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    राजस्थान: करौली जिले के समरदा गाँव में दबंगों द्वारा किसान की ज़मीन पर अवैध कब्जा

    राजस्थान : करौली जिले की गाँव समरदा में एक ग्रामीण की ज़मीन पर दबंग द्वारा अवैध कब्जा करने का मामला सामने आ रहा है जिसकी शिकायत किसान ने उच्च अधिकारियों से करने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई फिर पीड़ित ने पुलिस में शिकायत की है। मगर आज तक उस मामले में कोई वैध कार्यवाही नहीं की गई है। यह है पूरा मामलाआपको बता दें कि समरदा ग्राम निवासी लक्की पिता सुखराम ने जानकारी बताया कि उसके खेत में खड़ी हुई है जो कि अभी कटने की कगार पर थी लेकिन कुछ दबंगों द्वारा उसकी ज़मीन पर कब्जा किया गया है जिसकी शिकायत किसान ने पुलिस अधिकारियों थाना पर भी की लेकिन अभी तक किसान की समस्याओं का कोई निराकरण नहीं हुआ है।क्या लिखा है शिकायत पत्र में
    आवेदन बाबत अनवेदक गणो द्वार खेत उगाई फसल नष्ट व को रौंद देने बारे कार्यवाही किये जाने बाबत
    फसल बर्बाद हो गई है तथा मेरे खेत ते आने बेहई जाने का कोई रास्ता नही फिर भी अनावेदकगण मेरी बरसाती फसल में तो को मेरी खड़ी फसल में से ट्रेक्टर का आना जाना करते है। जिसके कारण आवेदक की फ़सल को नष्ट व बर्बाद कर दिया है।

    माननीय उच्चतम न्यायालय में भी अपने न्यायिक निर्णय पृथ्वीराज चौहान बनाम यूनियन ऑफ इंडिया रिट पिटीशन नंबर 1015/2018 निर्णय दिनांक 15-02-2020 पैरा संख्या 15 में भी यह न्याय सिद्धान्त पतिपादित किया है कि माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय की मंशानुसार अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के शारीरिक एवं सम्पत्ति के प्रति घटित अपराध दण्ड संहिता के भिन्न प्रकृति के रूप में है, उन्हें सामान्य रूप से भारतीय दण्ड संहिता के अपराधों से तुलना करके नहीं देखा जा सकता। उन्हें विशेष रूप से इस अधिनियम के तहत विशेष प्रक्रिया का पालन कर अनुसंधान, जांच व विचारण के समय देखे जाने की व्यवस्था की गई है।

    अतः हमारा मानना है कि उक् प्रकरण में अभियुक्तगण के विरुद्ध विधिवत आपराधिक दाण्डिक कार्यवाही किये जाने के साथ-साथ पीड़ित को इस अधिनियल की मंशानुसार उसे शारीरिक एवं साम्यत्यिक अधिकारों के संरक्षण एवं पुनरऊदार की विशेष आवश्यकता है। अतः जिला कलेक्टर करोली व जिना पुलिस अधीक्षक करौली को निर्देश दिया जाता है कि यह धारा 10 व 15 ए अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में उपबन्धित प्रावधानों का पालन कर प्रभावी कार्यलही कर पीडित के आक्षेपित आराजी से संबंधित साम्पत्यिक अधिकार व शारीरिक संरक्षण हेतु समुचित उपाय कर इस न्यायालय को सूचित करे।

