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    सर मैं इस इंस्टीट्यूट से पढ़ना चाहती हूं..,’ सुनते ही सीएम मोहन यादव ने पूरा किया छात्रा का सपना

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को मेधावी छात्राओं को छात्रवृत्ति और प्रशस्तिपत्र प्रदान किए। इस मौके पर 12वीं में प्रदेश की टॉपर प्रियल द्विवेदी ने जब सीएम मोहन से कहा कि वह एक इंस्टीट्यूट से पढ़ना चाहती है तो उन्होंने छात्रा की मदद करने का फैसला किया।भोपाल। युवाओं के रोजगार और स्वर्णिम भविष्य के लिए मध्य प्रदेश सरकार कितनी संवेदनशील है इसका अंदाजा उस वक्त लगा, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक छात्रा के अपील करते ही उसकी आगामी शिक्षा की पूरी व्यवस्था कर दी। सीएम डॉ. यादव ने न केवल उसकी एजुकेशन की जिम्मेदारी ली, बल्कि हर संभव मदद करने का आश्वासन भी दिया। उनके इस अंदाज ने मौके पर मौजूद स्टूडेंट्स और लोगों का दिल जीत लिया। स्टूडेंट्स ने कहा कि अगर मध्य प्रदेश सरकार इस तरह उनकी मदद करती रही तो प्रतिभाओं को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। इस टैलेंट के आधार पर राज्य जल्द विकसित प्रदेशों में शामिल हो जाएगा।

    सीएम ने मेधावी छात्राओं को दी छात्रवृत्ति

    गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 11 अगस्त को भोपाल के निजी होटल में आयोजित ‘स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप-2025’ वितरण कार्यक्रम में मेधावी छात्राओं को छात्रवृत्ति और प्रशस्तिपत्र प्रदान किए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की प्रति व्यक्ति आय अब बढ़कर 1 लाख 52 हजार रुपये हो गई है। यह आय वर्ष 2002-03 तक मात्र 11 हजार रुपए थी। पिछले डेढ़ साल में सिंचाई का रकबा साढ़े सात लाख हेक्टेयर बढ़ा है। उन्होंने कहा कि नदी जोड़ो अभियान के माध्यम से प्रदेश के कई जिलों को लाभ होगा । प्रदेश सभी क्षेत्रों में प्रगति कर रहा है। औद्योगिक गतिविधियों और निवेश को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

    छात्रों के लिए तत्परता से काम कर रही सरकार

    सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार तत्परता पूर्वक हर संभव प्रयास कर रही है। 75 फीसदी से अधिक अंक लाने और स्कूल में प्रथम आने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी देने की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम में एमपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में प्रदेश में प्रथम आने वाली शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अमरपाटन की प्रियल द्विवेदी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि वह आगे की पढ़ाई वेल्लोर इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी (वीआईटी) से करना चाहती है, लेकिन परिस्थिति के चलते यह संभव नहीं हो पा रहा है। उसकी बात सुनते ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा कर दी कि प्रियल की वीआईटी में पढ़ाई की व्यवस्था राज्य सरकार करेगी।

    66 छात्राओं का हुआ सम्मान

    बता दें, मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कार्यक्रम में 66 छात्राओं को सम्मानित किया। इसमें हर जिले की टॉपर छात्रा को 50 हजार रुपए तथा प्रशस्ति पत्र और प्रदेश में प्रथम आने वाली प्रियल द्विवेदी को एक लाख रुपये दिए गए। इस मौके पर प्रियल के स्कूल को भी एक लाख रुपये की राशि का चेक दिया गया।

    लाड़ली बहनों को मिला रक्षाबंधन का विशेष शगुन, सीएम डॉ. मोहन ने क्यों कहा भगवान होती हैं बहनें? सुनाई श्री कृष्ण-द्रौपदी की कहानी

    इस मौके पर उन्होंने 1 करोड़ 26 लाख 89 हजार से ज्यादा बहनों के खातों में लाड़ली बहन योजना की किश्त 1250 के साथ-साथ 250 रुपये का विशेष शगुन भी ट्रांसफर किया। उन्होंने पहले 1541.76 करोड़ और बाद में 317 करोड़ रुपये की राशि बहनों के खातों में ट्रांसफर की। इसके अलावा उन्होंने 28 लाख से अधिक बहनों को गैस सिलेंडर रीफिलिंग के लभोपाल/राजगढ़। ‘हम लाड़ली बहनों की राशि धीरे-धीरे बढ़ाएंगे। हमारी सरकार 41 हजार करोड़ की राशि बहनों को दे चुकी है। बहनों के हाथ में रुपये देने से उसका सदुपयोग होता है। बहनें एक-एक रुपया बचाकर घर को संभालती हैं। बहनें अपना पेट काटकर घर का ख्याल रखती हैं। मैं बहनों का प्रेम जीवनभर नहीं भूलूंगा। बहनों को दीपावली के बाद भाईदूज से 1500 रुपये मिलने लगेंगे। हमारा संकल्प है कि हम बहनों को तीन हजार रुपये देंगे। बहनें अगर रोजगारपरक कारखाने में जाएगी तो उन्हें सरकार 5 हजार रुपये देगी। इसके अलावा कारखाने का मालिक अलग रुपये देगा। हमारी सरकार हॉस्टल बनाकर महिलाओं को रात में काम करने की छूट दे रही हैं। हम भाइयों को भी रोजगारपरक कारखाने में काम करने के लिए रुपये देंगे। बहनें भगवान की तरह होती हैं।’यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ में कही। डॉ. सीएम यादव 7 अगस्त को यहां आयोजित रक्षाबंधन उत्सव को संबोधित कर रहे थे।

