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    उपराष्ट्रपति के इस्तीफे को लेकर बड़ा खुलासा, प्रोटोकॉल तोड़कर राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे थे धनखड़

    जगदीप धनखड़ ने अचानक राष्ट्रपति भवन पहुंचकर प्रोटोकॉल तोड़ते हुए इस्तीफा सौंपा, जिसे राष्ट्रपति मुर्मू ने स्वीकार कर लिया। इस्तीफे के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है और संसद में विपक्षी हंगामे का दौर जारी है।नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है। इस इस्तीफे ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। इस बीच एक बड़ा खुलासा हुआ है कि धनखड़ 21 जुलाई की रात 9 बजे बिना पूर्व सूचना के राष्ट्रपति भवन पहुंचे थे, जिससे वहां हड़कंप मच गया था। बता दें कि राष्ट्रपति भवन में प्रोटोकॉल के तहत सभी गतिविधियां संचालित होती हैं, लेकिन धनखड़ के अचानक पहुंचने से कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।राष्ट्रपति को तुरंत दी गई थी धनखड़ के आने की जानकारी
    सूत्रों के मुताबिक, धनखड़ की अप्रत्याशित यात्रा की जानकारी राष्ट्रपति को तुरंत दी गई। इसके बाद आनन-फानन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ उनकी मुलाकात आयोजित की गई, जिसमें धनखड़ ने अपना इस्तीफा सौंपा। रात 9:25 बजे उपराष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उनके इस्तीफे की आधिकारिक घोषणा की। धनखड़ के इस्तीफे के बाद सियासी गलियारों में तमाम तरह के सवाल तैरने लगे। इस मुद्दे की अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभी भी धनखड़ के इस्तीफे के बाद शुरू हुआ चर्चाओं का दौर थमा नहीं है।

    अमित शाह और ओम बिरला के बीच हुई मुलाकात
    धनखड़ के इस्तीफे के बाद सियासी हलचल और तेज हो गई है। गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके आवास पर मुलाकात की। करीब 30 मिनट तक चली इस बैठक में जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर चर्चा होने की बात सामने आ रही है। बता दें कि संसद का मॉनसून सत्र 21 जुलाई से शुरू हुआ है और आज इसका तीसरा दिन है। सत्र के पहले दो दिन हंगामे की भेंट चढ़ चुके हैं। 21 जुलाई को दोनों सदनों में जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश किया गया था, जिसके बाद धनखड़ ने इस्तीफा दे दिया। 22 जुलाई को उनका इस्तीफा मंजूर होने के बाद सदन की कार्यवाही आज तक के लिए स्थगित कर दी गई थी।

    राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक आज
    आज उपराष्ट्रपति के इस्तीफे के बाद पहली बार राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक उपसभापति हरिवंश की अध्यक्षता में होगी। 21 जुलाई को धनखड़ की अध्यक्षता में हुई BAC की बैठक में संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू और राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा शामिल नहीं हुए थे। इन सारी खबरों के बीच संसद में आज भी विपक्ष का आक्रामक रुख देखने को मिल रहा है। विपक्ष बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन, SIR, पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब की मांग कर रहा है।

    जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद अब कौन बनेगा उपराष्ट्रपति, सदन में कौन कितना ताकतवर?

    उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद, अब देश के दूसरे सबसे बड़े संवैधानिक पद यानी उपराष्ट्रपति के लिए चुनाव होने वाला है, जो कई मायनों में अहम है। इस चुनाव में संख्याबल के लिहाज से सत्तारूढ़ एनडीए स्पष्ट बढ़त पर है। संसद के दोनों सदनों में एनडीए को स्पष्ट बहुमत प्राप्त है, जो उपराष्ट्रपति चुनाव में एक महत्वपूर्ण कारक है, क्योंकि लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों के वोट इसका निर्धारण करते हैं। तो ऐसे में उपराष्ट्रपति एनडीए से ही हो सकता है। कई नामों को लेकर अटकलबाजी जारी है।
    सदन में सीटों का गुणा भाग

