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    मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 9 IAS अफसरों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट

    मध्य प्रदेश में 9 भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से हटाए गए अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।मध्य प्रदेश सरकार ने रविवार को एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 9 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों का तबादला कर दिया। इस फेरबदल में कई महत्वपूर्ण विभागों के अपर मुख्य सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

    मुख्यमंत्री कार्यालय में बदलाव
    मुख्यमंत्री कार्यालय से अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा को हटा दिया गया है। उनकी जगह अब नीरज मंडलोई मुख्यमंत्री कार्यालय के नए अपर मुख्य सचिव होंगे।

    डॉ. राजेश राजौरा को नई जिम्मेदारियां
    डॉ. राजेश राजौरा को हालांकि मुख्यमंत्री कार्यालय से हटा दिया गया है, लेकिन उन्हें कई महत्वपूर्ण विभागों की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह नर्मदा घाटी विकास विभाग के अपर उपाध्यक्ष, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण और प्रबंध संचालक, नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट कंपनी लिमिटेड की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके साथ ही, उनके पास अपर मुख्य सचिव, जल संसाधन विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी रहेगी।

    अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तिया
    संजय दुबे को नगरीय विकास एवं आवास विभाग का अपर मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है।
    राखी सहाय को मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) का सचिव बनाया गया है।
    संजय कुमार शुक्ल अब सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) होंगे।
    डीपी आहूजा को सहकारिता विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है।
    एम. सेलवेन्द्रन कार्मिक, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव होंगे।
    निशांत वरवड़े को कृषि विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है।
    प्रबल सिपाहा उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त का पदभार संभालेंगे।
    मणिपुर में 11 पुलिस अधिकारियों का तबादला
    बीते दिनों मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने पुलिस के 11 वरिष्ठ अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से तबादला करने का आदेश दिया था। जिनका तबादला किया गया, उनमें भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के पांच अधिकारी और मणिपुर पुलिस सेवा (MPS) के छह अधिकारी शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक (SP), सीआईडी ​​(सुरक्षा) विक्टोरिया येंगखोम को ट्रांसफर कर मणिपुर पुलिस प्रशिक्षण कॉलेज (MPTC) के अतिरिक्त निदेशक (AD) के रूप में तैनात किया गया है, जबकि चंदेल की पुलिस अधीक्षक बबीता रानी स्वैन को विशेष एआईजी (अतिरिक्त महानिरीक्षक), विधि के पद पर तैनात किया गया है। अब तक विशेष एआईजी विधि का कार्यभार संभाल रहे नेपराम नेत्रजीत सिंह एसपी (केंद्रीय पुलिस नियंत्रण कक्ष) का प्रभार भी संभाल रहे थे, अब वह इस पद पर बने रहेंगे। जिरीबाम के एसपी शेख मोहम्मद ज़ैब जाकिर का इसी पद पर सेनापति जिले में तबादला किया गया है। सेनापति के एसपी पद पर कार्यरत धर्मेंद्र कुमार अब चंदेल जिले के एसपी होंगे।

    आतंकवादियों को भारत को प्रत्यर्पित करने के लिए तैयार पाकिस्तान, बिलावल भुट्टो ने दिया बड़ा बयान

    पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ आतंकी साजिश रचने वालों को प्रत्यर्पण के तहत सौंपने को तैयार होने की बात की है। पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने यह बयान दिया है।इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने एक बड़ा बयान दिया है। जरदारी ने कहा है कि यदि भारत गंभीरता से प्रक्रिया में सहयोग करने को तैयार हो, तो पाकिस्तान को जांच के दायरे में आए व्यक्तियों को भारत को प्रत्यर्पित करने में कोई आपत्ति नहीं होगी। यह बयान उन्होंने शुक्रवार को अल जजीरा को दिए एक साक्षात्कार में दिया।
    डॉन’ अखबार के अनुसार, जब उनसे लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद और जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर जैसे आतंकवादियों को भारत को सौंपने की संभावना पर सवाल पूछा गया, तो बिलावल ने कहा कि यदि यह प्रक्रिया भारत-पाकिस्तान के बीच व्यापक वार्ता का हिस्सा बनती है, तो पाकिस्तान इससे पीछे नहीं हटेगा।

