
ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में मठ के भीतर कथित ‘सीक्रेट कमरों’ और स्विमिंग पूल को लेकर नए दावे सामने आए हैं, जिससे मामला फिर चर्चा में आ गया है।
लेखिका भूमिका द्विवेदी के गंभीर आरोप
मठ में रह चुकी लेखिका भूमिका द्विवेदी ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि मठ में कुछ कमरे ऐसे हैं जहां जाने की अनुमति नहीं होती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आश्रम का माहौल पवित्र नहीं है और वहां रहने वाले बच्चों को अभिभावकों से बात करने की पूरी छूट नहीं मिलती।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का जवाब
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सभी दावों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि मठ के भीतर एक विद्यालय भी संचालित होता है, इसलिए हर जगह कैमरे से शूटिंग की अनुमति देना सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना कैमरे के कोई भी व्यक्ति मठ आकर देख सकता है और किसी कमरे पर ताला नहीं लगाया जाता।
स्विमिंग पूल पर दी सफाई
स्वामी ने स्विमिंग पूल के आरोपों पर कहा कि यह उनके गुरु के स्वास्थ्य और व्यायाम के उद्देश्य से बनवाया गया था और अब बंद पड़ा है। उनके मुताबिक मठ छोटा है और वहां कोई गुप्त स्थान या ‘शीश महल’ जैसी व्यवस्था नहीं है।
अग्रिम जमानत पर भी बोले शंकराचार्य
अग्रिम जमानत की याचिका को लेकर उन्होंने कहा कि यह कदम सुरक्षा कारणों और भावनात्मक माहौल को देखते हुए उठाया गया है। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ कहानियां बनाकर फैलाई जा रही हैं।

