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    ईरान की अमेरिका- इस्राइल को चेतावनी लम्बे समय तक चलने वाले युद्ध के लिए है तैयार

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    एक हफ्ते से अमेरिका – इस्राइल  की  ईरान के साथ जंग चल रही है। पिछले रात याने शुक्रवार को ईरान ने इस्राइल पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी,जिसमे क्लस्टर बम  लग हुए थे। युद्ध काफी लम्बे से चल रहा है। ईरान साफ सन्देश दे रहे है की वो लम्बे समय तक युद्ध के लिए तैयार है।

    जनरल मोहम्मद अली ने चेतवानी

    जनरल अली मोहम्मद नैनी जो कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजी ) के प्रवक्ता है। ने कहा कि ईरान जल्द ही युद्ध में ऐसे हथियार इस्तेमाल करने वाला जो जिसका इस्तेमाल कभी भी किसी भी युद्ध में बड़े पैमाने में नहीं किया गया।

    अमेरिका – इस्राइल को चेतवानी
    ईरान ने अमेरिका – इस्राइल को चेतावनी देते  हुए कहा कि वो दुश्मनों के हर दर्दनाक प्रहार  के लिए तैयार हैं।  जो की ये दर्शाता है की ईरान लम्बे समय तक युद्ध करने के लिए तैयार बैठा है।

    शुक्रवार को ईरान ने इस्राइल  पर क्लस्टर बम वाली बैलेस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया था। जिसे काफी नुकसान इस्राइल  को हुआ है।

     

    नीतीश कुमार राज्यसभा जाएंगे? बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव संभव


    नई दिल्ली / पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजा जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो राज्य में सत्ता संतुलन बदल सकता है और पहली बार भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री बनने की संभावना भी जताई जा रही है।

    राज्यसभा जाने की अटकलों से बढ़ी सियासी हलचल

    हाल के दिनों में बिहार की राजनीति को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आई हैं। सूत्रों के अनुसार जेडीयू और एनडीए के भीतर यह रणनीति बन रही है कि नीतीश कुमार को राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका दी जाए। इसी कड़ी में उन्हें राज्यसभा भेजने का विकल्प चर्चा में बताया जा रहा है।

    भाजपा को मिल सकता है मुख्यमंत्री पद

    यदि नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो बिहार में मुख्यमंत्री पद खाली होगा। ऐसी स्थिति में एनडीए गठबंधन के तहत बीजेपी को मुख्यमंत्री पद मिलने की संभावना जताई जा रही है। इससे राज्य में सत्ता का समीकरण बदल सकता है।

    2005 से बिहार की राजनीति के केंद्र में हैं नीतीश

    नीतीश कुमार 2005 से बिहार की राजनीति में सबसे प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। वे कई बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं और अलग-अलग राजनीतिक गठबंधनों के साथ सरकार बना चुके हैं। उनके संभावित राज्यसभा जाने की चर्चा को इसलिए भी बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।

    अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं

    हालांकि इस पूरे मुद्दे पर अभी तक जेडीयू या बीजेपी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस पर स्थिति साफ हो सकती है और बिहार की राजनीति में बड़ा फैसला सामने आ सकता है

    मठ में ‘सीक्रेट रूम’ और स्विमिंग पूल विवाद: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बोले— ‘सब आरोप झूठे’

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    ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में मठ के भीतर कथित ‘सीक्रेट कमरों’ और स्विमिंग पूल को लेकर नए दावे सामने आए हैं, जिससे मामला फिर चर्चा में आ गया है।

    लेखिका भूमिका द्विवेदी के गंभीर आरोप
    मठ में रह चुकी लेखिका भूमिका द्विवेदी ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि मठ में कुछ कमरे ऐसे हैं जहां जाने की अनुमति नहीं होती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आश्रम का माहौल पवित्र नहीं है और वहां रहने वाले बच्चों को अभिभावकों से बात करने की पूरी छूट नहीं मिलती।

    स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का जवाब
    इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सभी दावों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि मठ के भीतर एक विद्यालय भी संचालित होता है, इसलिए हर जगह कैमरे से शूटिंग की अनुमति देना सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना कैमरे के कोई भी व्यक्ति मठ आकर देख सकता है और किसी कमरे पर ताला नहीं लगाया जाता।

