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    कायरन पोलार्ड ने हासिल की बड़ी उपलब्धि, CPL में ऐसा करने वाले बने तीसरे खिलाड़ी

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    वेस्टइंडीज के धाकड़ ऑलराउंडर कायरन पोलार्ड ने कैरेबियन प्रीमियर लीग में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वह इस लीग में 3000 रन बनाने वाले तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं।वेस्टइंडीज के पूर्व धाकड़ ऑलराउंडर कायरन पोलार्ड ने कैरेबियन प्रीमियर लीग में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वह इस टूर्नामेंट में 3000 या उससे ज्यादा रन बनाने वाले तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले जॉनसन चार्ल्स और आंद्रे फ्लेचर ने इस लीग में 3000 रन पूरे किए थे। अब कायरन पोलार्ड का नाम भी इस लिस्ट में शामिल हो गया है। उन्होंने ये उपलब्धि CPL 2025 के 17वें मैच में सेंट किट्स एंड नेविस पेट्रिओट्स के खिलाफ मैच में हासिल की।

    CPL में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-3 बल्लेबाज
    CPL के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की बात करें तो वहां जॉनसन चार्ल्स का नाम सबसे ऊपर है। उन्होंने 125 मैचों में 3483 रन बनाए हैं। दूसरे नंबर आंद्रे फ्लेचर का नाम है। फ्लेचर ने CPL में 126 मैचों में 3425 रन बनाए हैं। तीसरे नंबर पर CPL 2025 में ट्रिनबागो नाइट राइडर्स के लिए खेल रहे कायरन पोलार्ड का नाम है। पोलार्ड ने इस लीग में अब तक 132 मैचों में 3032 रन बनाए हैं।

    सेंट किट्स के खिलाफ मैच में कायरन पोलार्ड ने खेली तूफानी पारी
    CPL 2025 के 19वें मैच में 38 वर्षीय पोलार्ड ने पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 29 गेंदों पर 65 रनों की तूफानी पारी खेली। पोलार्ड ने अपनी पारी में दो चौके और आठ छक्के लगाए। इस दौरान उन्होंने निकोलस पूरन के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 90 रन जोड़े। पूरन ने भी अर्धशतक लगाया और वह 52 रन बनाकर आउट हुए। इन दोनों की तूफानी बल्लेबाजी के बदौलत ट्रिनबागो की टीम 20 ओवर में 179 रन बनाने में कामयाब रही। जवाब में सेंट किट्स की टीम 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 167 रन ही बना सकी।

    टी-20 क्रिकेट में 950 सिक्स लगा चुके हैं कायरन पोलार्ड
    अपनी इस पारी के दौरान पोलार्ड ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। टी20 क्रिकेट में उनके नाम अब 950 छक्के हो चुके हैं। टी20 में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में वह सिर्फ क्रिस गेल से पीछे हैं। गेल ने अपने टी-20 करियर में 463 मैच खेले और इस दौरान वह 1056 छक्के लगाने में कामयाब रहे। पोलार्ड इस फॉर्मेट में 950 सिक्स लगाने वाले मात्र दूसरे बल्लेबाज हैं।

    जापान और चीन की यात्रा से लौटे PM मोदी ने जब मंच पर किया मजाक, सामने आया VIDEO

    पीएम मोदी जापान और चीन की यात्रा पूरी करके भारत लौटे तो सेमीकॉन इंडिया 2025 के कार्यक्रम में पहुंचे। यहां उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत मजाक से की, जिसे सुनकर सभी हंसने लगे।नई दिल्ली: पीएम मोदी जापान और चीन की यात्रा से वापस लौट आए हैं। भारत आने के बाद पीएम मोदी ने सेमीकॉन इंडिया 2025 में उपस्थिति दर्ज कराई। यहां उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत एक हल्की-फुल्की टिप्पणी से की। जिसे सुनकर सभी लोग हंसने लगे। इसका वीडियो भी सामने आया है।पीएम मोदी ने मजाक में क्या कहा?
    पीएम मोदी ने मंच से कहा, “कल रात मैं जापान और चीन की अपनी यात्राएं पूरी करके भारत लौटा। आप सब इसलिए तालियां बजा रहे हैं क्योंकि मैं वहां गया था या इसलिए कि मैं वापस आया हूं?” पीएम मोदी की ये बात सुनकर वहां मौजूद सभी लोग हंसने लगे।

    बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को राष्ट्रीय सम्मेलन ‘सेमीकॉन इंडिया’ के चौथे संस्करण का उद्घाटन करने पहुंचे थे। यहां उन्होंने एक मज़बूत संदेश दिया और कहा कि दुनिया भारत पर भरोसा करती है और भारत के साथ सेमीकंडक्टर का भविष्य बनाने के लिए तैयार है। सम्मेलन में 40-50 से ज़्यादा देशों के विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों के साथ-साथ भारत की युवा शक्ति सहित गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज मैं इस विश्वास के साथ यहां आया हूं कि दुनिया भारत पर भरोसा करती है, दुनिया भारत में विश्वास करती है और दुनिया भारत के साथ सेमीकंडक्टर का भविष्य बनाने के लिए तैयार है।”

