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    पाकिस्तान टेस्ट सीरीज से पहले इंग्लैंड को लगा तगड़ा झटका, स्टार खिलाड़ी पर मंडरा रहा बाहर होने का खतरा

    पाकिस्तान के खिलाफ इंग्लैंड की टीम तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगी। इस सीरीज का पहला मुकाबला 07 अक्टूबर को खेला जाएगा। इस सीरीज के शुरू होने से पहले इंग्लैंड की टीम को एक बड़ा झटका लगा है।
    इंग्लैंड की टीम इस वक्त पाकिस्तान के दौरे पर है। जहां दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का आयोजन किया जाएगा। इस सीरीज का पहला मुकाबला 7 अक्टूबर को खेला जाना है। इस मुकाबले पहले इंग्लैंड की टीम और उनके फैंस के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। इंग्लैंड का एक स्टार खिलाड़ी अभी भी पूरी तरह से फिट नजर नहीं आ रहा है और यह प्लेयर सीरीज के पहले मुकाबले से बाहर हो सकता है। यह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स हैं। बेन स्टोक्स इंजरी के कारण इस सीरीज के पहले मुकाबले को मिस कर सकते हैं। जोकि उनके लिए एक बड़ा नुकसान हो सकता है।
    इंग्लैंड को होगा नुकसान
    इंग्लैंड के लिए बेन स्टोक्स जैसे खिलाड़ी का बाहर होना एक बड़ा नुकसान हो सकता है। इंग्लैंड के जैक क्रॉली ने खुद को फिट घोषित कर दिया है, लेकिन स्टोक्स को लेकर अभी भी चिंता बनी हुई है। बेन स्टोक्स ने शुक्रवार को मुल्तान में प्रैक्टिस सेशन में हिस्सा लिया। जहां उन्होंने सिर्फ आधे घंटे तक बल्लेबाजी की और कुछ समय के लिए शॉट रन-अप पर गेंदबाजी भी की, लेकिन शनिवार को जब इंग्लैंड अपनी प्लेइंग 11 का ऐलान करेगा तो उसमें स्टोक्स का नाम शामिल होना काफी मुश्किल है।

    श्रीलंका के खिलाफ मिस की थी सीरीज
    बेन स्टोक्स को श्रीलंका के खिलाफ खेली गई सीरीज में भी बाहर बैठना पड़ा था। उस दौरान टीम की कप्तानी ओली पोप ने संभाली थी। इस सीरीज में भी कुछ ऐसा ही होने की उम्मीद है। स्टोक्स अगस्त के महीने में द हंड्रेड के दौरान बल्लेबाजी करते समय चोटिल हो गए थे। स्टोक्स की बाईं हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। स्टोक्स ने अपने रिहैब पर काफी ज्यादा मेहनत की है। उन्होंने हाल ही में क्रिकइन्फो को कहा था कि वह कुछ और बुरा करने और फिर खुद को लंबे समय तक खेल से बाहर रखने के जोखिम को उठाने के बजाय अतिरिक्त दो सप्ताह लेना पसंद करेंगे। ऐसे में स्टोक्स कोई भी जोखिम न उठाते हुए पाकिस्तान के खिलाफ पहले मैच से बाहर रह सकते हैं।

    दिल्ली मेट्रो निर्माण कार्य के कारण रोशनआरा रोड 45 दिनों तक बंद, ट्रैफिक पुलिस ने जारी किया परामर्श

