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    86 इंटरनेशनल, 350 डोमेस्टिक, कुल 4500 पैसेंजर… अनंत अंबानी और राधिका की प्री वेडिंग सेरेमनी से टूटे जामनगर एयरपोर्ट के सभी रिकॉर्ड

    देश के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की प्री वेडिंग सेरेमनी चर्चा में बनी हुई है. गुजरात के जामनगर में तीन दिनों की इस सेरेमनी में राष्ट्रीय से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर की नामचीन हस्तियों ने शिरकत की. ऐसे में जामगर एयरपोर्ट पर यात्रियों की आवाजाही में बेतहाशा वृद्धि हुई है.

    ऐसे में जामनगर एयरपोर्ट के निदेशक डीके सिंह ने कहा कि 26 फरवरी से तीन मार्च तक जामनगर एयरपोर्ट पर कुल 4500 यात्रियों की आवाजाही हुई. इस दौरान 350 डोमेस्टिक और 86 इंटरनेशनल फ्लाइट्स का मूवमेंट हुआ. इन दिनों में अब तक 164 विदेशी यात्री जामनगर पहुंचे हैं.

    हकेंवि में खाने का जायजा लेते कुलपति प्रो. टंकेश्वर

    हरियाणा: हकेंवि में खाने की विद्यार्थियों ने की सराहना, कुलपति भी खाते है विद्यार्थियों के साथ खाना
    हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के 15वें स्थापना दिवस पर चल रहे स्पंदन कार्यक्रम के दौरान लोगों की विभिन्न कार्यक्रमों में खाने की शिकायतों को लेकर दैनिक जागरण संवाददाता द्वारा मौके की मौका मुआयना किया गया। मौके पर खाना खा रहे विद्यार्थियों, स्टाफ सदस्यों व रसोईयों का मौका देखा था उनसे बातचीत की।
    लॉ विभाग से विद्यार्थी विनोद शर्मा से मुलाकात की तो उन्होंने बताया कि मेरी उम्र लगभग 60 वर्ष है। मै रिटायर्ड प्रोफेसर हूँ। मैंने अपने जीवन में बहुत सारे कार्यक्रम देखे भी है और आयोजित भी करवाएं है लेकिन हकेंवि में जिस तरह से खाने में शुद्धता एवं गुणवत्ता का ध्यान रखा जाता है ऐसा कहीं नहीं होता लेकिन सफाई अच्छी होती है। कारीगरों ने बहुत ही अच्छा स्वादिष्ट भोजन बनाया है जो कि साधारण है और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। खास बात यह रही है कि हकेंवि के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार, डीएसडब्लयू आनंद शर्मा विद्यार्थियों के साथ खाना खाते है। ज्यादातर जगहों पर वीआईपी खाना अलग होता है और विद्यार्थियों का खाना अलग होता है। दूसरे कॉलेज झोझू कलां से आई छात्राओं ने भी खाने की सराहना की।
    3 हकेंवि में कार्यक्रम के दौरान खाने का आनंद उठाते विद्यार्थी।
    4 हकेंवि में खाने का जायजा लेते कुलपति प्रो. टंकेश्वर।

    कोमल एनएनएस छात्रा
    छात्रा कोमल ने खाने को लेकर हलवाईयों की सराहना की। उन्होंने बताया कि हकेंवि का खाना बहुत ही स्वाद एवं स्वादिष्ट था। जिसकी जितनी तारिफ की जाएं उतनी कम है।
    5 कोमल एनएनएस छात्रा।

    विनोद शर्मा लॉ विद्यार्थी
    विनोद शर्मा ने कहा कि मैं पहले प्रोफेसर रहा हूँ और अब वह रिटायर्ड भी चुके है तथा हकेंवि के लॉ कर रहा हूँ। आज मैनें हकेंवि का जो खाना देखा अति उत्तम एवं गुणवत्तापूर्वक रहा।
    6 विनोद शर्मा लॉ विद्यार्थी।

    झोझू कलां राजकीय महाविद्यालय की छात्रा
    महाविद्यालय झोझू कलां की छात्रा ने बताया कि हकेंवि का खाना बहुत ही स्वादिष्ट एवं पौष्टिक था। खाना खाने से पेट तो भर गया लेकिन मन नहीं भरा। खाने में मसालों का प्रयोग बहुत ही समझदारी के साथ किया गया था।
    7 झोझू कलां राजकीय महाविद्यालय की छात्रा।

     

    एक साथ दो बच्चों के गायब होने से एक बार फिर बदायूं जिले में हड़कंप मच गया, पुलिस के हाथ खाली!

