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    मोहन सरकार ने दिया दिवाली गिफ्ट, बढ़ाया महंगाई भत्ता, जानें कब खाते में आएगी बढ़ी सैलरी

    भोपाल. दिवाली से पहले मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार के प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है. राज्य सरकार ने महंगाई भत्ता 4 फीसदी बढ़ा दिया है. इसके बाद डीए 46 फीसदी से बढ़कर 50 फीसदी हो गई है. मालूम हो कि नई दरें जनवरी 2024 से लागू हो जाएंगी. अब ऐसे में जनवरी से लेकर सितंबर तक का एरियर भी कर्मचारियों को मिलेगा. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी अधिकारी और कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाने का फैसला लिया है. मेरी अपनी ओर से सभी को बधाई. उन्होंने कहा कि इसकी बधाई डबल तब हो जाती है जब दीपावली भी है और इस अवसर पर मध्य प्रदेश स्थापना दिवस का कार्यक्रम भी है.
    मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने बताया कि राज्य शासन ने 46 फीसदी महंगाई भत्ता वित्त विभाग के प्रतिपत्र से स्वीकृत किया है. इसके आधार पर स्वीकृति महंगाई भत्ते की दर एक जुलाई 2023 से प्रभावशील की गई थी. एरियर राशि का भुगतान किस्तों में किया गया. अब सभी शासकीय सेवकों को 1 जनवरी 2024 से महंगाई भत्ता 50 फीसदी की दर से दिया जाएगा. अभी अक्टूबर चल रहा है, लेकिन हम इसे 1 जनवरी से देंगे.
    सीएम मोहन यादव ने की अपील

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपील करते हुए कहा कि हम सभी दिवाली के अवसर पर अपना ध्यान रखें और अपने आसपास के लोगों का भी ध्यान रखें. गरीब से गरीब आदमी के आंखों में भी आनंद आए.
    उन्होंने कहा कि 1 नवंबर के गठन की पहली तारीख, जो 1956 में एक नए प्रदेश का आकार साकार लेकर आई. इसके मध्य में हम सब अपनी-अपनी दिनचर्या चलाते हुए देश की सेवा, मध्य प्रदेश की सेवा, समान रूप से आगे बढ़ती जाए, इस भाव के आधार पर हम काम करते रहते हैं.
    सीएम ने कहा कि सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई देना चाहूंगा. आप सब अपने लगन, मेहनत, सकारात्मक सोच के कारण से पूरे देश के अधिकारियों -कर्मचारियों में एक विशेष पहचान रखते हैं. इस नाते से सरकार का भी उत्तरदायित्व है कि आपके हितों का भी ध्यान रखें.

    पराली जलाने पर सुप्रीम कोर्ट मेंचल रही तीखी बहस,पूछा- ‘तो आपने अफसरों पर मुकदमा क्यों नहीं किया’

    दिल्ली-एनसीआर में बढ़ रहे वायु प्रदूषण के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. जस्टिस अभय एस ओक, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच मामले पर सुनवाई की. सुप्रीम कोर्ट ने CAQM से पूछा कि आपने क्या एक्शन लिया है.जस्टिस अभय ओक ने कहा कि केंद्र सरकार ने सिस्टम नहीं बनाया. पर्यावरण संरक्षण अधिनियम शक्तिहीन हो चुका है. धारा 15 में संशोधन करके दंड की जगह जुर्माना लगा दिया है, और जुर्माना लगाने की प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा सकता. केंद्र सरकार ने कहा कि दस दिनों के भीतर सेक्शन 15 (जुर्माने से लेकर 5 साल की सजा का  प्रावधान) लागू कर दिया जाएगा. प्रदूषण के मामले पर अगली सुनवाई 4 नवंबर को होगी. सभी पक्षों को अगली सुनवाई से पहले हलफनामा दाखिल करना है.
    जस्टिस ओक ने क्या कहा?

    पर्यावरण संरक्षण अधिनियम अब शक्तिहीन हो चुका है.
    ⁠सजा की जगह मामूली जुर्माना लगा दिया गया है.
    राज्य के अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई?
    एश्वर्या भाटी का जवाब
    ने दोनों राज्यों के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है
    पंजाब और हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव, कृषि को नोटिस जारी किया गया हैसुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
    नियम आपको मुकदमा चलाने की अनुमति देते हैं
    आपको उन पर मुकदमा चलाना चाहिए वरना कुछ नहीं होगा
    ‘किन धाराओं में केस दर्ज हुआ, हमें पता है’
    ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पंजाब- हरियाणा ने पराली जलने की घटना को कम करने के लिए व्यापक कदम उठाए गए हैं. इस पर अदालत ने कहा कि हम जानते है कि किन धाराओं में FIR दर्ज हुई है. क्या कोई भी मामले को लेकर गंभीर हैं.

