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    मछली परिवार के साम्राज्य का ‘आखिरी किला’ ध्वस्त, 22 करोड़ के तीन मंजिला मकान पर चला बुलडोजर

    भोपाल में जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीमों ने अवैध मादक पदार्थ व्यापार में शामिल होने के आरोपी ‘मछली’ परिवार की संपत्तियों को ध्वस्त कर दिया।भोपालः मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मछली परिवार के साम्राज्य का ‘आख़िरी किला’ भी गुरुवार को ध्वस्त कर दिया गया। ड्रग्स तस्करी के आरोपी मछली परिवार की सरकारी जमीन पर बने 22 करोड़ के तीन मंजिला मकान पर बुलडोज़र चलाया गया। बताया जा रहा है कि शारिक अहमद उर्फ मछली, सोहेल अहमद, शफीक अहमद पिता शरीफ अहमद की यह कोठी है। भोपाल के आनंदपुर कोकता इलाके के वार्ड नंबर 62 में मछली परिवार का साम्राज्य था।

    200 करोड़ से ज्यादा के सरकारी जमीन पर चला था अतिक्रमण

    23 दिन पहले मछली परिवार के 200 करोड़ से ज्यादा के सरकारी जमीन पर अतिक्रमण पर बुलडोजर चला था। एमडी ड्रग पैडलर यासीन अहमद उर्फ मछली शाहवर अहमद उर्फ मछली के परिवार के सदस्य हैं।यासीन शाहवर पर ड्रग तस्करी, महिलाओं के यौन शोषण और युवकों की बेरहमी से पिटाई कर अड़ीबाजी करने के आरोप लगे थे।

    मछली परिवार का लंबे समय से अपराध जगत में सक्रिय

    मछली परिवार का नाम लंबे समय से राजधानी भोपाल के अपराध जगत में सक्रिय रहा है। यासीन शाहवर उर्फ मछली पर ड्रग्स तस्करी, महिलाओं के यौन शोषण, रंगदारी वसूली और युवाओं की बेरहमी से पिटाई जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। मछली परिवार के अन्य सदस्य शारिक, सोहेल और शफीक अहमद भी अवैध गतिविधियों से जुड़े बताए जाते हैं। आनंदपुर कोकता इलाके में मछली परिवार का दबदबा इतना गहरा था कि इसे उनका “साम्राज्य” कहा जाता था।

    बुलडोजर कार्रवाई से कई लोग खुश

    मछली परिवार से पीड़ित एक व्यक्ति ने कहा कि मैं आज बहुत खुश हूँ… मैं पटाखे भी लाया हूं, लेकिन मैं उन्हें फोड़ना नहीं चाहता। मुझे राहत है कि सीएम मोहन यादव ने न्याय किया है। मेरे जैसे कई पीड़ित हैं जो आगे आना चाहते हैं, हालांकि, पुलिस विभाग अभी भी एक मंत्री की वजह से डरा हुआ है। मेरी शिकायत पर भी कार्रवाई नहीं हो रही है, वे कह रहे हैं कि जांच चल रही है। मैंने शिकायत दर्ज कराई थी कि कैसे शारिक मछली ने मेरा अपहरण किया, पूरी रात मुझे पीटा, 50,000 रुपये लूट लिए। मुझ पर धारा 307, बलात्कार के आरोप लगाए गए।

    विपक्ष में कुछ नेता हैं जो राहुल गांधी से बेहतर बोलते हैं और वो ऐसा नहीं चाहते’, PM मोदी ने कांग्रेस पर बोला हमला

    पीएम मोदी ने गुरुवार को कहा कि कुछ विपक्षी नेता प्रतिभाशाली हैं, लेकिन राहुल गांधी के कारण उन्हें मौका नहीं मिलता। संसद नहीं चलने देने पर पीएम मोदी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला।नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि विपक्ष के कई नेता प्रतिभाशाली और अच्छे वक्ता हैं, लेकिन राहुल गांधी की वजह से उन्हें बोलने का मौका नहीं मिलता। पीएम ने अनौपचारिक तौर पर कहा कि कांग्रेस पार्टी इसलिए व्यवधान करती है क्योंकि विपक्ष में भी कुछ ऐसे नेता हैं जो राहुल गांधी से बेहतर बोलते हैं और वो ऐसा नहीं चाहते।