    उत्तरप्रदेश: जिला बदायूं में फिर दो बच्चे लापता: एक ही परिवार के दो बच्चे एक भाई भारत (18) और एक बेटा अजय सिंह (10) ने ब्लैक लोअर और टीशर्ट नीले रंग की डाली है वह अचानक गायब हो गए, अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज! जिले से एक बार फिर दो बच्चों के अचानक लापता हो जाने का मामला सामने आया है। यहाँ नॉएडा के सेक्टर 63 इलाके में एक मंदिर के पास खेल रहे दो बच्चे अचानक गायब हो गए

                                                               (18) वर्षिय : भारत सिंह

    बच्चों के गायब होने से एक बार फिर जिले में हड़कंप मच गया। 29 फरवरी को सुबह 10 बजे भाई भारत 18 वर्ष रेड ब्लू जेक्ट और ब्लू ब्लैक ग्रे पेंट डाली है, जिसका मानसिक संतुलन भी थोड़ा खराब है। जानकारी होने पर परिजनों ने सहित पूरे इलाके में काफी तलाश की, लेकिन भाई और बच्चे का कुछ पता नहीं चला। देर शाम पिता रवि ने पुलिस को तहरीर देकर बच्चों के लापता होने की सूचना दी। पुलिस ने बताया कि ​बच्चों के पिता रवि का किसी से कोई विवाद नहीं चल रहा। ऐसे में परिवार के लोगों ने आशंका जताई है कि बच्चों की किसी अज्ञात ने ही उन्हें बहला फुसलाकर अपहरण कराया होगा है। पिता रवि सिंह की तहरीर पर देर रात पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कर बच्चों की बरामदगी में जुट गई है। वहीं, बच्चों की तलाश के लिए परिवार ने मुँह माँगा इनाम घोषित किया है। बच्चों के बारे में जानकारी देने वाले को परिवार द्वारा इनाम दिलवाया जाएगा।

    सेक्टर 63 नॉएडा में खेलने निकले थे बच्चे

    सेक्टर 63 नॉएडा इलाके के निवासी रवि भाई भारत (18) और अजय सिंह बाग में खेल रहे थे। देर शाम होने पर जब बच्चे घर नहीं पहुँचे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। पहले तो उन्हें लगा कि वह नॉएडा में ही किसी दोस्त के घर गए होंगे। देखते ही देखते सेक्टर 63 नॉएडा भर में बच्चों की तलाश शुरू हो गई। लेकिन देर शाम हो जाने पर भी जब उनका कुछ पता नहीं चला तो परिजन परेशान हो गए। सेक्टर 63 नॉएडा में भी हड़कंप मच गया।

                                                                (10)वर्षिय : अजय सिंह

    क्या कहती हैं पुलिस तलाश में है जुटी 

    शाम में ड्यूटी से लौटे पिता रवि सिंह को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस बच्चों की फोटो और हुलिए के आधार पर तलाश शुरू कर दी है। बता दें कि इससे पहले भी बीते 28 फरवरी को बेटा अजय सिंह करीब 6:30 बजे इलाके से भी एक साथ अचानक गायब हुए थे। पुलिस ने बताया कि बच्चों की तलाश के लिए पुलिस टीम लगी हुई है। पुलिस टीम की मदद से भी बच्चों की आसपास के इलाके में तलाश कराई जा रही है।

    पुलिस पर परिवार जनों का आरोप!

