More
    Home Blog Page 12

    विराट कोहली ने विजय हजारे ट्रॉफी में रचा नया इतिहास, पहले घरेलू मैच में पूरे किए 16,000 रन

    0

    विजय हजारे ट्रॉफी में विराट कोहली ने नया कीर्तिमान रचा है। अपने पहले घरेलू मैच में खेलते हुए वह 16,000 रन पूरे करने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को तोड़कर इतिहास के पन्नों में अपनी जगह बनाई है।

    God of Cricket का रिकॉर्ड तोड़ दिया
    आंध्र प्रदेश के खिलाफ खेलते हुए विराट कोहली ने 16,000 रन पूरे किए। इसके साथ ही वह ऐसा करने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। साथ ही विराट कोहली महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को भी तोड़ चुके हैं। 37 साल के कोहली इस मुकाम को हासिल करने वाले 9वें प्लेयर और एशिया के चौथे प्लेयर बन गए हैं।

    कोहली का 50 से ज्यादा औसत
    विराट कोहली उन 9 प्लेयर्स में से एक हैं जिनका औसत स्कोर 50 से ज्यादा है। इस मामले में सचिन तेंदुलकर का औसत 45.54 है, जबकि विराट का 57.34 है। केवल तीन प्लेयर्स का ऐसा औसत है, जिसमें माइकल बेवन सबसे ऊपर हैं, जिन्होंने 57.86 की औसत से 15,103 रन बनाए हैं।

    विजय हजारे ट्रॉफी में मुकाबले जोरों पर हैं, जिसमें विभिन्न राज्यों की टीमें हिस्सा ले रही हैं। खास बात यह है कि इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम के कई स्टार खिलाड़ी भी खेल रहे हैं, जिससे घरेलू क्रिकेट को अधिक ध्यान और लोकप्रियता मिल रही है। इस साल की प्रतियोगिता में विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, पृथ्वी शॉ जैसे अनुभवी खिलाड़ी के साथ-साथ कई युवा प्रतिभागी भी अपने शानदार प्रदर्शन से सबका ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।

    दुनिया के 5 देश जहां क्रिसमस मनाना है बैन, सांता क्लॉज दिखने पर भी पाबंदी

    0

    दिसंबर का महीना दुनिया भर में खुशियों और उत्सव का समय माना जाता है। इस महीने 25 दिसंबर को क्रिसमस यानी यीशु मसीह का जन्मदिन मनाया जाता है। यह दिन ईसाई समुदाय के लिए बहुत खास होता है और पूरी दुनिया में लोग इसे धूमधाम से मनाते हैं।

    लेकिन कुछ ऐसे देश भी हैं, जहां क्रिसमस मनाना मना है। आइए जानते हैं ऐसे 5 देशों के बारे में:

    1. ब्रुनेई

    ब्रुनेई में क्रिसमस के सार्वजनिक उत्सव पर सख्त पाबंदी है। यहां शरिया कानून के तहत सार्वजनिक रूप से क्रिसमस ट्री, रोशनी, यीशु की फोटो या सांता क्लॉज की टोपी दिखाना गैरकानूनी है। हालांकि, गैर-मुसलमान अपने घर में निजी तौर पर यह त्योहार मना सकते हैं।

    2. सोमालिया

    सोमालिया में अधिकांश लोग मुस्लिम हैं। इसलिए सरकार ने क्रिसमस पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है। सार्वजनिक सजावट, चर्च में प्रार्थना और “मेरी क्रिसमस” जैसे संदेश भी यहां बैन हैं।

    3. उत्तर कोरिया

    उत्तर कोरिया में क्रिसमस मनाने पर रोक है। यहां धार्मिक त्योहारों को कोई महत्व नहीं दिया जाता। अगर कोई व्यक्ति क्रिसमस मनाता है, तो उसे सजा या कारावास हो सकता है। यहां के त्योहार सरकार द्वारा तय किए गए राष्ट्रीय कैलेंडर के अनुसार ही मनाए जाते हैं।

