!”

    सीएम मोहन यादव से एक साथ क्यों मिले कांग्रेस के 35 विधायक, घर पर हुई अहम बैठक, आखिर माजरा क्या है?

    भोपाल. मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों से बड़ी खबर है. 1 अक्टूबर को राजधानी भोपाल में कांग्रेस के करीब 35 विधायक नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में सीएम हाउस पहुंचे. यहां उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश के समग्र विकास के ध्येय के साथ आज मुख्यमंत्री कार्यालय पर कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस के अन्य विधायकों से प्रदेश व क्षेत्रीय मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई. वहीं, सिंघार ने कहा कि बीजेपी सरकार कांग्रेस के विधायकों के साथ भेदभाव कर रही है. हमने मुख्यमंत्री से कहा है कि वह राज धर्म निभाएं. जिस तरीके से बीजेपी विधायकों को विकास के लिए राशि आवंटित कर रहे हैं उसी तरह कांग्रेस विधायकों को भी फंड दें.

    सिंघार ने कहा कि हमें भी जनता ने ही चुना है. जनता हमें अपेक्षा करती है कि हम विकास करेंगे. लेकिन, जब हम विकास कार्यों के प्रस्ताव भेजे जाते हैं तो उन्हें स्वीकार नहीं किया जाता. आज प्रदेश में जहां-जहां बीजेपी विधायक हैं, वहां 15-15 करोड़ रुपये के काम हो रहे हैं. लेकिन, कांग्रेस विधायकों को फंड नहीं दिया जा रहा. इस मामले में दल से उठकर राजनीति होनी चाहिए. मुख्यमंत्री किसी दल के नहीं होते, वे सभी के होते हैं.

    कांग्रेस विधायकों को भी मिले फंड- सिंघार
    सिंघार ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल ने मजबूती से प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से प्रदेश के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा. कांग्रेस ने उनसे कार्रवाई करने की भी मांग की. सरकार प्रदेश में बढ़ रहे महिला अपराधों पर कार्रवाई करे. किसानों को सोयाबीन की 6 हजार रुपये, धान की 3100 रुपये और गेहूं की 2700 रुपये कीमत दे. क्षतिग्रस्त प्रभावित सोयाबीन, मक्का और अन्य फसलों का सर्वे पर मुआवजा दिया जाए. हमने विधानसभा में जल जीवन योजना में घोटाले की बात उठाई थी. आज 3 महीने हो गए हैं. सरकार ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की.

    सबका साथ-सबका विकास पर चल रही सरकार- बीजेपी
    दूसरी ओर, बीजेपी ने कहा कि पार्टी सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास पर चल रही है. मोहन सरकार इसी मूलमंत्र पर काम कर रही है. हाल ही में कांग्रेस के विधायकों की बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह आश्वासन दिया कि विकासशील योजनाओं और सकारात्मक चर्चाओं को भाजपा सरकार हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर रखकर प्रदेश के हितों को प्राथमिकता देगी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था डबल होगी. सभी विधायक वो चाहे कांग्रेस के हों या बीजेपी के, सभी अपनी-अपनी विधानसभाओं का विजन डॉक्यूमेंट बनाएं. पांच सालों मे विकास के मामले में वो अपनी विधानसभा को कहां ले जाना चाहते हैं और उसमें सरकार समान रूप से सारे विधायकों की मदद करेगी.

    सीएम मोहन यादव से एक साथ क्यों मिले कांग्रेस के 35 विधायक, घर पर हुई अहम बैठक, आखिर माजरा क्या है?

    भोपाल. मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों से बड़ी खबर है. 1 अक्टूबर को राजधानी भोपाल में कांग्रेस के करीब 35 विधायक नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में सीएम हाउस पहुंचे. यहां उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश के समग्र विकास के ध्येय के साथ आज मुख्यमंत्री कार्यालय पर कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस के अन्य विधायकों से प्रदेश व क्षेत्रीय मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई. वहीं, सिंघार ने कहा कि बीजेपी सरकार कांग्रेस के विधायकों के साथ भेदभाव कर रही है. हमने मुख्यमंत्री से कहा है कि वह राज धर्म निभाएं. जिस तरीके से बीजेपी विधायकों को विकास के लिए राशि आवंटित कर रहे हैं उसी तरह कांग्रेस विधायकों को भी फंड दें.

