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    सिर्फ 9% ब्याज पर यहां मिल रहा है पर्सनल लोन, जानें 5 साल के लिए ₹9 लाख लोन पर कितनी बनेगी EMI

    अगर आपकी मिनिमम सालाना इनकम 3 लाख रुपये भी है तो आप इस पर्सनल लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इस लोन के लिए किसी गारंटर की कोई जरूरत नहीं है।लाइफ में अतिरिक्त पैसों की कई बार जरूरत पड़ जाती है। ऐसे में पर्सनल लोन एक बेहतर ऑप्शन है। पर्सनल लोन एक ऐसा लोन है जिसके लिए किसी तरह की जमानत या सुरक्षा की जरूरत नहीं होती और यह बहुत कम डॉक्यूमेंट के साथ ऑफर किया जाता है। आप इस लोन से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल किसी भी वैध वित्तीय जरूरत के लिए कर सकते हैं। किसी भी अन्य लोन की तरह, आपको इसे बैंक के साथ सहमत शर्तों के अनुसार चुकाना होता है। आमतौर पर पर्सनल लोन पर ब्याज दर काफी महंगा होता है, लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक ऑफ महाराष्ट्र महज 9 प्रतिशत सालाना ब्याज दर पर पर्सनल लोन ऑफर कर रहा है। कौन ले सकता है यह पर्सनल लोन
    बैंक ऑफ महाराष्ट्र की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक, अगर आपकी मिनिमम सालाना इनकम 3 लाख रुपये भी है तो आप इस पर्सनल लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। किसी भी ग्राहक को उसके ग्रॉस मंथली इनकम का 20 गुना तक पर्सनल लोन मिल सकता है। यह मैक्सिमम 20 लाख रुपये हो सकता है। बैंक का कहना है कि इस लोन के लिए किसी गारंटर की कोई जरूरत नहीं है। सबसे कम कागजी प्रक्रिया वाले इस पर्सनल लोन के लिए अप्लाई करने पर आपको लोन अमाउंट का 1% रकम+जीएसटी का भुगतान प्रोसेसिंग फीस के तौर पर करना है।

    कोई हिडेन चार्ज भी नहीं
    बैंक के मुताबिक, महा बैंक पर्सनल लोन स्कीम के तहत लिए गए इस पर्सनल लोन पर किसी तरह का कोई हिडन चार्ज (छिपा हुआ शुल्क) नहीं देना होता है। आप अपने लोन को ट्रैक भी कर सकते हैं। साथ ही प्रीपेमेंट करने पर भी कोई चार्ज नहीं देना है। एक बात ध्यान रहे 9 प्रतिशत ब्याज पर यह पर्सनल लोन शानदार क्रेडिट स्कोर वाले ग्राहकों को ही मिलेगा। बैंक के मुताबिक, अगर आपका सिबिल स्कोर या क्रेडिट स्कोर 800 या इससे ऊपर है तो आपको आसानी से पर्सनल लोन सबसे सस्ती दर पर मिल सकता है।

    EMI कैलकुलेशन समझें
    अगर आप बैंक ऑफ महाराष्ट्र से 9 प्रतिशत ब्याज पर 9 लाख रुपये का पर्सनल लोन 5 साल के लिए लेते हैं तो कैलकुलेशन के मुताबिक, आपकी मंथली ईएमआई, 18,683 रुपये बनेगी। कैलकुलेशन के हिसाब से इस लोन के बदले आप ₹2,20,951 सिर्फ ब्याज के तौर पर चुकाएंगे। यानी बैंक को आखिर में आप कुल ₹11,20,951 लौटाएंगे। लोन के मामले में एक बात समझ लें कि रीपेमेंट की अवधि जितनी कम रखेंगे, ब्याज उतना कम देंगे। हां, आपका प्रीमियम थोड़ा अधिक रह सकता है।

    देश के 8 प्रमुख शहरों में 1.7 लाख घरों की बिक्री, अल्ट्रा लग्जरी सेगमेंट में मुंबई से आगे निकला एनसीआर

    यूनिट्स की संख्या के लिहाज से मुंबई सबसे बड़ा हाउसिंग मार्केट बना रहा, जिसकी बिक्री साल-दर-साल स्थिर रही। जबकि, एनसीआर में 8% की गिरावट दर्ज की गई है।साल 2025 के शुरुआती 6 महीनों में देश के टॉप 8 शहरों में कुल 1,70,201 घरों की बिक्री हुई, जो पिछले साल की पहली छमाही की तुलना में 2 प्रतिशत कम है। नाइट फ्रैंक इंडिया की ताजा रिपोर्ट में ये जानकारी सामने आई है। हालांकि, ताजा आंकड़े निरंतर खरीदारी को दर्शाते हैं। इस दौरान मुंबई में सबसे ज्यादा 47,035 घरों की बिक्री हुई, दिल्ली-एनसीआर में 26,795 और बेंगलुरु में 26,599 घरों की बिक्री हुई। पहली छमाही में प्रीमियम सेगमेंट वाले घरों की बिक्री लगातार मजबूत बनी रही, जहां 1 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले घरों में सालाना आधार पर 17% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
    कुल बिक्री में 49 प्रतिशत घरों की कीमत 1 करोड़ रुपये से ज्यादा
    रिपोर्ट के मुताबिक, यूनिट्स की संख्या के लिहाज से मुंबई सबसे बड़ा हाउसिंग मार्केट बना रहा, जिसकी बिक्री साल-दर-साल स्थिर रही। जबकि, एनसीआर में 8% की गिरावट दर्ज की गई है। कोलकाता में घरों की बिक्री में 11% की गिरावट आई। जबकि चेन्नई 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ इकलौता ऐसा शहर रहा, जहां बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। वहीं, अहमदाबाद में 9370 घरों की बिक्री हुई, जो पिछले साल की तुलना में लगभग स्थिर रहा। नाइट फ्रैंक के आंकड़ों से पता चलता है कि सभी घरों की बिक्री में से 49 प्रतिशत मकान 1 करोड़ रुपये और उससे ज्यादा कीमत के थे, जबकि 51 प्रतिशत घरों की कीमत 1 करोड़ रुपये के अंदर थी।