    4. सऊदी अरब

    सऊदी अरब में भी क्रिसमस पर सार्वजनिक रूप से रोक है। इसे इस्लामी सिद्धांतों के खिलाफ माना जाता है। पहले यह केवल घर या राजनयिक परिसर तक ही सीमित था। समय के साथ कुछ बदलाव आए हैं, लेकिन सार्वजनिक उत्सव अभी भी सीमित हैं।

    5. ताजिकिस्तान

    ताजिकिस्तान में क्रिसमस पूरी तरह बैन नहीं है, लेकिन सार्वजनिक रूप से इसे मनाने को प्रोत्साहित नहीं किया जाता। सरकार यहां की पारंपरिक संस्कृति और धार्मिक पहचान को बढ़ावा देती है और विदेशी त्योहारों को सीमित रखने की कोशिश करती है।

    MP में अब केवल ऑथराइज्ड डीलर ही कर सकेंगे ऑनलाइन वाहन बिक्री, लाइसेंस लेना अनिवार्य

    MP News: मध्य प्रदेश में सेकंड हैंड गाड़ियों (पुराने वाहनों) की खरीद-बिक्री करने वाले डीलरों के लिए अब नए सख्त नियम लागू किए गए हैं। राज्य में बिना पंजीकरण चल रहे पुराने वाहनों के कारोबार पर नियंत्रण के लिए परिवहन विभाग ने निर्देश जारी किए हैं। अब किसी भी डीलर को पुराने वाहनों का क्रय-विक्रय करने के लिए प्राधिकार पत्र’ लेना अनिवार्य होगा।

    बिना इस प्रमाण पत्र के व्यापार करने वाले डीलरों के खिलाफ 1 जनवरी 2026 से प्रदेशव्यापी कार्रवाई और धरपकड़ शुरू की जाएगी।

    नए नियमों की प्रमुख बातें:

    • वाहन मालिक को अपनी गाड़ी बेचते समय केंद्रीय मोटरयान नियम के तहत फॉर्म 29 C भरना होगा।

    • इस फार्म की सूचना आरटीओ को मिलने के बाद संबंधित डीलर उस वाहन का डीम्ड ओनर (माना गया मालिक) बन जाएगा।

    • इससे वाहन का मूल मालिक कानूनी रूप से सुरक्षित रहेगा, और वाहन के किसी भी दुरुपयोग या दुर्घटना में जिम्मेदारी डीलर की होगी।

    • दस्तावेज अपडेट रखने की जिम्मेदारी भी अब डीलर की होगी।

    पंजीकरण और शुल्क:

    • कोई भी डीलर मात्र 25 हजार रुपये जमा कर एनआइसी के माध्यम से वाहन पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा सकता है।

    • वाहन विक्रय पर होने वाले मुनाफे पर डीलर को जीएसटी का भुगतान करना अनिवार्य होगा।

    • सड़क पर वाहन को सीमित उद्देश्यों के लिए ही चलाया जा सकेगा, जैसे डेमो, ट्रायल, मरम्मत, फिटनेस या पीयूसी निरीक्षण।

    अन्य निर्देश:

    • परिवहन विभाग ने सभी आरटीओ को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में सघन जांच करें।

    • नए वाहनों के शोरूम संचालक भी यदि ‘एक्सचेंज’ में पुरानी गाड़ियां लेते हैं तो उन्हें भी डीलर ऑथोराइजेशन लेना अनिवार्य होगा।

    “सोशल मीडिया पर वायरल: क्या गोविंदा सच में हॉलीवुड फिल्म अवतार के लीड रोल में थे?

    Govinda AI Video:सोशल मीडिया में अभिनेता गोविंदा का यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और इसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं। इस वीडियो में गोविंदा अवतार के लुक में नज़र आ रहे हैं। इतना ही नहीं, गोविंदा इसमें फेमस डायलॉग “हटा सावन की घटा” भी बोलते हुए दिख रहे हैं।

    गोविंदा का पुराना बयान भी वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अवतार फिल्म उन्हें ऑफर हुई थी|लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया था। जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, लोग हैरान रह गए।