    बच्चों के पिता रवि सिंह और परिवार का आरोप है कि पुलिस हमारी मदत नहीं कर रही जब भी हम पूछते है तो वह टाल मटोल कर जाते है और पुलिस कोई सख्त कार्यवाही नहीं हर रही। पिता रवि ने अपिल की है की इन नबरों पर संपर्क 8750270481, 7817061217 करें।

    ई खबर मीडिया के लिए देव शर्मा की रिपोर्ट

    पंचायत संगठन की बैठक में पहुंच पूर्व विधायक ने सुनी सरपंचों की समस्याएं

    पूर्व विधायक बोली विधायक न होते हुए भी उन्होंने कालका हलके में विकास में कमी नहीं आने दीं

    मोरनी: 1 मार्च मोरनी खंड विकास अधिकारी कार्यालय में मोरनी पंचायत संगठन खंड मोरनी की बैठक खंड प्रधान पंचपाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई, जिसमें कालका की पूर्व विधायक लतिका शर्मा व शिवालिक विकास बोर्ड के वाइस चेयरमैन ओम प्रकाश देवीनगर ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं को सुना और शीघ्र ही उनकी मांग के अनुसार मुख्यमंत्री हरियाणा से उनको मिलने का समय दिया जाएगा ताकि मोरनी को लेकर वह उनसे बातचीत कर सकें। यहां जिक्र योग है कि | पंचायत संगठन ने बैठक कर अपनी समस्याओं के हल न होने पर रोष जताते हुए लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी थी। जिसके बाद पूर्व विधायक लतिका शर्मा और शिवालिक विकास बोर्ड के वाइस चेयरमैन ओम प्रकाश देवीनगर ने पंचायत प्रतिनिधियों के बीच पहुंच उनकी समस्याओं को सुना और उनके हल का आश्वासन दिया बैठक में पंचपाल शर्मा ने पंचायत संगठन की ओर से एक मांग पत्र भी दिया। उन्होंने कहा की मोरनी क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए हिमाचल की तर्ज पर नियमों में छूट दी जाए ताकि मोरनी में ज्यादा से ज्यादा विकास कार्य हो सके। उन्होंने कहा की मोरनी पहाडी क्षेत्र में कोई फिरनी नही है, गांव की मुख्य गली को ही फिरनी मान कर बजट दिया जाए इसके अलावा मोरनी में स्थानीय लोगों को अपनी मलकियत जमीन पर मकान, दुकान, ढाबा तथा गैस्ट हाउस बनाने की इजाजत दी जाए। उन्हें अपनी जमीन पर भवन बनाने से ना रोका जाए। इसके साथ ही पंचायतों में करवाए गए विकास कार्यों की पेमैंट करवाई जाए। राज्य वित्त आयोग से पंचायतों में गलियों का निर्माण करवाया जाए, गांव को गांव से जोड़ने के लिए हरियाणा ग्रामीण विकास योजना से रास्तों के निर्माण के लिए बजट दिलवाया जाए। मोरनी पंचायत संगठन खंड मोरनी को अपनी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलने का समय दिया जाए। लतिका शर्मा ने कहा कि शीघ्र ही वह मुख्यमंत्री से पंचायत संगठन की मुलाकात के लिए समय लेंगी। इस मौके पर शिवालिक विकास

    बोर्ड के वाइस चेयरमैन ओम प्रकाश देवीनगर ने कहा की शिवालिक विकास बोर्ड द्वारा विकास कार्यों के लिए साढ़े 6 करोड़ का बजट पास हो गया है। जिसमें करीब 40 प्रतिशत पैसा जिला पंचकूला में लगाया जाएगा । इस मौके पर उनके साथ जिला सचिव कनक रेखा, सरपंच और संगठन प्रधान पंच पाल शर्मा, समाज सेवी दीपक शर्मा, टेक चंद शर्मा, प्रदीप, ज्वाला सिंह भूडी, दिनेश शर्मा, युवा मोर्चा मंडल प्रधान महेंद्र सिंह नाईटा, पंचायत समिति सदस्य प्रताप सिंह के अलावा सभी सरपंचों ने बैठक में भाग लिया ।

    ई खबर मीडिया के लिए देव शर्मा की रिपोर्ट

    पत्नी और बच्चों को घर में छोड़कर दीवार फांदकर पति हुआ फरार पत्नी ने लगाई न्याय की गुहार!