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, “हम सभी निवेशकों का स्वागत करने के लिए तैयार हैं। वह दिन दूर नहीं जब दुनिया कहेगी, भारत में डिजाइन, भारत में निर्मित, दुनिया द्वारा विश्वसनीय।” वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहने का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश ने हर उम्मीद और भविष्यवाणी से बेहतर प्रदर्शन किया है, तब भी जब हर अर्थव्यवस्था “आर्थिक स्वार्थ से उपजी” चुनौतियों का सामना कर रही थी।

    CM मोहन यादव की बड़ी पहल, वैदिक घड़ी और ऐप का उद्घाटन, 7000 वर्षों का पंचांग अब मोबाइल पर

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की भारतीय संस्कृति विज्ञान ज्योतिष और समय गणना की प्राचीन परंपरा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की योजना वैदिक घड़ी का आज शुभारंभ होने जा रहा है। यह घड़ी पारंपरिक भारतीय समय गणना की प्रणाली को पुनर्जीवित करने का प्रयास है, जो सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को महत्व देती है।भारतीय काल गणना पर आधारित पहली घड़ी
    भारत में अक्सर हम तीज त्योहारों के दिन काल और समय को लेकर कन्फ्यूज रहते हैं लेकिन आने वाले दिनों में ये परेशानी दूर हो जाएगी। एमपी के सीएम डॉ मोहन यादव द्वारा शुरू की गई विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की मदद से कोई भी आम आदमी तिथि और मुहूर्त का आसानी से पता लगा सकेगा। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय काल गणना पर आधारित यह विश्व की पहली घड़ी है। यह सिर्फ समय नहीं बताती, बल्कि पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त, नक्षत्र, ग्रह-नक्षत्र की स्थिति, सूर्य-चंद्र ग्रहण, और चौघड़िया जैसी विस्तृत ज्योतिषीय जानकारी भी प्रदान करती है।

    घड़ी की अनोखी खूबियां
    विक्रमादित्य वैदिक घड़ी और उसके मोबाइल ऐप में 3179 विक्रम पूर्व (श्रीकृष्ण के जन्म), महाभारतकाल से लेकर 7000 से अधिक वर्षों के पंचांग, तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार, मास, व्रत एवं त्यौहारों की दुर्लभ जानकारियां शामिल की गई हैं। आइए जानते हैं इसकी कुछ खूबियां-:

    ऐप 189 से अधिक वैश्विक भाषाओं में उपलब्ध
    धार्मिक कार्यों, व्रत और साधना के लिए 30 अलग-अलग शुभाशुभ मुहूर्तों की जानकारी
    इन सभी कार्यों के लिए अलार्म की सुविधा भी
    प्रचलित समय में वैदिक समय (30 घंटे) की जानकारी
    GMT और IST समय, तापमान, हवा की गति, आर्द्रता एवं मौसम संबंधी सूचनाएं भी लोगों को उपलब्ध करायी जा रही है। यह ऐप 189 से अधिक वैश्विक भाषाओं में उपलब्ध है। जिसमें दैनिक सूर्योदय और सूर्यास्त की गणना इसी आधार पर हर दिन के 30 मुहूर्तों का सटीक विवरण शामिल है। घड़ी में धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक जैसे 12 ज्योतिर्लिंग, नवग्रह और विभिन्न धार्मिक स्थल प्रदर्शित होते हैं। यह आधुनिक तकनीक जैसे इंटरनेट और GPS से जुड़ी है और इसकी जानकारी मोबाइल और स्मार्ट टीवी पर भी देखी जा सकती है।

    उज्जैन में लगी थी दुनिया की पहली वैदिक घड़ी
    भारतीय संस्कृति और भारतीय वैज्ञानिक विरासत का प्रदर्शन करने वाली दुनिया की पहली वैदिक घड़ी महाकाल की नगरी उज्जैन में लगी थी वहीं आज मुख्यमंत्री निवास में भारत की वैज्ञानिक विरासत को दुनिया के सामने लाने की कोशिश इस विक्रमादित्य वैदिक एप के जरिए की जा रही है।

     

    कलंकी है केजरीवाल, किसी CM ने नहीं की ऐसी बेशर्मी’, CM मोहन यादव ने साधा निशाना

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल पर जमकर निशाना साधा है। मोहन यादव ने कहा कि केजरीवाल कलंकी है, उसे ध्वस्त करने का काम पीएम मोदी ने किया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने मुख्यमंत्री का पद बेशर्मी से चलाया था। सीएम का पद, जिसे DG भी सलाम करता है, जेल जाने के बाद कहते हैं कि कहां लिखा है सीएम पद छोड़ना चाहिए, इस्तीफा देना चाहिए। सीएम मोहन यादव ने कहा कि लालू, राबड़ी से लेकर शिबू सोरेन तक किसी भी मुख्यमंत्री ने ऐसी बेशर्मी नहीं दिखाई, जब कष्ट आया तो उन्होंने सीएम का पद छोड़ दिया।