    लाड़ली बहन योजना की किश्त खाते में बहनों के खाते में ट्रांसफर
    इस मौके पर उन्होंने 1 करोड़ 26 लाख 89 हजार से ज्यादा बहनों के खातों में लाड़ली बहन योजना की किश्त 1250 के साथ-साथ 250 रुपये का विशेष शगुन भी ट्रांसफर किया। उन्होंने पहले 1541.76 करोड़ और बाद में 317 करोड़ रुपये की राशि बहनों के खातों में ट्रांसफर की। इसके अलावा उन्होंने 28 लाख से अधिक बहनों को गैस सिलेंडर रीफिलिंग के लिए 43.90 करोड़ भी दिए। कार्यक्रम में सीएम डॉ.यादव ने कई घोषणाएं भी कीं। कार्यक्रम से पहले सीएम डॉ.मोहन यादव ने रोड-शो किया। उसके बाद बहनों ने बड़ी संख्या में उन्हें राखियां बांधी। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर में आतंकियों से बड़ा बदला लिया। इस बार का रक्षाबंधन ऑपरेशन सिंदूर पर ही आधारित है। त्योहारों का राजा है रक्षाबंधन
    गौरतलब है कि इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रक्षाबंधन को लेकर कहानी भी सुनाई। उन्होंने कहा कि भाई-बहन के त्योहार रक्षाबंधन की किसी से तुलना नहीं हो सकती। रक्षाबंधन सभी त्योहारों का राजा है। जब हम छोटे थे तो पिता जी को राखी बांधने बुआ आया करती थी। उस वक्त लगता था जैसे घर में दीपावली आ गई हो। बुआ के आते ही घर में हलचल मच जाती थी। उनके बैग में सभी भांजे-भांजियों के लिए राखी और गिफ्ट हुआ करते थे। फिर, जब हम और बड़े हुए तो बहन को लेने ससुराल जाने लगे। पूरे साल में एक बार मिलने पर बहन अंदर से तो बहुत खुश होती थी, लेकिन सामने से कठोर होकर कहती थी कि तुम्हें बड़ी जल्दी बहन की याद आ गई, राखी आई तो याद आ गई। जाओ मैं नहीं जाती तुम्हारे साथ। ये सुनने के बाद भाई मनाने में लग जाता था, गलती स्वीकार करने लगता था। काफी मनाने के बाद आखिर बहन भाई के साथ घर आ जाती थी।

    सारी गलतियां माफ कर देती हैं बहनें
    सीएम डॉ. यादव ने कहा कि बहन तो है ही भगवान की तरह, जो सारी गलतियां माफ कर देती है। बेटी के घर में आने से पिता की आंखें चमक उठती हैं। बेटी जब घर में कदम रखती है तो उस वक्त इतना आनंद आता है, जो भगवान के आने पर भी नहीं होता। बेटी से ज्यादा पिता को कोई सुख नहीं दे सकता। वह अपने मायके की भी चिंता करती है और ससुराल की भी। हमें इस पर गर्व है। जिस घर में बेटी नहीं होती, वह अधूरा रहता है। जिसमें भाई-बहन सब हों, उस घर को स्वर्ग माना जाता है। संसार में हर रिश्ते का महत्व है। उन्होंने कहा कि भाई के लिए भांजी का विवाह करना सौभाग्यशाली होता है। भारतीय संस्कृति में ही भांजे-भांजियों को बेटे-बेटियों से ज्यादा महत्व दिया जाता है। रेशम के धागे में सभी ताकतों से ज्यादा ताकत होती है।

    वोटर लिस्ट पर लोगों को विश्वास नहीं, महाराष्ट्र में हुई धांधली’, राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर फिर उठाए सवाल

    नई दिल्ली: कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करते हुए वोटर लिस्ट पर सवाल उठाया है। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट पर जनता को भरोसा नहीं है, इसमें फर्जी वोटर जोड़े गए। उन्होंने महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनाव नतीजों का हवाला देते हुए यह बात कही।
    वोट संविधान की नींव
    राहुल गांधी ने कहा कि संविधान की नींव वोट है। ऐसे में सोचना होगा कि क्या सही लोगों को वोट डालने दिया जा रहा है? क्या वोटर लिस्ट में फर्जी वोटर्स जोड़े गए।उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में चुनाव में चोरी हुई। हम महाराष्ट्र में 40 लाख वोटर रहस्यमयी हैं। वोटर लिस्ट को लेकर चुनाव आयोग को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को यह बताना चाहिए कि वोटर लिस्ट सही है या गलत?उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक डेटा क्यों नहीं उपलब्ध कराता? हमने आयोग से बार-बार डेटा मांगा लेकिन उन्होंने हमें नहीं दिया। डेटा तो छोड़िए हमें जवाब देने से भी इनकार किया।