    फौजदारी लिपिक को आदेश दिया जाता है कि वह उक्त आदेश की प्रति संकलित कर धारा 15 ए (8) एससी/एसटी एक्ट के तहत आवश्यक कार्यवाही हेतु पृथक से पत्रावली खोली जावे। इसलिये उपरोक्त विधि एवं तथ्य की रोशनी में हम इस निष्कर्ष पर पहुँचे है कि उपरोक्त अभियुक्तगण के विरुद्ध अनुसूचित जाति संवर्ग के सदस्य श्री लक्खी बैरवा के स्वामित्व व आधिपत्य की भूमि पर अनाधिकृत रूप से बल व हिंसा का प्रयोग कर आपराधिक अतिचार करते हुए उसकी भूमि के उपयोग उपभोग व फसल करने में बाधा कारित की है तथा बाधा कारित करते हुए पीडित व उसके परिवारीजन पर बल व हिंसा का प्रयोग करते हुए उपहति कारित किये जाने के पर्याप्त साक्ष्य प्रसंज्ञान लिये जाने हेतु अभिलेख पर हैं अतः पुलिस द्वारा प्रस्तुत उक्क् एफआर अस्वीकार की जाती है तथा परिवादी की प्रोटेस्ट पिटीशन स्वीकार की जाकर अभियुक्तगण अतरसिंह, बदनसिंह, नरसी व सिया पुत्रान जयलाल जातियान गुर्जर निवासी गैरई की गुबाडी पुलिस थाना सपोटरा, जिला करौली के विरुद्ध धारा 323,341,447/34 भादंसं व धारा 3(1) (सी) (एफ) (जी) (आर) (एस), 2 (बीए) अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत प्रसंज्ञान लिया जाता है। प्रकरण दर्ज रजिस्टर हो। विशिष्ठ लोक अभियोजक को आदेश दिया जाता है कि वह उक्त प्रकरण की अन्य आपराधिक प्रकरणों की तरह अपेक्षित दस्तावेजात व साक्ष्य संकलित कर पैरवी करेंगे। विशिष्ठ लोक अभियोजक गवाहन सूची पेश साथ ही अभियुक्तगण पर विशिष्ठ अधिनियम का आरोप होने से उन्हें ) जरिये गिरफतारी वारण्ट तलब किया जावे। उपरोक्त प्रकरणों में से नवीनतम प्रकरण 569/2020 पुलिस थाना सपोटरा अपराध अन्तर्गत धारा 143,3123,341,354,447,379 भा दं से व धारा 3 (1) (आर) (एस) (एफ) (डब्ल्यू), 2 (va) एससी/एसटी एक्ट 1989 अभियुक्तगण के आपराधिक कृत्य के बाबत पृथक से दर्ज कराया है जिसमें पीडित लक्खी व उसके परिवारीजन के साथ मारपीट में चोटें आई हैं जिसकी लिखित रिपोर्ट इस न्यायालय के समक्ष उप पुलिस अधीक्षक वृत कैलादेवी के द्वारा प्रस्तुत की गई।
    संपीटरा की ओर से प्रस्तुत FR से संतुष्ट न होकर पुनः जांच कराये जाने का निवेदन किया है और अपनी प्रोटेस्ट पिटीशन में लिखित एवं मौखिक रूप से निवेदन किया है कि अभियुक्कगण बदमाश विनन्म के व्यक्ति है, जो गरीध व अनुसूचित जाति-अनुसूचित जन जाति वो व्यक्तियों की जमीन पर विधि विरुद्ध रूप में कक्षा करते है और कमजोर वर्ग के व्यक्तियों को उनकी जमीन पर कारत सहीं करने देते है। बड़ी फसल को काट कर ले जाते है। अभियुक्तगण द्वारा अनुसंधान अधिकारी पर दबाव बना कर उत्क्ता प्रकरण में एफ.आर. सिदिल नेचर का बताते हुए प्रस्तुत की है। आरोपीगण के पास उक्त जमीन का कोई वैधानिक रूप से स्वामित्व व आधिपत्य नहीं है। मुस्तगीस के विधिक स्वामित्व व आधिपत्य की भूमि से उसे येकब्जा कर खड़ी फसल को लाठी व हिंसा के बल पर काट कर ले जाते है। इस बाबत आरोपीगण अतरसिंह बदनसिंह नरसी, सिया पुत्र जयलाल जाति गुर्जर गैरई की गुबाडी पुलिस कना सपोटरा के आपराधिक कृत्य के लिये पीडित परिवादी द्वारा पूर्व व वर्तमान में निम्न प्रकरण दर्ज कराये गये हैं

    दबंग देते है जान से मारने की धमकिया

    न्याय के लिए दर-दर भटक रहा लक्की का परिवार वह बुजुर्ग परिवार । उसका कहना है कि गाँव की आबादी में उसकी ज़मीन है जिस पर गाँव के ही कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है जबकि वह ज़मीन हमारे पूर्वजों की है। हम उस पर कई वर्षों से खेती कर रहे है अपना जीवपन यापन कर रहे है। साथ ही पीड़ित किसान का कहना है कि कई बार पुलिस अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद उस ज़मीन से अवैध कब्जा नहीं हटाया गया। दबंग किशम के लोगों ने तहसीलदार के साथ मिलकर हमारी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया। और थाना अधिकारियों द्वारा सिर्फ़ निराकरण का आश्वासन देकर वापस घर भेज दिया जाता है।

    ई खबर मीडिया के लिए हरियाणा ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

    फिर दहेज की बलि चढ़ी एक युवती , जानें कैसे खौफनाक तरीके से ससुरालवालों ने रचि हत्या की साजिश!

    राजस्थान : जिला सिरोही पिण्डवाड़ा के पीड़ित भाई प्रेम सिंह ने बहन मृतका संतोष कंवर 35 वर्ष को ससुराल वालों ने दहेज के लिए प्रताड़ित किया संतोष का विवाह 2010 में हुआ था तभी से ही ससुराल वाले उसे परेशान करते थे पीड़िता के भाई प्रेम सिंह ने बताया कि मेरी बहन का मर्डर किया गया है और से फांसी के फंदे पर लटका दिया गया आरोपियों के नाम फिर में दर्ज हैं पीड़ित भाई प्रेम सिंह ने बताया कि 302 का मुकदमा दर्ज होने के बावजूद कोई

    पुलिस नहीं आई है पिंडवाड़ा SHO की मिली भगत से कार्रवाई में हो रही देरी।
    पीड़ित भाई ने के लिए दर-दर भटक रहा भाई ने लगाई सरकार से मदद की गुहार आरोपियों को जल्दी से जल्दी जेल में भेजा जाए तभी मेरी बहन की आत्मा को शांति मिलेगी अन्यथा उसकी आत्मा भटकती रहेगी। भाई प्रेम सिंह ने बताया कि मेरी बहन की मेडिकल रिपोर्ट में भी छोटे आई हुई है और गहरे निशान हैं परंतु पुलिस की तरफ से कोई कार्यवाही नहीं हो रही पुलिस के आल्हा अधिकारियों तक लिखित में शिकायत दी जा चुकी है परंतु ससुराल पक्ष रसूखदार होने की वजह से न्याय में हो रही देरी।