    ‘बेशर्मी से चलाया सीएम का पद’
    सीएम मोहन यादव ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा, “केजरीवाल ने जेल में रहते हुए मुख्यमंत्री का पद बेशर्मी से चलाया था। ऐसे कलंकी से मुक्ति चहिए थी कि नहीं चाहिए थी, जोरदार अभिनंदन करो ऐसे कलंक को हमारे सामने ध्वस्त करने का काम माननीय प्रधानमंत्री जी ने किया। अगर अपने कर्मों के कारण जेल जाते हो और बाद में कहते हो कि कानून में कहां लिखा है कि इस्तीफा देना चाहिए। मुख्यमंत्री जैसा इतना पवित्र पद, जिसे डीजी से लेकर पूरा राज्य सलाम करता है और आप उसी के बंदीखाने में पड़े हुए हो और फिर कहते हो कि कहां लिखा है। ऐसे आदमी को तो डूब मरना चाहिए।”

    ‘किसी सीएम ने नहीं दिखाई ऐसी बेशर्मी’
    उन्होंने आगे कहा, “ये तो नैतिकता का तकाजा है। जेल जाने की बात तो बाद में है, अगर कोई बोल दे तो भी आपको मुख्यमंत्री का पद छोड़ देना चाहिए। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि अभी तक के अतीत काल में लालू यादव, राबड़ी से लगाकर सीबू सोरेन तक सारे लोगों ने, जब कभी कष्ट आया किसी मुख्यमंत्री ने इस तरह की बेशर्मी नहीं दिखाई। ये तो बहुत पढ़े लिखे थे, बहुत ज्ञानी थे। जानें क्या-क्या कहते थे, झाड़ू लेकर आए थे, स्वच्छता लेकर आएंगे। ऐसे कलंक को ध्वस्त करने का काम पीएम मोदी ने किया।”

    आतंकवाद पर दोहरा मापदंड स्वीकार्य नहीं’, चीन में SCO सम्मेलन में पीएम मोदी का संबोधन

    भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के त्येनजिन शहर में आयोजित हो रहे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। पीएम मोदी ने सोमवार को SCO सम्मेलन के सत्र को संबोधित किया है और कई अहम मुद्दों पर बात की है।चीन के त्येनजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन के दूसरे दिन प्लेनरी सेशन हो रहा है। SCO राष्ट्रध्यक्षों की 25वीं बैठक के बाद साझा घोषणापत्र जारी किया जाएगा। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया है और आतंक के खिलाफ भारत के सख्त रुख को दोहराया है। पीएम मोदी ने साफ कर दिया है कि आतंकवाद पर दोहरा मापदंड किसी भी देश को स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। आइए जानते हैं कि पीएम मोदी अपने संबोधन में किन मुद्दों पर बात की है।

    पीएम मोदी ने बताया SCO का मतलब
    पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 34 वर्षों से एससीओ को पूरे यूरेशिया को जोड़ने में अहम योगदान रहा है। भारत ने SCO के सक्रिय सदस्य देश के तौर पर सकारात्मक भूमिका निभाई है। SCO को लेकर भारत की सोच 3 मुख्य स्तंभों पर आधारित है। S- सिक्योरिटी, C- कनेक्टिविटी, O- अपोर्चुनिटी।

    आतंकवाद पूरी मानवता के लिए साझा चुनौती- पीएम मोदी
    पीएम मोदी ने कहा कि “सिक्योरिटी को लेकर कहा कि सुरक्षा शांति और स्थिरता किसी भी देश के विकास का आधार है। लेकिन इसकी राह में आतंकवाद, अलगाववाद, अतिवाद बड़ी चुनौती है। आतंकवाद किसी देश की सुरक्षा ही नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए साझा चुनौती है। कोई भी देश इससे खुद को सुरक्षित नहीं समझ सकता। पीएम मोदी ने चीन में हो रहे SCO सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा- “भारत पिछले चार दशकों से आतंकवाद का दंश झेल रहा है। हाल ही में, हमने पहलगाम में आतंकवाद का सबसे बुरा रूप देखा। मैं उस मित्र देश के प्रति आभार व्यक्त करता हूँ जो दुःख की इस घड़ी में हमारे साथ खड़ा रहा।”

    पीएम मोदी ने कहा कि “भारत ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एकता पर ज़ोर दिया है। भारत ने संयुक्त सूचना अभियान का नेतृत्व करके अल-कायदा और उससे जुड़े आतंकवादी संगठनों से लड़ने की पहल की…हमने आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ आवाज़ उठाई। इसमें आपके सहयोग के लिए मैं आभार व्यक्त करता हूं।”

    आतंकवाद पर कोई भी दोहरा मापदंड स्वीकार्य नहीं
    पीएम मोदी ने साफ तौर पर कहा- “हमें स्पष्ट रूप से और एकमत से कहना होगा कि आतंकवाद पर कोई भी दोहरा मापदंड स्वीकार्य नहीं है। पहलगाम हमला मानवता में विश्वास रखने वाले प्रत्येक देश और व्यक्ति के लिए एक खुली चुनौती थी। ऐसे में, यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि क्या कुछ देशों द्वारा आतंकवाद का खुला समर्थन हमें स्वीकार्य हो सकता है। हमें हर रूप और रंग के आतंकवाद का सर्वसम्मति से विरोध करना होगा। मानवता के प्रति यह हमारा कर्तव्य है।”