    अल्ट्रा-लग्जरी सेगमेंट में मुंबई से आगे निकला एनसीआर
    नाइट फ्रैंक इंडिया की 3 जुलाई को जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि 1 से 5 करोड़ रुपये तक की कैटेगरी में सबसे ज्यादा 75,042 घरों की बिक्री हुई, इसके बाद 50 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये की कैटेगरी में 48,972 घर और 50 लाख रुपये से कम कीमत वाले 37,796 घरों की बिक्री हुई। एनसीआर ने अल्ट्रा-लक्जरी सेगमेंट में सबसे ज्यादा बिक्री दर्ज की, जिसमें 1055 घर 10 से 20 करोड़ रुपये की रेंज में और 159 घर 50 करोड़ रुपये से ज्यादा की रेंज में थे। एनसीआर इस सेगमेंट में मुंबई से भी आगे निकल गया। रिपोर्ट में बताया गया है कि मुंबई में 20 से 50 करोड़ रुपये के सेगमेंट में 124 यूनिट की बिक्री की

    कर्नाटक में अक्टूबर या नवंबर में CM बदला जाना तय’, भाजपा नेता ने कर दिया बड़ा दावा

    भाजपा नेता और कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने दावा किया है कि कर्नाटक में अक्टूबर या नवंबर में CM बदला जाना तय है। आइए जानते हैं कि उन्होंने और क्या कहा।
    कांग्रेस शासित राज्य कर्नाटक में बार-बार नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें उठ रही हैं। सीएम सिद्धारमैया समेत कई नेता लगातार दावा कर रहे हैं कि राज्य में कोई नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा। हालांकि, अब कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के नेता आर. अशोक ने बड़ा दावा कर दिया है। उन्होंने कहा है कि अक्टूबर या नवंबर में राज्य में नेतृत्व परिवर्तन होगा। आइए जानते हैं कि उन्होंने इस बारे में और क्या कुछ कहा है।क्या बोले आर अशोक?
    कांग्रेस सरकार में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच भाजपा नेता आर. अशोक ने कर्नाटक की बड़ा बयान दिया है। हाल ही में सीएम सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री के तौर पर पांच साल का कार्यकाल पूरा करने की बात कही था। इसके बावजूद आर. अशोक ने कहा कि अक्टूबर या नवंबर में मुख्यमंत्री बदला जाना तय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के सभी विधायक मुख्यमंत्री बनने की ख्वाहिश रखते हैं।

    डीके शिवकुमार को अशोक ने दिया चैलेंज
    भाजपा नेता आर. अशोक ने कांग्रेस को एक बंटा हुआ घर बता दिया है। उन्होंने दावा किया है कि डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार सत्ता हासिल करने के संकेत दे रहे हैं। अशोक ने कहा- “डीके शिवकुमार सत्ता हथियाने का इशारा कर रहे हैं। मैं उन्हें चैलेंज देता हूं कि वे घोषणा करें कि सिद्धारमैया 2028 तक राज्य के सीएम बने रहेंगे। हम इसे ‘छठी गारंटी’ के तौर पर स्वीकार करेंगे और चुप रहेंगे।”

    CM सिद्धारमैया ने क्या कहा?
    कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी राज्य में जारी अटकलों पर बयान दिया है। उन्होंने बुधवार को कहा कि वह 5 साल के पूरे कार्यकाल के दौरान सीएम पद पर बने रहेंगे। सिद्धारमैया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एकजुट है और पार्टी की सरकार 5 साल तक चट्टान की तरह मजबूत रहेगी। 5 साल तक सीएम रहने के सवाल पर सिद्धरमैया ने कहा कि “हां, मैं रहूंगा। आपको इसमें संदेह क्यों है?”

    6 खाड़ी देशों के लिए भारत का जल्द मिलेगा एकीकृत पर्यटन वीजा, मध्य-पूर्व की यात्रा में होंगे क्रांतिकारी बदलाव

    यूरोपीय संघ की शेंगेन प्रणाली की तरह, GCC भी आंतरिक पर्यटन, व्यापार यात्रा और कूटनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने की योजना बना रहा है। उम्मीद है कि यह नई प्रणाली खाड़ी देशों को एक साझा पर्यटन हब के रूप में स्थापित करेगी।नई दिल्ली: गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) मध्य पूर्व में यात्रा अनुभव को पूरी तरह बदलने के लिए एक एकीकृत पर्यटक वीज़ा लॉन्च करने की तैयारी में है। इसके तहत यात्रियों को केवल एक वीज़ा के साथ संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, क़तर, बहरीन, कुवैत और ओमान की यात्रा की अनुमति दी जा जाएगी। यह पहल यूरोप के शेंगेन वीज़ा मॉडल से प्रेरित है और खाड़ी देशों के बीच गहरे क्षेत्रीय एकीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

    2 साल पहले योजना को दी गई थी मंजूरी
    यह वीज़ा योजना नवंबर 2023 में ओमान में आंतरिक मंत्रियों की बैठक में औपचारिक रूप से मंजूरी दी गई थी। GCC के महासचिव जासेम अल बुदईवी ने इसे सहयोग और दूरदर्शी नेतृत्व से प्रेरित उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा, “यह एकीकृत वीज़ा हमारे नेताओं की एकजुटता और क्षेत्रीय सहयोग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”

    यूरोपीय शेंगेन जैसा यात्रा अनुभव
    यह वीज़ा प्रणाली यूरोपीय संघ के शेंगेन वीज़ा की तरह काम करेगी, जिसमें पर्यटकों को हर देश के लिए अलग-अलग वीज़ा लेने की आवश्यकता नहीं होगी। एक ही आवेदन से सभी छह देशों में प्रवेश संभव होगा। यह वीज़ा 30 से 90 दिनों के लिए वैध होगा और केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जा सकेगा। हालांकि यह वीज़ा केवल पर्यटन और पारिवारिक यात्राओं के लिए मान्य होगा, लेकिन इससे हॉस्पिटैलिटी, एविएशन और रिटेल सेक्टर को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है।