    दिल्ली मेट्रो के चल रहे निर्माण कार्य के कारण रोशनआरा सड़क को बंद कर दिया गया है। आगामी 45 दिनों तक के लिए इस सड़क को बंद कर दिया गया है। इस दौरान वाहन और पैदल यात्रियों के लिए ये मार्ग बंद रहेगी।
    उत्तरी दिल्ली में डीएमआरसी द्वारा दोहरी सुरंग के निर्माण के कारण रोशनआरा रोड को बंद कर दिया गया है। निर्माण कार्य के कारण इस सड़क को एक महीने से अधिक समय तक के लिए बंद कर दिया गया है। इस कारण यातायात और पैदल यात्रियों के लिए यह सड़क बंद रहेगी। शुक्रवार को जारी एक परामर्श में यह जानकारी दी गई। यातायात पुलिस द्वारा जारी परामर्श में कहा गया है कि शुक्रवार की मध्यरात्रि से लेकर 18 नवंबर तक यह सड़क बंद रहेगी। यानी इस दौरान इस सड़क पर वाहनों और पैदल यात्रियों के लिए बाधित रहेगी।
    दिल्ली में महीने भर के लिए बंद हुई ये सड़क
    परामर्श में कहा गया कि यात्रियों की सुविधा के लिए आईएसबीटी से आने वाली और रोशनआरा रोड होते हुए शक्ति नगर की ओर जाने वाली बसों और भारी वाहनों की आवाजादी शामनाथ मार्ग, सिविल लाइंस, माल रोड से खालसा कॉलेज और शक्तिनगर चौक के रास्ते होगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन द्वारा रोशनआरा गोल चक्कर से पुल बंगश मेट्रो स्टेशन तक यानी दोनों ही मार्गों पर दोहरी सुरंगों का निर्माण कार्य चल रहा है। इसमें कहा गया है कि हल्के मोटर वाहनों की आवाजाही बर्फखाना चौक, लाला जगन्नाथ मार्ग से घंटाघर, चौधरी नंद लाल मार्ग, दीनानाथ मार्ग से होते हुए परशुराम अंडरपास से होगी।

    पहले भी हो चुका है ऐसा
    पुलिस ने इस निर्माण कार्य को लेकर यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे इन सड़कों की और जान से बचें और यदि संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन, विशेषकर मेट्रो सेवाओं का उपयोग करें। बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली में किसी सड़क के निर्माण कार्य को लेकर किसी रास्ते को बंद किया गया है। इससे पहले भी 60 दिनों तक के लिए सड़कों को बंद किया जा चुका है। बता दें कि ऐसी स्थिति में संभव होतो मेट्रो या सार्वजनिक परिवहन का सहारा लें, ताकि किसी भी तरह की दिक्कत से बच सकें।

    रतलाम में काजी ने निकाला तुगलकी फरमान, ‘नवरात्रि के गरबे में न जाएं मुस्लिम युवक-युवतियां

    रतलाम के शहर काजी ने मुस्लिमों के लिए एक फरमान जारी किया है कि मुस्लिम नौजवान महिलाएं बेतिया नवरात्रि के मौके पर मेले में न जाएं और ना ही गरबा देखने जाएं।
    नवरात्रि पर्व के साथ ही प्रदेश भर में गरबों के आयोजनों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। गरबा आयोजन को लेकर बीते एक महीने से चर्चाओं का दौर जारी है। कहीं गौ-मूत्र छिडक़ाव की बात कही गई तो कहीं तिलक लगाकर पंडाल में प्रवेश की बात कही जा रही है। इन सभी के बीच मध्य प्रदेश के रतलाम शहर काजी ने मुस्लिम समाज के युवक-युवतियों के लिए एक फरमान जारी किया है जो चर्चा का विषय बन गई है। शहर काजी ने मुस्लिम युवक-युवतियों से कहा कि वह गरबा में न जाएं।
    मेले में जाने पर लगाई रोक
    दरअसल, रतलाम शहर काजी मौलवी सैय्यद अली साहब ने एहम गुजारिश पत्र में लिखा है कि मुस्लिम युवक और युवतियां गरबे में न जाएं। पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया, “तमाम रतलाम की मुस्लिम आवाम से पुरखुलूस गुजारिश है कि मुस्लिम नौजवान, मुस्लिम मा, और इस उम्मत की बाहया बेटिया नवरात्री पर्व पर न ही मेले में जाए और न ही गरबा देखने जाएं। वक्त और हालत को मद्देनजर रखते हुए अपने घरों में रहें। बाजार, मेलों में घूमना दीन-ए-इस्लाम में जायज नहीं है, लिहाजा ऐसे गैर दीनी मामलात से सख्ती से बचा जाएं।
    काजी ने बताया कारण
    इस पत्र के वायरल होने के बाद शहर काजी मौलवी सैयद आसिफ अली सामने आए और कहा कि मुस्लिम महिलाएं वैसे भी बाहर नहीं जाती क्योंकि पर्दे का हुकुम होता है, लेकिन आजकल के माहौल को देखते हुए मुस्लिम युवक-युवती न जाएं। चूंकि अभी माहौल गर्म है और लोगों के बयान भी आ रहे हैं कि मुस्लिम ऐसी जगह जाएंगे तो हम ऐसा कर देंगे वैसा कर देंगे, इसलिए हमने कहा जो भी मुसलमान है बुजुर्ग बच्चे वह गरबे में न जाएं न मेले में जाएं वह अपने घर पर ही रहे वह बेहतर है। घर पर रहकर नमाज़ पढ़ें इबादत करें। बस इसलिए हमने मना किया कि वह न जाएं।
    यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है तो वहीं भोपाल के दशहरा जंबूरी मैदान एक फ्लैक्स बोर्ड भी लगाया गया है जिसमें लिखा है सिर्फ हिन्दुओं को गरबा में आने की इजाजत है।