    रीवा में 5वीं रीजनल इंडस्ट्री कांन्क्लेव आज, CM बोले- विकास में नया कीर्तिमान बनाएगा विंध्य

    मध्य प्रदेश के रीवा में आज 5वीं रीजनल इंडस्ट्री कांन्क्लेव है. इस आयोजन से पहले सीएम मोहन यादव ने कहा कि विंध्य विकास में नया कीर्तिमान बनाएगा
    मध्य प्रदेश के रीवा में आज बुधवार को पांचवी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन हो रहा है. इस आयोजन से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे बड़ा अवसर बताते हुए कहा कि यह कॉन्क्लेव सबसे सफल होगी.  सीएम ने कहा कि अभी तक मप्र में 2.45 लाख करोड़ का निवेश मिला. तीन लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं
    नया कीर्तिमान बनाएगा
    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा प्रदेश सरकार अपने गठन के साथ ही लगातार मध्यप्रदेश के औद्योगिक निवेश और रोजगार की दिशा में लगातार युवाओं को अवसर मिले, हमारे हर युवा के हाथ में काम मिले इसलिए सभी सेक्टर में समान रूप से काम कर रहे हैं. खासकर हमारे आईटी का सेक्टर या एमएसएमई उद्योग का सेक्टर हो, हेवी इंडस्ट्री से लेकर फूड इंडस्ट्री तक सभी क्षेत्रों में लगातार रोजगार निवेश के अभियान में हम लगे हैं. मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि रीवा महत्वपूर्ण अंचल है, जो विंध्य और बुंदेलखंड को जोड़ते हुए विकास के लिए एक नया कीर्तिमान बनाएगा
    ये भी पढ़ें लापरवाही पड़ी भारी! नपा CMO और डीपीसी सस्पेंड, कमिश्नर ने जारी किए आदेश
    भूमिपूजन और लोकार्पण भी होगा
    डॉ. यादव ने कहा कि आज रीवा में पांचवीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित हो रही है. इस अवसर पर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों की कई इंडस्ट्री के भूमि पूजन और लोकार्पण के काम भी करेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार के साथ हम विकास के इस क्रम को लगातार जारी रखेंगे

    मध्य प्रदेश में इंडी अलायंस में फूट, सपा ने कांग्रेस के खिलाफ इस विधानसभा सीट से उतारा अपना उम्मीदवार

    एमपी में दो सीटों पर उपचुनाव होने हैं। ऐसे में समाजवादी पार्टी ने गठबंधन धर्म के तहत कांग्रेस से दो में से एक सीट मांगी थी लेकिन बात नहीं बनी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ कई दौर की चर्चा के बाद भी कांग्रेस की तरफ से कोई सहमति नहीं बनी।
    मध्य प्रदेश की दो विधानसभा सीटों पर होने जा रहे उपचुनाव में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की फूट सामने आ गई है। मध्य प्रदेश के बुधनी और विजयपुर विधानसभा में 13 नवंबर को चुनाव होने जा रहे हैं। जिसमें कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे से खाली हुई बुधनी विधानसभा सीट के उपचुनाव में राजकुमार पटेल को तो वहीं, विजयपुर सीट से मुकेश मल्होत्रा को चुनावी मैदान में उतारा है।
    उपचुनाव वाले दोनों सीटों पर कांग्रेस ने उतारे अपने उम्मीदवार
    इन्हीं दो सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार घोषित करने से समाजवादी पार्टी नाराज है। दरअसल, समाजवादी पार्टी ने दो सीटों पर होने वाले उपचुनाव में से कांग्रेस से एक सीट मांगी थी। इन सीटों पर प्रत्याशी के चयन के लिए बाकायदा मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, सज्जन वर्मा, अरुण यादव समेत समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव भी मौजूद रहे। कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी को आश्वस्त किया था कि पार्टी आला कमान से बातचीत के बाद वह अपना निर्णय बताएंगे लेकिन कांग्रेस ने बिना समाजवादी पार्टी को भरोसे में लिए, दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। इसके बाद समाजवादी पार्टी ने भी 24 घंटे के अंदर बुधनी सीट से अपना प्रत्याशी उतार कर कांग्रेस को बड़ा झटका दे दिया। इस सीट से समाजवादी पार्टी ने एक दिन पहले ही कांग्रेस से इस्तीफा देकर आए अर्जुन राय को अपना प्रत्याशी बनाया है।

    सपा ने एक सीट पर मांगा था टिकट लेकिन वो भी नहीं हो पाया कांग्रेस से
    दरअसल, किसान नेता के तौर पर पहचाने जाने वाले अर्जुन राय कांग्रेस में प्रदेश सचिव रहे हैं और लंबे समय से विधानसभा चुनाव में टिकट मांग रहे थे। लेकिन कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो नाराज होकर उन्होंने समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर ली। अर्जुन राय 2018 में भी समाजवादी पार्टी में थे। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता यश भारती ने इंडिया टीवी से बात करते हुए कहा की अर्जुन आर्य ने 14 अक्टूबर को राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से बात कर पार्टी में शामिल होने की इच्छा जताई। जिसके बाद उन्हें पार्टी में शामिल किया गया। यश ने यह भी कहा कि कई दौर की बातचीत के बावजूद कांग्रेस ने दो में से एक सीट गठबंधन धर्म के तहत उन्हें नहीं दी। यश भारती ने कहा कांग्रेस अपनी हार से सबक नहीं लेती है चाहे हार हरियाणा की हो या 2023 की मध्य प्रदेश चुनावों की। कांग्रेस ऐसी पार्टी है जो सहयोगियों से सहयोग नहीं लेना चाहती और सहयोग देना भी नहीं चाहती है।