    आवेदन प्रक्रिया और ज़रूरी दस्तावेज़
    GCC सचिवालय जल्द ही एक आधिकारिक पोर्टल लॉन्च करेगा, जहां यात्री दो विकल्पों में से एक चुन सकेंगे।

    एक देश की यात्रा
    सभी छह देशों की यात्रा
    आवेदन के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ों में शामिल होंगे
    कम से कम 6 महीने वैध पासपोर्ट
    पासपोर्ट साइज फोटो
    ऑनलाइन आवेदन फ़ॉर्म
    होटल बुकिंग या मेज़बान से आमंत्रण पत्र
    यात्रा बीमा
    पर्याप्त धनराशि का प्रमाण (जैसे बैंक स्टेटमेंट)
    वापसी या आगे की यात्रा का टिकट
    विज़ा शुल्क ऑनलाइन भुगतान करना होगा, और स्वीकृत वीज़ा ईमेल के माध्यम से भेजा जाएगा, जिसे प्रिंट या डिजिटल रूप में दिखाया जा सकेगा।
    पर्यटन से आगे की रणनीति
    हालांकि यह वीज़ा पर्यटन केंद्रित है, लेकिन इसका उद्देश्य क्षेत्रीय एकता, आर्थिक सहयोग और सामरिक मजबूती को भी बढ़ावा देना है। GCC इसे डिजिटल सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और साझा आर्थिक ज़ोन जैसे क्षेत्रों में समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानता है। GCC महासचिव अल बुदईवी ने कहा, “यह पहल केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है। यह क्षेत्रीय पहचान को मजबूत करने, गतिशीलता सुधारने और वैश्विक चुनौतियों के बीच सामूहिक लचीलापन बढ़ाने की दिशा में है।

    कपड़ा उद्योग को मिलेगी नई गति, पीएम मित्र पार्क के लिए सीएम मोहन यादव ने नरेंद्र मोदी का आभार माना

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश लगातार विकसित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दी गई पीएम मित्र पार्क की सौगात निश्चित रूप से प्रदेश के विकास और कपड़ा उद्योग में नए युग का शुभारंभ करेगी।भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार जिले में निर्माणाधीन प्रधानमंत्री मित्र पार्क के प्रथम चरण में अधोसंरचना विकास की प्रक्रिया आरंभ होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह का हृदय से आभार माना है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा धार की 2158 एकड़ भूमि पर लगभग 2050 करोड़ की लागत से विकसित हो रहे पीएम मित्र पार्क के लिए हाल ही में 773 करोड़ रुपए लागत के टेंडर जारी किए गए हैं।
    नए युग का शुभारंभ
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह पहल मध्यप्रदेश में कपड़ा उद्योग (टेक्सटाइल सेक्टर) को नई गति प्रदान करेगी। मध्यप्रदेश लगातार विकसित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दी गई पीएम मित्र पार्क की सौगात निश्चित रूप से प्रदेश के विकास और कपड़ा उद्योग में नए युग का शुभारंभ करेगी।

    रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे
    दरअसल पीएम मित्र पार्क का निर्माण धार जिले में 2158 एकड़ भूमि पर किया जा रहा है। कुल 2025 करोड़ की लागत से इस पार्क को विकसित किया जा रहा है। इस पार्क के बन जाने से प्रदेश के कपड़ा उद्योग को एक नई गति मिल जाएगी। साथ ही प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। पीएम मित्र पार्क की यह पहल मध्य प्रदेश को विकसित राज्य बनाने में भी मदद करेगा।

    क्या है पीएम मित्र पार्क योजना?
    बता दें कि केंद्र सरकार ने पीएम मित्र पार्क स्थापित करने के लिए 7 स्थानों को अंतिम रूप से चयनित किया था जिनमें तमिलनाडु (विरुधुनगर), तेलंगाना (वारंगल), गुजरात (नवसारी), कर्नाटक (कलबुरगी), मध्य प्रदेश (धार), उत्तर प्रदेश (लखनऊ) और महाराष्ट्र (अमरावती) शामिल हैं। ये पार्क कपड़ा उद्योग को नई गति प्रदान करेंगे। यहां कताई, बुनाई, प्रोसेसिंग, प्रिंटिंग से लेकर वस्त्र निर्माण तक की पूरी प्रक्रिया शामिल होगी। यह 5 एफ विजन – “फार्म से फाइबर, फाइबर से फैक्ट्री, फैक्ट्री से फैशन, और फैशन से फॉरेन” के दृष्टिकोण पर आधारित होगा।

    जसप्रीत बुमराह बाहर, वॉशिंगटन सुंदर अंदर, ऐसी हो सकती है टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन

    बर्मिंघम में होने वाले दूसरे टेस्ट के लिए इंग्लैंड ने अपनी प्लेइंग इलेवन का ऐलान दो दिन पहले ही कर दिया है, लेकिन टीम इंडिया का मामला फंसा हुआ है।भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला दो जुलाई से शुरू होने जा रहा है। पहला मुकाबला हारकर टीम इंडिया इस वक्त सीरीज में पीछे है। दूसरा मैच बर्मिंघम में होगा। इस मैच में टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन क्या होगी, इस पर से पर्दा तो मैच के दिन टॉस के वक्त ही उठेगा, लेकिन इससे पहले कुछ अपडेट जरूर सामने आ रहे हैं, जिनके बारे में आपको जानना चाहिए।

    जसप्रीत बुमराह का दूसरा टेस्ट खेलना काफी मुश्किल
    अब ये करीब करीब तय हो चुका है कि बर्मिंघम में होने वाला दूसरा टेस्ट मैच जसप्रीत बुमराह नहीं खेलने वाले हैं। जाहिर है कि अगर ​बुमराह नहीं खेलेंगे तो प्लेइंगइ इलेवन में बदलाव तो करना ही पड़ेगा। माना जा रहा है कि वॉशिंगटन सुंदर और कुलदीप यादव में से किसी एक की प्लेइंग इलेवन में एंट्री हो सकती है। लेकिन भारतीय कप्तानों की सोच पिछले कई साल से ऐसी रही है कि गेंदबाज को भी बल्लेबाजी आनी चाहिए। कुलदीप यादव तो बल्लेबाजी नहीं करते हैं, लेकिन वॉशिंगटन सुंदर अच्छी बल्लेबाजी के लिए जाने और पहचाने जाते हैं।

