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    सीएम मोहन यादव ने कहा ‘पीएम मोदी ने असंभव को संभव कर दिखाया, मुझे प्रसन्नता है कि वे शपथ लेने जा रहे हैं’

    सीएम मोहन यादव आज दिल्ली में हैं। वहाँ पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि ये हम सबके लिए गौरवान्वित करने वाली बात है कि मोदी जी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। उनके नेतृत्व में देश एक बार फिर विकास के नए आयाम छुएगा।

    सीएम मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असंभव को संभव करके दिखाया है। एनडीए को उन्होंने इतनी बड़ी जीत दिलाई है ये हम सबसे लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि मोदीजी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं और हम सभी को विश्वास है कि उनके नेतृत्व में देश एक बार फिर नई ऊँचाइयों को छुएगा।

    दिल्ली में की पीएम मोदी की प्रशंसा

    दिल्ली पहुँचे मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि “पीएम मोदी ने NDA गठबंधन को इतनी बड़ी जीत दिलाकर जिस प्रकार से मौका दिया है यह हम सबके लिए सौभाग्य की बात है ऐसे व्यक्ति का मंत्रीमंडल बनाना जिसके लिए दुनिया के सभी नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है ये सबको गौरवान्वित करने वाली है…मुझे प्रसन्नता है कि वह शपथ लेने जा रहे हैं।”

    कल होगी एनडीए की बैठक

    सीएम मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री एक बार फिर मोदी-सरकार के नारे को सार्थक करते हुए बढ़ेंगे। मैं उम्मीद करता हूं कि नई सरकार सबको साथ लेकर आगे बढ़ेगी और भारत की साख दुनिया में और आगे बढ़ाएगी। बता दें कि एनडीए ने बुधवार को अपने सहयोगी दलों के साथ बैठक की और सरकार गठन को लेकर चर्चा की। अब उनकी संसदीय दल की अगली बैठक 7 जून को होने वाली है। इसमें संसदीय दल के नेता शामिल होंगे और नरेंद्र मोदी को एनडीए के घटक दल का नेता चुना जाएगा। संभावना है कि 8 जून को वे तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।

    प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश की जनता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आभार जताया, कहा ‘आज की राजनीति में पुराना आदर्श स्थापित किया’

    कांग्रेस महासचिव ने कहा कि यूपी कांग्रेस के मेरे सभी साथियों को मेरा सलाम। मैंने आपको धूप और धूल में कड़ी मेहनत करते हुए देखा, आप झुके नहीं, आप रुके नहीं, कठिन से कठिन दौर में आपने लड़ने की हिम्मत दिखाई। मुझे गर्व है आप पर और यूपी की जागरूक जनता पर, जिसने इस देश की गहराई और सच्चाई को समझा और हमारे संविधान को बचाने का ठोस संदेश पूरे भारत को दिया।

    लोकसभा चुनाव के नतीजों में भले ही इंडिया गठबंधन को बहुमत नहीं मिला, लेकिन जो आँकड़ा उसने छुआ है वो कहीं न कहीं उसकी सफलता को दर्शाता है। ख़ासकर उत्तर प्रदेश में इंडिया ब्लॉक का प्रदर्शन शानदार रहा। अब प्रियंका गांधी ने यूपी के कांग्रेस कार्यकर्ताओं और जनता का आभार व्यक्त किया है।

    ‘कार्यकर्ताओं और जनता का आभार’

    प्रियंका ने एक्स पर लिखा है कि ‘यूपी कांग्रेस के मेरे सभी साथियों को मेरा सलाम। मैंने आपको धूप और धूल में कड़ी मेहनत करते हुए देखा, आप झुके नहीं, आप रुके नहीं, कठिन से कठिन दौर में आपने लड़ने की हिम्मत दिखाई। आपको प्रताड़ित किया गया, आप पर फर्जी मुक़दमे लगाये गये, जेल में डाला गया, बार-बार नज़रबंद किया गया मगर आप डरे नहीं। कई नेता डर के चले गये, आप टिके रहे। मुझे गर्व है आप पर और यूपी की जागरूक जनता पर, जिसने इस देश की गहराई और सच्चाई को समझा और हमारे संविधान को बचाने का ठोस संदेश पूरे भारत को दिया। आपने आज की राजनीति में एक पुराना आदर्श फिर से स्थापित किया है- कि जनता के मुद्दे सर्वोपरि हैं, इनको नकारने की क़ीमत भारी होती है। चुनाव जनता का है, जनता ही लड़ती है, जनता ही जीतती है।’