    आतंकवाद पर भारत के साथ बातचीत को तैयार पाकिस्तान
    बिलावल भुट्टो ने कहा, “आतंकवाद एक ऐसा मुद्दा है जिस पर भारत और पाकिस्तान को साथ बैठकर बात करनी चाहिए। अगर भारत इस प्रक्रिया में सहयोग करता है, तो पाकिस्तान को किसी भी ‘जांच के दायरे में आए व्यक्ति’ को सौंपने में आपत्ति नहीं होगी।” बिलावल ने यह भी स्पष्ट किया कि सईद और अजहर के खिलाफ जो मामले पाकिस्तान में दर्ज हैं, वे आतंकी वित्तपोषण से जुड़े हैं, जिन पर मुकदमे भी चल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने उन बुनियादी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा नहीं किया है, जिनके बिना इन आतंकियों को सीमा पार गतिविधियों के लिए दोषी ठहराना मुश्किल है।

    बिलावल ने कहा-हाफिस सईद को पहले ही दे चुके सजा
    उन्होंने कहा, “भारत ने अब तक सबूत, गवाह और कानूनी समर्थन उपलब्ध नहीं कराया है। जब तक भारत यह नहीं करता, तब तक मुकदमे और दोषसिद्धि कठिन बने रहेंगे।” बिलावल ने यह भी कहा कि पाकिस्तान हाफिज सईद को पहले ही सजा दे चुका है और वह इस समय जेल में है। वहीं, पाकिस्तान का मानना है कि मसूद अजहर फिलहाल अफगानिस्तान में छिपा हुआ है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि भारत की ओर से आतंकवादियों को पकड़ने की एकतरफा कार्रवाई एक “नई असामान्यता” बन गई है, जो न तो भारत के हित में है और न ही पाकिस्तान के।

    बिलावल का यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण हैं और 26/11 मुंबई हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं को लेकर भारत लगातार पाकिस्तान से सख्त कार्रवाई और प्रत्यर्पण की मांग करता रहा है।

    इस बड़े सरकारी बैंक ने बचत खाते पर मिनिमम बैलेंस चार्ज खत्म किया, होम लोन पर घटाया ब्याज

    बैंक ऑफ बड़ौदा में होम लोन पर 7.45% की ब्याज दर और प्रोसेसिंग फीस में छूट ग्राहकों की पात्रता, क्रेडिट स्कोर, लोन राशि व अवधि पर निर्भर करती है।Bank of Baroda ने बड़ा ऐलान किया है। बैंक ने बचत खाते में न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने पर वसूला जाना वाला मिनिमम बैलेंस चार्ज को खत्म कर दिया है। बैंक ने 1 जुलाई, 2025 से इस नियम को लागू किया है। हालांकि, बैंक अपने प्रीमियम बचत बैंक खातों पर शुल्क लगाना जारी रखेगा। इन प्रीमियम खातों में BOB मास्टर स्ट्रोक SB खाता, BOB सुपर बचत खाता, BOB शुभ बचत आदि शामिल हैं।

    इन खातों पर अभी भी देना होगा चार्ज
    आपको बता दें कि बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा 19 प्रीमियम बचत बैंक खाते पेश किए जाते हैं और इनमें से किसी भी खाते में न्यूनतम शेष राशि बनाए न रखने पर न्यूनतम शुल्क लगेगा। उदाहरण के लिए, बॉब सफायर महिला बचत खाते के मामले में मिनिमम बैलेंस राशि ₹1 लाख है, जिसके न होने पर मेट्रो शहर में ₹50 (जीएसटी को छोड़कर) का चार्ज लिया जाएगा। बॉब मास्टर स्ट्रोक एसबी खाते के मामले में न्यूनतम बैलेंस राशि ₹5 लाख होगी, ऐसा न करने पर न्यूनतम ₹200 का शुल्क लगाया जाएगा। बॉब सुपर सेविंग्स खाते की न्यूनतम शेष राशि ₹20,000 है और न्यूनतम शेष राशि ₹50 है।

