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    Air India के इतिहास का वो दर्दनाक हादसा जिसमें नहीं बच पाया कोई, भारत के बड़े साइंटिस्ट ने भी गंवाई थी जान

    अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट उड़ान भरते ही क्रैश हो गई, जिसमें विमान में सवार 241 लोगों के साथ-साथ 56 अन्य लोगों की मौत हो गई। इससे पहले भी एयर इंडिया के कई विमान हादसों का शिकार हो चुकी हैं।Air India की अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI-171 (बोइंग 787 ड्रीमलाइनर) गुरुवार दोपहर 1:30 बजे एयरपोर्ट के पास क्रैश हो गई। इस दर्दनाक घटना में फ्लाइट में सवार 242 में से 241 लोगों की जान चली गई। इस हादसे में भारत के साथ-साथ कई देशों के नागरिकों की भी मौत हो गई। अहमदाबाद में हुए इस विमान हादसे ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। रिहायशी इलाके में प्लेन क्रैश होने की वजह से 56 अन्य लोगों की भी मौत हुई है। इस हादसे में अब तक कुल 297 लोगों की जान जा चुकी है। इसमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी का भी देहांत हो गया। अहमदाबाद में हुआ यह हादसा एयर इंडिया के इतिहास के सबसे दर्दनाक हादसों में शामिल हो गया है।

    एयर इंडिया- हादसों का इतिहास
    एयर इंडिया के विमान कई बार हादसे का शिकार हो चुके हैं, जिनमें से इतिहास का एक ऐसा हादसा भी था, जिसमें भारत से बड़े साइंटिस्ट की मौत हो गई थी। इस हादसे में प्लेन में सवार सभी 117 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी। इसके अलावा 1978, 1982 और 1985 में भी एयर इंडिया के विमान बड़े हादसों का शिकार हो चुके हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी हैं।

    24 जनवरी 1966 को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-101 (बोइंग 707) भी लंदन जा रही थी। बॉम्बे (अब मुंबई) एयरपोर्ट से उड़ान भरने के बाद यह फ्लाइट दिल्ली, बेरूत (लेबनान की राजधानी) के रास्ते लंदन जा रही थी। फ्रांस के मोंट ब्लांक पर्वत शृंखला में यह फ्लाइट हादसे का शिकार हो गई। विमान में ऑन-बोर्ड सभी 117 लोगों ने इसमें अपनी जान गंवा दी थी। इस हादसे में भारत के मशहूर साइंटिस्ट होमी जहांगीर भाभा की भी मौत हुई थी।कौन थे होमी जहांगीर भाभा?
    डाक्टर होमी जहांगीर भाभा भारत में परमाणु उर्जा कमीशन के चेयरमैन थे। उनके नाम पर भाभा परमाणु रिसर्च सेंटर बनाया गया है। होमी जहांगीर भाभा को भारतीय अंतरिक्ष और एटमिक एनर्जी कार्यक्रम का जनक भी कहा जाता है। वे एक न्यूक्लियर साइंटिस्ट के साथ-साथ भारत के एटमिक एनर्जी कमीशन के अध्यक्ष भी थे। उनके बाद विक्रम साराभाई ने एटमिक एनर्जी कमीशन की कमान संभाली थी।

    एंयर इंडिया के विमान कब-कब हुए क्रैश?
    24 जनवरी 1966 को Air India की फ्लाइट AI-101 दर्दनाक हादसे का शिकार हो गई थी, जिसमें विमान में सवार सभी 117 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी। एयर इंडिया की यह बोइंग 707 फ्लाइट फ्रांस के पास मोंट ब्लांक पहाड़ियों में क्रैश हुई थी।