    राहुल गांधी ने कहा कि सत्ता-विरोधी भावना एक ऐसी चीज है जो हर लोकतंत्र में हर पार्टी को प्रभावित करती है। लेकिन किसी कारण से, भाजपा लोकतांत्रिक ढांचे में एकमात्र ऐसी पार्टी है जो मूल रूप से सत्ता-विरोधी भावना से ग्रस्त नहीं है। एग्जिट पोल, ओपिनियन पोल एक बात कहते हैं, आपने हरियाणा चुनाव में देखा, आपने मध्य प्रदेश चुनाव में देखा और फिर अचानक परिणाम बड़े पैमाने पर बदलाव के साथ पूरी तरह से अलग दिशा में चले जाते हैं। इसमें हमारा अपना आंतरिक सर्वेक्षण भी शामिल है, जो काफी परिष्कृत है।

    5 महीनों में 5 साल से ज़्यादा वोटर्स जुड़े-राहुल
    राहुल गांधी ने कहा, “… महाराष्ट्र में, 5 महीनों में 5 साल से ज़्यादा मतदाताओं के जुड़ने से हमारा संदेह बढ़ा और फिर शाम 5 बजे के बाद मतदान में भारी उछाल आया। लोकसभा चुनाव में हमारा गठबंधन पूरी तरह से साफ़ हो गया। यह बेहद संदिग्ध है। हमने पाया कि लोकसभा और विधानसभा के बीच एक करोड़ नए मतदाता जुड़ गए। हम चुनाव आयोग गए और हमारे तर्क का सार यह था कि महाराष्ट्र चुनाव चुराया गया था। समस्या की जड़ क्या है? मतदाता सूची इस देश की संपत्ति है। चुनाव आयोग हमें मतदाता सूची देने से इनकार कर रहा है।

    40 हजार वोटरों का पता नहीं
    राहुल गांधी ने आगे कहा- ऐसे 40 हजार वोटर हैं जिनके पते शून्य है या फिर है ही नहीं। अलग-अलग नाम और अलग-अलग परिवार के लोग और जब हम वहां जाते हैं तो पता चलता है कि वहां कोई रहता ही नहीं है। चुनाव आयोग के मुताबिक इन पतों पर कई लोग रहते हैं लेकिन जब हम वहां जाते हैं तो पता चलता है कि वहां कोई रहता ही नहीं है। वोटर लिस्ट में कई लोगों की तस्वीरे नहीं हैं और अगर है भी तो ऐसी जिन्हें देखकर मतदाताओं की पहचान ही नहीं हो सकती।

    राहुल गांधी ने कहा, “वे(चुनाव आयोग) मुझ पर हमला नहीं कर रहे हैं। वे मुझ पर हमला करने से डरते हैं। उन्होंने मेरे खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया है क्योंकि वे जानते हैं कि मैं सच कह रहा हूं। वे(चुनाव आयोग) बोलते हैं लेकिन मुझ पर हमला नहीं कर रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि हम सच कह रहे हैं।”

    सुपरस्टार पिता की एक्स गर्लफ्रेंड से मिलती है हीरोइन की शक्ल, जब पूछा सवाल तो एक्ट्रेस ने खोल दी थी सच्चाई

    सोनाक्षी सिन्हा के पिता शत्रुघ्न सिन्हा भी अपने समय के सुपरस्टार रहे हैं। सोनाक्षी का चेहरा भी अपने पिता की एक्स गर्लफ्रेंड रहीं रीना रॉय से मिलती हैं। इसको लेकर सोनाक्षी ने अपनी प्रतिक्रिया दी थी।बॉलीवुड हीरोइन सोनाक्षी सिन्हा इन दिनों अपने पति के साथ अक्सर ही सुर्खियां बटोरती रहती हैं। कभी घूमने को लेकर तो कभी अपनी फिल्मों को लेकर चर्चा में रहने वाली सोनाक्षी के पिता शत्रुघ्न सिन्हा भी अपने समय के सुपरस्टार रहे हैं। लेकिन खास बात ये है कि सोनाक्षी सिन्हा का चेहरा उनके पिता की एक्स गर्लफ्रेंड रीना रॉय से मिलता है। इसको लेकर सोनाक्षी सिन्हा से भी कई बार सवाल पूछा गया। सोनाक्षी ने भी इसके पीछे की मिस्ट्री का खुलासा किया था। साथ ही रीना रॉय ने भी इसको लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी थी।