    होम लोन सस्ता किया
    बैंक ऑफ बड़ौदा ने होम लोन ब्याज दर को 8% से घटाकर 7.50% कर दिया है। यह फैसला आरबीआई द्वारा जून में हुई दर कटौती के बाद लिया गया है। यह नई दर तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है और केवल नए ग्राहकों पर लागू होगी। बैंक ने डिजिटल और शाखा-आधारित आवेदन विकल्प भी उपलब्ध कराए हैं। ग्राहक बैंक की वेबसाइट या निकटतम शाखा के माध्यम से होम लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। बैंक ने आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाकर इसे और सरल कर दिया है। बैंक ऑफ बड़ौदा भारत के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक है, जो 17 देशों में 165 मिलियन से अधिक ग्राहकों को सेवा देता है।

    ऋषिकेश से नीलकंठ की यात्रा होगी सुविधाजनक, उत्तराखंड सरकार बनाएगी रोपवे

    नीलकंठ महादेव का दर्शन करना आने वाले समय में आसान होने वाला है। उत्तराखंड सरकार ऋषिकेश से नीलकंठ तक रोपवे का निर्माण कराएगी।उत्तराखंड सरकार धार्मिक यात्रियों और पर्यटकों को सहूलित मुहैया कराने के लिए लगातार काम करी है। इसी दिशा में ऋषिकेश से नीलकंठ की यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए रोपवे का निर्माण होगा।मीडिया रिपोर्ट्स ​के मुताबिक, ऋषिकेश से नीलकंठ रोपवे के लिए फॉर्मलिटीज अभी पूरी की जा रही हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इस रोपवे प्रोजेक्ट को लेकर सारी औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी। इसके बाद इस पर काम शुरू होगा। इस रोपवे के बनने से ऋषिकेश से नीलकंठ महादेव मंदिर तक की और भी सुविधाजनक हो जाएगी। मौजूदा समय में नीलकंठ मंदिर तक पहुंचने के लिए लोगों को कठिन पहाड़ी रास्तों और ट्रैफिक से गुजरना पड़ता है, लेकिन रोपवे शुरू होने के बाद यह सफर कुछ ही मिनटों में पूरा किया जा सकेगा।
    इन रोपवे प्रोजेक्ट का काम पूरा हुआ
    पिछले चार सालों में उत्तराखंड सरकार ने पर्वतीय क्षेत्रों में रोपवे इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए तेजी से कदम उठाए हैं। पर्वतमाला परियोजना के तहत 39 रोपवे परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है, जिसमें मानसखंड कॉरिडोर में नैनीताल (2), अल्मोड़ा (7), जागेश्वर (2), पिथौरागढ़ (3) और चंपावत (2) में रोपवे परियोजनाओं की योजना बनाई जा रही है। पर्वतमाला योजना के तहत अन्य प्रस्तावित रोपवे मार्गों में शामिल हैं: केदारनाथ और हेमकुंड साहिब, ऋषिकेश से नीलकंठ, औली से गोरसोन, रानीबाग से हनुमान मंदिर, पंचकोटी से बौरारी, बलाती बैंड से खलिया टॉप, रायथल-बार्सू से बरनाला, उत्तरकाशी शहर से वरुणावत पहाड़ी, कनकचौरी से कार्तिक स्वामी मंदिर तक। इन रोपवे के बनने से तीर्थ यात्रियों को पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी।

    देहरादून से मसूरी रोपवे पर जल्द काम शुरू होगा
    देहरादून से मसूरी रोपवे परियोजना का निर्माण भी जल्द ही शुरू होने वाला है। राज्य सरकार सड़कों के साथ-साथ हम रेल, रोपवे और हवाई संपर्क पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इससे न केवल दूरदराज के क्षेत्रों में लोगों के लिए यात्रा में सुधार होगा बल्कि उन पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। आपको बता दें कि ऋषिकेश में स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर भगवान शिव का प्रतिष्ठ मंदिरों में से एक है। हर साल लाखों भक्त इस शिव मंदिर के दर्शन करने आते हैं। इस मंदिर की नक्काशी देखते ही बनती है। अभी मंदिर तक पहुंचने के लिए कई तरह के पहाड़ और नदियों से होकर गुजरना पड़ता है।

