
भोपाल के शाहपुरा इलाके से मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। लक्ष्मी कैंपस क्षेत्र में अज्ञात लोगों ने जहरीला भोजन खिलाकर पांच स्ट्रीट डॉग्स को मौत के घाट उतार दिया, जिनमें एक मासूम पिल्ला भी शामिल है। यह घटना न सिर्फ पशु क्रूरता की भयावह तस्वीर पेश करती है, बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े करती है।
घटना के सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय रहवासियों और पशु प्रेमियों ने इस कृत्य को अमानवीय बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
बताया जा रहा है कि यह पूरी घटना 25 जनवरी की है, लेकिन चार दिन बाद 28 जनवरी की रात पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला जानबूझकर जहर दिए जाने का प्रतीत होता है और हर एंगल से जांच की जा रही है।
चार दिन बाद हुआ मामले का खुलासा
शाहपुरा थाना प्रभारी लोकेन्द्र सिंह ठाकुर के अनुसार, 25 जनवरी के बाद कॉलोनी में रहने वाले स्ट्रीट डॉग्स अचानक नजर नहीं आए। जब स्थानीय लोगों ने उनकी तलाश शुरू की तो पास के एक सुनसान मैदान में झाड़ियों के पीछे पहले दो कुत्ते मृत अवस्था में मिले। आगे खोज करने पर दो अन्य कुत्ते और एक पिल्ला भी मिले, जो गंभीर हालत में थे।
अस्पताल पहुंचने से पहले और इलाज के दौरान मौत
स्थानीय लोगों और पशु प्रेमियों की मदद से सभी कुत्तों को पशु चिकित्सालय पहुंचाया गया, लेकिन तब तक तीन कुत्तों की मौत हो चुकी थी। शेष दो कुत्तों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने जांच के बाद पुष्टि की कि सभी कुत्तों को जहरीला पदार्थ खिलाया गया था, जिससे उनके अंग धीरे-धीरे फेल हो गए।
सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की तलाश
पुलिस ने घटनास्थल की ओर जाने वाले सभी रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का शक है कि इस वारदात के पीछे किसी असामाजिक तत्व का हाथ हो सकता है। पुलिस का कहना है कि दोषियों की पहचान कर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
पशु प्रेमियों में गुस्सा, सख्त कार्रवाई की मांग
पशु प्रेमी बिंदू रमाकांत ने बताया कि कॉलोनी के निवासी स्ट्रीट डॉग्स की नियमित देखभाल करते थे। अचानक उनके गायब होने से लोगों को शक हुआ और तलाश के दौरान यह भयावह सच्चाई सामने आई। पशु प्रेमियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह की घटनाओं पर कड़ी सजा सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में कोई इस तरह की क्रूरता करने की हिम्मत न कर सके।