    इंडिया गठबंधन ने जीती 43 सीटें

    बता दें कि उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से इंडिया गठबंधन को 43 सीटें मिली हैं वही एनडीए 36 पर सिमट गई। इसके अलावा एकमात्र सीट नगीना आज़ाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर आज़ाद ने जीती है। बात करें अमेठी की तो वहाँ से स्मृति ईरानी की हार पार्टी को बड़ा झटका है। वहीं अयोध्या में भी बीजेपी को करारी शिकस्त मिली है। इस बार यूपी के नतीजे चौंकाने वाले रहे जिनमें इंडिया गठबंधन को काफ़ी समर्थन मिला है। इसके बाद प्रियंका गांधी ने वहाँ की जनता को धन्यवाद कहा है।

    फर्जी आधार कार्ड के जरिए संसद भवन में प्रवेश करने वाले 3 लोगों को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार

    Parliament House : संसद की सुरक्षा के प्रति सख्त रुख रखने वाली केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की चौकस नजरों के चलते तीन लोगों की संसद भवन में फर्जी आधार कार्ड के जरिए प्रवेश करने की कोशिश को नाकाम कर दिया गया है।

    संसद भवन, जो भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली का केंद्र है, एक बार फिर सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच घिर गया है। दरअसल तीन लोगों को संसद भवन में फर्जी आधार कार्ड के जरिए प्रवेश करने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया है। हालांकि यह घटना संसद की सुरक्षा के प्रति सख्त रुख रखने वाली केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की चौकस नजरों के कारण विफल हो गई।

    घटना का विवरण:

    दअरसल गुरुवार को, CISF के जवानों ने संसद भवन के गेट नंबर 3 पर तीन लोगों को संदिग्ध गतिविधियों के चलते रोका। वहीं जब उनसे पहचान पत्र मांगा गया, तो उन्होंने फर्जी आधार कार्ड पेश किए। जिसके बाद CISF के जवानों को इन आधार कार्डों पर शक हुआ और उन्होंने तुरंत इनकी सत्यता की जांच की। जांच के दौरान ये आधार कार्ड फर्जी पाए गए, जिसके बाद तीनों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।

    गिरफ्तार आरोपियों की हुई पहचान:

    जानकारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान कासिम, मोनिस, और शोएब के रूप में हुई है। वहीं पकडे जाने के बाद ये सभी आरोपी खुद को मजदूर बता रहे हैं। गिरफ्तारी के बाद इन्हें दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया है, जो फिलहाल उनसे पूछताछ कर रही है। पुलिस इनकी मंशा और संसद भवन में प्रवेश की कोशिश के पीछे की योजना का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

    दरअसल संसद भवन जैसी उच्च सुरक्षा क्षेत्र में इस तरह की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। यह घटना सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती और उसमें किसी भी प्रकार की चूक को सुधारने के प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित करती है। CISF की तत्परता और चौकसी ने एक बड़ी सुरक्षा चूक को टाल दिया, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा उपायों की समीक्षा और उन्हें और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

    हालांकि दिल्ली पुलिस तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इनका मकसद क्या था और ये किसके निर्देश पर संसद भवन में घुसने की कोशिश कर रहे थे। साथ ही, यह भी जांचा जा रहा है कि इनके पास फर्जी आधार कार्ड कैसे आए और इन्हें बनाने में किसका हाथ है।

    संसद भवन की सुरक्षा:

    दरअसल संसद भवन की सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी है, और यहां पर हर आने-जाने वाले की सख्त जांच होती है। CISF के जवान हर प्रवेश द्वार पर तैनात रहते हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करते हैं। इसके साथ ही संसद भवन में प्रवेश के लिए केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही अनुमति दी जाती है, और पहचान पत्र की जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाता है।

    विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर सीएम मोहन यादव ने किया अन्न के महत्व को समझने का आह्वान

    यह दिन इस बात को सुनिश्चित करने के प्रयासों को बढ़ावा देता है कि मनुष्य द्वारा खाया जाने वाला भोजन सुरक्षित रहे। ये बेहद महत्वूर्ण है और इसे मनाने के पीछे कई महत्वपूर्ण उद्देश्य हैं। हम सभी अन्न पर निर्भर है और ज़रूरी है कि इसे सुरक्षित रखने और व्यर्थ न करने की बात को समझा जाए। आज इसी बात को लेकर जागरूकता लाने के लिए कई तरह के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।

    आज विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आह्वान किया है कि हम सब मिलकर प्रयास करें कि अन्न का एक दाना भी व्यर्थ न जाए और सभी को उत्तम अन्न मिले। विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस (WFSD) हर साल 7 जून को मनाया जाता है। इस अवसर पर उठाए गए कदम हमें एक सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की ओर ले जाते हैं।

    महत्व, इस साल की थीम

    संयुक्त राष्ट्र ने सभी के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा के महत्व और खाद्य जनित खतरों को रोकने, पता लगाने और प्रबंधित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डालने के लिए इस दिन की स्थापना की। डब्ल्यूएफएसडी को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) द्वारा संयुक्त रूप से सदस्य राज्यों और अन्य संबंधित संगठनों के सहयोग से मनाया जाता है। यह दिन इस बात को सुनिश्चित करने के प्रयासों को बढ़ावा देता है कि मनुष्य द्वारा खाया जाने वाला भोजन सुरक्षित रहे। विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस 2024 का विषय ‘खाद्य सुरक्षा: अप्रत्याशित के लिए तैयारी’ है। WHO के अनुसार इस वर्ष की थीम ‘खाद्य सुरक्षा : अनपेक्षित घटनाओं के लिए तैयार रहें’ (‘Food Safety: Prepare for the Unexpected) है। ये इस बात को रेखांकित करती हैं कि हमें खाद्य सुरक्षा से जुड़ी हर स्थिति को लेकर तैयार रहना चाहिए, चाहे वे कितनी भी हल्की या गंभीर क्यों न हों।

    खाद्य सुरक्षा दिवस मनाने का उद्देश्य

    ये दिन बेहद महत्वूर्ण है और इसे मनाने के पीछे कई महत्वपूर्ण उद्देश्य हैं। इनमें खाद्य जनित बीमारियों से बचाव, सुरक्षित खाद्य उत्पादन और आपूर्ति, स्वास्थ्य और पोषण में सुधार, नियमों और मानकों का पालन, वैश्विक सहयोग जिसमें विभिन्न देशों और संगठनों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना ताकि खाद्य सुरक्षा के मुद्दों का समाधान मिल सके, शिक्षा और जागरूकता प्रमुख हैं। इस दिन लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियाँ और कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। खाद्य सुरक्षा दिवस हमें याद दिलाता है कि सुरक्षित और पौष्टिक भोजन का अधिकार हर व्यक्ति का है। इस दिन का महत्व खाद्य जनित बीमारियों से बचाव, स्वास्थ्य सुधार, और वैश्विक खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने में अनमोल है। इस दिशा में हम सभी को मिलकर काम करना चाहिए ताकि हर व्यक्ति को सुरक्षित और स्वस्थ भोजन मिल सके और खाद्य जनित बीमारियों से बचाया जा सके।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया आह्वान

    सीएम मोहन यादव ने इस दिन का महत्व बताते हुए एक्स पर लिखा है कि ‘अन्नो वै ब्रह्म! जीवन का आधार है अन्न। अन्न का संरक्षण ही जीवन का संरक्षण है। विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर हम सब संकल्प लें कि सबको उत्तम अन्न मिले, कोई भूखा न रहे और अन्न का एक भी दाना व्यर्थ न हो। आइये, हम सभी मिलकर इस पवित्र ध्येय की प्राप्ति के लिए प्रयास करें।’

    यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने PM मोदी को फोन किया:स्विटजरलैंड के पीस समिट में शामिल होने की अपील की, यूक्रेन आने का न्योता दिया

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने गुरुवार को PM मोदी को फोन कर लोकसभा चुनाव में जीत की बधाई दी। इसके बाद उन्होंने 15-16 जून को स्विटजरलैंड में होने वाले शांति सम्मेलन में भारत की भागीदारी की अपील की।

    जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा, “मैंने PM मोदी को भारत में जल्द से जल्द सरकार बनाने के लिए शुभकामनाएं दीं, जिससे वे भारतीयों के विकास के लिए काम करते रहें। हमने ग्लोबल पीस समिट पर भी बात की। मुझे उम्मीद है कि भारत इसमें जरूर शामिल होगा।” इसके अलावा जेलेंस्की ने PM मोदी को यूक्रेन का न्योता भी दिया। जेलेंस्की के बधाई संदेश पर PM मोदी ने उनका शुक्रिया अदा किया। सोशल मीडिया पर पोस्ट में मोदी ने कहा, “राष्ट्रपति जेलेंस्की से बात करके खुशी हुई। मैंने आम चुनाव में NDA की ऐतिहासिक जीत पर बधाई के लिए उन्हें धन्यवाद कहा। हम दोनों ने भारत और यूक्रेन की साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति जताई।”

    स्विस पीस समिट के लिए यूक्रेन ने बनाया 10 पॉइंट का प्लान
    इससे पहले जेलेंस्की ने 5 जून को भी PM मोदी को तीसरे कार्यकाल के लिए बधाई दी थी। स्विटजरलैंड में होने वाली यूक्रेन की पीस समिट का मकसद रूस-यूक्रेन के बीच ढाई साल से जारी जंग को खत्म करवाने से जुड़े विकल्पों पर चर्चा करना है। इसके लिए यूक्रेन ने 10 पॉइंट का प्लान भी तैयार किया है। इस प्लान में यूक्रेन से रूसी सेना की वापसी और युद्ध अपराध के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराने की बात कही गई है।  हालांकि, इस सम्मेलन में रूस को न्योता नहीं दिया गया है। स्विटजरलैंड के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अब तक 80 देश इस सम्मेलन में अपनी भागीदारी की पुष्टि कर चुके हैं। वहीं जेलेंस्की के प्रवक्ता के मुताबिक सम्मेलन में 107 देश और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने शामिल होने के लिए सहमति दी है। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडेन ने इस सम्मेलन में शामिल होने से इनकार कर दिया है। उनकी जगह अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस इस समिट में शामिल होंगी।

    ‘सम्मेलन में दूसरे देशों को रूस के खिलाफ भड़काना चाहता है यूक्रेन’
    इसके अलावा पिछले महीने के आखिर में चीन ने भी इस समिट में शामिल होने से इनकार कर दिया। 5वीं बार रूस के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद पिछले महीने चीन के दौरे पर गए पुतिन ने कहा था कि स्विस समिट के जरिए यूक्रेन दुसरे देशों को रूस के खिलाफ भड़काकर अपने पक्ष में करना चाहता है। इसके बाद रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने सुझाव दिया था कि चीन को एक कॉन्फ्रेंस करवानी चाहिए, जिसमें यूक्रेन और रूस दोनों को आमंत्रित किया जाए। इसके जरिए शांति पर बातचीत की जा सकेगी। इससे पहले 20 मार्च को PM मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को एक ही दिन फोन किया था। चंद घंटों के अंतर पर दोनों नेताओं से बातचीत के दौरान उन्होंने जंग रोकने की बात कही थी। पुतिन को 5वीं बार राष्ट्रपति बनने की बधाई देने के बाद PM मोदी ने कहा था कि रूस-यूक्रेन को कूटनीति और बातचीत के जरिए मसले का हल निकालना चाहिए। भारत ने हमेशा से जंग जल्द खत्म करने और शांति का समर्थन किया है। कॉल के दौरान पुतिन और जेलेंस्की ने मोदी को लोकसभा चुनाव के बाद अपने-अपने देश आने का न्योता भी दिया था। जंग के 15 महीने बाद मई 2023 में PM मोदी ने हिरोशिमा में G7 समिट के दौरान जेलेंस्की से मुलाकात की थी।

