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    जब इन्साफ नहीं तब तक करेंगें प्रदर्शन ,जानिए उत्तराखंड में मुख्यमंत्री निवास के बहार क्यों इकट्ठा हुए लोग


    Ankita bhandari murder case update:
    मुख्यमंत्री निवास के बाहर लोग धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। लोगों की भारी भीड़ जमा है, जिसमें ज़्यादातर चेहरे युवाओं और महिलाओं के हैं। मांग सिर्फ़ इंसाफ की है। यह तस्वीर इन दिनों उत्तराखंड के मुख्यमंत्री निवास के बाहर हो रहे प्रदर्शन की है। प्रदर्शनकारियों की एक ही मांग है कि अंकिता को इंसाफ मिले। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लगभग तीन साल होने लगे हैं, लेकिन अब तक इंसाफ नहीं मिल पाया है। हाल ही में इस केस में एक नया मोड़ आया है। कहा जा रहा है कि इसमें VVIP भी शामिल है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो, ऑडियो और चिट्ठियों के बाद कई लोग CBI जांच की मांग कर रहे हैं। हालात यह हैं कि लोग मुख्यमंत्री निवास के बाहर डटे हुए हैं और इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं।

    सोशल मीडिया में वायरल वीडियो से आया नया मोड़

    उर्मिला सनावर नाम की एक महिला, जो खुद को एक पूर्व राजनेता से जुड़ा बता रही हैं, ने सोशल मीडिया पर एक या उससे अधिक वीडियो और ऑडियो क्लिप साझा की हैं। इनमें उन्होंने दावा किया कि हत्या के पीछे सिर्फ़ रिसॉर्ट मालिक या उसके कर्मचारी ही नहीं थे, बल्कि एक “गुप्त VIP”, जिसे उन्होंने “गट्टूनाम से बताया, भी इसमें शामिल था, जिसके तार राजनीति से जुड़े बताए गए हैं। वीडियो और ऑडियो में यह भी कहा गया कि सच्चाई को दबाया गया, यानी केस को सीमित रखा गया। यह आरोप भी लगाए गए कि अगर आरोपी सिर्फ़ तीन ही होते, तो VIP का नाम सामने लाया जाता। कुछ दावों में यह भी कहा गया कि अदालत और स्थानीय अधिकारियों ने सबूत छुपाने या नष्ट करने की कोशिश की, ताकि VIP एंगल सामने न आ सके। इसके बाद पूरे देश में सनसनी फैल गई।

    क्या था मामला
    अंकिता भंडारी 19 वर्षीय उत्तराखंड की रहने वाली युवती थी, जो अपने परिवार की आर्थिक मदद के लिए ऋषिकेश के पास स्थित वनंतरा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थी। 18 सितंबर 2022 को वह काम के बाद लापता हो गई थी, जिसके बाद 24 सितंबर 2022 को उसका शव चिल्ला नहर में बरामद हुआ। पुलिस जांच में सामने आया कि रिज़ॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, उसके मैनेजर सौरभ भास्कर और सहायक मैनेजर अंकित गुप्ता ने अंकिता पर “विशेष सेवाएं” देने का दबाव बनाया और उसके इनकार करने पर उसकी हत्या कर दी, फिर शव को नहर में फेंक दिया। शुरुआती तहकीकात और पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट के अनुसार अंकिता को धक्का देकर नहर में गिराया गया, जिससे उसकी मौत डूबने से हुई। इस जघन्य हत्याकांड में कोटद्वार की अदालत ने 30 मई 2025 को तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई।

    VVIP एंगल पर पुलिस का बयान
    उत्तराखंड पुलिस ने साफ़ कहा है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में किसी भी प्रकार का “वीआईपी” शामिल नहीं मिला है। जांच के दौरान जिस व्यक्ति का नाम चैट्स और बयान में आया, वह अंकिता का जानकार (धर्मेंद्र कुमार अलियास प्रधान) था, जो नोएडा का रहता है और सिर्फ़ काम से उस इलाक़े में आया था। उसके अलावा कोई उच्च प्रभावशाली या VIP व्यक्ति इस मामले में नहीं पाया गया। पुलिस ने कहा कि रिसॉर्ट के रिकार्ड और स्टाफ़ से पूछताछ में भी यह बात पुष्टि हो गई है कि कोई वीआईपी वहां नहीं आया था।
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