    अब सवाल उठता है कि क्या वाकई गोविंदा को अवतार फिल्म ऑफर हुई थी।गोविंदा ने यह भी माना था कि Avatar को छोड़ने का फैसला उन्हें आज भी खलता है, क्योंकि यह फिल्म दुनिया की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल हो गई। Avatar ने करीब 2.92 अरब डॉलर और इसके सीक्वल The Way of Water ने 2.3 अरब डॉलर की कमाई की। वहीं Avatar: Fire and Ash ने ओपनिंग वीकेंड में ही 347 मिलियन डॉलर जुटा लिए।

    वीडियो निकला फर्जी

    जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया में वायरल हो रहा यह वीडियो पूरी तरह फर्जी है और इसे AI का इस्तेमाल करके बनाया गया है।

    अवतार के डायरेक्टर ने बताई सच्चाई

    फिल्म के डायरेक्टर ने गोविंदा के दावे को खारिज किया और कहा कि शायद वे अपनी अधूरी फिल्म अवतार की बात कर रहे थे।निहलानी के मुताबिक, यह फिल्म 40 प्रतिशत शूट होने के बाद गोविंदा के कहने पर बंद कर दी गई थी।

    जबलपुर में चर्च बना अखाड़ा, ‘जय श्री राम’ के नारों से गूंजा परिसर, प्रार्थना सभा के दौरान चले लात-घूंसे

    Jabalpur Church clash:मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में रविवार को एक चर्च में उस समय हंगामा हो गया, जब हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मतांतरण का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। घटना माढ़ोताल थाना क्षेत्र के शिव शक्ति नगर स्थित चर्च की है, जहां रविवार दोपहर प्रार्थना सभा चल रही थी।

    बताया जा रहा है कि क्रिसमस से पहले होने वाली प्रार्थना सभा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। इसी दौरान दोपहर करीब 12 बजे हिंदू संगठन के कुछ कार्यकर्ता चर्च परिसर में पहुंचे और मतांतरण का आरोप लगाते हुए जय श्री राम के नारे लगाने लगे। कार्यकर्ताओं का कहना था कि प्रार्थना सभा की आड़ में लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।

    चर्च में मौजूद लोगों ने जब इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते धक्का-मुक्की और मारपीट होने लगी। वहां रखी कुर्सियां एक-दूसरे पर फेंकी गईं, जिससे माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया।

    पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाला मामला

    हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में लिया। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया। दोनों ही ओर से एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दी गई है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

    हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने पुलिस को बताया कि उन्हें चर्च में मतांतरण की जानकारी मिली थी, इसी कारण वे विरोध करने पहुंचे थे। वहीं, चर्च के पदाधिकारियों का कहना है कि वे केवल प्रार्थना सभा आयोजित कर रहे थे।

    एक दिन पहले भी हुआ था विवाद

    गौरतलब है कि शनिवार को भी जबलपुर के नर्मदा रोड स्थित एक अन्य चर्च में मतांतरण की सूचना पर हिंदू संगठनों और चर्च में मौजूद लोगों के बीच विवाद की स्थिति बनी थी।

    शिवपुरी में अवैध चर्च ढहाया गया

    इसी तरह का एक मामला मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से भी सामने आया है। बदरवास तहसील के गुढाल डांग गांव में मतांतरण के आरोपों के बीच प्रशासन ने कार्रवाई की। पुलिस, प्रशासन और वन विभाग की टीम ने वन भूमि पर अवैध रूप से बनाए जा रहे चर्च को ढहा दिया।

    पुलिस के अनुसार, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शिकायत की थी कि सरकारी शिक्षक और पटवारी द्वारा चर्च बनवाकर मतांतरण कराया जा रहा है। जांच में वन विभाग की जमीन पर अवैध निर्माण पाया गया, जिसके बाद कार्रवाई की गई।
    ये भी पढ़ें:चर्चित उन्नाव दुष्कर्म मामले में कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत, निचली अदालत ने सुनाई थी उम्रकैद की सजा

    Ajmer Sharif Controversy: पीएम मोदी की चादर पर बवाल, सुप्रीम कोर्ट से हिंदू संगठन को झटका