    हरिद्वार की तर्ज पर उज्जैन में भी बनेंगे अखाड़ा प्रमुखों, महामंडलेश्वर के लिए स्थायी आश्रम, CM मोहन यादव का ऐलान

    सिहंस्थ 2028 को लेकर प्रेस वार्ता में मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन की पहचान साधु संतों से है। हरिद्वार में जिस प्रकार साधु -संतों के अच्छे आश्रम बने हुए हैं, उसी प्रकार विकास के क्रम को जारी रखते हुए उज्जैन में भी साधु संतों के स्थायी आश्रम बनाने के प्रयास किए जाएंगे।
    मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिहंस्थ का आयोजन 2028 में होना है, लेकिन इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी है। इसके साथ ही सीएम मोहन यादव ने ऐलान कर दिया है कि हरिद्वार की तर्ज पर उज्जैन में भी साधु-संतो, महंत,अखाड़ा प्रमुखों, महामंडलेश्वर आदि महात्माओं के लिए स्थायी आश्रम बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा “उज्जैन सहित प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रदेश सरकार निरंतर आगे बढ़ रही है। समान रूप से विकास से सभी की खुशहाली के द्वार खुलेंगे। सभी देव स्थानों के आसपास हमारे धर्माचार्य आ पाएं यह हमारी प्राथमिकता है।
    सिहंस्थ 2028 को लेकर प्रेस वार्ता में मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन की पहचान साधु संतों से है। 12 वर्षों में एक बार आयोजित होने वाले सिहंस्थ का आयोजन अब 2028 में है। साधु संतों को उज्जैन में आने, ठहरने, कथा, भागवत इत्यादि अन्य आयोजन के लिए पर्याप्त रूप से भूमि भू खंड की आवश्यकता पड़ती है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार साधु -संतों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्थायी आश्रम बनाए जाने की योजना बनाई गई हैं। निजी होटलों में साधु संतों और श्रद्धालुओं को इस प्रकार के आयोजनों के लिए चुनौतियां आती हैं। महंगा भी पड़ता है।

    हरिद्वार की तर्ज पर बनेंगे स्थायी आश्रम
    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि हरिद्वार में जिस प्रकार साधु -संतों के अच्छे आश्रम बने हुए हैं, उसी प्रकार विकास के क्रम को जारी रखते हुए उज्जैन में भी साधु संतों के स्थायी आश्रम बनाने के प्रयास किए जाएंगे। उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से इस बड़ी योजना को आकार दिया जाएगा। सभी साधु-संतो, महंत, अखाड़ा प्रमुखों, महामंडलेश्वर सभी को आमंत्रित कर उनके स्थायी आश्रम बनाने की दिशा में काम करेंगे। सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए सड़क, बिजली, पेयजल, जल निकासी इत्यादि मूलभूत सुविधाओं के लिए भी स्थाई अधोसंरचना का निर्माण किया जाएगा। ताकि अस्थाई निर्माण से होने वाली समस्याएं निर्मित ना हो।

    धार्मिक शहर के रूप में विकसित होगा उज्जैन
    हरिद्वार की तरह उज्जैन को धार्मिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए सभी जन प्रतिनिधियों के साथ मिलकर कार्य योजना तैयार की गई है। सभी प्रकार के फोरलेन, सिक्सलेन ब्रिज आदि स्थायी अधोसंरचना विकास के कार्य किए जाएंगे। सभी मूलभूत सुविधाओं के विकास के साथ साधु -संतों के लिए आश्रम निर्माण के कार्य समानांतर रूप से किए जाएंगे। समाज के इच्छुक सनातन धर्मावलंबियों के माध्यम से अन्न क्षेत्र, धर्मशाला, आश्रम, चिकित्सा केंद्र, आयुर्वेद केंद्र आदि सार्वजनिक गतिविधियों के संचालन कार्य को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

    पार्किंग के लिए भी भरपूर जगह
    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि साधु -संतों को आश्रम निर्माण के लिए अनुमति इस प्रकार दी जाएगी कि पांच बीघा के एक बीघा भूखंड पर ही भवन का निर्माण किया जा सकेगा। शेष चार बीघा भूखंड खुला रहेगा, जिसमें पार्किंग आदि व्यवस्थाओं के लिए पर्याप्त खुला स्थान रहे। यह अनुमति केवल साधु-संतों ,महंत ,अखाड़ा प्रमुखों, महामंडलेश्वर को ही दी जाएगी। व्यक्तिगत और कमर्शियल उपयोग के लिए इस प्रकार की अनुमति नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि महाकाल महालोक बनने के बाद से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन आते हैं। निरंतर यहां धार्मिक आयोजनों का क्रम जारी रहता है। ऐसे में यह योजना धर्मावलंबियों के लिए बड़ी लाभकारी सिद्ध होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए पूरी योजना तैयार की गई है।

