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    संसद में सियासी घमासान: चीन मुद्दे पर राहुल गांधी के बयान से लोकसभा में हंगामा

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    national desk: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लगातार दूसरे दिन भारत-चीन सीमा विवाद का मुद्दा उठाया। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय हालात का हवाला देते हुए इस विषय पर बोलने की अनुमति मांगी। सत्ता पक्ष ने इस पर आपत्ति जताई, जबकि स्पीकर ने उन्हें राष्ट्रपति के अभिभाषण तक सीमित रहने को कहा।

    नरवणे संस्मरण वाले लेख को सदन में किया प्रमाणित

    राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से जुड़े लेख की प्रति को प्रमाणित कर सदन में रखा। उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दे पर बोलना चाहते हैं और लेख में प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु हैं।

    स्पीकर की सख्ती के बाद विपक्ष का हंगामा

    जब राहुल गांधी चीन मुद्दे पर बोलते रहे तो स्पीकर ने अन्य सदस्यों को बोलने का मौका दिया। इस पर विपक्ष के कुछ सांसदों ने बोलने से इनकार कर दिया। इसके बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ, जिसके चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

    बजट सत्र के दौरान दो बार बाधित हुई कार्यवाही

    बजट सत्र के पांचवें दिन सदन की कार्यवाही सुबह शुरू होने के बाद दो बार बाधित हुई। दोपहर में दोबारा शुरू हुई कार्यवाही भी कुछ ही मिनटों में हंगामे के कारण रोकनी पड़ी।

    संसद के बाहर भी सरकार पर राहुल का हमला

    संसद के बाहर राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील दबाव में आकर फाइनल की गई है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारतीय किसानों के हित प्रभावित हो सकते हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि सरकार अंतरराष्ट्रीय दबाव में फैसले ले रही है।

    भारत की ओर झुक रही दुनिया: NDA सांसदों से बोले पीएम मोदी, भारत-अमेरिका टैरिफ डील और EU FTA को बताया गेमचेंजर

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    national desk:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एनडीए संसदीय दल की बैठक में कहा कि दुनिया का रुख अब भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने भारत-अमेरिका टैरिफ समझौते और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि इन डील्स ने वैश्विक मंच पर भारत की ताकत को साबित किया है। पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत ने अपनी आर्थिक और रणनीतिक क्षमता को मजबूती से दिखाया है।

    बजट 2047 के विजन का मजबूत रोडमैप

    बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह बजट भविष्य को ध्यान में रखकर बनाया गया है और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने की मजबूत नींव रखता है। पीएम मोदी के मुताबिक बजट ने विशेषज्ञों को भी चौंकाया है और आलोचकों को जवाब दिया है क्योंकि इसमें स्पष्ट रोडमैप मौजूद है।

    युवाओं के लिए नए अवसर खोले बजट ने

    प्रधानमंत्री ने कहा कि बजट ने देश के युवाओं के लिए बड़े अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बजट के संदेश को जमीनी स्तर तक पहुंचाएं। पीएम मोदी ने “केयरगिविंग इकोनॉमी” पर जोर देते हुए कहा कि भारत की युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकत है और इसी के जरिए भविष्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

    भारत-EU समझौता ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’

    पीएम मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते को “मदर ऑफ ऑल डील्स” बताया। उन्होंने कहा कि इससे बड़े स्तर पर व्यापार, रोजगार और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे, जिसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा।

    बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व की तारीफ

    बैठक में बीजेपी के नए अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद थे। सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी ने कहा कि उनके नेतृत्व की शुरुआत बड़े सकारात्मक संकेतों के साथ हुई है और उनके कार्यकाल की शुरुआत मजबूत तरीके से हुई है।

    दिल्ली में बंग भवन के बाहर ममता बनर्जी का हंगामा, SIR पीड़ितों के लिए संवेदनशीलता की मांग

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    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार को दिल्ली स्थित बंग भवन पहुंचीं, जहां चुनावी सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से प्रभावित परिवार  फ़िलहाल रुके  हुए हैं। बंग भवन में पुलिस  की तैनाती से ममता बनर्जी भड़क उठी इस बीच सुरक्षाकर्मियों  और उनके बीच तीखी बहस  हो गई |  

    पुलिस तैनाती पर जताई नाराजगी

    ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बंग भवन में ठहरे बंगाल के लोगों को डराने का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाना चाहिए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने सवाल उठाया कि क्या परेशान परिवार मीडिया से बात भी नहीं कर सकते।