    कनेक्टिविटी के मुद्दे पर बोले पीएम मोदी
    चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग परिषद (एससीओ) की बैठक में पीएम मोदी ने कनेक्टिविटी के मुद्दे पर कहा कि संप्रभुता को दरकिनार करने वाली कनेक्टिविटी विश्वास और अर्थ खो देती है। उन्होंने कहा कि “भारत का हमेशा से मानना ​​रहा है कि मज़बूत कनेक्टिविटी न केवल व्यापार को बढ़ावा देती है, बल्कि विकास और विश्वास के द्वार भी खोलती है। इसी को ध्यान में रखते हुए, हम चाबहार बंदरगाह और अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे जैसी पहलों पर काम कर रहे हैं। इससे हमें अफगानिस्तान और मध्य एशिया के साथ कनेक्टिविटी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।”

    हमने हर चुनौती को अवसर में बदलने की कोशिश की- पीएम मोदी
    शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- “आज Reform, Perform and Transform के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है। हमने हर चुनौती को अवसर में बदलने की कोशिश की है। मैं आप सभी को भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करता हूं।”

    पुतिन और पीएम मोदी की होगी मुलाकात
    SCO समिट में आज फिर दो महाशक्तियों की मीटिंग होने जा रही है। त्येनजिन में पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात होगी। सुबह पौने 10 बजे से दोनों के बीच 45 मिनट तक द्विपक्षीय बैठक होगी। पीएम मोदी और पुतिन के बीच आपसी संबंध, कारोबार और यूक्रेन युद्ध पर चर्चा हो सकती है। पूरी दुनिया की निगाहें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के बीच होने वाली द्विपक्षीय बातचीत पर है। अमेरिकी टैरिफ का मुद्दा भी दोनों नेताओं की बातचीत के सेंटर में हो सकता है।

    यूक्रेन युद्ध पर होगी चर्चा
    यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पीएम मोदी की चीन यात्रा से ठीक पहले उनसे फोन पर बात की थी। उस बातचीत में जेलेंस्की ने फौरन सीजफायर की अपील की थी। ऐसे में माना जा रहा है कि पुतिन के साथ बातचीत में पीएम मोदी इस बात पर जोर डाल सकते हैं कि इस मामले का कूटनीतिक समाधान निकालते हुए शांति की बातचीत शुरू की जाए।

    मध्यप्रदेश में लगातार बढ़ रहा पर्यटन, हर आयु के लोगों को आकर्षित करने की है क्षमता

    भारत का हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश अप्रतिम सौंदर्य से समृद्ध प्रदेश है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि मध्यप्रदेश सर्वाधिक सम्मोहित करने वाला राज्य है। इसके कण-कण में सौंदर्य है। जो एक बार आता है यहां की स्मृतियों के सम्मोहन में बंधकर बार-बार आता है। मध्यप्रदेश में हर आयु के पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता है।

    सर्वाधिक रोजगार उत्पन्न कर रहा पर्यटन सेक्टर
    पर्यटन के संबंध में दशकों पहले की अवधारणाएं अब समाप्त हो गई हैं। मध्यप्रदेश के पर्यटन ने अब उद्योग का रूप ले लिया है। हमारी नीतियों और दूरदर्शी निर्णयों से पर्यटन क्षेत्र का तेजी से विस्तार हो रहा है। यह सर्वमान्य तथ्य है कि अर्थव्यवस्था में पर्यटन सर्वाधिक रोजगार उत्पन्न करने वाला सेक्टर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अतुल्य भारत का वैश्विक स्तर पर मान-सम्मान बढ़ा है। इसका सकारात्मक प्रभाव सभी राज्यों के पर्यटन उद्योग पर पड़ा है। देश का घरेलू पर्यटन बढ़ने से मध्यप्रदेश जैसे तेजी से बढ़ते राज्य को सीधा लाभ हुआ है।

    प्रदेश में उभर रहा बहुआयामी पर्यटन
    मध्यप्रदेश के शांतिप्रिय नागरिकों के लिये सबसे ज्यादा खुशी की बात है कि मध्यप्रदेश अब वैश्चिक पर्यटन के नक्शे पर ध्रुव तारे जैसा चमक रहा है। हमारे पर्यटन की सबसे बड़ी विशेषता है कि यह अत्यंत समृद्ध और विविधता से सम्पन्न है। साथ ही जिम्मेदार और सुरक्षित भी। प्रदेश में पर्यटन की नई-नई शाखाएं उभरी हैं। प्राकृतिक पर्यटन हो या सांस्कृतिक पर्यटन, आध्यात्मिक पर्यटन हो या वन्यजीव पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन हो या रोमांचकारी पर्यटन, कृषि पर्यटन हो या फिल्म पर्यटन या नया उभरता हुआ चिकित्सा पर्यटन। इन सभी नये स्वरूपों के साथ मध्यप्रदेश की पहचान बहुआयामी पर्यटन प्रदेश के रूप में हो रही है।