    विपक्ष में राहुल गांधी से बेहतर वक्ताः पीएम

    प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणी एक चाय पार्टी के दौरान की, जिसमें किसी भी विपक्षी सांसद ने भाग नहीं लिया और यह एनडीए के नेताओं तक ही सीमित रही। चाय पार्टी के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि विपक्षी सांसद संसद की कार्यवाही बाधित करने के लिए मजबूर हैं क्योंकि वे राहुल गांधी से बेहतर वक्ता हैं, लेकिन लोकसभा में विपक्ष के नेता उन्हें प्रोत्साहित नहीं करना चाहते। विपक्षी सांसदों द्वारा संसद की कार्यवाही नियमित रूप से बाधित की जाती रही है।

    स्पीकर की टी पार्टी में नहीं पहुंचे राहुल गांधी

    लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकालीन समय के स्थगित होने के बाद स्पीकर ओम बिरला ने टी पार्टी दिया। टी पार्टी में पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्रियों समेत एनडीए के नेता पहुंचे लेकिन नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्ष का एक भी सांसद इसमें शामिल नहीं हुआ।

    लोकसभा और राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

    बता दें कि लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा अध्यक्ष ने मानसून सत्र में कार्यवाही में गतिरोध बनाए रखने पर विपक्षी दलों के प्रति निराशा प्रकट करते हुए कहा कि नियोजित तरीके से सदन के कामकाज में व्यवधान पैदा किया गया जो लोकतंत्र और सदन की मर्यादा के अनुरूप नहीं है। अठारहवीं लोकसभा के पांचवें सत्र की शुरुआत 21 जुलाई को हुई थी जिसमें 14 सरकारी विधेयक पेश किए गए और 12 विधेयक पारित किए गए।

    इनमें अनुसूचित जनजातियों के विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्समायोजन से संबंधित गोवा विधेयक 2025, मर्चेंट शिपिंग विधेयक 2025, मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025, मणिपुर विनियोग (संख्या 2) विधेयक 2025, राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक 2025 और राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग (संशोधन) विधेयक 2025 शामिल हैं। इनके अलावा आयकर विधेयक 2025, कराधान कानून (संशोधन) विधेयक 2025, भारतीय बंदरगाह विधेयक 2025, खनिज और खनिज विकास (विनियमन और संशोधन) विधेयक 2025, भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक 2025 और ऑनलाइन खेल संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025 भी हंगामे के बीच लोकसभा में पारित किए गए।

    टीम के ऐलान में इस खिलाड़ी को जबरदस्त फायदा, अचानक लगी लॉटरी

    एशिया कप के लिए किए गए टीम इंडिया के ऐलान में शुभमन गिल को उपकप्तानी की जिम्मेदारी दी गई है। लंबे समय बाद उनकी वापसी टी10 इंटरनेशनल में हुई है।एशिया कप 2025 के लिए भारतीय क्रिकेट टीम का ऐलान कर दिया गया है। टीम की कप्तानी पहले से ही तय थी कि सूर्यकुमार यादव करेंगे। इस बीच टीम के ऐलान के साथ ही एक खिलाड़ी को जबरदस्त फायदा मिलता हुआ दिख रहा है। अभी कुछ दिन पहले तक वो खिलाड़ी टीम का हिस्सा तक नहीं था, लेकिन अचानक किस्मत ने पलटा खाया। इसके बाद चीजें बदलती चली गईं। हम बात कर रहे हैं शुभमन गिल की, जो टेस्ट में टीम इंडिया के कप्तान हैं और अब एशिया कप के लिए भी चुने गए हैं। एशिया कप के लिए शुभमन गिल बने हैं टीम के उपकप्तान
    सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया इस बार एशिया कप के लिए मैदान में उतरेगी। टीम में उपकप्तानी की जिम्मेदारी शुभमन गिल को दी गई है। इससे पहले दो सीरीज में शुभमन ​टीम इंडिया का हिस्सा नहीं थे, लेकिन उन्होंने ना केवल टीम में अचानक से एंट्री मारी, बल्कि उपकप्तान भी बन गए। इससे पहले ये जिम्मेदारी अक्षर पटेल निभा रहे थे, जो इस बार टीम में तो हैं, लेकिन अब वे बतौर खिलाड़ी ही खेलते हुए नजर आएंगे। पिछले कुछ महीनों में अचानक शुभमन गिल के अच्छे दिन आ गए हैं। वे टेस्ट टीम के तो कप्तान बन गए हैं, साथ ही टी20 में अब उपकप्तानी की जिम्मेदारी​ निभाते हुए नजर आएंगे।

