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union budget2026: केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 में देश के युवाओं के लिए रोजगार सृजन और स्किल डेवलपमेंट को मुख्य प्राथमिकता दी है। हेल्थकेयर, टूरिज्म और केयरगिविंग सेक्टर में ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने की योजना बनाई गई है। सरकार का लक्ष्य 2047 तक वैश्विक सर्विस एक्सपोर्ट में भारत की हिस्सेदारी 10% तक पहुंचाना है।
विदेशी निवेश बढ़ाने और पूंजी बहिर्वाह रोकने की कोशिश
बजट में विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं। विदेश में रहने वाले भारतीयों के निवेश की सीमा बढ़ाई गई है। साथ ही विदेशी निवेशकों के लिए नियमों को आसान बनाने के लिए फॉरेक्स कानूनों की समीक्षा की जाएगी। डेटा सेंटर के जरिए क्लाउड सेवाएं देने वाली विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स छूट देने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
सरकारी कैपेक्स में लगातार बढ़ोतरी
सरकार ने 2026-27 के लिए पूंजीगत खर्च (कैपेक्स) बढ़ाकर 12.22 लाख करोड़ रुपये कर दिया है, जो पिछले साल से करीब 11.5% ज्यादा है। यह कदम महामारी के बाद इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।
सरकार ने देशभर में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा भी की है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मैन्युफैक्चरिंग और MSME सेक्टर को मजबूती
बजट में 200 पुराने इंडस्ट्रियल क्लस्टर को अपग्रेड करने की योजना बनाई गई है। MSME सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये का ग्रोथ फंड बनाया जाएगा। इसके अलावा आत्मनिर्भर भारत फंड में 2,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त जोड़े जाएंगे।
टेक्सटाइल सेक्टर में मशीनरी अपग्रेड के लिए पूंजी सहायता और कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग स्कीम भी लाई गई है।
अमेरिकी टैरिफ के असर से निपटने के उपाय
अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ के असर को कम करने के लिए स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) को घरेलू बाजार में सीमित रियायतों के साथ बिक्री की अनुमति दी जाएगी। टेक्सटाइल और लेदर जैसे लेबर-इंटेंसिव सेक्टर में इनपुट ड्यूटी में भी बदलाव किए गए हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा सेक्टर में बड़ा निवेश
रेलवे, रोड और पोर्ट कनेक्टिविटी पर जोर जारी रहेगा। न्यूक्लियर पावर और क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग के लिए कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है। साथ ही एआई आधारित डेटा सेंटर और रेयर अर्थ कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।
शेयर मार्केट और टैक्स नियमों में बदलाव
सरकार ने फ्यूचर्स और ऑप्शन ट्रेडिंग पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। इसके बाद शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली, हालांकि बाद में आंशिक रिकवरी भी हुई।
राजकोषीय घाटा और कर्ज अनुपात में सुधार का लक्ष्य
सरकार ने 2026-27 में राजकोषीय घाटा GDP का 4.3% रखने का लक्ष्य तय किया है। वहीं कर्ज-GDP अनुपात घटाकर 55.6% करने का अनुमान है।
16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार राज्यों का टैक्स शेयर 41% ही रखा गया है।

