एक्टर संजय दत्त की बड़ी बेटी त्रिशाला दत्त एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। अमेरिका में मनोचिकित्सक के रूप में काम कर रहीं त्रिशाला ने हाल ही में एक क्रिप्टिक नोट साझा किया है, जिसमें उन्होंने रिश्तों में इमोशनल मैनिपुलेशन और ‘साइलेंट ट्रीटमेंट’ पर खुलकर बात की है।
अपने पोस्ट में त्रिशाला ने बिना किसी का नाम लिए यह बताया कि कैसे कुछ लोग रिश्तों में बातचीत करने के बजाय चुप्पी को हथियार की तरह इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने लिखा कि इस तरह का मौन सामने वाले को यह एहसास दिलाता है कि उसकी आवाज खतरनाक है और अगर वह बोलेगा तो रिश्ता टूट जाएगा।
‘सजा के रूप में मौन दुर्व्यवहार है’
त्रिशाला दत्त ने साफ शब्दों में कहा कि किसी को दंड देने के लिए चुप रहना भावनात्मक दुर्व्यवहार की श्रेणी में आता है। उन्होंने लिखा,
“जो रिश्ते सच्चे होते हैं, वे दर्द देकर सबक नहीं सिखाते, बल्कि बातचीत से गलतफहमियां दूर करते हैं।”
उन्होंने ऐसे हालात से गुजर रहे लोगों को सलाह दी कि वे इस तरह के व्यवहार को स्वीकार न करें और अपनी मानसिक शांति को प्राथमिकता दें।
हेल्दी साइलेंस और टॉक्सिक साइलेंस में फर्क बताया
त्रिशाला ने अपने पोस्ट में यह भी स्पष्ट किया कि हर तरह की चुप्पी गलत नहीं होती। उन्होंने हेल्दी साइलेंस और टॉक्सिक साइलेंस के बीच फर्क समझाया। उनके मुताबिक, अगर किसी को शांत होने के लिए समय चाहिए तो उसे पहले ही यह बात साफ तौर पर बता देनी चाहिए।
उन्होंने लिखा,
“खुद को संभालने के लिए कुछ घंटों की जरूरत होना ठीक है, ताकि कोई ऐसी बात न कही जाए जिससे सामने वाले को ठेस पहुंचे। लेकिन इसके बाद खुलकर बातचीत जरूरी है।”
पोस्ट के अंत में दिया गहरा संदेश
पोस्ट के अंत में त्रिशाला ने बेहद सशक्त लाइन लिखी—
“जो मौन आपको शांति देता है, वह आत्मसम्मान है। लेकिन जो मौन किसी और को सजा देता है, वह सत्ता का खेल है।”
हालांकि त्रिशाला ने अपने इस पोस्ट में किसी व्यक्ति या रिश्ते का नाम नहीं लिया, लेकिन सोशल मीडिया पर कयास लगाए जा रहे हैं कि यह इशारा उनके निजी जीवन या पारिवारिक संबंधों की ओर हो सकता है।
फिलहाल, उनका यह पोस्ट रिश्तों में संवाद की अहमियत और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक गंभीर संदेश देता नजर आ रहा है।