    543 सदस्यीय लोकसभा में पश्चिम बंगाल के बशीरहाट की एक सीट रिक्त है, जबकि 245 सदस्यीय राज्यसभा में पांच सीटें खाली पड़ी हैं। इससे राज्यसभा में सदस्यों की संख्या घटकर 240 रह जाती है। वहीं, राज्यसभा में रिक्त पांच सीटों में से चार जम्मू-कश्मीर से और एक पंजाब से है, जहां के वर्तमान सदस्य संजीव अरोड़ा ने पिछले महीने हुए उपचुनाव में राज्य विधानसभा के लिए चुने जाने के बाद सीट छोड़ दी थी।

    लोकसभा की बात करें तो, भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को 542 सदस्यीय सदन में 293 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। सत्तारूढ़ गठबंधन को राज्यसभा में 129 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है, जिसकी प्रभावी संख्या 240 है, यह मानते हुए कि मनोनीत सदस्य एनडीए उम्मीदवार के समर्थन में मतदान करते हैं। इस तरह से कुल मिलाकर, उपराष्ट्रपति पद के लिए दोनों सदनों की संयुक्त संख्या 786 है, जिसका अर्थ है कि किसी उम्मीदवार को जीतने के लिए 394 वोटों की आवश्यकता होगी। 422 सदस्यों के समर्थन से एनडीए आसानी से यह आंकड़ा पार कर लेता है, जिससे आगामी मुकाबले में उसे एक मजबूत स्थिति प्राप्त होती है।

    क्या होगी आगे की प्रक्रिया?

    उपराष्ट्रपति देश का दूसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पद है। उनका कार्यकाल पांच वर्ष का होता है, लेकिन कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद, वे तब तक पद पर बने रह सकते हैं जब तक कि उनका उत्तराधिकारी पद ग्रहण न कर ले।

    संविधान के अनुच्छेद 68(2) के अनुसार, उपराष्ट्रपति का कार्यकाल समाप्त होने के कारण उत्पन्न रिक्ति को भरने के लिए चुनाव, कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही संपन्न हो जाता है।

    यदि मृत्यु, त्यागपत्र, निष्कासन या अन्य किसी कारण से कोई रिक्ति उत्पन्न होती है, तो उस रिक्ति को भरने के लिए चुनाव घटना के तुरंत बाद किया जाता है।

    यह चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली का पालन करता है, जिसमें गुप्त मतदान होता है। दोनों सदनों के सदस्य उम्मीदवारों को वरीयता क्रम में रैंक करते हैं।

    इस्तीफा देकर धनखड़ ने चौंकाया

    सोमवार (21 जुलाई) को जगदीप धनखड़ ने उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया। इसकी टाइमिंग भी चौंकाने वाली है क्योंकि संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंप दिया और इसके पीछे उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए कहा कि इसीलिए मैंने इस्तीफा दिया है।

    इस्तीफे को लेकर लग रहे ये कयास

    धनखड़ के इस्तीफे के पीछे की वजहों को देखें तो ऐसा लगता है कि सोमवार को मानसून सत्र के पहले दिन जो घटनाएं घटी, वह धनखड़ के इस्तीफे का कारण हो सकती हैं। दूसरा ये भी हो सकता है कि धनखड़ के लगातार न्यायपालिका के खिलाफ तीखे बयानों से सरकार असहज हो गई थी और इस वजह से भी वो दबाव में रहे हों। तीसरा ये कि उनके बयानों को अक्सर सरकार का रुख माना जाता था, जिससे सरकार आलोचना के घेरे में आ जाती थी। लेकिन ये सच और संभव भी है कि जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के पीछे वास्तव में उनकी हेल्थ प्रॉब्लेम्स हों।

    इस कंपनी ने अपने IPO का प्राइस बैंड ₹85-90 प्रति शेयर किया तय, पैसे रखें तैयार, इस तारीख से लगा सकेंगे बोली