    Ajmer Sharif Controversy: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अजमेर शरीफ दरगाह में चादर चढ़ाने को लेकर विवाद हो गया है। सालाना 814वें उर्स  के मौके पर प्रधानमंत्री की ओर से दरगाह में चादर चढ़ाई जानी थी। उनके ओर से किरण रिजिजू चादर चढ़ाने वाले थे। हिंदू संगठन ने इसके खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की है। सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला बगची की कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इस मामले पर कोर्ट ने तत्काल सुनवाई की मांग को खारिज कर दिया है।

    क्यों दायर की गई याचिका

    याचिका हिंदू सेवा के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता की ओर से दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि पीएम मोदी का चादर चढ़ाना गलत है। यहां पहले शिव मंदिर था, जिसे तोड़कर दरगाह बनाया गया। यह मामला कोर्ट में लंबित है। चादर चढ़ाना न्यायिक प्रक्रिया को बाधित कर सकता है।

    कोर्ट ने क्या कहा

    कोर्ट ने इस याचिका पर तुरंत सुनवाई की मांग को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इससे पूर्व भी कई प्रधानमंत्रियों की ओर से चादर चढ़ाई गई है।अजमेर शरीफ दरगाह पर विवाद है। इस पर दावा है कि पूर्व में यहां शिव मंदिर था, जिसे तोड़कर दरगाह बनाया गया। यह मामला कोर्ट में लंबित है और काफी समय से इस पर बहस चल रही है।

    ये भी पढ़ें: 2.7 लाख रुपये लो और अमेरिका छोड़ दो… क्रिसमस से पहले ट्रंप का अवैध प्रवासियों को बड़ा अल्टीमेटम

    चर्चित उन्नाव दुष्कर्म मामले में कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत, निचली अदालत ने सुनाई थी उम्रकैद की सजा

    उन्नाव दुष्कर्म मामले में पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से जमानत मिल गई है। कोर्ट ने कहा है कि उनकी दोषसिद्धि के खिलाफ दायर अपील अभी लंबित है, ऐसे में फिलहाल उनकी सजा पर रोक लगाई जाती है।


    क्या था मामला?

    दरअसल, उन्नाव बलात्कार मामले की पीड़िता नाबालिग थी। 11 जून 2017 को कुलदीप सिंह सेंगर द्वारा पीड़िता का अपहरण कर उसके साथ बलात्कार किया गया था। आरोप है कि बाद में उसे 60 हजार रुपये में बेच दिया गया

    पीड़िता का यह भी आरोप था कि सेंगर के कहने पर पुलिसकर्मियों ने उसे धमकाया और डराया।


    इन धाराओं में दर्ज हुआ था केस

    कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ बलात्कार, अपहरण और आपराधिक धमकी के साथ-साथ बाल यौन उत्पीड़न संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के बाद सेंगर को गिरफ्तार किया गया था।


    2019 में मिली थी उम्रकैद

    साल 2019 में निचली अदालत ने सेंगर को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इस दौरान मामले की रोजाना सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने 45 दिनों के भीतर सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया था।


    कोर्ट ने दी सशर्त जमानत

    दिल्ली हाई कोर्ट ने सेंगर को सशर्त जमानत देते हुए आदेश दिया है कि:

    • वह पीड़िता के 5 किलोमीटर के दायरे में नहीं आएगा,

    • और मामले की सुनवाई पूरी होने तक दिल्ली से बाहर नहीं जाएगा

    2.7 लाख रुपये लो और अमेरिका छोड़ दो… क्रिसमस से पहले ट्रंप का अवैध प्रवासियों को बड़ा अल्टीमेटम

     

    वॉशिंगटन।
    क्रिसमस से ठीक पहले अमेरिका में रह रहे अवैध प्रवासियों की टेंशन बढ़ गई है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली टीम ने अवैध प्रवासियों को अमेरिका छोड़ने के लिए अब तक का सबसे बड़ा ऑफर दे दिया है। अमेरिका का होमलैंड सुरक्षा विभाग (DHS) ऐसे प्रवासियों को 3000 डॉलर (करीब 2 लाख 70 हजार रुपये) देने की पेशकश कर रहा है, बशर्ते वे साल के अंत तक खुद ही अमेरिका छोड़ने के लिए राजी हो जाएं।

    DHS के मुताबिक, यह रकम केवल नकद सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि अवैध प्रवासियों को मुफ्त फ्लाइट, घर तक सुरक्षित पहुंच और उन पर लगे सभी जुर्मानों की माफी भी दी जाएगी।

    क्या है नया ऑफर?

