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    राम मंदिर के लिए दान पर टैक्स छूट:इनकम टैक्स के सेक्शन 80G के तहत मिलेगा फायदा, ट्रस्ट की ऑनलाइन वेबसाइट पर ऐसे करें दान

    अगर आप भी राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में राम मंदिर निर्माण के लिए दान करना चाहते हैं तो आप इस पर इनकम टैक्स छूट का फायदा भी ले सकते हैं। सरकार के इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 80G से राम मंदिर रेनोवेशन या मरम्मत के लिए किए गए दान की गई 50% रकम पर इनकम टैक्स छूट ले सकते हैं।

    क्या कहते हैं नियम
    CA आनंद जैन (इंदौर) बताते हैं कि 
    इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 80G के तहत सभी टैक्सपेयर जैसे इंडीविजुअल टैक्सपेयर, कंपनियां और फर्म धार्मिक संस्थानों को धन दान करके टैक्स बचा सकते हैं। हालांकि, आप हर जगह डोनेशन देकर टैक्स डिडक्शन क्लेम नहीं कर सकते। इसके लिए आपको उन्हीं संस्थानों या चैरिटेबल ट्रस्ट में डोनेट करना होगा जिनके बारे में आयकर विभाग की वेबसाइट पर जानकारी उपलब्ध है।

    केंद्र सरकार ने राम मंदिर ट्रस्ट को वित्त वर्ष 2020-21 से सेक्शन 80G(B)(2) के ऐतिहासिक महत्व और प्रसिद्ध सार्वजनिक पूजा स्थल के तौर पर लिस्ट किया है। इसलिए, मंदिर के रिनोवेशन या मरम्मत के लिए किए गए दान में 50% की कटौती दी जा सकती है।

    इसे उदाहरण से समझते हैं: मान लीजिए आपने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में 1 लाख रुपए दान किए हैं। तो इसमें से आप 50 हजार रुपए पर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। यानी ये रकम आपकी कुल टैक्सेबल इनकम में से माइनस कर दी जाएगी। हालांकि, इसके लिए आपको इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय दान की रिसिप्ट सबमिट करनी होगी।

    कौन-से टैक्सपेयर हैं एलिजिबल
    इस डोनेशन में टैक्स पर छूट के लिए सिर्फ ओल्ड टैक्स रिजीम चुनने वाले टैक्सपेयर ही एलिजिबल हैं। सिर्फ मंदिर की मरम्मत और रिनोवेशन के लिए किए गए दान पर 50% की छूट मिलेगी। दान की गई रकम आपकी टोटल ग्रॉस इनकम के 10% से ज्यादा नहीं होना चाहिए। 10% से ऊपर की रकम टैक्स डिडक्शन के लिए एलिजिबल नहीं होगी। टैक्स में छूट के लिए दान की रसीद होना जरूरी है।
    इसके अलावा 2000 रुपए से ज्यादा का नकद दान भी टैक्स में छूट के लिए एलिजिबल नहीं होगा। इसके साथ ही वस्तु या किसी और तरह का दान इस टैक्स छूट के लिए एलिजिबल नहीं होगा।

    अयोध्या राम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न:मोदी ने रामलला की आंखों से पट्टी खोली, हाथ में कमल का फूल लेकर पूजा की; रामलला ने पीतांबर पहना

    दर्शन हो गए हैं। इससे पहले मंदिर के गर्भगृह में मोदी पहुंचे और उन्होंने प्राण-प्रतिष्ठा पूजा के लिए संकल्प लिया। फिर पूजा शुरू की। पीएम ने ही रामलला की आंख से पट्टी खोली और कमल का फूल लेकर पूजन किया। रामलला पीतांबर से सुशोभित हैं। उन्होंने हाथों में धनुष-बाण धारण किया है।

    देश-विदेश से कई अतिथि पहुंचे हैं। इनमें संघ प्रमुख मोहन भागवत, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, मुकेश-नीता अंबानी, गौतम अडाणी, अमिताभ बच्चन, रजनीकांत शामिल हैं। पीएम नरेंद्र मोदी सुबह 10 बजकर 25 मिनट पर अयोध्या पहुंचे। उधर, लालकृष्ण आडवाणी अयोध्या नहीं आए। पूजन के दौरान सेना के हेलिकॉप्टर से अयोध्या में पुष्प वर्षा की गई।

    सोमवार सुबह समारोह की शुरुआत मंगल ध्वनि से हुई। सुबह 10 बजे से 18 राज्यों के 50 वाद्ययंत्र बजाए रहे हैं। प्राण प्रतिष्ठा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर बनाने वाले श्रमजीवियों से मुलाकात करेंगे। कुबेर टीला जाकर भगवान शिव का पूजन करेंगे।

    अयोध्या के 126 गांवों के सूर्यवंशी ठाकुरों ने 500 साल बाद पगड़ी और चमड़े के जूते पहने। इन्होंने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा तक पगड़ी और चमड़े के जूते ना पहनने की शपथ खाई थी।

    रामलला को सोने का कवच कुंडल, करधन माला पहनाई गई। मुकुट का वजन करीब 5 किलो बताया जा रहा है। भगवान के हाथ में सोने का धनुष बाण है।

    राम मंदिर के गर्भगृह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्राण प्रतिष्ठा के लिए पूजन-अर्चन कर रहे हैं। उनके ठीक बगल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत बैठे हैं।

    कौन हैं वो 10 खिलाड़ी जो रोहित की वर्ल्ड कप टीम में एकदम पक्के, ये हो सकती है 15 सदस्यीय टीम

    टी20 वर्ल्ड कप 2024 को लेकर भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने बड़ा बयान दिया था. रोहित ने कहा था कि उन्हें लगभग दस खिलाड़ियों के नाम मालूम हैं, जो वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा होंगे. आगामी टी20 वर्ल्ड कप 1 जून से लेकर 29 जून तक वेस्टइंडीज और यूएसए में खेला जाना है.

    टी20 वर्ल्ड कप इस साल जून के महीने में वेस्टइंडीज और यूएसए में खेला जाना है. इस वर्ल्ड कप के शुरू होने में अब पांच महीने से भी कम का समय बचा हुआ है. मगर भारत का टीम कॉम्बिनेशन फाइनल नहीं हुआ है. टी20 वर्ल्ड कप 2024 को लेकर भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने हाल ही में बड़ा बयान दिया था.

    रोहित ने कहा था कि उन्हें लगभग 10 खिलाड़ियों के नाम मालूम हैं जो वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा होंगे. वैसे भारतीय फैन्स के मन में अभी से यह सवाल उठ रहा है कि वे कौन से खिलाड़ी हैं जिन्हें वर्ल्ड कप के लिए शॉर्टलिस्ट किया जा चुका है. आइए जानते हैं उन खिलाड़ियों के बारे में जिन्हें टी20 वर्ल्ड कप खेलने का मौका मिल सकता है…

    बल्लेबाज (5): कप्तान रोहित शर्मा, ओपनर यशस्वी जायसवाल, मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज रिंकू सिंह और पूर्व कप्तान विराट कोहली का टीम में रहना लगभग तय है. रोहित शर्मा और विराट कोहली ने अफगानिस्तान सीरीज के जरिए टी20 इंटरनेशनल में वापसी की थी. वहीं यशस्वी जायसवाल और रिंकू सिंह भी टी20 क्रिकेट में शानदार खेल दिखा रहे हैं. सूर्यकुमार यादव की भी टीम में जगह पूरी तरह पक्की रहेगी, हालांकि वह फिट हो पाते हैं या नहीं ये देखना होगा.

    विकेटकीपर (2): विकेटकीपर बल्लेबाजों की बात करें ईशान किशन और जितेश शर्मा इस लिस्ट में रह सकते हैं. ईशान को भले ही अफगानिस्तान सीरीज के लिए टीम में नहीं चुना गया था, मगर उन्हें इग्नोर करना चयनकर्ताओं के लिए काफी मुश्किल होगा. ऋषभ पंत और संजू सैमसन के नाम पर भी विचार किया जा सकता है.

    India's Ishan Kishan watches the ball after playing a shot during the first Twenty20 international cricket match between India and Australia at the...

    ऑलराउंडर (3): ऑलराउंडर खिलाड़ियों की बात करें तो शिवम दुबे का रहना तय है. हार्दिक पंड्या की भी एंट्री पक्की है, हालांकि वह फिट हो पाते हैं या नहीं, ये देखना होगा. रवींद्र जडेजा और अक्षर पटेल में से किसी एक की एंट्री भी पक्की है. वॉशिंगटन सुंदर के नाम पर भी विचार किया जा सकता है, जो बल्लेबाजी में भी योगदान देने में माहिर हैं.

    स्पिनर्स (2): विशेषज्ञ स्पिन गेंदबाजों के तौर पर कुलदीप यादव और रवि बिश्नोई को शामिल किया जा सकता है. चूंकि वर्ल्ड कप वेस्टइंडीज और यूएसए में होना है, ऐसे में कुलदीप और बिश्नोई काफी कारगर साबित हो सकते हैं.

    तेज गेंदबाज (3): फास्ट बॉलिंग यूनिट में जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और अर्शदीप सिंह को जगह मिल सकती है. बुमराह और सिराज को अफगानिस्तान सीरीज से रेस्ट दिया गया था. मुकेश कुमार, आवेश खान जैसे खिलाड़ियों के नाम पर भी विचार किया जा सकता है.

    टी20 वर्ल्ड कप के लिए संभावित टीम: रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली, श‍िवम दुबे, रिंकू सिंह, रव‍ि बिश्नोई, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह, सूर्यकुमार यादव (अगर फिट हुए तो), हार्द‍िक पंड्या (अगर फिट हुए तो),  संजू सैमसन/ज‍ितेश शर्मा/ईशान किशन/ऋषभ पंत (इन चार में से कोई दो), रवींद्र जडेजा/अक्षर पटेल.

    रोहित शर्मा ने टी20 वर्ल्ड कप को लेकर जियो सिनेमा से कहा था, ‘जब हम वनडे वर्ल्ड कप खेल रहे थे तब हमने टी20 में कई लड़कों को आजमाया. उन्होंने अच्छा भी खेला लेकिन टीम की घोषणा हुई तो कुछ बाहर रह गए. उनके लिये यह निराशाजनक था लेकिन हमारा काम टीम के सामने हर चीज स्पष्ट रखना है. 25-30 खिलाड़ियों के पूल में सभी को पता है कि उनसे क्या अपेक्षा है. हमने टी20 वर्ल्ड कप के लिए टीम तय नहीं की है लेकिन दिमाग में तो पता है कि आठ-दस खिलाड़ी कौन होंगे जो चुने ही जाएंगे.’

    उधर टीम इंडिया के हेड कोच राहुल द्रविड़ ने भी टी20 वर्ल्ड कप को लेकर बयान दिया था. द्रविड़ ने जोर देकर कहा था कि अफगानिस्तान के खिलाफ हालिया टी20 सीरीज वर्ल्ड कप के लिए चयन का आधार नहीं होंगे. द्रविड़ ने भी कहा था कि आईपीएल 2024 में प्रदर्शन के आधार पर वर्ल्ड कप टीम चुनी जाएगी.

    टी20 वर्ल्ड कप का ऐसा रहेगा फॉर्मेट

    आगामी टी20 वर्ल्ड कप 1 जून से लेकर 29 जून तक वेस्टइंडीज और यूएसए में खेला जाना है. 20 टीमों वाला टूर्नामेंट कुल नॉकआउट समेत कुल 3 स्टेज में खेला जाएगा. सभी 20 टीमों को 5-5 के 4 ग्रुप में बांटा जाएगा. हर ग्रुप की टॉप-2 टीमें सुपर-8 में एंट्री करेंगी. इसके बाद फिर सभी 8 टीमों को 4-4 के 2 ग्रुप में बांटा जाएगा. सुपर-8 स्टेज में दोनों ग्रुप की दो-दो शीर्ष टीमें सेमीफाइनल में एंट्री करेंगी. दो सेमीफाइनल मुकाबले के जरिए दो टीमें फाइनल में जगह बनाएंगी.

    टी20 वर्ल्ड कप का ग्रुप:
    ग्रुप ए- भारत, पाकिस्तान, आयरलैंड, कनाडा, यूएसए
    ग्रुप बी- इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, नामीबिया, स्कॉटलैंड, ओमान
    ग्रुप सी- न्यूजीलैंड, वेस्टइंडीज, अफगानिस्तान, युगांडा, पापुआ न्यू गिनी
    ग्रुप डी- साउथ अफ्रीका, श्रीलंका, बांग्लादेश, नीदरलैंड्स, नेपाल

    Akshay-Tiger ताबड़तोड़ एक्शन से बवाल मचाने को तैयार, इस दिन रिलीज होगा Bade Miyan Chote Miyan का टीजर

    अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ की फिल्म बड़े मियां छोटे मियां का नया पोस्टर रिवील कर दिया गया है. साथ ही एक्शन-थ्रिलर फिल्म के टीजर की रिलीज डेट भी अनाउंस कर दी है

     बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ इन दिनों अपनी नई फिल्म बड़े मियां छोटे मियां को लेकर खूब लाइमलाइट में बने हुए हैं. अक्षय (Akshay Kumar) और टाइगर (Tiger Shroff) स्टारर बड़े मियां छोटे मियां एक्शन लवर्स के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं होने वाली है. एक्शन-ड्रामा थ्रिलर फिल्म  के लिए फैंस भी खूब एक्साइटेड हैं. इन्हीं सब के बीच मेकर्स ने बड़े मियां छोटे मियां का नया पोस्टर रिवील कर दिया है और साथ ही फिल्म के टीजर की रिलीज डेट भी अनाउंस कर दी है.

    बड़े मियां छोटे मियां का नया पोस्टर रिवील

    बड़े मियां छोटे मियां फिल्म का नया पोस्टर शनिवार की सुबह इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया है. पोस्टर में आसमान में उड़ते कई हेलीकॉप्टर और दोनों एक्टर्स अक्षय-टाइगर (Akshay-Tiger Movie) हाथ में बंदूक लिए खड़े नजर आ रहे हैं. पोस्टर को देख ऐसा लगता है कि वह दोनों किसी जंग के मैदान में खड़े हैं. पोस्टर पर लिखा है- दुनिया खत्म होने के कगार पर है और हमारे हीरो जाग रहे हैं. बड़े मियां छोटे मियां के नए पोस्टर के साथ कैप्शन में लिखा है- हमारी पसंदीदा चीज करने के लिए बिग स्क्रीन पर वापस आ रहे हैं-एक्शन. #BadeMiyanChoteMiyan टीजर आउट ऑन 24 जनवरी 2024.

    कब रिलीज होगी बड़े मियां छोटे मियां?

    बड़े मियां छोटे मियां (Bade Miyan Chote Miyan) साल 2023 के फरवरी में अनाउंस हुई थी. इस फिल्म को अली अब्बास जफर ने लिखा और डायरेक्ट किया है. वहीं फिल्म का प्रोड्क्शन पूजा एंटरटेनमेंट और aaz फिल्म्स कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि बड़े मियां छोटे मियां साल 2024 की बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित होगी. बता दें, अक्षय और टाइगर के साथ फिल्म में पृथ्वीराज सुकुमारन भी अहम रोल में नजर आने वाले हैं. पृथ्वीराज सुकुमारने इससे पहले सालार पार्ट 1: सीजफायर में दिखाई दे चुके हैं.

    HDFC-SBI-ICICI ने बदले क्रेड‍िट कार्ड के न‍ियम

    अगर आप भी क्रेड‍िट कार्ड यूज करते हैं तो यह खबर आपके काम की है. जी हां, प‍िछले द‍िनों कई पब्‍ल‍िक और प्राइवेट बैंकों ने क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव क‍िया है. इनमें से कुछ बदलाव ऐसे हैं ज‍िनके बारे में कार्ड होल्‍डर को जानकारी होना जरूरी है. यह बदलाव एसबीआई कार्ड, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक की तरफ से क‍िया गया है. आइए जानते हैं कार्ड में हुए बदलावों के बारे में-

    एचडीएफसी बैंक ने रेगलिया और मिलेनिया क्रेडिट कार्ड के नियम में बदलाव क‍िया है. 1 दिसंबर, 2023 से रेगलिया कार्ड के लिए लाउंज एक्सेस के न‍ियम में बदलाव क‍िया गया है. नए न‍ियम के अनुसार लाउंज एक्सेस प्रोग्राम क्रेडिट कार्ड के खर्च पर बेस्‍ड होगा. एक कैलेंडर तिमाही में एक लाख से ज्‍यादा खर्च करने पर आपको दो लाउंज एक्सेस वाउचर म‍िल सकेंगे. इसी तरह एचडीएफस म‍िलेन‍िया कार्ड से हर त‍िमाही में एक लाख का खर्च करने पर आपको एक लाउंज एक्‍सेस म‍िलेगा.

    एसबीआई कार्ड के अनुसार 1 जनवरी 2024 से आपके पेटीएम एसबीआई क्रेडिट कार्ड पर किराया भुगतान लेनदेन के लिए कैशबैक बंद कर दिया गया है. 1 नवंबर, 2023 से सिंपलीक्लिक/सिंपलीक्लिक एडवांटेज एसबीआई कार्ड का ईजीडाइनर ऑनलाइन खरीदारी के लिए 10X रिवॉर्ड प्‍वाइंट अब 5X रिवॉर्ड प्‍वाइंट होगा. अपोलो 24×7, बुकमाइशो, क्लियरट्रिप, डोमिनोज, म‍िंत्रा, नेटमेड्स और यात्रा पर की गई ऑनलाइन खरीदारी के लिए आपके कार्ड में 10X रिवॉर्ड प्‍वाइंट जोड़े जाएंगे.

    एक्सिस बैंक ने भी क्रेडिट कार्डधारकों के लिए कुछ अहम बदलाव क‍िये हैं. एक्सिस बैंक ने मैग्‍नस क्रेडिट कार्ड की एनुअल फी और ज्वाइनिंग ग‍िफ्ट में बदलाव क‍िया है. बैंक ने एक्सिस बैंक रिजर्व क्रेडिट कार्ड के नियम व शर्तों में भी बदलाव क‍िया है.

    आईसीआईसीआई बैंक की तरफ से क्रेडिट कार्डधारक धारकों के ल‍िए जल्‍द एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस और कार्डों के रिवॉर्ड प्‍वाइंट से जुड़े न‍ियमों में बदलाव लागू क‍िया जाने वाला है. आईसीआईसीआई बैंक की वेबसाइट के अनुसार 1 अप्रैल 2024 से आप प‍िछली कैलेंडर त‍िमाही में 35000 रुपये खर्च करके एयर पोर्ट लाउंज का एक्‍स‍िस ले सकते हैं. प‍िछले कैलेंडर त‍िमाही में क‍िया गया खर्च अगली कैलेंडर तिमाही के लिए एक्‍सेस को अनलॉक कर देगा.

    पहले महाघोटाले की बात होती थी, अब महाप्रोजेक्ट की चर्चा होती है : PM मोदी

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पहले हजारों लाखों करोड़ रुपये के महाघोटालों की चर्चा होती थी लेकिन अब देश में महाप्रोजेक्ट की चर्चा होने लगी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संकल्प से सिद्धि का समय है, हम जो संकल्प करते हैं, उसे समय से ही सिद्ध कर बता रहे हैं।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नवी मुंबई में शुक्रवार को आयोजित अटल सेतु उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान कहा कि बांद्रा-वर्ली सीलिंक का काम कांग्रेस सरकार ने किया था लेकिन अटल सेतु का काम बांद्रा सीलिंक से पांच गुणा अधिक है पर बांद्रा वर्ली सीलिंक का काम समय से पूरा नहीं हो सका था और इसकी लागत बढ़ गई थी जबकि अटल सेतु का काम तय समय और तय लागत में पूरा हो गया। आज देश को दुनिया का सबसे बड़ा विशाल अटल सेतु मिल गया। यही हमारे संकल्प का पैमाना है। हम भारत के विकास के लिए सागर से भी प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। लहरों से लड़ सकते हैं। आज का कार्यक्रम संकल्प से सिद्धि का माप है। 24 दिसंबर 2016 को भुलाया नहीं जा सकता। आज के दिन मैं अटल सेतु के भूमि पूजन के लिए आया था। तब मैंने छत्रपति शिवाजी महाराज को नमन किया और उनसे कहा कि इसे लिख लें, देश बदल जाएगा और देश आगे बढ़ेगा।

    पीएम मोदी ने कहा कि देशवासियों को उस प्रणाली से कोई उम्मीद नहीं बची थी जो वर्षों से काम को रोकने की आदी हो गई थी। लोगों को लगा कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि बड़ी परियोजनाएं उनके जीवनकाल में पूरी हो जाएंगी। तो मैंने कहा कि लिख लीजिए, देश बदल जाएगा और जरूर बदलेगा। तब ये मोदी की गारंटी थी। आज मैं छत्रपति शिवाजी महाराज को फिर से प्रणाम करके, मुंब्रा देवी को प्रणाम करके, सिद्धिविनायक को प्रणाम करके अटल सेतु को मुंबईवासियों के लिए समर्पित कर रहा हूं। कोरोना संकट में भी मुंबई ट्रांस हार्बर का पूरा होना बड़ी बात है। भूमिपूजन, लोकार्पण कोई एक दिन का आयोजन नहीं है। हमारे लिए हर प्रोजेक्ट भारत में इनोवेशन का माध्यम है। प्रत्येक ईंट से एक इमारत बनती है। साथ ही ऐसी हर परियोजना एक भव्य भारत का निर्माण करेगी।

    पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में, मुझे चुनाव की जिम्मेदारी दी गई थी। उससे पहले मैं रायगढ़ किले पर गया था. मैं कुछ पल के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज की समाधि के पास बैठा था। 10 साल हो गये। इन 10 वर्षों में हमने अपने सपनों को साकार होते देखा है। अटल सेतु इसी भावना का परिचायक है। युवा नये विश्वास लेकर आये हैं। उनके उज्ज्वल भविष्य का रास्ता अटल सेतु जैसी सड़कों से होकर गुजरता है। अटल सेतु की तस्वीर विकसित भारत की है। विकसित भारत की एक झलक। विकसित भारत में गति होगी, प्रगति होगी। विकसित भारत में दूरियां कम होंगी, देश का हर कोना जुड़ेगा। मोदी ने कहा, पिछले 10 सालों में भारत बदल गया है।

    पीएम मोदी ने कहा कि अटल टनल और चिनाब जैसे पुलों पर चर्चा हुई। एक के बाद एक हाइवे बनाने की बात हो रही है। पूर्वी और पश्चिमी, पश्चिमी गलियारा रेलवे की छवि बदलने वाला है। वंदे भारत, नमो भारत, अमृत भारत ट्रेनें आम आदमी के जीवन को आसान बना रही हैं। आज हर देश के कोने-कोने में नये-नये एयरपोर्ट खुल रहे हैं। महाराष्ट्र में भी कई बड़ी परियोजनाएं पूरी हो रही हैं। पिछले साल समृद्धि राजमार्ग का उद्घाटन किया गया था। नवी मुंबई हवाई अड्डे और तटीय सड़क पर काम चल रहा है। आने वाले साल में मुंबई को पहली बुलेट ट्रेन भी मिल जाएगी। करदाताओं के पैसे का उपयोग विकास में किया जा रहा है लेकिन जिन लोगों ने एक दशक से ज्यादा समय तक देश पर शासन किया, उन्होंने देश के पैसे और करदाताओं के पैसे के बारे में नहीं सोचा। उनकी परियोजनाएं पूरी नहीं होना चाहतीं या देर से पूरी होती हैं। पीएम मोदी ने कहा कि उनका लक्ष्य है राज्य की दो करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का है। वे इसे करके दिखाएंगे।

    प्रधानमंत्री आज नासिक दौरे पर थे। उन्होंने कालाराम मंदिर में स्वच्छता भी की। साथ ही प्रधानमंत्री गोदावरी में जलपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए थे। नासिक में प्रधानमंत्री के रोड शो में लाखों समर्थकों ने भाग लिया एवं प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दी।

    ना मुख्यमंत्री आवास में रहेंगे, न परिवार को राजधानी लायेंगे

    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव श्यामला हिल्स स्थित मुख्यमंत्री निवास में रहने नहीं जा रहे हैं और ना ही अपने परिवार को उज्जैन से राजधानी में शिफ्ट करेंगे ।मुख्यमंत्री के निकटस्थ सूत्रों ने बताया है कि यादव अपने वर्तमान आवास विंध्य कोठी को ही अपना स्थाई ठिकाना बनाये रखेंगे।
    बीते एक महीने के कार्यकाल में अपनी विशिष्ट कार्यशैली से केवल मध्य प्रदेश को ही नहीं बल्कि देश की सियासत को चौंकाने वाले निर्णय दे रहे मोहन यादव इस तरह से एक और अनूठी मिसाल पेश करेंगे, वे अपने उच्च शिक्षा मंत्री के समय आवंटित आवास को ही स्थाई मुख्यमंत्री निवास बनाए रखेंगे , श्यामला हिल्स स्थित आधिकारिक मुख्यमंत्री निवास में जाने का उनका आगे भी कोई इरादा नहीं है।
    मध्य प्रदेश के 19वें मुख्यमंत्री के रूप में 13 दिसंबर को शपथ लेने के बाद से डॉ यादव के मुख्यमंत्री निवास में शिफ्ट होने की चर्चाए जोरों पर थी ,कि वे खर मास के बाद मकर संक्रांति 15 जनवरी पर विधिवत रूप से इस आवास में पहुंचेंगे ,बाद में यह कहा गया कि वे अयोध्या मे रामलला के प्राण प्रतिष्ठित होने के उपरांत अपने नए घर में रहने जाएंगे।

    रियासत के समय का हैं ये आवास

    भोपाल रियासत के वक्त से ही श्यामला हिल्स स्थित यह भवन राजधानी का प्रमुख केंद्र बिंदु रहा है, और मध्य प्रदेश के गठन के बाद से ये आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री निवास के रूप में जाना जाता है, लेकिन डॉ. गोविंद नारायण सिंह, डीपी मिश्रा और प्रकाश चंद सेठी ने इसे मुख्यमंत्री आवास के रूप में कभी स्वीकार नहीं किया और ये सभी मुख्यमंत्रीगण अपना कार्यालय और निवास अन्यत्र ही बनाएं रखें । ठीक उसी तरह मोहन यादव ने भी आधिकारिक मुख्यमंत्री निवास में जाना उचित नहीं समझा हैं और अपने वर्तमान आवास को ही मुख्यमंत्री आवास के रूप में चयनित कर लिया है।

    श्याम भैया को अतिप्रिय था

    जानकारों की माने तो के पूर्व मुख्यमंत्री रहे पंडित श्यामाचरण शुक्ला को यह भवन अतिप्रिय था, और उन्होंने यहां की सुंदरता और वास्तु को लेकर अत्यधिक काम भी किया।भारत भवन के निर्माण के वक्त इसके परिसर का विस्तार तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने करवाया था और वे इसमें लंबे अर्से तक रहे भी।

    प्रकाश चंद्र सेठी ने भी दूरी रखी

    उज्जैन की आन बान और शान कहे जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री स्व .प्रकाशचंद्र सेठी ने भी सिविल लाइंस स्थित अपने आवास (वर्तमान में नया सर्किट हाउस)को ही मुख्यमंत्री निवास बनाया था ,उन्हें श्यामला हिल्स कभी भाया ही नहीं, वे अपने मुख्यमंत्रित्व काल में कभी श्यामला हिल्स स्थित आवास में नहीं गए।
    कांग्रेस के सर्वाधिक समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाने वाले एक अन्य मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जब इस आवास में रहने गए तो उन्होंने इसमें सर्वाधिक साज सज्जा और विस्तार कराया ,खासकर उनकी पत्नी स्वर्गीय आशा सिंह ने इस बंगले की खूबसूरती को निखारने मे अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
    यह भी महज संयोग था कि कमलनाथ भी मुख्यमंत्री के तौर पर श्यामला हिल्स स्थित आवास में 18 महीने में पूरी तरह से शिफ्ट नहीं हो पाए और उनकी सरकार चली गई ।

    शिवराज ने भारी मन से खाली किया
    हाल ही में निवृत्तमान हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी इस बंगले से काफी लगाव रहा।उन्होंने इसमें अब तक का सर्वाधिक विस्तार और निर्माण कार्य वो भी वास्तु की दृष्टि से करवाये। लगभग साढे 16 साल तक वे इसमें जमे रहे और हाल ही में बड़े भारी मन से इस आवास को छोड़कर अपने 74 बंगले स्थित निवास मामा का घर में शिफ्ट हुए हैं।

    ओडिशा विधानसभा का बजट सत्र पांच फरवरी से, 8 फरवरी को पेश किया जाएगा कामकाजी बजट

    Odisha Assembly Budget Session ओडिशा विधानसभा का बजट सत्र 5 फरवरी से शुरू होगा और यह 13 फरवरी तक चलेगा। आम चुनाव से पहले विधानसभा का यह आखिरी अधिवेशन और आखिरी बजट होगा। 8 फरवरी को 2024-25 आर्थिक वर्ष के लिए लेखानुदान यानी कामकाजी बजट पेश किया जाएगा। इसके बाद 13 तारीख को गैर-सरकारी सदस्यों के लिए कार्य दिवस रहेगा।

    ओडिशा विधानसभा का बजट सत्र 5 फरवरी से शुरू होगा, जो कि 13 फरवरी तक चलेगा। 8 फरवरी को 2024-25 आर्थिक वर्ष के लिए लेखानुदान यानी कामकाजी बजट पेश किया जाएगा।

    पहले दिन होगा राज्‍यपाल का अभिभाषण

    विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी औपचारिक अधिसूचना के अनुसार, 16वीं विधानसभा का 15वां सत्र पांच फरवरी से शुरू होगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा।

    राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के तहत 6 और 7 फरवरी को चर्चा होगी। वित्त मंत्री विक्रम केशरी आरुख 8 फरवरी को सदन में 2024-25 का बजट पेश करेंगे। इसे प्रस्ताव के रूप में सदन में पेश किया जाएगा और इस पर चर्चा की जाएगी।

    व्यय मंजूरी बिल (कामकाजी बजट) होगा पास

    अगले दिन व्यय मंजूरी बिल (कामकाजी बजट) पास हो जाएगा।10 और 11 फरवरी को शनिवार और रविवार की छुट्टी रहेगी। सदन में 12 फरवरी को आधिकारिक कार्य दिवस रहेगा जबकि 13 तारीख को गैर-सरकारी सदस्यों के लिए कार्य दिवस रहेगा। आम चुनाव से पहले विधानसभा का यह आखिरी अधिवेशन और आखिरी बजट होगा।

    बागवानी उत्पादन 355.25 मिलियन टन होने का अनुमान

    बागवानी फसलों (Horticultural crops.) के क्षेत्रफल व उत्पादन (Area and production.) के संबंध में वर्ष 2022-23 का तीसरा अग्रिम अनुमान (Third advance estimate) गुरुवार को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने जारी किया है। इस अनुमान के तहत वर्ष 2022-23 में कुल बागवानी उत्पादन 355.25 मिलियन टन (Horticulture production 355.25 million tonnes.) होने का अनुमान है, जो कि वर्ष 2021-22 (अंतिम) की तुलना में लगभग 8.07 मिलियन टन अधिक (2.32% की वृद्धि) है।

    बागवानी उत्पादन की बढ़त को लेकर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री अर्जुन मुंडा ने किसानों और वैज्ञानिकों को बधाई दी है। मुंडा ने कहा कि देश में लगातार बढ़ रहे बागवानी उत्पादन की यह उपलब्धि हमारे किसान भाइयों-बहनों व वैज्ञानिकों की मेहनत व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की कृषि और किसान हितैषी अच्छी नीतियों का परिणाम है।

    उल्लेखनीय है कि राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों और अन्य सरकारी स्रोत एजेंसियों से प्राप्त सूचना के आधार पर संकलित वर्ष 2022-23 के तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार फलों, सब्जियों, रोपण फसलों, मसालों, फूलों व शहद के उत्पादन में वृद्धि अनुमानित है। फलों का उत्पादन वर्ष 2021-22 में 107.51 मिलियन टन था, जो बढ़कर वर्ष 2022-23 में 109.53 मिलियन टन होने का अनुमान है।

    कृषि मंत्रालय के अनुसार सब्जियों का उत्पादन वर्ष 2022-23 में 213.88 मिलियन टन होने का अनुमान है जबकि वर्ष 2021-22 में उत्पादन 209.14 मिलियन टन था। रोपण फसलों का उत्पादन वर्ष 2021-22 में 15.76 मिलियन टन था, जो बढ़कर वर्ष 2022-23 में 16.84 मिलियन टन होने का अनुमान है। यह लगभग 6.80 फीसदी की वृद्धि अनुमानित है।

    कृषि मंत्रालय के अनुसार आलू का उत्पादन 60.22 मिलियन टन होने की उम्मीद है जबकि वर्ष 2021-22 में यह उत्पादन 56.18 मिलियन था। टमाटर का उत्पादन वर्ष 2021-22 में 20.69 मिलियन टन की तुलना में वर्ष 2022-23 में 20.37 मिलियन टन होने की उम्मीद है

    स्नाइपर’ के आज चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग की तैयारी, आखिरी 20 मिनट में इतिहास रचेगा जापान

    जापान के मून मिशन स्नापर का टारगेट चांद के शिओली क्रेटर (गड्ढे) की जांच करना है। ये चांद के सी-ऑफ नेक्टर हिस्से में है। इससे हिस्से में स्नाइपर ये जांच करेगा की चांद कैसे बना था। जापान के स्पेस एजेंसी JAXA ने दो बार छोटे क्षुद्रग्रहों पर लैंडिंग की है लेकिन चांद के गुरुत्वाकर्षण के कारण उस पर उतरना थोड़ा मुश्किल है

    जापान का मून मिशन स्नाइपर आज चांद की सतह पर लैंड करने वाला है। जापान की स्पेस एजेंसी JAXA ने बताया कि स्नाइपर आज रात 9 बजे चांद की सतह पर लैंड करने वाला है। मालूम हो कि जापान ने 6 सितंबर, 2023 को अपने स्नाइपर को चांद के लिए रवाना किया था।

    चांद पर लैंड करने वाला पांचवा देश बनेगा जापान

    भारत के सफल चंद्रयान-3 मिशन की तरह ही इस वक्त पूरी दुनिया की नजर जापान के स्नाइपर मिशन पर टिक गई है। दरअसल, जापान स्पेस एजेंसी के मुताबिक, इसके लैंडिंग का प्रोसेस 20 मिनट का होगा। आज जापान का यह मिशन सफल होते ही यह 1966 के बाद चांद पर उतरने वाला पांचवा देश बन जाएगा। मालूम हो कि स्नाइपर 25 दिसंबर को चांद की ऑर्बिट में पहुंच गया था और उसके बाद से लगातार चांद की ओर बढ़ रहा है।

    एडवांस्ड टेक्नोलॉजी से लैस स्नाइपर

    जापान का स्नाइपर पहले हुए मून मिशन में लैंडिंग के लिहाज से सबसे एडवांस्ड टेक्नोलॉजी से लैस है। इसे तय स्थान पर ही उतारा जाएगा, उसकी जगह में कोई बदलाव नहीं होगा। SLIM एक हल्का रोबोटिक लैंडर है। मालूम हो कि इस मिशन को मून स्नाइपर (Moon Sniper) भी कहा जा रहा है। यह मिशन लगभग 831 करोड़ रुपए से ज्यादा का है।

    JAXA शुक्रवार को 20 मिनट का टचडाउन चरण शुरू करेगा, जो चंद्र भूमध्य रेखा के ठीक दक्षिण में एक क्रेटर की ढलान पर स्थित लगभग दो एथलेटिक ट्रैक के आकार की साइट पर उतरने की कोशिश करेगा।

    चांद पर क्या खोजेगा स्नाइपर?

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जापान के मून मिशन स्नाइपर का टारगेट चांद के शिओली क्रेटर (गड्ढे) की जांच करना है। ये चांद के सी-ऑफ नेक्टर हिस्से में है। इससे हिस्से में स्नाइपर ये जांच करेगा कि चांद कैसे बना था। यहां मिनरल्स की जांच की जाएगी और साथ ही उसके अंदरूनी हिस्सों के बारे में जानकारी हासिल होगी।

    जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) का कहना है कि SLIM एक प्रायोगिक तकनीक का परीक्षण करेगा, यह पानी और चंद्रमा पर जीवन को बनाए रखने वाले अन्य कारकों की खोज के लिए अभूतपूर्व और आवश्यक है।

    क्या होंगी चुनौतियां?

    केवल चार देशों, पूर्व सोवियत संघ, संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और भारत ने ही चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग की है, इनके अलावा, किसी भी निजी कंपनी ने चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग हासिल नहीं की है। JAXA दो बार छोटे क्षुद्रग्रहों पर लैंडिंग की है, लेकिन चांद के गुरुत्वाकर्षण के कारण उस पर उतरना थोड़ा मुश्किल है। पिछले साल, रूस और जापानी स्टार्टअप आईस्पेस इंक का यान चंद्रमा की सतह पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसके अलावा, अमेरिकी स्टार्टअप एस्ट्रोबोटिक के एक लैंडर में पिछले हफ्ते ईंधन रिसाव हो गया था, जिससे उसे लैंडिंग का प्रयास छोड़ना पड़ा।

    इस साल कितने मून मिशन की तैयारी?

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, इस साल कई चंद्र मिशन होने वाले हैं। अमेरिकी स्टार्टअप इंटुएटिव मशीन्स का लक्ष्य फरवरी के मध्य में अपना आईएम-1 लैंडर लॉन्च करना है। इसके अलावा, चीन एक प्राचीन बेसिन से नमूने प्राप्त करने के लिए 2024 की पहली छमाही में अपने चांग’ई-6 अंतरिक्ष यान को चंद्रमा के सुदूर हिस्से में भेजने की योजना बना रहा है। टोक्यो स्थित ispace ने कहा है कि वह इस साल अपना दूसरा चंद्रमा मिशन लॉन्च करेगा।

    नासा ने नवंबर में अपने चंद्र ध्रुवीय अन्वेषण रोवर VIPER को लॉन्च करने की योजना बनाई है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने पिछले हफ्ते अपने आर्टेमिस चंद्रमा कार्यक्रम में नए विलंब की घोषणा की, 2026 में आधी सदी में अपने पहले अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा पर उतरने का कार्यक्रम बनाया।