    योगी मॉडल के मुरीद हुए कांग्रेस के एक और मंत्री, शिक्षा के क्षेत्र में बांधे तारीफों के पुल

    कांग्रेस के एक और मंत्री ने यूपी के योगी मॉडल की तारीफ की है। इस बार हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार के मंत्री रोहित ठाकुर ने योगी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि यूपी में शिक्षा के क्षेत्र में अच्छे काम हुए हैं। उन्होंने कहा कि यूपी के कामों से हमें सीखने की जरूरत है।
    शिमला: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार अब कांग्रेस के लिए भी मॉडल बन रही है। ऐसा हम नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार के मंत्री कह रहे हैं। हाल ही में सुक्खू सरकार में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने यूपी के शिक्षा मॉडल की जमकर तारीफ की है। इसके साथ ही उन्होंने यूपी के शिक्षा मॉडल को हिमाचल प्रदेश में भी लाने की बात कही है। बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब कांग्रेस के किसी मंत्री ने यूपी के योगी मॉडल की तारीफ की है। इससे पहले ही सुक्खू सरकार के मंत्री विक्रमादित्य ने यूपी की तरह हिमाचल में भी रेहड़ी वालों के लिए नेम प्लेट अनिवार्य करने की बात कही थी। हालांकि बाद में उन्होंने अपने बयान का खंडन कर लिया था।

    यूपी के कामों से सीखने की जरूरत
    दरअसल, हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है। यहां सुक्खू सरकार के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर भी योगी स्टाइल के मुरीद दिखे। रोहित ठाकुर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमने विभाग की एक बैठक रखी, जिसमें इस बात पर चर्चा हुई कि यूपी में शिक्षा के क्षेत्र में अच्छे काम हुए हैं। जिस तरह से यूपी में एजुकेशन आगे बढ़ रही है, ऐसे में वहां की जो बेस्ट प्रैक्टिसेस हैं, उन्हें हम अपने यहां भी लेकर आएं। उन्होंने कहा कि यूपी के कामों से हमें सीखने की जरूरत है।

    बयान देकर फंस चुके हैं विक्रमादित्य
    बता दें कि इससे पहले भी हिमाचल प्रदेश के एक मंत्री योगी सरकार की तारीफ कर चुके हैं। कुछ दिन पहले ही लोकनिर्माण और शहरी विकास मंत्री सिंह विक्रमादित्य सिंह ने योगी सरकार की तारीफ करते कहा था, ‘‘हमने रेहड़ी-पटरी वालों के लिए रेहड़ी-पटरी समिति द्वारा जारी पहचान पत्र (आईडी कार्ड) प्रदर्शित करने को अनिवार्य बनाने का फैसला किया है, ऐसा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अपनाए गए प्रारूप की तर्ज पर किया गया है, जिसने इस विचार को आगे बढ़ाया था।’’ हालांकि उनके इस बयान के बाद कांग्रेस में ही उनकी काफी आलोचना हुई, जिसके बाद उन्हें अपने बयान का खंडन करना पड़ा था।