    टॉप आर्डर में नहीं होगा कोई भी बदलाव
    चलिए बात की शुरुआत ओपनिंग से करते हैं। पहली बात तो ये है कि सलामी जोड़ी से शायद ही कोई छेड़छाड़ की जाए। यानी यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल एक बार फिर से भारत के लिए पारी का आगाज करते हुए नजर आएंगे। दोनों बल्लेबाजी पहले मैच में शतक लगाकर आ रहे हैं, इसलिए आत्मविश्ववास से लवरेज हैं।

    साई सुदर्शन और करुण नायर को एक और मौका
    अब बात करते हैं नंबर तीन की। जहां साई सुदर्शन को मौका दिया जा रहा है। पहले मैच में भले ही साई कुछ ना कर पाए हों, लेकिन इतना तो पक्का है कि उनकी जगह अभी नहीं जाएगी। वे खेलते हुए नजर आएंगे। यहां तक कि करीब आठ साल बाद टेस्ट टीम में वापसी करने वाले करुण नायर भी अपनी वापसी का जश्न नहीं माना पाए, लेकिन वे भी खेलते हुए दिखाई देंगे। यानी दोनों की जगह को कोई भी खतरा दिखाई नहीं दे रहा है।

    इस बार कप्तान कितने ऑलराउंडर को देंगे मौका
    शुभमन गिल और ऋषभ पंत खेलेंगे, लेकिन सवाल ये है कि टीम दो ऑलराउंडर लेकर मैदान में उतरेगी या फिर तीन ऑलराउंडर खेलेंगे। पिछले मुकाबले में शार्दुल ठाकुर और रवींद्र जडेजा के रूप में दो ऑलराउंडर खेलते हुए नजर आए थे, लेकिन रन किसी के भी बल्ले से नहीं आए। यहां तक कि ये दोनों ही गेंदबाज विकेट लेकर भी कुछ खास काम अपनी टीम के लिए नहीं कर पाए। इस बीच वॉशिंगटन सुंदर को मौका मिलने की संभावना काफी ज्यादा नजर आ रही है। एक तो सुंदर अलग किस्म के स्पिनर हैं और साथ ही बल्लेबाजी में भी कुछ रन टीम के लिए जोड़ने की क्षमता रखते हैं। साथ ही विचार इस बात पर भी चल रहा है कि शार्दुल ठाकुर की जगह नितीश कुमार रेड्डी को मौका दिया जाए।

    दूसरे टेस्ट के लिए भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेट कीपर), करुण नायर, रवींद्र जडेजा, वाशिंगटन सुंदर/आकाशदीप, नितीश कुमार रेड्डी, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज।

    PM मोदी का प्रिय होने का मतलब ये नहीं कि मैं किसी पार्टी का हूं”, बाबा बागेश्वर ने ऐसा क्यों कहा?

    अखिलेश यादव के 50 लाख वाले बयान पर बाबा बागेश्वर ने बिना नाम लिए कहा, हाथी चले बाजार… हम तो अपने हिसाब से कार्य करते रहेंगे, सेवा करते रहेंगे।बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने कई मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी, जिसमें उन्होंने जातिवाद को देश का सबसे बड़ा कैंसर बताया और एक बार फिर हिंदू राष्ट्र की मांग दोहराई। समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के 50 लाख वाले बयान पर उन्होंने बिना नाम लिए कहा, हाथी चले बाजार… हम तो अपने हिसाब से कार्य करते रहेंगे, सेवा करते रहेंगे।

    देश के लिए ‘सबसे बड़ा कैंसर’ जातिवाद
    बाबा बागेश्वर ने देश में जातिवाद, क्षेत्रवाद और भाषावाद के नाम पर हो रहे विद्रोह को प्रायोजित बताया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपनी राजनीतिक स्थितियां ठीक करने के लिए यह सब करते हैं।

    “राष्ट्रवाद पर ध्यान देना होगा”
    उन्होंने कहा, “अगर भारत को अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसा संपन्न बनना है, तो सैन्य शक्ति के साथ-साथ आर्थिक संपन्नता के लिए भी जातिवाद, भाषावाद और क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर राष्ट्रवाद पर ध्यान देना होगा। उन्होंने न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण देते हुए कहा कि ये देश इसलिए संपन्न हैं, क्योंकि वहां के नेता जातिवाद और भेदभाव नहीं फैलाते, क्योंकि वह राष्ट्रीयता पर भरोसा करते हैं।

    “भारत तब तक हिंदुस्तान है, जब तक यहां हिंदू हैं”
    धीरेंद्र शास्त्री ने कहा भारत तब तक हिंदुस्तान है, जब तक यहां हिंदू हैं और हिंदू जब तक जातिवाद से ऊपर नहीं उठेगा, तब तक कैसे हिंदू राष्ट्र बनेगा। उन्होंने कहा कि उनकी सनातनी परंपरा बहुत व्यापक है, संकुचित नहीं।

    “किसी के समर्थक, या पार्टी के नहीं”
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से निकटता के आरोप पर उन्होंने कहा, “हम किसी के समर्थक नहीं हैं, ना ही किसी पार्टी के।” उन्होंने कहा, “माननीय प्रधानमंत्री का प्रिय होने का मतलब यह नहीं है कि हम किसी पार्टी के हैं। वह इस देश के नायक हैं, सबके नायक हैं। प्रधानमंत्री किसी एक का नहीं है, सबका है।” उन्होंने खुद को एक गुरु बताते हुए कहा कि उनका काम मार्गदर्शन देना, सलाह देना और प्रार्थना करना है।

    जन्मदिन पर मांगा खास तोहफा
    4 जुलाई को अपने 29वें जन्मदिन पर धीरेंद्र शास्त्री ने अपने समर्थकों से कोई व्यक्तिगत उपहार न मांगते हुए एक खास अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर कोई उन्हें उपहार देना चाहता है, तो उसकी जगह देश में जगह-जगह अस्पताल बनवाए जाएं। उन्होंने सबका साथ और हिंदू राष्ट्र की बात करते हुए कहा कि वह सबसे भिक्षा’ मांगते हैं कि वे अपने बच्चों को कट्टर हिंदू बनाएं।

