
जम्मू में आयोजित एक स्थानीय क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान उस वक्त विवाद खड़ा हो गया, जब कश्मीर के एक खिलाड़ी ने मैच के दौरान अपने हेलमेट पर फलस्तीनी झंडे का स्टीकर लगाया। मैदान पर मौजूद अन्य खिलाड़ियों ने इस पर आपत्ति जताई, जिसके बाद मामला तनावपूर्ण हो गया और अंततः पुलिस तक पहुंच गया।
यह घटना जम्मू एंड कश्मीर चैंपियंस लीग क्रिकेट टूर्नामेंट के एक मुकाबले के दौरान सामने आई। यह टूर्नामेंट कश्मीर के एक क्लब की ओर से आयोजित किया गया था और इसका प्रायोजन भी एक कश्मीरी सीमेंट कंपनी द्वारा किया जा रहा था। बुधवार शाम खेले गए मुकाबले में जेके इलेवन किंग्स और जम्मू ट्रेल ब्लेजर्स की टीमें आमने-सामने थीं।
बल्लेबाजी के दौरान सामने आया मामला
मैच के दौरान जेके इलेवन किंग्स के खिलाड़ी फरकान भट्ट जब बल्लेबाजी करने उतरे, तो उनके हेलमेट पर फलस्तीनी झंडे का स्टीकर लगा हुआ था। जैसे ही यह बात अन्य खिलाड़ियों और आयोजकों की नजर में आई, उन्होंने इस पर कड़ा एतराज जताया। इसके बाद मैच को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा और मैदान का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए टीम प्रबंधन ने तत्काल कदम उठाते हुए संबंधित खिलाड़ी को टीम से बाहर कर दिया। इसके साथ ही इस घटना की सूचना पुलिस को दी गई।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए फरकान भट्ट और टूर्नामेंट के आयोजक जावेद भट्ट को जम्मू के दोमाना पुलिस स्टेशन बुलाकर पूछताछ की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह जानने की कोशिश की जा रही है कि खिलाड़ी ने ऐसा कदम क्यों उठाया और इसके पीछे उसकी मंशा क्या थी।
पुलिस ने इस मामले में औपचारिक जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि संबंधित खिलाड़ी का किसी इस्लामी संगठन से कोई संपर्क तो नहीं है या वह किसी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित तो नहीं है।
आयोजन और खेल में राजनीति पर सवाल
इस घटना के बाद खेल के मैदान में राजनीतिक या अंतरराष्ट्रीय प्रतीकों के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय खेल संगठनों का कहना है कि खेल को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए, ताकि ऐसे विवादों से बचा जा सके।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह मामला केवल व्यक्तिगत कृत्य था या इसके पीछे कोई अन्य कारण मौजूद है।

