More
    Home Blog Page 34

    दिल्ली वालों जान लो! 1 जुलाई से ऐसी 1 करोड़ गाड़ियों को नहीं मिलेगा पेट्रोल, कैमरे से रखी जाएगी निगरानी

    जब गाड़ी पेट्रोल पंप पर आएगी तो कैमरा गाड़ी का NO अनाउंस करेंगी। यह बताएगी कि गाड़ी कितने साल पुरानी है। अगर गाड़ी 15 साल पुरानी है या 10 साल पुरानी है तो तुरंत एक्शन लिया जाएगा।

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लोगों के लिए एक गौर करने वाली खबर है। अगर आपकी गाड़ी काफी पुरानी है या तय समयसीमा को पार कर गई है तो आपको आगामी 1 जुलाई से पेट्रोल पंप पर फ्यूल नहीं दिया जाएगा। इसमें पेट्रोल डीजल और सीएनजी शामिल है। दरअसल, एन्ड ऑफ़ लाइफ वाली गाड़ियों को फ्यूल नहीं देने का आदेश लागू होने जा रहा है। इस आदेश का पालन पेट्रोल पंप पर सख्ती से किया जाएगा। आपको बता दें, कैमरे से पेट्रोल पंप पर निगरानी रखी जाएगी।

    गाड़ी पेट्रोल पंप पर आएगी तो कैमरा गाड़ी का NO अनाउंस करेंगी

    खबर के मुताबिक, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस इस पर खास नजर बनाए रखेगी। पेट्रोल पंप में पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की जाएगी। जानकारी के मुताबिक, ANPR कैमरा सिस्टम से निगरानी रखी जा रही है। जब गाड़ी पेट्रोल पंप पर आएगी तो कैमरा गाड़ी का NO अनाउंस करेंगी। यह बताएगी कि गाड़ी कितने साल पुरानी है। अगर गाड़ी 15 साल पुरानी है या 10 साल पुरानी है तो तुरंत एक्शन लिया जाएगा। पहली बार में गाड़ी का मालिक एफिडेविट देखकर गाड़ी ले जा सकता है। मगर दूसरी बार में गाड़ी को तुरंत जब्त कर लिया जाएगा।

    एनसीआर में भी 1 नवंबर से होगा लागू

    दिल्ली में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के मकसद से कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट यानी CAQM की तरफ से व्यापक योजना शुरू की जा रही है। इसमें पुरानी गाड़ियों को सर्विलांस पर रखा जाएगा। इस योजना को दिल्ली में शुरू करने के बाद इस दिल्ली से सटे इलाकों यानी एनसीआर में भी लागू किया जाएगा। एनसीआर में यह प्रक्रिया 1 नवंबर से लागू किया जाएगा।

    पकड़े गए तो देना होगा इतना जुर्माना

    खबर के मुताबिक, मौजूदा समय के नियम के मुताबिक, दूसरी बार जब्त किए गए वाहनों को सीधे आरवीएसएफ में भेजा जाएगा। दिल्ली-एनसीआर से बाहर की गाड़ियों के मालिकों पर चार पहिया ईएलवी के लिए 10,000 रुपये और दो पहिया ईएलवी के लिए 5000 रुपये जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही अगर पेट्रोल पंप मालिकों की तरफ से नियम के पालन में कोई भी लापरवाही पाई गई तो उनपर एक्शन होगा।

    बॉयफ्रेंड से दुखी होकर बना रही थी इमोशनल रील, पैर फिसला और 13वीं मंजिल से गिर गई; दर्दनाक मौत

    युवती अपने दो पुरुष और एक महिला मित्र के साथ बेंगलुरु के रायसांद्रा में स्थित अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग की 13वीं मंजिल पर पार्टी कर रही थी। पार्टी में अपने बॉयफ्रेंड से झगड़े के बाद युवती सैड रील बनाने के लिए छत पर गई थी।

    कर्नाटक के बेंगलुरु में बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां दोस्तों के साथ पार्टी करने गई एक युवती निर्माणाधीन इमारत की 13वीं मंजिल से गिर गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि युवती सोशल मीडिया के लिए ‘रील’ शूट करने की कोशिश कर रही थी। युवती का नाम नंदिनी था और वह बेंगलुरु में एक शॉपिंग मार्ट में काम करती थी।