    जल संरक्षण का जन आंदोलन बना “जल गंगा संवर्धन अभियान”, CM मोहन यादव ने बताई इसकी महत्ता

    सीएम मोहन यादव ने जल संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने राज्य में चलाई जाने वाले जल गंगा संवर्धन अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। इसके साथ ही उन्होंने जल संरक्षण की महत्ता को बताते हुए इस अभियान के बारे में बताया।सीएम मोहन यादव ने 90 दिवसीय जल गंगा संवर्धन अभियान को लेकर जानकारी दी है। उन्होंने इसे जल संरक्षण का जन आंदोलन बताया। सीएम मोहन यादव ने एक लेख में लिखा, “”क्षिति, जल, पावक, गगन, समीरा,पंचतत्व से बना शरीरा” रामचरित मानस की इस चौपाई के पंचतत्वों में से एकजल, जीवन का आधार है।हमें जीवन के अस्तित्व के लिये जल को संरक्षित करना ही होगा। इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाना जरूरी है। ऋग्वेद की ऋचाओं में जल के महत्व, विशेषताओं और संरक्षण का संकेत है। रामायण और महाभारत में प्रकृति के संरक्षण का उल्लेख है। जल संरक्षण हमारी पुरातन संस्कृति है। यह अपनी परंपरा और संस्कारों की ऐतिहासिक विरासत है जिसे हमें अगली पीढ़ी तक पहुंचाना है।”

    पीएम मोदी के अभियान से मिली प्रेरणा
    CM मोहन यादव ने आगे लिखा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विरासत से विकास की दृष्टि समग्र कल्याण के लिए है जो प्रकृति संवर्धन से लेकर विकास के हर पक्ष में समाहित है। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने लंबे समय तक जल संरक्षण का अभियान चलाया था। उन्हीं से प्रेरणा लेकर मध्यप्रदेश में हमने जल गंगा संवर्धन अभियान की संकल्पना की। इस अभियान का शुभारंभ 30 मार्च गुड़ी पड़वा, नववर्ष विक्रम संवत अवसर पर महाकाल की नगरी उज्जयिनी के शिप्रा तट से किया गया। यह अभियान जल संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और जन-जागरुकता को समर्पित रहा है। जल संग्रह के कई कीर्तिमान रचने के साथ आज हम जल संरक्षण की समृद्धि का उत्सव मना रहे हैं।”

    90 दिनों तक चला अभियान
    सीएम ने लिखा, “मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि इस 90 दिन तक चले अभियान में पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर जलसंरचनाओं पर काम हुआ है। इस अभियान में खंडवा जिले ने 1.29 लाख संरचनाओं का निर्माण किया है। इस विशेष उपलब्धि के लिए खंडवा को भू-गर्भ जल भंडारण की दृष्टि से प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जल सुरक्षा और प्रभावी जल प्रबंधन के लिए कैच द रेन अभियान शुरू किया। इसी से प्रेरणा से लेकर मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत वर्षा के एक-एक बूंद को सहेजने का प्रयास किया गया। प्रदेश में पहली बार वर्षा जल को सहेजने का बड़े स्तर पर अभियान चला। इससे भविष्य में भू-जल की निर्भरता कम होगी और पानी की हर बूंद का उपयोग होगा।”

    जन-जन में निर्मित हुई पर्यावरण मित्र की परंपरा
    उन्होंने आगे लिखा, “हमने प्रधानमंत्री के मिशन लाइफ मंत्र को आत्मसात किया और अपनी जीवन शैली में बदलाव करके पर्यावरण रक्षा का सूत्र हाथ में लिया है। इससे जन-जन में पर्यावरण मित्र के रूप में जीवन जीने की परंपरा निर्मित हुई है। प्रदेशवासी मिशन लाइफ के अनुसार प्रकृति के साथ प्रगति पथ पर आगे बढ़ेंगे। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में पहली बार रि-यूज वाटर पोर्टल निर्मित किया जा रहा है। यह पहल प्रदेश में जल संरक्षण और पुनः उपयोग की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इस तरह प्रदेश जल प्रबंधन के लिए तीन सिद्धांत री-यूज, रीड्यूज और री-साइकल पर आधारित रणनीति बनाकर काम कर रहा है।”

    267 नदियों का मायका है मध्यप्रदेश
    सीएम मोहन यादव ने लिखा, “यह हमारा सौभाग्य है कि मध्यप्रदेश की धरती प्रकृति की विपुल सम्पदा से समृद्ध है। यह मां नर्मदा, शिप्रा मईया, ताप्ती और बेतवा सहित लगभग 267 नदियों का मायका है। प्रदेश में पहली बार नदियों को निर्मल और अविरल बनाने के लिए 145 से अधिक नदियों के उद्गम को चिन्हित किया गया और साफ-सफाई के साथ पौधरोपण की शुरुआत हुई है। नदियों के तट पर पौधरोपण की यह पहल नदियों को उनके मायके में हरि चुनरी ओढ़ाने का प्रयास है।”

    दो हजार से अधिक बावड़ियों को किया पुनर्जीवित
    उन्होंने लिखा, “प्रदेश में पहली बार जल सरंक्षण के साथ जल समृद्धि की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण की पहल की गई। इसके तहत राजाभोज के बसाये भोपाल की ऐतिहासिक धरोहर बड़े बाग की बावड़ी को सहेजने और पुनर्जीवित करने का कार्य किया गया। मुझे यह बताते हुए खुशी है कि इस अभियान के अंतर्गत हमने 200 वर्ष पहले लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर द्वारा बनाई गई होलकर कालीन बावड़ी को जीर्णोद्धार उपरांत नया स्वरूप प्रदान किया है। इस बावड़ी का लोकर्पण करते हुए मुझे यह महसूस हुआ कि हम माता अहिल्या के लोक कल्याण के युग में पहुंच गये हैं। बावड़ियां हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर हैं, इसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिये प्रदेश भर में दो हजार से अधिक बावड़ियों को पुनर्जीवित करते हुए बावड़ी उत्सव मनाया गया।”