    पुलिस महानिरीक्षक महोदय, जिला पाली को दिया शिकायत पत्र

    एस.बी. क्रिमिनल मिशलेनियश पिटिशन संख्या 3514/2024, दिनांक 28.05.2024 को पारित आदेश की पालना बाबत।

    प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या: 198/2024, पुलिस थाना पिण्डवाड़ा, जिला सिरोही, अपराध अन्तर्गत धारा 143, 201, 302, 406 भारतीय दण्ड संहिता

    उपरोक्त विषयान्तर्गत प्रार्थी की ओर से निम्न निवेदन है:

    1.  मृत्यु का प्रकार: प्रार्थी के विवाद के अनुसार, उनकी बहन संतोष कंवर की हत्या दिनांक 03.05.2024 को हो गई थी। प्रार्थी ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी, और पुलिस द्वारा उस दिन शाम 5:50 पर मर्ग रिपोर्ट दर्ज की गई।

    2.  पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति: प्रार्थी का आरोप है कि पुलिस ने पहले रिपोर्ट दर्ज नहीं की, जिसके बाद उन्होंने न्यायालय में याचिका दायर की। न्यायालय ने उनकी याचिका को 28.05.2024 को पारित किया और जांच के बिंदुओं को पुलिस अधीक्षक और अनुसंधान अधिकारी को प्रेषित करने का आदेश दिया।

    3.  जांच के आधार: जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों की जांच की जानी चाहिए, जैसे कि मृत्यु के वास्तविक कारण, परिवार के अनुपस्थिति का कारण, और विवादित पुलिस रिपोर्ट के दर्ज न करने का विवादित असर।

    4. आदेश का पालन: प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत बिंदुओं की जांच के लिए निष्पक्ष और संपूर्ण जांच की आवश्यकता है, और जांच रिपोर्ट में उक्त बिंदुओं को शामिल किया जाना चाहिए।
    भाई प्रेम सिंह ने लगाई मदद की गुहार और मीडिया के माध्यम से कहां कि मुझे इंसाफ दिलाओ प्रेम सिंह ने कहा कि SHO हमीर सिंह भी आरोपियों के साथ मिला हुआ है तथा कार्यवाही होने में देरी लग रहा है। तथा उक्त सभी आरोपियों को जेल में डाला जाए और मेरी बहन को इंसाफ दिलाया जाए।

    यह घटना दर्शाती है कि भाई प्रेम सिंह ने अपनी बहन संतोष कंवर की हत्या के मामले में न्याय प्राप्त करने के लिए अपनी याचिका को न्यायालय में दायर किया है। उनका आरोप है कि पुलिस ने पहले रिपोर्ट दर्ज की और फिर भी कार्रवाई में देरी हो रही है। उन्होंने मीडिया के माध्यम से और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से इंसाफ दिलाने की मांग की है। वे चाहते हैं कि सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनकी बहन को न्याय मिले।

    ई खबर मीडिया के लिए देव शर्मा की रिपोर्ट

    शादी का झांसा देकर चार साल तक यौन शोषण: प्रयागराज की बबीता पटेल का आरोप

    जिला प्रयागराज:  थाना क्षेत्र मऊ एमा , तहसील सराओं के सिकंदरपुर गाँव की रहने वाली 23 वर्षीय बबीता पटेल ने आरोप लगाया है कि कमल सिंह एडवोकेट नामक व्यक्ति 35 वर्ष ने शादी का झांसा देकर चार साल तक उसका यौन शोषण किया। बबीता पटेल ने मीडिया को बताया कि आरोपी ने उसे शादी करने का वादा किया और इसी बहाने कई बार शारीरिक संबंध बनाए। जब भी बबीता ने शादी की बात की, कमल सिंह ने उसे तरह-तरह के बहाने बनाकर टाल दिया। अंततः, महिला ने इस झूठ को पहचान लिया और कानून की सहायता लेने का निर्णय किया, लेकिन बदनामी के डर से पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई।

    बबीता के अनुसार, चार साल पहले कमल सिंह ने उससे संपर्क किया और धीरे-धीरे दोनों के बीच घनिष्ठ संबंध स्थापित हो गए। कमल सिंह ने विश्वास दिलाया कि वह उससे शादी करेगा, लेकिन जब भी बबीता ने शादी की बात की, उसने इसे टाल दिया। अब कमल सिंह किसी दूसरी महिला से शादी कर रहा है, क्योंकि वह दहेज के लालची हैं।

    क्या है पूरा मामला?

    बबीता पटेल ने मीडिया को दिए पत्र में बताया कि चार साल पहले उसकी जान-पहचान कमल सिंह से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच मित्रता बढ़ी और कमल सिंह ने बबीता को विश्वास दिलाया कि वह उससे शादी करेगा। इस विश्वास के आधार पर बबीता ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब भी बबीता ने शादी की बात की, कमल सिंह ने इसे टाल दिया और लगातार संबंध बनाए रखे।

    जब बबीता ने कमल सिंह से कहा कि उसने अपने घरवालों से भी बात कर ली है, तो कमल सिंह ने उसे धोखा देकर छोड़ दिया। बबीता ने बताया कि कमल सिंह ने उसे धमकियां दीं और उसके परिवार को भी जान से मारने की धमकी दी। बबीता ने कहा कि कमल सिंह ने उसके साथ न केवल शारीरिक शोषण किया बल्कि उसे मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया।