    शत्रुघ्न सिन्हा की गर्लफ्रेंड रही थीं रीना रॉय
    शत्रुघ्न सिन्हा और रीना रॉय की लवस्टोरी साल 1976 में शुरू हुई थी। दोनों फिल्म कालीचरण में नजर आए थे और यहीं से दोनों की दोस्ती हुई और बाद में प्यार हो गया। दोनों कुछ समय तक रिलेशनशिप में रहे और आगे जाकर दोनों के बीच अलगाव हो गया। शत्रुघ्न सिन्हा ने पूनम को चुना और शादी कर ली। शादी के कुछ समय बाद दोनों के तीन बच्चे हुए। लेकिन जब जुड़वां बेटों के बाद शत्रुघ्न सिन्हा की बेटी हुई तो उसकी शक्ल रीना रॉय से मिलती थी। जब सोनाक्षी सिन्हा बड़ी हुईं तो लोगों ने ये भी नोटिस किया और जब वे फिल्मी दुनिया की स्टार बन गईं तो लोगों ने इसको लेकर सवाल भी पूछे। सोनाक्षी सिन्हा ने भी बताई थी वजह
    इसको लेकर सोनाक्षी सिन्हा से भी जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने बताया था कि ‘जब मैं बड़ी हुई तो मुझे ये बात समझ आई। लेकिन मुझे लगता है कि मैं अपनी मां पूनम सिन्हा की तरह दिखती हूं। मैं अपने पिता के अतीत में नहीं झांकना चाहती।’ बता दें कि सोनाक्षी सिन्हा और रीना रॉय के चेहरे की समानता को लेकर काफी समय से फैन्स बातें करते रहे हैं। इसको लेकर रीना रॉय से भी जब पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि ये जिंदगी के इत्तेफाक हैं। मेरी मां और एक बॉलीवुड स्टार की मां बिल्कुल जुड़वां बहनें लगती थीं। ये सब जिंदगी के इत्तेफाक होते हैं जिनका कोई ठोस कारण नहीं होता।

    अपने समय की सुपरस्टार रहीं रीना रॉय
    रीना रॉय अपने समय की स्टार रहीं हैं और बॉलीवुड की 109 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुकी हैं रीना आखिरी बार फिल्म रिफ्यूजी में नजर आईं थीं। इस फिल्म में अभिषेक बच्च ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। साल 1972 में अपने करियर की शुरुआत करने वाली रीना रॉय ने चंद फिल्मों में ही शोहरत हासिल कर ली थी। इतना ही नहीं रीना ने कई सुपरहिट फिल्मों में भी काम किया। शत्रुघ्न सिन्हा की फिल्म कालीचरण में भी रीना ने कमाल का किरदार निभाया था। यहीं से दोनों के बीच प्यार पनपा था जो आगे जाकर फेल हो गया।

    RBI MPC की घोषणा से निराश हुआ बाजार, सेंसेक्स और 166 अंक लुढ़ककर बंद, निफ्टी 24,574 पर टिका, ये शेयर टूटे

    भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई की एमपीसी की तरफ से बुधवार को ब्याज दरों में कोई कटौती न किए जाने की खबर का असर घरेलू शेयर बाजार पर दिखा। बुधवार को यह गिरावट के साथ बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 6 अगस्त को कारोबार के आखिर में 166.26 अंक की गिरावट के साथ 80,543.99 के लेवल पर बंद हुआ। इसके अलावा, एनएसई का निफ्टी भी 75.35 अंक की गिरावट के साथ आखिर में 24,574.20 के लेवल पर टिका। खबर के मुताबिक, आज के कारोबार में लगभग 1293 शेयरों में तेजी आई, 2584 शेयरों में गिरावट आई जबकि 153 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को अपनी नीतिगत ब्याज दर को अपरिवर्तित रखा, क्योंकि नीति निर्माता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की व्यापार नीतियों से उत्पन्न जोखिमों और उच्च टैरिफ की संभावना से जुड़ी अनिश्चितताओं पर विचार कर रहे थे।

    इन दिग्गज कंपनियों में उतार-चढ़ाव
    सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में सन फार्मास्युटिकल्स, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस, इटरनल, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, आईटीसी और एलएंडटी प्रमुख रूप से पिछड़े रहे। एशियन पेंट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बीईएल, अदानी पोर्ट्स, भारतीय स्टेट बैंक, ट्रेंट, एचडीएफसी बैंक लाभ में रहे। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि घरेलू बाजार लचीला बना रहा और 24,500 के प्रमुख समर्थन स्तर के पास मजबूती से टिका रहा। फार्मा क्षेत्र का प्रदर्शन कमजोर रहा और टैरिफ चेतावनियों का यह क्षेत्र एक बड़ा शिकार बनकर उभरा।

    रुपया 15 पैसे मजबूत हुआ
    बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 15 पैसे की मजबूती के साथ 87.73 (अनंतिम) पर बंद हुआ। यह सुधार अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा ब्याज दरों को स्थिर बनाए रखने के फैसले के चलते देखा गया। फॉरेक्स कारोबारियों के मुताबिक, हालांकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, घरेलू शेयर बाजारों में कमजोरी और भारत पर अमेरिकी टैरिफ को लेकर बनी अनिश्चितताओं ने रुपये की बढ़त को सीमित कर दिया। इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया 87.72 पर खुला और दिनभर में 87.63 से 87.80 के दायरे में रहा, अंत में यह 87.73 पर बंद हुआ। यह मंगलवार को 87.88 पर बंद हुआ था, जो अब तक का सबसे निचला स्तर था।