    1 जनवरी 1978 को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-855 क्रैश हुई थी, जिसमें 213 यात्रियों के अलावा क्रू मेंबर्स की मौत हुई थी। बॉम्बे (अब मुंबई) से दुबई जा रही यह फ्लाइट उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही अरब सागर में क्रैश होकर गिर गई। एयर इंडिया की बोइंग 747 विमान का क्रैश होना उस समय के सबसे बड़े हादसों में शामिल था।
    21 जून 1982 को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-403 हादसे का शिकार हुई थी। एयर इंडिया की यह फ्लाइट भी बॉम्बे (अब मुंबई) के सांता क्रूज एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गई। इस हादसे में फ्लाइट में सवार 111 में से 17 लोगों की मौत हो गई। एयर इंडिया कि यह बोइंग 707 विमान मलेशिया के क्वालालंपुर से मद्रास (अब चेन्नई) के रास्ते बॉम्बे पहुंची थी।

    23 जून 1985 को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-182 को खालिस्तानी आतंकवादी द्वारा बम ब्लास्ट करके उड़ाया गया था, जिसमें इस बोइंग 747 विमान में मौजूद सभी 329 लोग मारे गए थे। कनाडा के टोरंटो एयरपोर्ट से उड़ान भरने के बाद यह फ्लाइट भारत के बॉम्बे एयरपोर्ट पहुंचने वाली थी लेकिन अटलांटिक महासागर के ऊपर आतंकवादियों ने इसे बम से उड़ा दिया था।

    7 अगस्त 2020 को एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट AI Express-1344 केरल के कोजिकोड एयरपोर्ट के रनवे पर लैंडिंग के दौरान फिसल गई थी, जिसमें 21 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी। यह फ्लाइट कोरोना के दौरान भारत सरकार के वंदे भारत मिशन का हिस्सा रही थी। दुबई में फंसे भारतीय नागरिकों को लेकर यह फ्लाइट केरल आई थी। इसमें 6 क्रू मेंबर्स समेत कुल 190 लोग सवार थे।

    बिना संस्कार के बच्चे सोनम बन जाते हैं’, राजा हत्याकांड पर बोले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पूतना का दिया उदाहरण

    इंदौर: राजा रघुवंशी हत्याकांड का मामला चर्चा में है और हत्याकांड की आरोपी पत्नी सोनम समेत 5 आरोपियों को शिलॉन्ग कोर्ट ने 8 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है। इस मामले पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बयान सामने आया है। कैलाश विजयवर्गी ने कहा, ‘बच्चों को पढ़ाना लिखाना अच्छी बात है लेकिन उन्हें संस्कार भी दें। बिना संस्कार के बच्चे सोनम बन जाते हैं। हमारे इंदौर को उस बेटी ने कलंकित कर दिया।’
    बात करने में भी शर्म आती है: विजयवर्गीय
    कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ‘हम कहीं भी जाते हैं, फिर चाहें वो इंदौर, भोपाल या ग्वालियर क्यों ना हो, सब इंदौर की घटना के लिए पूछते हैं। बात करने में भी शर्म आती है। जब बच्चों में संस्कार हो तो कभी ऐसे काम नहीं करते। एक रोटी कम खाना लेकिन बच्चों को संस्कार जरूर देना।’

    पूतना का दिया उदाहरण
    कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ‘अगर कोई महिला हो, जिसमें शर्म नहीं हो, ममता नहीं हो और प्यार नहीं हो और केवल शरीर हो तो ऐसी महिला पूतना होती है। पूतना, भगवान कृष्ण के लिए कटोरे में जहर लेकर गई थी। पूतना में ममता, करुणा नहीं थी। प्यार नहीं था। कोई मां अपने बच्चों को मारती है क्या? मैं हमेशा कहता हूं कि नशे से बच्चों को बचाना चाहिए। जो सोनम के साथ पकड़े गए हैं, वह नशा करते होंगे। क्षेत्र में कोई नशा भेजता हो तो हमें जरूर बताना, हम सख्त कार्रवाई करेंगे।’क्या है राजा रघुवंशी मर्डर केस?
    मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी राजा रघुवंशी की हत्या का आरोप उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी और उनके कथित प्रेमी राज कुशवाह सहित अन्य लोगों पर लगा है। मेघालय के शिलांग में हनीमून के दौरान इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया। राजा रघुवंशी की उम्र 29 साल थी और सोनम से उसकी शादी 11 मई 2025 को इंदौर में हुई थी। इसके बाद दोनों हनीमून के लिए 20 मई 2025 को मेघालय के शिलांग गए।