    एमपी में बनाए गए 2.30 जल दूत
    सीएम मोहन यादव ने लिखा, “प्रधानमंत्री ने हमारी युवा शक्ति को जल सैनिक बनाने का आह्वान किया था। इस अभियान में, मध्यप्रदेश में पहली बार 2.30 लाख जल दूत बनाये गये। मुझे पूर्ण विश्वास है कि पानी बचाने के लिए यह अमृत मित्र भविष्य में जल सुरक्षा के अग्रदूत बनेंगे। प्रदेश में पहली बार डेढ़ लाख से अधिक कृषकों ने सभी विकासखंडों में 812 पानी चौपाल का आयोजन किया। इसमें किसानों ने अपने गांव के खेतों, जल स्रोतों के संरक्षण, संवर्धन और पुरानी जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार पर विचार विमर्श किया।”

    “खेत का पानी खेत में, गांव का पानी गांव में”
    उन्होंने लिखा, “प्रदेश में पहली बार खेत का पानी खेत में, गांव का पानी गांव में रोकने के लिए खेत तालाबों का चयन सिपरी सॉफ्टवेयर से किया गया। अभियान में 83 हजार से अधिक बनने वाले खेत-तालाबों से प्रदेश के अन्नदाता में नई उम्मीद जागी है। अब वे अपने खेत में एक नहीं कई फसलें ले सकते हैं। खेत-तालाब के अलावा अमृत सरोवर और डगवेल रिचार्ज बनाने में भी सिपरी सॉफ्टवेयर, एआई और प्लानर सॉफ्टवेयर जैसी तकनीक का उपयोग किया गया है। इस तकनीक से निर्धारित लक्ष्य को समय रहते प्राप्त करने में आसानी हुई है और गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इसके लिए नियमित जानकारी प्राप्त करने के लिए डेशबोर्ड डाटा को एआई के माध्यम के उपयोग से अभियान की प्रगति में सुधार और गति दी गई।”

    अब चलाया जाएगा पौधरोपण का व्यापक अभियान
    सीएम ने आगे लिखा “इस अभियान में प्रदेश के नगर-नगर और गांव-गांव में जल स्रोतों को शुद्ध और उपयोगी बनाने का कार्य चला, अनेक पोखर और बावड़ियों को पुनर्जीवन प्राप्त हुआ। यह सरकार और समाज का संयुक्त प्रयास है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि पानी की बूंद-बूंद सहेजने का जो प्रयत्न किया गया है वह हमारे किसान भाईयों के लिए पारस पत्थर का काम करेगा। सूखे खेत हरे-भरे होंगे, सुनहरी फसलें लहलहायेंगी। हमारा किसान समृद्ध होगा और मध्यप्रदेश की धरती समृद्ध होगी। वर्षा के जल को संग्रहित करने और पुराने जल स्रोतों के जीर्णोद्धार के लिए यह अभियान चलाया गया। इस अभियान की सफलता का सबसे बड़ा आधार है जनभागीदारी। सरकार, शासन-प्रशासन, समाजसेवी और प्रदेश के आमजन ने इस अभियान में सहभागिता निभाई है। जल गंगा संवर्धन अभियान के बाद अब पौधरोपण का व्यापक अभियान चलाया जायेगा।”

    “जनता के लिए, जनता का अभियान”
    सीएम मोहन यादव ने लिखा, “मुझे खुशी है कि जल गंगा संवर्धन अभियान शासन के साथ जनता के लिए, जनता का अभियान बन गया है। इस अभियान ने जनआंदोलन का स्वरूप ले लिया है। प्रदेश ने यह प्रमाणित किया है कि यदि सरकार और जनता मिलकर कार्य करें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं। किसानों, महिलाओं, युवाओं और विद्यार्थियों ने जल संरक्षण को जीवन का मंत्र बना लिया है। इससे समाज में जल संरक्षण का भाव और भागीदारी का मानस विकसित हुआ है। इस अभियान ने हम सभी के मन को एक नये संकल्प और ऊर्जा से भर दिया है। यह अभियान केवल जल संरक्षण का कार्य नहीं है, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और भविष्य की सुरक्षा का वह सूत्र है, जिससे प्रदेश की समृद्धि जुड़ी है।”

    भावी पीढ़ी के लिए साबित होगी मील का पत्थर
    आखिरी में सीएम मोहन यादव ने लिखा, ““अद्भिः सर्वाणि भूतानि जीवन्ति प्रभवन्ति च।” महाभारत के शांति पर्व का यह श्लोक जल के महत्व और जीवन में इसकी भूमिका को दर्शाता है। मैं प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता से पानी की बूंद-बूंद बचाने और जल समृद्ध राज्य बनाने का आह्वान करता हूं। आईये, हम सब मिलकर पानी की हर बूंद बचाने का संकल्प लें, जल संरक्षण और संवर्धन के कार्य को आगे बढ़ायें। मुझे उम्मीद है कि जल गंगा संवर्धन अभियान प्रदेश में जल की प्रचुर उपलब्धता और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगी।”

    बांग्लादेश की अक्ल आई ठिकाने, अदाणी को 3282 करोड़ रुपये का किया भुगतान, जानिए विस्तार से