    स्विमिंग पूल पर दी सफाई
    स्वामी ने स्विमिंग पूल के आरोपों पर कहा कि यह उनके गुरु के स्वास्थ्य और व्यायाम के उद्देश्य से बनवाया गया था और अब बंद पड़ा है। उनके मुताबिक मठ छोटा है और वहां कोई गुप्त स्थान या ‘शीश महल’ जैसी व्यवस्था नहीं है।

    अग्रिम जमानत पर भी बोले शंकराचार्य
    अग्रिम जमानत की याचिका को लेकर उन्होंने कहा कि यह कदम सुरक्षा कारणों और भावनात्मक माहौल को देखते हुए उठाया गया है। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ कहानियां बनाकर फैलाई जा रही हैं।

    मोदी-नेतन्याहू बैठक से रिश्तों में नई रफ्तार, UPI से टेक साझेदारी तक बड़े फैसले

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इज़राइल दौरे के दौरान भारत और इज़राइल के रिश्तों को नई रणनीतिक ऊंचाई देने पर सहमति बनी। संयुक्त प्रेस वार्ता में पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि भारत की सोच है— “मानवता को कभी भी संघर्ष का शिकार नहीं बनना चाहिए” और गाजा शांति पहल को भारत ने पूर्ण समर्थन दिया है।

    मानवता सर्वोपरि: पीएम मोदी

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक संघर्षों के बीच शांति और संवाद ही आगे का रास्ता है। उन्होंने गाजा पीस प्लान को सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि भारत भविष्य में भी सभी देशों के साथ संवाद और सहयोग जारी रखेगा।

    रिश्ते हर कसौटी पर खरे: मोदी

    इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ संयुक्त वार्ता में पीएम मोदी ने कहा कि भारत-इज़राइल संबंध “टाइम टेस्टेड” हैं और अब इन्हें स्पेशल स्ट्रैटिजिक पार्टनरशिप तक ले जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने जोर दिया कि तकनीक, इनोवेशन और आर्थिक सहयोग दोनों देशों की साझेदारी का इंजन बने हुए हैं।

    कई अहम MoUs पर हस्ताक्षर

    यरुशलम में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद दोनों देशों ने रक्षा, तकनीक, नवाचार, कृषि और आर्थिक क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदान-प्रदान किया।
    सरकार के अनुसार, इससे संयुक्त विकास, उत्पादन और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को नई गति मिलेगी।

    इज़राइल में UPI इस्तेमाल पर समझौता

    पीएम मोदी ने बताया कि दोनों देशों ने क्रिटिकल और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी साझेदारी स्थापित करने का निर्णय लिया है।

    • इज़राइल में UPI के उपयोग पर सहमति

    • AI, क्वांटम और क्रिटिकल मिनरल्स में सहयोग

    • सिविल न्यूक्लियर और स्पेस सेक्टर में कदम आगे

    उन्होंने कहा कि भारत में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की संख्या 100 तक ले जाने और “विलेज ऑफ एक्सीलेंस” विकसित करने पर काम होगा।

    इनोवेटर्स और युवाओं को जोड़ने पर जोर

    प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं, रिसर्चर्स और इनोवेटर्स को जोड़ना दोनों देशों की प्राथमिकता है। इसी दिशा में इंडिया-इज़राइल अकादमिक फोरम स्थापित करने का फैसला हुआ है।
    साथ ही IMEC कॉरिडोर और I2U2 समूह को नई गति देने पर भी सहमति बनी।

    नेतन्याहू ने मोदी के भाषण की सराहना की

    इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी के नेसेट में दिए भाषण को भावुक कर देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह दौरा “संक्षिप्त लेकिन अत्यंत फलदायक और भावनात्मक” रहा।

    याद वाशेम में होलोकॉस्ट पीड़ितों को श्रद्धांजलि

    दौरे के दौरान पीएम मोदी ने वर्ल्ड होलोकॉस्ट रिमेम्बरेंस सेंटर ‘याद वाशेम’ जाकर पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की और बुक ऑफ नेम्स हॉल का भी दौरा किया।