    23 मई 2025 को दोनों नोंग्रियाट गांव के डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज देखने के बाद लापता हो गए। बाद में 2 जून 2025 को राजा का शव मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा इलाके में वेईसावडॉन्ग झरने के पास एक गहरी खाई में मिला।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि राजा की हत्या धारदार हथियार से की गई थी। इस हत्याकांड में बाद में उनकी पत्नी की भूमिका का संदेह हुआ। जब पत्नी से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने सारा सच उगल दिया।

    पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह को कांग्रेस ने पार्टी से निकाला, राहुल गांधी के खिलाफ दिया था बयान

    भोपालः कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई और पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण तत्काल प्रभाव से छह साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। पार्टी की तरफ से मीडिया को दी गई जानकारी के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष ने मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण तत्काल प्रभाव से छह साल के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। रॉबर्ट वाड्रा और राहुल गांधी के खिलाफ की थी बयानबाजी

    बता दें कि पिछले महीने लक्ष्मण सिंह को कारण बताओ नोटिस दिया गया था। उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि पार्टी को रॉबर्ट वाड्रा और राहुल गांधी दोनों की अपरिपक्वता से निपटना होगा। पहलगाम आतंकवादी हमले के मद्देनजर, लक्ष्मण सिंह ने अपनी पार्टी के भीतर एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था, उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी और रॉबर्ट वाड्रा अपरिपक्व हैं। उन्होंने दावा किया था कि देश उनकी (राहुल) अपरिपक्वता के परिणाम भुगत रहा है।

    कौन हैं लक्ष्मण सिंह?

    लक्ष्मण सिंह मध्य प्रदेश से पांच बार सांसद और तीन बार विधायक रह चुके हैं। वे पहली बार 1990 में राज्य विधानसभा के लिए चुने गए थे। वे पहली बार 1994 में राजगढ़ से सांसद बने थे। लक्ष्मण सिंह मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सीनियर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के भाई भी हैं। लक्ष्मण सिंह 1990-1992, 1993-1994 और 2018 में तीन बार मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य चुने गए थे। 1994 में वह उपचुनाव में 10वीं लोकसभा के लिए चुने गए। 1996 के संसदीय चुनाव में उन्होंने 11वीं लोकसभा में दूसरा कार्यकाल जीता और 1998 के आम चुनावों और 1999 के उपचुनावों में 12वीं लोकसभा के लिए चुने गए। उन्होंने हमेशा कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र से चुनाव जीते।

    हालांकि, लक्ष्मण सिंह ने पाला बदल लिया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए और राजगढ़ सीट से फिर से 14वीं लोकसभा (2004-2009) के लिए चुने गए। लेकिन वे 15वीं लोकसभा का चुनाव हार गए, जब कांग्रेस ने राजगढ़ निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा को हरा दिया। लक्ष्मण जनवरी 2013 में कांग्रेस में वापस आ गए।

    ₹1.08 लाख के पार पहुंची चांदी, सोना पीछे छूटा, दिवाली तक के लिए एक्सपर्ट दे रहे ये नया टारगेट