    उत्तरप्रदेश: जिला जौनपुर पोस्ट केराकत ग्राम मुरारा राम बली भारती उसकी माता का नाम सुमन भारती, भाई भीम राज गौतम मैं गायती वर्मा पति सूर्यप्रकाश बौध आज से चार साल पहले हम लोगों की बातचीत हो रही है बात होते-होते दो साल गुजर गया फिर उन्होंने बोला मुझे की-मेरा पापा का एक्सीडेंट को गया है अब मुझे पढ़ना नहीं चाह रहा है फिर मैं बोली की कोई बात नहीं जितना पढ़ना है पढ़ा मैं आपका जैसे तैसे उसको पढ़ाया फिर उसके बाद पढ़ाई से लेकर राशन तक पुस्तक से लेकर कालेज तक कपड़ा से लेकर सभी खर्चा मेरे में जाता था उसका सारा जिम्मेदारी मेरा था। फिर उसके बाद मेरे पास आकर रहेन लगा साथ में फिर उसका सारा बोझ मेरे पर आ गया फिर से बोला की कम्प्युदर करूंगा तो उसको रहा था फिर मैं उसको करवाया फिर घर जाकर उसको लाया

    अरोपी पति: सूर्यप्रकाश

    में वकील की मदद से उसे के बाद अच्छे-अच्छे से रहने लगे फिर हमारी जिंदगी की चाँद में फिर से उसके माँ बाप और भाई ने ग्रहण लगा दिया हमारे प्यार के बीच में दीवार खड़ी हो गयी ये सब में माँ बाप भाई का ही हाथा है मैं जैसे-जैसे गुजर चला सका था मैं सवेरे उठकर कुछ लोगों के साथ कबाड़ बीनने का काम करती हूँ मेरे काम पर जाने के बाद घर से भाग गयी जब वापस में आयी तो पता चला कर की भाग गया फिर उसके बाद फोन लगाया तो ब्लाक लीस्ट में डला दिया था फिर उसके पापा जी को फोन लगाया वाल 1 तारीख को और साथ में अकेले नहीं गया मेरा जेवर और मोबाइल लेकर गया है वह दोनों का रसीद मेरे पास है और में बच्चों को लेकर थाना गया था खमतराई तो कोई सुनवाई नहीं हुई उसके बाद दो तारीख शनिवार को उनके भाई को फोन किया था फिर वह मुझे डाटने लगा मेरा भाई को उसके भाई कुछ हुआ तो मैं आपको ऊपर केश कर दूंगा मुझे डरा रहा था फिर में मीडिया का सहारा लिया। मुझे न्याय चाहिये।
    पति का भाई दे रहा है धमकी की मेरे भाई को कुछ हुआ तो सारा केस तुम पर डाल दूंगा।
    पति अपनी पत्नी को किसी काम के बहान लेकर आया था और उसके वहां घर पर छोड़ कर फरार हो गया। पुलिस मामले में कोई मदत नहीं कर रही है।

    ई खबर के लिए देव शर्मा की रिपोर्ट

    अनूपशहर के आसपास के गांव में रात भर बारिश पड़ने से किसानों को भारी नुकसान।

    अनूप शहर के आसपास के गांव में रात भर बारिश पड़ने से किसानों को बहुत भारी नुकसान सरसों खेत में खड़ी-खड़ी बीच गई जिन किसानों के आलू की खुदाई हो रही है आलू में सेप्टिक पढ़ने की पूरी पूरी संभावना किसान रात पर खेत में पड़े रहे, किसान मठआ पड़कर रो रहे किसान कह रहे हैं सरकार से कुछ सहायता मिल जाए,बंटी सिंह, गांव तोरोई, ने बताया की बहुत नुकसान हो रहा है खेतों में रात भर पानी पड़ने से,