    जेलेंस्की से एक बार मिले PM मोदी, कहा- यह जंग इंसानियत का मुद्दा
    रूस-यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद से PM मोदी ने अब तक सिर्फ एक बार यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात की है। यह पिछले साल जापान के हिरोशिमा शहर में G7 समिट के दौरान हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने जेलेंस्की से कहा था- यूक्रेन जंग इकोनॉमी और पॉलिटिक्स का नहीं, इंसानियत का मुद्दा है। भारत इस जंग को खत्म करने के लिए हर कदम उठाने को तैयार है।

    Munjya: शरवरी वाघ ने ‘मुंज्या’ के बिना की थी पूरी शूटिंग, फिल्म के ट्रेलर में पहली बार देखा खौफनाक अवतार

    निर्माता दिनेश विजन की फिल्म मुंज्या रिलीज होने वाली है। शुक्रवार यानी 7 जून को फिल्म रिलीज कर दी जाएगी। इस बीच मुंज्या की एक्ट्रेस शरवरी वाघ ने फिल्म को लेकर बात की। अभिनेत्री कहा ने कि असल जिंदगी में उन्हें भूतों से डर लगता है। जब मुंज्या की शूटिंग की बारी आई तो उन्होंने इस कैरेक्टर के बिना ही शूटिंग की थी।

    हॉरर कॉमेडी फिल्म मुंज्या में चुड़ैल से भिड़ंत करती दिखेंगी शरवरी वाघ। उन्होंने साझा की फिल्म से जुड़ी बातें। कथाओं व मिथक पर बनी कहानियां फिल्मकारों के साथ ही कलाकारों को भी लुभाती हैं। हॉरर कॉमेडी फिल्म मुंज्या भी ऐसे ही मिथक पर आधारित है।

    निर्माता दिनेश विजन की इस फिल्म में केंद्रीय भूमिका निभा रहीं शरवरी वाघ कहती हैं, “मैं मुंबई की हूं, लेकिन अपने गांव अक्सर जाती हूं। वहां पर बचपन में हमे कहानी सुनाई जाती थी कि खाना खा लो वरना मुंज्या आ जाएगा। वो तुम्हारा खाना खा जाएगा। ये बच्चों को डरा-धमकाकर काम कराने के लिए बोला जाता था।”

    हॉरर फिल्मों से शरवरी को लगता है डर

    उन्होंने आगे कहा, “जब मैंने सुना कि इसी कांसेप्ट पर फिल्म बन रही हैं, तो वे यादें ताजा हो गईं। (हंसती हैं) मेरा इस विषय से थोड़ा निजी जुड़ाव है। बचपन से आप कुछ सुनते आ रहे हो और प्रोफेशन में वैसा करने का मौका मिले तो उससे बेहतर और क्या होगा। मुझे हॉरर फिल्मों से बहुत डर लगता है, पर इसमें हॉरर के साथ कॉमेडी है तो हमने एंजॉय किया। फिल्म में मुंज्या का पात्र सीजीआई (कंप्यूटर जनरेटेड इमेजरी) से बनाया गया है। पहली बार ऐसे कलाकार के साथ काम किया, जो सेट पर ही नहीं आया। उससे कोई मुलाकात नहीं हुई। (हंसती है) तो काम करने में कठिनाई होना स्वाभाविक था।”