    कैसे हुआ हादसा?
    यह घटना तब हुई जब वह देर रात अपने दोस्तों के साथ पार्टी कर रही थी। युवती अपने दो पुरुष और एक महिला मित्र के साथ बेंगलुरु के रायसांद्रा में स्थित अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग की 13वीं मंजिल पर पार्टी कर रही थी। मालिकाना हक की लड़ाई के चलते ये बिल्डिंग खाली पड़ी रहती है और इसके लिफ्ट शाफ्ट पर कोई सेफ्टी कवर नहीं है।

    रील बनाते-बनाते फिसला पैर
    लेट नाइट पार्टी में अपने बॉयफ्रेंड से झगड़े के बाद युवती सैड रील बनाने के लिए छत पर गई थी। रील की शूटिंग के दौरान उसका पैर फिसल गया और वह गलती से एक शाफ्ट में गिर गई, जहां भविष्य में एक लिफ्ट लगाई जानी थी। घटना के बाद उसके पुरुष मित्र वहां से भाग गए लेकिन महिला दोस्त रुकी रही। उसने 112 नंबर डायल कर घटना की सूचना दी।

    पुलिस ने क्या कहा?
    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि युवती बुधवार रात को दोस्तों के एक ग्रुप के साथ निर्माणाधीन इमारत में गई थी। वे सभी पार्टी कर रहे थे और तभी युवती एक लिफ्ट शाफ्ट में गिर गई।

    ” रील शूट करने पर पुलिस अधिकारी ने कहा कि उसके फोन से ऐसी कोई रिकॉर्डिंग बरामद नहीं हुई है।”

    पुलिस का अब तक मानना ​​है कि महिला दुर्घटनावश गिरी। एक अप्राकृतिक मौत की रिपोर्ट दर्ज की गई है।

    तालाब में सड़ी-गली हालत में मिली दिल्ली AIIMS के इलेक्ट्रीशियन की लाश, 20 जून से थे लापता

    अनिल कुमार जून को लापता हो गए थे जिसके बाद उनके परिवार ने अगले दिन रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आज सुबह इंदर कैंप में पीर बाबा के पास एक तालाब में सड़ी-गली हालात में उनका शव मिला।

    नई दिल्ली: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान AIIMS) के एक सप्ताह से लापता 32 वर्षीय इलेक्ट्रीशियन का शव वसंत कुंज के पास एक तालाब में सड़ी-गली हालत में मिला। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। रंगपुरी पहाड़ी क्षेत्र के इंदर कैंप निवासी अनिल कुमार 20 जून को लापता हो गए थे जिसके बाद उनके परिवार ने अगले दिन रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आज सुबह करीब आठ बजे एक व्यक्ति ने वसंत कुंज के पास एक तालाब में एक शव देखा। इसके कुछ देर बाद ही वसंत कुंज साउथ पुलिस थाने में इस संबंध में पीसीआर कॉल आ गई।

    पीछे छोड़ गए पत्नी और 6 साल की बेटी
    पुलिस के एक अधिकारी ने बताया,

    “एक टीम मौके पर पहुंची, जिसे इंदर कैंप में पीर बाबा के पास एक तालाब में सड़ी-गली हालात में शव मिला।”

    एम्स में इलेक्ट्रीशियन के तौर पर काम करने वाले अनिल कुमार के परिवार में उनकी पत्नी और 6 साल की बेटी है। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच जारी है।

    बवाना में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या, हमले में बेटी घायल
    वहीं, बाहरी-उत्तरी दिल्ली के बवाना इलाके में भी दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां शुक्रवार सुबह अज्ञात हमलावरों ने 43 वर्षीय एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी, जबकि इस हमले में उसकी बेटी घायल हो गई। दीपक नामक व्यक्ति को निशाना बनाकर हमला किया गया, जिसमें उसकी बेटी भी घायल हो गई। एक अधिकारी ने बताया कि दीपक को कई गोलियां लगीं जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हमले के दौरान उसकी बेटी के हाथ में गोली लग गई जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।”

    खंगाली जा रही सीसीटीवी फुटे
    पुलिस ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और हमलावरों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। गोलीबारी के पीछे का मकसद अभी पता नहीं चल पाया है। अधिकारी ने बताया कि फोरेंसिक टीमों ने अपराध स्थल की जांच की है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।

    100 करोड़ की जमीन पर हाईटेक गौशाला या फिर कब्रिस्तान? भोपाल में बवाल, हिंदू और मुस्लिम आमने-सामने