    सिंघार ने कहा कि हमें भी जनता ने ही चुना है. जनता हमें अपेक्षा करती है कि हम विकास करेंगे. लेकिन, जब हम विकास कार्यों के प्रस्ताव भेजे जाते हैं तो उन्हें स्वीकार नहीं किया जाता. आज प्रदेश में जहां-जहां बीजेपी विधायक हैं, वहां 15-15 करोड़ रुपये के काम हो रहे हैं. लेकिन, कांग्रेस विधायकों को फंड नहीं दिया जा रहा. इस मामले में दल से उठकर राजनीति होनी चाहिए. मुख्यमंत्री किसी दल के नहीं होते, वे सभी के होते हैं.

    कांग्रेस विधायकों को भी मिले फंड- सिंघार
    सिंघार ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल ने मजबूती से प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से प्रदेश के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा. कांग्रेस ने उनसे कार्रवाई करने की भी मांग की. सरकार प्रदेश में बढ़ रहे महिला अपराधों पर कार्रवाई करे. किसानों को सोयाबीन की 6 हजार रुपये, धान की 3100 रुपये और गेहूं की 2700 रुपये कीमत दे. क्षतिग्रस्त प्रभावित सोयाबीन, मक्का और अन्य फसलों का सर्वे पर मुआवजा दिया जाए. हमने विधानसभा में जल जीवन योजना में घोटाले की बात उठाई थी. आज 3 महीने हो गए हैं. सरकार ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की.

    सबका साथ-सबका विकास पर चल रही सरकार- बीजेपी
    दूसरी ओर, बीजेपी ने कहा कि पार्टी सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास पर चल रही है. मोहन सरकार इसी मूलमंत्र पर काम कर रही है. हाल ही में कांग्रेस के विधायकों की बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह आश्वासन दिया कि विकासशील योजनाओं और सकारात्मक चर्चाओं को भाजपा सरकार हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर रखकर प्रदेश के हितों को प्राथमिकता देगी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था डबल होगी. सभी विधायक वो चाहे कांग्रेस के हों या बीजेपी के, सभी अपनी-अपनी विधानसभाओं का विजन डॉक्यूमेंट बनाएं. पांच सालों मे विकास के मामले में वो अपनी विधानसभा को कहां ले जाना चाहते हैं और उसमें सरकार समान रूप से सारे विधायकों की मदद करेगी.

    12 दिन बाद वापस हड़ताल पर, कहा- सुरक्षा पर ममता सरकार का रवैया पॉजिटिव

    कोलकाता के आरजी कर कॉलेज एंड हॉस्पिटल में ट्रेनी डॉक्टर के रेप-मर्डर केस को लेकर जूनियर डॉक्टर बुधवार को फिर से मार्च निकालेंगे। ये मार्च कोलकाता में कॉलेज स्क्वायर से धर्मतला तक निकाला जाएगा।

    जूनियर डॉक्टरों ने 1 अक्टूबर को फिर से हड़ताल शुरु कर दी है। राज्य सरकार पर दबाव बनाने के लिए पूरी तरह काम बंद कर दिया है। डॉक्टरों की मांग है कि उन्हें पूरी तरह सुरक्षा दी जाए।

    इससे पहले जूनियर डॉक्टर 10 अगस्त से लेकर 42 दिन तक विरोध प्रदर्शन करते रहे। 21 सितंबर को सरकारी अस्पतालों में ड्यूटी पर वापस आए थे।

    सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने अस्पतालों की सुरक्षा में कोताही पर ममता सरकार की खिंचाई की और आदेश दिया कि सभी अस्पतालों में 15 दिन में सीसीटीवी लगाए जाएं।