    ट्रेड डील के विरोध में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, भोपाल में जुटेगा किसान जमावड़ा भोपाल में कांग्रेस का बड़ा शो, राहुल-खरगे आज साधेंगे किसानों को

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    भोपाल:
    भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में कांग्रेस आज भोपाल के जवाहर चौक पर किसान महाचौपाल आयोजित कर रही है। इस कार्यक्रम को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे संबोधित करेंगे। सभा के लिए करीब 50 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है और कार्यक्रम दोपहर 2 बजे से शुरू होना प्रस्तावित है।

    सभा स्थल पर जुटने लगी भीड़

    कार्यक्रम से पहले ही सभा स्थल पर बड़ी संख्या में लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं और प्रवेश से पहले जांच की जा रही है। मंच से प्रदेश और स्थानीय स्तर के नेता लगातार कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे हैं।

    मुद्दे से अनजान दिखे कई लोग

    सभा में पहुंचे कई लोगों को कार्यक्रम के मुख्य मुद्दे की स्पष्ट जानकारी नहीं थी। स्थानीय नेताओं की ओर से बड़ी संख्या में लोगों को कार्यक्रम स्थल तक लाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, मौजूद लोगों का कहना है कि वे किसानों से जुड़े मुद्दों के समर्थन में पहुंचे हैं।

    खरगे का सरकार पर हमला

    दिल्ली से रवाना होने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दबाव में आकर शर्तें मानने से देश को शर्मिंदगी उठानी पड़ी है। खरगे ने यह भी कहा कि देश का युवा नौकरी के लिए भटक रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

    कृषि मंत्री का पलटवार

    मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें किसानों की बुनियादी जानकारी तक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को फसलों और खेती से जुड़ी व्यावहारिक समझ नहीं है।

    कांग्रेस का दावा—लाखों लोग जुटेंगे

    एमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि ट्रेड डील का असर किसानों पर पड़ेगा और इसी वजह से प्रदेश ही नहीं, देशभर से किसान भोपाल पहुंच रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि तीन दिन की तैयारी में लाखों लोगों के आने का माहौल बन गया है।

    मंच पर 250 नेता रहेंगे मौजूद

    कार्यक्रम में राहुल गांधी और खरगे के साथ करीब 250 नेता मंच पर मौजूद रहेंगे। इनमें दिग्विजय सिंह, विवेक तन्खा, अशोक सिंह, हरीश चौधरी, जयराम रमेश और पवन खेड़ा सहित प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।

    तय कार्यक्रम

    राहुल गांधी दोपहर 1 बजे भोपाल पहुंचेंगे और 2 बजे सभा स्थल पर पहुंचकर महाचौपाल को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के बाद शाम 4:15 बजे उनके दिल्ली लौटने का कार्यक्रम है।

    NCERT की नई कक्षा 8 की किताब में न्यायपालिका की चुनौतियों का जिक्र, भ्रष्टाचार और बैकलॉग पर फोकस

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    नई दिल्ली: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 8 की नई सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक जारी की है, जिसमें पहली बार न्यायपालिका की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई है। नई किताब में “न्यायपालिका में भ्रष्टाचार” और लंबित मामलों के भारी बोझ को प्रमुख समस्याओं के रूप में बताया गया है।

    न्यायपालिका की भूमिका के साथ चुनौतियों पर भी चर्चा

    नई पुस्तक के अध्याय “हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका” में अदालतों की संरचना और स्वतंत्र न्यायपालिका के महत्व के साथ-साथ सिस्टम की कमजोरियों का भी उल्लेख किया गया है। पुरानी किताब में जहां केवल न्यायपालिका की भूमिका समझाई जाती थी, वहीं नई किताब में इसके सामने मौजूद व्यावहारिक चुनौतियों को भी शामिल किया गया है।

    लंबित मामलों के आंकड़े किए गए शामिल

    पुस्तक में देश की अदालतों में लंबित मामलों का अनुमानित डेटा भी दिया गया है। इसके अनुसार सुप्रीम कोर्ट में करीब 81 हजार, हाई कोर्ट में लगभग 62.4 लाख और जिला व अधीनस्थ अदालतों में करीब 4.7 करोड़ मामले लंबित हैं। किताब में बताया गया है कि जजों की कमी, जटिल कानूनी प्रक्रियाएं और कमजोर बुनियादी ढांचा इस बैकलॉग के प्रमुख कारण हैं।