    उपकप्तान होने के नाते प्लेइंग इलेवन का भी हिस्सा होंगे​ गिल
    बीच में इस ​तरह की खबरें आई थीं कि शुभमन गिल एशिया कप के स्क्वाड का हिस्सा नहीं होंगे। ओपनर के तौर पर अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन नजर आएंगे, वहीं तीसरे सलामी बल्लेबाज की भूमिका यशस्वी जायसवाल निभाते हुए नजर आएंगे। लेकिन टीम का ऐलान किया गया तो उसमें यशस्वी का नाम नहीं था। अब चूंकि शुभमन गिल टीम के उपकप्तान हैं, इसलिए ये भी पक्का है कि वे प्लेइंग इलेवन का हिस्सा होंगे ही। लेकिन वे किस नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आएंगे, ये काफी अहम होने वाला है।

    एशिया कप के लिए टीम इंडिया: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, संजू सैमसन (विकेटकीपर), हर्षित राणा, रिंकू सिंह।

    वो पाप धोने की मशीन नहीं’, प्रेमानंद महाराज से राज कुंद्रा की मुलाकात के बीच बोले खेसारी, लोगों को दी ये नसीहत

    शिल्पा शेट्टी हाल ही में पति राज कुंद्रा के साथ आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद महाराज के दरबार पहुंची थीं, जिसका वीडियो काफी चर्चा में रहा। अब भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव ने एक पोस्ट शेयर किया है, जिसकी चर्चा शुरू हो गई है। खेसारी लाल यादव ने अपने पोस्ट में क्या कहा, चलिए जानते हैं।वृंदावन के आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद महाराज सिर्फ आम लोगों के ही नहीं कई बड़े बॉलीवुड सितारों के भी मार्गदर्शक बन चुके है। विराट कोहली और अनुष्का शर्मा से लेकर मीका सिंह, रवि किशन और नामी सिंगर बी प्राक सहित कई चर्चित सितारे प्रेमानंद महाराज के दरबार पहुंच चुके हैं और उनसे आशीर्वाद ले चुके हैं। हाल ही में शिल्पा शेट्टी भी पति राज कुंद्रा के साथ प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचीं। इस दौरान बातों-बातों में उन्हें अपने एक किडनी भी ऑफर कर दी, जिसको लेकर राज कुंद्रा काफी ट्रोल भी हुए। अब भोजपुरीसुपरस्टार खेसारी लाल यादव ने प्रेमानंद महाराज को लेकर एक पोस्ट शेयर किया है, जिसकी काफी चर्चा हो रही है।

    क्या बोले खेसारी लाल यादव?
    भोजपुरी फिल्मों की हिट मशीन कहे जाने वाले खेसारी लाल यादव ने प्रेमानंद महाराज को लेकर जो पोस्ट शेयर किया है, उसमें उन्होंने लिखा- ‘एक अपील, प्रेमानंद महाराज को बस अनुभूति कीजिए, कुछ दिन से नोटिस किए की कई लोग इमेज बनाने के लिए वहां जाने लगे हैं। वो पाप धोने वाले मशीन नहीं हैं। सच्ची श्रद्धा है तो बस उनके बातों का अनुसरण कीजिए। हर जगह प्रमोशन और प्रचार ठीक नहीं लगता। भोरे भोरे ज्यादा ज्ञान लगे फिर भी ठीक है।’

    क्या राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी पर था खेसारी का निशाना?
    खेसारी लाल यादव का ये पोस्ट आते ही अब इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि क्या भोजपुरी सुपरस्टार ने इस पोस्ट के जरिए राज कुंद्रा पर निशाना साधा है। दरअसल, खेसारी का ये पोस्ट ऐसे समय पर आया है, जब राज कुंद्रा हाल ही में प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे थे और इस दौरान उन्होंने आध्यात्मिक गुरु को अपनी किडनी तक ऑफर कर दी थी। इस पर राज कुंद्रा काफी ट्रोल भी हुए। ऐसे में यूजर्स का कहना है कि खेसारी ने बिना नाम लिए राज कुंद्रा पर निशाना साधा है।