    इंदौर-उज्जैन मेट्रो को मिली मंजूरी
    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि इंदौर-उज्जैन मेट्रो ट्रेन के संचालन की सैद्धांतिक स्वीकृति भी दे दी गई है। इसी के साथ उज्जैन, देवास, फतेहाबाद, इंदौर को जोड़ते हुए सर्किल वंदे मेट्रो ट्रेन का भी संचालन किया जाएगा। जिसकी गति मेट्रो ट्रेन की तुलना में अधिक होगी। रेल रूट के साथ उज्जैन के सभी मार्गों का भी सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। उज्जैन से निकलने वाले सभी मार्ग फोरलेन किए जाएंगे। वर्तमान एयरस्ट्रिप का भी उन्नयन कर टेक्निकल रूप से एयरपोर्ट बनाया जायेगा। ताकि 12 महीने हवाई यातायात सुविधा भी उज्जैन को मिल सके।

    सीएम मोहन यादव ने किया संपदा-2.0 पोर्टल और ऐप का शुभारंभ, बोले- इसे पूरा देश फॉलो करेगा

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को संपदा-2.0 पोर्टल और ऐप का शुभारंभ किया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया मिशन अब कल्पवृक्ष की तरह आमजन की हर जरूरत पूरी कर रहा है।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को ई-रजिस्ट्री और ई-पंजीयन के नवीन प्रणाली पर विकसित संपदा-2.0 पोर्टल और ऐप का शुभारंभ किया है। मोहन यादव ने इस दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया डिजिटल इंडिया मिशन अब कल्पवृक्ष की तरह आमजन की हर जरूरत पूरी कर रहा है। जीरो बैलेंस खाता, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और ई-रजिस्ट्री जैसे नवाचार ने सभी का जीवन सरल और सुगम बनाया है।
    पूरा देश फॉलो करेगा- मोहन यादव
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी कड़ी में मध्यप्रदेश में नवीन तकनीक पर आधारित “संपदा-2.0” का नवाचार ऑनलाइन दस्तावेज पंजीयन में डिजिटल क्रांति का माइलस्टोन बनेगा। इस नवाचार को पूरा देश फॉलो करेगा। पहले प्रदेश में दस्तावेज पंजीयन और अन्य कार्यों के लिए कार्यालय आना पड़ता था लेकिन पोर्टल और ऐप के माध्यम से सभी लोग घर से ही इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

    केन्द्र ने मध्य प्रदेश को दो कार्य दिए- मोहन यादव
    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार ने मध्यप्रदेश को 2 नए महत्वपूर्ण कार्य सौंपे हैं। इसमें 120 शहरों के जीआईएस कार्य को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के माध्यम से आईटी विभाग द्वारा पूरा किया जाएगा। साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में जीआईएस लैब स्थापित करने जा रहे हैं। इसका लाभ प्रदेश को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटी के क्षेत्र में मध्यप्रदेश बहुत उन्नति कर रहा है। आईटी में नवाचार के साथ मध्यप्रदेश सरकार पेपरलेस सिस्टम की दिशा में कदम बढ़ाएगी।

    संपदा-2.0 की खूबियां
    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने “संपदा-2.0” की खूबियां बताते हुए कहा कि “संपदा-2.0” उन्नत तकनीक पर आधारित सॉफ्टवेयर है। इसमें राजस्व वित्त विभाग और नगरीय प्रशासन के साथ जीएसटी और युनीक आईडी आधार से भी इंटीग्रेटेड किया गया है। जमीन की कलेक्टर गाइडलाइन दर ऐप में लोकेशन के माध्यम से मालूम हो सकेगी। सॉफ्टवेयर से संपत्ति की जीआईसी मैपिंग होगी, बायोमैट्रिक पहचान और दस्तावेजों की फॉर्मेटिंग भी होगी। दस्तावेजों के पंजीयन के लिए व्यक्तिगत मौजूदगी की जरूरत नहीं होगी। घर बैठे ही दस्तावेज सत्यापन और पंजीकरण हो सकेगा। दस्तावेज की सॉफ्ट कॉपी व्हाट्सएप और ईमेल से आवेदक को प्राप्त होगी।

    मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश लगातार नवाचार कर रहा है। इस दिशा में प्रदेश में संपदा-2.0 की नई व्यवस्था प्रधानमंत्री श्री मोदी की मंशानुरूप ईज ऑफ लिविंग को दृष्टिगत रखते हुए लागू की जा रही है। इससे पंजीयन की व्यवस्था सुगम, सरल ओर करप्शन-फ्री बनेगी। नागरिकों को ई-पंजीयन और ई-स्टाम्पिंग की नवीन प्रणाली का लाभ मिलेगा। लोग घर बैठे अपनी प्रापर्टी को बेच भी सकेंगे और रजिस्ट्री करा सकेंगे। इस प्रणाली से प्रदेश ही नहीं, बल्कि प्रदेश और देश के बाहर से भी ऑनलाइन रजिस्ट्रियाँ करवाई जा सकेंगी। इससे आम व्यक्ति का समय भी बचेगा और अनावश्यक रूप से लगने वाले आरोपों से मुक्ति भी मिलेगी।

    ई-पंजीयन कराने वालों से संवाद
    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ई-पंजीयन एवं ई-स्टांपिंग के नवीन साफ्टवेयर “संपदा-2.0” का शुभारंभ कर इसका लाभ लेने वाले नागरिकों से वर्चुअल संवाद भी किया। हांगकांग से सुरेन्द्र सिंह चक्रावत ने मुख्यमंत्री को बताया कि “संपदा-2.0” के माध्यम से उन्होंने हांगकांग से ही रतलाम में “पॉवर ऑफ अटार्नी” दस्तावेज का पंजीयन करवाया है। इसी प्रकार जबलपुर में जन्मी 78 वर्षीय बुजुर्ग डॉ. शक्ति मलिक जो वर्तमान में दिल्ली में निवासरत है, उन्होंने भी “संपदा-2.0” के माध्यम “पॉवर ऑफ अटार्नी” दस्तावेज का पंजीयन ऑनलाइन करवाया। मुख्यमंत्री से संवाद में डॉ मलिक ने बताया कि मध्य प्रदेश में की गई इस नई व्यवस्था से वे बेहद प्रसन्न है। उन्होंने कहा कि जो काम मुझे रतलाम जाकर करना पड़ता, वह दिल्ली में बैठे-बैठे हो गया।

    जो स्पेन में नहीं हुआ, वह एमपी में हुआ-मरियानो मटियास
    मुख्यमंत्री मोहन यादव से वर्चुअल संवाद में स्पेन के मरियानो मटियास ने बताया कि आज तक स्पेन में भी ई-रजिस्ट्री का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद के साथ कहा कि जो काम स्पेन में नहीं हुआ, वह मध्यप्रदेश ने उनके नेतृत्व में टीम ने करके दिखा दिया है। बता दें कि कि मध्यप्रदेश मैट्रो रेल कॉर्पोरेशन के वर्क कॉट्रेक्ट का ऑनलाईन पंजीयन “संपदा-2.0” से कॉर्पोरेशन के पदाधिकारियों और दिल्ली में मौजूद स्पेन से आये मरियोनो मटियास अलवरेज अर्स की कंपनी Ayesa Ingeniera Y Arquitecura S.A.U. और पुष्पेन्द्र गुप्ता (Ayesa India Pvt Ltd) द्वारा किया गया।

    रजिस्ट्री पंजीयन की डिजिटल प्रक्रिया में एमपी अग्रणी- उप मुख्यमंत्री
    उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि देश में रजिस्ट्री पंजीयन की डिजिटल प्रक्रिया में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देशन में “संपदा-2.0” का सरलीकरण एवं सुधार तेज गति से हुआ है। प्रदेश की जनता के लिये दस्तावेजों के ऑनलाइन पंजीयन के पारदर्शी प्रणाली लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश में पहला राज्य है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 4 जिलों में सफलतापूर्वक संचालन के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है। इसकी प्रक्रिया पूर्णत: पेपरलेस होने से गलतियों की गुंजाईश नहीं रहेगी। मोबाईल ऐप से किसी भी लोकेशन की गाईड लाइन दर तत्काल प्राप्त होगी। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने सॉफ्टवेयर बनाने वाली टीम को बधाई और शुभकामनाएं भी दी।

    मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया सम्मानित
    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पंजीयन विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में हुए कार्यक्रम में “संपदा-2.0” पोर्टल और ऐप पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन किया गया।

    बीजेपी विधायक के कहने पर SHO ने दर्ज नहीं की FIR तो दे दिया इस्तीफा, बोले- ‘ऐसी विधायकी मुझे नहीं करनी’, बाद में पलटे

    सागर:मध्य प्रदेश के सागर जिले के देवरी से भाजपा विधायक बृज बिहारी पटेरिया ने अपनी विधानसभा के एक थाने से नाराज होकर पार्टी अध्यक्ष को पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने इस्तीफा देने की बात कही है। यही नहीं बीजेपी विधायक ने पुलिस थाने में धरना दिया। इस दौरान थाने में उनके समर्थकों की भीड़ भी जुट गई। बीजेपी विधायक घटनाक्रम के कुछ घंटे के अंदर ही इपने बयान से पटल गए और कहा कि आक्रोश में आकर उन्होंने यह कदम उठाया। अब इस्तीफा जैसी कोई बात नहीं है।
    थाना प्रभारी ने बात नहीं मानी तो धरने पर बैठे विधायक