    भ्रष्टाचार पर क्या कहा गया

    किताब में उल्लेख है कि न्यायाधीश Aएक आचार संहिता से बंधे होते हैं और जवाबदेही बनाए रखने के लिए आंतरिक तंत्र मौजूद है। शिकायतों के लिए केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) का जिक्र करते हुए बताया गया है कि 2017 से 2021 के बीच 1,600 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं।

    साथ ही यह भी स्वीकार किया गया है कि न्यायपालिका के विभिन्न स्तरों पर भ्रष्टाचार के अनुभव सामने आते रहे हैं, जिससे खासकर गरीब और वंचित वर्ग के लिए न्याय तक पहुंच और कठिन हो सकती है।

    महाभियोग की प्रक्रिया का भी उल्लेख

    पुस्तक में बताया गया है कि गंभीर आरोप साबित होने पर संसद महाभियोग प्रस्ताव पारित कर किसी न्यायाधीश को पद से हटा सकती है। इस प्रक्रिया में उचित जांच और न्यायाधीश को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है।

    सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के उदाहरण

    छात्रों की समझ बढ़ाने के लिए किताब में दो महत्वपूर्ण उदाहरण दिए गए हैं। इसमें इलेक्टोरल बॉन्ड योजना को सुप्रीम कोर्ट द्वारा असंवैधानिक ठहराने और सूचना प्रौद्योगिकी कानून की एक विवादित धारा को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ मानते हुए हटाने के फैसले शामिल हैं। छात्रों से इन मामलों पर चर्चा करने को कहा गया है।

    नई शिक्षा नीति के तहत तैयार हुई किताब

    NCERT नई शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा के अनुरूप कक्षा 1 से 8 तक की नई किताबें तैयार कर रहा है। कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान पुस्तक का पहला भाग पहले ही जारी किया जा चुका है।

    CBDC Ration System: अब ATM जैसी मशीन से मिलेगा राशन, जानिए कैसे काम करेगी अन्नपूर्ति मशीन

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    National desk:
    अब एटीएम से पैसे नहीं बल्कि अनाज निकलेगा। अगर आप पढ़कर चौंक गए तो हैरान मत होइए, यह सच है। केंद्र सरकार राशन बांटने के लिए नया तरीका लेकर आ रही है, जिसे सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) वितरण प्रणाली कहा जा रहा है। गुजरात में इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है। इसके तहत अन्नपूर्ति मशीन राशन दुकानों में लगाई जाएगी, जो लाभार्थियों को 25 किलोग्राम अनाज 35 सेकंड में वितरित कर सकेगी।


    कैसे काम करेगी मशीन

    जैसे एटीएम होता है, वैसे ही राशन दुकानों में अन्नपूर्ति मशीन होगी। इस मशीन में अनाज रखा जाएगा। जैसे एटीएम से पैसे निकलते हैं, वैसे ही इससे अनाज निकलेगा। साथ ही इससे समय की भी बचत होगी।


    डिजिटल करेंसी का होगा उपयोग

    सरकार लाभार्थियों को डिजिटल करेंसी देगी, जिसे प्रोग्रामेबल डिजिटल रुपया (e₹) कहा जाता है, जो कि राशन खरीदने के लिए ही उपयोग हो पाएगा। यह एक तरह की सब्सिडी है। साथ ही OTP के जरिए भी आप यह काम कर पाएंगे। अनाज लेने पर उतनी करेंसी आपके अकाउंट से कट जाएगी। डिजिटल वॉलेट में e₹ टोकन क्रेडिट किए जाएंगे, जिनमें वस्तु का नाम, मात्रा और मूल्य जैसी जानकारी होगी।


    फायदे

    इससे लोगों को घंटों लंबी लाइन लगाने की झंझट से छुटकारा मिलेगा। समय की बचत होगी। साथ ही इससे पारदर्शिता भी बढ़ेगी। डिजिटल युग में यह बड़ा कदम है।