    शुभमन गिल और बेन स्टोक्स फिर आमने सामने, आईसीसी अवार्ड के लिए टक्कर

    शुभमन गिल ने टीम इंडिया का टेस्ट कप्तान बनते ही बैट से कमाल का प्रदर्शन किया। इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में खेली गई पांच मैचों की सीरीज में गिल ने रनों का पहाड़ सा खड़ा कर दिया। उन्होंने कई सारे कीर्तिमान अपने नाम ​करने में कामयाबी हासिल की। अब उन्हें आईसीसी का भी एक बड़ा अवार्ड मिल सकता है, लेकिन इसके लिए कुछ इंतजार करना होगा और गिल की टक्कर दो और धाकड़ खिलाड़ियों से होगी। बाजी कौन मारेगा, ये देखना होगा।

    स्टोक्स और मुल्डर से है गिल की सीधी टक्कर
    आईसीसी ने जुलाई के महीने के लिए प्लेयर ऑफ द मंथ के नॉमिनेशन का ऐलान कर दिया है। इसमें भारतीय कप्तान शुभमन गिल के अलावा इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स का भी नाम शामिल है। लिस्ट में तीसरा नाम वियान मुल्डर का है, जिन्होंने पिछले महीने तिहरा शतक लगाकर सनसनी सी मचा दी थी। गिल के लिए जुलाई का महीने काफी शानदार रहा। उन्होंने तीन टेस्ट मैचों में 567 रन बना दिए और उनका औसत 94.50 का रहा। ध्यान रखिएगा कि भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज जून से शुरू होकर अगस्त तक चली है, लेकिन जुलाई में जो कुछ गिल ने किया है, उसे ही यहां पर कंसीडर किया जाएगा।

    एजबेस्टन टेस्ट में गिल ने किया था कमाल का प्रदर्शन
    जुलाई महीने में शुभमन गिल के लिए एजबेस्टन टेस्ट सबसे ज्यादा खास रहा। जहां उन्होंने मैच की पहली पारी में 269 और उसके बाद उसी मैच की दूसरी पारी में 161 रन बना दिए थे। यानी दोनों पारियों में मिलाकर गिल ने 430 रन ठोक दिए थे। एक टेस्ट की दोनों पारियों में इससे ज्यादा रन केवल ग्राहम गूच ने ही बनाए थे, जब उन्होंने 456 रन बनाने में कायमाबी हासिल की थी। इसके बाद ओल्ड ट्रैफर्ड में गिल ने फिर से 103 रनों की शतकीय पारी खेली।

    वियान मुल्डर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ ठोका तिहरा शतक
    इसके बाद बात करते हैं इस अवार्ड के दूसरे दावेदार वियान मुल्डर की। जिन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली गई दो मैचों की टेस्ट सीरीज में कमाल का खेल दिखाया। सीरीज के दूसरे मुकाबले में वियान मुल्डर ने 367 रन बना दिए थे, तब लग रहा था कि मुल्डर ​ब्रायन लारा के 400 रनों का भी रिकॉर्ड तोड़ देंगे, लेकिन मुल्डन ने कप्तान रहते हुए खुद ही अपनी पारी घोषित कर दी और लारा के रिकॉर्ड की ओर रुख ही नहीं किया। इसके बाद भी वे उन्होंने साउथ अफ्रीका के कप्तान रहते हुए सबसे बड़ी पारी तो खेल ही दी है। सीरीज में मुल्डर ने 531 रन बनाए और उनका औसत 265.50 का रहा है।

    बेन स्टोक्स भी एक प्रमुख दावेदार
    अब बात करते हैं बेन स्टोक्स का। बेन स्टोक्स ने भारत के खिलाफ सीरीज के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन किया। वे कप्तान तो रहे ही, साथ ही साथ गेंद और बल्ले से भी अपनी टीम की जीत में अहम योगदान निभाते हुए नजर आए। जुलाई के महीने में बेन स्टोक्स ने भारत के खिलाफ 251 रन बनाए, यहां उनका औसत 50.20 का था, वहीं उन्होंने 26.33 के औसत से 12 विकेट भी अपने नाम किए। उनकी खास बात ये रही कि स्टोक्स को लगातार दो मैचों में प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड भी दिया गया।

    मध्य प्रदेश में चलेगा “हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता” अभियान, जानें क्या होंगी इसकी खासियत

    मध्यप्रदेश में “हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता: स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग” अभियान को पूरे उत्साह के साथ लागू किया जा रहा है। प्रदेश सरकार का यह अभियान न केवल राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देगा बल्कि स्वच्छता और जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों को भी जोड़ेगा।