    इंसाफ की गुहार

    बबीता पटेल ने सरकार और समाज से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों के प्रति चिंता को बढ़ाती हैं। यह घटना एक बार फिर सोचने पर मजबूर करती है कि महिलाओं को ऐसे अपराधों से बचाने के लिए क्या-क्या कदम उठाए जा सकते हैं। बबीता ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच से ही पीड़िता को न्याय मिल सकता है और समाज में महिलाओं के प्रति अपराधों पर अंकुश लग सकता है। बबीता ने पुलिस से एफआईआर दर्ज करवाने और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित करने की मांग की है।

    ई खबर मीडिया के लिए हरियाणा ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

    प्रेमिका से दूसरी शादी और धमकियों के बाद रिंकू कुमारी ने छोड़ा ससुराल

    बिहार: शिवहर जिले के पिपरिया थाना क्षेत्र के मीनापुर बलहा गांव की निवासी रिंकू कुमारी ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रिंकू कुमारी का कहना है कि उसका पति दिनेश मेहता, जिसकी उम्र 45 वर्ष है, काम के सिलसिले में उनके एक बेटे को लेकर काठमांडू चला गया और उसे व उनके छोटे बच्चों को अकेला छोड़ दिया।

    रिंकू का आरोप है

    दिनेश मेहता ने अपनी प्रेमिका मंजू से दूसरी शादी कर ली है और उसे जान से मारने की धमकी देता है। रिंकू ने बताया कि तीन दिन पहले दिनेश घर आया और उनके साथ मारपीट करने लगा और उसके एक बच्चे को छीनकर ले गया ।

    इस स्थिति से त्रस्त रिंकू कुमारी ने मीडिया के माध्यम से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि दिनेश मेहता उन्हें लगातार परेशान करता है, मारता-पीटता है और जान से मारने की धमकी देता है। पति की प्रताड़ना से तंग आकर रिंकू अब अपने माता-पिता के घर पर रह रही हैं।

    रिंकू कुमारी ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा, “दिनेश ने दूसरी शादी कर ली है और अब सौतन मंजू के साथ रहता है। मैं बहुत परेशान हूं और मुझे और मेरे बच्चों को सुरक्षा चाहिए।”

    मीडिया के माध्यम से की पुलिस से कार्रवाई की मांग

    रिंकू कुमारी ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है और चाहती हैं कि उनके पति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि वे चाहती हैं कि उनके बच्चे सुरक्षित रहें और दिनेश मेहता को उसकी गलतियों की सजा मिले।यह मामला घरेलू हिंसा और पति द्वारा पत्नी को प्रताड़ित करने का है। रिंकू कुमारी की यह कहानी एक बार फिर से उस सच्चाई को उजागर करती है कि कई महिलाएं आज भी घरेलू हिंसा का शिकार हो रही हैं और न्याय की तलाश में दर-दर भटक रही हैं। अब देखना यह है कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और रिंकू कुमारी को कब न्याय मिलता है।

    ई खबर मीडिया के लिए हरियाणा ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

     

    क्रिकेट में पहली बार आमने-सामने होंगे भारत और अमेरिका (IND vs USA), मैच से पहले यहां जाने पिच रिपोर्ट और संभावित प्लेइंग 11

    टी20 वर्ल्ड कप 2024 के 25वें मुकाबले में आज भारत और अमेरिका के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिलेगी। दरअसल यह रोमांचक मुकाबला 12 जून को यानी आज भारतीय समयानुसार रात 08 : 00 बजे न्यूयॉर्क के नसाउ काउंटी स्टेडियम में होने वाला है। दरअसल भारत और अमेरिका के मैच को लेकर क्रिकेट फैंस में काफी उत्सुकता है। क्योंकि ऐसा पहली बार होगा जब क्रिकेट के मैदान पर दोनों टीमें आमने-सामने होंगी।

    जानकारी दे दें कि दोनों एक दूसरे के खिलाफ क्रिकेट के मैदान में आज तक नहीं खेली है। अमेरिका की टीम ने पाकिस्तान को हराकर सभी नजरे अपनी और खींची थी। वहीं भारत ने भी पिछले मैच में पाकिस्तान को हराकर धमाकेदार जीत हासिल की थी। मोनांक पटेल की अगुवाई वाली अमेरिका टीम अपनी एक और जीत के लिए पूरी ताकत झोंकना चाहेगी, जबकि भारत की टीम भी अपने विजयी रथ को जारी रखने के लिए मैदान में उतरेगी।

    दरअसल न्यूयॉर्क के नसाउ काउंटी स्टेडियम यह मुकाबला खेला जाना है। ऐसे में अगर इस मैदान की पिच का मिजाज देखें तो यहां हमेशा से ही गेंद और बल्ले के बीच जबरदस्त जंग का गवाह बनी है। हालांकि अब तक हुए मैचों की बात की जाए तो इसमें यहां बाद में बैटिंग करना काफी फायदेमंद रहा है। दरअसल इस मैदान पर मैच सुबह शुरू होने के चलते पिच पर नमी रहती है, जिस वजह से गेंदबाजों को मदद ज्यादा मिलती है। हालांकि धूप जैसे-जैसे बढ़ती है, पिच बैटिंग के लिए पहली पारी के मुकाबले ज्यादा मददगार हो सकती है।