    केंद्र सरकार पर साधा निशाना

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वह दिल्ली पुलिस को दोष नहीं देतीं, बल्कि शीर्ष स्तर पर बैठे लोगों को जिम्मेदार मानती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग देश की सुरक्षा में विफल हो रहे हैं और SIR के नाम पर आम लोगों पर अत्याचार किया जा रहा है। उन्होंने दिल्ली की तुलना जमींदारी व्यवस्था से करते हुए कहा कि यहां गरीबों के लिए जगह नहीं बची है।

    सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग तक पहुंचा मामला

    ममता बनर्जी ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है और चुनाव आयोग के साथ बैठक भी तय है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात कर प्रभावित परिवारों के लिए न्याय की मांग करेंगी।

    आंदोलन से किया इनकार, लेकिन चेतावनी भी दी

    मुख्यमंत्री ने साफ किया कि वह दिल्ली किसी आंदोलन के लिए नहीं आई हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि अगर वह आंदोलन करने के लिए आतीं तो हालात अलग होते। उन्होंने मांग की कि दिल्ली पुलिस प्रभावित परिवारों को परेशान करना बंद करे।

    रीवा में सड़क पर हाई वोल्टेज ड्रामा, शराब के नशे में युवती ने किया हंगामा


    रीवा शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में देर रात उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवती शराब के नशे में मुख्य सड़क पर बैठ गई। घटना ढेकहा मोहल्ला और रीवा-सतना रोड के पास की बताई जा रही है। सड़क पर युवती के बैठने से कुछ समय के लिए ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ और लोगों की भीड़ जमा हो गई।


    राहगीरों से गाली-गलौज, लोगों ने पुलिस को दी सूचना

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवती नशे की हालत में राहगीरों से बहस और गाली-गलौज कर रही थी। हालात बिगड़ते देख स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची सिविल लाइन थाना पुलिस ने स्थिति को संभाला और युवती को समझाकर वहां से हटाया।


    पुलिस ने सुरक्षित घर पहुंचाया

    पुलिस के अनुसार, युवती को किसी प्रकार की चोट नहीं थी। प्राथमिक पूछताछ के बाद उसे सुरक्षित उसके घर पहुंचा दिया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आसपास लगे CCTV फुटेज भी देखे जा रहे हैं।


    मोबाइल लूट की भी सामने आई बात

    स्थानीय स्तर पर यह भी जानकारी सामने आई कि युवती को किसी युवक ने शराब पिलाई थी और बाद में उसका मोबाइल लेकर फरार हो गया। हालांकि पुलिस इस एंगल की भी जांच कर रही है और आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।


    सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

    रोजगार, निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस, वैश्विक चुनौतियों से निपटने की रणनीति

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    union budget2026:
    केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 में देश के युवाओं के लिए रोजगार सृजन और स्किल डेवलपमेंट को मुख्य प्राथमिकता दी है। हेल्थकेयर, टूरिज्म और केयरगिविंग सेक्टर में ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने की योजना बनाई गई है। सरकार का लक्ष्य 2047 तक वैश्विक सर्विस एक्सपोर्ट में भारत की हिस्सेदारी 10% तक पहुंचाना है।

    विदेशी निवेश बढ़ाने और पूंजी बहिर्वाह रोकने की कोशिश

    बजट में विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं। विदेश में रहने वाले भारतीयों के निवेश की सीमा बढ़ाई गई है। साथ ही विदेशी निवेशकों के लिए नियमों को आसान बनाने के लिए फॉरेक्स कानूनों की समीक्षा की जाएगी। डेटा सेंटर के जरिए क्लाउड सेवाएं देने वाली विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स छूट देने का प्रस्ताव भी रखा गया है।

    सरकारी कैपेक्स में लगातार बढ़ोतरी

    सरकार ने 2026-27 के लिए पूंजीगत खर्च (कैपेक्स) बढ़ाकर 12.22 लाख करोड़ रुपये कर दिया है, जो पिछले साल से करीब 11.5% ज्यादा है। यह कदम महामारी के बाद इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।
    सरकार ने देशभर में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा भी की है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

    मैन्युफैक्चरिंग और MSME सेक्टर को मजबूती

    बजट में 200 पुराने इंडस्ट्रियल क्लस्टर को अपग्रेड करने की योजना बनाई गई है। MSME सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये का ग्रोथ फंड बनाया जाएगा। इसके अलावा आत्मनिर्भर भारत फंड में 2,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त जोड़े जाएंगे।
    टेक्सटाइल सेक्टर में मशीनरी अपग्रेड के लिए पूंजी सहायता और कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग स्कीम भी लाई गई है।