    भोपाल में 100 करोड़ की जमीन हिंदू और मुस्लिम पक्ष के बीच जंग की वजह बन गया। हाईटेक गौशाला के लिए इस जमीन का भूमि पूजन होते ही मुस्लिम पक्ष सामने आ गया है। यह जमीन अश्विनी श्रीवास्तव नाम के कांग्रेस नेता की है, जिस पर वह हाईटेक गौशाला बनाना चाहते हैं।बीते दिनों हाईटेक गौशाला के लिए भोपाल के कोलार क्षेत्र के अकबरपुर में हुआ भूमि पूजन हिंदू और मुस्लिम पक्ष के बीच जंग की वजह बन गया। दरअसल, 100 करोड़ रुपये की मानी जा रही इस जमीन का भूमि पूजन होते ही मुस्लिम पक्ष सामने आया और कहा कि ये कब्रिस्तान है। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी की ओर से दस्तावेज दिखाए जा रहे हैं कि यह जमीन कब्रिस्तान के नाम पर दर्ज है और इस पर वक्फ बोर्ड का दावा है। मुस्लिम पक्ष दावा कर रहा है कि यहां पर उनकी कुछ कब्रें दफन हैं, जिस पर भू माफिया कब्जा करना चाहते हैं। जमीन की कीमत लगभग 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

    क्या है पूरा मामला?
    दरअसल, इस‌ जमीन पर अश्विनी श्रीवास्तव नाम के कांग्रेस नेता का दावा है। यह जमीन उनकी है जिस पर वह हाईटेक गौशाला बनाना चाहते हैं। लेकिन मुस्लिम पक्ष इस दावे को नकार रहा है। भूमि पूजन हो जाने के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी समित समेत मुसलमान वक्फ बोर्ड कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने प्रतीकात्मक अर्थी बनाकर वक्फ बोर्ड से सवाल किया कि जब कब्रिस्तान चले जाएंगे तो मुर्दे कहां जाएंगे। इस दौरान युवकों को कफन में लपेटकर सड़क पर सुलाया गया। इस समय “गुम होते जा रहे कब्रिस्तान, कहां दफन करें जिंदा इंसान, कहां गया यह कब्रिस्तान जमीन खा गया या आसमान?” के बैनर के साथ प्रदर्शन किया गया।

    मुकेश अंबानी की जिंदगी का सबसे बड़ा रिस्क था जियो, 4G नेटवर्क के लिए दांव पर लगा दिए थे खुद के अरबों डॉलर

    दिग्गज उद्योगपति मुकेश अंबानी ने 2016 में रिलायंस जियो के साथ टेलीकॉम इंडस्ट्री में कदम रखने के फैसले को अपने जीवन का ‘‘सबसे बड़ा रिस्क’’ बताया है। उन्होंने कहा कि अगर एक्सपर्ट्स की वित्तीय विफलता की भविष्यवाणी सच भी हो जाती तो भी भारत को डिजिटल रूप से बदलने में इसकी भूमिका को देखते हुए ये रिस्क उठाना उचित होता। ग्लोबल मैनेजमेंट कंसल्टेशन कंपनी ‘मैकिन्से एंड कंपनी’ के साथ इंटरव्यू में एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति ने कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 4G मोबाइल नेटवर्क शुरू करने में अपने खुद के अरबों डॉलर का निवेश किया था। इसे लेकर कुछ एक्सपर्ट्स का कहना था कि ये वित्तीय रूप से सफल नहीं हो सकता है क्योंकि भारत सबसे एडवांस डिजिटल टेक्नोलॉजी के लिए तैयार नहीं है।

    अंबानी ने जियो को बताया अभी तक का सबसे बड़ा परोपकारी काम
    मुकेश अंबानी ने कहा, ‘‘ मैंने अपने बोर्ड से कहा कि जियो को लेकर सबसे खराब स्थिति ये होगी कि हमें ज्यादा ‘रिटर्न’ नहीं मिलेगा। तो ये ठीक है, क्योंकि ये हमारा अपना पैसा है लेकिन रिलायंस के रूप में, ये भारत में हमारा अभी तक का सबसे बड़ा परोपकारी काम होगा क्योंकि हम भारत का डिजिटलीकरण कर देश को पूरी तरह बदल चुके होंगे। ’’ जियो को 2016 में लॉन्च किए जाने के बाद जियो ने फ्री ‘वॉयस कॉल’ और बेहद कम लागत वाला डेटा प्रदान करके भारतीय टेलीकॉम इंडस्ट्री में क्रांति ला दी, जिससे बाकी कंपनियों को कीमतें कम करने के लिए मजबूर होना पड़ा और देश भर में तेजी से डिजिटल अपनाने को बढ़ावा मिला है।