    ट्रेलर में पहली बार देखा मुंज्या

    शरवरी आगे कहती हैं, “जब ट्रेलर आया तभी हमने भी मुंज्या को देखा। वह फिल्म का अहम पात्र है। एक्शन सीक्वेंस करना भी आसान नहीं था। ट्रेलर में एक सीन है, जिसमें पेड़ों की शाखाएं हैं। उसमें नायक अभय वर्मा के साथ मेरे एक्शन दृश्य हैं। शुरुआत में हम तय ही नहीं कर पा रहे थे कि ये कैसे होगा। मुंज्या को लेकर हमने अपनी कल्पनाओं का उपयोग किया। मेहनत पूरी की है, अब चाहती हूं कि दर्शकों की उम्मीदें पर हम खरा उतरें।”

    RBI MPC: FY25 में महंगाई दर 4.5% रहने का अनुमान, रिजर्व बैंक का ग्रोथ-मंहगाई के बीच संतुलन बनाने पर फोकस

    RBI MPC Meeting, CPI for FY25: रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि खाद्य महंगाई चिंता का विषय है. महंगाई दर 4% पर लाने का प्रयास करते रहेंगे. ग्रोथ और मंहगाई के बीच संतुलन बनाने पर फोकस है.

    RBI MPC Meeting, CPI target for FY25: रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांता दास ने आज (7 जून) मॉनेटरी पॉलिसी (monetary policy) का ऐलान किया. आरबीआई गवर्नर ने वित्त वर्ष 2025 के लिए खुदरा महंगाई दर (CPI) का टारगेट 4.5% पर बरकरार रखा है. रिजर्व बैंक गवर्नर ने कहा कि खाद्य महंगाई चिंता का विषय है. महंगाई दर 4 फीसदी पर लाने का प्रयास करते रहेंगे. ग्रोथ और मंहगाई के बीच संतुलन बनाने पर फोकस है.

    RBI ने मॉनिटरी पॉलिसी में ब्‍याज दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. रेपो रेट 6.5 फीसदी पर बरकरार है. लगातार आठवीं पॉलिसी समीक्षा में ब्‍याज दरें स्थिर रखी गई हैं. वित्‍त वर्ष 2024-25 के लिए ये दूसरी RBI MPC पॉलिसी है. MPC अकोमोडेटिव रुख पर बरकरार रखा है. एमपीसी में 6 में से 4 सदस्य ब्याज दरें स्थिर रखने के पक्ष में थे.

    महंगाई दर 4% पर आने का प्रयास: दास 

    RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि रिजर्व बैंक महंगाई दर को 4 फीसदी पर रखने के लिए कमिटेड है.  दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य रहने से खरीफ उत्पादन बढ़ेगा. इससे जलाशयों में पानी का स्तर भी बढ़ेगा. सामान्य मानसून को देखते हुए चालू वित्त वर्ष 2024-25 में मुद्रास्फीति 4.5 फीसदी रहने की उम्मीद है.

    सीएम मोहन यादव से मिलने पहुंचे प्रदेश के नव निर्वाचित सांसद, लड्डू खिलाकर दी एतिहासिक जीत की दी बधाई

    शुक्रवार को भाजपा संसदीय दल की अहम बैठक होनी है। इस बैठक में सभी सांसदों का स्वागत किया जाएगा राज्य में भाजपा के 11 ऐसे सांसद हैं जो पहली बार लोकसभा पहुंचे हैं। नवनिर्वाचित सांसदों के अलावा मध्य प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल भी सांसदों के साथ दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं। भाजपा प्रदेश की सभी 29 सीटों पर भगवा फहराने में सफल रही है।

    हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनावों में भाजपा मध्य प्रदेश की सभी 29 सीटों पर भगवा फहराने में सफल रही है। जिसके बाद आज नव निर्वाचित सांसद और जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिलने पहुंचे। भोपाल सांसद आलोक शर्मा, होशंगाबाद के सांसद दर्शन सिंह चौधरी, राजगढ़ सांसद रोडमल नागर, उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया, पूर्व मंत्री जयंत मलैया, वरिष्ठ विधायक रामनिवास रावत, विधायक सिद्धार्थ तिवारी, पूर्व विधायक पारुल साहू ने मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें एतिहासिक जीत की बधाई दी।सीएम मोहन यादव में सभी नव निर्वाचित सांसदों और जनप्रतिनिधियों के साथ एक आत्मीय मुलाकात में सभी को जीत की बधाई देते हुए उनका मुंह मीठा कराया। धार से नवनिर्वाचित सांसद सावित्री ठाकुर, विधायक नीना वर्मा, विधायक उषा ठाकुर, विधायक नागेन्द्र सिंह, पूर्व विधायक जसवंत सिंह हाड़ा भी मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे। इस बीच खबर है कि भाजपा ने मध्य प्रदेश से नव निर्वाचित सभी सांसदों को दिल्ली बुलाया है। ये सभी गुरुवार रात तक दिल्ली पहुंच जाएंगे और शुक्रवार को 11 बजे भाजपा और एनडीए गठबंधन के सभी सांसदों की बैठक होगी।आपको बता दें, शुक्रवार को भाजपा संसदीय दल की अहम बैठक होनी है। इस बैठक में सभी सांसदों का स्वागत किया जाएगा, राज्य में भाजपा के 11 ऐसे सांसद हैं जो पहली बार लोकसभा पहुंचे हैं। नवनिर्वाचित सांसदों के अलावा मध्य प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल भी सांसदों के साथ दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं।

    IND vs PAK: सुपर पावर देश में क्रिकेट को बढ़ावे देने के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच खेला जाएगा महामुकाबला

    आईसीसी और अमेरिकी लोगों को उम्मीद है कि रविवार को न्यूयार्क की नसाऊ काउंटी के आइजनहवर पार्क में बने अस्थायी क्रिकेट स्टेडियम में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले महामुकाबले से इस देश में यह खेल नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा। भले ही बहुत से मामलों में दुनिया के कई देश अमेरिका की तरफ निगाहें करते हों लेकिन क्रिकेट के मामले में यह सुपर पावर भारत पर आश्रित है।

    अमेरिका भले ही विश्व में सुपरपावर का दर्जा रखता हो लेकिन उसको क्रिकेट में आगे बढ़ने के लिए दो एशियाई देशों भारत और पाकिस्तान की जरूरत है। क्रिकेट की वैश्विक संस्था अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने अमेरिकी मार्केट को ध्यान में रखते हुए और यहां पर क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए इस सुपर पावर देश में पहली बार टी-20 विश्व कप कराने की योजना रखी। अमेरिका में भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश मूल के लोग बहुतायात में रहते हैं। यही कारण हैं इन टीमों के शुरुआती दौर के अधिकतर मैच अमेरिका में रखे गए हैं।

    भारत-पाकिस्तान मैच की टिकट सबसे महंगी

    आईसीसी और अमेरिकी लोगों को उम्मीद है कि रविवार को न्यूयार्क की नसाऊ काउंटी के आइजनहवर पार्क में बने अस्थायी क्रिकेट स्टेडियम में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले महामुकाबले से इस देश में यह खेल नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा। भले ही बहुत से मामलों में दुनिया के कई देश अमेरिका की तरफ निगाहें करते हों लेकिन क्रिकेट के मामले में यह सुपर पावर भारत पर आश्रित है। लगभग 250 करोड़ रुपये से बने अस्थायी क्रिकेट स्टेडियम में इस महामुकाबले के साथ कुल आठ मैच होने हैं।

    सबसे ज्यादा महंगी टिकट भारत और पाकिस्तान मैच की है। इसकी सबसे महंगी टिकट ब्लैक मार्केट में 15000 डालर (लगभग 12.5 लाख रुपये) तक की बिक रही हैं। आईसीसी को उम्मीद है कि यह मैच फुल हाउस होगा। भारत ने इसी मैदान पर आयरलैंड को आसानी से हराकर अपने अभियान की शुरुआत की जबकि पाकिस्तानी टीम डलास में अमेरिका हारने के बाद यहां शुक्रवार को पहुंचेगी।