    निवेशकों को पिछले 2 सालों में सोने और चांदी ने जबरदस्त रिटर्न दिया है। रिटर्न के मामले में इन दोनों कीमती धातुओं ने स्टॉक मार्केट को भी पीछे छोड़ दिया है। इस साल अभी तक सोने में अच्छी तेजी दर्ज की गई है, लेकिन पिछले कुछ दिनों में चांदी की चमक तेज हो गई है। दिल्ली में चांदी का भाव 1.08 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया है। यह अपने आप में नया रिकॉर्ड है। हालांकि, कमोडिटी एक्सपर्ट का मनना है कि यह तो बस शुरुआत है। चांदी साल के अंत तक लंबी छलांग लगाएगी। आइए जानते हैं कि दिवाली तक सोने और चांदी का भाव कहां तक पहुंचने की उम्मीद एक्सपर्ट लगा रहे हैं। चांदी का भाव 1.25 लाख तक पहुंचने का अनुमान
    सर्राफा बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि दिवाली तक चांदी की कीमत 1.15 लाख से 1.25 लाख प्रति किलोग्राम पहुंचने का अनुमान है। यह इंडस्ट्रियल और घरेलू मांग में इजाफा के कारण होगा। वहीं सोने का भाव भी दिवाली तक 1.02 लाख प्रति 1. ग्राम तक पहुंचने का अनुमान है। केडिया एडवाइजरी के निदेशक अजय केडिया को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में चांदी सोने के मुकाबले ज्यादा रिटर्न देगी।

    चांदी ने निवेशकों की ‘चांदी’ कराई

    वित्त वर्ष 2024-25 में रिटर्न​

    सोना: 31.37%
    चांदी: 35.56%
    निफ्टी: 5.29%
    सेंसेक्स: 4.96%
    बैं​क निफ्टी: 9.16%
    क्रूड ऑयल: -13.69%
    दिल्ली में चांदी 1,08,000 रुपये प्रति किलो पहुंची
    राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोमवार को चांदी 1,000 रुपये उछलकर 1,08,000 रुपये प्रति किलोग्राम के अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। वहीं, सोना मामूली गिरावट के साथ 97,780 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा। इससे पहले, 19 मार्च को चांदी ने अपने पिछले सर्वकालिक उच्च स्तर 1,03,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंची थी। एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष (शोध विश्लेषक जिंस और मुद्रा) जतिन त्रिवेदी ने कहा कि डॉलर में कमजोर रुख और शुल्क को लेकर अनिश्चितता तथा अमेरिकी ऋण चिंताओं के बीच सुरक्षित निवेश की मांग में वृद्धि के कारण सोने की कीमतों में तेजी आई।

    डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी प्रकार के निवेश से पहले या वित्तीय जोखिम लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के जोखिम के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।

    शादी, हनीमून और खूनी खेल… राजा-सोनम केस को लेकर मेघालय पुलिस का बड़ा खुलासा, जानिए क्या बोलीं DGP?

    राजा-सोनम केस में मेघालय पुलिस ने कई अहम खुलासे किए हैं। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के जोड़े ने शादी करने के बाद हनीमून मनाने मेघालय गया हुआ था। यहीं पर पति के खूनी खेल को अंजाम दिया गया है। मेघालय की महिला पुलिस महानिदेशक (DGP) इदाशिशा नोंगरांग ने पत्नी द्वारा पति के खूनी खेल का खुलासा किया है।

    पत्नी ने सुपारी देकर कराई हत्या
    महिला डीजीपी इदाशिशा नोंगरांग ने कहा कि सोनम रघुवंशी ने मेघालय के वेई सावडोंग क्षेत्र में अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या के लिए कथित तौर पर हत्यारों को किराए पर लिया था। पत्नी द्वारा पति की हत्या सुपारी देकर की गई है।

    सोनम समेत 4 लोग गिरफ्तार
    मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि विशेष जांच दल (SIT) के अधिकारियों ने सोमवार की सुबह मध्य प्रदेश के इंदौर से 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि मेघालय पुलिस की एसआईटी ने उत्तर प्रदेश से सोनम रघुवंशी और इंदौर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में कुल 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

    पति की हत्या के लिए लड़कों को रखा था काम पर
    गिरफ्तार आरोपियों ने कुछ और लोगों के भी नाम बताए हैं। उन्होंने खुलासा किया कि मृतक की पत्नी ने उन्हें हत्या करने के लिए काम पर रखा था। सोनम ने इन सुपारी किलर को बताया था कि किस तरह राजा रघुवंशी की हत्या करनी है।

    लापता होने के 17 दिन बाद सोनम गिरफ्तार
    मेघालय पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि हत्यारे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। सोनम रघुवंशी के लापता होने के 17 दिन बाद यूपी के गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया है। मध्य प्रदेश से तीन हमलावरों को गिरफ्तार किया गया। चौथा अभी भी फरार है।

    गुजरात: वडोदरा के IOCL की रिफाइनरी में भीषण विस्फोट, कई किलोमीटर दूर तक दिखा धुएं का गुबार

    वडोदरा के कोयली इलाके में IOCL की रिफाइनरी में भीषण विस्फोट के बाद अफरा तफरी मच गई। भीषण विस्फोट का धुंआ कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया। मौके पर फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां पहुंची हुईं हैं।
    गुजरात के वडोदरा जिले के कोयली इलाके में सोमवार को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) की रिफाइनरी में भीषण विस्फोट हुआ है। IOCL रिफाइनरी के स्टोरेज टैंक में ये विस्फोट हुआ है। विस्फोट के बाद रिफाइनरी में भीषण आग लग गई। कई किलोमीटर दूर तक धुएं का गुबार देखा गया।
    आसपास की कंपनियों में दहशत का माहौल
    आग लगने के बाद आसपास की कंपनियों में दहशत का माहौल है। आग पर काबू पाने के लिए प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है। आग बुझाने के लिए करीब 10 दमकल गाड़ियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

    कंपनी के स्थानीय अधिकारी मौके पर
    वडोदरा के जिला कलेक्टर बिजल शाह ने बताया कि विस्फोट दोपहर करीब 3.50 बजे हुआ है। वडोदरा के कोयली इलाके में स्थित IOCL रिफाइनरी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन भारत सरकार का उपक्रम है। आग लगने के घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर स्थानीय अधिकारी मौजूद हैं।

    करीब 20 साल पहले भी हुआ था ऐसा धमाका
    यह घटना करीब 20 साल पहले इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की गुजरात रिफाइनरी में हुए एक बड़े विस्फोट के बाद हुई है। साल 2005 की घटना में 13 लोग घायल हो गए थे। यह विस्फोट फ्लूइड कैटेलिटिक क्रैकर (FCC) प्लांट में करीब 10:30 बजे हुआ था। इसके बाद आग लग गई थी।

    बंद पड़ी ग्वालियर JC मिल श्रमिकों को चेहरे पर आई मुस्कान, जल्द मिलेगा बकाया भुगतान

    सीएम के फैक्टरी के दौरे के बाद श्रमिकों में बकाया भुगतान को लेकर आशा की नई किरण दिखी है. संभावना है कि जेसी मिल श्रमिकों के लिए भी इंदौर की हुकुम चंद मिल की तरह ही निपटारे का रास्ता बन सकता है. इससे श्रमिकों को बकाया पैसों का जल्द भुगतान हो सकता है.
    ग्वालियर अंचल की बंद पड़ी जियाजीराव कॉटन मिल (JC Mill ) के दौरे पर सोमवार को पहुंचे सीएम डा. मोहन यादव ने 8 हजार श्रमिक परिवार के चेहरे पर बकाया भुगतान का आश्वासन देकर मुस्कान बिखेर दिया. 90 के दशक से बंद फैक्टरी के मजदूर बकाया पैसों के भुगतान के लिए काफी दिनों से कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं.

    सीएम के फैक्टरी के दौरे के बाद श्रमिकों में बकाया भुगतान को लेकर आशा की नई किरण दिखी है. संभावना है कि जेसी मिल श्रमिकों के लिए भी इंदौर की हुकुम चंद मिल की तरह ही निपटारे का रास्ता बन सकता है. इससे श्रमिकों को बकाया पैसों का जल्द भुगतान हो सकता है
    रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव अचानक ग्वालियर आकर सीधे जेसी मिल पर पहुंच गए और उन्होंने वहां वीरान पड़े कॉटन मिल और उसकी जमीन का निरीक्षण किया और श्रमिक परिवारों से भेंट कर उन्हें भरोसा दिया कि उनके हित मे जल्द ही बड़ा निर्णय होगा.

    विजयपुर में प्रचार के बाद ग्वालियर लौटे सीएम सीधे फैक्टरी पहुंचे
    मुख्यमंत्री मोहन सोमवार को विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार कर ग्वालियर लौटे थे, उन्हें निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार एयरपोर्ट से ही सीधे झारखंड चुनाव प्रचार के लिए रवाना होना था, लेकिन वो जेसी मिल पहुंच गए. जिला कलेक्टर रुचिका चौहान और एसपी धर्मवीर सिंह ने आनन – फानन में सीएम को लेकर सर्किट हाउस से जेसी मिल पहुंचे.

    जब मिल बन्द हुआ मिल पर 8037 कर्मचारी व श्रमिकों की देनदारियों के भुगतान को लेकर कोर्ट केस चल रहे है. फिलहाल, मिल पर जिंदा बचे 6000 कर्मचारियों की 135 करोड़ की देनदारी है और 500 से अधिक मजदूरों ने भुगतान के लिए कोर्ट में भी केस दायर किए हैं.
    श्रमिकों के परिजनों से मुलाकात कर मुख्यमंत्री ने उनका हाल जाना
    जेसी मिल पहुंचे मुख्यमंत्री ने मिल का दौरा किया और श्रमिकों के परिवार से मिलकर उनका हाल जाना. मौके पर ही कलेक्टर और उद्योग विभाग के अफसर भी मौजूद रहे. इस दौरान सीएम ने कहा कि वे मुकदमा नहीं, समाधान चाहते है इसलिए इंदौर के हुकम चंद मिल की तर्ज पर जेसी मिल के 8 हजार श्रमिकों के हित में सरकार काम कर रही है.

    जेसी मिल श्रमिकों के बकाया निपटान के लिए CM का बड़ा ऐलान
    वहीं, मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने जेसी मिल श्रमिकों के बकाया निपटाने के लिए CM का बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि जल्द ही जेसी मिल के मजदूरों की बकाया देनदारी चुकाई जाएगी. सीएम ने कहा कि जल्द ही JC मिल की खाली जगह पर आईटी सेक्टर से जुड़ी कोई इकाई को स्थापित की जाएगी, जो JC मिल की 712 बीघा जमीन पर बनेगा.

    स्वतंत्रता पूर्व स्थापित देश के सबसे बड़े कपड़ा मिल पर लगा ताला
    गौरतलब है स्वतंत्रता पूर्व स्थापित जेसी मिल देश की सबसे बड़ी कॉटन कपड़ा मिल था, जो बिड़ला का था. उसका कॉटन न केवल देश में प्रसिद्ध था, बल्कि दुनिया भर में निर्यात भी होता था. आधुनिकीकरण के कारण छंटनी को लेकर यहां हुए बड़े श्रमिक आंदोलन के बाद कोर्ट ने नब्बे के दशक में जेसी मिल को अधिकारिक रूप से बंद करवा दिया था.

    जेसी मिल के दौर पर पहुंचे सीएम ने श्रमिकों के परिवार से मिलकर उनका हाल जाना. सीएम मोहन ने कहा कि वे मुकदमा नहीं, समाधान चाहते है इसलिए इंदौर के हुकम चंद मिल की तर्ज पर जेसी मिल के 8 हजार श्रमिकों के हित में सरकार काम कर रही है.
    वर्तमान में जिंदा बचे 6000 कर्मचारियों की 135 करोड़ की है देनदारी
    बताया जाता है जब मिल बन्द हुआ तब से मिल के 8037 कर्मचारी और श्रमिकों की देनदारियों के भुगतान को लेकर कानूनी दांव पेंच चल रहे है. इस दौरान अनेक श्रमिक मर भी गए. अभी 6000 कर्मचारियों की 135 करोड़ की देनदारी है. और 500 से अधिक मजदूरों ने भुगतान के लिए कोर्ट में भी केस दायर किए हैं

    जबलपुर: हिंदू-मुस्लिम जोड़े की शादी पर लगी रोक, MP हाई कोर्ट ने इस वजह से बदला पुराना फैसला

    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने हिंदू युवती (27) और मुस्लिम युवक (29) की स्पेशल मैरिज एक्ट (Special Marriage Act) के तहत होने वाली शादी पर रोक लगा दी है. पहले उन्हें सिंगल बेंच ने इसकी इजाजत दे दी थी. यह अधिनियम अंतर-धार्मिक विवाह से संबंधित है.

    कुछ समय पहले जस्टिस विशाल धगात की सिंगल बेंच ने हिंदू महिला से कहा था कि वे सरकार द्वारा संचालित शेल्टर में जाकर मुस्लिम युवक से अपनी शादी के बारे में विचार करे और उससे कहा था कि वह 12 नवंबर तक उससे बात ना करे, जिस दिन उनकी शादी होनी थी.

    दोनों ने जबलपुर में 7 अक्टूबर को जिला मिस्ट्रेट के कार्यालय में शादी के लिए आवेदन दिया था. युवती के परिवार को इसकी जानकारी तब मिली जब एडीएम ऑफिस की तरफ से उन्हें ‘नो ऑब्जेक्शन’ के लिए नोटिस दिया गया. स्पेशल मैरिज एक्ट के प्रावधानों के तहत परिवार की ओऱ से ‘नो ऑब्जेक्शन’ मिलना अनिवार्य है. हालांकि इसके बाद युवती के पिता ने बेटी के लापता होनी की शिकायत थाने में कराई. बताया जा रहा है कि हिंदू संगठनों द्वारा उन्हें धमकी भी मिली थी.

    कोर्ट ने युवती को सोचने का दिया था वक्त

    इसके बाद इस जोड़े ने जबलपुर हाई कोर्ट का रुख किया और पुलिस से संरक्षण की मांग की. उन्होंने बताया कि वे शादी करना चाहते हैं. उन्होंने कोर्ट को बताया कि वे चार साल से रिश्ते में है और एक साल से लिव-इन में रह रहे हैं. सिंगल बेंच ने 22 अक्टूबर को सुनवाई करते हुए युवती से कहा कि वह अपने फैसले पर विचार करे और दोनों को पुलिस का संरक्षण दिलाया.

    संदेह के आधार पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक

    इसके बाद युवती के पिता ने आदेश को चुनौती दी और कहा कि उन्हें अपना पक्ष रखने का उचित मौका नहीं मिला. पिता के वकील ने कोर्ट में कहा कि युवक और युवती को जान का खतरा है, इस संबंध में कोई सबूत पेश नहीं किया गया है. संदेह होने पर हाई कोर्ट ने आदेश पर रोक लगा दी. मामले में अगली सुनवाई दो सप्ताह के बाद होगी.

    वो अप्रवासी कांग्रेसी थे’, दीपक जोशी के BJP में शामिल होने पर पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का तंज

    मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री दीपक जोशी के बीजेपी में शामिल होने पर पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, दीपक जोशी अप्रवासी कांग्रेसी थे और वे वापस बीजेपी में लौट गए. अब उन्हें कोई नेता कांग्रेस में लाने की कोशिश करेगा तो उसे भी कांग्रेस से बाहर कर दिया जाएगा. हाल ही में पूर्व मंत्री दीपक जोशी एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं.

    वहीं दीपक जोशी ने बीजेपी में दिए जाने वाले दायित्व को लेकर अभी चुप्पी साध रखी है. दूसरी तरफ पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने उन पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा, “दीपक जोशी के बीजेपी में जाने से कांग्रेस को कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है. वे अप्रवासी कांग्रेसी थे जो कि वापस लौट गए हैं.”