    अदाणी पावर के पूर्ण-स्वामित्व वाली अनुषंगी अदाणी पावर झारखंड लिमिटेड ने नवंबर, 2024 में 84.6 करोड़ डॉलर का बिल बकाया होने की वजह से बांग्लादेश को अपनी बिजली आपूर्ति घटाकर आधा कर दी थी।बांग्लादेश की अक्ल आई ठिकाने आ गई है। उसने अदाणी ग्रुप को भुगतान करना शुरू कर दिया है। बांग्लादेश ने जून में अदाणी पावर को 38.4 करोड़ डॉलर (32,82.64 करोड़ रुपये) का भुगतान किया, जिससे भारतीय कंपनी के साथ बिजली आपूर्ति समझौते के तहत उसके बकाये में उल्लेखनीय कमी आई है। सूत्रों ने यह जानकरी दी। मामले से अवगत दो सूत्रों ने बताया कि बांग्लादेश को जून में 43.7 करोड़ डॉलर का भुगतान करना था, जिसमें से उनसे 27 जून तक 38.4 करोड़ डॉलर का भुगतान किया है। इससे 31 मार्च तक बांग्लादेश के स्वीकृत दावों का भुगतान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस भुगतान के बाद अदाणी का दावा घटकर लगभग 50 करोड़ डॉलर रह जाएगा, हालांकि यह अभी भी काफी अधिक है।
    आर्थिक संकट में फंसा हुआ बांग्लादेश
    बांग्लादेश 2017 के समझौते के तहत अपने भुगतान दायित्वों को पूरा करने के लिए जूझ रहा है, क्योंकि 2022 में रूस-यूक्रेन संघर्ष और घरेलू राजनीतिक उथल-पुथल के बाद उसकी आयात लागत बढ़ी है। अदाणी ने पिछले साल आपूर्ति आधी कर दी थी और मार्च 2025 में बांग्लादेश के कुछ बकाया राशि का भुगतान करने के बाद पूरी आपूर्ति फिर से शुरू की गई थी। ताजा भुगतानों के साथ, बांग्लादेश ने लगभग दो अरब डॉलर की कुल बकाया राशि में लगभग 1.5 अरब डॉलर का भुगतान कर दिया है।

    आधी बिजली आपूर्ति रोकी थी
    अदाणी पावर के पूर्ण-स्वामित्व वाली अनुषंगी अदाणी पावर झारखंड लिमिटेड (एपीजेएल) ने नवंबर, 2024 में 84.6 करोड़ डॉलर का बिल बकाया होने की वजह से बांग्लादेश को अपनी बिजली आपूर्ति घटाकर आधा कर दी थी। इससे पहले अदाणी कंपनी ने बांग्लादेश के ऊर्जा सचिव को एक पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि बांग्लादेश बिजली विकास बोर्ड (पीडीबी) से 30 अक्टूबर तक बकाया राशि का भुगतान करने को कहा जाए। अदाणी समूह की कंपनी ने 27 अक्टूबर को लिखे पत्र में कहा था कि यदि बकाया बिलों का भुगतान नहीं होता है तो वह 31 अक्टूबर को बिजली आपूर्ति निलंबित करके बिजली खरीद समझौते (पीपीए) के तहत उपतचारात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होगी।

    अब रतलाम में भी उतरेंगे जेट, सीएम मोहन यादव ने दी करोड़ों की सौगात, जानें किसे क्या मिला?

    मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव आज रतलाम में आयोजित एमपी रीजनल इंडस्ट्री स्किल एंड एम्पलॉयमेंट कॉन्क्लेव 2025 में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य को सभी सेक्टरों में करीब 30432 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
    रतलाम: ‘राज्य सरकार प्रदेश और देश के अलग-अलग शहरों में निवेशकों के लिए रोड शो और अन्य कार्यक्रम आयोजित कर रही है। सरकार व्यापार-व्यवसाय के लिए अपनी नीतियों के बल पर ठोस काम कर रही है। रतलाम अपने सेव, नमकीन, सोना और साड़ियों के लिए तो प्रसिद्ध था ही, अब यह स्किल, स्केल और स्टार्टअप के लिए भी पहचान बनाएगा। प्राचीन समय में रतलाम का गौरवशाली इतिहास रहा है। यहां के महालक्ष्मी मंदिर में दिवाली पर हर व्यापारी लाखों की संपत्ति रखते हैं। आज यहां भी निवेश की बारिश हो गई। रतलाम की कनेक्टिविटी अन्य राज्यों के साथ बेहतर है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस के माध्यम से यहां से 6 घंटे में दिल्ली और 6 घंटे में मुंबई पहुंच सकते हैं।’ यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 27 जून को कही। वे रतलाम में आयोजित एमपी रीजनल इंडस्ट्री स्किल एंड एम्पलॉयमेंट (RISE) कॉन्क्लेव-2025 को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस आयोजन में उद्योग, एमएसएमई और अन्य सेक्टरों में करीब 30402 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। इसमें 35 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में रतलाम में बड़ी हवाई पट्टी बनाई जाएगी। यहां भी जेट विमान लैंड करेंगे।

    गौरतलब है कि, कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इसके बाद संभावनाओं से संलचना तक एमपी राइज फिल्म भी प्रदर्शित की गई। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन भी किए। उन्होंने वीसी के माध्यम से स्वरोजगार लाभार्थियों के साथ संवाद भी किया। उन्होंने हितग्राहियों को ऋण और अनुदान राशि का वितरण भी किया। सीएम डॉ. यादव ने हितग्राहियों को डीबीटी के जरिये सब्सिडी और प्रोत्साहन राशि भी ट्रांसफर की। लोगों को आशय पत्र और रोजगार ऑफर लेटर भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में वॉलमार्ट के साथ एमओयू भी साइन हुआ। कार्यक्रम में सीएम डॉ. यादव ने कहा कि आगामी वर्षों में व्यापारियों को माल परिवहन के लिए एयर कार्गों सेवा प्रदान करेंगे। सामान को हवाई मार्ग से बाहर भेजेंगे। महाराष्ट्र सरकार से पोर्ट पर मध्यप्रदेश के व्यापारियों के लिए सुविधाएं शुरू करने के लिए चर्चा की है। सरकार के लिए छोटे से छोटा निवेशक अहम है। दुनिया हमारी अर्थव्यवस्था को देखकर दंग है। व्यापारियों के कारखानों से कई लोगों के घरों का चूल्हा जलता है। वे भगवान के मंदिर की तरह है।

    मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएं
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में रतलाम में बड़ी हवाई पट्टी बनाई जाएगी। यहां भी जेट विमान लैंड करेंगे। पर्यटन विभाग के अंतर्गत कालका माता प्रोजेक्ट को शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रतलाम में 5 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर का हॉकी एस्ट्रो टर्फ बनाया जाएगा। नवकरणीय ऊर्जा में निवेश के लिए लागत का 20 फीसदी अनुदान दिया जाएगा। इस अनुदान में भवन-यंत्र-संयंत्र भी शामिल हैं। इसी प्रकार रतलाम जिले की ग्राम पंचायत पिपलोद, पलसोढ़ी, रामपुरिया, सरवनी खुर्द , जामखुर्द, जुलवानिया के विकास के लिए 50-50 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। निवेश स्मार्ट नेशनल पार्क की स्थापना की जाएगी। इसमें औद्योगिक इकाई के लिए 220 केवी विद्युत लाइन की व्यवस्थाय भी की जाएगी।

    इन्हें मिला अनुदान और प्रोत्साहन
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से 140 औद्योगिक इकाईयों को 425 करोड़, 880 औद्योगिक इकाईयोंको 269 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी। इस प्रकार कुल 1020 औद्योगिक इकाईयों को 694 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। उन्होंने एमएसएमई और औद्योगिक नीति-निवेश प्रोत्साहन विभाग (एमपीआईडीसी) के अंतर्गत 1674 करोड़ निवेश की और 3787 रोजगार देने वाली 47 इकाईयों का भूमि पूजन-लोकार्पण किया। उन्होंने एमएसएमई विभाग अंतर्गत 329 हेक्टेयर के 242 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले 16 नए औद्योगिक क्षेत्रों, एमएसएमई विभाग अंतर्गत 73.43 हेक्टेयर के 104 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले 10 राज्य क्लस्टर, अलीराजपुर सीएफसी, एमएसएमई विभाग अंतर्गत जिला निवाड़ी, आगरमालवा और रायसेन के नए डीटीआईसी कार्यालयों, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग अंतर्गत मंदसौर में 80.26 हेक्टेयर के 61.26 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले नए औद्योगिक क्षेत्र सेमरी कांकड़, लोक निर्माण विभाग द्वारा जिला रतलाम में 222 करोड़ रुपये की लागत वाले 8 विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमि पूजन किया।

    इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशभर के 4 लाख से अधिक हितग्राहियों को सिंगल क्लिक के माध्यम से 3861 करोड़ ऋण की राशि ट्रांसफर की। उन्होंने हितग्राहियों को आशयपत्र-रोजगारऑफर लेटर दिए। कौशल विकास विभाग के तहत 263 युवाओं को रोजगार ऑफर लेटर दिए गए। एमएसएमई विभाग द्वारा 538 औद्योगिक इकाईयों को लगभग 54 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई। इससे 250 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश और 10,000 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। डीआईपीआईपी विभाग द्वारा 35 औद्योगिक इकाईयों को लगभग 186 हेक्टेयर भूमि आवंटन के आशय पत्र वितरित किए गए। इससे 6 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश और 17 हजार 600 से अधिक रोजगार सृजित होना संभावित है।

    उद्योग के साथ कौशल विकास जरूरी- मंत्री चैतन्य कश्यप
    कार्यक्रम में एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप ने कहा कि आज रतलाम के लिए ऐतिहासिक दिन है। इस कॉन्क्लेव का नाम एमपी राइज 2025 रखा गया है। मालवा क्षेत्र के प्रमुख उद्योगपति भी समागम में शामिल हुए हैं। उद्योग के साथ कौशल विकास भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेशभर में उद्योग एवं कौशल विकास के लिए सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। रीजनल कॉन्क्लेव के माध्यम से पर्यटन की अपार संभावनाओं को गति मिली है। मध्य प्रदेश कृषि क्षेत्र में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि देश की जीडीपी में प्रदेश का हिस्सा लगभग 30 प्रतिशत है। आज 828 उद्यमियों को मई 2025 तक की 400 करोड़ रुपये की सब्सिडी ट्रांसफर की जाएगी।

    पिछले वर्ष तक 2100 करोड़ रुपए की सब्सिडी बांटी जा चुकी है। राज्य सरकार के सहयोग से प्रदेश के 4 लाख 85 हजार युवाओं को बैंक ऋण स्वीकृत हुए हैं। 27 हजार युवाओं को प्रदेश की कंपनियों ने नौकरी के ऑफर दिए हैं। देश के विकास में मध्यप्रदेश बड़ा भागीदार है। खजुराहो सांसद वीडी शर्मा ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की शुरुआत की है। मध्यप्रदेश विकास के पथ पर तेज गति से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में उद्योग, निवेश एवं रोजगार का वातावरण बना है।

    जील ग्रुप रतलाम में लगाएगा यूनिट
    न्यू जील फैशन वियर के संस्थापक दीनबंधु त्रिवेदी ने कहा कि इस मंच पर गर्व महसूस कर रहा हूं। जील ग्रुप ने 20 हजार युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया है। इनमें से 10 हजार को जील ग्रुप की कंपनियों में नौकरी मिल चुकी है। बाकी प्रशिक्षित युवा स्वरोजगार या अन्य कंपनियों के साथ जुड़े हुए हैं। मध्यप्रदेश और राजस्थान की यूनिट में महिलाओं को रोजगार मिला है। हमने रतलाम में टैक्सटाइल यूनिट स्थापित करने के लिए प्रयास किया था, लेकिन आज सरकार को भरोसा दिलाता हूं एक यूनिट रतलाम में भी लगाएंगे। इप्का लैबोटेरीज के एमडी अजीत जैन ने कहा कि महाराष्ट्र के बाद इप्का ने 1983 में रतलाम में पहली यूनिट स्थापित की। मध्यप्रदेश में 2500 करोड़ का निवेश है। आगे 1000 करोड़ का निवेश होने वाला है।

    सीएम डॉ. मोहन यादव ने इन निवेशकों से की चर्चा
    राइज एमपी-2025 कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शक्ति पंप्स के एमडी दिनेश पाटीदार, जैक्सन ग्रुप (सोलर) के संस्थापक संदीप गुप्ता, ओरियाना पावर के डायरेक्टर ओमकार पांडे, एसआरएफ के सीईओ प्रशांत मेहरा और बीबा फैशन के एमडी सिद्धार्थ बिंद्रा सहित 15 निवेशकों से चर्चा की।