असदुद्दीन ओवैसी के बयान से सियासी घमासान मच गया है | अब इस बयान के बाद असम के मुख्यमंत्री हेमंता हेमन्त बिश्वा शर्मा ने इस पर प्रतिक्रया दी है| गौरतलब है कि ओवैसी ने 10 को महाराष्ट्र के सोलापुर में एक चुनावी रैली/जनसभा के दौरान कहा था कि भारतीय संविधान हर नागरिक को देश के सर्वोच्च पद तक पहुँचने का समान अधिकार देता है। एक दिन हिजाब पहनी महिला भी भारत की प्रधानमंत्री बन सकती है।
इस बयान पर पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रतिक्रिया दी और कहा कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है, इसलिए यहां प्रधानमंत्री हमेशा हिंदू ही बनेगा। इसी टिप्पणी के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया।

असम सीएम की टिप्पणी पर ओवैसी का पलटवार
महाराष्ट्र निकाय चुनाव के प्रचार के बीच ओवैसी ने रविवार को असम सीएम पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “उनके दिमाग में ट्यूबलाइट है।” ओवैसी ने असम सीएम के बयान को संविधान के खिलाफ बताते हुए कहा कि भारत किसी एक धर्म का देश नहीं, बल्कि सभी नागरिकों का राष्ट्र है।
संविधान का हवाला, समानता की बात
ओवैसी ने कहा कि देश का प्रधानमंत्री बनने का अधिकार किसी एक धर्म तक सीमित नहीं है। भारत का संविधान हर नागरिक को बराबरी का हक देता है—चाहे वह किसी भी धर्म, जाति या समुदाय से आता हो। उन्होंने कहा कि कुछ नेता आज भी संविधान की आत्मा को नहीं समझ पाए हैं, इसलिए ऐसी बातें कर रहे हैं।
तेज हुई राजनीतिक बयानबाज़ी
इस पूरे विवाद के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस और तेज हो गई है। एक ओर ओवैसी इसे संविधान और समानता से जोड़ रहे हैं, तो दूसरी ओर असम सीएम की टिप्पणी को लेकर समर्थन और विरोध दोनों स्वर सामने आ रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा राजनीतिक रंग ले सकता है।