
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हालिया विरोध प्रदर्शनों को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश और समाज में अशांति फैलाने की कोशिश करने वाले तत्वों के इरादों को किसी भी कीमत पर कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
फडणवीस की यह प्रतिक्रिया जेएनयू परिसर में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत न मिलने के विरोध में हुए प्रदर्शनों के बाद सामने आई है। इन प्रदर्शनों के दौरान कथित तौर पर आपत्तिजनक नारेबाजी और तनावपूर्ण माहौल की खबरें आई थीं।
कानून व्यवस्था से समझौता नहीं: फडणवीस
मीडिया से बातचीत में देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन इसकी आड़ में देशविरोधी सोच या हिंसा को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग समाज को तोड़ने और शांति भंग करने का प्रयास करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थानों को पढ़ाई और विचार-विमर्श का केंद्र होना चाहिए, न कि अराजक गतिविधियों का अड्डा।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बढ़ा विवाद
गौरतलब है कि फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़े मामले में आरोपित उमर खालिद और शरजील इमाम को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया था। इसी फैसले के बाद जेएनयू परिसर में कुछ छात्र संगठनों ने प्रदर्शन शुरू किया, जो बाद में राजनीतिक विवाद का विषय बन गया।
राजनीतिक गलियारों में बयान पर हलचल
फडणवीस के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक ओर जहां सत्तारूढ़ पक्ष इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहा है।
फिलहाल जेएनयू प्रशासन और दिल्ली पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
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