    “बर्ड फ्लू” के संक्रमण से दक्षिण वियतनाम में हाहाकार, चिड़ियाघर में 12 से अधिक बाघों की मौत

    हनोई (वियतनाम): दक्षिणी वियतनाम में बर्ड फ्लू संक्रमण के चलते हाहाकार मच गया है। यहां के एक चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू से संक्रमित होने के बाद 12 से अधिक बाघों की मौत से हड़कंप मच गया है। संक्रमण की चपेट में आकर मारे गए बाघों के अवशेषों को जला दिया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सरकारी मीडिया ‘वीएनएक्सप्रेस’ ने बिएन होआ शहर में वुन जोई चिड़ियाघर के संरक्षक के हवाले से बताया कि पशुओं को पास के फार्म से लाई गईं मुर्गियां खाने के लिए दी गई थी।

    मारे गए पशुओं में पैंथर और कई शावकों सहित 20 बाघ शामिल थे, जिनका वजन 10 से 120 किलोग्राम के बीच था। उनके अवशेष को चिड़ियाघर परिसर में जलाने के बाद दफना दिया गया। चिड़ियाघर के प्रबंधक न्गुयेन बा फुक ने कहा, ‘‘बहुत जल्दी बाघों की मौत हो गई। वे बहुत कमजोर लग रहे थे और उन्होंने खाना-पीना छोड़ दिया था। बीमार पड़ने के दो दिन बाद ही उनकी मौत हो गई।’’ बाघों से लिए गए नमूनों की जांच में एच5एन1 वायरस की पुष्टि हुई है। इसी वायरस के कारण ‘बर्ड फ्लू’ का संक्रमण फैलता है।

    1959 में पहली बार हुई थी बर्ड फ्लू वायरस की पहचान
    सबसे पहले 1959 में वायरस की पहचान हुई थी और यह प्रवासी पक्षियों एवं मुर्गियों के लिए अत्यधिक घातक खतरा बन गया। हाल के वर्षों में एच5एन1 कुत्तों और बिल्लियों से लेकर सील मछली और ध्रुवीय भालुओं तक कई जानवरों में पाया गया है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि बाघों में यह वायरस मस्तिष्क पर हमला करता है, रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और उनमें थक्का बनाता है, जिससे दौरे पड़ते हैं और पशुओं की मृत्यु हो जाती है। करीब 20 से अधिक बाघों को पृथक-वास में निगरानी में रखा गया है। चिड़ियाघर में शेर, भालू, गैंडे, दरियाई घोड़े और जिराफ समेत करीब 3,000 अन्य पशु हैं। बाघों की देखभाल कर रहे 30 कर्मियों में ‘बर्ड फ्लू’ की पुष्टि नहीं हुई है और उनके स्वास्थ्य की स्थिति सामान्य है।

    कंगना रनौत ने मानी सेंसर बोर्ड की शर्तें, अब रिलीज होगी ‘इमरजेंसी’, बस नहीं दिखेंगे तीन सीन

    कंगना रनौत की फिल्म ‘इमरजेंसी’ को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसला आ गया है। फिल्म अब रिलीज के लिए तैयार है और जल्द ही इसे रिलीज डेट मिलने की उम्मीद है। सेंसर बोर्ड और कंगना के बीच के विवाद अब सुलझ गए हैं।
    बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्रवार को कंगना रनौत की फिल्म ‘इमरजेंसी’ की रिलीज से जुड़े मामले की सुनवाई की। मामला तब शुरू हुआ जब कंगना रनौत की फिल्म ‘इमरजेंसी’ को सेंसर बोर्ड से क्लियरेंस नहीं मिल रहा था। ऐसे में रिलीज डेट में देरी को लेकर कंगना रनौत बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंच गईं। बाद में CBFC ने कंगना की फिल्म में तीन कट लगाने को कहा था। सोमवार को आखिरी सुनवाई में ‘इमरजेंसी’ के निर्माता आखिरकार फिल्म से तीन सीन काटने के लिए राजी हो गए। ताजा घटनाक्रम में बॉम्बे हाई कोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया है क्योंकि दोनों पक्ष, कंगना रनौत और सेंसर बोर्ड एक समाधान पर सहमत हो गए हैं।
    हाई कोर्ट का फैसला
    ‘इमरजेंसी’ का पक्ष रख रहे वकील ने कहा कि समीक्षा समिति को फिल्म में सीबीएफसी द्वारा सुझाए गए कट्स को अंतिम रूप देने के लिए 7 दिन का समय दिया गया था। बाद में वकील ने याचिका का निपटारा करने की मांग की और दोनों पक्षों ने इस मुद्दे पर काम किया। बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि वर्तमान याचिका का निपटारा किया जा रहा है। फैसले में कहा गया, ‘यह कहने की जरूरत नहीं है कि अदालत ने पक्षों की प्रतिबद्धता पर कोई टिप्पणी नहीं की है। पक्षों के सभी अधिकार और तर्क सुरक्षित हैं।’