    बल्लेबाजों के लिए चुनौती और मौका:

    वहीं न्यूयॉर्क के नसाउ काउंटी स्टेडियम की पिच पर नजरें जमने के बाद बल्लेबाज लंबी पारी खेल सकते हैं। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों की चुनौती का सामना करने के बाद, बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान हो जाता है। इस पिच पर बड़े शॉट्स खेलने का मौका मिलेगा, लेकिन इसके लिए धैर्य और तकनीक की जरूरत होगी। खेल के आगे बढ़ने पर स्पिन गेंदबाजों की भूमिका बढ़ जाएगी, जो बल्लेबाजों को अपनी फिरकी में फंसाने की कोशिश करेंगे।

    आज के मैच के लिए दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग 11 :

    भारत की टीम: रोहित शर्मा (कप्तान), विराट कोहली, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, रवींद्र जडेजा, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, मो. सिराज और कुलदीप यादव।

    अमेरिका की टीम: मोनांक पटेल (कप्तान), एरोन जोन्स, एंड्रीस गौस, कोरी एंडरसन, अली खान, हरमीत सिंह, नितीश कुमार, नोशतुश केंजीगे, सौरभ नेत्राल्वाकर, शैडली वान शल्कविक, स्टीवन टेलर, शायन जहांगीर।

    लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी होंगे नए सेना प्रमुख, मध्य प्रदेश के रीवा में की शिक्षा प्राप्त, महू के ‘आर्मी वॉर कॉलेज’ से भी किया है कोर्स

    नई सरकार के गठन के साथ ही नए सेना प्रमुख की घोषणा भी की गई है। वर्तमान वाइस चीफ लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी को भारतीय सेना का अगला प्रमुख (Army Chief) नियुक्त किया गया है।

    भारत ने अपने नए सेना प्रमुख की घोषणा कर दी है। वर्तमान वाइस चीफ लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी को भारतीय सेना का अगला प्रमुख (Army Chief) नियुक्त किया गया है। दरअसल लोकसभा चुनाव की वजह से जनरल मनोज पांडे को एक महीने का एक्सटेंशन मिला था वहीं अब एलान हो जाने के चलते लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी आर्मी चीफ का पद संभालेंगे।

    जनरल उपेंद्र द्विवेदी का अनुभव:

    दरअसल लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी के पास चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में काम करने का व्यापक अनुभव है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में विस्तृत सेवा प्रदान की है और कई मोर्चों पर नेतृत्व किया है। जानकारी के अनुसार 30 जून को लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी भारतीय सेना प्रमुख का पदभार ग्रहण करेंगे। वहीं काफी समय बाद उत्तरी कमान का अनुभव रखने वाले किसी अधिकारी को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।

    जानकारी दे दें कि लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी जम्मू-कश्मीर राइफल्स के कमीशन्ड अधिकारी हैं। उन्होंने फरवरी 2024 में वाइस चीफ का पद संभाला था और इससे पहले उत्तरी कमान के प्रमुख थे। पाकिस्तान और चीन की चुनौतियों से निपटने का उनका व्यापक अनुभव है। उन्होंने कश्मीर और उत्तरी कमान में प्रभावशाली काम किया है और राजस्थान में यूनिट की कमान संभालने का भी अनुभव उनके पास है। इसके अलावा, वह उत्तर-पूर्व में आतंकवाद विरोधी अभियानों में सेक्टर कमांडर और असम राइफल्स के महानिरीक्षक के रूप में भी काम कर चुके हैं। चीन के साथ सीमा विवाद सुलझाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

    मध्य प्रदेश के रीवा से की है शिक्षा प्राप्त:

    दरअसल लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मध्य प्रदेश के रीवा सैनिक स्कूल से शिक्षा प्राप्त की हैं। उन्होंने डीएसएससी वेलिंगटन और आर्मी वॉर कॉलेज, महू से भी कोर्स किया है। वहीं इसके अलावा, लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी को यूएसएडब्ल्यूसी, कार्लिस्ले, यूएसए में प्रतिष्ठित एनडीसी समकक्ष पाठ्यक्रम में ‘प्रतिष्ठित फेलो’ से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही जनरल उपेंद्र द्विवेदी के पास रक्षा और प्रबंधन अध्ययन में एम फिल और सामरिक अध्ययन और सैन्य विज्ञान में दो ‘मास्टर डिग्री’ हैं

    सम्मान और पुरस्कार:

    वहीं अपने 39 साल के लंबे करियर में उन्होंने कई कठिन मिशनों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। इसके साथ ही उन्हें मिलने वाले पुरस्कार की बात करें तो उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल समेत कई वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।

    लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी के पास चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में काम करने का अनुभव और पाकिस्तान व चीन की चुनौतियों से निपटने की पर्याप्त क्षमता है। उनका अनुभव और नेतृत्व भारतीय सेना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा। नई सरकार के गठन के साथ ही सेना प्रमुख की घोषणा भी की गई है। उनके नेतृत्व में भारतीय सेना को एक नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी।

    चीनी पीएम ने PM मोदी को नये कार्यकाल के लिए दी बधाई दी, कहा- चीन संबंधों को ‘सही दिशा’ में विकसित करने के लिए इच्छुक

    चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को तीसरे कार्यकाल के लिए फिर से चुने जाने पर बधाई दी और कहा कि चीन द्विपक्षीय संबंधों को सही दिशा में आगे बढ़ाने के लिए भारत के साथ काम करने को इच्छुक है। बता दें कि मोदी ने रविवार को लगातार तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

    चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को तीसरी बार पुनः निर्वाचित होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि बीजिंग “द्विपक्षीय संबंधों को सही दिशा में आगे बढ़ाने” के लिए भारत के साथ काम करने को तैयार है।

    सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, ली ने एक संदेश में कहा कि चीन-भारत संबंधों का सुदृढ़ और स्थिर विकास न केवल दोनों देशों के लोगों की भलाई के लिए अनुकूल है, बल्कि यह क्षेत्र और विश्व में स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है। ली ने कहा कि चीन द्विपक्षीय संबंधों को सही दिशा में आगे बढ़ाने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।

    मोदी ने रविवार को रिकॉर्ड तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार का नेतृत्व किया।

    चीनी विदेश मंत्रालय ने 5 जून को आम चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन की जीत पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए कहा कि दोनों देशों को चार साल पहले गलवान की घटना के बाद से रुके हुए द्विपक्षीय संबंधों को स्वस्थ और स्थिर रास्ते पर आगे बढ़ाने के लिए भविष्य की ओर देखना चाहिए।

    5 मई, 2020 को गलवान के पास पैंगोंग त्सो (झील) क्षेत्र में हिंसक झड़प के बाद पूर्वी लद्दाख सीमा पर गतिरोध शुरू होने के बाद से दोनों देशों के बीच संबंध व्यापार को छोड़कर निचले स्तर पर पहुंच गए थे। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने यहां मीडिया ब्रीफिंग में कहा, हमने भारत के आम चुनाव के परिणामों पर गौर किया है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की जीत पर बधाई देते हैं।

    माओ ने मोदी की जीत पर चीन की टिप्पणी जानने के लिए आधिकारिक मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि स्वस्थ और स्थिर चीन-भारत संबंध दोनों देशों के हित में है तथा इस क्षेत्र और इससे आगे शांति और विकास के लिए अनुकूल है।

    उन्होंने कहा कि चीन दोनों देशों के लोगों के मौलिक हितों को ध्यान में रखते हुए भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है, हमारे संबंधों के समग्र हित को ध्यान में रखेगा, भविष्य की ओर देखेगा और द्विपक्षीय संबंधों को स्वस्थ और स्थिर रास्ते पर आगे बढ़ाएगा।

    इसके एक दिन बाद चीन ने प्रधानमंत्री मोदी की इस टिप्पणी पर विरोध जताया कि वह ताइवान के साथ घनिष्ठ संबंध बनाने के लिए तत्पर हैं। मोदी की यह टिप्पणी ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते द्वारा उनकी चुनावी जीत पर दिए गए बधाई संदेश के जवाब में आई। चीन ताइवान को एक विद्रोही प्रांत के रूप में देखता है जिसे बलपूर्वक भी मुख्य भूमि के साथ फिर से एकीकृत किया जाना चाहिए।

    भारत पीपुल्स लिबरेशन आर्मी पर देपसांग और डेमचोक क्षेत्रों से हटने का दबाव बना रहा है और उसका कहना है कि जब तक सीमा पर स्थिति असामान्य बनी रहेगी, तब तक चीन के साथ उसके संबंधों में सामान्य स्थिति बहाल नहीं हो सकती। वहीं दूसरी ओर, चीन का यह कहना है कि सीमा का प्रश्न चीन-भारत संबंधों की सम्पूर्णता का प्रतिनिधित्व नहीं करता है, तथा इसे द्विपक्षीय संबंधों में उचित रूप से रखा जाना चाहिए तथा उचित ढंग से प्रबंधित किया जाना चाहिए। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की शुरुआत होने पर, संबंधों को पुनर्जीवित करने के लिए देपसांग और डेमचोक क्षेत्रों में सैनिकों की वापसी पर गतिरोध को हल करने के लिए कोर कमांडर स्तर की 22वें दौर की वार्ता पर ध्यान केंद्रित करने की उम्मीद है। भारत के संसदीय चुनावों से पहले, चीन ने पिछले महीने वरिष्ठ राजनयिक शू फेइहोंग को 18 महीने की देरी के बाद नई दिल्ली में अपना नया राजदूत नियुक्त किया था।

    General Insurance: डॉक्यूमेंट में कमी लेकिन फिर भी रिजेक्ट नहीं होगा क्लेम, IRDAI ने जारी किया आदेश

    Insurance Policy भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने जनरल इंश्योरेंस (General Insurance) के लिए सर्कुलर जारी किया है। इस सर्कुलर के अनुसार अगर क्लेम के वक्त डॉक्यूमेंट में खामी है तो इस वजह से इंश्योरेंस कंपनी क्लेम रिजेक्ट नहीं कर सकते हैं। आइए इस आर्टिकल में जानते हैं कि इरडा ने अपने मार्स्टर सर्कुलर में इंश्योरेंस के नियमों में क्या बदलाव किया है।

    भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) इंश्योरेंस नियमों में बदलाव किया है। इरडा ने जनरल इंश्योरेंस के नियमों में बदलाव किया है। इसके लिए इरडा ने मास्टर सर्कुलर जारी किया है।

    इरडा के मास्टर सर्कुलर के अुनसार अब इंश्योरेंस कंपनियां डॉक्यूमेंट की कमी की वजह से क्लेम रिजेक्ट नहीं कर सकती है। यह नियम केवल जनरल इंश्योरेंस के लिए ही है। यह सर्कुलर जनरल इंश्योरेंस में सुधारों का हिस्सा है। यह सरलीकृत और ग्राहक-केंद्रित बीमा समाधानों के उपायों के एक नए युग की शुरुआत करता है।

    जनरल इंश्योरेंस बिजनेस पर व्यापक मास्टर सर्कुलर भी 13 सर्कुलरों को निरस्त करता है। इरडा ने कहा कि ग्राहकों की व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने, उन्हें पर्याप्त विकल्प प्रदान करने और उनके बीमा अनुभव को बढ़ाने के लिए तैयार किए गए आसानी से समझ में आने वाले बीमा उत्पादों का प्रावधान अब सक्षम किया गया है।

    इरडा के सर्कुलर के अनुसार

    दस्तावेजों के अभाव में कोई भी दावा खारिज नहीं किया जाएगा। प्रपोजल को अंडरराइट करते समय आवश्यक दस्तावेज मंगाए जाने होंगे। ग्राहक को केवल वे दस्तावेज जमा करने के लिए कहा जा सकता है जो आवश्यक हैं और दावा निपटान से संबंधित हैं।

    इसके अलावा रिटेल कस्टमर बीमाकर्ता को सूचित करके किसी भी समय पॉलिसी रद्द कर सकते हैं। वहीं, बीमाकर्ता केवल स्थापित धोखाधड़ी के आधार पर पॉलिसी रद्द कर सकता है। सर्कुलर में कहा गया है कि बीमाकर्ता को रद्दीकरण पर समाप्त न हुई पॉलिसी अवधि के लिए आनुपातिक प्रीमियम वापस करना होगा।

    इरडा हुआ सख्त

    इरडा ने सर्वेक्षणकर्ताओं की नियुक्ति और उनकी रिपोर्ट जमा करने सहित दावों के निपटान के लिए सख्त समयसीमा भी प्रदान की है। इरडा ने कहा, समय पर सर्वेक्षण रिपोर्ट प्राप्त करना बीमाकर्ता का कर्तव्य होगा।

    मोटर इंश्योरेंस (Motor Insurance) में ग्राहक को पहली पसंद के रूप में ‘ ‘pay as you drive’/ ‘pay as you go’ के अतिरिक्त विकल्प दिए जाएंगे। वहीं क्लेम के निपटान के लिए ग्राहक पर कोई बोझ नहीं होना चाहिए।

    इसके अलावा “आग” पॉलिसी में बाढ़, चक्रवात, भूकंप, भूस्खलन, चट्टान खिसकना, आतंकवाद जैसे ऐड-ऑन कवर चुनने या व्यापक आग और संबद्ध जोखिम पॉलिसी से बाहर निकलने का विकल्प होना चाहिए। बीमाकर्ताओं को स्पष्ट और संक्षिप्त पॉलिसी विवरण प्रदान करने के लिए एक ग्राहक सूचना पत्र (CIS) भी देना होगा, जिसमें कवरेज का दायरा, बहिष्करण, वारंटी और क्लेम सेटलमेंट प्रोसेश शामिल हैं।

    तमिलनाडु के मंदिर से चुराई गई 500 साल पुरानी कांस्य मूर्ति वापस आएगी भारत, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने किया एलान

    ब्रिटेन की प्रतिष्ठित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने तमिलनाडु के एक मंदिर से चुराई गई एक संत की 500 साल पुरानी कांस्य मूर्ति को भारत को लौटाने पर सहमति जताई है। संत तिरुमंकाई अलवर की 60 सेमी ऊंची प्रतिमा को 1967 में डॉ. जे.आर. बेलमोंट (1886-1981) नामक एक संग्रहकर्ता के संग्रह से सोथबी के नीलामी घर से ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के एशमोलियन संग्रहालय द्वारा प्राप्त किया गया था।

    ब्रिटेन की प्रतिष्ठित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने तमिलनाडु के एक मंदिर से चुराई गई एक संत की 500 साल पुरानी कांस्य मूर्ति को भारत को लौटाने पर सहमति जताई है।

    यूनिवर्सिटी के एशमोलियन म्यूजियम की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि 11 मार्च 2024 को, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की परिषद ने एशमोलियन म्यूजियम से संत तिरुमंकाई अलवर की 16वीं सदी की कांस्य मूर्ति को वापस करने के लिए भारतीय उच्चायोग के दावे का समर्थन किया। यह निर्णय अब स्वीकृति के लिए चैरिटी आयोग को भेजा जाएगा।

    संत तिरुमंकाई अलवर की 60 सेमी ऊंची प्रतिमा को 1967 में डॉ. जे.आर. बेलमोंट (1886-1981) नामक एक संग्रहकर्ता के संग्रह से सोथबी के नीलामी घर से ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के एशमोलियन संग्रहालय द्वारा प्राप्त किया गया था।