    अमेरिकी टैरिफ के असर से निपटने के उपाय

    अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ के असर को कम करने के लिए स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) को घरेलू बाजार में सीमित रियायतों के साथ बिक्री की अनुमति दी जाएगी। टेक्सटाइल और लेदर जैसे लेबर-इंटेंसिव सेक्टर में इनपुट ड्यूटी में भी बदलाव किए गए हैं।

    इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा सेक्टर में बड़ा निवेश

    रेलवे, रोड और पोर्ट कनेक्टिविटी पर जोर जारी रहेगा। न्यूक्लियर पावर और क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग के लिए कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है। साथ ही एआई आधारित डेटा सेंटर और रेयर अर्थ कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।

    शेयर मार्केट और टैक्स नियमों में बदलाव

    सरकार ने फ्यूचर्स और ऑप्शन ट्रेडिंग पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। इसके बाद शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली, हालांकि बाद में आंशिक रिकवरी भी हुई।

    राजकोषीय घाटा और कर्ज अनुपात में सुधार का लक्ष्य

    सरकार ने 2026-27 में राजकोषीय घाटा GDP का 4.3% रखने का लक्ष्य तय किया है। वहीं कर्ज-GDP अनुपात घटाकर 55.6% करने का अनुमान है।
    16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार राज्यों का टैक्स शेयर 41% ही रखा गया है।

    कौन हैं सुनेत्रा पवार? संकट की घड़ी में सियासत में आईं, अब संभालेंगी ‘दादा’ की राजनीतिक विरासत

    महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया है। हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की वरिष्ठ नेता और अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने राज्य की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी संभाल ली है। शनिवार को लोकभवन में हुए शपथग्रहण समारोह में उन्होंने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही महाराष्ट्र के इतिहास में पहली बार कोई महिला इस पद तक पहुंची है।

    शपथ से पहले सुनेत्रा पवार को राकांपा विधायक दल का नेता चुना गया था। अचानक बदले सियासी हालातों में उनका आगे आना न केवल पार्टी के लिए अहम माना जा रहा है, बल्कि यह पवार परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का भी संकेत है।

    राजनीतिक परिवार से ताल्लुक, लेकिन अलग पहचान

    सुनेत्रा पवार का नाम भले ही अजित पवार से जुड़ा हो, लेकिन उनकी पहचान सिर्फ एक नेता की पत्नी तक सीमित नहीं रही है। वह लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों और संगठनात्मक कामों से जुड़ी रही हैं। बारामती की राजनीति में उनकी सक्रिय मौजूदगी पहले से देखी जाती रही है।

    अजित पवार से शादी और सियासत से जुड़ाव

    सुनेत्रा पवार की शादी महाराष्ट्र की राजनीति के दिग्गज नेता अजित पवार से हुई। पवार परिवार दशकों से राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में प्रभावशाली रहा है। ऐसे में परिवार के भीतर राजनीति की समझ और जिम्मेदारी स्वाभाविक रूप से उनके व्यक्तित्व का हिस्सा बनी।

    राजनीति में एंट्री कैसे हुई?

    शुरुआत में सुनेत्रा पवार ने सीधे चुनावी राजनीति से दूरी बनाए रखी, लेकिन बदलते हालात और पार्टी के संकट के समय उन्होंने आगे बढ़कर जिम्मेदारी संभाली। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि उनका अनुभव, पारिवारिक राजनीतिक समझ और संगठन पर पकड़ इस भूमिका के लिए उपयुक्त है।

    ‘दादा’ की विरासत संभालने की चुनौती

    बारामती के ‘दादा’ कहे जाने वाले अजित पवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाना आसान नहीं है। सुनेत्रा पवार के सामने न सिर्फ पार्टी को एकजुट रखने की चुनौती है, बल्कि विपक्ष के सवालों और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की जिम्मेदारी भी है।

    महिला नेतृत्व के लिए बड़ा संदेश

    सुनेत्रा पवार का उपमुख्यमंत्री बनना महाराष्ट्र की राजनीति में महिला नेतृत्व के लिए एक मजबूत संदेश माना जा रहा है। यह कदम उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो अब तक राजनीति में पीछे रह जाती थीं।

    भोपाल में बाइक सवार कटरबाज ने घर के बाहर टहल रही युवतियों पर किया हमला, तीन गंभीर रूप से घायल

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    भोपाल: राजधानी भोपाल में गुरुवार रात एक बाइक सवार बदमाश ने हाथ में कटर लेकर महिलाओं की सुरक्षा को चुनौती दी। पिपलानी से अयोध्यानगर तक करीब एक घंटे के भीतर तीन अलग-अलग स्थानों पर युवतियों पर हमला किया गया, जिससे तीन महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। सभी वारदातें घर के बाहर टहल रही युवतियों को निशाना बनाकर की गईं।

    पहली घटना सोनागिरी बी सेक्टर में रात 10:15 बजे हुई। 21 वर्षीय अमीषा चंदेल, जो बीए की छात्रा हैं, घर के पास टहल रही थीं। तभी काले रंग की बाइक पर सवार बदमाश ने पीछे से आकर उनकी कमर के नीचे वार किया। शोर सुनकर लोग इकट्ठा हुए, लेकिन आरोपी फरार हो गया।

    दूसरी घटना 15 मिनट बाद सोनागिरी ए सेक्टर में हुई। 18 वर्षीय अवनी पटेल, 12वीं की छात्रा, मेहंदी लेने के बाद सुनसान रास्ते पर लौट रही थी। बाइक सवार बदमाश ने उसके जांघ पर वार किया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया।

    तीसरी और सबसे गंभीर घटना साढ़े 11 बजे हुई। 22 वर्षीय सीमा राजपूत स्कूटी पर घर के पास से गुजर रही थीं। सामने से आए बदमाश ने विवाद के दौरान उनके कंधे और नाक पर कटर से वार किया। गंभीर चोटों के कारण उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।

    पुलिस ने बताया कि आरोपी काले रंग की बाइक पर था और सिर पर टोपी पहन रखी थी। सभी हमलों की समान प्रकृति और सीमित समय में होने से यह स्पष्ट होता है कि आरोपी जानबूझकर युवतियों को निशाना बना रहा था। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। अयोध्यानगर और पिपलानी थाने में केस दर्ज किया गया है।

    पुलिस नागरिकों से सतर्क रहने और रात के समय अकेले घर के बाहर न निकलने की अपील कर रही है।

    भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक: टैरिफ संकट के बीच कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने की बड़ी पहल

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    नई दिल्ली:
    टैरिफ संकट के समय भारत और अरब देशों के विदेश मंत्रियों की दूसरी अहम बैठक शनिवार को होने जा रही है। यह बैठक दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल मानी जा रही है। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) करेंगे, जबकि इसमें अरब लीग के सदस्य देशों के विदेश मंत्री और अरब लीग के महासचिव भी शामिल होंगे।

    यह बैठक पिछले दस साल में दूसरी बार आयोजित की जा रही है। पहली बैठक साल 2016 में बहरीन में हुई थी, जिसमें अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, शिक्षा, मीडिया और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग के पांच मुख्य क्षेत्रों की पहचान की गई थी।

    बैठक का उद्देश्य
    इस बैठक का मुख्य लक्ष्य भारत और अरब देशों के बीच साझेदारी को और गहरा करना है। यह बैठक दोनों पक्षों के बीच सहयोग बढ़ाने का सबसे महत्वपूर्ण संस्थागत मंच मानी जाती है। भारत और अरब देशों के बीच औपचारिक साझेदारी की शुरुआत मार्च 2002 में हुई थी, जब भारत और अरब राज्यों की लीग (LAS) ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे।

    महत्वपूर्ण बिंदु:

    • इस बैठक में लगभग 15 अरब देशों के विदेश मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है।

    • इसमें सीरिया के विदेश मंत्री असाद हसन अल-शायबानी की उपस्थिति भी हो सकती है, जो नई दिल्ली और दमिश्क के बीच पहली मंत्री-स्तरीय बातचीत होगी।

    • बैठक के दौरान यमन की स्थिति पर चर्चा भी होने की उम्मीद है, खासकर सऊदी अरब और UAE के बीच बढ़ते मतभेदों के संदर्भ में।

    • हाल के महीनों में सऊदी अरब ने पाकिस्तान और तुर्की के साथ पश्चिम एशिया से संबंधित मुद्दों पर घनिष्ठता बढ़ाई है, जबकि UAE ने इज़राइल के साथ अपने संबंधों को मजबूत किया है।

    कुल मिलाकर, यह बैठक भारत और अरब देशों के बीच कूटनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में एक अहम कदम साबित हो सकती है।

    Union Budget 2026: विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ेगा देश, वित्त मंत्री के इन अहम संकेतों पर रहेगी नजर

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    नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं, तब भारतीय अर्थव्यवस्था तेज विकास और नियंत्रित महंगाई के संतुलित दौर से गुजर रही है। हालांकि, मजबूत दिखने वाले आर्थिक आंकड़ों के पीछे कई चुनौतियां भी छिपी हैं, जिनसे निपटना बजट 2026-27 की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।