    फिर विवादों में राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी
    बता दें, इन दिनों राज कुंद्रा का नाम एक बार फिर विवादों में घिरा है। पहले पोर्नोग्राफी से लेकर क्रिप्टोकरेंसी तक में उनका नाम आ चुका है। अब हाल ही में उन पर एक बिजनेसमैन ने 60 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। बिजनेसमैन ने राज कुंद्रा के खिलाफ केस भी दर्ज करवाया है, जिसमें ने उन पर आरोप लगाया कि उसने उनकी कंपनी में निवेश के रूप में 60.48 करोड़ रुपये के करीब दिए थे, लेकिन इन रुपयों का इस्तेमाल बिजनेस में लगाने की बजाय पर्सनल खर्चों पर कर दिया। इसी विवाद के ठीक दूसरे दिन राज कुंद्रा वृंदावन में प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे थे।

    CM मोहन यादव की कोशिशें लाई रंग, जर्मनी की 5 अग्रणी कंपनियां 18 अगस्त से मध्य प्रदेश के दौरे पर

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के विदेशी निवेश संवर्धन के प्रयासों के उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। जर्मनी की पांच अग्रणी कंपनियां 18 अगस्त से पांच दिनों के लिए मध्य प्रदेश के दौरे पर आ रही हैं।भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विदेशी निवेश आकर्षित करने के प्रयासों के परिणाम आना शुरू हो गए हैं। विदेशी निवेश संवर्धन के लिए मुख्यमंत्री के यूरोप दौरे के फलस्वरूप अब जर्मन की कंपनियों ने मध्य प्रदेश का रूख किया है। मध्यप्रदेश ग्लोबल स्टार्टअप एक्सचेंज कार्यक्रम के अंतर्गत 18 अगस्त से 22 अगस्त तक पांच अग्रणी जर्मन टेक कंपनियों का दौरा शुरू हो रहा है। इसमें मध्य प्रदेश और जर्मनी के बीच व्यापार एवं नवाचार को मजबूती मिलेगी। मध्य प्रदेश के उद्यमों और जर्मन कंपनियों के बीच रणनीतिक साझेदारी बढ़ेंगी। साथ ही तकनीकी आदान-प्रदान और निवेश अवसरों में वृद्धि होगी। मध्य प्रदेश ग्लोबल स्टार्ट अप एक्सचेंज कार्यक्रम का उद्देश्य तकनीकी हस्तांतरण को प्रोत्साहित करना, एआई, डेटा एनालिटिक्स और आईटी उद्योग में श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों, नवाचारी प्रयासों का आदान-प्रदान करना है।इन क्षेत्रों में नई संभावनाएं तलाशी जाएंगी
    जर्मन कम्पनियों का यह दौरा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाओं का सेतु बनेगा। इससे प्रदेश में अनुसंधान एवं नवाचार की दिशा को नई ऊर्जा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि इस तरह की वैश्विक तकनीकी साझेदारी से प्रदेश में नवाचार और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “यह पहल केवल तकनीकी सहयोग का आरंभ नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के लिए एक व्यापक नवाचार यात्रा की नींव है। ग्लोबल नॉलेज एक्सचेंज और कटिंग-एज टेक्नोलॉजी से विकसित होने वाली ट्रांस्फॉर्मेटिव साझेदारियां प्रदेश के स्टार्ट-अप्स और उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में सहायक होंगी।”

    प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन होंगे?
    प्रतिनिधिमंडल में टाइलर्स के स्टीवन रैनविक, टैलोनिक के निकोलस, स्टेएक्स के एलेक्सजेन्ड्रा के मिकीटयूक, क्यू-नेक्ट-एजी के मटियास प्रोग्चा और क्लाउड-स्क्विड के फिलिप रेजमूश शामिल हैं। ये कंपनियां वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा इंटीग्रेशन, वर्कफ़्लो ऑटोमेशन, आईओटी और कनेक्टिविटी सॉल्युशंस, एंटरप्राइज़ सॉफ्टवेयर तथा डॉक्यूमेंट प्रोसेसिंग एआई तकनीक के क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। इन कंपनियों का अनुभव और तकनीकी क्षमता मध्यप्रदेश के उद्यमियों, स्टार्ट-अप्स और युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगी।