    देश में सर्वाधिक बाघ मध्यप्रदेश में हैं
    प्रदेश में अब पर्यटकों की संख्या हर वर्ष बढ़ती जा रही है। गत वर्ष देश में सर्वाधिक पर्यटक मध्यप्रदेश में आए। नैसर्गिक सौन्दर्य, वन्य प्राणी, धार्मिक स्थल, आकर्षक ऐतिहासिक विरासतें और हरे-भरे वन हमारी विशेषता हैं। हमारे वन जीवंत हैं। देश में सर्वाधिक बाघ मध्यप्रदेश में हैं। चंबल सबसे साफ नदी है, जिसमें घड़ियालों का संरक्षण हो रहा है। नर्मदा मैया के दर्शन करने हजारों श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि से मध्यप्रदेश अब देश का एकमात्र चीता प्रदेश बन गया है। चीतों का परिवार पालपुर कूनो में फल-फूल रहा है।

    यूनेस्को की लिस्ट में 18 पर्यटन स्थल
    सांची, खजुराहो और भीमबेटका जैसी विश्वविख्यात धरोहर हमारी वैश्विक सांस्कृतिक पहचान हैं। अब यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में ग्वालियर किला, बुरहानपुर का खूनी भंडारा, चंबल के पत्थर कला स्थल, भोजेश्वरा महादेव मंदिर भोजपुर, रामनगर मंडला के गोंड स्मारक और मंदसौर का धमनार भी जुड़ने की तैयारी में हैं। इसके अलावा नर्मदा परिक्रमा, गोंड चित्रकला और भगोरिया उत्सव भी पर्यटन के नक्शे पर प्रमुखता से उभरे हैं। मध्यप्रदेश ऐसा अग्रणी राज्य बन चला है, जिसने सबसे ज्यादा 18 स्थलों को विश्व विरासत सूची में शामिल करने की पहल की है।

    मध्यप्रदेश के पर्यटन को मिली नई दिशा
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश के पर्यटन को नई दिशा मिली है। केन्द्र का भरपूर सहयोग मिल रहा है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां इको सेंसिटिव जोनल मास्टर प्लान बनाने का काम शुरू किया गया। 27 राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभ्यारण्यों में से सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान और बोरी वन्य जीव अभ्यारण्य में काम पूरा हो गया। हैरिटेज पर्यटन की कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं।

    तीन हजार करोड़ के मिले निवेश प्रस्ताव
    प्रदेश में अधोसंरचना मजबूत होने, सड़क संपर्क में निरंतर सुधार होने और केन्द्र सरकार के सहयोग से रेल सुविधाओं के बढ़ने से पर्यटन क्षेत्र और उद्योग को लाभ मिला है। इस क्षेत्र में निवेश निरंतर बढ़ रहा है। हाल में रीवा पर्यटन कॉन्क्लेव में तीन हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। पर्यटन स्थलों पर सुविधाएं निरंतर बढ़ाई जा रही हैं। पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा की शुरुआत हुई है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सतना और सिगरौली के मध्य वायु सेवा का संचालन हो रहा है।

    निरंतर विस्तार ले रहा आध्यात्मिक पर्यटन
    मध्यप्रदेश सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है। इसी समय आध्यात्मिक पर्यटन भी निरंतर विस्तार ले रहा है। भगवान श्रीमहाकाल की नगरी उज्जैन और यहां श्रीमहाकाल लोक विश्व विख्यात है। पिछले साल सात करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन क्षेत्र के योगदान में आध्यात्मिक पर्यटन भागीदारी को और ज्यादा सशक्त बनाने की तैयारी चल रही है।

    भगवान श्रीराम को दिया जाता है गार्ड ऑफ ऑनर
    ओरछा में भगवान श्रीराम का मंदिर है। यह विश्व का एकमात्र मंदिर है, जहां भगवान को राजा के रूप में गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है। यह अभूतपूर्व आध्यात्मिक घटनाक्रम है। यहां भगवान श्रीराम राजा की सरकार स्थापित है। ग्वालियर के ऐतिहासिक भव्य किले के संबंध में उल्लेख मिलता है कि भारत में पहली बार जीरो का लिखित इस्तेमाल कहां हुआ। ग्वालियर किले में स्थित चतुर्भुज मंदिर में शून्य का सबसे शुरुआती शिलालेख पर उकेरा हुआ प्रमाण मिलता है। इस मंदिर को दुनिया में टेंपल ऑफ जीरो के नाम से भी पहचाना जाता है। धार्मिक आयोजनों को नया स्वरूप दिया जा रहा है। बाबा श्रीमहाकाल की दिव्य सवारी को भव्य रूप दिया गया। रक्षा बंधन के त्यौहार और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को सार्वजनिक रूप से प्रदेश के कोने-कोने में मनाया गया।