    जल्द मिलेगी रिलीज डेट
    अब जब कंगना रनौत अपनी फिल्म में बदलाव करवाने के लिए सहमत हो गई हैं तो उम्मीद है कि सेंसर बोर्ड जल्द ही फिल्म को सर्टिफिकेट के साथ पास कर देगा और फिर ‘इमरजेंसी’ जल्द ही सिनेमाघरों में भी दिखाई जाएगी। कई राजनीतिक फिल्मों की तरह ही इसका भी लोगों को इंतजार है। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि इस फिल्म को दर्शकों का कितना प्यार मिलता है।

    ‘इमरजेंसी’ से जुड़ी जानकारी
    बता दें, कंगना रनौत द्वारा लिखित और निर्देशित ‘इमरजेंसी’ में अनुपम खेर, महिमा चौधरी, मिलिंद सोमन, श्रेयस तलपड़े, विशाक नायर और दिवंगत सतीश कौशिक भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। जी स्टूडियोज और मणिकर्णिका फिल्म्स द्वारा निर्मित इस फिल्म में संचित बलहारा का संगीत और रितेश शाह की पटकथा और संवाद हैं। इमरजेंसी की कहानी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जीवन के इर्द-गिर्द घूमती है और कंगना दिवंगत राजनेता की मुख्य भूमिका निभा रही हैं। पूर्व प्रधानमंत्री ने 1975 में देश में आपातकाल लगाया था और फिल्म की कहानी में इस पर प्रमुखता से बात होगी।

    जयशंकर की श्रीलंका यात्रा बढ़ाएगी चीन की बेचैनी, नए राष्ट्रपति अनुरा दिसानायके से जानें किन मुद्दों पर हुई बात

    विदेश मंत्री एस जयशंकर की श्रीलंका यात्रा पर चीन की पैनी नजर है। भारत-श्रीलंका संबंधों को मजबूती देने के लिए जयशंकर आज ही कोलंबो पहुंचे हैं। श्रीलंका में नई सरकार के गठन के बाद यह उनकी पहली कोलंबो यात्रा है।

    कोलंबोः विदेश मंत्री एस जयशंकर की श्रीलंका यात्रा से चीन की बेचैनी बढ़नी तय मानी जा रही है। श्रीलंका में नई सरकार का गठन होने के बाद जयशंकर आज पहली बार कोलंबो पहुंचे हैं। श्रीलंका के राष्ट्रपति के रूप में अनुरा कुमार दिसानायके के शपथ लेने के एक पखवाड़े से भी कम समय बाद द्वीप राष्ट्र के नेतृत्व से मुलाकात करने के लिए वह एक दिवसीय यात्रा पर हैं। जयशंकर ने कोलंबो हवाई अड्डे पर उतरने के तुरंत बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘कोलंबो में पुन: आकर अच्छा लगा। श्रीलंकाई नेतृत्व के साथ आज अपनी बैठकों को लेकर उत्साहित हूं।’’