    न बिनोद-न बनराकस और न ही प्रह्लाद चा, ‘पंचायत 4’ का ये किरदार पत्नी-बच्चे छोड़ आया था मुंबई, ऐसे मिली पहचान

    पंचायत सीजन 4 में माधव का किरदार निभाकर दर्शकों के बीच मशहूर हुए बुल्लू कुमार की जर्नी संघर्ष भरी रही है। वह प्राइम वीडियो की इस सीरीज में बिनोद और भूषण कुमार के साथ नजर आए।पंचायत 4′ 18 मई को अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज किया गया और इसने फिर से अपनी बेहतरीन और धांसू कहानी से दर्शकों का दिल जीत लिया। इस सीरीज की खास बात यह है कि इसकी कास्ट की प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ काफी संघर्ष भरी रही है। इसके लीड किरदारों के अलावा, सहायक कलाकारों ने भी अपने अभिनय से सीरीज की कहानी और किरदार में जान फूंक दी। हालांकि, हम पंचायत सीजन 4 के जिस एक्टर की बात कर रहे हैं। उन्होंने एक्टर बनाने के लिए अपना परिवार छोड़ दिया और मुंबई आ गए। कुछ लोगों के दिमाग में अभी तक सिर्फ बिनोद, बनराकस और प्रह्लाद चा का नाम आया होगा। लेकिन, हम बात कर रहे हैं माधव उर्फ ​​बुल्लू कुमार की।

    आर्थिक तंगी ने बना दिया एक्टर
    TVF के सबसे लोकप्रिय कॉमेडी-ड्रामा ‘पंचायत सीजन 4’ में माधव का किरदार निभाने वाले ​​बुल्लू कुमार आज दर्शकों के दिलों में खास जगह बना चुके हैं। सीरीज में अपने दमदार डायलॉग और फनी अंदाज से सभी को हंसाने वाले माधव रियल लाइफ में पैसों की तंगी के कारण दुर्दशा हो गई थी। उनके पास अपने बच्चों को पढ़ाने के पैसे तक नहीं थे। हालांकि, इस सीरीज की शानदार सफलता के बाद लोग उन्हें पहचानने लगे हैं। पंचायत 4 के माधव ने अपनी पत्नी और 3 बच्चों को संभालते हुए ओटीटी की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। ये एक मात्र ऐसी सीरीज है, जिसमें किसी लीड किरदार की नहीं बल्कि पूरे फुलेरा गांव की कहानी को दिखाया गया है। इस वजह से पंचायत की पूरी कास्ट लोगों के बीच चर्चा में है।परिवार को छोड़ सपना किया पूरा
    डिजिटल कमेंट्री से बातचीत में बुल्लू ने बताया कि शुरुआत में पिता और रिश्तेदार बहुत ताने देते थे कि नचनिया बनने गया है। दोस्तों ने कहा परिवार छोड़ नौटंकी करेंगा। लेकिन, पंचायत के बाद मेरी किस्मत बदल गई। पर मैं अपने परिवार को मुंबई नहीं ला पाया क्योंकि इतना खर्च नहीं उठा पा रहा हूं। मेरी लाइफ में बहुत मेलोड्रामा चलता रहा है। लेकिन, हार नहीं मानी। एक वक्त था जब मेरे पास बच्चों की स्कूल के फीस भरने के भी पैसे नहीं थे। अब मैंने अपने बच्चों को कह दिया है कि खुद कमाना… मेरे पैसों पर ऐश करने की मत सोचना। उन्होंने आगे कहा कि भाई, पिता, मां की मौत बीमारी से जूझते हुए हुई है और उसका गम मुझे आज तक है।

    बारिश का तांडव! रसोई गैस सिलेंडर से भरा ट्रक देखते ही देखते बह गया, पूरा मंजर कैमरे में कैद

    एलजीपी गैस सिलेंडर से भरा हुआ ट्रक बरेला इलाके से कुंडम तहसील के लिए रवाना हुआ था लेकिन तलियां गांव के पास परियट नदी के पुल पर पहुंचते ही जलस्तर बढ़ने लगा।जबलपुर: मध्य प्रदेश के कई जिलों में मूसलाधार बारिश हो रही है। वहीं जबलपुर और और आसपास के जिलों में लगातार हो रही बारिश से अब जनजीवन प्रभावित होने लगा है। नदी नाले उफान पर आ गए हैं और हर तरफ पानी का सैलाब ही नजर आ रहा है। इस बीच परियट नदी के पुल पर एलजीपी से भरा सिलेंडर और भूसे से भरी एक ट्रॉली नदी में समा गई।