    अनूपशहर से गगन कुमार की रिपोर्ट

    कुंआरा बनकर की तीन शादियां , दूसरी पत्नी ने खोला राज

    बिहार। जिला शेखपूरा का योगिन्दर कुंआरा बनकर तीन शादियाँ करने वाले का फरेब पकड़ा गया है। उसकी दूसरी पत्नी ने इस खेल का राज खोला है। जालसाज रेलवे में पदस्थ था और शादियों को दहेज ऐंठने के लिए करता था। तीसरी पत्नी के साथ भी उसने कुंआरा बनकर सात फेरे लिए। लेकिन उसे साथ नहीं रखा। पति की हरकतों पर शक हुआ तो पत्नी ने अपने स्तर पर उसकी तफ्तीश करते हुए पति के आवास पर पहुँची तो वहाँ उसे पति की पहली शादी का कार्ड और बच्चे मिल गए। फरेब पकड़े जाने पर धोखेबाज ने गलती नहीं मानी। बल्कि पत्नी से ठोककर बोला यह तो उसका पेशा है। उसे भी छोडकर चौथी शादी करना है। सुमन उर्फ़ पायल ने मीडिया को बताया, शेखपुरा निवासी योगीन्दर सिंह ने शादी का नाटक कर धोखा दिया है। सुमन से उसकी शादी कुछ महीने पहले हुई थी। विवाह दोनों परिवारों की रजामंदी से हुआ था। शादी में सुमन के पिता जानकी तांते, भाई ज्ञानेंदर बीवी पूनम, परिवार के सभी सदस्य शामिल हुए। लेकिन किसी ने यह नहीं बताया योगीन्दर पहले से शादीशुदा है।

    ऐसे खुला राज

    सुमन ने पुलिस को बताया योगीन्दर सिंह ने शादी के बाद जिला लखकी सराय बाई पास में किराए का मकान लिया। वहाँ उसे रखा लेकिन उसके साथ खुद बहुत कम रहा। पति आए दिन बाहर रहता है बात समझ में नहीं आई। इसलिए अपने स्तर पर पड़ताल की। घर जाकर पता किया तो योगीन्दर के आवास पर पहली शादी का कार्ड और बच्चे मिल गए। हद तो तब हो गई जब फरेब सामने आने पर भी योगिन्दर ने गलती नहीं मानी। उसने ठोककर कहा यह तो उसका और परिवार का धंधा है। इसी तरह झूठ बोलकर शादियाँ करते हैं। दहेज ऐंठते हैं। कुछ दिन बाद उसे छोडकर चौथी शादी करने वाला है।

    फरेबी पर केस होना चाहिए

    एक के बाद एक तीन शादियाँ करने वाले का फर्जीवाडा सामने आया है। उसकी दूसरी पत्नी की शिकायत पर केस दर्ज किया है। उसकी तीसरी पत्नी को पति का से दूसरी शादी का मैरिज सार्टिफिकेट भी मिला है। आरोपी रेलवे में पदस्थ था। परन्तु ऊपर तक पहुँच होने के चलते उस पर केस दर्ज नहीं किया है। उसे तलाशा जा रहा है।

    जान से मारने की देता है धमकी!   यह एक गंभीर मामला है। इस तरह की धमकियों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। कृपया तुरंत सुरक्षा और सहायता के लिए स्थानीय पुलिस या सम्बंधित अधिकारियों से संपर्क करें।  यह एक चिंता का विषय है। इस स्थिति को सामने लाने और इसे समाधान करने के लिए कानूनी सलाह लेना अच्छा होगा। कृपया किसी सम्बंधित कानूनी अधिकारी से संपर्क करें और अपने हक की रक्षा करें। जब तक पति को पैसा मिल रहा था तब तक रखा मेरे अकाउंट से सारे पैसे निकाल लिए पति सोना और नगदी भी ले गया  सुमन के कहा यह बेहद चिंता का विषय है। ऐसे मामलों में, कानूनी सलाह लेना और अपने हक की रक्षा करना महत्त्वपूर्ण होता है। कृपया अपने क्षेत्रीय कानूनी अधिकारी से संपर्क करें और उन्हें इस मामले के बारे में बताएँ। वे आपको सहायता और सलाह प्रदान कर सकते हैं।
    जान से मारने की देता है धमकी
    इनके दोस्त का नाम है बममा सत्य प्रकाश इस समय टूंडला जेल में है जान से मारने की धमकी दी जा रही है और पैसे मांग रहे हैं मैं अभी बिहार में रह रही हूं वह कह रहे हैं कि मेरी बहन की शादी में कर्जा हो गया है और मुझे दो लाख मांग रहे हैं सुमन ने बताया कि वह मेरी लड़की को भी गाली दे रहा देता है और कहता है कि जैसा तुम्हारे साथ किया वैसा ही तुम्हारे बच्चों के साथ भी वहीं हाल किया जाएगा। सुमन ने बताया हमारा पूरा परिवार डर के साये में जी रहा है।