    अभी है पायलट प्रोजेक्ट

    अभी यह शुरुआत है और सिर्फ चुनिंदा कुछ जगहों पर इसका प्रयोग किया जाएगा। अगर यह सफल होता है, तो बाकी राज्यों में भी इसे लागू किया जाएगा।

    AI Impact Summit 2026: दिल्ली में जुटे दुनिया के सबसे बड़े टेक दिग्गज, भारत बनने जा रहा ग्लोबल AI हब

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    नई दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit 2026 में पूरी दुनिया की नजर भारत पर टिकी हुई है। 16 से 20 फरवरी तक चलने वाला यह आयोजन भारत मंडपम और सुषमा स्वराज भवन समेत कई प्रमुख स्थलों पर हो रहा है। इस समिट में 100 से ज्यादा देशों की भागीदारी और 300 से ज्यादा ग्लोबल कंपनियों की मौजूदगी इसे दुनिया के सबसे बड़े AI आयोजनों में शामिल करती है।


    दुनिया के टॉप टेक लीडर्स एक मंच पर

    इस समिट में टेक इंडस्ट्री के कई बड़े नाम शामिल हो रहे हैं। इनमें खास तौर पर Sundar Pichai, Sam Altman, Bill Gates, Mukesh Ambani और Demis Hassabis जैसे दिग्गज शामिल हैं।

    इसके अलावा AI रिसर्च और टेक इंडस्ट्री के कई अन्य प्रभावशाली नाम जैसे यान लेकुन, योशुआ बेंगियो, डारियो अमोडेई, क्रिस्टियानो आमोन और ब्रैड स्मिथ भी इस मंच का हिस्सा बन रहे हैं।

    हालांकि Jensen Huang ने आखिरी समय में अपनी भारत यात्रा रद्द कर दी।


    PM मोदी करेंगे ग्लोबल टेक नेताओं का स्वागत

    भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi इस समिट में वैश्विक टेक लीडर्स का स्वागत करेंगे। साथ ही कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी शामिल होंगे, जिनमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्राजील के राष्ट्रपति लुला डी सिल्वा शामिल हैं।


    क्यों खास है यह समिट भारत के लिए

    पिछले कुछ वर्षों में भारत ने टेक्नोलॉजी सेक्टर में तेज विकास किया है। सरकार ने सेमीकंडक्टर सेक्टर में करीब 18 अरब डॉलर के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है।

    इसके साथ ही माइक्रोसॉफ्ट ने भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए लगभग 17.5 अरब डॉलर निवेश का वादा किया है। सरकार डेटा सेंटर इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए 21 साल की टैक्स छूट भी दे रही है।


    स्टार्टअप और AI इकोसिस्टम को मिलेगा बड़ा फायदा

    भारत में स्टार्टअप निवेश और IPO में तेजी देखने को मिल रही है। कई ग्लोबल AI कंपनियां भारत में अपने ऑपरेशन बढ़ा रही हैं।

    OpenAI ने भारत में अलग सेल्स डिवीजन शुरू किया है, जबकि कई टेक कंपनियां भारतीय एजुकेशन और रिसर्च सेक्टर के साथ मिलकर AI डेवलपमेंट पर काम कर रही हैं।


    2 लाख से ज्यादा लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन

    यह समिट केवल लीडर मीटिंग तक सीमित नहीं है। 70,000 वर्ग मीटर में फैले एक्सपो में 300+ कंपनियां अपनी टेक्नोलॉजी दिखा रही हैं।

    सबसे खास बात यह है कि इस आयोजन में किसानों और ग्राउंड लेवल वर्कर्स को भी जोड़ा गया है। अब तक इस समिट के लिए 2 लाख से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

    सेना की बढ़ेगी ताकत: 114 राफेल और 6 P-8I विमान खरीद को डीएसी की मंजूरी, 3.25 लाख करोड़ का मेगा रक्षा सौदा

    Nationaldesk:देश की सुरक्षा क्षमताओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने भारतीय वायुसेना के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमान और भारतीय नौसेना के लिए 6 P-8I पोसीडॉन समुद्री निगरानी विमानों की खरीद को मंजूरी दे दी है। करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाला यह प्रस्ताव भारत की अब तक की सबसे बड़ी रक्षा खरीद योजनाओं में शामिल माना जा रहा है।