    अभियान का उद्देश्य
    “हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता” अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को अपने घर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रेरित करना है। यह अभियान लोगों में देशभक्ति की भावना को जागृत करने के साथ-साथ राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान को बढ़ावा देगा। यही नहीं प्रदेश सरकार का यह अभियान स्वच्छता और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाकर यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन को भी मजबूती प्रदान करता है। मध्यप्रदेश सरकार इस अभियान को जन-आंदोलन के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि हर नागरिक इस उत्सव का हिस्सा बन सके। इस वर्ष यह अभियान 2 से 15 अगस्त 2025 तक तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा।

    पहला चरण (2 से 8 अगस्त)
    इस अभियान के अंतर्गत 2 से 8 अगस्त तक देशभक्ति के वातावरण का जागरण तथा तिरंगे पर केन्द्रित सार्वजनिक कार्यक्रम, चर्चाएं आयोजित की जाएंगी। इस चरण में स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों को तिरंगे से प्रेरित कला और रंगोली से सजाया जाएगा। तिरंगे के इतिहास पर आधारित प्रश्नोत्तरी, तिरंगा राखी निर्माण कार्यशालाएं और पत्र लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगे के रंगों से बनी बुनाई का प्रदर्शन भी होगा।

    दूसरा चरण (9 से 12 अगस्त)
    द्वितीय चरण में तिरंगा महोत्सव के रूप में बड़े पैमाने पर आयोजन होंगे। सामुदायिक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, तिरंगा यात्राएं और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान के दूसरे चरण में 9 से 12 अगस्त तक लोगों को साथ लाने, व्यापक प्रचार-प्रसार, ध्वजों की उपलब्धता तथा सार्वजनिक स्थलों पर तिरंगे की दृश्यता के लिये कार्य किये जाएंगे। स्थानीय उत्पादों पर केंद्रित तिरंगा मेला, तिरंगा केसर्ट, तिरंगा बाइक/तिरंगा साइकिल रैली, उच्च जनभागीदारी के साथ तिरंगा यात्रा, तिरंगा ध्वज की बिक्री और समुचित व्यवस्था, मानव श्रृंखला निर्माण, तिरंगा गान जैसे कार्यक्रम होंगे।

    तीसरा चरण (13 से 15 अगस्त)
    अभियान के तीसरे चरण में 13 से 15 अगस्त तक घर, कार्यालयों तथा वाहनों पर तिरंगा लगाने, सेल्फी अपलोड, सर्वत्र तिरंगे की दृश्यता तथा संस्कृति मंत्रालय के साथ सूचनाओं का सतत आदान-प्रदान किया जायेगा। हर जगह तिरंगा दृश्यता, तिरंगा के साथ रिकॉर्ड इत्यादि महत्वपूर्ण कार्यक्रम किये जाएंगे। इस चरण में सभी शासकीय भवनों, शैक्षणिक संस्थानों, कार्यालयों, और सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा फहराया जाएगा।

    मध्यप्रदेश सरकार ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। संस्कृति विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त सहयोग से चलने वाले इस अभियान की परिकल्पना सामूहिक उत्सव और नागरिक एकता की भावना पर आधारित है, जिसमें स्वतंत्रता के सार को स्वच्छता और सुजलता के संकल्प के साथ जोड़ा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित जल आपूर्ति, प्रभावी “जल, स्वच्छता और स्वास्थ्य’’ और बेहतर स्वच्छता सुनिश्चित करने से प्रधानमंत्री श्री मोदी के संकल्प को बल मिलेगा। इस अभियान के तहत स्वच्छता और जल संरक्षण से संबंधित गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।

    ग्राम पंचायतों में आयोजित होंगी विविध गतिविधियां
    अभियान में स्वच्छ भारत मिशन (एसवीएम-जी) और जल-जीवन मिशन (जेजेएम) के अंतर्गत गांवों, ग्राम पंचायतों में विविध गतिविधियां होंगी, जिनमें स्वच्छ सुजल गांव प्रतिज्ञाएं, सामुदायिक सफाई अभियान, परिसंपत्तियों की सफाई, जागरूकता गतिविधियां, जल-संरक्षण और 15 अगस्त 2025 को अमृत सरोवर, सार्वजनिक स्थानों आदि सहित प्रमुख वाश अवसंरचना स्थलों पर ध्वजारोहण समारोह शामिल है। यह प्रतीकात्मक कार्य सुरक्षित जल और स्वच्छता तक पहुंच द्वारा लाई गई स्वतंत्रता, गरिमा और कल्याण को दर्शाता है।

    इस अभियान में जिलों, ब्लॉकों और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी। इसमें स्थानीय संस्थाओं, ग्राम जल सेवा समितियों, स्वयं सहायता समूहों, पंचायती राज संस्थाओं, स्वयं-सेवकों और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को इस अभियान का नेतृत्व करने और इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित किया जायेगा। इस अभियान में पंचायतें, स्वयं सहायता समूह, स्कूलों के छात्र, ग्राम जल समितियां और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता शामिल होंगे। अभियान को सफल बनाने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी संभागायुक्तों, कलेक्टरों और संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए हैं।