    ई खबर से देव शर्मा की रिपोर्ट

     

    पीएफएमएस से 34 लाख करोड़ रुपये की डीबीटी की सुविधा मिली: सीतारमण

    सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) ने 34 लाख करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) की सुविधा दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 48वें नागरिक लेखा दिवस के अवसर पर लेखा महानियंत्रक (सीजीए) और भारतीय नागरिक लेखा संगठन (आइसीएओ) को एक लिखित संदेश में कहा कि पीएफएमएस एक मजबूत भुगतान और लेखा नेटवर्क के साथ ही कुशल कोष प्रवाह प्रणाली स्थापित करने की आधारशिला रहा है।

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) ने 34 लाख करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) की सुविधा दी है। उन्होंने लेखा अधिकारियों से प्रणाली की दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए भी कहा।

    सीतारमण ने 48वें नागरिक लेखा दिवस के अवसर पर लेखा महानियंत्रक (सीजीए) और भारतीय नागरिक लेखा संगठन (आइसीएओ) को एक लिखित संदेश में कहा कि पीएफएमएस एक मजबूत भुगतान और लेखा नेटवर्क के साथ ही कुशल कोष प्रवाह प्रणाली स्थापित करने की आधारशिला रहा है।

    क्या है पीएफएमएस ?

    पीएफएमएस एक प्रबंधन सूचना प्रणाली है, जिसका इस्तेमाल भारतीय नागरिक लेखा सेवा के अधिकारी सरकार के खातों को संभालने के लिए करते हैं। इसका इस्तेमाल डीबीटी के जरिए विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी खातों में धनराशि स्थानांतरित करने के लिए भी किया जाता है। संदेश को वित्त सचिव टी वी सोमनाथन ने पढ़ा।

    सीतारमण ने अपने संदेश में कहा कि पीएफएमएस के माध्यम से सुगम डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से सरकार को 34 लाख करोड़ रुपये का हस्तांतरण हुआ है। यह अक्षमताओं को दूर करने और यह सुनिश्चित करने में प्रणाली की प्रभावशीलता का एक प्रमाण है कि लाभ बिना किसी रिसाव के सीधे नागरिकों तक पहुंचाया जाए।

    वित्तीय प्रशासन में क्रांति

    उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि राज्य सरकारों सहित 1,081 विभिन्न योजनाओं को डीबीटी में निर्बाध रूप से एकीकृत किया गया है।

    पीएफएमएस, जिसे व्यय विभाग के तहत लेखा महानियंत्रक(कंट्रोलर  द्वारा विकसित और कार्यान्वित किया गया है, ने सरकार के वित्तीय प्रशासन में क्रांति लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    सीतारमण ने कहा कि इसने न केवल वास्तविक समय, विश्वसनीय और सार्थक प्रबंधन सूचना प्रणाली की सुविधा प्रदान की है, बल्कि अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित शासन का मार्ग भी प्रशस्त किया है।

    बदलने लगी गांव की सूरत और सेहत; पक्की सड़कों, बिजली, शौचालय, शुद्ध पेयजल व गैस कनेक्शन ने तैयार की बदलाव की जमीन