    अब इस प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) के पास भेजा जाएगा। मंजूरी मिलते ही प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ेगी।

    वायुसेना की स्क्वाड्रन क्षमता में बड़ा इजाफा

    भारतीय वायुसेना लंबे समय से स्क्वाड्रन की कमी से जूझ रही है। वर्तमान में वायुसेना के पास लगभग 30 स्क्वाड्रन हैं, जबकि रणनीतिक जरूरतों के अनुसार 42 स्क्वाड्रन की आवश्यकता बताई जाती है। 114 नए राफेल विमानों के शामिल होने से 6 से 7 नए स्क्वाड्रन तैयार हो सकेंगे।

    राफेल एक बहु-भूमिका (मल्टीरोल) लड़ाकू विमान है, जो हवा से हवा और हवा से जमीन पर सटीक हमले करने में सक्षम है। यह अत्याधुनिक रडार, मिसाइल सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर तकनीक से लैस है। इससे न केवल पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर वायु शक्ति मजबूत होगी, बल्कि किसी भी संभावित खतरे का जवाब देने की क्षमता भी कई गुना बढ़ेगी।

    नौसेना की समुद्री निगरानी होगी और सशक्त

    डीएसी ने भारतीय नौसेना के लिए 6 नए P-8I पोसीडॉन विमानों की खरीद को भी मंजूरी दी है। भारतीय नौसेना पहले से 12 P-8I विमानों का संचालन कर रही है। नए विमानों के शामिल होने से हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री निगरानी, पनडुब्बी रोधी अभियान (एंटी-सबमरीन वारफेयर) और लंबी दूरी की समुद्री गश्त की क्षमता और मजबूत होगी।

    P-8I विमान आधुनिक सेंसर, रडार और हथियार प्रणालियों से लैस होते हैं, जो समुद्र में दुश्मन की गतिविधियों पर सटीक नजर रखने में सक्षम हैं। चीन की बढ़ती समुद्री गतिविधियों के बीच यह कदम रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।

    मेक इन इंडिया’ को भी मिलेगा बढ़ावा

    सूत्रों के अनुसार, इस सौदे में स्वदेशी निर्माण और तकनीकी हस्तांतरण (ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी) पर भी जोर दिया जा सकता है। यदि बड़ी संख्या में विमानों का निर्माण भारत में होता है, तो इससे रक्षा क्षेत्र में रोजगार और तकनीकी क्षमता दोनों को मजबूती मिलेगी।

    यह सौदा न केवल सैन्य दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक निर्णायक कदम साबित हो सकता है।

    स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नोटिस में खामियां, संशोधन के दिए गए निर्देश


    Nationaldesk:
    संसद का बजट सत्र जारी रहने के दौरान विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश किया। इस कदम को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है क्योंकि यह सीधे तौर पर सदन के संचालन को लेकर असंतोष को दर्शाता है।

    नोटिस में पाई गई तकनीकी और प्रक्रियात्मक खामियां

    लोकसभा सूत्रों के अनुसार विपक्ष द्वारा पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव नोटिस में कुछ खामियां पाई गई हैं। इन खामियों के कारण नोटिस के खारिज होने की संभावना बन रही थी, जिसके बाद इसे संशोधित करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

    118 सांसदों ने किए हस्ताक्षर

    इस अविश्वास प्रस्ताव नोटिस पर कुल 118 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। यह संख्या बताती है कि विपक्ष इस मुद्दे को लेकर एकजुट दिखना चाहता है, हालांकि प्रक्रियात्मक त्रुटियों ने इसकी प्रक्रिया को प्रभावित किया है।

    स्पीकर ने दिए त्वरित संशोधन के निर्देश

    सूत्रों के मुताबिक लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सचिवालय को निर्देश दिया है कि विपक्ष द्वारा प्रस्तुत नोटिस में जरूरी संशोधन कराए जाएं ताकि इसे तकनीकी आधार पर खारिज होने से बचाया जा सके। इसके लिए त्वरित कार्रवाई के आदेश भी दिए गए हैं।