    इंदौर और भोपाल का दौरा करेगा प्रतिनिधिमंडल
    प्रतिनिधिमंडल इंदौर प्रवास के दौरान तकनीकी कार्यशालाओं और रणनीतिक चर्चाओं में शामिल रहेगा। प्रतिनिधिमंडल आईआईटी इंदौर में इनक्यूबेशन सेंटर का भ्रमण करेगा और स्थानीय स्टार्ट-अप्स से संवाद स्थापित करेगा। इसके बाद भोपाल प्रवास के दौरान उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और शैक्षणिक व तकनीकी संस्थानों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें होंगी। यह पूरा कार्यक्रम तकनीकी सहयोग, अनुसंधान और निवेश से जुड़ी ठोस संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा।

    नर्मदा एक्सप्रेस से गायब अर्चना तिवारी 11 दिन बाद कहां है? हिरासत में कांस्टेबल; परिवार के दावे से उलझी गुत्थी!

    मध्य प्रदेश में इन दिनों सबसे बहुचर्चित अर्चना तिवारी केस में जीआरपी पुलिस ने ग्वालियर के भंवरपुरा थाना में पदस्थ राम सिंह तोमर को हिरासत में लिया है। कांस्टेबल से जीआरपी थाना पुलिस ने पूछताछ की है।ग्वालियरः नर्मदा एक्सप्रेस के एसी कोच B3 से गायब युवती अर्चना तिवारी का अभी तक पुलिस सुराग नहीं लगा पाई है लेकिन परिजनों ने मंगलवार को दावा किया कि अर्चना सकुशल है। जानकारी के मुताबिक अर्चना ने आज यानी मंगलवार को अपने परिवार को कॉल किया था। अर्चना की मां से बातचीत हुई। ⁠हालाँकि अर्चना ने कहां से कॉल किया यह कोई नहीं बता रहा है। परिवार का दावा अर्चना से हुई फोन पर बात

    अर्चना तिवारी के मुंह बोले भाई अंशुल मिश्रा ने दावा किया है कि उसकी अर्चना तिवारी से बात हो गई है। अर्चना तिवारी सकुशल है और वह उसको लेने के लिए ग्वालियर रवाना हो गए हैं। हालांकि जीआरपी पुलिस को अभी तक अर्चना तिवारी का कोई सुराग नहीं मिला है।

    जीआरपी ने कांस्टेबल को हिरासत में लेकर की पूछताछ

    मामले की जांच कर रही जीआरपी पुलिस ने बताया है कि युवती की ग्वालियर के भंवरपुर थाने में पदस्थ पुलिस कांस्टेबल से फोन पर बात होती थी। अर्चना का टिकट ग्वालियर के एक पुलिस कांस्टेबल ने ही बुक किया था। जीआरपी ने पुलिस कांस्टेबल को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। बताया जा रहा है कि कांस्टेबल को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। वहीं पुलिस कांस्टेबल ने माना है कि उसकी अर्चना से बात होती थी और ट्रेन का टिकट भी उसी ने बुक किया था हालांकि कास्टेबल ने अर्चना से मुलाकात से इनकार किया है।

    आरक्षक राम तोमर का कहना है कि मैं अर्चना से कभी नहीं मिला। उसे कभी देखा तक नहीं। दोस्त विक्रम राजावत के जरिये उससे फोन पर मेरी बातचीत हुई थी। अर्चना से मेरी केवल मोबाइल पर बात हुई है, मेरा इस मामले में कोई लेना-देना नहीं है। मुझे फंसाया जा रहा है, मैं बेकसूर हूँ, मैंने केवल उसका टिकट कराया था, अर्चना कहां है मुझे नहीं पता।

    7 अगस्त को ट्रेन से लापता हो गई अर्चना

    बता दें कि सिविल जज की तैयारी कर रही अर्चना तिवारी ⁠7 अगस्त को चलती ट्रेन से लापता हो गई थी। वह 6 अगस्त को नर्मदा एक्सप्रेस मध्य प्रदेश के कटनी साउथ स्टेशन पर पहुंची तो वहां सिर्फ़ उसका बैग बचा था, जिसमें एक राखी, एक रूमाल और बच्चों के लिए उपहार थे। जिस महिला ने रक्षाबंधन की इन ज़रूरी चीज़ों को बड़ी सावधानी से पैक किया था, उसका कहीं पता नहीं चला।