    9 अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जूनियर डॉक्टर से रेप मर्डर के विरोध में हड़ताल कर रहे थे।

    जूनियर डॉक्टर बोले- ममता ने मीटिंग में किए वादों पर काम नहीं किया
    विरोध प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टर में से एक अनिकेत महतो ने हड़ताल का ऐलान करते हुए कहा- सुरक्षा की हमारी मांगों को पूरा करने के लिए ममता सरकार का रवैया पॉजिटिव नहीं लग रहा है। आज 52वां दिन है। हम पर अभी भी हमले हो रहे हैं। CM ममता के वादों को पूरा करने का कोई प्रयास होता नहीं दिख रहा है। हमारे पास आज से पूरी तरह काम बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। जब तक हम राज्य सरकार की तरफ से कार्रवाई नहीं देखते, तब तक काम बंद रहेगा।

    क्यों शुरू की दोबारा हड़ताल
    दरअसल, कोलकाता के सागोर दत्ता हॉस्पिटल में 27 सितंबर को एक मरीज की मौत के बाद 3 डॉक्टरों और 3 नर्सों से पिटाई का मामला सामने आया था। इसी घटना से जूनियर डॉक्टर्स नाराज हैं। डॉक्टर्स ने अस्पताल में प्रदर्शन भी किया। इस मामले में 4 प्रदर्शनकारी डॉक्टरों को हिरासत में लिया गया है। डॉक्टर्स की मांग है कि उन्हें अस्पतालों में सुरक्षा मुहैया कराई जाई, ताकि वे बिना डर के ड्यूटी कर सकें।

    सुप्रीम कोर्ट में कहा था- सभी इमरजेंसी और जरूरी सेवाएं जारी
    सुप्रीम कोर्ट में 30 सितंबर की सुनवाई में बंगाल सरकार ने कहा कि रेजिडेंट डॉक्टर्स इन पेशेंट डिपार्टमेंट और आउट पेशेंट डिपार्टमेंट में काम नहीं कर रहे हैं। इसके जवाब में डॉक्टर्स के वकील ने कहा कि सभी इमरजेंसी और जरूरी सेवाओं में डॉक्टर काम कर रहे हैं। मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी। इस दिन सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को नेशनल टास्क फोर्स की जांच पर रिपोर्ट पेश करनी होगी।

    ममता-डॉक्टरों की मीटिंग को लेकर 7 दिन टकराव चला था
    डॉक्टरों और ममता की मीटिंग को लेकर कोलकाता में 7 दिन तक टकराव चला था। 4 कोशिशें नाकाम होने के बाद 16 सितंबर को ममता और डॉक्टरों के डेलिगेशन की CM हाउस में बैठक हुई। इस बैठक में ममता ने डॉक्टरों की 5 में से 3 मांगें मानी थीं और कहा था कि काम पर वापस लौटें।

    डॉक्टरों की मांग पर बंगाल सरकार ने कोलकाता के पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल को पद से हटा दिया था। उनकी जगह मनोज वर्मा ने पद संभाला। स्वास्थ्य विभाग के भी 4 और अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है। इसके अलावा 5 और पुलिस अधिकारियों के पद भी बदले गए।

    19 सितंबर को डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया था। जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि हमारी मांग पर कोलकाता पुलिस कमिश्नर, मेडिकल एजुकेशन के डायरेक्टर और हेल्थ सर्विसेज के डायरेक्टर को हटाया गया है। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि आंदोलन खत्म हो गया है। हेल्थ सेक्रेटरी एनएस निगम को हटाने और अस्पतालों में थ्रेट कल्चर खत्म करने की हमारी मांग अभी भी जारी है।

    12 दिन बाद वापस हड़ताल पर, कहा- सुरक्षा पर ममता सरकार का रवैया पॉजिटिव

    कोलकाता के आरजी कर कॉलेज एंड हॉस्पिटल में ट्रेनी डॉक्टर के रेप-मर्डर केस को लेकर जूनियर डॉक्टर बुधवार को फिर से मार्च निकालेंगे। ये मार्च कोलकाता में कॉलेज स्क्वायर से धर्मतला तक निकाला जाएगा।