    राज्य भर में बनाए जा रहे आध्यात्मिक स्थल
    धार्मिक महत्व के स्थलों में धार्मिक और सांस्कृतिक स्मारकों का निर्माण अध्यात्मिक पर्यटन को नया आयाम देगा। संत रविदास लोक सागर, रानी दुर्गावती स्मारक जबलपुर, देवी लोक सलकनपुर सीहोर, श्री रामराजा लोक ओरछा, जाम सांवली श्री हनुमान लोक पांढुर्ना, श्री पशुपतिनाथ लोक मंदसौर, श्री परशुराम लोक जानापाव महू, महाराणा प्रताप लोक भोपाल, भादवामाता लोक नीमच, रानी अवंतीबाई स्मारक जबलपुर, मां नर्मदा महालोक अमरकंटक अनूपपुर, देवी अहिल्या लोक खरगौन और नागलवाड़ी लोक बड़वानी में किया जा रहा है।

    तेजी से बढ़ रहा फिल्म पर्यटन
    एक ओर जहां आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन समृद्ध हो रहा है, वहीं दूसरी ओर फिल्म पर्यटन भी तेजी से बढ़ रहा है। फिल्म निर्माताओं को मध्यप्रदेश में आकर्षक सुविधाएं मिल रही हैं। कई प्रसिद्ध फिल्मों की शूटिंग मध्यप्रदेश में हुई है। इससे स्थानीय कलाकारों को फिल्मों में काम मिला। फिल्म यूनिट के सदस्यों को होम स्टे की सुविधाओं का लाभ मिला। होम स्टे की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। प्रदेश की ग्रामीण संस्कृति को देखने-समझने में होम स्टे अच्छी भूमिका निभा रहे हैं। फिलहाल 100 पर्यटन ग्राम विकसित किए गए हैं, जिसमें से 63 पर्यटन ग्राम विकसित हो चुके हैं। इनमें 470 से ज्यादा होम स्टे हैं। देश के पहले हैंडलूम गांव प्राणपुर को वैश्विक पहचान मिली है। गोड, भील पेंटिंग और मांडना आर्ट जैसी जनजातीय कलाओं से पर्यटक परचित हुए हैं।

    विदेशी पर्यटकों की बढ़ रही संख्या
    हमारा लक्ष्य है कि पर्यटन उद्योग का निरंतर विस्तार हो, ताकि पर्यटन की संभावनाओं का पूरी तरह रोजगार सृजन के लिये उपयोग किया जा सके। वर्ष 2024 में 13 करोड़ 41 लाख से ज्यादा पर्यटक प्रदेश में आये, जो एक रिकॉर्ड है। विदेशी पर्यटकों की संख्या भी बढ़ रही है। बांधवगढ़, कान्हा, पन्ना और पेंच में आवागमन बढ़ा है। जिस प्रकार मध्यप्रदेश ने आर्थिक निवेश के द्वार खोले हैं, पर्यटन क्षेत्र पर इसका सीधा प्रभाव पड़ा है। स्थानीय समुदाय की भागीदारी, उद्योग समूहों के सहयोग और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता से पर्यटन का क्षेत्र मध्यप्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    इसका अंत कहां होगा? माफी मांगें’, स्टैंड-अप कॉमेडियन्स के मजाक पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

    स्टैंडअप कॉमेडियन की मजाक उड़ाने वाले आपत्तिजनक बातों पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की है, कोर्ट ने कहा है, कमाई के लिए मजाक बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इसके लिए आपको माफी मांगनी चाहिए। जानें कोर्ट ने और क्या कहा?इंडियाज़ गॉट लेटेंट विवाद से जुड़े मामले को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस जाॅयमाल्या बागची ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, हास्य को अच्छी तरह से लिया जाता है और यह जीवन का एक अभिन्न अंग है, हम खुद पर हंसते हैं। लेकिन जब हम दूसरों पर हंसने लगते हैं और संवेदनशीलता को ठेस पहुंचाते हैं। सामुदायिक स्तर पर जब हास्य उत्पन्न होता है, तो यह समस्या बन जाता है। और यही बात आज के तथाकथित प्रभावशाली लोगों को ध्यान में रखनी चाहिए।

    सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए

    जस्टिस बागची ने कहा, अभिव्यक्ति की आजादी को कुछ लोग भाषण का व्यवसायीकरण कर रहे हैं। किसी खास वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए समुदाय का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। यह केवल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं, बल्कि व्यावसायिक भाषण है। सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना समेत सोशल मीडिया के प्रभावशाली लोगों को निर्देश दिया और कहा-वे अपने पॉडकास्ट और कार्यक्रम में दिव्यांगों का उपहास करने के लिए माफी मांगें।

    इस मामले पर जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि अधिकारों और कर्तव्यों में संतुलन होना चाहिए। हास्य कलाकार समय रैना व अन्य के वकील ने कहा कि हमने बिना शर्त माफ़ी मांग ली है। प्रतिवादी पिछले आदेश के अनुसार उपस्थित हैं। इसपर जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि अगली बार हमें बताएं कि हम आप पर कितना जुर्माना लगाएं।