    गांव केंद्रित होकर बनाई गई कुछ योजनाओं ने पिछले 10 वर्षों में एक स्थिर बदलाव की जमीन तैयार की है। पिछले कुछ वर्षों में विशेषकर पंजाब और हरियाणा के किसानों ने कुछ धरना-प्रदर्शन जरूर किए और राजनीतिक बयानबाजी भी होती रही लेकिन आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि किसानी अब लाभप्रद होने लगी है। काश कृषि कानून परवान चढ़ पाते तो बदलाव की गति और तेज होती।

     एक सोच बहुत अरसे से थी-गांवों में शहरी सुविधाएं पहुंचाने की। कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन अब जाकर इस आकांक्षा ने स्वरूप लिया। पक्की सड़कें, 20-22 घंटे बिजली, शौचालय, शुद्ध पेयजल, गैस कनेक्शन। बिजली आई तो टीवी, फ्रिज जैसी सुविधा के सामान भी जुटे। सड़कें बनीं तो बड़े शहरों से अस्पताल व कालेज तक पहुंच बढ़ी।
    गांव केंद्रित होकर बनाई गई कुछ योजनाओं ने पिछले 10 वर्षों में एक स्थिर बदलाव की जमीन तैयार की है। पिछले कुछ वर्षों में, विशेषकर पंजाब और हरियाणा के किसानों ने कुछ धरना-प्रदर्शन जरूर किए और राजनीतिक बयानबाजी भी होती रही, लेकिन आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि किसानी अब लाभप्रद होने लगी है। काश कृषि कानून परवान चढ़ पाते तो बदलाव की गति और तेज होती।

    किसानों की दशा में सुधार के प्रयास

    जो भी हो, केंद्र सरकार ने कृषि एवं किसानों की दशा में सुधार के प्रयास किए तो सीमित हो चुकी उर्वर जमीन से भी पैदावार में उछाल आने लगा। चावल, गेहूं, गन्ना एवं मोटे अनाजों के उत्पादन ने वर्षवार कीर्तिमान बनाए। दलहन में कदम आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने लगे। कृषि क्षेत्र में उत्तरोत्तर सुधार का नतीजा है कि आजादी के बाद के किसी एक दशक में पैदावार में सबसे तीव्र वृद्धि हुई।

    सिर्फ पांच वर्षों में 309 लाख टन ज्यादा खाद्यान्न का उत्पादन हुआ। इससे किसानों की आय का ग्राफ तेजी से बढ़ने लगा। व्यावसायिक कृषि के रूप में गन्ने की खेती ने समृद्धि के द्वार खोले। चीनी के अलावा अब बिजली एवं एथेनाल उत्पादन से किसानों की जेब में ज्यादा पैसे आने लगे हैं।

    सरकार ने 10 वर्षों में गन्ने के मूल्य में प्रति क्विंटल 110 रुपये की वृद्धि कर देश के पांच करोड़ गन्ना किसानों एवं चीनी मिलों के कामगारों के सपनों को नई उड़ान दी है। राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण संगठन (एनएसएसओ) के नए अध्ययन में यह स्पष्ट दिखने लगा है कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में खाने की बजाय फ्रिज, टीवी जैसे उत्पादों पर खर्च बढ़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जीवनस्तर में बदलाव दिखने लगा है।

    भूमि-संपत्ति विवाद

    पहले जमीन की कोई पहचान नहीं थी। जमीन का रिकार्ड सुधारना इसलिए जरूरी था, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के एक चौथाई एवं सिविल कोर्ट के 66 प्रतिशत केस भूमि-संपत्ति विवाद से जुड़े हैं। इसलिए 96 प्रतिशत ग्रामीण भूमि का कंप्यूटरीकरण करके आमजन को विवादों से बचाने का प्रयास किया गया। पहले कागजात के लिए दफ्तरों का चक्कर लगाना पड़ता था।

    अब जमीन से जुड़े सारे कागजात घर बैठे अपलोड किए जा सकते हैं। डिजिटाइजेशन के बाद बैंकों से लोन भी आसानी से मिलने लगा है। इससे ग्रामीण जीवन आसान हुआ है। पीएम आवास योजना के तहत तीन करोड़ 32 लाख गरीबों के घर बनाए गए। दो करोड़ दीदियों को लखपति बनाना कम परिवर्तनकारी नहीं है। लक्ष्य पूरा होने की स्थिति में है।

