दिल्ली विस्फोट मामले में को बड़ी कामयाबी मिली है। एनआईए ने व्हाइट कॉलर मॉड्यूल से जुड़े एक और आतंकी यासिर डार को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी यासिर डार दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक यह गिरफ्तारी दिल्ली में हुए विस्फोट की साजिश की कड़ियां जोड़ने में बेहद अहम मानी जा रही है।

पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी
गिरफ्तारी के बाद एनआईए ने यासिर डार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने उसे 26 दिसंबर तक एनआईए रिमांड पर भेज दिया है। एजेंसी अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि विस्फोट के पीछे की पूरी साजिश, नेटवर्क और फंडिंग से जुड़े तथ्यों का खुलासा किया जा सके।
व्हाइट कॉलर मॉड्यूल पर फोकस
जांच एजेंसी का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक आतंकी हमले तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित ‘व्हाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल’ काम कर रहा था। यह मॉड्यूल पढ़े-लिखे युवाओं, फर्जी पहचान, डिजिटल लेनदेन और तकनीकी संसाधनों के जरिए आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने में शामिल रहा है।
कश्मीर से दिल्ली तक नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यासिर डार का संपर्क कश्मीर में बैठे आतंकी आकाओं से था और वह दिल्ली में सक्रिय स्लीपर सेल के लिए काम कर रहा था। एनआईए को शक है कि आरोपी ने लॉजिस्टिक सपोर्ट, सुरक्षित ठिकानों की व्यवस्था और वित्तीय लेनदेन में अहम भूमिका निभाई।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
एनआईए इससे पहले भी दिल्ली विस्फोट मामले में कई संदिग्धों को गिरफ्तार कर चुकी है। एजेंसी का मानना है कि यासिर डार की गिरफ्तारी से इस पूरे नेटवर्क की परतें खुल सकती हैं और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं।
जांच तेज, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
दिल्ली विस्फोट को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही हाई अलर्ट पर हैं। एनआईए, दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियां मिलकर इस मामले की जांच कर रही हैं। एजेंसी का दावा है कि देश की सुरक्षा से जुड़े किसी भी खतरे को समय रहते नाकाम किया जाएगा।
दिल्ली ब्लास्ट केस में यह गिरफ्तारी साफ संकेत है कि जांच एजेंसियां आतंक के हर नेटवर्क तक पहुंचने के लिए पूरी तरह सतर्क और सक्रिय हैं।