    जूनियर डॉक्टरों ने 1 अक्टूबर को फिर से हड़ताल शुरु कर दी है। राज्य सरकार पर दबाव बनाने के लिए पूरी तरह काम बंद कर दिया है। डॉक्टरों की मांग है कि उन्हें पूरी तरह सुरक्षा दी जाए।

    इससे पहले जूनियर डॉक्टर 10 अगस्त से लेकर 42 दिन तक विरोध प्रदर्शन करते रहे। 21 सितंबर को सरकारी अस्पतालों में ड्यूटी पर वापस आए थे।

    सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने अस्पतालों की सुरक्षा में कोताही पर ममता सरकार की खिंचाई की और आदेश दिया कि सभी अस्पतालों में 15 दिन में सीसीटीवी लगाए जाएं।

    9 अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जूनियर डॉक्टर से रेप मर्डर के विरोध में हड़ताल कर रहे थे।

    जूनियर डॉक्टर बोले- ममता ने मीटिंग में किए वादों पर काम नहीं किया
    विरोध प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टर में से एक अनिकेत महतो ने हड़ताल का ऐलान करते हुए कहा- सुरक्षा की हमारी मांगों को पूरा करने के लिए ममता सरकार का रवैया पॉजिटिव नहीं लग रहा है। आज 52वां दिन है। हम पर अभी भी हमले हो रहे हैं। CM ममता के वादों को पूरा करने का कोई प्रयास होता नहीं दिख रहा है। हमारे पास आज से पूरी तरह काम बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। जब तक हम राज्य सरकार की तरफ से कार्रवाई नहीं देखते, तब तक काम बंद रहेगा।

    क्यों शुरू की दोबारा हड़ताल
    दरअसल, कोलकाता के सागोर दत्ता हॉस्पिटल में 27 सितंबर को एक मरीज की मौत के बाद 3 डॉक्टरों और 3 नर्सों से पिटाई का मामला सामने आया था। इसी घटना से जूनियर डॉक्टर्स नाराज हैं। डॉक्टर्स ने अस्पताल में प्रदर्शन भी किया। इस मामले में 4 प्रदर्शनकारी डॉक्टरों को हिरासत में लिया गया है। डॉक्टर्स की मांग है कि उन्हें अस्पतालों में सुरक्षा मुहैया कराई जाई, ताकि वे बिना डर के ड्यूटी कर सकें।

    सुप्रीम कोर्ट में कहा था- सभी इमरजेंसी और जरूरी सेवाएं जारी
    सुप्रीम कोर्ट में 30 सितंबर की सुनवाई में बंगाल सरकार ने कहा कि रेजिडेंट डॉक्टर्स इन पेशेंट डिपार्टमेंट और आउट पेशेंट डिपार्टमेंट में काम नहीं कर रहे हैं। इसके जवाब में डॉक्टर्स के वकील ने कहा कि सभी इमरजेंसी और जरूरी सेवाओं में डॉक्टर काम कर रहे हैं। मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी। इस दिन सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को नेशनल टास्क फोर्स की जांच पर रिपोर्ट पेश करनी होगी।

    ममता-डॉक्टरों की मीटिंग को लेकर 7 दिन टकराव चला था
    डॉक्टरों और ममता की मीटिंग को लेकर कोलकाता में 7 दिन तक टकराव चला था। 4 कोशिशें नाकाम होने के बाद 16 सितंबर को ममता और डॉक्टरों के डेलिगेशन की CM हाउस में बैठक हुई। इस बैठक में ममता ने डॉक्टरों की 5 में से 3 मांगें मानी थीं और कहा था कि काम पर वापस लौटें।