    अब से कुछ देर पहले जयशंकर ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से भी मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने एक्स पर लिखा कि आज कोलंबो में श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से मुलाकात कर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से भी उन्हें हार्दिक बधाई दी। भारत-श्रीलंका के संबंधों के लिए उनकी हार्दिक भावनाओं और मार्गदर्शन की सराहना करते हैं। इस दौरान दोनों देशों और क्षेत्र के लोगों के लाभ के लिए चल रहे सहयोग को गहरा करने और भारत-श्रीलंका संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की गई।

    बता दें कि दिसानायके के नेतृत्व वाली ‘नेशनल पीपुल्स पावर’ (एनपीपी) की सरकार के 23 सितंबर को सत्ता में आने के बाद जयशंकर श्रीलंका का दौरा करने वाले पहले विदेशी गणमान्य व्यक्ति हैं। इसलिए भी चीन की परेशानी बढ़ना लाजमी है। जयशंकर की इस यात्रा पर चीन पैनी नजर बनाए हुए है। श्रीलंका की विदेश सचिव अरुणी विजयवर्धने और श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा ने हवाई अड्डे पर जयशंकर का स्वागत किया।

    सबसे पहले नए विदेश मंत्री से मिले जयशंकर
    श्रीलंका पहुंचने के बाद जयशंकर ने सबसे पहले यहां के नए विदेश मंत्री विजिथा हेराथ से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि “आज कोलंबो में विदेश मंत्री विजिथा हेराथ के साथ व्यापक और विस्तृत वार्ता संपन्न हुई। एक बार फिर उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए बधाई दी। भारत-श्रीलंका साझेदारी के विभिन्न आयामों की समीक्षा की। साथ ही उन्हें श्रीलंका के आर्थिक पुनर्निर्माण में भारत के निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया। हमारी नेबरहुड फर्स्ट नीति और सागर दृष्टिकोण हमेशा भारत श्रीलंका के संबंधों की प्रगति का मार्गदर्शन करेगा।”

    भारत-श्रीलंका के रिश्तों को मजबूत करने पर चर्चा
    अधिकारियों ने बताया कि जयशंकर के श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके कोलंबो में भारतीय परियोजनाओं पर चर्चा की। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में उनके महत्व को रेखांकित किया। हालांकि दिसानायके ने विपक्ष में रहते हुए कुछ भारतीय परियोजनाओं, खासकर अदाणी समूह द्वारा संचालित सतत ऊर्जा परियोजनाओं पर आपत्तियां जताई थीं। उन्होंने सत्ता में आने पर इन परियोजनाओं को रद्द करने का वादा किया था और उनका दावा था कि ये परियोजनाएं श्रीलंका के हितों के खिलाफ हैं। ऐसे में राष्ट्रपति अनुरा दिसानायके के साथ जयशंकर की यह मुलाकात काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उनकी यह यात्रा ‘‘भारत की पड़ोसी पहले नीति और सागर दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, यह यात्रा आपसी लाभ के लिए दीर्घकालिक साझेदारी को और गहरा करने हेतु दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।’’

    Rishabh Pant Birthday: 27 बरस के हुए गाबा के हीरो ऋषभ पंत, 7 साल के छोटे करियर में किए हैं कई बड़े कारनामे

    ऋषभ पंत आज अपना 27वां जन्मदिन मना रहे हैं। 2 साल पहले रोड एक्सीडेंट में मौत को मात देने वाले पंत ने जिस तरह से क्रिकेट मैदान पर वापसी की, वो अपने आप में किसी चमत्कार से कम नहीं हैं।
    क्रिकेट की दुनिया में साल 2024 अगर सही मायनों में किसी क्रिकेटर का रहा है तो वो हैं ऋषभ पंत। 2 साल पहले रोड एक्सीडेंट में मौत को मात देने के बाद ऋषभ पंत ने जिस तरह से क्रिकेट के मैदान पर वापसी की, वो हर किसी के बस की बात नहीं होती। लेकिन ऋषभ पंत विरले हैं। जहां मामला बड़ा होता है, वो हमेशा वहां खड़े होते हैं। ऐसे अनोखे और शानदार विकेटकीपर बल्लेबाज का आज जन्मदिन है। पंत को उनके 27वें जन्मदिन पर सोशल मीडिया पर फैंस से ढेर सारी बधाईंया मिल रही हैं।
    इस साल IPL के जरिए क्रिकेट के मैदान पर वापसी करने वाले ऋषभ पंत ने टीम इंडिया के साथ T20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब अपने नाम किया और फिर बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज के जरिए अपने फेवरेट फॉर्मेट में बल्ले से हल्ला बोला। दिसंबर 2022 में सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद 634 दिन के बाद पहला टेस्ट मैच खेलते हुए शानदार शतक जड़ा। इस तरह पंत ने भारत के लिए टेस्ट में सबसे ज्यादा शतक जड़ने वाले भारतीय विकेटकीपरों के मामलें में धोनी के बड़े रिकॉर्ड की बराबरी की।