    जियो के आने से भारत में काफी सस्ता हो गया इंटरनेट
    जियो के आने से पहले भारत में मोबाइल इंटरनेट काफी महंगा था और आबादी का एक बड़ा हिस्सा इससे दूर था। जियो के आने से कीमतों में उतार-चढ़ाव शुरू हुआ, जिससे डेटा की लागत में जबरदस्त कमी आई और ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों सहित करोड़ों भारतीयों के लिए इंटरनेट तक पहुंच सस्ती हो गई। इसका नतीजा ये हुआ कि इंटरनेट की पहुंच बढ़ी। भारत में अब 80 करोड़ से ज्यादा इंटरनेट यूजर हैं और ये आंकड़ा इसे ग्लोबल लेवल पर सबसे बड़े ऑनलाइन बाजारों में से एक बनाता है। इसने डिजिटल समावेशन को तेज किया क्योंकि किफायती डेटा ने डिजिटल विभाजन को पाटने में मदद की है। ई-कॉमर्स, फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी, एजुकेशन टेक्नोलॉजी और मनोरंजन जैसी डिजिटल सेवाओं के विकास को बढ़ावा दिया है।

    रिलायंस ने हमेशा बड़े रिस्क उठाए हैं
    रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने कहा, ‘‘ हमने हमेशा बड़े रिस्क उठाए हैं, क्योंकि हमारे लिए व्यापकता मायने रखती है। अब तक हमने जो सबसे बड़ा जोखिम उठाया है, वो जियो है। उस समय हम अपना पैसा लगा रहे थे और मैं सबसे बड़ा शेयरहोल्डर था। हमारी सबसे खराब स्थिति तब होती जब ये वित्तीय रूप से सफल नहीं होता क्योंकि कुछ एक्सपर्ट्स का मानना ​​था कि भारत सबसे एडवांस डिजिटल टेक्नोलॉजी के लिए तैयार नहीं है।’’ जियो आज देश का सबसे बड़ा टेलीकॉम ऑपरेटर है, जिसके 47 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हैं। 5G, क्लाउड और एआई सर्विस में इसकी मौजूदगी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा, ‘‘ हमारा मानना ​​है कि आखिरकार आप इस दुनिया में खाली हाथ आते हैं और खाली हाथ चले जाते हैं। आप जो पीछे छोड़कर जाते हैं, वो एक संस्था है।’’

    आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में उलटफेर, ऋषभ पंत और बेन डकेट ने मारी छलांग, किसे हुआ नुकसान

    भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला खत्म होने के अगले ही दिन आईसीसी की ओर से नई रैंकिंग जारी कर दी गई है। इस बीच नई रैंंकिंग में कई सारे बदलाव नजर आ रहे हैं। खास तौर पर भारत के ​ऋषभ पंत और इंग्लैंड के बेन डकेट ने छलांग मारी है। इन दोनों ने लीड्स टेस्ट में कमाल का खेल दिखाया था। इसके साथ ही कई बल्लेबाजों को नुकसान भी हुआ है।

    जो रूट अभी भी आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक बल्लेबाज
    आईसीसी की टेस्ट रैंंकिंग में इस वक्त इंग्लैंड के जो रूट नंबर एक बल्लेबाज बने हुए हैं। उनकी रेटिंग अभी 889 की चल रही है। इंग्लैंड के ही हैरी ब्रूक इस वक्त आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में दूसरे नंबर पर हैं। उनकी रेटिंग 874 की है। इन दोनों प्लेयर्स की रेटिंग में भी तो बदलाव हुआ है, लेकिन रैंकिंग पहले जैसी ही बनी हुई है।

    इनकी रैंकिंग में नहीं हुआ कोई बदलाव
    न्यूजीलैंड के केन​ वि​लियमसन की बात की जाए तो वे इस वक्त आईसीसी की टेस्ट रैंकिंग में नंबर तीन पर हैं। उनकी रेटिंग 867 की है। भारत के यशस्वी जायसवाल ने लीड्स टेस्ट में शतक लगाया था, उनकी रेटिंग तो अब 851 की हो गई है, लेकिन रैंकिंग अभी भी चौथी बनी हुई है। स्टीव स्मिथ 824 की रेटिंग के साथ आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर 5 पर हैं। साउथ अफ्रीका के टेम्बा बावुमा 806 की रेटिंग के साथ इस वक्त नंबर 6 पर बने हुए हैं। यानी टॉप 6 बल्लेबाजों की रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि इसके बाद काफी परिवर्तन देखने को मिल रहा है।

    ऋषभ पंत को एक स्थान का हुआ फायदा, बेन डकेट ने मारी पांच स्थानों की छलांग
    भारत के ऋषभ पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स टेस्ट की दोनों पारियों में शतक लगाने का काम किया है। इसका फायदा उन्हें मिलता हुआ नजर आ रहा है। पंत की रेटिंग अब बढ़कर 801 की हो गई है। उन्हें इस बार एक स्थान का फायदा मिला है। इस बीच इंग्लैंड के बने डकेट ने लीड्स टेस्ट की पहली पारी में अर्धशतक और दूसरी में शानदार शतक ठोका था। यही वजह है कि उनकी रेटिंग अब 787 की हो गई है और उन्होंने एक साथ पांच स्थानों की छलांग मार दी है।

    इन बल्लेबाजों को हुआ नुकसान
    आईसीसी टेस्ट रैंकिंग के टॉप 10 बल्लेबाजों में यही दो बैटर हैं, जिनकी रेटिंग बढ़ी है। श्रीलंका के कामेंदु मेंडिस को दो स्थान का नुकसान हुआ है, वे अब नौवें स्थान पर चले गए हैं। वहीं पाकिस्तान के साउद शकील भी दो स्थान नीचे गए हैं। वे अब 10वें नंबर पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा डेरिल मिचेल, एडन मारक्रम और ट्रेविस हेड को भी एक एक स्थान का नुकसान इस बार की रैंकिंग में उठाना पड़ा है।

    ईरान-इजरायल युद्ध थमा और Gold-Silver हुआ धड़ाम, आज सोना ₹2100 टूटा, चांदी भी लुढ़की, देखें ताजा रेट

    ईरान और इजरायल में पिछले 12 दिनों से जारी युद्ध थम गया है। आज दोनों देश सीजफायर करने पर सहमत हो गए हैं। इसका असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर देखने को मिल रहा है। इक्विटी बाजारों में शानदार तेजी है। वहीं, दूसरी ओर सोने और चांदी में बड़ी गिरावट आ गई है। आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इजरायल-ईरान युद्ध खत्म होने की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। भारतीय बाजार में भी गिरावट आई। मंगलवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने की कीमतें तेजी से कम हुई। युद्ध थमने के बाद सुरक्षित निवेश के लिए सोने की मांग में कमी से यह गिरावट दर्ज की गई।

    शुरुआती कारोबार में एमसीएक्स पर सोने का भाव 2.98% गिरकर 96,422 रुपये के निचले स्तर पर खुला। वहीं, एमसीएक्स पर चांदी का भाव 0.24% गिरकर 1,06,502 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला, जबकि इसका पिछला बंद भाव 1,06,759 रुपये था। दोपहर 12:00 बजे, MCX पर सोने का भाव ₹2100 या 2.10% की गिरावट के साथ ₹97,307 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। MCX पर चांदी का भाव ₹1,236 या 1.16% की गिरावट के साथ ₹1,05,523 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा था।

    वैश्विक बाजारों में भी गिरावट 

    वैश्विक बाजारों में, ट्रम्प द्वारा ईरान और इज़राइल के बीच युद्ध विराम पर सहमति जताने के बाद जोखिम उठाने की क्षमता में सुधार होने के कारण सोने की कीमतें लगभग दो सप्ताह के निचले स्तर पर आ गईं। ग्लोबल मार्केट में हाजिर सोने की कीमत 0.5% गिरकर $3,351.47 प्रति औंस पर आ गई। अमेरिकी सोना वायदा 0.9% गिरकर $3,365.30 पर आ गया। हाजिर चांदी 0.1% गिरकर $36.10 प्रति औंस पर आ गई। कमोडिटी एक्सपर्ट का कहना है कि इजराइल और ईरान के बीच युद्ध विराम समझौते के कारण सुरक्षित-पनाह संपत्तियों की मांग कम होने से सोने की कीमतों में गिरावट आई है। निवेशक अब मंगलवार और बुधवार को अमेरिकी कांग्रेस के समक्ष फेड चेयर जेरोम पॉवेल की गवाही का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें केंद्रीय बैंक की नीति दिशा पर अधिक स्पष्टता की मांग की जाएगी।