    दीपक जोशी को लूप लाइन में रखेगी बीजेपी- सज्जन वर्मा
    सज्जन वर्मा के मुताबिक, “अब यदि भविष्य में कोई कांग्रेस का नेता दीपक जोशी को कांग्रेस में लाने की कोशिश करेगा तो उसे भी कांग्रेस से बाहर कर दिया जाएगा. दीपक जोशी भले ही भारतीय जनता पार्टी में चले गए हो मगर उनकी विश्वसनीता को लेकर बीजेपी उन पर कभी भरोसा नहीं करेगी. इसी के चलते उन्हें बीजेपी में भी लूप लाइन में रखा जाएगा.”

    दरअसल, 2023 में कांग्रेस में जाने के बाद दीपक जोशी खातेगांव से विधानसभा चुनाव लड़े थे. बीजेपी उम्मीदवार से वह 12542 वोटों से चुनाव हार गए थे. इसके बाद से दीपक जोशी कांग्रेस में भी असहज महसूस कर रहे थे.
    मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले यह अटकलें तेज हुई थीं कि उनकी बीजेपी में वापसी होगी, लेकिन किसी वजह से टल गई थी. वहीं अब बीते गुरुवार को बुधनी विधानसभा क्षेत्र के नांदनेर में उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ली है.

    MP में बीजेपी-कांग्रेस के दिग्गजों पर “योगी इफेक्ट”, तीखी बयानबाजी जारी

    मध्य प्रदेश की सियासत में इन दिनों गर्म बयानों की आंधी चल रही है। दिवाली के दौरान इंदौर में पटाखों को लेकर हुए विवाद ने न सिर्फ सांप्रदायिक सौहार्द को प्रभावित किया, बल्कि राजनीतिक बयानबाजी के एक नए दौर की शुरुआत भी की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव से लेकर बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी तक, सभी ने एक-दूसरे के खिलाफ तीखे बयान दिए हैं। इन बयानों को राजनीतिक विश्लेषक “योगी इफेक्ट” के तहत देख रहे हैं, क्योंकि इसके अंदाज में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छाप साफ नजर आ रही है।

    दिवाली के बाद पटाखों के विवाद पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “पटाखे फूटने दो, एक-एक आवाज दुश्मन के सीने में बंदूक की गोली की तरह लगेगी। हम किसी को डराते नहीं हैं, लेकिन हमें कोई डराए, यह भी हम मंजूर नहीं करेंगे। हिंदू कभी किसी को छेड़ते नहीं, लेकिन अगर हिंदुओं को कोई छेड़े तो हम उन्हें छोड़ेंगे नहीं।” मुख्यमंत्री का यह बयान विवादों का कारण बना और इसके बाद बीजेपी के अन्य नेता भी खुलकर सामने आए।

    कैलाश विजयवर्गीय का “योगी स्टाइल” बयान

    इसके बाद कैलाश विजयवर्गीय जो भाजपा के वरिष्ठ नेता और इंदौर से विधायक हैं, ने भी बयान दिया। विजयवर्गीय ने कहा, “प्रशासन सक्रिय है, कार्रवाई करेगा और अगर सही चेहरा पहचाना नहीं गया, तो मैं भी देखूंगा इंदौर में कौन शांति फैला रहा है। मेरे हाथ लग गए तो उल्टा लटकाकर शहर में घुमाऊंगा। अगर हमें लगेगा कि हमें भी इनवॉल्व होना है, तो हम पीछे नहीं हटेंगे।” विजयवर्गीय का यह बयान और भी तीखा था, जिसमें उन्होंने खुद को प्रशासन से भी आगे बता दिया।

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का जवाब

    कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस सब पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव के बयान को “छुटभैया नेता” की भाषा बता दिया। पटवारी ने कहा, “मुख्यमंत्री का बयान छुटभैया नेताओं की तरह है, जिसे सत्ताधारी नेता नहीं दे सकते। यह बयान प्रदेश के मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देता।”

    जीतू पटवारी के बयान पर कैबिनेट मंत्री

    जीतू पटवारी के इस बयान के बाद बीजेपी की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया आई। मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने पटवारी के बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा, “जीतू पटवारी माफी मांगे। यह बयान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।