    29 वर्षीय अर्चना तिवारी के लापता होने के बाद कई राज्यों में तलाशी अभियान शुरू हो गया है और यह सवाल भी उठ रहे हैं कि घर पहुंचने के लिए 12 घंटे की सामान्य यात्रा के दौरान क्या हुआ। उसके लापता होने के लगभग दो हफ़्ते बाद कोई सुराग नहीं मिला है।

    उपराष्ट्रपति चुनाव में दिलचस्प होगा मुकाबला, NDA के राधाकृष्णन के खिलाफ विपक्ष ने बी सुदर्शन रेड्डी को उतारा

    उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष का उम्मीदवार कौन होगा, इसे लेकर अब फैसला हो गया है। विपक्ष की तरफ से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी के नाम का ऐलान किया है।उपराष्ट्रपति पद के लिए आज विपक्ष ने भी अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। घोषणा के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई बैठक में उनके नाम का ऐलान कर दिया गया। इस तरह से अब एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन के सामने बी सुदर्शन रेड्डी होंगे। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों उम्मीदवारों के बीच उपराष्ट्रपति के पद के लिए मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। हालांकि नंबर गेम के मुताबिक एनडीए गठबंधन के उम्मीदवार का पलड़ा भारी है। खरगे ने किया नाम का ऐलान

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इंडिया गठबंधन के सहयोगियों के साथ हो रही बैठक में उपराष्ट्रपति पद के लिए बी सुदर्शन रेड्डी के नाम का ऐलान किया। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “बी. सुदर्शन रेड्डी भारत के सबसे प्रतिष्ठित और प्रगतिशील न्यायविदों में से एक हैं। उनका एक लंबा और प्रतिष्ठित कानूनी करियर रहा है, जिसमें आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में कार्य शामिल है।

    खरगे ने आगे कहा, रेड्डी सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के एक निरंतर और साहसी चैंपियन रहे हैं। वह एक गरीब आदमी हैं और यदि आप कई फैसले पढ़ेंगे, तो आपको पता चलेगा कि उन्होंने कैसे गरीब लोगों का पक्ष लिया और संविधान और मौलिक अधिकारों की भी रक्षा की।”

    बी सुदर्शन रेड्डी को क्यों चुना गया

    जाति जनगणना के बाद तेलंगाना सरकार द्वारा नियुक्त स्वतंत्र विशेषज्ञ कार्य समूह (IEWG) का नेतृत्व सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी ने ही किया था। इस समिति ने राज्य सरकार को अपनी 300 पृष्ठों की रिपोर्ट सौंपी। समूह ने कांग्रेस सरकार द्वारा कराए गए सामाजिक-आर्थिक, शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक और जातिगत (SEEEPC) सर्वेक्षण की कार्यप्रणाली को वैज्ञानिक, प्रामाणिक और विश्वसनीय बताते हुए कहा कि यह देश के लिए एक आदर्श बनेगा।

     

    ये देश है वीर-जवानों का…,’ गाकर देशभक्ति के रंग में रंगे सीएम डॉ. मोहन, बोले- आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहीं लहरें

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पूरे देश का उत्साह एवरेस्ट की चोटी से भी ऊंचा हो गया है। दुर्भाग्य है कि लोकतंत्र का अहम हिस्सा विपक्ष के नेता गलतियां करने से बाज नहीं आ रहे।भोपाल: ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 अगस्त को बोट क्लब पर आयोजित ‘नौका तिरंगा यात्रा’ में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने यहां मौजूद जनता का अभिवादन किया। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के तालाब पर लहराते तिरंगे हमें ऊर्जा से लबरेज कर रहे हैं। तालाब की लहरें उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही हैं। हमारी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के लिए संकल्पित है। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर भी सवाल खड़े किए। इस दौरान उन्होंने, ‘ये देश है वीर जवानों का..,; गाना भी गाया। बोट क्लब से पहले सीएम डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास पर निकाली गई तिरंगा यात्रा में भी शामिल हुए।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पूरे देश का उत्साह एवरेस्ट की चोटी से भी ऊंचा हो गया है। दुर्भाग्य है कि लोकतंत्र का अहम हिस्सा विपक्ष के नेता गलतियां करने से बाज नहीं आ रहे। विपक्ष के नेता सेना से कार्रवाई का सबूत मांगते हैं। अब जब पूरा देश 15 अगस्त के मद्देनजर ऑपरेशन सिंदूर को लेकर झूम रहा है उस वक्त भी विपक्ष राजनीतिक गतिविधियां कर रहा है। हमारे न्यायालय, हमारी सेनाएं और चुनाव आयोग देश के लोकतंत्र के स्तंभ हैं। विपक्ष इन्हीं पर सवाल खड़े कर रहा है। लेकिन, यह प्रश्न उनकी ओर ही बढ़ रहा है कि वे लोकतंत्र पर भरोसा करते हैं कि नहीं करते हैं।