    कोर्ट ने सरकार से गाइडलाइंस जारी करने को कहा

    जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि आज बात विकलांगों की है, अगली बार बात महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों की हो सकती है… इसका अंत कहां होगा? कोर्ट ने सभी को माफी मांगने के लिए कहा है। कोर्ट ने कहा यूट्यूब में सभी माफी मांगे। कोर्ट नवंबर के में सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से सोशल मीडिया पर विकलांगों, महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों का अपमान करने या उनका उपहास करने वाले भाषणों पर अंकुश लगाने के लिए दिशानिर्देश बनाने को कहा।

    CM मोहन यादव ने श्री कृष्ण को ‘माखन चोर’ कहने पर जताया एतराज, नेता प्रतिपक्ष बोले- ‘अपना इतिहास लिखना चाहते हैं’

    जन्माष्टमी के मौके पर मोहन यादव ने कहा कि माखन चोर शब्द बोलने में भी खराब लगता है। इस पर पलटवार करते हुए विपक्ष ने कहा कि मोहन यादव सनातन धर्म का इतिहास बदलना चाहते हैं।कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के बयान पर सियासत शुरू हो चुकी है। माखन चोर शब्द की व्याख्या करते हुए मोहन यादव ने जो कहा उसे पर विपक्ष ने ऐतराज जताते हुए कहा है की मोहन यादव सनातन धर्म और कृष्ण की लीलाओं के इतिहास को बदलना चाहते हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मोहन यादव मुख्यमंत्री हैं, वह जो करना चाहते हैं करें, लेकिन उन्हें वोट चोरी पर जवाब देना होगा।

    सीएम हाउस में आयोजित जन्माष्टमी के कार्यक्रम में मोहन यादव ने कृष्ण लीलाओं की व्याख्या करते हुए कहा था श्री कृष्ण और उनकी ग्वालटोली की माखन चोरी का मकसद कंस के प्रति उनके बाल विद्रोह था। लेकिन समय के साथ जाने अनजाने में उसे विद्रोह की व्याख्या बदल गई।मोहन यादव ने क्या कहा?
    मोहन यादव ने कहा “भगवान कृष्ण का माखन के प्रति जो लगाव है, वो ऐसा है कि उस समय कंस के घर माखन जाता था। भगवान कृष्ण का आक्रोश था कि ये कंस हमारा माखन खाकर हम पर ही अत्याचार कर रहा है। आक्रोश जताने के लिए माता-पिता से लेकर गांव तक उन्होंने बाल ग्वाल की टीम बनाई कि अपना माखन खाओ या मटकी फोड़ दो। हमारे दुश्मन को माखन नहीं पहुंचना चाहिए। भगवान कृष्ण का दृष्टि कौन था, वह विद्रोह भी था, यह संदेश देने की कोशिश कर रहे थे। जाने अनजाने हम भगवान श्री कृष्ण के विद्रोह को न जाने क्या-क्या कहते हैं वह शब्द बोलने में भी खराब लगता है।विपक्ष का पलटवार
    भारतीय सनातनी संस्कृति में गानों में भजनों में सत्संग में कथाओं में सहज रूप से श्री कृष्ण को माखन चोर बोला भी जाता है उसे रूप में देखा भी जाता रहा है। यही वजह है की मोहन यादव के इस शब्द पर ऐतराज पर विपक्ष को भी मोहन यादव पर निशाना साधने का मौका मिल गया। मध्य प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार सामने आए और कहा मोहन यादव कृष्ण लीलाओं की कहानी बदलकर इतिहास लिखना चाहते हैं। उन्होंने कहा “मोहन यादव अपना इतिहास लिखना चाहते हैं लेकिन जो इतिहास में कितने सालों से कृष्ण की लीलाएं लिखी हैं कृष्ण के बारे में लिखा है तो क्या सनातन धर्म की पुरानी कहानी उनको बदलना चाहते हैं।”

    भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई अंजाम तक पहुंचे, कोई भी कार्रवाई से बाहर नहीं होना चाहिए’, बोले पीएम मोदी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को बिहार में कई परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने एक सभा कोभी संबोधित किया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, शहरी विकास और जल आपूर्ति जैसे विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 13,000 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, प्रदेश के दोनों डिप्टी सीएम और केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी मौजूद रहे।

    पीएम मोदी ने विरोधियों को दिया जवाब
    एनडीए सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ एक ऐसा कानून लाई है, जिसके दायरे में देश का प्रधानमंत्री भी आता है। इस कानून में मुख्यमंत्री और मंत्री भी शामिल किए गए हैं। इस कानून के बनने के बाद, अगर कोई मुख्यमंत्री, मंत्री या प्रधानमंत्री गिरफ्तार होता है, तो उसे 30 दिन के भीतर जमानत लेनी होगी, और अगर जमानत नहीं मिली तो 31वें दिन उसे कुर्सी छोड़नी पड़ेगी। आप सोचिए, आज कानून है कि अगर किसी छोटे सरकारी कर्मचारी को 50 घंटे तक हिरासत में रखा जाए तो वह अपने-आप निलंबित हो जाता है, लेकिन अगर कोई मुख्यमंत्री है, मंत्री है या प्रधानमंत्री है, तो वह जेल में रहकर भी सत्ता का सुख पा सकता है। हमने कुछ समय पहले ही देखा है कि कैसे जेल से ही फाइलों पर साइन किए जा रहे थे, जेल से ही सरकारी आदेश जारी किए जा रहे थे। नेताओं का अगर यही रवैया रहेगा, तो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई कैसे लड़ी जा सकती है?