    हरियाणा में महंगी हुई बिजली, पब्लिक की जेब पर बढ़ेगा बोझ, स्लैब में बदलाव और फिक्स चार्ज में 12 से 30% की बढ़ोतरी

    हरियाणा में बिजली दरों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में आई है, जब गर्मी की वजह से बिजली की खपत पहले ही चरम पर है। स्लैब में बदलाव और फिक्स चार्ज में 12 से 30% की वृद्धि ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।हरियाणा के बिजली उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का जोरदार झटका लगा है। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बिजली की नई टैरिफ दरें जारी की हैं, जो 1 अप्रैल 2025 से लागू हो चुकी हैं। इस बार बिजली की दरों में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है, साथ ही स्लैब संरचना में बदलाव और फिक्स चार्ज में 12 से 30% तक की वृद्धि ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। इस फैसले से राज्य के लगभग 81 लाख घरेलू, औद्योगिक और कृषि उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ पड़ने की संभावना है।

    नई टैरिफ दरें और स्लैब में बदलाव
    हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली निगमों के 4,520 करोड़ रुपये के घाटे को पाटने के लिए यह कदम उठाया है। नई टैरिफ व्यवस्था के तहत स्लैब संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब 300 यूनिट तक मासिक खपत वाले घरेलू उपभोक्ताओं से कोई फिक्स चार्ज नहीं लिया जाएगा, जो पहले 115 से 135 रुपये तक था। हालांकि, उच्च खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए फिक्स चार्ज में वृद्धि की गई है।

    नई दरें इस प्रकार हैं:
    0-50 यूनिट: पहले 2.00 रुपये प्रति यूनिट, अब 2.20 रुपये प्रति यूनिट।
    51-100 यूनिट: पहले 2.50 रुपये प्रति यूनिट, अब 2.70 रुपये प्रति यूनिट।
    0-150 यूनिट: पहले 2.75 रुपये प्रति यूनिट, अब 2.95 रुपये प्रति यूनिट।
    151-300 यूनिट: दर 5.25 रुपये प्रति यूनिट (पहले जैसी ही)।
    301-500 यूनिट: पहले 6.30 रुपये प्रति यूनिट, अब 6.45 रुपये प्रति यूनिट।
    500 यूनिट से अधिक: 7.10 रुपये प्रति यूनिट (पहले जैसी ही)।
    300 यूनिट से अधिक खपत: प्रति किलोवाट 50 रुपये का फिक्स चार्ज।
    इसके अलावा, बल्क सप्लाई और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए भी दरें बढ़ाई गई हैं। हाई टेंशन लाइन सप्लाई में 30 से 35 पैसे और छोटे कारखानों की एलटी सप्लाई में 10 से 15 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हुई है। बल्क सप्लाई की दरें 40 पैसे तक बढ़ी हैं।

    फ्यूल सरचार्ज एडजस्टमेंट (FSA) का अतिरिक्त बोझ
    हरियाणा सरकार ने पहले ही फ्यूल सरचार्ज एडजस्टमेंट (FSA) को 2026 तक बढ़ा दिया है, जिसके तहत 200 यूनिट से अधिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 47 पैसे अतिरिक्त और 94.47 रुपये मासिक अतिरिक्त भुगतान करना होगा। हालांकि, 200 यूनिट तक खपत करने वाले उपभोक्ताओं को FSA से छूट दी गई है। यह कदम बिजली निगमों पर बढ़ते डिफॉल्टिंग अमाउंट को कम करने के लिए उठाया गया है।

    उपभोक्ताओं पर प्रभाव
    नई दरों और फिक्स चार्ज में वृद्धि का सबसे अधिक असर मध्यमवर्गीय और उच्च खपत वाले परिवारों पर पड़ेगा, खासकर गर्मियों में जब एसी, कूलर और अन्य बिजली उपकरणों का उपयोग बढ़ जाता है। उदाहरण के लिए, 100 यूनिट बिजली खपत करने वाले परिवार का बिल अब 20 रुपये अधिक आएगा। वहीं, 300 यूनिट से अधिक खपत करने वालों को फिक्स चार्ज के साथ बिल में 12 से 30% की बढ़ोतरी का सामना करना पड़ेगा।

    औद्योगिक और कृषि क्षेत्र भी इस बढ़ोतरी से प्रभावित होंगे। कृषि क्षेत्र के लिए बिजली की दर 6.48 रुपये से बढ़कर 7.35 रुपये प्रति यूनिट हो गई है, लेकिन सरकार की सब्सिडी के कारण किसानों को केवल 10 पैसे प्रति यूनिट ही देना होगा। फिर भी, सब्सिडी का बोझ सरकार पर बढ़ेगा, जिसका असर दीर्घकाल में उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।

    इस खिलाड़ी ने अचानक ले लिया संन्यास, भारत के लिए जीते दो ओलंपिक मेडल

    भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी फॉरवर्ड ललित उपाध्याय ने संन्यास का ऐलान कर दिया है। उन्होंने भारतीय हॉकी टीम के साथ ओलंपिक में दो मेडल जीते थे।भारतीय हॉकी टीम ने पेरिस ओलंपिक 2024 और टोक्यो ओलंपिक 2020 में ब्रॉन्ज मेडल जीते थे। अनुभवी फारवर्ड ललित उपाध्याय दोनों बार भारतीय हॉकी टीम के अभिन्न अंग रहे थे। अब उन्होंने दो दशक से ज्यादा समय तक चले अपने शानदार करियर को अलविदा कह दिया है। ललित ने 2014 में विश्व कप में अंतरराष्ट्रीय हॉकी में डेब्यू किया था तथा ओलंपिक में दो पदक जीतना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।

    ललित ने रिटायरमेंट पर कही ऐसी बात
    ललित उपाध्याय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके संन्यास के बारे में बताया है। उन्होंने कहा कि यह सफर एक छोटे से गांव से शुरू हुआ, जहां संसाधन सीमित थे। लेकिन सपने असीम थे। स्टिंग ऑपरेशन का सामना करने से लेकर एक बार नहीं बल्कि दो बार ओलंपिक पोडियम पर पहुंचने का यह सफर चुनौतियों, विकास और अविस्मरणीय गौरव से भरा रहा। 26 सालों के बाद अपने शहर से पहला ओलंपियन बनना ऐसी बात है जिसे मैं हमेशा पूरे सम्मान के साथ संजोकर रखूंगा।

    भारत के लिए किए 67 गोल
    ललित उपाध्याय ने अपने दम पर भारतीय हॉकी टीम को कई मुकाबले जिताए। उनके पास गोल करने की अद्भभुत क्षमता मौजूद थी। उन्होंने सीनियर स्तर पर भारतीय हॉकी टीम के लिए 183 मैच खेले, जिनमें 67 गोल किए। इस 31 साल खिलाड़ी ने भारतीय टीम के लिए अपना अंतिम मैच 15 जून को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था।

    अर्जुन अवॉर्ड भी जीत चुके हैं ललित
    ललित ने ओलंपिक के अलावा 2016 में एशियाई चैंपियन ट्रॉफी और 2017 में एशिया कप में भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके अलावा उन्होंने दूसरे टूर्नामेंट्स में भी पदक जीते जिनमें 2017 हॉकी वर्ल्ड लीग फाइनल में कांस्य, 2018 चैंपियंस ट्रॉफी में रजत, 2018 एशियाई खेलों में कांस्य और 2018 एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में स्वर्ण पदक शामिल हैं। वह एफआईएच प्रो लीग 2021-22 में तीसरे स्थान पर रहने वाली और 2022 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का भी हिस्सा थे। भारतीय हॉकी में उनके योगदान के लिए ललित को 2021 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

    अहमदाबाद विमान हादसे के बाद 3 अधिकारियों को नौकरी से निकालेगा एयर इंडिया, लगे गंभीर लापरवाही के आरोप