    परियट नदी ने दिखाया रौद्र रूप
    जबलपुर के बरेला थाना इलाके के कुंडम मार्ग पर तो परियट नदी का रौद्र रूप दिखाई दे रहा है। यहां परियट नदी का पानी पुल के ऊपर तक बह रहा है। इसी दौरान सिलेंडर से भरा एक ट्रक और भूसे भरी एक ट्रॉली पुल पर से गुजर रही थी। धीरे-धीरे नदी का पान बढ़ने लगा जिसके चलते पहले भूसे से भरी ट्रॉली नदी में समा गई और फिर देखते ही देखते एलपीजी सिलेंडरों से भरा ट्रक भी सैलाब में समा गया। पानी की रफ्तार इतनी तेज थी कि गैस से भरा सिलेंडर भी तिनके की तरह बहने लगा।

    धीरे-धीरे बढ़ने लगा नदी का जलस्तर
    दरअसल, एलजीपी गैस सिलेंडर से भरा हुआ ट्रक बरेला इलाके से कुंडम तहसील के लिए रवाना हुआ था लेकिन तलियां गांव के पास परियट नदी के पुल पर पहुंचते ही पानी इस कदर बढ़ने लगा कि ट्रक में बैठे ड्राइवर और सहायक दहशत में आ गए और उन्होंने गाड़ी को वहीं छोड़ा और अपनी जान बचाकर भाग निकले। कुछ ही पलों में पानी का सैलाब आया और पल भर में ही गैस सिलेंडरों से भरे ट्रक को बहा ले गया।
    दो दिनों से हो रही है बारिश
    बता दें कि जबलपुर से लगे आसपास के जिलों में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है और वहां का पानी परियट नदी में समा रहा है। जिससे तलियां गांव में इस तरह के हालात बने हैं। परियट नदी के पुल से ट्रक के बहने की खबर मिलने के बाद पुलिस की टीम और बचाव के दल मौके पर पहुंच गई हैं।

    दोनों ट्रकों के ड्राइवर तैरकर बाहर निकले
    अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सूर्यकांत शर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि परियट नदी बरेला कुंडम मार्ग पर तलियां गांव के पास पुलिया पार करते समय भूसे से भरा ट्रक और एक गैस सिलेंडर से भरा ट्रक नदी के सैलाब में समा गया। सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल को मौके पर भेजा गया। दोनों ही ट्रकों के ड्राइवर अपने वाहन को छोड़कर सुरक्षित निकल गए। किसी तरह के जनहानि की कोई सूचना नहीं है। पुलिस फोर्स को मौके पर तैनात किया गया है।

    एक्टर सैफ अली खान को हाई कोर्ट से बड़ा झटका, पुश्तैनी संपत्ति विवाद पर 25 साल पुराना फैसला रद्द, जानिए मामला

    एक्टर सैफ अली खान को जबलपुर हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। ये पूरा मामला भोपाल में स्थित पुश्तैनी संपत्ति को लेकर है। बाकी वारिसों ने संपत्ति बंटवारे की मांग की है।भोपाल नवाब हमीदुल्ला खान की पुश्तैनी संपत्ति को लेकर चल रहे लंबे समय से विवाद में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। जबलपुर हाई कोर्ट ने भोपाल ट्रायल कोर्ट के 25 साल पुराने फैसले को रद्द करते हुए मामले की दोबारा सुनवाई का आदेश दिया है।

    सैफ अली खान की परदादी से जुड़ी ये संपत्ति
    इस आदेश से अभिनेता सैफ अली खान को कानूनी झटका लगा है। क्योंकि यह संपत्ति उनकी परदादी साजिदा सुल्तान से जुड़ी है, जिन्हें पहले ही पूरी पैतृक संपत्ति दे दी गई थी।