    संग्रहालय का कहना है कि पिछले साल नवम्बर में एक स्वतंत्र शोधकर्ता ने उसे इस प्राचीन मूर्ति की उत्पत्ति के बारे में जानकारी दी थी, जिसके बाद उसने भारतीय उच्चायोग को इस बारे में सूचित किया।

    भारत सरकार ने कांस्य मूर्ति के लिए औपचारिक अनुरोध किया, जिसके बारे में माना जाता है कि वह तमिलनाडु के एक मंदिर से चुराई गई थी और नीलामी के माध्यम से ब्रिटेन के एक संग्रहालय में पहुंच गई थी।

    संग्रहालय, जिसमें विश्व की कुछ सर्वाधिक प्रसिद्ध कला एवं पुरातत्व कलाकृतियाँ हैं, का कहना है कि उसने 1967 में इस मूर्ति को “सद्भावना” के साथ हासिल किया था।

    ब्रिटेन से चुराई गई भारतीय कलाकृतियों को भारत में पुनःस्थापित किए जाने के कई उदाहरण हैं, जिनमें सबसे हाल ही में पिछले वर्ष अगस्त में हुआ था, जब आंध्र प्रदेश से आई चूना पत्थर की नक्काशीदार मूर्ति और 17वीं शताब्दी के तमिलनाडु से आई “नवनीत कृष्ण” कांस्य मूर्ति को स्कॉटलैंड यार्ड की कला और प्राचीन वस्तु इकाई की संयुक्त जांच के बाद ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त को सौंप दिया गया था।

    ओडिशा के नए मुख्यमंत्री माझी का शपथ ग्रहण समारोह आज, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह कार्यक्रम में लेंगे हिस्सा

    ओडिशा के नए मुख्यमंत्री का 12 जून को शपथ ग्रहण समारोह होगा। इस समारोह में प्रधानमंत्री से लेकर भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भाग लेंगे। ऐसे में शपथ विधि स्थल के साथ ही राजधानी भुवनेश्वर में सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए गए हैं। इसके साथ ही निर्धारित शपथ ग्रहण समारोह के मद्देनजर कमिश्नरेट पुलिस ने मंगलवार को यातायात प्रतिबंध लगाने का फैसला किया।

    ओडिशा के नए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी का आज शपथ ग्रहण समारोह होगा। इस समारोह में प्रधानमंत्री से लेकर भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भाग लेंगे। ऐसे में शपथ विधि स्थल के साथ ही राजधानी भुवनेश्वर में सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए गए हैं। इसके साथ ही निर्धारित शपथ ग्रहण समारोह के मद्देनजर कमिश्नरेट पुलिस ने मंगलवार को यातायात प्रतिबंध लगाने का फैसला किया।

    इस संदर्भ में कमिश्नरेट पुलिस की तरफ से आज एक महत्वपूर्ण बैठक हुई है। पुलिस आयुक्त संजीव पंडा की अध्यक्षता में चली बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए। पूरा जनता मैदान में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की घई है।वहीं सभा स्थल को कड़ी सुरक्षा घेरे में लेने का निर्णय लिया गया है।

    भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

    जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में जनता मैदान में करीबन 30 हजार लोगों का समागम हुआ था। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री के साथ कई केन्द्रीय मंत्री व विभिन्न राज्य के मुख्यमंत्री भाग लेंगे। ऐसे में वीआईपी के आगमन को देखते हुए भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। गवर्नर हाउस से जनता मैदान तक सुरक्षा व्यवस्था कडी की गई है। इस लाइन में ट्राफिक व्यवस्था को भी सख्त किया गया है।

    67 प्लाटुन पुलिस बल तैनात की जाएगी

    शपथ ग्रहण समारोह के लिए 67 प्लाटुन पुलिस बल तैनात की जाएगी। जनता मैदान में सुरक्षा व्यवस्था की जांच आईजी प्रवीण कुमार करेंगे। डीआईजी सार्थक षडंगी एयरपोर्ट, उमाशंकर दास ट्राफिक के दायित्वमें रहेंगे। उसी तरह से 13 डीसीपी रैंके अधिकारी तथा 18 एडीसीपी एवं 58 एसीपीस 94 इंस्पेक्टर सुरक्षा व्यवस्था के दायित्व में रहेंगे।डग स्क्वाड की तीन यूनिट तैनात की जाएगी।बम निष्क्रिय दस्ता भी तैनात रहेगा, इसके साथ वाहनों की जांच प्रक्रिया भी तेज की जाएगी।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समारोह में होंगे शामिल

    भुवनेश्वर के जनता मैदान में होने वाले ओडिशा के मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषदके शपथ ग्रहण समारोह के लिए यातायात प्रतिबंध लगाए जाएंगे।ओडिशा में भाजपा के नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह के साथ कई बड़े नेता समारोह में शामिल होने वाले हैं।

    घर से देखकर निकलें

    ऐसे में आयुक्तालय पुलिस द्वारा जारी यातायात सलाह के अनुसार, किसी भी वाहन को जयदेव विहार चौराहे से नालको चौक और नालको चौराहे से जयदेव विहार और इसकी कनेक्टिंग लेन तक 12 जून 2024 को दोपहर 2 बजे से शाम 7 बजे तक या समारोह के अंत तक चलने की अनुमति नहीं है, जिसमें पास प्रदान किए गए वाहन शामिल नहीं हैं।