    एयर इंडिया ने आंतरिक समीक्षा के बाद खुद ही तीन लापरवाह अधिकारियों के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद डीजीसीए ने तीनों को नौकरी से निकालने के आदेश दिए हैं।
    अहमदाबाद विमान हादसे में कम से कम 297 लोगों की मौत के बाद डीजीसीए ने एयर इंडियो को तीन लापरवाह अधिकारियों को नौकरी से निकालने का आदेश दिया है। अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का विमान 12 जून को टेक ऑफ के कुछ सेकेंड बाद हादसे का शिकार हो गया था। इस हादसे में विमान में सवार 242 में से 241 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, जिस इमारत से विमान टकराया था, उसमें मौजूद कई लोग भी मारे गए।

    एयर इंडिया ने खुद ही जानकारी देते हुए तीनों अधिकारियों की लापरवाही का खुलासा किया था। इसके बाद डीजीसीए ने तीनों को नौकरी से निकालने का आदेश दिया है। तीनों वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही दोहराने के आरोप हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया गया है।

    अधिकारियों ने क्या लापरवाही की?
    एयर इंडिया की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार इन अधिकारियों ने प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया। विमान में ड्यूटी लगाने से पहले सभी क्रू मेंबर का लाइसेंस जांचा जाता है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। यात्रियों के आराम और उन्हें तरोताजा करने के लिए भी जरूरी चीजों का ध्यान नहीं रखा गया था। एविएशन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम और क्रू मैनेजमेंट सिस्टम की समीक्षा के दौरान लापरवाही का खुलासा हुआ। एयरलाइंस एविएशन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम एक एकीकृत प्रणाली है, जिसका उपयोग एयरलाइंस क्रू प्रबंधन के लिए करती हैं।

    डीजीसीए ने क्या कहा?
    डीजीसीए ने 20 जून को आदेश जारी कर कहा, “स्वैच्छिक खुलासे चालक दल की शेड्यूलिंग, निगरानी और आंतरिक जवाबदेही में विफलताओं की ओर इशारा करते हैं। विशेष रूप से चिंता की बात यह है कि इन गलतियों के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार प्रमुख अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई का अभाव है।” डीजीसीए ने तीन अधिकारियों को सीधे तौर पर जवाबदेह माना है। प्रभागीय उपाध्यक्ष चूरा सिंह, क्रू शेड्यूलिंग परिचालन निदेशालय में मुख्य प्रबंधक पिंकी मित्तल और क्रू शेड्यूलिंग प्लानिंग विभाग की पायल अरोड़ा को हटाने का आदेश दिया गया है।

    अधिकारियों को रोस्टर लगाने की भूमिका से हटाने के निर्देश
    इन अधिकारियों को गंभीर और बार-बार की गई चूकों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है, जिनमें अनधिकृत और गैर-अनुपालन चालक दल की जोड़ियां, अनिवार्य लाइसेंसिंग और नवीनता मानदंडों का उल्लंघन, तथा समय-निर्धारण प्रोटोकॉल और निरीक्षण में प्रणालीगत विफलताएं शामिल हैं। डीजीसीए ने एयर इंडिया को तीनों अधिकारियों को चालक दल की समय-सारणी और रोस्टरिंग से संबंधित सभी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों से हटाने का निर्देश दिया है।

    10 दिन के भीतर कार्रवाई के बारे में बताएं
    आदेश में कहा गया है, “इन अधिकारियों के खिलाफ बिना देरी के आंतरिक अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की जानी चाहिए और इस तरह की कार्यवाही के परिणाम की सूचना इस पत्र के जारी होने की तारीख से 10 दिनों के भीतर इस कार्यालय को दी जानी चाहिए।” डीजीसीए ने कहा कि अधिकारियों को समय-निर्धारण प्रथाओं में सुधारात्मक सुधारों के पूरा होने तक गैर-परिचालन भूमिकाओं में पुनः नियुक्त किया जाएगा तथा वे अगली सूचना तक उड़ान सुरक्षा और चालक दल के अनुपालन पर सीधे प्रभाव डालने वाले किसी भी पद पर नहीं रहेंगे।

    अगली लापरवाही के लिए सख्त चेतावनी
    आदेश में साफ किया गया है कि, “किसी भी पोस्ट-ऑडिट या निरीक्षण में चालक दल के शेड्यूलिंग मानदंडों, लाइसेंसिंग या उड़ान समय सीमाओं का भविष्य में उल्लंघन होने पर सख्त प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी। ऐसा होने पर पेनल्टी लगाने के साथ ही लाइसेंस रद्द किया जा सकता है या ऑपरेटर की अनुमति वापस ली जा सकती है।