    संपत्ति विवाद पर नया फैसला सुनाए ट्रायल कोर्ट
    हाई कोर्ट ने साफ निर्देश दिया है कि ट्रायल कोर्ट एक साल के भीतर इस संपत्ति विवाद की सुनवाई पूरी कर नया फैसला सुनाए। यह मामला नवाब हमीदुल्ला खान के अन्य वारिसों की उस अपील से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत संपत्ति का न्यायसंगत बंटवारा मांगा है।

    संपत्ति के अन्य वारिसों ने कोर्ट में दी चुनौती
    उल्लेखनीय है कि नवाब की बड़ी बेगम की बेटी साजिदा सुल्तान को ट्रायल कोर्ट ने संपूर्ण पैतृक संपत्ति दे दी थी, जिसे अब अन्य वारिसों ने चुनौती दी है।

    नए फैसले से तय होगा किसे और कितनी संपत्ति मिलेगी?
    हाई कोर्ट के वकील हर्षित बारी ने कहा कि अब इस विवाद की दोबारा सुनवाई होगी और नया फैसला तय करेगा कि नवाब की अरबों की संपत्ति का हक वास्तव में किसे और कितना मिलना चाहिए।

    असली हीरा तो बाहर ही बैठा रहा, कप्तान शुभमन गिल ने पहले ही मैच में कर दी थी भारी भूल

    बर्मिंघम में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में भारतीय टीम ने इस वक्त अपनी पकड़ बना ली है। इसका काफी ज्यादा श्रेय आकाश दीप को दिया जाना चाहिए, जिन्होंने दो बॉल पर दो विकेट लेकर गदर मचा दिया।शुभमन गिल अभी हाल ही में टेस्ट के कप्तान बने हैं। शुरुआत में जब कप्तानी मिलती है तो अक्सर गलतियां हो जाती हैं। ऐसा ही कुछ गिल के भी साथ हुआ। जब वे पहले मैच में इंग्लैंड के खिलाफ कप्तानी करने उतरे तो उन्होंने असली हीरे को टीम से बाहर ही बिठा दिया। लेकिन दूसरे मैच में जब गिल ने उसे मौका दिया तो आते ही उस खिलाड़ी ने गजब का जलवा दिखाया। हम बात कर रहे हैं आकाशदीप की। जिन्होंने दूसरे टेस्ट में दो बॉल पर दो विकेट लेकर अचानक सनसनीआकाशदीप ने दो बॉल पर लिए दो विकेट
    भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जा रही है। सीरीज का पहला मुकाबला भारतीय टीम हार चुकी है और अब दूसरा मैच जारी है। ​बर्मिंघम में खेले जा रहे, दूसरे मैच में भारतीय टीम ने पहली पारी में एक बड़ा स्कोर बनाया है, इससे टीम ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूत बना ली है। लेकिन असली खेल तो तब हुआ, जब आकाश दीप ने अपने दूसरे ही ओवर में दो बॉल पर बैक टू बैक दो विकेट ले डाले।

    बेन डकेट और ओपी पोप दो बॉल पर हो गए आउट
    आकाशदीप ने अपने पहले ओवर में जरूर रन दे दिए, लेकिन दूसरे ओवर की चौथी बॉल पर उन्होंने बेन डकेट को आउट कर पवेलियन भेज दिया। वे अभी पांच बॉल का सामना कर अपना खाता भी नहीं खोल पाए थे और आकाशदीप का शिकार बन गए। इसके बाद तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए ओली पोप। उम्मीद की जा रही थी कि ओली पोप एक बड़ी पारी खेलेंगे, लेकिन आकाशदीप ने पहली ही बॉल पर उन्हें चलता कर दिया। वे भी अपना खाता नहीं खोल पाए।

    जो रूट और हैरी ब्रूक ने पारी को संभाला
    भारतीय टीम की ओर से पहली पारी में बनाए गए 587 रनों के जवाब में इंग्लैंड की टीम केवल 13 रन पर दो विकेट गवां चुकी थी। इससे टीम पर संकट के बादल मंडराने शुरू हो गए थे। इसके बाद मोहम्मद सिराज ने जैक क्रॉली के आउट कर दिया और टीम का स्कोर 25 रन पर तीन विकेट हो गया। हालांकि इसके बाद जो रूट और हैरी ब्रूक ने पारी को संभाला और अपनी टीम का स्कोर आगे लेकर गए।

