
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में आंशिक सुधार के बाद ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण की पाबंदियों को हटा दिया गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने गुरुवार को यह निर्णय लेते हुए कहा कि प्रदूषण स्तर में गिरावट दर्ज की गई है, हालांकि स्थिति अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं है।
एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार दोपहर राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 322 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। इसी को ध्यान में रखते हुए ग्रेप-3 के तहत लागू कड़े प्रतिबंधों को हटाया गया है, जबकि ग्रेप-1 और ग्रेप-2 के नियम फिलहाल लागू रहेंगे।
कौन-कौन से प्रतिबंध हटे
ग्रेप-3 के तहत जिन गतिविधियों पर रोक थी, उनमें मुख्य रूप से निर्माण कार्यों पर सख्ती, डीजल जनरेटर के उपयोग पर प्रतिबंध और कुछ औद्योगिक गतिविधियों पर रोक शामिल थी। इन प्रतिबंधों को हटाने से निर्माण और अन्य जरूरी गतिविधियों को सीमित राहत मिलेगी।
अभी भी सतर्कता जरूरी
सीएक्यूएम ने स्पष्ट किया है कि वायु गुणवत्ता की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ता है, तो पाबंदियां दोबारा लागू की जा सकती हैं। आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे निजी वाहनों के उपयोग में संयम बरतें और प्रदूषण कम करने के लिए सहयोग करें।
ग्रेप-1 और ग्रेप-2 रहेंगे लागू
हालांकि ग्रेप-3 हटाया गया है, लेकिन ग्रेप-1 और ग्रेप-2 के तहत आने वाले नियमों का पालन अनिवार्य रहेगा। इनमें धूल नियंत्रण के उपाय, कचरा जलाने पर रोक और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर निगरानी जैसे प्रावधान शामिल हैं।