    बिचौलिया प्रथा खत्म

    दस वर्षों के पारदर्शी प्रयासों का परिणाम है कि बिचौलिए वाली प्रथा खत्म हो गई। अब दिल्ली से चला प्रत्येक रुपया पूरा का पूरा किसानों के बैंक खाते में सीधे पहुंच जाता है। न कोई रुकावट, न कोई दलाली। किसान सम्मान निधि ने तो साहूकारों के संजाल को ही समाप्त कर दिया है। प्रत्येक तीन महीने में पूंजी के रूप में खाते में दो हजार रुपये आ जाते हैं। बाढ़-सूखे से त्रस्त किसानों के लिए फसल बीमा योजना ढाल की तरह है। फसल की बर्बादी के बावजूद नुकसान शून्य।

    किसानों को फसल बेचने के लिए व्यापारियों के पास नहीं जाना पड़ता है। वह अपनी उपज को बिना परेशानी के उचित मूल्य पर कृषि मंडियों में बेच सकता है। किसानों की सुविधा के लिए ई-नाम से 2016 में आनलाइन नेटवर्क की शुरुआत हुई थी। अब पौने दो करोड़ से ज्यादा किसान इससे जुड़ चुके हैं। कृषि उत्पादों के परिवहन को आसान करने के लिए किसान रेल भी चलने लगी हैं।

    अमेरिका में भारतीय क्लासिकल डांसर की गोली मारकर हत्या, शाम को निकले थे टहलने; TV एक्ट्रेस ने भारत सरकार से मांगी मदद

    कोलकाता के भरतनाट्यम और कुचुपुड़ी नर्तक अमरनाथ घोष की अमेरिका में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। टीवी एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्जी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। भट्टाचार्जी के अनुसार अमरनाथ घोष की 27 फरवर की शाम को मिसौरी के सेंट लुइस में हत्या कर दी गई थी। बता दें कि घोष सेंट लुइस में वाशिंगटन विश्वविद्यालय से नृत्य में मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स की पढ़ाई कर रहे थे।

    कोलकाता के भरतनाट्यम और कुचुपुड़ी नर्तक अमरनाथ घोष की अमेरिका में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। ‘साथ निभाना साथिया’ में गोपी बहू का किरदार निभाने वाली मशहूर एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्जी ने इसकी जानकारी x (पूर्व में ट्विटर) पर दी और विदेश मंत्री जयशंकर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले की जांच की मांग की है।

    भारत के महावाणिज्य दूतावास ने अमरनाथ घोष की हत्या पर शोक जताते हुए X पर लिखा ‘मिसौरी के सेंट लुइस में मृतक अमरनाथ घोष के परिवार और दोस्तों के प्रति गहरी संवेदना। हम फोरेंसिक, पुलिस के साथ जांच कर रहे हैं और सहायता प्रदान करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।’

    कैसे हुई हत्या?

    भट्टाचार्जी के अनुसार, अमरनाथ घोष की 27 फरवर की शाम को मिसौरी के सेंट लुइस में हत्या कर दी गई थी। बता दें कि घोष सेंट लुइस में वाशिंगटन विश्वविद्यालय से नृत्य में मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स (एमएफए) की पढ़ाई कर रहे थे। भट्टाचार्जी ने बताया कि वह शाम को टहलने के लिए निकले थे, तभी एक अज्ञात हमलावरों ने उस पर गोलियां चला दी।

    घोष के नहीं थे माता-पिता

    भट्टाचार्जी के ट्वीट के अनुसार, घोष के माता-पिता की मौत हो चुकी थी। आरोपी के बारे में अभी तक कुछ सामने नहीं आया हैं। कुछ दोस्तों के अलावा घोष के परिवार में कोई नहीं है। दोस्तों ने घोष के शव को वापस भारत लाने की अपील की है। लेकिन, अब तक इस पर कोई अपडेट नहीं मिल पाया है।