    जन कल्याण के लिए सरकार संकल्पित
    सीएम डॉ. यादव ने कहा कि आज भोपाल के तालाब पर लहराते तिरंगे हमें ऊर्जा से लबरेज कर रहे हैं। यहां उठ रहीं लहरें हमें हमारे जन कल्याण के संकल्प को याद दिला रही हैं। ये लहरें हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही हैं। हमारी सरकार सभी को साथ लेकर प्रदेश के विकास के लिए संकल्पित है। भविष्य में जनता भोपाल के तालाब में भी कश्मीर की डल झील जैसा आनंद उठा सकेगी। मेरी ओर से सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई।

    देखने लायक था नजारा
    बता दें, बोट क्लब पर नजारा देखने लायक था। सैकड़ों नावों पर सवार लोग हाथों में तिरंगा लिए देशभक्ति के रंग में रंगे दिखाई दिए। चारों ओर बज रहे गीतों ने देखने वालों का उत्साह चरम पर पहुंचा दिया। लोग खुद भी देशभक्ति के गीत गा रहे थे और अन्य लोगों को भी प्रेरणा दे रहे थे। कई लोग हाथों में देशभक्ति के नारों का पोस्टर लिए लोगों को देश-प्रदेश के विकास के लिए प्रेरित कर रहे थे।

    सीएम हाउस में गूंजे देशभक्ति के सुर
    गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत मुख्यमंत्री निवास परिसर में तिरंगा यात्रा निकली। इसमें मुख्यमंत्री सचिवालय व निवास के सभी अधिकारी-कर्मचारी, सुरक्षा बल, दीदी कैफ़े की बहनें और समस्त स्टाफ ने हाथों में तिरंगा थामकर देशभक्ति से सराबोर यात्रा में भाग लिया। इस दौरान पूरा परिसर वंदे मातरम् और भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा।

    शुभमन गिल को मिला आईसीसी का बड़ा अवॉर्ड, पूरी दुनिया में ऐसा करने वाले बने पहले खिलाड़ी

    शुभमन गिल पिछले कुछ समय से बहुत ही शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और उनके बल्ले से खूब रन भी निकल रहे हैं। इंग्लैंड दौरे पर उन्होंने अपनी बल्लेबाजी का जलवा दिखाया था और टीम के लिए सबसे बड़े नायक बनकर उभरे थे। गिल की बेहतरीन बल्लेबाजी की वजह से ही भारतीय टीम टेस्ट सीरीज 2-2 से बराबर कर पाई थी। अब जुलाई 2025 महीने के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड मिला है। इसका ऐलान आईसीसी ने किया है।गिल ने किया था दमदार प्रदर्शन
    शुभमन गिल को प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड जीतने के लिए इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स और साउथ अफ्रीकी ऑलराउंडर वियान मुल्डर से कड़ी टक्कर मिली। 25 साल के गिल ने जुलाई में दमदार खेल दिखाया और उन्होंने तीन टेस्ट मैचों में 94.50 की शानदार औसत से 567 रन बनाए, जिसमें एक दोहरा शतक भी शामिल रहा।

    शुभमन गिल ने कही ये बात
    प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड जीतने के बाद शुभमन गिल ने कहा कि जुलाई के लिए आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ चुने जाने पर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। इस बार यह और भी ज्यादा अहम है क्योंकि यह अवॉर्ड मुझे कप्तान के रूप में मेरी पहली टेस्ट सीरीज के दौरान मेरे प्रदर्शन के लिए मिला है। बर्मिंघम में लगाया गया दोहरा शतक मेरे सबसे यादगार पलों में से एक रहेगा। मैं इस अवॉर्ड के लिए मुझे चुनने के लिए जूरी को धन्यवाद देना चाहता हूं।