    आईपीओ में 75% हिस्सा योग्य संस्थागत निवेशकों (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व है। इसके अलावा 15% हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों (एचएनआई) के लिए, 10% हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए रिजर्व है।अगर आपको भी ब्रिगेड होटल वेंचर्स लिमिटेड के आईपीओ का इंतजार है तो आपके लिए एक ताजा अपडेट है। कंपनी ने अपने आगामी ₹749.6 करोड़ के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए ₹85 से ₹90 प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, कंपनी का मूल्यांकन इस मूल्य बैंड के ऊपरी सिरे पर ₹3,400 करोड़ से अधिक बैठता है। निवेशक इस आईपीओ में 24 जुलाई से 28 जुलाई तक बोली लगा सकेंगे। एंकर निवेशकों के लिए बोली प्रक्रिया 23 जुलाई को ही शुरू हो जाएगी।
    IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू
    खबर के मुताबिक, ब्रिगेड होटल वेंचर्स लिमिटेड का यह IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू है। इसका मतलब यह हुआ कि इसमें कोई भी प्रमोटर या निवेशक शेयर बिक्री नहीं कर रहा है । यह ओपन फॉर सेल नहीं है। इस आईपीओ से जुटाई राशि का इस्तेमाल ₹468.14 करोड़ कंपनी के कर्ज भुगतान के लिए, ₹107.52 करोड़ प्रमोटर कंपनी Brigade Enterprises Ltd (BEL) से अचल संपत्ति (भूमि का हिस्सा) खरीदने के लिए, शेष राशि का उपयोग अधिग्रहण, रणनीतिक पहलों और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।

    कंपनी का जान लीजिए
    ब्रिगेड होटल वेंचर्स लिमिटेड, बेंगलुरु स्थित बिर्गेड इंटरप्राइजेज लिमिटेड की सहायक कंपनी है। इस कंपनी ने 2004 में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में कदम रखा था और 2009 में पहला होटल ‘ग्रैंड मर्क्योर बैंगलोर’शुरू किया। मौजूदा समय में कंपनी के पास 9 ऑपरेशनल होटल्स का पोर्टफोलियो है, जो बेंगलुरु, चेन्नई, कोच्चि, मैसूर और GIFT सिटी (गुजरात) में स्थित हैं। इन होटलों में कुल 1,604 कमरे हैं और इन्हें Marriott, Accor और InterContinental Hotels Group (IHG) जैसी वैश्विक हॉस्पिटैलिटी कंपनियों द्वारा संचालित किया जाता है।

    आईपीओ में अलॉटमेंट किसके लिए है रिजर्व
    ब्रिगेड होटल वेंचर्स लिमिटेड के आईपीओ में 75% हिस्सा योग्य संस्थागत निवेशकों (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व है। इसके अलावा 15% हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों (एचएनआई) के लिए, 10% हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए रिजर्व है। ब्रिगेड होटल वेंचर्स लिमिटेड के शेयरों की लिस्टिंग 31 जुलाई 2025 को स्टॉक एक्सचेंज पर होने की संभावना है। जेएम फाइनेंशियल और आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज इस इश्यू के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजर्स (बीआरएलएम) के रूप में काम कर रहे हैं।

    चौथे टेस्ट में बदल जाएगी टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन! मैनचेस्टर में किसे मिलेगी एंट्री?

    भारतीय क्रिकेट टीम मैनचेस्टर में 23 जुलाई से इंग्लैंड का सामना करने उतरेगी। 5 मैचों की टेस्ट सीरीज का यह चौथा टेस्ट होगा, जिसमें टीम इंडिया जीत दर्ज करना चाहेगी।लॉर्ड्स में मिली 22 रन की हार के बाद भारतीय क्रिकेट टीम अब मैनचेस्टर में 23 जुलाई से शुरू होने वाले चौथे टेस्ट में जोरदार वापसी की कोशिश में जुटी है। इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत फिलहाल 1-2 से पीछे है और यह मुकाबला सीरीज में बराबरी लाने के लिहाज से बेहद अहम बन गया है।पहले तीन टेस्ट मैचों में भारतीय प्लेइंग इलेवन में ज्यादा बदलाव नहीं हुए थे। खासकर तीसरे टेस्ट में टीम बिना किसी बदलाव के उतरी थी। लेकिन मैनचेस्टर टेस्ट के लिए हालात कुछ अलग हैं। चोटिल खिलाड़ियों की संख्या बढ़ने से सिलेक्टर्स को मजबूरन कुछ नए विकल्पों पर विचार करना पड़ा है।

    टीम में बदलाव तय
    तेज गेंदबाज आकाश दीप और अर्शदीप सिंह फिटनेस हासिल करने की कोशिशों में लगे हैं। आकाश दीप ने दूसरा और तीसरा टेस्ट खेला था, लेकिन उनका खेलना अब भी संदिग्ध है। वहीं अर्शदीप अब तक अपना टेस्ट डेब्यू नहीं कर सके हैं और उनका चौथे टेस्ट में खेलना तय नहीं है। ऐसे में हरियाणा के युवा तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज को टीम में बतौर कवर शामिल किया गया है। अब यह देखना होगा कि टीम मैनेजमेंट प्रसिद्ध कृष्णा को मौका देता है या कंबोज को।चौथे टेस्ट की अहमियत को देखते हुए जसप्रीत बुमराह की टीम में वापसी लगभग तय मानी जा रही है। उनकी मौजूदगी गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती देगी।

    आज से शुरू हो रहा संसद का मानसून सत्र, जानें कितने बजे होता है लंच टाइम?

    संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। इस दौरान कई मुद्दों पर पक्ष और विपक्ष के बीच घमासान देखने को मिलेगा। हालांकि आइये जानते हैं संसद में लंच टाइम क्या होता है।इस साल का मानसून सत्र आज से यानी 21 जुलाई से शुरू होने वाला है और यह 21 अगस्त तक चलेगा। हालांकि यह मानसून सत्र 12 अगस्त से 18 अगस्त तक स्वतंत्रता दिवस के प्रोग्राम के कारण स्थगित रहेगा। इस सत्र के लिए सरकार और विपक्ष, दोनों ही तैयार हैं। एक तरफ जहां इस मानसून सत्र में सरकार द्वारा कई अहम बिल पेश किए जा सकते हैं तो वहीं विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। विपक्ष की ओर से अहमदाबाद प्लेन हादसा, सीजफायर पर ट्रंप का दावा, पहलगाम आतंकी हमला, बिहार में SIR पर चर्चा, ऑपरेशन सिंदूर और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर सवाल किए जा सकते हैं। कब होता है संसद में लंच टाइम?
    संसद की कार्यवाही के दौरान प्रश्नकाल और शून्यकाल भी होते हैं। प्रश्नकाल में किसी भी योजना या किसी मुद्दे पर बात करने के लिए समय दिया जाता है। संसद में 11 से 12 बजे के बीच प्रश्नकाल का समय रहता है। इसमें सांसद सवाल करते हैं, जिनके जवाब मंत्री को तुरंत या लिखित में देना होता है। वहीं 12 बजे के बाद संसद में शून्यकाल का समय शुरू होता है। शून्यकाल 12 बजे से शुरू होता है। इस दौरान सांसदों को सवाल पूछने से पहले किसी तरह की सूचना देने की जरूरत नहीं होती है। सांसद स्पीकर की मदद से अपना मुद्दा संसद में उठा सकते हैं। वहीं शून्यकाल के खत्म होते ही लंच टाइम होता है जो 2 बजे तक चलता है।

    संसद का मानसून सत्र आज से शुरू
    संसद का मानसून सत्र आज से यानी 21 जुलाई से 2025 से शुरू होने जा रहा है। ये सत्र एक महीने यानी 21 अगस्त तक चलेगा। आपको बता दें कि मानसून सत्र पहले 12 अगस्त को खत्म होने वाला था। हालांकि, सरकार ने इसे एक हफ्ते के लिए बढ़ा दिया है। बीच में 12 अगस्त से 18 अगस्त तक सत्र स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों के कारण स्थगित रहेगा। सत्र के दौरान कई अहम बिल पेश होने की उम्मीद है। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल भी मानसून सत्र में कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं।

    KYC कराना हुआ बहुत आसान, अपके निकट के Post Office में झटपट हो रहा है काम, जानें कैसे करें?

    डाक विभाग के कर्मचारी निवेशकों को केवाईसी फॉर्म भरने, स्व-सत्यापित दस्तावेजों का सत्यापन करने, और उन्हें एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (एएमसी) को हस्तांतरित करने में सहायता करेंगे।नए निवेशकों के लिए आपना केवाईसी करना बहुत आसान हो गया है। वे नजदीकी के पोस्ट ऑफिस में जाकर आसानी से KYC करा सकते हैं। मिली जानकारी के अनुसार, Post Office ने अपने 1.64 लाख से अधिक डाकघरों के माध्यम से केवाईसी सत्यापन और दस्तावेज संग्रह सेवाएं प्रदान करने हेतु एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) साइन किया है। इस पहल से नए म्यूचुअल फंड निवेशकों को केवाईसी वेरिफिकेशन करना आसान होगा। डाक विभाग (डीओपी) अपने डाकघरों के माध्यम से म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए केवाईसी सत्यापन और पेपर कलेक्शन सर्विस की सुविधा मुहैया कराएगा। डाक विभाग के कर्मचारी निवेशकों को केवाईसी फॉर्म भरने, स्व-सत्यापित दस्तावेजों का सत्यापन करने, और उन्हें एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (एएमसी) को हस्तांतरित करने में सहायता करेंगे।
    डाकघर में KYC कैसे कराएं?
    नजदीकी पोस्ट ऑफिस जाएं, जहां KYC सुविधा उपलब्ध है (ज्यादातर प्रमुख शाखाएं ये सेवा देती हैं)।
    काउंटर पर जाकर KYC अपडेट/रजिस्ट्रेशन फॉर्म मांगें। फॉर्म में अपना नाम, पता, PAN, Aadhaar, मोबाइल नंबर आदि सही-सही भरें।
    आवश्यक दस्तावेज जमा करें। बायोमेट्रिक या OTP वेरिफिकेशन होगा। सबमिट करें और रसीद लें। 2 से 5 कार्यदिवसों में KYC अपडेट हो जाएगा।
    केवाईसी क्या है?
    अपने ग्राहक को जानें (केवाईसी) का मतलब है, पहचान प्रमाण (पीओआई) और पते के प्रमाण (पीओए) के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों के माध्यम से ग्राहक की पहचान और लाभार्थी स्वामी की पहचान की पहचान और सत्यापन करना और समय-समय परमनी लॉन्ड्रिंग के लिए बोर्ड या किसी अन्य प्राधिकरण द्वारा जारी नियमों, विनियमों, दिशानिर्देशों और परिपत्रों का अनुपालन करना।

    म्यूचुअल फंड KYC स्टेटस कैसे चेक करें?
    किसी भी म्यूचुअल फंड कंपनी या रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट (जैसे CAMS, KFintech) की वेबसाइट पर जाएं।
    KYC Status या KYC Check लिंक पर क्लिक करें।
    अपना 10-अंकों का PAN नंबर दर्ज करें।
    स्क्रीन पर आपका KYC स्टेटस दिखाई देगा, जैसे: Validated (मान्य),
    Registered (पंजीकृत), On Hold (अटकी हुई) या Rejected (अस्वीकृत)।

    अब शुरू होगी गिल की असली परीक्षा, पूर्व कप्तान ने चौथे से टेस्ट से पहले दिया बड़ा बयान

    शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम इंडिया मैनचेस्टर में खेले जाने वाले चौथे टेस्ट मैच की तैयारियों में जुटी है। इस मैच में टीम इंडिया के पास जीत के साथ सीरीज में बराबरी हासिल करने का मौका होगा।इंग्लैंड दौरे के साथ ही युवा शुभमन गिल की कप्तानी की अग्नि परीक्षा शुरू हो गई थी। पहले टेस्ट में हार के बाद जिस तरह से गिल ने अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को शानदार जीत दिलाई, उसने दिग्गज क्रिकेटरों को काफी प्रभावित किया। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान ग्रेग चैपल का मानना है कि भारत के युवा कप्तान शुभमन गिल ने इंग्लैंड के खिलाफ अब तक शानदार बल्लेबाजी और नेतृत्व क्षमता की झलक दिखाई है, लेकिन अभी असली परीक्षा होना बाकी है। भारत को लॉर्ड्स टेस्ट में 22 रन से हार का सामना करना पड़ा था, जिससे इंग्लैंड ने सीरीज में बढ़त बना ली। अब दोनों टीमें 23 जुलाई से मैनचेस्टर में चौथे मुकाबले में आमने-सामने होंगी।अब शुरू होगी असली परीक्षा
    ईएसपीएनक्रिकइन्फो में लिखे अपने कॉलम में चैपल ने कहा कि टीम इंडिया अब इंग्लैंड के खिलाफ अंतिम दो टेस्ट मैच की तैयारी कर रही है। ऐसे में अब सभी की नजरें कप्तान शुभमन गिल पर टिकी हैं। शुभमन गिल ने अब तक बेहतरीन बल्लेबाजी कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है और बेहतरीन कप्तानी की काबिलियत की झलक भी दिखाई है, लेकिन उनकी असली परीक्षा अब शुरू होगी। यह वह मौका है जो टेस्ट कप्तान के रूप में उनकी दिशा तय करेगा।

    चैपल ने भारतीय टीम की फील्डिंग पर भी चिंता जताई और कहा कि इस स्तर पर खराब फील्डिंग भारत को भारी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि भारत फिर से एक लचर फील्डिंग वाली टीम बनने का जोखिम नहीं उठा सकता। बेहतरीन टीमें मैदान में चुस्त होती हैं, अतिरिक्त रन नहीं देतीं और मौके नहीं गंवातीं।

    खिलाड़ियों पर भरोसा जताना होगा
    ग्रेग चैपल ने शुभमन गिल को सलाह दी कि वे अपनी कोर टीम के साथ बने रहें और सिलेक्टर्स के साथ मिलकर उन खिलाड़ियों पर भरोसा जताएं जो कठिन परिस्थितियों में मैच जिता सकते हैं। उन्होंने कहा कि गिल और सिलेक्टर्स को उन खिलाड़ियों की पहचान करनी होगी जो दबाव में प्रदर्शन कर सकते हैं। कप्तान को हर खिलाड़ी की भूमिका स्पष्ट रूप से समझानी चाहिए, ताकि सभी को अपनी जिम्मेदारी का पता हो। चैपल का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब टीम इंडिया सीरीज में पिछड़ रही है और अगला टेस्ट निर्णायक साबित हो सकता है। शुभमन गिल के पास न सिर्फ भारत को सीरीज में वापस लाने का मौका है, बल्कि खुद को एक भरोसेमंद और रणनीतिक कप्तान के तौर पर स्थापित करने का भी सुनहरा मौका है।

    हवा में उड़ते विमान का दरवाजा खोलने की कोशिश से यात्रियों में मचा हड़कंप, करनी पड़ी आपात लैंडिंग

    अमेरिका में एक यात्री ने हवा में उड़ते विमान का दरवाजा खोलने की कोशिश करके सहयात्रियों में हड़कंप मचा दिया। शख्स ने चालक दल के सदस्य से भी हाथापाई शुरू कर दिया। लिहाजा विमान की आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी।अमेरिका में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक यात्री ने हवा में उड़ते विमान का आपातकालीन दरवाजा खोलने की कोशिश की और फ्लाइट अटेंडेंट के साथ हाथापाई कर दी। यह घटना स्काइवेस्ट एयरलाइन की उड़ान संख्या 3612 में हुई, जो नेब्रास्का के ओमाहा शहर से डेट्रायट जा रही थी। इससे अन्य यात्रियों में हड़कंप मच गया। बाद में विमान की आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी।
    कब हुई घटना?
    बताया जा रहा है कि यह घटना बृहस्पतिवार शाम करीब 5:30 बजे हुई, जब विमान ने ओमाहा से उड़ान भरी थी। कुछ ही देर बाद 23 वर्षीय एक यात्री ने अचानक आक्रामक व्यवहार करना शुरू कर दिया। पायलट ने स्थिति को गंभीर मानते हुए तुरंत सिडार रैपिड्स के पूर्वी आयोवा एयरपोर्ट टावर से संपर्क किया और आपातकालीन लैंडिंग की अनुमति मांगी। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) के साथ पायलट की बातचीत में बताया गया, “वह यात्री अभी फ्लाइट अटेंडेंट से लड़ रहा है और आपातकालीन दरवाजा खोलने की कोशिश कर रहा है।” पायलट की सतर्कता और त्वरित निर्णय से विमान को सुरक्षित रूप से सिडार रैपिड्स एयरपोर्ट पर उतारा गया।

    पुलिस ने यात्री को किया गिरफ्तार
    विमान के लैंड करते ही स्थानीय पुलिस ने उक्त यात्री को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान ओमाहा निवासी 23 वर्षीय युवक के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं और आरोपी के खिलाफ संभावित संघीय आरोपों की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। स्काइवेस्ट एयरलाइन ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा, “हम अपने चालक दल की तत्परता की सराहना करते हैं, जिन्होंने परिस्थिति को नियंत्रण में रखा और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की।

    घटना से दहशत में यात्री
    विमान को बाद में उसी रात सुरक्षित रूप से डेट्रायट के लिए रवाना किया गया।” इस घटना ने अमेरिका में हवाई यात्रा की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंताएं बढ़ा दी हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं से निपटने के लिए सुरक्षा मानकों की समीक्षा और सख्ती आवश्यक है।

    PM मोदी ने रेखा गुप्ता को दी जन्मदिन की बधाई, इस बात के लिए जमकर की तारीफ

    PM नरेंद्र मोदी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को जन्मदिन की बधाई दी और उनकी मेहनत व नेतृत्व की सराहना की। रेखा ने हरियाणा के गांव नंदगढ़ में जन्मदिन मनाया और पार्टी में महिला नेतृत्व का मजबूत उदाहरण पेश किया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को उनके 51वें जन्मदिन पर मुबारकबाद दी। प्रधानमंत्री ने रेखा गुप्ता की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने मेहनत और लगन से ऊंचा मुकाम हासिल किया है। उन्होंने कहा कि रेखा गुप्ता ने दिल्ली की भलाई के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। इस मौके पर कई केंद्रीय मंत्रियों और बीजेपी नेताओं ने भी रेखा गुप्ता को शुभकामनाएं दीं। बता दें कि रेखा गुप्ता ने अपना 51वां जन्मदिन हरियाणा में स्थित अपने पैतृक गांव नंदगढ़ में मनाया।रेखा गुप्ता के नाम PM मोदी का खास संदेश
    प्रधानमंत्री मोदी ने X पर लिखा, ‘दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं। उन्होंने मेहनत से ऊंचाइयों को छुआ है और दिल्ली की सेवा में हमेशा सक्रिय रही हैं। मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने शहर की तरक्की के लिए कई अहम पहल की हैं। मैं उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।’ रेखा गुप्ता ने पीएम के इस संदेश का जवाब देते हुए कहा, ‘माननीय प्रधानमंत्री जी, आपकी शुभकामनाओं और आशीर्वाद के लिए दिल से शुक्रिया। आपका प्रेरणादायक मार्गदर्शन मेरे लिए ताकत और प्रेरणा का स्रोत है। मुख्यमंत्री के तौर पर मैं आपके ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के सपने को दिल्ली के हर नागरिक के लिए हकीकत में बदलने के लिए पूरी तरह समर्पित हूं।’