    देशभक्ति, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा मंच
    यह अभियान केवल तिरंगा फहराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देशभक्ति, स्वच्छता, और पर्यावरण संरक्षण को एक मंच पर लाता है। मध्यप्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में इस अभियान को उत्सव के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें स्कूली बच्चे, युवा, और समुदाय के सभी वर्ग सक्रिय रूप से भाग लेंगे। तिरंगा राखी निर्माण और रंगोली प्रतियोगिताएँ बच्चों और युवाओं में रचनात्मकता और देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देंगी। “हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता: स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग” अभियान मध्यप्रदेश में स्वतंत्रता के उत्सव को एक नया आयाम देगा। यह अभियान न केवल राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान को बढ़ाएगा, बल्कि स्वच्छता और जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक लक्ष्यों को भी प्राप्त करने में सहायता करेगा। मध्यप्रदेश की जनता से अपील है कि वे इस अभियान में पूरे जोश और उत्साह के साथ भाग लें और अपने घरों पर तिरंगा फहराकर देशभक्ति की भावना को और मजबूत करें।

    राज्यसभा में हंगामा: सभापति की तरफ जाने वाली सीढ़ियों पर खड़ी हो गईं TMC सांसद, महिला मार्शलों को बुलाना पड़ा

    राज्यसभा में विपक्ष के सांसदों ने आज जमकर हंगामा किया। हालात कुछ इस तरह बन गए कि सदन में महिला मार्शलों को बुलाना पड़ गया। हालांकि हंगामे के बीच समुद्र में माल वहन विधेयक 2025 ध्वनि मत से पास कर दिया गया।नई दिल्ली: राज्यसभा में विपक्ष के सांसदों ने आज जमकर हंगामा किया। आज राज्यसभा की कार्रवाई जैसेही 2 बजे शुरू हुई, सदन में विपक्ष के तमाम सांसदों ने SIR पर चर्चा करने की मांग के साथ हंगामा शुरू कर दिया। इसी बीच टीएमसी के सांसद वेल में पहुंचे और SIR को लेकर नारेबाजी करने लगे।इसी दौरान टीएमसी की सांसद ममता बाला ठाकुर सभापति की तरफ जाने वाली सीढ़ियों पर जाकर खड़ी हो गईं , सदन में खड़े मार्शल ने उन्हें रोकने की कोशिश की और इसके बाद सदन में और महिला मार्शलों को बुलाया गया।

    हंगामे के बीच उपसभापति ने नेता विपक्ष को बोलने का जब मौका दिया तो उन्होंने कहा ‘नियम एक होना चाहिए, सदस्य चाहें इधर के हों या उधर के, सदस्य जब बात करते हैं, सदन में व्यवधान होता है। प्वाइंट आफ ऑर्डर उठाए जाने के लिए एक पक्ष को अनुमति न देना और दूसरे पक्ष को इस समय अपने भाषण करने की अनुमति देना, पूरी तरह से अव्यवहारिक है और संसदीय परंपरा में इसके लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

    जेपी नड्डा ने दिया ये जवाब
    इस पर नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा, “जो सदन में व्यवधान कर रहे हैं, उन्हें प्वाइंट आफ ऑर्डर की तो बात ही नहीं करनी चाहिए। नड्डा ने कहा कि सदन को ऑर्डर में करना सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों का ही काम है लेकिन जिस तरह से हंगामा हो रहा है, उसे देखकर यही कह सकते हैं कि प्वाइंट आफ ऑर्डर उठाने का अधिकार उनको नहीं है जो व्यवधान के अधिकारी हैं।”

    विपक्ष के जिन सांसदों को समुद्र माल वहन विधेयक 2025 बिल पर बोलना था वो अपनी सीट पर जाकर SIR पर चर्चा हो, यही बात माइक में बोले।

    समुद्र में माल वहन विधेयक 2025 ध्वनि मत से पास
    हंगामे के बीच उपसभापति ने सदन की कार्यवाही जारी रखी और हंगामे के बीच ही समुद्र में माल वहन विधेयक 2025 ध्वनि मत से आज राज्य सभा में पास कर दिया गया।

    अजब एमपी में कुपोषण से जंग की गजब कहानी, गौमाता के भोजन के लिए 40 रुपये तो बच्चों के लिए दिए सिर्फ 8-12 रुपये

    कुपोषित बच्चों के पोषण के लिए सरकार 8-12 रुपये प्रतिदिन दे रही है जबकि गायों के भोजन के लिए 40 रुपये दिया जा रहा है। इस मामले की जानकारी सरकार ने विधानसभा में दी है।भोपालः मध्य प्रदेश में कुपोषण के खिलाफ जंग जारी है लेकिन सरकार ये जंग कुछ अनोखे ढंग से लड़ रही है। कुपोषित बच्चों के पोषण के लिए सरकार के पास हैं सिर्फ 8-12 रुपए, लेकिन गौशालाओं की गौमाता के भोजन के लिए 40 रुपये। जी हां, ये कोई आंकड़ों की गलती नहीं है, बल्कि सरकारी दस्तावेजों में दर्ज सच्चाई है। सामान्य बच्चों के पोषण के लिए सरकार 8 रुपये तो कुपोषित बच्चों के लिए सरकार 12 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से दे रही है।