    गिल ने चौथी बार जीता आईसीसी प्लेयर ऑफ मंथ अवॉर्ड
    शुभमन गिल का यह कुल चौथा आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड है। इससे पहले उन्होंने फरवरी 2025, जनवरी 2023, सितंबर 2023 में यह अवॉर्ड अपने नाम किया था। वह पूरी दुनिया में इकलौते प्लेयर बने हैं, जिन्होंने प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड चार बार जीता है। इंग्लैंड दौरे पर शुभमन गिल ने ऐसा प्रदर्शन किया था, जिसकी मिशाल कम ही देखने को मिलती है। उन्होंने पूरी टेस्ट सीरीज के पांच मैचों में कुल 754 रन बनाए, जिसमें चार शतक शामिल रहे।

    इंग्लैंड में दोहरा शतक जड़ने वाले पहले भारतीय टेस्ट कप्तान
    शुभमन गिल ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के पहले मैच में शतक लगाया था, लेकिन तब भारत को पांच विकेट से हार मिली थी। इसके बाद दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में 269 रन और दूसरी पारी में 161 रन बनाए थे। उनकी वजह से ही भारतीय टीम दूसरा मैच 336 रनों से जीत दर्ज करने में सफल रही। गिल इंग्लैंड में दोहरा शतक जड़ने वाले पहले भारतीय टेस्ट कप्तान बने थे।

    पीएम मोदी की सुरक्षा की ढाल है ‘अदासो कपेसा’, माओ नागा जनजाति से रखती हैं ताल्लुक, जानिए और भी बहुत कुछ

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हाल ही में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। मणिपुर के सेनापति जिले के छोटे से गांव कैबी की रहने वाली इंस्पेक्टर अदासो कपेसा ने देश की सबसे प्रतिष्ठित सुरक्षा इकाई, स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) में शामिल होकर इतिहास रच दिया। वह पीएम मोदी की सुरक्षा में तैनात होने वाली पहली महिला कमांडो हैं। उनकी एक तस्वीर, जिसमें वह काले सूट और ईयरपीस के साथ पीएम के पीछे आत्मविश्वास से खड़ी हुई दिख रही हैं। अदासो कपेसा की ये तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई।

    SSB की 55वीं बटालियन में तैनात थीं कपेसा
    अदासो कपेसा मणिपुर के माओ नागा जनजाति से ताल्लुक रखती हैं। साधारण पृष्ठभूमि और सीमित संसाधनों वाले गांव से आने वाली अदासो ने बचपन से ही बड़े सपने देखे। उन्होंने स्थानीय स्कूल से पढ़ाई पूरी की और फिर सशस्त्र सीमा बल (SSB) में शामिल हुईं। वह उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में SSB की 55वीं बटालियन में इंस्पेक्टर (जनरल ड्यूटी) के पद पर तैनात थीं। अपनी मेहनत, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता के दम पर उन्होंने SPG में जगह बनाई।

    मार्शल आर्ट और बम डिफ्यूजिंग में हैं माहिर
    SPG में शामिल होना कोई आसान काम नहीं है। यह भारत की सबसे विशिष्ट सुरक्षा इकाई है, जो केवल प्रधानमंत्री और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है। SPG में चयन के लिए कठिन शारीरिक और मानसिक परीक्षणों से गुजरना पड़ता है, जिसमें हथियारों की ट्रेनिंग, मार्शल आर्ट, बम डिफ्यूजिंग, और गुप्त मिशनों की तैयारी शामिल है। अदासो ने 2020 में SPG कमांडो ट्रेनिंग पूरी की और 2024 में पीएम की कोर सुरक्षा टीम में शामिल हुईं। इस तरह कपेसा ने पुरुष प्रधान देश की महिलाओं के लिए एक मिसाल कायम की।

    सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रतीक
    अदासो कपेसा की SPG में तैनाती न केवल उनकी व्यक्तिगत जीत है, बल्कि यह भारत के सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रतीक है। उनकी तस्वीरें खासकर पीएम मोदी की हालिया ब्रिटेन यात्रा के दौरान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनीं। लोग उन्हें ‘नारी शक्ति’ और ‘राष्ट्रीय गौरव’ कहकर सराह रहे हैं। खासकर मणिपुर और पूर्वोत्तर भारत के लोग उनकी इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं।