सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची के अनुसार रिलायंस इंडस्ट्रीज 15.65 लाख करोड़ रुपये के मूल्यांकन के साथ लगातार तीसरे साल शीर्ष स्थान पर बनी हुई है। आरआइएल का मूल्यांकन दूसरे स्थान की कंपनी टीसीएस से करीब तीन लाख करोड़ रुपये अधिक है। एचडीएफसी बैंक 10 लाख करोड़ रुपये के बाजार मूल्यांकन के साथ तीसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गया है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआइएल) की अगुआई में देश में निजी क्षेत्र की शीर्ष 500 कंपनियों का मूल्यांकन 2,800 अरब डालर या 231 लाख करोड़ रुपये है। यह राशि सऊदी अरब, स्विट्जरलैंड और सिंगापुर के सामूहिक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) से अधिक है। साथ ही यह राशि भारत के जीडीपी का करीब 71 प्रतिशत है।
HDFC बनी तीसरी सबसे मूल्यवान कंपनी
हुरुन इंडिया-एक्सिस बैंक-2023 की सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज 15.65 लाख करोड़ रुपये के मूल्यांकन के साथ लगातार तीसरे साल शीर्ष स्थान पर बनी हुई है। आरआइएल का मूल्यांकन दूसरे स्थान की कंपनी टीसीएस से करीब तीन लाख करोड़ रुपये अधिक है। एचडीएफसी बैंक 10 लाख करोड़ रुपये के बाजार मूल्यांकन के साथ तीसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गया है।
सार्वजनिक क्षेत्र की और विदेशी कंपनियां नहीं हैं शामिल
सूची में 52 कंपनियां एक दशक से भी कम पुरानी हैं और सबसे पुरानी कंपनी ईआइडी-पैरी (235 साल) है। निजी क्षेत्र की शीर्ष 500 कंपनियों की सूची में सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध दोनों कंपनियां शामिल हैं। इनमें हालांकि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां और विदेशी कंपनियां शामिल नहीं हैं।
70 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार देती हैं ये कंपनियां
हुरुन इंडिया के प्रबंध निदेशक अनस रहमान जुनैद ने कहा कि इन कंपनियों ने वर्ष में 13 प्रतिशत की बिक्री वृद्धि दर्ज की है और उनकी संयुक्त बिक्री 952 अरब डालर है। एक्सिस बैंक के प्रबंध निदेशक अमिताभ चौधरी ने कहा कि ये कंपनियां 1.3 प्रतिशत या 70 लाख से अधिक लोगों को रोजगार देती हैं।

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शारदा देवी का रो-रो कर बुरा हाल है बच्चों के पास न होने की वजह से उसके सास ससुर और घर के लोग शारदा देवी पर अत्याचार करते थे और घर से भगा दिया और शारदा देवी अपने मायके चली गई वहां जाते ही शारदा देवी ने अपने मम्मी पापा की मदद से शिकायत की लेकिन पुलिस वाले ने भी उनकी कोई मदद नहीं कर रहे हैं सूत्रों से पता चला है की वर्षा और विपिन बच्चों को मारते पीते हैं और स्कूल नहीं जाने देते हैं।
पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है उसके बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं

रुपये लेकर फ़र्ज़ी एडमिट कार्ड से परीक्षा केंद्रों में फ़र्ज़ी अभ्यर्थी से दिलवाते थे प्रतियोगी परीक्षाएं। परीक्षा पास करवाने की एवज में अभ्यर्थी से वसूलते थे लाखों की रकम। गिरफ्तार राजकुमार, सोनू, नवनीत और गौरव का पिछला भी है आपराधिक रिकार्ड। शिकायत के आधार पर जांच के दौरान की गई गैंग से 11 सदस्यों की गिरफ्तारी। बुलन्दशहर कोतवाली देहात पुलिस ने की गिरफ्तारी, एसपी सिटी ने प्रेस कांफ्रेंस कर किया खुलासा।

मजदूरों का वेतन दिए बिना मालिक ने मजदूरों को फैक्टरी से भगा दिया.