    जानकारी के अनुसार, देवरी विधानसभा से भाजपा विधायक बृज बिहारी पटेरिया गुरुवार शाम एक पीड़ित पक्ष की शिकायत पर केसली थाने पहुंचे और एक डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज करने की मांग करने लगे। विधायक के कहने पर जब थाना प्रभारी ने एफआईआर दर्ज नहीं की तो वह नाराज होकर थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। इसके साथ ही उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। इस संबंध में उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को इस्तीफा भेज दिया है। विधायक का इस्तीफा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

    पीड़ित परिवार से डॉक्टर ने मांगा रिश्वत

    विधायक बृज बिहारी पटेरिया ने बताया कि रोहित यादव के पिता की सांप काटने से मौत हो गई थी। पीड़ित परिजन रिपोर्ट लिखाने आए थे। मृतक का पोस्टमार्टम भी हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने के लिए डॉक्टर ने रिश्वत की मांग की। आरोप है कि डॉक्टर ने पीड़ित को कहा कि अगर पैसे नहीं दोगे तो हम सांप काटने से हुई मौत नहीं लिखेंगे।
    विधायक के कहने पर भी दर्ज नहीं की एफआईआर

    विधायक ने कहा कि पीड़ित गरीब आदमी है। उसके पास नहीं पैसे थे। डॉक्टर ने जो रिपोर्ट बनाई उसमें सर्वदंश नहीं लिखा। हमने टीआई को भी फोन किया। एसपी साहब से भी बात हुई। सब लोगों को बताया कि यह गंभीर मामला है। आपको रिपोर्ट लिखने में क्या दिक्कत है। रिपोर्ट लिखिए जांच कीजिए। एफआईआर सही तो करवाई कीजिए। सही नहीं है तो करवाई मत कीजिए। इस बात को लेकर थोड़ी तनातनी हो गई। अब वह रिपोर्ट लिखने को तैयार नहीं है। वे लोग सर्कुलर दिखा रहे हैं। कह रहे हैं कि यह सेंट्रल गवर्नमेंट का सर्कुलर है। यह स्टेट गवर्नमेंट का सर्कुलर है।

    विधायक ने दिया इस्तीफा, बोले- ऐसी विधायकी अब मुझे नहीं करना
    पटेरिया ने कहा कि मैंने थाना प्रभारी को कहा कि जब निर्वाचित विधायक के खिलाफ एफआईआर हो सकती है तो डॉक्टर के खिलाफ क्यों नहीं हो सकती। ऐसा निर्वाचित विधायक होने का कोई मतलब नहीं है। यदि विधायक को खुद आना पड़े थाने में पीड़ित पक्ष की रिपोर्ट लिखने के लिए और रिपोर्ट ना लिखी जाए इससे शर्मनाक बात क्या हो सकती है। वह भी तब जब सत्ता पक्ष के विधायक थाने में खुद हों। इसलिए इस्तीफा दे दिया। ऐसी विधायकी मुझे नहीं करनी है।

    इस्तीफा देने की बात से पलटे बीजेपी विधायक

    वहीं, इस घटनाक्रम के कुछ घंटे बाद ही ब्रज बिहारी पटेरिया अपनी बात से पलट गए। उन्होंने कहा कि हमने गुस्से में आकर इस्तीफा दिया था। अब इस्तीफा देने जैसी कोई बात नहीं है। संगठन और सरकार मेरे साथ है। मैं स्पीकर और मुख्यमंत्री के आदेश का मैं पालन करूँगा।

    सीएम मोहन यादव ने संजय राउत को दिया जवाब, कहा- MP आकर देखें किस तरह चल रही लाडली बहना योजना

    सीएम मोहन यादन ने संजय राउत को जवाब देते हुए कहा है कि प्रदेश में लाडली बहना योजना अभी भी चल रही है। उद्धव ठाकरे की पार्टी के नेता जनता को गुमराह कर रहे हैं।
    भोपालः मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लाडली बहना योजना बंद होने को लेकर शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत के बयान पर निशाना साधा है। मोहन यादव ने कहा कि हार के डर से शिवसेना (UBT) के लोग महाराष्ट्र के चुनाव में मतदाताओं को बरगलाने का प्रयास कर रहे हैं। मैं एक बार फिर अपने सारे मतदाताओं से कहना चाहूंगा कि ऐसे लोगों के बातों पर भरोसा न करें।
    सीएम मोहन यादव ने संजय राउत को दिया जवाब

    सीएम मोहन यादव ने कहा कि जब से हमने लाडली बहना योजना शुरू की है। लगातार हर महीने, निश्चित समय पर बहनों को पैसे देने का काम किया है। संजय राउत को मैं बताना चाहूंगा कि एक बार मध्य प्रदेश आकर देखें कि कैसे एक करोड़ 29 लाख बहनों के खाते में पैसे किस तरह से भेजे जा रहे हैं। जबसे हमने लाडली बहन योजना शुरू की है तब से लगातार हर महीने सारी बहनों को पैसे भेजे जा रहे हैं। हमने अभी हाल में ही एक साथ पूरे प्रदेश की एक करोड़ 29 लाख बहनों के खाते में हमने रकम डाली है।