    कुपोषण को लेकर विधानसभा में हंगामा

    मध्य प्रदेश में कुपोषण से निपटने की जंग सरकार कैसे लड़ रही है इसका जवाब जब विधानसभा में आया तो जमकर हंगामा खड़ा हो गया। दरअसल सरकार ने जवाब में बताया कि अति गंभीर कुपोषित बच्चों को प्रतिदिन 12 रुपये पूरक पोषण आहार भारत सरकार द्वारा दिया जाता है।

    कांग्रेस बोली- नेता 19 हजार रुपये का बादाम-काजू खा रहे लेकिन बच्चों को दे रहे 12 रुपये

    यह तब है जब मध्य प्रदेश सरकार गौशाला में गौ माता के लिए आहार के लिए विधानसभा में 40 रुपये प्रतिदिन की घोषणा कर चुकी है। कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने कहा यहां ₹19000 के काजू बादाम खा जाते हैं और कुपोषित बच्चों के लिए दिन में मात्र ₹12 दिए जा रहे हैं।

    दरअसल मध्य प्रदेश में कुपोषण एक गंभीर और लगातार बढ़ती समस्या है। श्योपुर, धार, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा और बालाघाट जैसे आदिवासी बहुल जिलों में हालात बेहद चिंताजनक हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक कई जिलों में हर चार में से एक बच्चा गंभीर रूप से कुपोषित है।

    51% के बंपर प्रीमियम के साथ लिस्ट हुआ ये IPO, 3 दिन में मिला था 100 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन

    लिस्टिंग के दौरान कंपनी का मार्केट कैप 12,180.53 करोड़ रुपये रहा। बताते चलें कि आदित्य इंफोटेक का आईपीओ 29 जुलाई को खुला था और 31 जुलाई को बंद हुआ था।सीपी प्लस नाम से वीडियो सिक्यॉरिटी और सर्विलांस प्रॉडक्ट्स, सॉल्यूशन्स और सर्विस मुहैया कराने वाली कंपनी Aditya Infotech का आईपीओ आज शेयर बाजार में लिस्ट हो गया। मंगलवार को शेयर बाजार में कंपनी की लिस्टिंग शानदार रही और इसके शेयर अपने इश्यू प्राइस 675 रुपये से करीब 51 प्रतिशत की उछाल के साथ लिस्ट हुए। एनएसई पर कंपनी के शेयर अपने इश्यू प्राइस से 50.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1015 रुपये के भाव पर लिस्ट हुए और फिर बाद में ये 52.73 प्रतिशत चढ़कर 1032 रुपये के लेवल पर पहुंच गए। बीएसई पर इसने 50.81 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1018 रुपये पर कारोबार की शुरुआत की और बाद में ये 53.34 प्रतिशत चढ़कर 1035.05 रुपये प्रति शेयर पर आ गया।

    IPO को मिला था 100 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन
    लिस्टिंग के दौरान कंपनी का मार्केट कैप 12,180.53 करोड़ रुपये रहा। बताते चलें कि आदित्य इंफोटेक का आईपीओ 29 जुलाई को खुला था और 31 जुलाई को बंद हुआ था। सीपी प्लस के नाम से सीसीटीवी कैमरे बनाने के लिए मशहूर इस कंपनी के आईपीओ को निवेशकों का छप्परफाड़ समर्थन मिला था। आदित्य इंफोटेक के आईपीओ को कुल 100.69 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। QIB कैटेगरी के निवेशकों ने अपने कोटे (60,65,625 शेयर) की तुलना में इस आईपीओ के लिए सबसे ज्यादा 133.21 गुना सब्सक्राइब किया था। इसके अलावा, रिटेल निवेशकों ने भी इस आईपीओ के लिए 50.87 गुना सब्सक्राइब किया था।

    कंपनी ने फिक्स किया था 640-675 रुपये का प्राइस बैंड
    आदित्य इंफोटेक अपने इस आईपीओ के जरिए 1300.00 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जिसके लिए कुल 1,92,59,258 शेयर जारी किए गए थे। इस आईपीओ के तहत 500 करोड़ रुपये के 74,07,407 नए शेयर जारी किए गए हैं और 800.00 करोड़ रुपये के 1,18,51,851 शेयर ओएफएस के जरिए जारी किए गए हैं। कंपनी ने अपने आईपीओ के तहत, 1 रुपये की फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर के लिए 640-675 रुपये का प्राइस बैंड फिक्स किया था। आदित्य इंफोटेक ने अपने कर्मचारियों को प्रत्येक शेयर पर 60 रुपये का डिस्काउंट ऑफर किया था।