    अब अगले टेस्ट से बाहर नहीं होंगे आकाशदीप
    बात आकाशदीप की करें तो सीरीज के पहले मैच में कप्तान शुभमन गिल ने जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिरा और प्रसिद्ध को खिलाया और आकाशदीप को भाव नहीं दिया। लेकिन जैसे ही बुमराह को आराम मिला और आकाशदीप की एंट्री हुई, उन्होंने अपना जलवा दिखा दिया। अ​ब बचे हुए मैच में चाहे कुछ भी हो। अगले मैच में अगर बुमराह की वापसी होती है तो भी ऐसा नहीं लगता कि आकाशदीप प्लेइंग इलेवन से बाहर होंगे। इस बात की पूरी संभावना है कि वे खेलते हुए नजर आएंगे। कुल मिलाकर जो गलती शुभमन गिल से पहले मैच में हुई थी, वो अब उन्होंने सुधार ली है।

    श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद के मामले पर हिंदू पक्ष को बड़ा झटका, हाई कोर्ट ने खारिज की अर्जी

    एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह द्वारा शाही मस्जिद को विवादित ढांचा घोषित करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था। कोर्ट द्वारा हिंदू पक्ष की अर्जी खारिज होने के बाद मुस्लिम पक्ष को बड़ी राहत मिली है।मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद के मामले पर हिंदू पक्ष की अर्जी को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हिंदू पक्ष द्वारा मस्जिद को विवादित ढांचा घोषित करने वाली मांग पर अपना फैसला सुनाया है। मस्जिद को विवादित ढांचा घोषित करने की मांग वाली एप्लीकेशन A-44 को कोर्ट ने नामंजूर कर दिया है।
    कोर्ट में वकील ने क्या किया अनुरोध?
    सूट नंबर 13 में वादी वकील महेंद्र प्रताप सिंह द्वारा शाही मस्जिद को विवादित ढांचा घोषित करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था। सूट नंबर 13 के वादी द्वारा आवेदन A-44 प्रस्तुत किया गया था, जिसमें संबंधित स्टेनोग्राफर को इस मूल मुकदमे की संपूर्ण आगे की कार्यवाही में शाही ईदगाह मस्जिद के स्थान पर ‘विवादित ढांचा’ शब्द का उपयोग करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।

    मुस्लिम पक्ष को मिली बड़ी राहत
    हालांकि, मुस्लिम पक्ष द्वारा इस आवेदन पर लिखित आपत्ति दायर की गई थी। कोर्ट द्वारा हिंदू पक्ष की अर्जी खारिज होने के बाद मुस्लिम पक्ष को बड़ी राहत मिली है। हिंदू पक्ष की 18 याचिकाओं पर सुनवाई जारी है। जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा की सिंगल बेंच मामले की सुनवाई कर रही है।

    अब सुप्रीम कोर्ट जाएगा हिंदू पक्ष
    वकील महेंद्र प्रताप सिंह जो श्री कृष्ण जन्मभूमि के पक्षकार हैं। उन्होंने कहा कि शाही मस्जिद को विवादित ढांचा घोषित करने वाली याचिका को हाई कोर्ट ने निरस्त कर दिया है। अब वह कोर्ट के डिटेल्ड ऑर्डर पढ़ेंगे और सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे।

    जानिए क्या है पूरा विवाद?
    बता दें कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद जमीन के मालिकाना हक को लेकर है। इस जमीन का 11 एकड़ हिस्सा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के पास है, जबकि 2.37 एकड़ पर शाही ईदगाह मस्जिद बनी है।

    हिंदू और मुस्लिम पक्ष का क्या है दावा?
    हिंदू पक्ष का दावा है कि मस्जिद का निर्माण मुगल सम्राट औरंगजेब ने 1669-70 में प्राचीन केशवदेव मंदिर को तोड़कर करवाया था। उनका कहना है कि यह स्थान भगवान श्रीकृष्ण का जन्मस्थान है और पूरी जमीन मंदिर की है। वहीं, मुस्लिम पक्ष इस दावे को खारिज करता है और कहता है कि मस्जिद का निर्माण वैध है।