    सरकारी आकलन के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करता है। लेकिन नाममात्र वृद्धि दर 8 प्रतिशत के आसपास रहने से राजस्व संग्रह पर दबाव बढ़ने की आशंका है। यह दर बजट अनुमान 10.1 प्रतिशत से कम है, जिससे सरकार की आय प्रभावित हो सकती है।

    वैश्विक अनिश्चितता के बीच घरेलू चुनौतियां

    वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, टैरिफ युद्ध और कमजोर अंतरराष्ट्रीय व्यापार ने अनिश्चितता बढ़ा दी है। ऐसे माहौल में वित्त मंत्री के सामने संतुलन बनाए रखने की चुनौती है। मौजूदा आर्थिक विस्तार मुख्य रूप से सरकारी खर्च के सहारे टिका हुआ है, जबकि निजी निवेश, उपभोग और निर्यात अपेक्षाकृत कमजोर बने हुए हैं।

    राजकोषीय घाटा लक्ष्य के करीब, कर्ज पर नजर

    सरकार के 2025-26 में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.4 प्रतिशत तक सीमित रखने की उम्मीद है। इसमें आरबीआई से मिलने वाला अधिक लाभांश और कुछ खर्चों में कटौती मददगार साबित हो सकती है। सरकार ने यह भी साफ किया है कि आने वाले वर्षों में राजकोषीय अनुशासन को मापने के लिए घाटे की बजाय जीडीपी के अनुपात में कर्ज को आधार बनाया जाएगा। लक्ष्य है कि 2030-31 तक सरकारी कर्ज को जीडीपी के 50 प्रतिशत से नीचे लाया जाए।

    निजी निवेश बना बड़ी चिंता

    निजी क्षेत्र में निवेश की रफ्तार अब भी सुस्त है। उच्च ब्याज दरें, कमजोर मांग और कम क्षमता उपयोग इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। सकल स्थायी पूंजी निर्माण (GFCF) में कोई बड़ा सुधार नहीं दिखा है। ऐसे में बजट से उम्मीद की जा रही है कि वह निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाएगा।

    कैपेक्स पर जोर, राज्यों के सामने चुनौती

    केंद्र सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में राजस्व खर्च घटाकर पूंजीगत व्यय पर जोर दिया है। 2025-26 में पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 11.2 ट्रिलियन रुपये किया गया है। इससे अर्थव्यवस्था में मल्टीप्लायर प्रभाव मजबूत हुआ है। हालांकि, राज्यों के सामने अब भी अनावश्यक राजस्व खर्च कम करने और पूंजीगत खर्च की गुणवत्ता सुधारने की चुनौती बनी हुई है।

    बजट 2026 से बड़ी उम्मीदें

    महंगाई, रोजगार, निजी निवेश, राजस्व संग्रह और कर्ज प्रबंधन जैसे मुद्दों के बीच बजट 2026-27 से बड़े सुधारों की उम्मीद की जा रही है। वित्त मंत्री के फैसले यह तय करेंगे कि भारत का ‘विकसित भारत’ बनने का सफर कितनी मजबूती से आगे बढ़ता है।

    सुनेत्रा पवार बनीं एनसीपी विधायक दल की नेता, आज शाम 5 बजे लेंगी महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम पद की शपथ

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    National desk:
    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को पार्टी की विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से नेता चुना गया है। वह शनिवार शाम पांच बजे महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी। लोक भवन की ओर से इसकी आधिकारिक जानकारी साझा की गई है।

    महाराष्ट्र विधानसभा में आयोजित एनसीपी विधायक दल की बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक मौजूद रहे। बैठक से पहले एनसीपी नेताओं ने दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित की। जानकारी के मुताबिक, एनसीपी नेता दिलीप वलसे पाटिल ने सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी विधायकों ने समर्थन दिया।

    सुनेत्रा पवार, दिवंगत उपमुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख अजित पवार की पत्नी हैं। वह वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं। विधायक दल की बैठक में उन्हें पार्टी का नेता चुने जाने के साथ ही उनके उपमुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया।

    बताया गया है कि राज्यपाल आचार्य देवव्रत शाम चार बजे मुंबई पहुंचेंगे और इसके बाद लोक भवन में आयोजित समारोह में सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। उनके शपथ ग्रहण के साथ ही वह महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बन जाएंगी।

    गौरतलब है कि अजित पवार, जो देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री थे, का 28 जनवरी को बारामती में एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया था। उनके निधन के बाद पार्टी और सरकार में नेतृत्व को लेकर मंथन चल रहा था, जिसे आज विराम मिल गया।