    बीजेपी की इकलौती महिला CM हैं रेखा गुप्ता
    रेखा गुप्ता का जन्म 19 जुलाई 1974 को हुआ था। वह पहली बार विधायक बनीं और फरवरी 2025 में बीजेपी ने उन्हें दिल्ली का मुख्यमंत्री बना दिया। इसके साथ ही बीजेपी ने 24 साल बाद दिल्ली में अपनी हुकूमत कायम की। रेखा गुप्ता बीजेपी की इकलौती महिला मुख्यमंत्री हैं और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ वह देश की 2 महिला मुख्यमंत्रियों में से एक हैं। मुख्यमंत्री बनने से पहले भी रेखा गुप्ता बीजेपी में कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं। वह छात्र जीवन से ही सियासत में सक्रिय रही हैं और छात्रसंघ की सदस्य भी रही हैं।

    हरियाणा के गांव में जन्मदिन का जश्न
    रेखा गुप्ता ने अपना 51वां जन्मदिन अपने पैतृक गांव नंदगढ़ में मना रही हैं। शनिवार को वह जुलाना पहुंचीं जहां हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और अन्य बीजेपी नेताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दिल्ली के अधिकारियों के मुताबिक, रेखा गुप्ता जुलाना और नंदगढ़ में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। पीएम मोदी के साथ-साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी रेखा गुप्ता को जन्मदिन की बधाई दी। बता दें कि रेखा गुप्ता ने मुख्यमंत्री बनने के बाद दिल्ली की तरक्की और लोगों की भलाई के लिए कई कदम उठाए हैं। उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें बीजेपी के अंदर एक मजबूत नेता के तौर पर उभारा है।

    बेंगलुरु में एक और इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए 3 साइट हो चुका है शॉर्टलिस्ट! जानें क्या है चर्चा

    बेंगलुरु के लिए एक अच्छी खबर है। शहर में एक और इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। केंपेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाद एक और इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए फिलहाल तीन साइट्स (लोकेशन) को शॉर्टलिस्ट किया गया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, राज्य के उद्योग और बुनियादी ढांचा विकास मंत्री एमबी पाटिल जल्द ही केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू से मुलाकात करने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक, इस मीटिंग में प्रस्ताव को आगे बढ़ाए जाने की उम्मीद है।

    इन तीन लोकेशन को किया है शॉर्टलिस्ट

    खबर के मुताबिक, एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने बीते अप्रैल में तीन संभावित लोकेशन (स्थलों) का निरीक्षण किया है, हालांकि उनकी आखिरी रिपोर्ट अभी आना बाकी है। दूसरे एयरपोर्ट के लिए कागलिपुरा, हरोहल्ली और चिक्कासोलूर को शॉर्टलिस्ट किया गया है। ये सभी स्थान बेंगलुरु के शहर के केंद्र से लगभग 25 से 45 किलोमीटर दूर हैं। आपको बता दें, कागलिपुरा और हरोहल्ली, काणकपुरा रोड पर हैं और तीसरा नेलमंगला–कुनिगल रोड के साथ स्थित है।

    दूसरे एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के सामने हो सकती हैं ये चुनौतियां

    खबर यह भी है कि बेंगलुरु के नए यानी दूसरे एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को तमिलनाडु के होसुर में एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा स्थापित करने की योजना से चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। होसुर एयरपोर्ट के लिए भी दो संभावित लोकेशन की पहचान की गई है। हालांकि इसके लिए BIAL से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) की जरूरत है। कहा जा रहा है कि बेंगलुरु में दूसरे एयरपोर्ट को बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण भी एक चुनौती बन सकती है।

    कर्नाटक ने केंद्र सरकार को 4,500 एकड़ भूमि प्रदान करने का औपचारिक प्रस्ताव पहले ही सौंप दिया है। हालांकि, इस प्रस्तावित स्थानों की उपयुक्तता को लेकर सभी आश्वस्त नहीं हैं। एक विमानन विशेषज्ञ ने इस मामले पर कहा है कि बेंगलुरु और मैसूरू के बीच एक एयरपोर्ट बनाना बेहतर होगा क्योंकि इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और औद्योगिक केंद्रों के करीब होने का फायदा मिलेगा।