    भारत ने सिर्फ पाकिस्तान को नहीं, तीन देशों को हराया’, उप सेना प्रमुख राहुल आर सिंह का बड़ा बयान

    भारत के उप सेना प्रमुख ने बड़ा खुलासा किया है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने न सिर्फ पाकिस्तान बल्कि चीन और तुर्की यानी कुल 3 देशों को हराया है।भारतीय सेना के डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (कैपेबिलिटी डेवलपमेंट एंड सस्टेनेंस) लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर सिंह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में फिक्की द्वारा आयोजित ‘न्यू एज मिलिट्री टेक्नोलॉजीज’ कार्यक्रम में भारत-पाकिस्तान सीमा तनाव और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सामने आई चुनौतियों पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में न केवल पाकिस्तान, बल्कि चीन और तुर्की ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे भारत को अपनी हवाई रक्षा प्रणाली को और मजबूत करने की जरूरत महसूस हुई है।

    चीन की क्या भूमिका थी?
    लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर सिंह ने खुलासा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को चीन से रियल-टाइम खुफिया जानकारी मिल रही थी। उन्होंने कहा, “जब भारत और पाकिस्तान के बीच डीजीएमओ (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस) स्तर की बातचीत चल रही थी, तब पाकिस्तान को हमारी महत्वपूर्ण सैन्य गतिविधियों की लाइव जानकारी मिल रही थी। यह जानकारी चीन से आ रही थी।” उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान के पास मौजूद 81% सैन्य उपकरण चीनी हैं, और इस ऑपरेशन ने चीन के लिए अपने हथियारों को परखने का एक ‘लाइव लैब’ जैसा अवसर प्रदान किया।

    तुर्की की क्या भूमिका थी?
    लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर सिंह ने बताया है कि तुर्की ने भी पाकिस्तान को ड्रोन और अन्य सहायता प्रदान की थी। लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने कहा- “तुर्की ने बायक्तर जैसे ड्रोन्स और प्रशिक्षित लोगों को युद्ध के दौरान उपलब्ध कराया।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत को अब तीन मोर्चों – पाकिस्तान, चीन और तुर्की से एक साथ निपटने की चुनौती का सामना करना पड़ा।

    पाकिस्तान ने क्यों मांगा सीजफायर?
    लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने इतनी सटीक और प्रभावी कार्रवाई की कि पाकिस्तान को मजबूरन सीजफायर की मांग करनी पड़ी। उन्होंने कहा- “हमारा एक और बड़ा हमला तैयार था। पाकिस्तान को एहसास हो गया कि अगर यह हमला हुआ, तो उनकी स्थिति बहुत खराब हो जाएगी। इसलिए उन्होंने सीजफायर की गुहार लगाई।” यह रणनीतिक कदम भारत की सैन्य ताकत और कूटनीतिक चतुराई को दर्शाता है।

    हवाई रक्षा की जरूरत
    लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने भारत की हवाई रक्षा प्रणाली की मजबूती की तारीफ की, लेकिन यह भी चेतावनी दी कि भविष्य में और सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा- “इस बार हमारे शहरों और आबादी वाले इलाकों पर हमला नहीं हुआ, लेकिन अगली बार हमें इसके लिए तैयार रहना होगा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को एक मजबूत और बहु-स्तरीय हवाई रक्षा प्रणाली विकसित करने की जरूरत है, ताकि पाकिस्तान, चीन और तुर्की जैसे देशों से आने वाले खतरों का मुकाबला किया जा सके।

    सीजफायर के फैसले पर क्या बोले उप सेना प्रमुख?
    लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर सिंह ने सीजफायर के फैसले के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा- “जब ​​हम किसी सैन्य लक्ष्य को हासिल कर लेते हैं, तो हमें इसे रोकने की कोशिश करनी चाहिए। युद्ध शुरू करना आसान है, लेकिन इसे नियंत्रित करना बहुत मुश्किल है। इसलिए मैं कहूँगा कि यह एक बहुत ही शानदार कदम था जो उचित समय पर युद्ध को रोकने के लिए उठाया गया।”