    विदेश में बजाया जमकर डंका
    ऋषभ पंत का बल्ला जब-जब चलता है कोई ना कोई रिकॉर्ड बनता या टूटता है। विदेशी धरती पर टेस्ट में तो पंत का कोई सानी नहीं है। ऑस्ट्रेलिया की धरती पर इतिहास रचने वाले पंत को विदेशी धरती कुछ ज्यादा ही रास आती है। यही वजह है कि उनके नाम भारत के बाहर 5 टेस्ट शतक हैं। विदेशी धरती पर टेस्ट शतक जड़ने के मामलें में और कोई भारतीय विकेटकीपर उनके आसपास भी नहीं है।

    ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे बड़ा खतरा
    बांग्लादेश टेस्ट सीरीज में कमाल करने के बाद ऋषभ पंत की निगाहें अब भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाली 3 मैचों की टेस्ट सीरीज पर लगी हैं। इसके बाद उनके लिए अगला बड़ा चैलेंज बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी होगी। ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले ही पंत के नाम की चर्चा हर तरफ हो रही है। खुद ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर उन्हें अपनी टीम के लिए सबसे बड़ा खतरा मान रहे हैं। इससे पता चलता है कि पंत छोटे से करियर में किस बड़े मुकाम पर पहुंच गए हैं। ऐसे शानदार क्रिकेटर को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं।

    दिल्ली में 5600 करोड़ के ड्रग्स के तार दुबई से जुड़े, इंटरनेशनल सिंडिकेट के मास्टरमाइंड को लेकर बड़ा खुलासा

    दिल्ली में पकड़े गए करोड़ों की कोकीन के मामले में पुलिस के हाथ बड़ी जानकारी हाथ लगी है। सिंडिकेट का सरगना दुबई में रहता है और वह वहीं से गिरोह को चला रहा है।

    नई दिल्लीः राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पकड़े गए 5600 करोड़ के ड्रग्स के मामले में जांच कर रही पुलिस ने बड़ा खुलास किया है। दिल्ली में ड्रग्स के कारोबार के तार दुबई से जुड़े होने की जानकारी मिली है। दुबई में मौजूद भारतीय नागरिक वीरेंद्र बसोया का नाम इंटरनेशनल सिंडिकेट के मास्टरमाइंड के तौर पर सामने आया है। बसोया भारत में ड्रग्स मामंले में गिरफ्तार भी हो चुका है और जमानत मिलने के बाद दुबई शिफ्ट होकर इंटरनेशनल ड्रग्स कार्टेल का बड़ा माफिया बन गया।

    तुषार गोयल और वीरेंद्र बसोया पुराने दोस्त हैं

    पुलिस जांच में सामने आया है कि 5600 करोड़ के ड्रग्स सिंडिकेट का मास्टरमाइंड और मुख्य आरोपी तुषार गोयल और वीरेंद्र बसोया पुराने दोस्त हैं। बसोया ने ही तुषार को ड्रग्स नेक्सस में अपने साथ जोड़ा था। बसोया ने कोकीन की खेप की डिलिवरी के बदले तीन करोड़ हर एक कन्साईनेट पर तुषार को देने की डील की थी। दुबई से बसोया ने इस सिंडिकेट से जुड़े यूके में मौजूद जितेन्द्र गिल को भारत जाने को कहा था।