    आरजेडी पर बरसे पीएम मोदी
    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “लालटेन राज में यहां कैसी दुर्दशा थी। लालटेन राज में ये इलाका लाल आतंक से जकड़ा था। माओवादियों के कारण शाम के बाद कहीं आना-जाना मुश्किल था। लालटेन राज में गयाजी जैसे शहर अंधेरे में डूबे रहते थे। हजारों गांवों तक बिजली के खंभे नहीं पहुंचते थे… बिहार की कितनी पीढ़ियों को इन लोगों ने बिहार से पलायन के लिए मजबूर कर दिया था।”पीएम मोदी ने दिया विरोधियों को जवाब

    इतने वर्षों में हमारी सरकार पर भ्रष्टाचार का एक भी दाग नहीं लगा, जबकि आज़ादी के बाद कांग्रेस की सरकारें जो 60–65 साल तक सत्ता में रहीं, उनके भ्रष्टाचारों की एक लंबी सूची है। आरजेडी का भ्रष्टाचार तो बिहार का बच्चा-बच्चा जानता है। मेरा साफ मानना है कि अगर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाना है, तो कोई भी कार्रवाई से बाहर नहीं होना चाहिए।

    डेब्यू मैच में बॉलिंग एक्शन पर हुई शिकायत, अब आखिरी 2 वनडे से हुआ बाहर हुआ ये खिलाड़ी

    साउथ अफ्रीका टीम के ऑफ स्पिन गेंदबाज प्रेनेलन सुब्रायन को अपने वनडे डेब्यू मैच में ही बॉलिंग एक्शन के चलते शिकायत का सामना करना पड़ा है। अब वह आखिरी 2 वनडे मैचों में खेलते हुए दिखाई नहीं देंगे।साउथ अफ्रीका टीम अभी ऑस्ट्रेलिया में तीन मैचों की वनडे सीरीज खेल रही है, जिसमें पहले मुकाबले में उन्होंने 98 रनों से जीत हासिल करने के साथ सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। वहीं अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का दूसरा मुकाबला 22 अगस्त को खेला जाएगा। पहले वनडे मैच में साउथ अफ्रीका टीम की तरफ से ऑफ स्पिनर प्रेनेलन सुब्रायन को डेब्यू करने का मौका मिला था, लेकिन उसके बाद उनके गेंदबाजी एक्शन को लेकर सवाल उठे जिसको लेकर आईसीसी ने उन्हें बॉलिंग एक्शन की जांच कराने के लिए 14 दिन का सम दिया है। वहीं अब प्रेनेलन सुब्रायन गेंदबाजी एक्शन की जांच रिपोर्ट आने तक आखिरी 2 वनडे मैचों में भी नहीं खेल पाएंगे।

    साउथ अफ्रीकी कोच ने अपने बयान में की पुष्टि
    प्रेनेलन सुब्रायन के गेंदबाजी एक्शन को लेकर शिकायत होने के बाद आईसीसी की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार उन्हें मान्यता प्राप्त टेस्टिंग सेंटर में जाकर अपने बॉलिंग एक्शन की जांच करानी होगी जिसको लेकर सुब्रायन को 14 दिन का समय दिया गया है। वहीं आईसीसी ने अपनी तरफ से ये भी साफ कर दिया था कि प्रेनेलन सुब्रायन जांच रिपोर्ट आने तक गेंदबाजी करना जारी रखेंगे। अब साउथ अफ्रीका टीम के हेड कोच शुक्री कोनराड ने दूसरे वनडे मैच से ठीक पहले हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये साफ कर दिया की प्रेनेलन सुब्रायन इस सीरीज के बचे आखिरी दोनों वनडे मैच नहीं खेलेंगे भले ही वह चयन के लिए उपलब्ध हैं। उनके गेंदबाजी एक्शन की जांच ब्रिस्बेन स्थित टेस्टिंग सेंटर में होगी।

    अफ्रीकी टीम की नजरें लगातार 5वीं सीरीज जीत पर
    ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ साउथ अफ्रीका टीम का पिछली चार द्विपक्षीय वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है, जिसमें वह सभी को अपने नाम करने में कामयाब हुई हैं। इसमें से एक सीरीज ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी में भी खेली गई थी। वहीं अब साउथ अफ्रीका टीम की नजरें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार 5वीं वनडे सीरीज जीत पर है। दोनों टीमों के बीच इस वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला मैकॉय के मैदान पर खेला जाएगा।