    महिलाएं संजय राउत के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए स्वतंत्र

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कई लाडली बहनें मेरे पास खुद आई हैं और बोल रही हैं कि हम थाने में शिकायत करेंगे कि हमको अपमानित किया गया। झूठ बोला गया। तो हमने कहा आप शिकायत करने को स्वतंत्र हैं। हम कभी सोच भी नहीं सकते कि इसको हम बंद करेंगे।

    संजय राउत के खिलाफ भोपाल मे एफआईआर दर्ज

    बता दें कि मध्य प्रदेश पुलिस ने शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत के खिलाफ राज्य सरकार की प्रमुख लाडली बहन योजना के बारे में कथित तौर पर गुमराह करने वाली टिप्पणी को लेकर FIR दर्ज की है। पुलिस ने भाजपा महिला मोर्चा की जिला इकाई की अध्यक्ष वंदना जाचक और इसकी उपाध्यक्ष सुषमा चौधरी की शिकायत पर भोपाल अपराध शाखा ने मामला दर्ज किया है। संजय राउत ने दावा किया था कि मध्य प्रदेश सरकार की लाडली बहन योजना बंद कर दी जाएगी।

    इस वजह से हार्दिक पांड्या ने नहीं की दूसरे टी20 मैच में गेंदबाजी, कप्तान सूर्यकुमार यादव ने खुद बताया कारण

    दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भारत और बांग्लादेश के बीच खेले गए तीन मैचों की टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम का एकतरफा प्रदर्शन देखने के मिला। वहीं इस मैच में टीम इंडिया ने कुल 7 गेंदबाजों से बॉलिंग कराई लेकिन हार्दिक पांड्या ने एक ओवर भी गेंदबाजी नहीं की।
    सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ खेली जा रही तीन मैचों की टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में भी बेहतरीन खेल दिखाते हुए उसे 86 रनों से अपने नाम किया। इस मैच में टीम इंडिया की जीत की सबसे खास बात ये रही कि युवा खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया जिसमें ऑलराउंडर नितीश कुमार ने बड़ी भूमिका निभाई। नितीश ने जहां बल्ले से सिर्फ 34 गेंदों में 74 रनों आक्रामक पारी खेली तो वहीं गेंदबाजी में भी वह 2 विकेट लेने में कामयाब रहे। इसके अलावा रिंकू सिंह भी 29 गेंदों में 53 रनों की पारी खेलने में कामयाब रहे। गेंदबाजी में कप्तान सूर्या ने कुल 7 बॉलर्स को यूज किया लेकिन उसमें हार्दिक पांड्या का नाम शामिल नहीं था, जिसको लेकर मैच के बाद सूर्यकुमार यादव ने वजह का खुलासा किया।
    मैं बाकी गेंदबाजों को देखना चाहता था
    बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में जीत के बाद भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा कि मैं इस तरह के हालात देखना चाहता था कि हमारे मध्यक्रम के बल्लेबाज ऐसी स्थिति में किस तरह का प्रदर्शन करते हैं। मैं रिंकू और नितीश दोनों का प्रदर्शन देखकर काफी खुश हूं कि जिस तरह से उन्होंने बल्लेबाजी की हम वैसा ही चाहते थे। आपको मैदान पर उतरने के बाद अपना खेल खेलना चाहिए सिर्फ जर्सी चेंज हुई है लेकिन बाकी चीजें उसी तरह की हैं। मैं दूसरे गेंदबाजों को देखना चाहता था कि वह अलग-अलग हालात में कैसी गेंदबाजी करते हैं। क्योंकि कभी ऐसा भी होगा कि हार्दिक गेंदबाजी नहीं करेगा या वाशिंगटन सुंदर ऐसे में बाकी गेंदबाज किस तरह से स्थिति को संभालते हैं ये भी देखना जरूरी है और मैं उनका प्रदर्शन देखकर काफी खुश हूं। आज का दिन पूरी तरह से नितीश के नाम रहा और मुझे लगा कि उन्हें इसका पूरा आनंद लेने देना चाहिए।

    भारत ने दर्ज की बांग्लादेश के खिलाफ टी20 में सबसे बड़ी जीत
    दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए सीरीज के दूसरे टी20 मैच को टीम इंडिया ने 86 रनों से अपने नाम किया जो बांग्लादेश के खिलाफ उनकी इस फॉर्मेट में रनों के अंतर से अब तक की सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले टीम इंडिया ने इसी साल खेले गए टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश को नॉर्थ साउंड के मैदान पर हुए मुकाबले में 50 रनों से मात दी थी। अब टीम इंडिया की नजरें इस सीरीज में क्लीन स्वीप पर हैं, जिसमें आखिरी मुकाबला 12 अक्टूबर को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा।