    पाकिस्तान से संभलकर रहना होगा

    24 अक्टूबर 2021 को दुबई में पाकिस्तान ने भारत को पहली बार आइसीसी विश्व कप में हराया था। वह पहला मौका था जब पाकिस्तान ने किसी भी विश्व कप मैच में भारत को हराया था। लगभग एक साल बाद आस्ट्रेलिया के मेलबर्न क्रिकेट मैदान (एमसीजी) में विराट कोहली की दमदार पारी की बदौलत भारत ने उस हार का बदला ले लिया था लेकिन एक समय उस मैच में भी रोहित शर्मा की टीम हार की कगार पर पहुंच गई थी। पिछले साल भारत में हुए वनडे विश्व कप में रोहित की कप्तानी में भारतीय टीम ने जीत हासिल की।

    Modi के नाम पर आज लगेगी फाइनल मुहर, दिल्‍ली में जुट रहे NDA के नवनिर्वाचित सांसद

    भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के नवनिर्वाचित सांसद आज नरेंद्र मोदी को अपना नेता चुनने के लिए बैठक करेंगे जिससे उनके तीसरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने का रास्ता साफ हो जाएगा। इसी क्रम में गुरुवार से ही नवनिर्वाचित सांसदों का दिल्‍ली में आगमन शुरू हो गया है। जेडीयू सांसद ललन‍ सिंह और सांसद देवेश चंद्र ठाकुर बिहार सीएम के आवास पर पहुंचे।

    भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के नवनिर्वाचित सांसद आज नरेंद्र मोदी को अपना नेता चुनने के लिए बैठक करेंगे, जिससे उनके तीसरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने का रास्ता साफ हो जाएगा। इसी क्रम में गुरुवार से ही नवनिर्वाचित सांसदों का दिल्‍ली में आगमन शुरू हो गया है। एनडीए की साझा बैठक से पहले सहयोगी दल पार्टी की संसदीय बैठक कर रहे हैं। इसके बाद वे एनडीए की मुख्‍य बैठक में शामिल होंगे।

    इसी क्रम में दिल्ली में जेडीयू के नेता आज सुबह पार्टी की संसदीय दल की बैठक के लिए बिहार के सीएम और पार्टी नेता नीतीश कुमार के आवास पर पहुंचने लगे हैं। इसी क्रम में सांसद ललन‍ सिंह और सांसद देवेश चंद्र ठाकुर बिहार सीएम के आवास पर पहुंचे।

    शिवसेना शिंदे गुट के अध्‍यक्ष और महाराष्‍ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे भी एनडीए की बैठक को लेकर दिल्‍ली पहुंच चुके हैं।

    रविवार को होगा शपथ ग्रहण समारोह

    सूत्रों के मुताबिक, शपथ ग्रहण रविवार को होने की संभावना है। कुछ गठबंधन सदस्यों ने बताया कि मोदी के एनडीए सांसदों के नेता चुने जाने के बाद, टीडीपी के एन चंद्रबाबू नायडू, जेडीयू के नीतीश कुमार और शिवसेना के एकनाथ शिंदे जैसे गठबंधन के वरिष्ठ सदस्य राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलने के लिए प्रधानमंत्री के साथ बैठक करेंगे और उन्हें उनका समर्थन करने वाले सांसदों की सूची सौंपेंगे।

    एनडीए के पास 293 सांसद हैं, जो 543 सदस्यीय लोकसभा में बहुमत के 272 के आंकड़े से काफी ऊपर है। अमित शाह, राजनाथ सिंह और जेपी नड्डा समेत वरिष्ठ भाजपा नेता भी नई सरकार में अपने प्रतिनिधित्व के लिए एक सौहार्दपूर्ण फार्मूला तैयार करने के लिए सहयोगी दलों के साथ विचार-विमर्श कर रहे हैं, जो अस्तित्व के लिए उन पर निर्भर करेगा।

    4 जून के नतीजों के बाद से भाजपा नेतृत्व ने सरकार गठन के लिए किसी भी अनिश्चितता की संभावना को समाप्त करने के लिए तेजी से कदम उठाए हैं, जो सत्तारूढ़ पार्टी के लिए एक झटका था क्योंकि इसने 2014 के बाद पहली बार बहुमत खो दिया और सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए उसे सहयोगियों के समर्थन की आवश्यकता है।