    होमलैंड सुरक्षा विभाग ने बयान जारी कर कहा है कि जो भी अवैध प्रवासी इस साल के अंत तक कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) के पास स्वैच्छिक डिपोर्टेशन के लिए आवेदन करेंगे, उन्हें:

    3000 डॉलर की आर्थिक मदद

    अपने देश लौटने के लिए फ्री हवाई टिकट

    जुर्मानों से पूरी राहत

    दी जाएगी।

    पहले मिलते थे सिर्फ 1000 डॉलर

    गौरतलब है कि मई महीने में ट्रंप की टीम ने अवैध प्रवासियों को देश छोड़ने के बदले 1000 डॉलर देने की योजना शुरू की थी। अब क्रिसमस से पहले इस रकम को तीन गुना बढ़ाकर 3000 डॉलर कर दिया गया है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि इससे अवैध प्रवासी खुद ही अमेरिका छोड़ने के लिए प्रेरित होंगे और सरकार पर डिपोर्टेशन का बोझ कम होगा।

    आवेदन कैसे करें?

    DHS के अनुसार अवैध प्रवासी:

    CBP का आधिकारिक मोबाइल ऐप डाउनलोड कर

    अपनी पूरी जानकारी दर्ज कर

    स्वैच्छिक डिपोर्टेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं

    आवेदन के बाद आगे की पूरी प्रक्रिया DHS खुद संभालेगा, जिसमें भुगतान से लेकर फ्लाइट बुकिंग और सुरक्षित घर वापसी शामिल है।

    टीम ट्रंप की सख्त चेतावनी

    DHS ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यह ऑफर अवैध प्रवासियों के लिए आखिरी मौका हो सकता है। अगर कोई इस योजना का फायदा नहीं उठाता, तो उसे:

    गिरफ्तार किया जाएगा

    जबरन डिपोर्ट किया जाएगा

    और भविष्य में कभी भी अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी

    चुनावी वादों का बोझ: राजनीतिक घोषणाओं से राज्यों की माली हालत चरमराई

    विकास पर लगता विराम…वादो पर कब लगेगा लगाम

    चुनावी मौसम में की गई लोकलुभावन घोषणाएं अब राज्यों के लिए गंभीर आर्थिक चुनौती बनती जा रही हैं। लगभग हर राज्य इस दबाव से जूझ रहा है, जहां राजनीतिक मजबूरियों में किए गए वादों को पूरा करना सरकारों के लिए लगातार कठिन होता जा रहा है। मध्य प्रदेश सरकार के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के हालिया बयान ने इस सच्चाई को खुलकर सामने रखा है।

    राजधानी भोपाल में शनिवार को आयोजित शहरी विकास पर क्षेत्रीय बैठक में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने स्वीकार किया कि राजनीतिक दबाव में की गई घोषणाओं ने राज्यों की वित्तीय स्थिति को कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के लिए आवश्यक संसाधन जुटाना अब राज्यों के बूते से बाहर होता जा रहा है।

    मंत्री ने स्पष्ट किया कि शहरी विकास से जुड़ी योजनाओं को गति देने के लिए केंद्र सरकार की मदद अब अपरिहार्य हो गई है। अमृत योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी अहम परियोजनाएं अक्सर बजट की कमी के कारण अटक जाती हैं, जिससे योजनाओं का लाभ आम लोगों तक समय पर नहीं पहुंच पाता।

    उन्होंने यह भी माना कि राजनीतिक प्रतिबद्धताओं के चलते राज्यों पर खर्च का बोझ लगातार बढ़ रहा है, जबकि आय के स्रोत सीमित हैं। ऐसे हालात में राज्यों की उम्मीदें केंद्र सरकार पर टिकी हुई हैं, ताकि शहरी विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाया जा सके।

    इस अहम बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय के साथ शहरी विकास की चुनौतियों से निपटने पर भी चर्चा हुई।