    अमेरिका ने रतन टाटा के निधन पर जताया शोक, सुंदर पिचाई ने याद की आखिरी मुलाकात

    उद्योगपति रतन टाटा का निधन हो गया है। उनके निधन पर अमेरिका ने भी तक में शोक व्यक्त किया है। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि उन्होंने भारत में आधुनिक व्यावसायिक नेतृत्व को मार्गदर्शन और विकसित करने में अहम भूमिका निभाई है।
    वाशिगटन: अमेरिका ने बुधवार को वरिष्ठ उद्योगपति रतन नवल टाटा के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें भारत को अधिक समृद्धि तथा विकास की ओर अग्रसर करने वाले व्यक्ति के रूप में याद किया। टाटा समूह के पूर्व अध्यक्ष रतन टाटा (86) ने एक छोटे से समूह को भारत के सबसे बड़े और सबसे प्रभावशाली समूहों में से एक में बदल दिया। उनका दक्षिण मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में बुधवार रात निधन हो गया था।
    सुंदर पिचाई ने क्या कहा
    गूगल और अल्फाबेट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘रतन टाटा के साथ गूगल में मेरी आखिरी मुलाकात में हमने ‘वेमो’ की प्रगति के बारे में बात की और उनका दृष्टिकोण प्रेरणादायक था। वो एक असाधारण व्यवसाय और परोपकारी विरासत छोड़ गए हैं और उन्होंने भारत में आधुनिक व्यावसायिक नेतृत्व को मार्गदर्शन और विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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    अमेरिका ने रतन टाटा के निधन पर जताया शोक, सुंदर पिचाई ने याद की आखिरी मुलाकात
    उद्योगपति रतन टाटा का निधन हो गया है। उनके निधन पर अमेरिका ने भी तक में शोक व्यक्त किया है। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि उन्होंने भारत में आधुनिक व्यावसायिक नेतृत्व को मार्गदर्शन और विकसित करने में अहम भूमिका निभाई है।

    वाशिगटन: अमेरिका ने बुधवार को वरिष्ठ उद्योगपति रतन नवल टाटा के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें भारत को अधिक समृद्धि तथा विकास की ओर अग्रसर करने वाले व्यक्ति के रूप में याद किया। टाटा समूह के पूर्व अध्यक्ष रतन टाटा (86) ने एक छोटे से समूह को भारत के सबसे बड़े और सबसे प्रभावशाली समूहों में से एक में बदल दिया। उनका दक्षिण मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में बुधवार रात निधन हो गया था।

    सुंदर पिचाई ने क्या कहा
    गूगल और अल्फाबेट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘रतन टाटा के साथ गूगल में मेरी आखिरी मुलाकात में हमने ‘वेमो’ की प्रगति के बारे में बात की और उनका दृष्टिकोण प्रेरणादायक था। वो एक असाधारण व्यवसाय और परोपकारी विरासत छोड़ गए हैं और उन्होंने भारत में आधुनिक व्यावसायिक नेतृत्व को मार्गदर्शन और विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।’’

    इंडियास्पोरा ने रतन टाटा के निधन पर जताया शोक
    अमेरिका-भारत व्यापार परिषद (यूएसआईबीसी) के अध्यक्ष अतुल केशप ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पद्म विभूषण से सम्मानित व्यक्ति ‘‘भारत के अद्वितीय और महान पुत्र, कुलीनता और उदारता के आदर्श’’ थे। ‘इंडियास्पोरा’ के संस्थापक एम.आर.रंगास्वामी ने कहा, ‘‘इंडियास्पोरा समूह अत्यंत दुख के साथ रतन टाटा के निधन पर शोक व्यक्त करता है।’’ उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘उद्योग जगत में उनके असाधारण योगदान और सामाजिक कार्यों के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता ने न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया पर अमिट छाप छोड़ी है।

    कॉर्नेल विश्वविद्यालय ने ऐसे किया याद
    कॉर्नेल विश्वविद्यालय ने बताया कि टाटा ने यहीं से स्नातक किया था और वह इस विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे बड़े दानदाता बन गए। विश्वविद्यालय के अंतरिम अध्यक्ष माइकल आई. कोटलिकॉफ ने कहा, ‘‘रतन टाटा ने भारत, कॉर्नेल और पूरे विश्व में एक असाधारण विरासत छोड़ी है। कॉर्नेल विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर, आर्ट एंड प्लानिंग के डीन जे.मीजिन यून ने कहा, ‘‘जब रतन टाटा ने आर्किटेक्चर में डिग्री के साथ कॉर्नेल से स्नातक किया था, तो यह कल्पना करना असंभव था कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व, परोपकार और मानवता के प्रति प्रतिबद्धता का वैश्विक प्रभाव कई क्षेत्रों में शिक्षा और अनुसंधान को आगे बढ़ाने में होगा।’’ रतन टाटा 2006 से 2022 तक तीन बार कॉर्नेल के न्यासी रहे। उन्हें 2013 में कॉर्नेल का ‘आंत्रप्रेन्योर ऑफ द ईयर’ नामित किया गया था।