    डॉक्टरों की मांग पर बंगाल सरकार ने कोलकाता के पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल को पद से हटा दिया था। उनकी जगह मनोज वर्मा ने पद संभाला। स्वास्थ्य विभाग के भी 4 और अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है। इसके अलावा 5 और पुलिस अधिकारियों के पद भी बदले गए।

    19 सितंबर को डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया था। जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि हमारी मांग पर कोलकाता पुलिस कमिश्नर, मेडिकल एजुकेशन के डायरेक्टर और हेल्थ सर्विसेज के डायरेक्टर को हटाया गया है। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि आंदोलन खत्म हो गया है। हेल्थ सेक्रेटरी एनएस निगम को हटाने और अस्पतालों में थ्रेट कल्चर खत्म करने की हमारी मांग अभी भी जारी है।

    रात को उड़ेंगे भोपाल से, सुबह पहुंच जाएंगे पुणे, जानें कब शुरू हो रही नई फ्लाइट, आपको देना होगा इतना किराया

    भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के लिए अच्छी खबर है. 1 अक्टूबर यानी आज से भोपाल का राजा भोज एयरपोर्ट 24 घंटे सातों दिन शुरू हो गया है. एयरपोर्ट के विंटर शेड्यूल के मद्देनजर इसका संचालन पूरी तरह बदल गया है. एयरपोर्ट का विंटर शेड्यूल 27 अक्टूबर से लागू होगा. खास बात यह है कि इस शेड्यूल के पहले ही दिन भोपाल से पुणे के बीच नाइट फ्लाइट शुरू होगी. यह फ्लाइट इंडिगो एयरलाइंस शुरू करने जा रही है. इंडिगो ने इसकी बुकिंग भी शुरू कर दी हैं. इंडिगो इस फ्लाइट को करीब तीन साल बाद दोबारा संचालित कर रही है. बताया जाता है कि कंपनी पहले इस फ्लाइट को एक अक्टूबर संचालित करने वाली थी. लेकिन, फिर इसके शेड्यूल में बदलाव कर दिया.

    गौरतलब है कि, भोपाल से पुणे नाइट फ्लाइट शुरू करने की बड़ी वजह भी है. जानकार बताते हैं कि पुणे एयरपोर्ट पर दिन के वक्त लगातार उड़ाने संचालित होती हैं. यह एयरपोर्ट दिन में काफी व्यस्त रहता है. इसलिए इस फ्लाइट को रात में शुरू किया जा रहा है. इंडिगो की फ्लाइट से पहले एयर इंडिया ने भी दिल्ली-भोपाल-पुणे फ्लाइट शुरू की थी. लेकिन, इसके संचालन में तकनीकी खामियां थीं. भोपाल से प्रकाशित हिंदी अखबार दैनिक भास्कर के मुताबिक, पुणे के लिए उड़ान भरने से पहले एयर इंडिया को बार-बार एयरपोर्ट प्रबंधन से नया शेड्यूल लेना पड़ता था. इस वजह से फिर यह फ्लाइट सफल नहीं हो सकी. दरअसल, पुणे एयरपोर्ट सेना संभालती है. इस वजह से पुणे एयरपोर्ट का शेड्यूल बदलना पड़ता था. लेकिन, अब यहां नया टर्मिनल बन गया है. इसके बनने से अब किसी तरह की परेशानी नहीं होगी.

    यह है नई फ्लाइट का शेड्यूल
    इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट 6E-258 पुणे से रात 12:55 बजे उड़ान भरेगी और 2:35 बजे भोपाल लैंड करेगी. इसका किराया 4314 रुपये है. यह फ्लाइट एक घंटा 40 मिनट लेगी. इसी तरह फ्लाइट 6E-257 भोपाल से तड़के 3:05 बजे उड़ान भरेगी और सुबह 4:50 बजे पुणे लैंड करेगी. इसका किराया 4694 रुपये है. यह फ्लाइट एक घंटा 45 मिनट का समय लेगी. बताया जाता है कि बुकिंग के बढ़ने से इसका किराया भी बढ़ सकता है.