    तुषार ने ड्रग्स माफिया को दिल्ली में ठहराया

    इसके बाद UK से तुषार से मिलने ड्रग्स डील के लिए जितेन्द्र गिल दिल्ली आया। जहां पर तुषार ने उसे पंचशील इलाके के एक होटल मे रुकवाया। इसके बाद दोनों गाजियाबाद और हापुड़ ड्रग्स लेने पहुंचे। मुंबई में जो कोकीन सप्लाई होनी थी उस शख्स की पहचान भी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने की है। इस संबंध में मुंबई में संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

    दुबई से गिरोह चला रहा है बसोया

    वीरेंद्र बसोया लंबे वक्त से दुबई से कोकीन की डील से जुड़ा हुआ बताया जाता है। इंटरनेशनल एजेंसियों को वीरेंद्र बसोया को लेकर इनपुट्स शेयर किए गए है ताकि उसे दुबई में दबोचा जा सके। वीरेंद्र वसोवा के दाउद गिरोह (Dकंपनी) से लिंक भी खंगाले जा रहे हैं।

    पहले भी बसोया का नाम आ चुका है सामने

    बता दें कि पिछले साल पुणे पुलिस ने दिल्ली में छापेमारी कर जो 3 हजार करोड़ की ड्रग्स (म्याऊं म्याऊं ) पकड़ी थी, उस ड्रग्स सिंडिकेट में भी बसोया का नाम सामने आया था। पुणे पुलिस ने बसोया के दिल्ली के पिलंजी गांव में रेड भी की थी लेकिन पुलिस के पहुंचने के पहले ही वो भाग गया था। बसोया ने पिछले साल यूपी के एक पूर्व विधायक की बेटी से अपने बेटे की शादी भी दिल्ली के एक शानदार फॉर्महाउस में की थी।

    महाराष्ट्र में मंत्रालय की तीसरी मंजिल से कूदे डिप्टी स्पीकर नरहरी झिरवल, सुरक्षा जाली पर अटके

    आज महाराष्ट्र के आदिवासी समाज के विधायक मंत्रालय में आंदोलन कर रहे हैं। इस दौरान अजीत पवार गुट के विधायक और विधानसभा उपाध्यक्ष नरहरी झिरवल मंत्रालय की तीसरी मंजिल से कूद गए। उनके बाद कुछ और आदिवासी विधायक भी कूद गए।
    महाराष्ट्र के मंत्रालय में अजित पवार गुट के विधायक और विधानसभा उपाध्यक्ष नरहरी झिरवल मंत्रालय की तीसरी मंजिल से कूद गए। नरहरी झिरवल छत से कूदे और सुरक्षा जाली पर अटक गए। झिरवल के बाद कुछ और आदिवासी विधायक भी कूद गए। हालांकि, नीचे जाली रहने के कारण सभी की जान बच गई। झिरवल धनगर समाज को ST कोटे से आरक्षण का विरोध कर रहे हैं। नरहरी झिरवल महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष हैं और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के सदस्य हैं।
    जाल बना ‘सुरक्षा कवच’
    बता दें कि आज महाराष्ट्र के आदिवासी समाज के विधायक मंत्रालय में आंदोलन कर रहे हैं। इस दौरान विधायक मंत्रालय के दूसरी मंजिल पर लगाई गई सुरक्षा जाली पर उतर गए और नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने विधायकों को सुरक्षा नेट से हटा दिया है।
    अपनी ही सरकार के फैसले का विरोध कर रहे डिप्टी स्पीकर
    बताया जा रहा है कि वे एकनाथ शिंदे सरकार की तरफ से धनगर समाज को एसटी का दर्जा दिए जाने के फैसले के खिलाफ हैं। वे अपनी ही सरकार के फैसले का विरोध कर रहे हैं। नरहरी झिरवल धनगर समुदाय द्वारा आदिवासी समुदाय के आरक्षण में घुसपैठ को रोकने के लिए एक मजबूत रुख अपना रहे हैं। धनगर समाज को आदिवासी कोटे में आरक्षण ना मिले और पेसा कानून के तहत नौकरी भर्ती की मांग को लेकर विधायक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।